बोनस पर चर्चा का माहौल
दिवाली के नजदीक आते ही केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बोनस को लेकर चर्चाएँ बढ़ गई हैं। कर्मचारी संघों ने सरकार से अनुरोध किया है कि बोनस की गणना में जो अधिकतम वेतन सीमा है, उसे बढ़ाया जाए।
वर्तमान में यह सीमा 7,000 रुपये है, और संघों का कहना है कि इसे 21,000 रुपये तक बढ़ाया जाना चाहिए। यदि यह मांग मान ली जाती है, तो कर्मचारियों को मिलने वाली राशि में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।
वर्तमान व्यवस्था में बोनस की राशि
हर साल दिवाली के समय केंद्रीय कर्मचारियों को एक महीने के बराबर नॉन प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस, जिसे Ad hoc Bonus कहा जाता है, दिया जाता है। इस बोनस की गणना वर्तमान में 7,000 रुपये की वेतन सीमा पर की जाती है। इसमें 30.4 औसत दिनों का फॉर्मूला लागू होता है, जिसके अनुसार 7,000 रुपये की सीमा से लगभग 6,908 रुपये का बोनस बनता है।
21,000 रुपये की सीमा पर संभावित लाभ
यदि सरकार 7,000 रुपये की सीमा को बढ़ाकर 21,000 रुपये कर देती है, तो बोनस की गणना में भी बदलाव होगा। दिए गए फॉर्मूले के अनुसार, 21,000 रुपये को 30.4 से विभाजित कर 30 से गुणा करने पर लगभग 20,724 रुपये की राशि बनती है। इसका मतलब है कि मौजूदा 6,908 रुपये की तुलना में लगभग 13,816 रुपये अधिक मिल सकते हैं।
कर्मचारी संघों की आवाज़
NC JCM का कहना है कि मौजूदा बोनस सीमा आज की न्यूनतम मजदूरी और महंगाई के अनुसार बहुत कम है। संघ ने यह भी कहा है कि जब केंद्र सरकार विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के लिए 783 रुपये से 1,035 रुपये प्रतिदिन तक की न्यूनतम मजदूरी निर्धारित कर रही है, तो केवल 7,000 रुपये की सीमा पर बोनस की गणना करना उचित नहीं है।
8वें वेतन आयोग में भी उठाया मुद्दा
बोनस बढ़ाने की मांग केवल वर्तमान प्रक्रिया तक सीमित नहीं है। कर्मचारी संघों ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया है। ऑल इंडिया न्यू पेंशनल स्कीम इम्पलॉयीज फेडरेशन (AINSPEF) ने अलग गणना के आधार पर लगभग 26,941 रुपये बोनस का सुझाव दिया है। हालांकि, फिलहाल 21,000 रुपये की गणना सीमा बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई जा रही है।
बोनस में संभावित वृद्धि
यदि सरकार कर्मचारी संघों की 21,000 रुपये की मांग को स्वीकार करती है, तो पात्र केंद्रीय कर्मचारियों का बोनस लगभग 20,724 रुपये हो सकता है। यह मौजूदा गणना से लगभग 13,816 रुपये अधिक होगा। लेकिन इसे अभी निश्चित राशि नहीं माना जा सकता है। बोनस की अंतिम राशि, नियम और लागू होने की शर्तें सरकार के आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होंगी।



