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” मानसून की संभावित शुरुआत” अल नीनो के प्रभाव से मानसून कमजोर, लेकिन अब स्थितियां अनुकूल हो रही हैं…”

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उत्तर भारत के उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून एक या दो दिन में आ सकता है। स्काईमेट वेदर ने बताया है कि मौसमी परिस्थितियां दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए अनुकूल हो गई हैं।

यूपी में बारिश की संभावना: 2 जुलाई तक बारिश की उम्मीद

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मानसून अगले दो दिनों में उत्तराखंड में पहुंच जाएगा। स्काईमेट के अनुसार, 2 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी पूर्वी हवाएं यूपी के पूर्वोत्तर क्षेत्रों में पहुंचने लगी हैं, और इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मानसून उत्तर दिशा में तेजी से बढ़ेगा और बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।

मानसून का सामान्य समय: मानसून का सामान्य आगमन

आमतौर पर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मानसून 20 जून के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार अल नीनो के कारण यह कमजोर और सुस्त रहा है। अल नीनो के प्रभाव से देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून समय से पीछे चल रहा है। स्काईमेट के अनुसार, पूर्वी यूपी में 30 जून से हल्की से मध्यम बारिश शुरू होने की संभावना है। आईएमडी ने बताया कि 1 जुलाई को मौसम प्रणाली मजबूत होगी और बारिश का दायरा बढ़ेगा।

येलो अलर्ट जारी

पिथौरागढ़, पौड़ी और बागेश्वर के लिए येलो अलर्ट

उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों और पूरे उत्तराखंड में 2 जुलाई तक मानसूनी बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़, पौड़ी और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी पर्वतीय जिलों में तेज बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।