BRICS समिट के सफल समापन
नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय BRICS समिट के सफल समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने इस समिट को ऐतिहासिक सफलता के रूप में देखा है। वहीं, BSP प्रमुख मायावती ने BRICS के साझा घोषणापत्र को भारत की कूटनीतिक समझदारी का परिणाम बताया है।
दुनिया के प्रमुख नेताओं की भागीदारी
भारत में आयोजित BRICS समिट में कई प्रमुख देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं, जिनमें आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
साझा घोषणापत्र में वैश्विक मुद्दों का समावेश
समिट के समापन पर साझा घोषणापत्र जारी किया गया, जिसमें कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों का उल्लेख किया गया। इसमें पहलगाम आतंकी हमले की निंदा और फिलिस्तीन के समाधान का जिक्र भी किया गया। इन मुद्दों पर रविशंकर प्रसाद और मायावती ने भारत की कूटनीतिक भूमिका की सराहना की।
रविशंकर प्रसाद की प्रतिक्रिया
पटना में, रविशंकर प्रसाद ने BRICS समिट की सफलता के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत की अगुवाई में चीन, रूस, ईरान, UAE, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील जैसे देशों ने एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय मंच स्थापित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि सम्मेलन के दौरान आर्थिक सहयोग पर चर्चा हुई और प्रधानमंत्री मोदी ने कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने चीन की ओर से भारत के साथ दोस्ती का नया हाथ बढ़ाने का उल्लेख किया।
पहलगाम आतंकी हमले की निंदा
रविशंकर प्रसाद ने BRICS के साझा घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति सफल रही है और कांग्रेस से भी इस पर सवाल उठाने का जवाब मांगा।
मायावती की सराहना
BSP प्रमुख मायावती ने भी BRICS समिट की सफलता पर मोदी सरकार की सराहना की। उन्होंने साझा घोषणापत्र को भारत की कूटनीतिक समझदारी का परिणाम बताया और इसमें फिलिस्तीन समाधान और पहलगाम आतंकी हमले के जिक्र को महत्वपूर्ण माना। BRICS समिट के बाद भारत की विदेश नीति और वैश्विक मंच पर उसकी कूटनीतिक भूमिका को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आई हैं। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद और मायावती की ओर से समिट के परिणामों की सराहना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



