कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। यह प्रतिक्रिया NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति प्रधानमंत्री की टिप्पणियों पर आई।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी छात्रों और उनके परिवारों की समस्याओं को समझने में असफल रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने X पर एक पोस्ट में कहा कि असली मुद्दा प्रदर्शनकारियों का व्यवहार नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली की विफलता है, जिसने हजारों छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है।
राहुल ने X पर लिखा कि माता-पिता के आंसू और उनके बच्चों को खोने का दुःख सबसे बड़ा है। यह एक ऐसा ग़म है जो हमेशा उनके साथ रहेगा, और इसके साथ ही शिक्षा प्रणाली की खामियों के बारे में कई सवाल भी उठते हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और रद्द परीक्षाओं ने छात्रों की मेहनत को एक पल में बर्बाद कर दिया है। इसके बावजूद, प्रधानमंत्री का छात्रों को “माफ़” करने की बात करना हैरान करने वाला है।
राहुल ने यह भी पूछा कि क्या मोदी ने कभी उन परिवारों से मुलाकात की है जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है या जिनकी मेहनत पेपर लीक से बर्बाद हो गई? उन्होंने कहा कि भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की आवश्यकता नहीं है, बल्कि मोदी को उनसे माफी मांगनी चाहिए। यह बयान प्रधानमंत्री के इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो संदेश के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अपशब्दों का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह समाज में फैले गुस्से को समझते हैं, लेकिन लोगों से सहानुभूति के साथ प्रतिक्रिया देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो अस्वीकार्य है। मोदी ने कहा कि हमें उन युवाओं को माफ़ कर देना चाहिए जो भटक गए हैं, क्योंकि वे हमारे बच्चे हैं।



