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पैलेट गन के खिलाफ राहुल गांधी के धरने को भाजपा ने बताया ड्रामेबाजी…

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जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलाए जाने के खिलाफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में धरना-प्रदर्शन और एफआईआर दर्ज कराने के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है।

राहुल के इस कदम पर जहां भाजपा ने तीखा हमला बोला है, वहीं टीएमससी ने उनका समर्थन किया है।

दिल्ली में भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राहुल गांधी के विरोध को पूरी तरह से राजनीतिक ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी केवल ड्रामेबाजी करके लोगों के दिल में अपने राजनीतिक नैरेटिव को सेट करना चाहते हैं। राहुल गांधी को किसी व्यक्ति से कोई सरोकार नहीं है। गिरती, लुटती, पिटती कांग्रेस को बचाने के लिए वो इस प्रकार के राजनीतिक हथकंडे अपना रहे हैं जो आसानी से लोगों के गले नहीं उतर रहा है।”

लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने भी राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ये मुद्दा विहीन लोग हैं, कोई इनके पास मुद्दा नहीं है, भारत विरोधी ताकतों के हाथ का खिलौना बन गए हैं ये लोग। भारत जो तेजी से आगे बढ़ता हुआ एक देश है, जो विकसित राष्ट्र बनने की तरफ अग्रसर है, उसको अस्थिर करने का प्रयास कांग्रेस पार्टी की तरफ से हो रहा है, तरह-तरह के नए-नए प्रयोग करने की कोशिश राहुल गांधी की तरफ से आप सब देख रहे हैं।”

हैदराबाद में भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने राहुल गांधी के पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराने के तरीके पर सवाल उठाए।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कल जंतर-मंतर पर हुई कथित घटना को लेकर राहुल गांधी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में जो एफआईआर का ड्रामा किया, उस पर मैं उनसे यह कहना चाहता हूं कि 80 और 90 के दशक में ‘बकरा किश्तों पे’ नाम का एक ड्रामा हुआ करता था। अब आप जो कर रहे हैं, वह ‘पॉलिटिक्स किश्तों पे’ है। आप फुल-टाइम पॉलिटिशियन नहीं हैं। आप अपनी मर्जी से आते हैं, थोड़ा ड्रामा करते हैं और चले जाते हैं। बिना सबूत के आप कोई ड्रामा नहीं कर सकते। आपका पूरा दावा ही बेबुनियाद है।”

दूसरी ओर, कोलकाता में टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने राहुल गांधी के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी ने छात्रों का पक्ष लिया। उन्होंने नौ घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया और आखिरकार, छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और कथित ज्यादतियों को लेकर एफआईआर दर्ज की गई। यह राहुल गांधी के लिए एक बड़ी कामयाबी है।”