RSS प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे और न्यूयॉर्क के मशहूर मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कार्यक्रम के विरोध में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी भी सामने आए हैं।
अब अमेरिकी सिंगर और एक्ट्रेस मैरी मिलबेन ने कार्यक्रम के आलोचकों और खास तौर पर ममदानी पर निशाना साधा है।
मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि ममदानी और अन्य आलोचक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के विरोध की वजह से भागवत के कार्यक्रम का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि MSG समाजवादियों की सोच के हिसाब से नहीं, बल्कि पूंजीवादी व्यवस्था के तहत चलता है और इसलिए कार्यक्रम होना चाहिए।
मिलबेन ने ममदानी और अन्य आलोचकों को सलाह देते हुए कहा कि अगर वे कार्यक्रम का विरोध करना चाहते हैं तो खुद MSG किराए पर लेकर अपनी रैली कर सकते हैं। उन्होंने कार्यक्रम के नाम ‘वननेस’ यानी एकता का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि इसमें भारत में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सार्थक बातचीत होगी।
मैरी मिलबेन भारत में काफी लोकप्रिय हैं। वह 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गा चुकी हैं। इसके अलावा वह ‘ओम जय जगदीश हरे’ गाने के लिए भी जानी जाती हैं।
29 अगस्त को MSG में कार्यक्रम
कार्यक्रम की वेबसाइट के अनुसार, मोहन भागवत 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य अमेरिका में रहने वाले हिंदू समुदाय को एक मंच पर लाना और साझा विरासत व अलग-अलग धर्मों के बीच एकता को बढ़ावा देना है। आयोजकों के मुताबिक, कई हिंदू-अमेरिकी संगठनों ने कार्यक्रम का समर्थन किया है।
जोहरान ममदानी ने किया विरोध
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कार्यक्रम का समर्थन करने से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि शहर के पास किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार है या नहीं।
ममदानी ने कहा कि उनका परिवार जिस भारत के बारे में उन्हें बताता रहा और जिसे उन्होंने बचपन से जाना, वह ऐसा देश था जहां अलग-अलग समुदाय साथ रहते थे और जो एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य था। उन्होंने RSS जैसी विचारधारा के बढ़ने पर चिंता जताई और कहा कि ऐसी सोच परेशान करने वाली है, जो कुछ लोगों को देश से बाहर रखने की बात करती है।
इस पूरे विवाद के बीच अब मोहन भागवत के प्रस्तावित MSG कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।



