मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी छात्रवृत्ति योजना से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। मामले में करीब 1 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि के कथित दुरुपयोग का आरोप है। केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने इस मामले में कॉलेज प्रबंधन और यूको बैंक के अधिकारियों समेत 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
आरोप है कि छात्रों की जानकारी के बिना उनके नाम पर फर्जी बैंक खाते खोले गए और इन खातों में सरकारी स्कॉलरशिप की रकम जमा कराकर बाद में उसे निकाल लिया गया।
छात्रों को भनक तक नहीं लगी
जांच एजेंसी के अनुसार, कथित घोटाले में कई छात्रों के दस्तावेजों और व्यक्तिगत जानकारी का गलत इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि छात्रों की सहमति के बिना उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए गए।
इसके बाद सरकारी छात्रवृत्ति की राशि इन खातों में ट्रांसफर कराई गई और योजना बनाकर पैसे निकाल लिए गए।
कॉलेज प्रबंधन और बैंक अधिकारियों पर आरोप
CBI की FIR में कॉलेज से जुड़े लोगों और बैंक अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। आरोप है कि सभी ने मिलकर इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी खातों की प्रक्रिया कैसे पूरी की गई और छात्रवृत्ति की राशि किन-किन लोगों तक पहुंची।
1 करोड़ रुपये से ज्यादा की गड़बड़ी का शक
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस मामले में करीब 1 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि में अनियमितता हुई है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही घोटाले की वास्तविक रकम और इसमें शामिल लोगों की पूरी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
CBI ने दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और संबंधित खातों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की भी जांच
जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि फर्जी बैंक खाते खोलने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, बैंक प्रक्रिया में कहां-कहां लापरवाही बरती गई, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
छात्रवृत्ति योजनाओं की निगरानी पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। छात्रवृत्ति का उद्देश्य जरूरतमंद छात्रों को आर्थिक सहायता देना होता है, लेकिन फर्जीवाड़े के कारण वास्तविक लाभार्थी प्रभावित होते हैं।
फिलहाल CBI मामले की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े कई और खुलासे होने की संभावना है।



