डोंगरगढ़। जवाहर नवोदय विद्यालय डोंगरगढ़ में विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय अटल टिंकरिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय (सेजस) और शासकीय विद्यालयों की कक्षा 11वीं की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला में छात्राओं को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक नवाचार और तकनीकी कौशल से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस दौरान छात्राओं ने 3डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) की कार्यप्रणाली समझने के साथ स्वयं मॉडल और प्रोजेक्ट तैयार किए।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण में छात्राओं को आधुनिक तकनीकों के उपयोग और भविष्य में उनकी संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में छात्राओं ने विभिन्न तकनीकी गतिविधियों में भाग लेकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टेम) से जुड़ी अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझा।
कार्यशाला की विशेषता यह रही कि छात्राओं ने केवल तकनीकी अवधारणाओं की जानकारी हासिल नहीं की, बल्कि अपने विचारों को कार्यशील मॉडल और प्रोजेक्ट का रूप भी दिया। समूह में कार्य करते हुए छात्राओं ने तकनीकी समस्याओं के समाधान तलाशने का अभ्यास किया। इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, टीमवर्क और नवाचार की भावना को प्रोत्साहन मिला।
कार्यक्रम प्रभारी दिव्या जैन ने कार्यशाला का संचालन एवं समन्वय किया। उनके मार्गदर्शन में छात्राओं ने तीनों दिन विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने के साथ उनमें वैज्ञानिक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना था।
उप प्राचार्य संजय कुमार मंडल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला को सफल बनाने में खेल शिक्षक अनिल कुमार पाल, तेलुगु शिक्षक भास्कर राव और अटल टिंकरिंग लैब के फैसिलिटेटर साईं राम पात्रो का विशेष योगदान रहा। उन्होंने छात्राओं को मॉडल और प्रोजेक्ट तैयार करने में तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस तरह की कार्यशालाओं से छात्राओं को विज्ञान के सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में समझने का अवसर मिलता है। साथ ही वे नई तकनीकों से परिचित होकर भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकती हैं।



