राजनांदगांव। हीरामोती वार्ड के पार्षद एवं शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा ने कुलबीर सिंह छाबड़ा के बयान पर कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा कि जनता का विश्वास खो चुके कुछ नेता चुनावी हार की पीड़ा से आज भी उबर नहीं पाए हैं। यही कारण है कि वे लगातार झूठ, भ्रम और आधारहीन आरोपों के माध्यम से अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
रवि सिन्हा ने कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इस पवित्र विषय को राजनीतिक स्वार्थ के लिए विवादों में घसीटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि किसी मामले में जांच चल रही है तो कानून अपना कार्य कर रहा है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले देश के प्रधानमंत्री, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और पूरे सनातन समाज पर निराधार आरोप लगाना केवल राजनीतिक हताशा का परिचायक है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को यह समझना चाहिए कि जनता अब झूठ और दुष्प्रचार की राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है। चुनावों में मिली लगातार हार इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। जनता विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति के साथ खड़ी है, न कि अनर्गल बयानबाजी करने वालों के साथ।
रवि सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने सांस्कृतिक गौरव, विकास और पारदर्शी शासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण भारत की सभ्यता, संस्कृति और करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है। इसे बदनाम करने का हर प्रयास देशवासी कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय जनता के सामने अपने शासनकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करना चाहिए। लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन बिना किसी तथ्य और प्रमाण के गंभीर आरोप लगाना न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है, बल्कि समाज में भ्रम फैलाने का भी प्रयास है।
अंत में रवि सिन्हा ने कहा कि जनता सब देख और समझ रही है। झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार की राजनीति का समय अब समाप्त हो चुका है। देश की जनता विकास, राष्ट्रहित और सांस्कृतिक गौरव के साथ है तथा ऐसे निराधार आरोपों का लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देती रहेगी।



