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cg” स्वास्थ्य विभाग द्वारा बरसात के मौसम में डेंगू एवं मलेरिया बीमारी से बचाव के लिए दी गई समसामयिक सलाह…”

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राजनांदगांव : स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्षा ऋतु में मौसम में डेंगू एवं मलेरिया से सतर्क रहने एवं बचाव के लिए समसामयिक सलाह दी गई है। वर्षा ऋतु प्रारंभ होते ही डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है। डेंगू एवं मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए समय रहते आवश्यक सावधानी अपना कर डेंगू एवं मेलेरिया से परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।

किसी भी व्यक्ति को तेज बुखार, सिर दर्द, शरीर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, उल्टी अथवा कमजोरी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। नागरिक अपने घरों एवं आसपास पानी जमा नहीं होने दें तथा नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखें। जिससे मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम प्रभावी ढंग से की जा सकती है। सभी शासकीय विभागों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों एवं आमजन से मच्छरजनित रोगों की रोकथाम हेतु संचालित जनजागरूकता एवं स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि डेंगू और मलेरिया दोनों ही मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी हैं। थोड़ी सी लापरवाही बीमारी का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि घरों, दुकानों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर टायर, गमले, नारियल के खोल, पानी की टंकियों, फ्रिज ट्रे, टूटे बर्तन एवं अन्य पात्रों में पानी जमा नहीं होने दें। प्रत्येक सप्ताह ड्राई डे मनाकर पानी की टंकियों एवं कूलरों को खाली कर साफ करें तथा सुखाकर पुन: उपयोग करें।

यदि किसी पात्र, गड्ढे अथवा अनुपयोगी स्थान पर जमा पानी में मच्छरों के लार्वा दिखाई दें, तो उस पानी की सतह पर थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल योग्य तेल व जला हुआ मोबिल ऑयल डाल सकते हैं। जिससे पानी के ऊपर एक पतली परत बन जाती है। यह परत लार्वा को ऑक्सीजन लेने से रोकती है, जिससे लार्वा नष्ट हो जाते हैं। साथ ही ऐसे स्थानों को तुरंत साफ कर पानी जमा होने से रोकना आवश्यक है। साफ-सफाई बनाए रखें तथा मच्छरों की रोकथाम के उपाय अपनाने कहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि तेज बुखार, सिर एवं आंखों के पीछे दर्द, शरीर एवं जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, मतली एवं उल्टी, गंभीर स्थिति में नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव, मलेरिया के प्रमुख लक्षण, तेज बुखार के साथ ठंड लगना, अत्यधिक पसीना आना, सिरदर्द, कमजोरी एवं शरीर में दर्द, उल्टी या बेचौनी डेंगू के प्रमुख लक्षण है। डेंगू से बचाव के लिए घर एवं आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकी, गमले एवं अन्य पानी रखने वाले बर्तनों की नियमित सफाई करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छरदानी एवं मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें, सुबह एवं शाम के समय मच्छरों से विशेष बचाव करें, बुखार आने पर स्वयं दवा न लें, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के बुखार को सामान्य वायरल समझकर नजर अंदाज नहीं करें। बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं एवं चिकित्सकीय सलाह लें। समय पर जांच एवं उपचार से डेंगू से होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। नागरिकों से अपने घर, मोहल्ले, गांव एवं कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखें तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की अपील की है। सामूहिक जनभागीदारी से ही डेंगू एवं मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।

Bank Holiday: 9 जुलाई को बैंक रहेंगे बंद, जानिए किन राज्यों में नहीं होगा कामकाज और क्या है वजह…

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अगर आपको कल, यानी गुरुवार, 9 जुलाई को किसी ज़रूरी काम से बैंक ब्रांच जाना है, तो यह खबर आपके लिए है। इस दिन देश भर में बैंक बंद नहीं रहेंगे; हालाँकि, एक खास राज्य है जहाँ बैंक की छुट्टी है।

अगर आप उस राज्य में रहते हैं, तो बैंक जाने से पहले इस छुट्टी के बारे में जानना ज़रूरी है।

बैंक क्यों बंद रहेंगे?

मेघालय में 9 जुलाई को ‘बेहदीनखलम’ (Behdeinkhlam) का त्योहार मनाया जाता है। हर साल इस मौके पर बैंक बंद रहते हैं। यह जयंतिया समुदाय का एक बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहार है, जिसे हर साल बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसलिए, उस दिन राज्य में बैंक ब्रांच काम नहीं करेंगी।

क्या देश भर में बैंक बंद रहेंगे?

नहीं, ऐसा नहीं है। 9 जुलाई को बैंक की छुट्टी सिर्फ़ मेघालय में है। देश के बाकी हिस्सों में बैंक अपने सामान्य समय पर खुलेंगे और सामान्य रूप से काम करेंगे। इसलिए, अगर आप मेघालय के बाहर रहते हैं, तो आपको बैंकिंग सेवाओं के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

ऑनलाइन बैंकिंग चालू रहेगी
भले ही किसी खास राज्य में बैंक ब्रांच बंद हों, ग्राहक ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं का फ़ायदा उठाना जारी रख सकेंगे। आप UPI, नेट बैंकिंग और ATM जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बैंक की छुट्टियों के बारे में पता करना क्यों ज़रूरी है?

अगर आप बिना पहले से जानकारी लिए बैंक जाते हैं और उस दिन कोई स्थानीय छुट्टी होती है, तो आपका ज़रूरी काम रुक सकता है। इसलिए, चेक जमा करने, KYC अपडेट करने, लॉकर का इस्तेमाल करने या ब्रांच से जुड़े दूसरे कामों के लिए बैंक जाने से पहले बैंक की छुट्टियों का कैलेंडर देख लेना बेहतर रहता है।

NEET UG 2026: फीस रिफंड, जानिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज….

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्रों के लिए फीस रिफंड के बारे में एक अपडेट जारी किया है। एजेंसी ने कहा है कि जिन उम्मीदवारों के बैंक अकाउंट का वेरिफिकेशन पूरा हो गया है, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

वहीं, जिन उम्मीदवारों ने अभी तक अपनी बैंक डिटेल्स अपडेट नहीं की हैं या जिनकी जानकारी में गलतियां हैं, उन्हें आज इसे ठीक करने का आखिरी मौका दिया गया है। NTA के अनुसार, जो उम्मीदवार तय समय सीमा के अंदर अपनी बैंक डिटेल्स अपडेट नहीं कर पाते हैं, उन्हें रिफंड पाने में मुश्किल हो सकती है।

वेरिफाइड बैंक अकाउंट में रिफंड भेजा जा रहा है

NTA ने साफ किया है कि फीस रिफंड सिर्फ़ उन्हीं उम्मीदवारों के बैंक अकाउंट में भेजा जा रहा है जिनकी डिटेल्स पोर्टल पर सफलतापूर्वक वेरिफ़ाई हो गई हैं। जिन उम्मीदवारों की अकाउंट जानकारी पहले से ही सही है, उन्हें कोई और कार्रवाई करने की ज़रूरत नहीं है; रिफंड की रकम उनके अकाउंट में चरणबद्ध तरीके से ट्रांसफर की जा रही है। एजेंसी ने अधूरे, गलत या अनवेरिफाइड बैंक डिटेल्स वाले उम्मीदवारों को भी सलाह दी है कि वे रिफंड प्रक्रिया में किसी भी देरी से बचने के लिए अपनी जानकारी अपडेट कर लें।

बैंक डिटेल्स अपडेट करने की आखिरी तारीख

NTA ने बैंक अकाउंट की जानकारी अपडेट करने का आखिरी मौका दिया है। उम्मीदवार आज रात 11:50 बजे (7 जुलाई) तक अपनी बैंक डिटेल्स ठीक करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं। इसके बाद, करेक्शन विंडो बंद हो जाएगी और रिफंड प्रक्रिया केवल उपलब्ध बैंक डिटेल्स के आधार पर आगे बढ़ेगी। एजेंसी ने साफ किया है कि डेडलाइन खत्म होने के बाद बैंक अकाउंट की जानकारी बदलने का कोई और मौका नहीं दिया जाएगा।

ब तक सिर्फ़ 8.29 लाख उम्मीदवारों ने अपनी जानकारी अपडेट की है

NTA के अनुसार, अब तक 8,29,510 उम्मीदवारों ने अपनी बैंक अकाउंट डिटेल्स अपडेट की हैं, जबकि NEET UG 2026 परीक्षा में 22 लाख से ज़्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे। इसका मतलब है कि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने रिफंड के लिए ज़रूरी बैंक डिटेल्स अपडेट नहीं की हैं। एजेंसी ने सभी उम्मीदवारों से अनुरोध किया है कि वे जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि बिना किसी परेशानी के रिफंड जारी किया जा सके।

बैंक डिटेल्स कैसे अपडेट करें?

अपनी बैंक जानकारी अपडेट करने के लिए, उम्मीदवारों को सबसे पहले NEET UG की ऑफिशियल वेबसाइट: neet.nta.nic.in पर जाना चाहिए।

इसके बाद, होम पेज पर मौजूद “Last chance to confirm/update bank account details for NEET 2026 fee refund” लिंक पर क्लिक करें। अपने एप्लीकेशन नंबर का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।

इसके बाद, डैशबोर्ड पर जाएं और अपने बैंक अकाउंट की जानकारी डालें।

अकाउंट नंबर, अकाउंट होल्डर का नाम और IFSC कोड समेत सभी जानकारी को ध्यान से वेरिफ़ाई करें।

जानकारी सही होने पर, इसे सबमिट करें और अपने रिकॉर्ड के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड कर लें।

ईसीएलजीएस 5.0 के तहत 4.11 लाख से अधिक गारंटी जारी, 1.55 लाख करोड़ रुपए का ऋण हुआ स्वीकृत: सरकार….

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केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) 5.0 के तहत लॉन्च होने के बाद से अब तक 4,11,497 गारंटी जारी की जा चुकी हैं, और इसके तहत कुल 1,55,229 करोड़ रुपए की गारंटी दी गई है, जो यह दर्शाता है कि बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली ने इस योजना को तेजी से अपनाया है।

सरकार के अनुसार, 5 मई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई यह योजना पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित कारोबारों को तेजी से और बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।

यह योजना बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए जोखिम को कम करने का काम करती है, ताकि वे पात्र उधारकर्ताओं को अतिरिक्त ऋण उपलब्ध करा सकें। इससे कंपनियों को नकदी प्रवाह (कैश फ्लो) से जुड़ी समस्याओं से उबरने और अपने कारोबार को सुचारू रूप से जारी रखने में मदद मिलती है।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि योजना के तहत एमएसएमई को दिए जाने वाले अतिरिक्त ऋण पर 100 प्रतिशत गारंटी और अन्य कारोबारी वर्गों के लिए 90 प्रतिशत गारंटी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वित्तीय संस्थानों का भरोसा बढ़ा है और जरूरतमंद क्षेत्रों तक तेजी से ऋण पहुंचाना संभव हुआ है।

मंत्रालय ने कहा कि ईसीएलजीएस 5.0 के शुरुआती नतीजे यह साबित करते हैं कि सरकार एक मजबूत, त्वरित और भरोसेमंद ऋण व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सरकार का मानना है कि जैसे-जैसे इस योजना का दायरा बढ़ेगा और अधिक लोगों तक इसकी पहुंच बनेगी, यह विशेष रूप से एमएसएमई और उद्यमियों को बाहरी चुनौतियों के दौरान आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सरकार के मुताबिक, इस योजना का सबसे बड़ा लाभ छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को मिला है। जारी की गई कुल गारंटियों में से करीब 98 प्रतिशत संख्या के हिसाब से एमएसएमई को दी गई हैं, जबकि कुल गारंटी राशि का 82 प्रतिशत भी इसी क्षेत्र के हिस्से में आया है।

योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र कारोबारियों तक पहुंचाने के लिए वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने देश भर में व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है।

पहला चरण नौ स्थानों पर पूरा किया जा चुका है। यह अभियान स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) के माध्यम से चलाया गया, जिसमें नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी), पीएसबी अलायंस, विभिन्न बैंक, उद्योग संगठनों और उद्यमियों ने भाग लिया।

वर्तमान में अभियान का दूसरा चरण चल रहा है, जिसके तहत 10 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें से चार स्थानों पर कार्यक्रम पूरे हो चुके हैं।

सरकार का कहना है कि इन जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य पात्र उधारकर्ताओं को योजना की जानकारी देना और सदस्य ऋणदाता संस्थानों (एमएलआई) को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार करना है, ताकि जरूरतमंद कारोबारियों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके।

एनएचआईडीसीएल में 100 एसोसिएट पदों पर नियुक्ती का आवसर, 8 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन…

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नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (जहां एनएचआईडीसीएल काम करता है) में पूरी तरह से अनुबंध के आधार पर एसोसिएट के कुल 100 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर आवेदन मांगे हैं।

एनएचआईडीसीएल ने जिन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 100 एसोसिएट पदों पर भर्ती निकाली है, उनमें असम में 10, अरुणाचल प्रदेश में 10, जम्मू एवं कश्मीर (जम्मू) में 5, जम्मू एवं कश्मीर (श्रीनगर) में 5, मणिपुर में 10, मेघालय में 10, मिजोरम में 8, नगालैंड में 5, सिक्किम में 5, त्रिपुरा में 10, उत्तराखंड में 5, लद्दाख में 2, पश्चिम बंगाल में 8 और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 7 पद शामिल हैं।

एसोसिएट के कुल 100 पदों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 8 जुलाई के सुबह 10 बजे से शुरू हो जाएगी। अप्लाई करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त तय की गई है। जो पात्र उम्मीदवार इन रिक्तियों के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे एनएचआईडीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि के शाम 5 बजे तक या उससे पहले अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा कर सकते हैं।

अभ्यर्थियों के पास सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन या इसके बराबर की पढ़ाई आईआईटी, एनआईटी या ऐसे दूसरे संस्थानों से प्राप्त किए हुए होनी चाहिए, जो ग्रेजुएशन वाले वर्ष या उससे ठीक पहले वाले वर्ष में एनआईआरएफ (राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क) रैंकिंग की इंजीनियरिंग कैटेगरी में टॉप 100 में शामिल रहे हों।

आवेदकों की अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 6 जुलाई के आधार पर की जाएगी। वहीं आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

योग्य अभ्यर्थियों का चयन शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और स्किल के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग एवं पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी 70,000 से 80,000 रुपए के बीच प्रतिमाह होगी।

एनएचआईडीसीएल की ओर से यह भर्ती शुरू में 2 वर्ष की तय अवधि के लिए होगी, जिसे एक बार में 1 वर्ष के लिए बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा 3 वर्ष तक किया जा सकता है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं…

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद एनडीए के नेताओं ने इस मामले पर अपनी राय रखते हुए एसआईटी जांच पर भरोसा जताया।

शिवसेना (शिंदे गुट) की विधान परिषद सदस्य मनीषा कायंदे ने कहा कि जिन लोगों ने इस्तीफा दिया है, उनका पद छोड़ना उचित कदम है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में सीधे तौर पर जुड़े लोग दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित जांच समिति जल्द अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

मनीषा कायंदे ने कहा कि भगवान राम के नाम पर किसी भी प्रकार का घोटाला या अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। उनके अनुसार, प्रत्येक मंदिर का संचालन एक ट्रस्ट करता है और यदि ट्रस्ट से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बारे में मेरा बोलना उचित नहीं है, वह ट्रस्ट के लोग ही जो बताना है बताएंगे, लेकिन यह बात मैं भी कह सकता हूं कि चंपत राय के बारे में जो कुछ लोग वक्तव्य देते हैं, उनको उनके बारे में कुछ भी नहीं मालूम है।”

समाजवादी पार्टी के बयान पर, जिसमें कहा था कि इस्तीफे से काम नहीं चलेगा, कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ये जो राम भक्तों की हत्या किए हैं, पहले उनके खिलाफ भी मुकदमा लिखकर के उनको भी जेल भेजने का काम किया जाए।

कर्नाटक के बीदर से भाजपा विधायक शैलेंद्र बेलडाले ने कांग्रेस नेताओं की ओर से राम मंदिर पर दिए जा रहे बयानों पर तंज कसते हुए कहा, “कल, एक कांग्रेस नेता ने यहां राम मंदिर मुद्दे पर बयान दिया। मुझे खुशी है कि वे भगवान राम और राम मंदिर के बारे में बात कर रहे हैं। पहले, कांग्रेस नेता भगवान राम और राम मंदिर को काल्पनिक बताते थे। अब जब वे भगवान राम के बारे में बात कर रहे हैं, तो इससे पता चलता है कि उनमें उनके प्रति आस्था और भक्ति पैदा हुई है और मैं इसका स्वागत करता हूं। ऐसा भी लगता है कि उनमें सनातन धर्म के प्रति कुछ सम्मान पैदा हुआ है। राम मंदिर मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहुत सख्ती से बात की है। उन्होंने कहा है कि जो भी जिम्मेदार पाया जाए, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।”

राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुए बदलाव पर कहा कि ट्रस्ट द्वारा कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया जाना विश्व हिंदू परिषद और ट्रस्ट का आंतरिक विषय है, इसलिए उनकी पार्टी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। हालांकि उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक ट्रस्ट की व्यवस्था पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ चलनी चाहिए।

एसआईटी की जांच को लेकर के.सी. त्यागी ने कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नाम जांच में सामने आया है या जिनकी गिरफ्तारी हुई है, उनसे विस्तार से पूछताछ की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि भविष्य में ट्रस्ट यह सुनिश्चित करे कि जिन लोगों की ईमानदारी पर कोई संदेह हो, उन्हें जिम्मेदारी वाले पदों पर नियुक्त न किया जाए।

भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री जिबेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार है और योगी सरकार में गलत करने वाला कोई नहीं बचेगा। पाताल से भी ढूंढकर उन पर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, झारखंड भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जैसे-जैसे विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच आगे बढ़ेगी, उसी के अनुरूप कार्रवाई भी आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच लगातार जारी है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि उत्तर प्रदेश और केंद्र, दोनों जगह रामभक्तों की सरकार है, इसलिए इस तरह के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद बना है और ऐसे पवित्र स्थान पर चोरी जैसी घटना बेहद गंभीर है। उनके अनुसार, चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, यदि वह दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई निश्चित है।

उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिन नेताओं ने पहले भगवान राम और राम मंदिर के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, वे आज राम मंदिर और भगवान राम की बात कर रहे हैं। उन्होंने इसे भगवान राम की महिमा बताते हुए कहा कि अब विरोधी दलों के नेताओं के मुंह से भी भगवान राम का नाम निकल रहा है।

भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक संबंध…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत विस्तारवाद नहीं, बल्कि विकासवाद की नीति पर चलता है और ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र ही उसकी वैश्विक सोच का आधार है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत इंडोनेशिया की संसद और वहां की जनता का आभार व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि और ‘लोकतंत्र की जननी’ भारत के एक नागरिक के रूप में वह सभी भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं लेकर आए हैं।

उन्होंने कहा, “आज इंडोनेशिया के लोगों, यहां के बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने जिस आत्मीयता से मेरा स्वागत किया, उसने इस दिन को मेरे जीवन के सबसे यादगार दिनों में शामिल कर दिया है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें आज इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त करने का भी सौभाग्य मिला है। उन्होंने इसे केवल अपना सम्मान नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के प्रति इंडोनेशिया के स्नेह, दोनों देशों की साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, साझा विरासत और लगातार मजबूत हो रहे द्विपक्षीय संबंधों का सम्मान बताया।

उन्होंने कहा, “मैं इंडोनेशिया की सरकार, संसद और यहां की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।”

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा विकास की राह पर चलने में विश्वास रखता है, न कि विस्तारवाद की नीति में। उन्होंने कहा, “भारत दुनिया का वह देश है, जो विस्तारवाद नहीं, विकासवाद की नीति पर चलता है। इसलिए भारत का मंत्र है- ‘सबका साथ, सबका विकास’। इसी भावना और इसी मंत्र के साथ मैं आज आपके बीच आया हूं।”

भारत और इंडोनेशिया के संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों की राजधानियां भले ही हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन समुद्र में दोनों देशों के बीच केवल करीब 150 किलोमीटर की दूरी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में समुद्र सीमाओं और दूरियों का प्रतीक रहा है, लेकिन भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्र हमेशा एक सेतु की भूमिका निभाता रहा है और दोनों देशों के साझा भविष्य का केंद्र भी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों की जड़ें सदियों पुरानी हैं। दोनों देशों को रामायण और महाभारत जैसी साझा सांस्कृतिक विरासत जोड़ती है। उन्होंने कहा कि नालंदा की ज्ञान परंपरा से लेकर बोरोबुदुर और प्रम्बानन जैसे ऐतिहासिक स्मारक दोनों देशों के गहरे सांस्कृतिक संबंधों के साक्षी हैं।

SBI Recruitment 2026: स्टेट बैंक में ऑफिसर बनने का सुनहरा मौका…

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अगर आपने लॉ (कानून) की पढ़ाई पूरी कर ली है, तो आपके लिए स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) में नौकरी के मौके हैं। SBI ने अपने ‘स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर’ भर्ती अभियान के तहत असिस्टेंट मैनेजर और डिप्टी मैनेजर के पदों के लिए वैकेंसी निकाली हैं।

ये पद खास तौर पर लॉ प्रोफेशनल्स के लिए हैं। इसके लिए बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट sbi.bank.in पर अप्लाई किया जा सकता है।

क्योंकि डेडलाइन पास आ रही है, इसलिए सलाह दी जाती है कि एप्लीकेशन फॉर्म भरने में देर न करें। इस भर्ती के लिए लॉ की डिग्री ज़रूरी है; इसलिए, लॉ ग्रेजुएट्स के लिए बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी पाने का यह एक शानदार मौका है।

असिस्टेंट मैनेजर (लॉ) और डिप्टी मैनेजर (लॉ) समेत कुल 49 पद भरे जाएंगे। उम्र सीमा, महीने की सैलरी और सिलेक्शन प्रोसेस से जुड़ी जानकारी होना भी ज़रूरी है।

SBI स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर भर्ती के लिए योग्यता

असिस्टेंट मैनेजर (लॉ)

कैंडिडेट्स के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री (LLB) होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्हें बार काउंसिल में एडवोकेट के तौर पर रजिस्टर्ड होना चाहिए और उनके पास दो साल का प्रैक्टिस का अनुभव होना चाहिए।

या फिर, कैंडिडेट्स के पास किसी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक के लीगल डिपार्टमेंट में लॉ ऑफिसर के तौर पर काम करने का दो साल का अनुभव हो, या लॉ की प्रैक्टिस करने और किसी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक के लीगल डिपार्टमेंट में लॉ ऑफिसर के तौर पर काम करने का कुल मिलाकर दो साल का अनुभव हो।

ज़रूरी डिग्री और अनुभव के अलावा, कैंडिडेट्स की उम्र 25 से 32 साल के बीच होनी चाहिए। उम्र सीमा की गिनती 31 मई, 2026 से की जाएगी।

डिप्टी मैनेजर (लॉ)

कैंडिडेट्स के पास लॉ की डिग्री (LLB) होनी चाहिए। उन्हें बार काउंसिल में एडवोकेट के तौर पर रजिस्टर्ड होना चाहिए और उनके पास चार साल का प्रैक्टिस का अनुभव होना चाहिए।

या फिर, उनके पास किसी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक के लीगल डिपार्टमेंट में लॉ ऑफिसर के तौर पर काम करने का चार साल का अनुभव होना चाहिए।

एडवोकेट के तौर पर प्रैक्टिस करने और लॉ ऑफिसर के तौर पर काम करने का कुल मिलाकर चार साल का अनुभव रखने वाले कैंडिडेट्स भी अप्लाई करने के लिए पूरी तरह योग्य हैं। इस पद के लिए उम्र सीमा 25-35 साल है।

दोनों पदों के लिए, उन कैंडिडेट्स को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने 5 साल का लॉ कोर्स पूरा किया है और जिनके पास संबंधित अनुभव है। ध्यान दें कि बार काउंसिल में एडवोकेट के तौर पर रजिस्ट्रेशन के बाद मिला अनुभव ही मान्य माना जाएगा।

सैलरी और सिलेक्शन प्रोसेस

सैलरी

असिस्टेंट मैनेजर पद के लिए महीने की सैलरी ₹48,480-₹85,920 है और डिप्टी मैनेजर पद के लिए यह ₹64,820-₹93,960 है। ये आंकड़े बेसिक सैलरी बताते हैं। इसके अलावा, DA, HRA, CCA, प्रोविडेंट फंड, कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन फंड वगैरह जैसे फायदे भी मिलेंगे। ये चीज़ें बेसिक सैलरी में जोड़ी जाएंगी।

सिलेक्शन प्रोसेस

सिलेक्शन प्रोसेस में एक ऑनलाइन टेस्ट और इंटरव्यू शामिल है। लिखित परीक्षा में 50 ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल और 50 डिस्क्रिप्टिव टाइप सवाल होंगे। इन सेक्शन का वेटेज क्रमशः 70% और 30% तय किया गया है।

SBI भर्ती के लिए अप्लाई कैसे करें?

जो उम्मीदवार इस SBI भर्ती प्रक्रिया के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वे नीचे बताए गए तरीके से अपना एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं:

सबसे पहले, ऑफिशियल वेबसाइट: sbi.bank.in पर जाएं।

‘करियर्स’ (Careers) सेक्शन में जाएं और इस भर्ती से जुड़ी जानकारी पाने के लिए ‘करंट वैकेंसीज़’ (Current Vacancies) खोजें।

नोटिफिकेशन के नीचे ‘अप्लाई ऑनलाइन’ (Apply Online) टैब ढूंढें और उस पर क्लिक करें।

आपको ibpsreg.ibps.in वेबसाइट पर भेज दिया जाएगा। ‘नए रजिस्ट्रेशन के लिए यहां क्लिक करें’ (Click here for new registration) वाले लिंक पर क्लिक करें।
अपना पहला नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल ID जैसी जानकारी और सिक्योरिटी कोड डालें, फिर ‘सेव एंड नेक्स्ट’ (Save and Next) पर क्लिक करें।

इसी तरह, अपनी बाकी जानकारी भरें और अपनी फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें।
रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद, अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड का इस्तेमाल करके लॉग इन करें।

अब, अपनी पर्सनल जानकारी भरें, जिसमें आपका नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि, कैटेगरी, पता और आपकी 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन (LLB) क्वालिफिकेशन से जुड़ी जानकारी (जैसे रोल नंबर और मार्क्स) शामिल हैं।

अपने अनुभव की जानकारी भी डालें। फिर, मांगी गई कोई भी दूसरी जानकारी ध्यान से भरें।

हाल की फोटो, सिग्नेचर, छोटा बायोडाटा, पहचान का सबूत, एजुकेशनल सर्टिफिकेट, बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट, अनुभव सर्टिफिकेट, जाति प्रमाण पत्र वगैरह अपलोड करें।

फोटो फ़ाइल का साइज़ 20 KB और 50 KB के बीच होना चाहिए। इसके बाद, एप्लीकेशन फ़ीस का भुगतान करें और फ़ॉर्म सबमिट करें।

लिखित परीक्षा और इंटरव्यू से जुड़ी सभी जानकारी सिर्फ़ SBI की ऑफ़िशियल वेबसाइट पर ही जारी की जाएगी। आपको सलाह दी जाती है कि ताज़ा जानकारी के लिए वेबसाइट देखते रहें।

संसद से गूंजा भारत का संदेश, चीन को इशारों-इशारों में तंज कसा….

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इंडोनेशिया के दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देश चीन की विस्तारवादी सोच पर इशारों-इशारों में तंज कसा। उन्होंने कहा कि भारत विस्तारवाद की राह पर नहीं, बल्कि विकास की राह पर चल रहा है।

इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वहां आना उनके लिए सम्मान की बात है।

पीएम मोदी ने कहा, “1.4 अरब भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हुए और ‘लोकतंत्र की जननी’ के एक गर्वित नागरिक के तौर पर, मैं सभी भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं देता हूं।” उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया के लोगों ने जिस गर्मजोशी और स्नेह के साथ उनका स्वागत किया, उसे वे कभी नहीं भूलेंगे। पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक संबंधों को दोनों देशों के लिए एक साझा ताकत बताया।

पीएम मोदी ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति को अपना दोस्त बताया

उन्होंने कहा, “आज सुबह राष्ट्रपति प्राबोवो ने कॉपीराइट के बारे में बात की। इस प्यार, इस जुड़ाव, इस दोस्ती या आपसी सम्मान की भावना पर कोई कॉपीराइट का दावा नहीं कर सकता। राष्ट्रपति प्राबोवो के साथ मेरी दोस्ती कॉपीराइट की सभी सीमाओं से परे है।” उन्होंने आगे कहा, “आज सुबह मुझे इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करने का अवसर भी मिला। मैं इंडोनेशियाई लोगों के अनगिनत भारतीयों के प्रति प्यार को विनम्र और आभारी हृदय से स्वीकार करता हूं।”

भारत और इंडोनेशिया इतिहास के एक अहम मोड़ पर खड़े हैं: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, “आज, भारत और इंडोनेशिया इतिहास के एक अहम मोड़ पर एक साथ खड़े हैं। इस सदी का पहला दौर बीत चुका है, और अगले पच्चीस साल हमारे दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। आज इंडोनेशिया की महान धरती पर आपके सामने खड़े होकर, मैं हमारे साझा विकास के पक्के संकल्प के साथ आया हूं। मैं इस पक्के इरादे के साथ आया हूं कि भारत और इंडोनेशिया मिलकर पूरी मानवता की सेवा करेंगे।”

मायावती ने राम मंदिर और बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद की निष्पक्ष जांच की मांग…

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर और उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामलों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की मांग की है।


उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है।

बसपा मुखिया मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि यूपी के अयोध्या में श्री राम मन्दिर के बाद अब उत्तराखण्ड स्टेट में भी बद्रीनाथ धाम चढ़ावा में चोरी व ग़बन आदि होने का मामला काफी सुर्ख़ियों में हैं। इन दोनों विख्यात धार्मिक स्थलों में इनके ट्रस्ट से जुड़े मुख्य प्रबन्धकों की भी सही से जांच होनी चाहिये वरना फिर आगे चलकर इनकी आड़ में इनके स्थान पर दूसरे बने मुख्य प्रबन्धक भी इसका दुरुपयोग कर सकते हैं क्योंकि ऐसी आम चर्चा है कि निचले स्तर पर जो भी गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए या तो मुख्य प्रबन्धकों की मिलीभगत है या फिर उनकी लापरवाही की वजह से यह सब कुछ हुआ है।

अतः इस प्रकरण की अब सही से जाँच होनी बहुत ज़रूरी है तथा इस मामले में सरकार व एस.आई.टी. को भी विशेष ध्यान देना है। उन्होंने कहा कि सपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी आदि के जिन वरिष्ठ नेताओं द्वारा यहाँ (श्री राम मन्दिर) चढ़ावे में काफी मोटी रकम की चोरी व ग़बन आदि होने की बात कही जा रही है तो उनसे भी इसके पुख़्ता सबूत लेने चाहिये, ताकि कोई भी चोरी व ग़बनकर्ता बच ना सके। इसकी आड़ में इसे कोरी राजनीति ही माना जायेगा अर्थात् श्रद्धा नहीं, जो जनहित के मुद्दों को दरकिनार करके, अब इस मुद्दे की आड़ में ये पार्टियां चुनाव में जाना चाहती हैं, ऐसी भी आम चर्चा है।

गौरतलब है कि अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावे के कथित गबन और अनियमितताओं के आरोपों के बीच सोमवार को ट्रस्ट की पहली अहम बैठक हुई। बैठक में ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नए महामंत्री की नियुक्ति तक कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही प्रमुख अधिकारियों की नियुक्ति के लिए एक समिति गठित की गई है। इस समिति की सिफारिशों पर विचार करने और आगे की प्रक्रिया तय करने के लिए ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को बुलाई गई है।