बाजार में आज शुक्रवार, 4 सितंबर को तेजी देखने को मिल रही है।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 500 अंक चढ़कर 76,600 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी करीब 50 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,950 के आसपास कारोबार कर रहा है। भारतीय बाजार में तेजी के साथ एशियाई बाजारों में भी आज खरीदारी का माहौल देखने को मिल रहा है। इससे घरेलू बाजार के सेंटीमेंट को सपोर्ट मिला है। एशियाई बाजारों में भी तेजी शुक्रवार को प्रमुख एशियाई बाजारों में बढ़त देखने को मिली।
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 6,673 | +81 | +1.24% |
| निक्केई (जापान) | 64,784 | +569 | +0.89% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25,741 | +528 | +2.14% |
हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग करीब 2.14% की तेजी के साथ सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले प्रमुख एशियाई इंडेक्स में रहा। अमेरिकी बाजार में भी रही थी तेजी, 3 सितंबर को अमेरिकी शेयर बाजार में भी प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए।
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 53,686 | +624 | +1.18% |
| नैस्डैक | 26,584 | +366 | +1.40% |
| S&P 500 | 7,748 | +81 | +1.06% |
अमेरिकी बाजार में नैस्डैक में करीब 1.40% की बढ़त रही, जबकि डाउ जोन्स और S&P 500 भी हरे निशान में बंद हुए। घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII की ओर से बाजार में लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बीते सात दिनों में घरेलू निवेशकों ने करीब ₹14,226 करोड़ के शेयर खरीदे हैं।
| कैटेगरी | लेटेस्ट | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
| DII | +₹4,978 करोड़ | +₹14,226 करोड़ | +₹64,387 करोड़ |
| FII/FPI | -₹2,346 करोड़ | -₹2,500 करोड़ | -₹4,471 करोड़ |
आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों यानी FII/FPI की तरफ से इस दौरान बिकवाली का रुख रहा है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सपोर्ट कर रही है।
गुरुवार को बाजार में आया था बड़ा उतार-चढ़ाव
इससे पहले गुरुवार, 3 सितंबर को शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। इंडिकेटिव क्लोजिंग के दौरान सेंसेक्स अचानक करीब 2,100 अंक तक फिसल गया था। हालांकि, फाइनल क्लोजिंग में गिरावट काफी सीमित रही। सेंसेक्स 417 अंक यानी 0.55% गिरकर 76,153 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 41 अंक यानी 0.17% की गिरावट के साथ 23,873 पर बंद हुआ।
95 रुपये का पुट ऑप्शन पहुंचा 446 रुपये तक
गुरुवार को एक्सपायरी के दिन बाजार बंद होने से कुछ समय पहले सेंसेक्स करीब 76,554 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। उस समय 76,600 स्ट्राइक वाला कॉल ऑप्शन (CE) करीब ₹152 और पुट ऑप्शन (PE) करीब ₹95 पर था। इसके बाद क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान सेंसेक्स में अचानक बड़ी गिरावट आई और यह करीब 76,152 के स्तर तक पहुंच गया। इस गिरावट का असर ऑप्शंस की कीमतों पर भी दिखाई दिया। 76,600 स्ट्राइक के कॉल ऑप्शन की वैल्यू तेजी से घटकर लगभग शून्य हो गई, जबकि ₹95 वाला पुट ऑप्शन करीब ₹446 तक पहुंच गया। इस तरह बाजार में अचानक आए बदलाव से पुट ऑप्शन खरीदारों को बड़ा फायदा हुआ, जबकि विपरीत दिशा में पोजीशन रखने वाले ट्रेडर्स को नुकसान उठाना पड़ा।
क्या है CAS और कैसे करता है काम?
भारतीय शेयर बाजार में Closing Auction Session (CAS) की नई व्यवस्था 3 अगस्त 2026 से लागू की गई है। इसका उद्देश्य बाजार बंद होने के समय शेयरों की क्लोजिंग कीमत तय करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
पहले कैसे तय होती थी क्लोजिंग कीमत?
पहले शेयरों की क्लोजिंग कीमत निर्धारित करने के लिए बाजार के आखिरी 30 मिनट यानी करीब 3:00 PM से 3:30 PM के दौरान बने वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) का इस्तेमाल किया जाता था।
अब क्या बदलाव हुआ?
नई व्यवस्था में बाजार बंद होने के समय एक छोटा ऑक्शन सेशन होता है। इसमें खरीद और बिक्री के ऑर्डर मैच किए जाते हैं और इसके आधार पर सिक्योरिटीज की आधिकारिक क्लोजिंग कीमत तय की जाती है।
ट्रेडर्स के लिए क्यों महत्वपूर्ण है CAS?
क्लोजिंग के समय कीमतों में अचानक बदलाव का असर इंडेक्स और खासकर एक्सपायरी वाले ऑप्शंस पर काफी ज्यादा पड़ सकता है। इसलिए ऑप्शन ट्रेडर्स के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन और उसके दौरान होने वाले प्राइस मूवमेंट को समझना महत्वपूर्ण है। नई व्यवस्था को वैश्विक बाजारों में अपनाई जाने वाली क्लोजिंग ऑक्शन प्रणाली के अनुरूप लाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
शेयर बाजार में तेजी या गिरावट के दौरान बिना जोखिम समझे ट्रेडिंग करना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर ऑप्शन ट्रेडिंग में कम समय में बड़ा मुनाफा और बड़ा नुकसान दोनों संभव हैं। किसी भी ट्रेड से पहले अपनी रिस्क क्षमता और बाजार की स्थिति का ध्यान रखें।



