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CG: बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम की वजह से छत्तीसगढ़ में करवट बदल रहा मौसम, लगातार दो दिन बारिश का अलर्ट…

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बीते दिन के मौसम की बात करें तो शुक्रवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, वहीं सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रायपुर में रिकॉर्ड किया गया।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने एक कम दबाव के क्षेत्र की वजह से देश के कई हिस्सों में इस समय झमाझम बारिश हो रही है, हालांकि एक दिन पहले तक छत्तीसगढ़ में इसका असर नहीं दिखाई दिया, लेकिन शनिवार से प्रदेश में भी मौसम करवट बदलने जा रहा है और विभाग ने यहां पर भी कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान विभाग ने देर रात तक प्रदेश के कोरिया, बलरामपुर और सूरजपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

अगले हफ्ते लगातार दो दिन भीगेंगे प्रदेश के 20 से ज्यादा जिले

इसके अलावा IMD ने अगले हफ्ते की शुरुआत में प्रदेशभर में मौसम में बदलाव होने की जानकारी दी है, साथ ही लगातार दो दिनों तक कई जिलों के भीगने के बारे में बताया है। विभाग के अनुसार सोमवार (23 फरवरी) को प्रदेश के 19 जिलों और मंगलवार (24 फरवरी) को 8 जिलों में पानी गिरने की संभावना है।

“शनिवार को विभाग ने प्रदेश के तीन जिलों में बारिश होने का अनुमान लगाया है।”

”21 फरवरी (शनिवार) को प्रदेश के कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में बारिश की संभावना”

”23 फरवरी (सोमवार को इन 19 जिलों में झमाझम बारिश की संभावना- कोरिया, जशपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर और सुकमा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने व बिजली गिरने की संभावना जताई है।”

”24 फरवरी (मंगलवार) को इन 8 जिलों में दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने व बिजली गिरने की संभावना जताई है।”

“मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 19 जिलों और मंगलवार को प्रदेश के 8 जिलों में बारिश की संभावना जताई है।” title=”मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 19 जिलों और मंगलवार को प्रदेश के 8 जिलों में बारिश की संभावना जताई है।”

कैसा रहा शुक्रवार का मौसम

बीते दिन के मौसम की बात करें तो शुक्रवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया, वहीं सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रायपुर में रिकॉर्ड किया गया। कल कहीं पानी नहीं गिरा। आज 21 फरवरी को राजधानी रायपुर में आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

Bengal Election 2026: बंगाल ने इस बार बीजेपी निकालेगी रथ यात्रा, होली के बाद पीएम मोदी की महारैली…

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पश्चिम बंगाल विधानसबा चुनाव में अब बहुत कम वक्त बचा है। माना जा रहा है कि मार्च के पहले सप्ताह में आयोग की ओर से वोटिंग और रिजल्ट का शेड्यूल जारी किया जा सकता है।

राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बीजेपी के लिए बंगाल जीतना प्रतिष्ठा का प्रश्न है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर सकते हैं। रैली की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन होली के बाद इसके औपचारिक ऐलान की चर्चा है।

पार्टी नेताओं का मानना है कि इसी अवधि में चुनाव आयोग भी विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा कर सकता है। ऐसे में प्रधानमंत्री की रैली को चुनावी बिगुल के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी का लक्ष्य इस मेगा इवेंट के जरिए राज्यभर में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करना है।

पीएम मोदी की रैली से पहले रथ यात्रा

पीएम मोदी की मेगा रैली से पहले बीजेपी की राज्य इकाई विभिन्न संगठनात्मक जिलों में ‘रथ यात्राएं’ निकालने की तैयारी में है। इन यात्राओं का उद्देश्य गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचकर लोगों को कोलकाता रैली के बारे में जानकारी देना और जनसमर्थन जुटाना है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी महीने के अंत तक पश्चिम बंगाल दौरे की संभावना है। बताया जा रहा है कि उनका कार्यक्रम सीमा सुरक्षा बल से जुड़े आधिकारिक आयोजन के तहत होगा, हालांकि वे पार्टी नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक भी कर सकते हैं।

बीजेपी में हाई लेवल मीटिंग का दौर

उम्मीदवार चयन को लेकर भी मंथन जारी है। बीजेपी राज्य नेतृत्व 294 विधानसभा सीटों के लिए नामों की अंतिम सूची तैयार कर रहा है, जिसे केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। इस बार रणनीति के तहत प्रत्येक सीट के लिए दो अलग-अलग पैनल तैयार किए जा रहे हैं। उम्मीदवारों के चयन के लिए एक में प्राथमिकता वाले तीन नाम और दूसरे में वैकल्पिक नाम शामिल होंगे।

जमीनी स्तर पर काम करने वालों को मिलेगी प्राथमिकता

सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पार्टी इस बार जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर दे रही है, जबकि चर्चित चेहरों को सीमित महत्व दिया जाएगा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, प्रस्तावित रैली और संगठनात्मक गतिविधियां चुनाव से पहले राज्य की सियासी दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती हैं।

Global South में India का बढ़ा कद, Delhi AI Summit के बाद Cuba ने भी माना लोहा…

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क्यूबा की संचार मंत्री मायरा अरेविच मारिन ने शनिवार को कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारत को मानव-केंद्रित और न्यायसंगत कृत्रिम बुद्धिमत्ता ढांचे को आगे बढ़ाने में ग्लोबल साउथ की एक अग्रणी आवाज के रूप में स्थापित किया है।

नयी दिल्ली में 19 और 20 फरवरी को आयोजित एआई समिट में भाग लेने के बाद यहां भारत-क्यूबा आईटी फोरम के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मारिन ने इस सम्मेलन को वैश्विक प्रौद्योगिकी शासन में एक निर्णायक क्षण बताया।

मारिन ने कहा, एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारत को ग्लोबल साउथ के लिए मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता आंदोलन में सबसे आगे रखा है। उन्होंने नवाचार और विनियमन को साथ-साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें इसके उपयोग से जुड़े जोखिमों को कम करना होगा। इसे जिम्मेदारीपूर्वक और समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।

‘शहीदों को डकैत’ बताने वालों से Congress को प्यार? Bhupen Borah का BJP जॉइन करते ही बड़ा खुलासा…

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कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हुए दिग्गज नेता भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी छोड़ने की बड़ी वजहों का खुलासा किया है। समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में बोरा ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए और बताया कि क्यों अब उनका वहां रहना मुश्किल हो गया था।

विवादास्पद बयानों पर नाराजगी

भूपेन बोरा ने कहा कि कांग्रेस में ऐसे लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा है जो असम की अस्मिता का अपमान करते हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस विधायक शर्मन अली ने असम आंदोलन के शहीदों को ‘डकैत’ कहा था। एक अन्य विधायक ने पुजारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, फिर भी चुनाव के लिए उनके नाम की सिफारिश की गई। पार्टी के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि सत्ता में आने पर मुसलमानों के लिए 45 सीटें रिजर्व की जाएंगी।

BJP में शामिल हुए Bhupen Borah, कांग्रेस छोड़ते हुए बताई ‘अंदर की कहानी’

नेतृत्व पर सवाल

बोरा ने गौरव गोगोई के फैसलों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनके अध्यक्ष पद से हटने के बाद अमन वदूद को सोशल मीडिया हेड बनाया गया, जिन्होंने अपनी किताब में दावा किया था कि असमिया लोग यहां के मूल निवासी नहीं हैं। बोरा ने सवाल किया कि वे ऐसी टीम के साथ कैसे काम कर सकते थे जो असम के हितों के खिलाफ बात करती हो।

PM Modi का Congress पर तीखा तंज, ‘पहले से नंगे हो, कपड़े उतारने की क्या जरूरत थी?’

पाकिस्तान कनेक्शन

मुख्यमंत्री द्वारा गौरव गोगोई पर लगाए गए कथित ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ के आरोपों पर बोरा ने कहा कि उन्होंने पार्टी को मानहानि का केस करने की सलाह दी थी ताकि पंचायत चुनाव में नुकसान न हो, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई और कांग्रेस चुनाव हार गई। उन्होंने साफ किया कि कोर्ट क्या फैसला करेगा यह अलग बात है, लेकिन असम की जनता का फैसला उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है।

“जयराम रमेश ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उठाए सवाल”

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कांग्रेस के प्रमुख नेता जयराम रमेश ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। रविवार को उन्होंने कहा कि यह डील ‘अबकी बार ट्रंप से हार’ का प्रतीक है और इसे तुरंत रद्द कर देना चाहिए।

उनका यह बयान अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को रद्द करने के बाद की स्थिति में आया है।

व्यापार सौदे की शर्तों पर पुनर्विचार की आवश्यकता

रमेश ने यह भी कहा कि भारत ने बिना पर्याप्त लाभ के रियायतें दी हैं और इस व्यापार सौदे की शर्तों पर दोबारा बातचीत होनी चाहिए। विशेष रूप से, कृषि उत्पादों के आयात उदारीकरण से संबंधित खंड को समाप्त किया जाना चाहिए।

ट्रंप से हार का सबूत

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में ‘ह्यूस्टन में अबकी बार ट्रंप सरकार’ का नारा दिया था, लेकिन यह अंतरिम समझौता ‘अबकी बार ट्रंप से हार’ का प्रमाण है।

जयराम रमेश ने कहा कि इस समझौते में दोनों पक्षों को अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन करने की अनुमति है। ट्रंप के टैरिफ में बदलाव के बाद, भारत को भी अपने दायित्वों पर पुनर्विचार करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता खाद्य और कृषि उत्पादों पर टैरिफ को कम करने या समाप्त करने की है। पीएम से हमारी मांग है कि इस पर फिलहाल रोक लगाई जाए।’

किसानों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव

उन्होंने चेतावनी दी कि यह व्यापार समझौता जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के सोयाबीन, मक्का, फल, मेवे और कपास उगाने वाले किसानों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।

जल्दबाजी में समझौता करने का सवाल

रमेश ने प्रधानमंत्री और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से सवाल किया कि उन्हें दिसंबर से ही पता था कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला कभी भी आ सकता है। ऐसे में इतनी जल्दबाजी में समझौता क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि हमें इस समझौते की शर्तों पर पुनर्विचार करना चाहिए क्योंकि यह एकतरफा है और इससे लाखों भारतीय किसानों को नुकसान होगा। रमेश ने कहा कि वे इस समझौते के संभावित परिणामों पर चर्चा करने के लिए कई राज्यों के किसानों के साथ ‘महा किसान महा चौपाल’ का आयोजन करेंगे।

“‘अगर वो ग्लोबल टैरिफ लगाना ही चाहते हैं तो…’, नील कत्याल ने ट्रंप को जमकर सुनाया, दी ये नसीहत”

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टैरिफ को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से डोनाल्ड ट्रंप बौखला गए हैं और उन्होंने पूरी दुनिया पर फिर से टैरिफ बम फोड़ दिया है. ट्रंप ने पहले अतिरिक्त 10 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया था लेकिन महज 24 घंटे के अंदर ही इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है.

ट्रंप के इस फैसले पर भारतीय-अमेरिकी वकील नील कत्याल ने सवाल उठाए हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि अमेरिकी तत्काल प्रभाव से दुनिया भर के देशों पर लागू 10 फीसदी टैरिफ को बढ़ाते हुए 15 प्रतिशत करने जा रहा है. पुराना दावा दोहराते हुए उन्होंने कहा है कि तमाम देश दशकों से अमेरिका का फायदा उठाते आ रहे हैं और टैरिफ से जुड़ा ये फैसला उसी का जवाब है. साथ ही ये भी कहा कि टैरिफ हाइक पूरी तरह से कानून के दायरे में है और इसकी जांच-परख की जा चुकी है.

इससे पहले ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 10 फीसदी का टैरिफ लगाया था लेकिन अगले ही दिन शनिवार को टैरिफ बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया. इसे लेकर भारतीय-अमेरिकी वकील नील कत्याल ने वैश्विक टैरिफ पर कई सवाल उठाए हैं.

क्या बोले नील कत्याल

नील कत्याल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए धारा 122 पर भरोसा करते हुए इसका सहारा लेना मुश्किल नजर आता है, क्योंकि इसी मामले में अमेरिकी न्याय विभाग ने सुप्रीम कोर्ट को इसके विपरीत बताया था. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि धारा 122 का कोई स्पष्ट अनुप्रयोग नहीं है, क्योंकि ट्रंप ने जिस आपातकालीन स्थिति का हवाला दिया था, वह व्यापार घाटे से जुड़ी है और 122 धारा Balance-of-Payments Deficit जैसी अलग परिस्थिति के लिए है.

‘उन्हें अमेरिकी तरीका अपनाना चाहिए’

उन्होंने आगे कहा कि अगर राष्ट्रपति बड़े पैमाने पर ग्लोबल टैरिफ लगाना ही चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए अमेरिकी तरीका अपनाना चाहिए और कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के पास जाना चाहिए. हमारा संविधान भी यही कहता है कि अगर टैरिफ को लेकर ट्रंप के विचार इतने ही अच्छे हैं तो फिर उन्हें मानने में कांग्रेस को कोई भी दिक्कत नहीं होनी चाहिए.

कौन हैं नील कत्याल

वो भारतीय-अमेरिकी वकील हैं. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में उनकी दलीलों ने टैरिफ के मामले में ट्रंप को चित कर दिया था. उन्होंने कोर्ट में कहा कि अमेरिकी संसद के पास व्यापार को विनियमित करने की शक्ति है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इस शक्ति को मनमाने ढंग से इस्तेमाल नहीं कर सकते. इनका जन्म शिकागो में हुआ था और वो भारतीय अप्रवासी परिजन के बेटे हैं. कात्याल ने डार्टमाउथ कॉलेज और येल लॉ स्कूल से ग्रेजुएट हैं.

सिर्फ 55 मिनट में दिल्ली से पहुंच जाएंगे मेरठ, PM मोदी ने नमो भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, जानें क्या-क्या खास…

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अब दिल्ली से मेरठ पहुंचना और भी आसान हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल की पूरी लाइन को हरी झंडी दिखा दी है. 22 फरवरी शाम 6 बजे से यह ट्रेन आम लोगों के लिए शुरू हो जाएगी.

सराय काले खां से मोदीपुरम तक करीब 80 किलोमीटर का सफर अब सिर्फ 55 मिनट में पूरा होगा. यह सुविधा लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है.

पूरा 82 किलोमीटर कॉरिडोर तैयार

दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की कुल लंबाई 82 किलोमीटर है. अब यह पूरा रूट चालू हो गया है. दिल्ली में सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक का हिस्सा भी जोड़ दिया गया है. उत्तर प्रदेश में मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम तक 21 किलोमीटर लंबा मेट्रो ट्रैक भी शुरू हो गया है. इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, हालांकि इसे 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा. यह रेल सेवा साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे शहरों को तेजी से दिल्ली से जोड़ेगी.

देश की सबसे तेज मेरठ मेट्रो

प्रधानमंत्री ने मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवा का भी उद्घाटन किया. खास बात यह है कि मेट्रो और नमो भारत ट्रेन एक ही ट्रैक पर चलेंगी. मेरठ मेट्रो की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. यह सभी स्टेशनों पर रुकते हुए पूरी दूरी लगभग 30 मिनट में तय करेगी. इसे देश की सबसे तेज मेट्रो सेवाओं में से एक माना जा रहा है.

नमो भारत ट्रेन की खास बातें

नमो भारत ट्रेन पूरी तरह एयर कंडीशन्ड है और इसमें छह कोच हैं. यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है. ट्रेन में दो तरह के कोच हैं – प्रीमियम और स्टैंडर्ड.

प्रीमियम कोच में सुविधाएं:

आरामदायक सीटें

मोबाइल चार्जिंग और USB पॉइंट

फायर एक्सटिंग्विशर

लगेज रखने की जगह

ट्रेन की स्पीड और अगले स्टेशन की जानकारी देने वाली स्क्रीन

वेंडिंग मशीन से रिफ्रेशमेंट की सुविधा

स्टैंडर्ड कोच में भी जरूरी सुविधाएं दी गई हैं, लेकिन वेंडिंग मशीन जैसी सुविधा नहीं होगी.

गाजियाबाद, मेरठ और बागपत को फायदा

इस कॉरिडोर से गाजियाबाद, मेरठ और बागपत जैसे शहरों को सीधा फायदा मिलेगा. लोगों को रोजाना सफर में कम समय लगेगा. व्यापार और रोजगार के नए मौके भी बढ़ेंगे. ट्रेन मेरठ मोदीपुरम से शुरू होकर दिल्ली के सराय काले खां तक जाएगी और 13 स्टेशनों से होकर गुजरेगी.

IND vs SA: दक्षिण अफ्रीका के ये 4 खतरनाक खिलाड़ी, टीम इंडिया को रहना होगा सावधान; आज है सुपर-8 का मैच…

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भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीम आज टी20 वर्ल्ड कप 2026 में आमने सामने होंगी. ये सुपर-8 राउंड में ग्रुप 1 का पहला मैच है, जो अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. दोनों टीमें लीग स्टेज में अपने-अपने ग्रुप की टॉपर थी.

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया लगातार 4 मैच जीतकर आ रही है, एडन मार्क्रम एंड टीम भी विजयी रथ पर सवार है. चलिए आपको बताते हैं दक्षिण अफ्रीका के वो 4 प्लेयर्स कौन से हैं, जिनसे भारत को सावधान रहने की जरुरत है. ये मैच विनर प्लेयर्स आज भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में भारत और दक्षिण अफ्रीका ग्रुप 1 में है, इस ग्रुप में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज भी हैं. सभी टीमें लीग स्टेज में एक भी मैच नहीं हारी, इसी वजह से इसे ग्रुप और डेथ कहा जा रहा है. दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एडन मार्क्रम खुद भी शानदार फॉर्म में हैं, वह जारी संस्करण में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं.

एडन मार्क्रम

मार्क्रम शानदार फॉर्म में हैं, जो बड़े मैच के प्लेयर कहे जाते हैं. दक्षिण अफ्रीका के कप्तान अभी तक इस संस्करण में 2 अर्धशतकीय पारियां खेल चुके हैं. उन्होंने कनाडा के खिलाफ 59 रन बनाए थे. न्यूजीलैंड के खिलाफ मार्क्रम ने नाबाद 86 रन बनाए थे. आज भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा वह बन सकते हैं, भारतीय गेंदबाजों को चाहिए कि उन्हें जल्दी आउट करे.

रयान रिकेल्टन

रिकेल्टन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आते हैं, इसलिए उनका रोल और भी ज्यादा महत्वपूर्ण रहता है. वह ऐसे बल्लेबाज हैं, जो कंडीशन और स्थिति को देखकर बल्लेबाजी करते हैं. उन्होंने इस टूर्नामेंट में अफगानिस्तान के गेंदबाजों को अच्छे से खेला था. इससे पता चलता है कि वह अच्छी फॉर्म में हैं. अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने 61 रन बनाए थे. न्यूजीलैंड और यूएई के खिलाफ उन्होंने क्रमश 30 और 21 रन बनाए. उन्होंने भारत के खिलाफ 4 फरवरी को हुए अभ्यास मैच में 44 रन बनाए थे.

मार्को यानसेन

यानसेन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग स्टेज में 40 रन देकर 4 विकेट लिए थे. उन्हें भारत के खिलाफ गेंदबाजी का अच्छा अनुभव है, जिसका आज वह फायदा उठा सकते हैं. वह अभी तक टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेले 3 मैचों में 7 विकेट ले चुके हैं. वह बल्लेबाजी भी ठीक ठाक कर लेते हैं.

लुंगी एनगिडी

एनगिडी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के टॉप विकेट टेकर हैं, जिन्होंने 3 मैचों में 8 विकेट लिए हैं. कनाडा के खिलाफ 4 विकेट लेने वाले एनगिडी ने अफगानिस्तान के खिलाफ 3 विकेट लिए थे. पिछले साल दिसंबर में भारत दौरे पर लुंगी एनगिडी ने शानदार गेंदबाजी की थी, वह पॉवरप्ले में विकेट चटका रहे थे. आज भारत के बल्लेबाजों को उनसे सावधान रहना होगा.

European vs Indian Liver Health: शराब पीने वाले विदेशी का लिवर हेल्दी, न पीने वाले भारतीय को ‘फैटी लिवर’! क्या है इसकी वजह?

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इंसानों और शराब के बीच का रिश्ता हमेशा सीधा-सादा नहीं रहा है. इसमें संस्कृति, सामाजिक आदतें और शरीर की बनावट, तीनों की भूमिका होती है.

हम में से कई लोग सीमित मात्रा में शराब का सेवन करते हैं, लेकिन देश में बड़ी आबादी फैटी लिवर की समस्या से जूझ रही है. अक्सर यह सवाल उठता है कि यूरोपीय लोग हमसे ज्यादा शराब पीते हैं, फिर भी उन्हें इससे उनको दिक्कत कम क्यों होती है? इसी विषय पर डॉक्टर हर्ष व्यास ने एक दिलचस्प जानकारी शेयर की है.

सोशल मीडिया पर शेयर किया जानकारी

इंस्टाग्राम पर शेय एक वीडियो में उन्होंने 37 साल के एक इटालियन और 37 साल के एक भारतीय व्यक्ति की लिवर अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट की तुलना दिखाई, हैरानी की बात यह थी कि जो यूरोपीय व्यक्ति हफ्ते में दो-तीन बार शराब पीता था, उसका लिवर ज्यादा स्वस्थ दिखा, जबकि भारतीय व्यक्ति शराब नहीं पीता था, फिर भी उसके लिवर में फैटी बदलाव नजर आए, डॉ. व्यास के अनुसार इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. सबसे पहला कारण जेनेटिक्स है, उन्होंने बताया कि यूरोपीय लोगों में शराब को तोड़ने वाले एंजाइम, अल्कोहल डिहाइड्रोजनेज और एल्डिहाइड डिहाइड्रोजनेज की सक्रियता बेहतर होती है. इसका मतलब यह है कि शराब से बनने वाले जहरीले तत्व उनके शरीर से जल्दी बाहर निकल जाते हैं. जबकि एशियाई आबादी में ये एंजाइम उतने प्रभावी नहीं होते, जिससे ये हानिकारक तत्व शरीर में ज्यादा समय तक बने रह सकते हैं और धीरे-धीरे बाहर निकलते हैं.

लाइफस्टाइल का भी अहम रोल

दूसरा बड़ा कारण खानपान है. यूरोपियन डाइट में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, मछली और सी-फूड के रूप में हेल्दी फैट, ऑलिव ऑयल और पर्याप्त प्रोटीन शामिल होता है. यानी उनका भोजन संतुलित और पोषण से भरपूर होता है. इसके मुकाबले भारतीय आहार में अक्सर रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, जबकि हेल्दी फैट और प्रोटीन अपेक्षाकृत कम होते हैं. यह अंतर लिवर की सेहत पर असर डाल सकता है. तीसरा अहम पहलू है फिजिकल एक्टिविटी. डॉक्टर ने बताया कि उनके इटालियन मरीज रोज 5 से 6 किलोमीटर पैदल चलता था और इसके अलावा 30 से 40 मिनट एक्सरसाइज भी करता था. वहीं भारत में बड़ी संख्या में लोग रेगुलर एक्सरसाइज नहीं कर पाते और रोज 5 किलोमीटर चलना भी मुश्किल हो जाता है.

डॉ. व्यास का कहना है कि भले ही यूरोपीय लोग शराब पीते हों, लेकिन उनकी लाइफस्टाइल संतुलित और सक्रिय होती है. बेहतर डाइट, नियमित व्यायाम और अनुकूल जेनेटिक कारक मिलकर शरीर को हुए नुकसान की भरपाई करने में मदद करते हैं. जबकि यदि लाइफस्टाइल असंतुलित हो, तो बिना शराब के भी लिवर से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

“एक तरफ जंग की आहट, दूसरी ओर टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला… क्या फिर से बढ़ेगा सोने का भाव?”

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अमेरिका-ईरान के बीच जंग होने को लेकर चर्चाएं जोरो पर है. ऊपर से टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अनिश्चितता का माहौल और गहरा गया है. ऐसे में सेफ हेवेन के रूप में सोने की मांग बढ़ सकती है.

इससे कीमतों में आने वाले समय में उछाल आने की संभावना है.

MCX पर सोने का भाव इस हफ्ते थोड़ा बढ़कर 156,993 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. जबकि पिछले हफ्ते MCX पर इसका बंद भाव 156200 रुपये था. इसी तरह से COMEX पर सोने की कीमत 5080 डॉलर प्रति आउंस पर बंद हुआ, जबकि पिछले शुक्रवार को यह 5043 डॉलर प्रति आउंस पर बंद हुआ था.

फोकस में रहेंगे सोने-चांदी के भाव

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दुनियाभर पर लगाए गए टैरिफ को गैर-कानूनी मानते हुए इसे रद्द कर दिया. इस पर मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से व्यापार को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है. इसके अलावा, US-ईरान के बीच जंग छिड़ने की बढ़ती चर्चा के बीच भू-राजनीतिक तनाव और मैक्रोइकोनॉमिक हालात सोने और चांदी की कीमतों के लिए स्ट्रक्चरल रूप से सपोर्टिव बैकग्राउंड दे रहे हैं.

शनिवार को भी सोने-चांदी की कीमतों मे तेजी देखने को मिली थी. 24-कैरेट से लेकर 22-कैरेट और 18-कैरेट सोने के रेट में मजबूत ट्रेंड रिवर्सल देखने को मिला. 23 फरवरी से शुरू हो रहे नए हफ्ते में निवेशकों की नजर इन्हीं डेवलपमेंट्स पर रहेगी. इनमें थोड़ी सी भी हलचल सोने-चांदी की कीमतों में असर डाल सकते हैं.

US फेड के रेट कट पर अनिश्चितता

अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती को लेकर भी अनिश्चितताएं बनी हुई हैं. Live Mint की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पर बात करते हुए सुगंधा सचदेवा ने कहा कि 2025 की चौथी तिमाही में अमेरिका में जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार सुस्त रही, जो 1.4 परसेंट पर आ गई, जबकि उम्मीद 3 परसेंट की थी.फेडरल रिजर्व के रेट में कटौती की बात को और मजबूती मिली. वहीं, जनवरी में PCE प्राइस इंडेक्स सालाना 2.9 परसेंट बढ़ा, जो 2.8 परसेंट के अनुमान से थोड़ा ज्यादा है, जिससे पता चलता है कि महंगाई का दबाव बना हुआ है.

हालांकि, US फेड के सदस्य अभी ‘वेटएंड वॉच’ के मोड पर हैं. चूंकि महंगाई अभी फेड के 2 परसेंट के लक्ष्य के ऊपर बनी हुई है और रोजगार के आंकड़े भी स्थिर है इसलिए जल्दबाजी में कटौती का फैसला अभी नहीं लिया जा सकता. ऐसे में हो सकता है कि मार्च में फेड रिजर्व ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 3.50-3.75 की सीमा पर स्थिर रखें.

सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट को बढ़ाकर महंगाई को काबू में रखता है. पॉलिसी रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए सेंट्रल बैंक से कर्ज लेना महंगा हो जाता है. ऐसे में ग्राहकों को भी महंगे रेट पर लोन दिया जाता है. इससे बाजार में पैसों का बहाव कम हो जाता है, सामानों की मांग घटती है और महंगाई कम हो जाती है. सुगंधा ने आगे यह भी कहा, “धीमी ग्रोथ और लगातार महंगाई का यह मेल एसेट क्लास में, खासकर कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ा रहा है.”

क्या पीक पर पहुंचेगी सोने की कीमतें?

US-ईरान युद्ध की चर्चा और टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रेड को लेकर अनिश्चितता के बीच क्या सोने की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच जाएंगी? इस पर सुगंधा सचदेवा ने कहा, “टेक्निकली, घरेलू बाजार में सोना 4880 डॉलर प्रति औंस और 1,49,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास अच्छा सपोर्टेड बना हुआ है. अभी इस पर 5100 डॉलर से 5120 डॉलर प्रति औंस और 1,61,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है. इन लेवल से ऊपर लगातार ब्रेक होने पर कीमतें इंटरनेशनल लेवल पर 5350 डॉलर और डोमेस्टिक लेवल पर 1,75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं.