लगातार चार सत्रों की तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को मुनाफावसूली देखने को मिली।
दिन के अंत में सेंसेक्स 104.35 अंक या 0.13 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,180.72 और निफ्टी 31.65 अंक या 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,398.70 पर था।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 186.20 अंक या 0.30 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 62,285.30 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 105.70 अंक या 0.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,213.40 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाइटन, इटरनल, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, आईटीसी और एसबीआई गेनर्स थे। ट्रेंट, बीईएल, एलएंडटी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, टाटा स्टील, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल लूजर्स थे।
सूचकांकों में निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी मिड स्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी ऑटो, निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल, निफ्टी फार्मा, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयलएंडगैस लाल निशान में थे।
बाजार के जानकारों ने कहा कि सत्र के दूसरे हिस्से में मुनाफा वसूली देखने को मिली। इसकी वजह एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी फेड के मिनट्स से पहले निवेशकों का सतर्क होना है।
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि, आईटी शेयरों ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और जून तिमाही के नतीजों के सीजन से पहले अपनी बढ़त बनाए रखी। अमेरिका-ईरान विवाद और ट्रेड टैरिफ को लेकर चिंताएं कम होने के साथ, बाजार का ध्यान अब वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजों और मानसून की प्रगति पर जा रहा है। इस बीच, विदेशी निवेश में सुधार और रुपए में स्थिरता से बाजार के सेंटीमेंट को निकट भविष्य में सहारा मिलने की उम्मीद है।



