केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी संपत्ति और बैंक खातों के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने FEMA के तहत कल गुरुवार (9 जुलाई) को कलानी इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके एक्टिव डायरेक्टर धर्मेश नरेंद्र सांगानी से जुड़े मामले में छापेमारी की.
जांच के दौरान ईडी को कई अहम दस्तावेज और सबूत भी मिले हैं, जिनमें विदेश में छिपाई गई कई संपत्तियों, विदेशी बैंक खातों और संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय लेन- देन का खुलासा हुआ है. फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 (FEMA) के प्रावधानों के तहत तलाशी की कार्रवाई की गई.
भारत आने वाला पैसा वापस आया ही नहीं
ईडी की जांच के दौरान यह पता चला कि जो पैसा भारत में आना चाहिए था, वह काफी समय बीतने के बाद भी वापस नहीं आया. कुछ विदेशी खरीदारों से एक्सपोर्ट से मिलने वाली रकम (Export Proceeds) भी नहीं मिली थी और न ही अधिकृत डीलर बैंक से समय बढ़ाने की मंजूरी ली गई. यहां तक की वसूली के लिए किसी तरह की कोई दस्तावेजी कोशिश नहीं की गई.
जांच में यह भी पता चला कि निर्यात का कुछ भुगतान उन विदेशी कंपनियों से लिया गया, जिनका नाम निर्यात दस्तावेजों या शिपिंग बिल में खरीदार के तौर पर दर्ज नहीं था. इससे लेन-देन पर संदेह और गहरा हो गया है.
कनाडा और अमेरिका भी कर रहीं जांच
कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी को बिना बताए विदेशी एसेट्स और विदेशी बैंक अकाउंट से जुड़े होने के सबूत भी मिले. ईडी को छापेमारी के दौरान धर्मेश सांगानी की कनाडा की एक कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी के सबूत मिले हैं, जिसकी जानकारी संबंधित भारतीय अधिकारियों को नहीं दी गई थी. इस कंपनी से जुड़े विदेशी बैंक खाते और लेन-देन भी सामने आए हैं. इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में एक अघोषित कारोबारी इकाई का भी पता चला है.
अब तक की जांच में कनाडा, अमेरिका और यूएई में कई अघोषित विदेशी बैंक खातों की पहचान की गई है. ईडी ने यह भी बताया कि धर्मेश सांगानी के कुछ लेन-देन की जांच अमेरिका और ब्रिटेन के सीमा शुल्क (कस्टम्स) अधिकारी भी कर रहे हैं. ईडी इस लेन-देन में FEMA के संभावित उल्लंघन की भी जांच की जा रही है.



