आज संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने प्रदर्शन किया। सुबह एनडीए सांसदों ने मार्च निकाला और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाए।
इसके कुछ समय बाद विपक्षी सांसद भी पोस्टर लेकर परिसर में पहुंचे। इस दौरान बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने प्रियंका गांधी से सवाल किया कि वे झारखंड के छात्रों के प्रदर्शन में क्यों नहीं गईं।
एनडीए सांसदों का प्रदर्शन
एनडीए सांसदों ने सत्र शुरू होने से पहले परिसर में मार्च किया। उन्होंने राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल हंगामा कर रहा है। इसके बाद विपक्षी सांसद भी प्रदर्शन में शामिल हुए और उनके हाथों में पोस्टर थे।
विपक्ष के पोस्टरों में क्या था?
एक पोस्टर पर लिखा था कि मोदी और शाह को देश से माफी मांगनी चाहिए। दूसरे पोस्टर में छात्रों की पिटाई और युवाओं की आवाज दबाने का उल्लेख था। एक अन्य पोस्टर में झारखंड में छात्रों पर हुई सख्ती को लेकर राहुल गांधी से जवाब मांगा गया। समाजवादी पार्टी के सांसद अक्षय यादव और अन्य सांसद दान पेटियां और गन्ने के पेड़ लेकर आए। विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने मानव श्रृंखला बनाई।
प्रियंका गांधी पर मुकेश दलाल का सवाल
बीजेपी सांसद मुकेश दलाल ने प्रियंका गांधी से सीधा सवाल किया कि वे झारखंड के छात्रों के प्रदर्शन में क्यों नहीं गईं। यह सवाल तब उठाया गया जब झारखंड के जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में गड़बड़ी और छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा चर्चा में था। प्रियंका गांधी ने मीडिया से कहा था कि राहुल गांधी पहले ही झारखंड के छात्रों से मिल चुके हैं।
प्रियंका गांधी ने सत्तापक्ष के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार देखा है कि सत्तारूढ़ दल के सांसद खुद प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम हमने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर तो किया है। अब अमित शाह को आकर बयान देना चाहिए।
संसद में हंगामा जारी
दिन के दौरान संसद के अंदर भी हंगामा हुआ। पिछले कई दिनों से विपक्ष के विरोध के कारण प्रश्नकाल पूरा नहीं हो पा रहा है। सदन बार-बार स्थगित हो रहा है। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। सुबह एनडीए सांसदों की साप्ताहिक बैठक भी हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य एनडीए सांसद शामिल हुए।
बैठक में सत्र के अंतिम दिनों की रणनीति पर चर्चा की गई। सदन को सुचारू रूप से चलाने और विपक्ष के विरोध का सामना करने के तरीकों पर भी बातचीत हुई। सांसदों को एकजुट रहने और आवश्यक बिल पास कराने में सरकार का सहयोग करने के लिए कहा गया।



