भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के नेताओं ने रविवार को संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर प्रदर्शन करने वाले निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एनडीए नेताओं ने इस प्रदर्शन को संसद का अपमान बताया।
वहीं, इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी के आरोपों पर सवाल उठाए जाने चाहिए और इस मामले की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने एनडीए के आरोपों का विरोध करते हुए प्रदर्शन को उचित ठहराया।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में पप्पू यादव, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद ये प्रतिक्रियाएं आईं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और डिंपल यादव समेत संसद के लिए चुने गए कई सांसदों ने पप्पू यादव की हरकत का समर्थन करने की कोशिश की। उन्होंने हिंदुओं, संतों और भगवान राम के भक्तों का अपमान किया। मैं इसकी कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं। इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जदयू नेता श्याम रजक ने कहा कि संसद कोई मंच नहीं है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “पप्पू यादव की पृष्ठभूमि को देखें तो वे ‘आनंद मार्गी’ रहे हैं लेकिन ‘आनंद मार्गी’ भी आखिर एक संस्था से जुड़े लोग होते हैं। अगर उन्हें ऐसा कुछ करना था, तो वे कहीं और कर सकते थे। संसद में ऐसा व्यवहार करना संसद का अपमान है।”
भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने भी कहा कि सनातन धर्म का अपमान करना गलत है। इसके अलावा, उन्होंने विपक्ष को चेतावनी दी कि वे लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ न करें, नहीं तो, जब देश जवाब देगा, तो आपको इसके नतीजे भुगतने होंगे।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्षी नेताओं की आलोचना करते हुए कहा, “जिस तरह से उन्होंने सनातन और हिंदू संस्कृति का मजाक उड़ाया और जिस तरह से साधु-संतों का मजाक बनाया गया, उसे देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।”
जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस संविधान की प्रस्तावना से भटक रही है। किसी को भी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर बोलने का अधिकार नहीं है। लेकिन नए दौर में कांग्रेस एक नए रूप में है।
वहीं, एनडीए नेताओं के बयान पर विपक्षी दलों के नेताओं ने भी पलटवार किया।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने पूर्णिया के सांसद का समर्थन करते हुए कहा, “किसी भी चीज के सिलसिले में एफआईआर दर्ज की जा सकती है। पप्पू यादव ने जो किया, वह बस लोगों का ध्यान खींचने का एक तरीका था। इसके पीछे कोई गलत मकसद नहीं था।”
“राम मंदिर में जिस तरह की चोरी हुई है और भक्तों के चढ़ावे को जिस तरह लूटा गया है, उसे लेकर लोग स्वाभाविक रूप से अपने-अपने तरीके से यह मुद्दा उठा रहे हैं।”
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सवाल किया कि क्या भगवा रंग पर भाजपा का कोई पेटेंट है? उन्होंने याद दिलाया कि तिरंगे में भी भगवा रंग होता है।
“संघ ने कभी तिरंगा नहीं फहराया। उन्होंने कभी देश की आजादी को स्वीकार नहीं किया। इन नए दावेदारों को पेटेंट किसने दिया। वे भगवा रंग को अपमानजनक चीज के तौर पर देख रहे हैं। यह उनकी अपनी सोच का नतीजा है।”
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा, “पप्पू यादव खुद जवाब देंगे, लेकिन अगर उनके काम को ‘सनातन का अपमान’ कहा जा रहा है, तो राम मंदिर में दान की चोरी, जमीन हड़पने और राम मंदिर के नाम पर कारोबार करने वालों के बारे में क्या कहेंगे? क्या उससे सनातन का सम्मान होता है? ऐसे आरोप लगाने वालों को शर्म आनी चाहिए और उन्हें इस मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”



