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(Stock Market) में तेजी नजर आई, लेकिन लेकिन 2 मई से 9 मई तक सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट , निवेशकों (FPIs) की गई बिकवाली…

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शेयर बाजार (Stock Market) में तेजी नजर आई, लेकिन लेकिन 2 मई से 9 मई तक सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट देखने को मिली. कारोबारी सप्‍ताह के दौरान सेंसेक्‍स 1.84 फीसदी टूट गया.

वहीं, निफ्टी 50 में 2.32 फीसदी की गिरावट आई. शेयर बाजार में आई इस गिरावट की प्रमुख वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की गई बिकवाली है. शुक्रवार 10 मई को समाप्त हुए कारोबारी हफ्ते में एफपीआई ने करीब 18,380 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. यह पिछले 16 हफ्तों में उनकी सबसे बड़ी बिकवाली है. एफपीआई ने इससे पहले 19 जनवरी 2024 को समाप्त हुए कारोबारी हफ्ते में इससे बड़ी बिकवाली की थी. तब उन्होंने 5 दिनों में 2.4 अरब डॉलर के भारतीय शेयर बेचे थे. कारोबारी सप्‍ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को भी विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की.

शुक्रवार को FPI ने 25.4 करोड़ डॉलर (करीब 2,100 करोड़ रुपये) की इक्विटी बेची. दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों ने कारोबारी हफ्तेके दौरान 2 अरब डॉलर से कुछ अधिक की खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ राहत मिली. भारतीय शेयर बाजार में FPIs पिछले सात दिनों से शुद्ध बिकवाल बने रहे. एफपीआई के भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालने के पीछे कई कारण हैं. लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर अनिश्चिततता, चीन और हांगकांग के बाजारों का अच्‍छा प्रदर्शन और भारत तथा दूसरे बाजारों के बीच आया वैल्‍यूएशन गैप कुछ प्रमुख कारण हैं, जिनके वजह से एफपीआई बिकवाल बने हुए हैं.

क्‍यों भाग रहे हैं उल्‍टे पैर
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, जियोजित फाइनेंशिनेंयल सर्विसेज के मुख्यनिवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा,”जब तक चीन और हांगकांग के बाजारों का इस तरह बेहतर प्रदर्शन जारी रहेगा, FPI की बिकवाली जारी रहने की संभावना है.” चीनी शेयर मार्केट का बेंचमार्क इंडेक्स- शंघाई कंपोजिट – पिछले एक महीने के दौरान 4.5% तक बढ़ गया हैऋ. इसी तरह, हांगकांग का हैंग सेंग पिछले एक महीने में 13.4% बढ़ा है. इसकी तुलना में बेंचमार्क निफ्टी-50 में इस अवधि के 2.1 फीसदी की गिरावट आई.

बाजार जानकारों का कहना है कि भारत और दूसरे शेयर बाजारों के बीच वैल्यूएशन गैप भी हाल में काफी बढ़ा है. ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल में अगले साल की अपनी अनुमानित कमाई के 19.2 गुना पर कारोबार कर रहा है, जबकि शंघाई कंपोजिट इंडेक्स का वैल्यूएशन 11.1 गुना है. इसके अलावा, हैंग सेंग अगले साल की अपनी अनुमानित कमाई के 9.2 गुना पर काफी सस्ता है.

अफगानिस्तान में बारिश के बाद बाढ़ से तबाही, 50 लोगों की मौत, कई लापता

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अफगानिस्तान में बारिश के बाद बाढ़ से तबाही, 50 लोगों की मौत, कई लापता

स्लामाबाद. अफगानिस्तान के बघलान प्रांत में बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ में शुक्रवार को कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई. बघलान में प्राकृतिक आपदा प्रबंधन के प्रांतीय निदेशक इदायतुल्ला हमदर्द ने बताया कि बाढ़ से घरों और संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि बाढ़ आने के बाद से अनेक लोग लापता हैं, जिससे मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है. प्राकृतिक आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल्ला जानान सैक ने कहा कि बाढ़ का असर राजधानी काबुल पर भी पड़ा है. उन्होंने बताया कि बचाव टीम भोजन और अन्य सहायता भी पहुंचा रही हैं. सैक ने कहा कि अधिकारियों का पूरा ध्यान बचाव अभियान पर है और वह हताहतों की संख्या तथा बाढ़ से हुए नुकसान के बारे में बाद में सटीक जानकारी दे पाएंगे. पिछले माह भी देश में भारी बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई थी तथा लगभग 2000 घर, तीन मस्जिदें और चार स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए थे. सैक ने बताया कि हजारों लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत है.

डिजिटल इंडिया में बिना परीक्षा नौकरी पाने का मौका, करना है ये काम…

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डिजिटल इंडिया में बिना परीक्षा नौकरी पाने का मौका, करना है ये काम…

डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन में नौकरी की चाहत रखने वाले उम्मीदवारों के लिए गुड न्यूज है. इसके लिए डिजिटल इंडिया ने फुल स्टैक डेवलपर्स – रिएक्ट और नोड जेएस, क्यूए टेस्टर, यूएक्स डिजाइनर, सिक्योरिटी इंजीनियर और मैनेजर/डिप्टी मैनेजर ऑनबोर्डिंग तकनीकी असिस्टेंट के पदों के लिए बहाली निकाली है.

अगर आप भी इन पदों से संबंधित योग्यता रखते हैं, तो आधिकारिक वेबसाइट dic.gov.in के जरिए डिजिटल इंडिया के लिए आवेदन कर सकते हैं.

डिजिटल इंडिया के इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और उम्मीदवार 31 मई तक आवेदन कर सकते हैं. इस भर्ती के माध्यम से कुल 16 पदों पर बहाली की जाने वाली है. अगर आप भी डिजिटल इंडिया में नौकरी पाने की ख्वाहिश रखते हैं, तो नीचे दिए गए इन बातों को ध्यान से पढ़ें.

डिजिटल इंडिया में कौन करेगा अप्लाई
डिजिटल इंडिया के इस भर्ती के लिए जो भी उम्मीदवार आवेदन कर रहे हैं, उनके पास किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से बी.ई./बी.टेक (कंप्यूटर विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार), एमसीए की डिग्री होनी चाहिए.

डिजिटल इंडिया में नौकरी पाने की आयु सीमा
डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन भर्ती 2024 के जो भी आवेदन कर रहे हैं, उनकी न्यूनतम आयु सीमा 25 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष होनी चाहिए. तभी वे आवेदन करने के योग्य होंगे.

डिजिटल इंडिया में ऐसे मिलेगी नौकरी
आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार जो कोई भी डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के इस भर्ती के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनका चयन इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा.
यहां देखें नोटिफिकेशन और आवेदन लिंक
DIC Recruitment 2024 नोटिफिकेशन
DIC Recruitment 2024 के लिए अप्लाई करने का लिंक

डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन भर्ती के लिए अन्य जानकारी
डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के इस भर्ती के माध्यम से जिस किसी भी उम्मीदवार का चयन होता है, उन्हें नई दिल्ली में तैनात किया जाएगा. लेकिन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन की मौजूदा नीति के अनुसार डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के प्रोजेक्ट स्थानों पर ट्रांसफर भी किया जा सकता है.

महाराष्ट्र : लोकसभा चुनाव के बाद कई क्षेत्रीय दलों का कांग्रेस में विलय , राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता शरद पवार…

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हाराष्ट्र की आधी से अधिक लोकसभा सीटों पर मतदान होने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता शरद पवार ने क्षेत्रीय दलों के लिए एक नया शगूफा छोड़ दिया है। उनका मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद कई क्षेत्रीय दलों का कांग्रेस में विलय हो सकता है।

भले ही पवार के लिए यह पहला अवसर न हो, मगर अनेक राजनीतिक दलों को इस विचार पर कई बार सोचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह चुनाव के बीच विपक्ष के आत्मविश्वास को कम करता है, जिससे कुछ दलों को बचना भी जरूरी हो चला है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने अपने राजनीतिक कैरियर में कांग्रेस से अलग होकर दो बार अलग दलों का गठन किया। पहली बार तो मुख्यमंत्री का पद पाया और दूसरी बार केंद्र में मंत्री बने। पहले मौके में कांग्रेस से अलग कुछ साल राजनीति करने के बाद समय ऐसा आया कि पवार को भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की उपस्थिति में तत्कालीन औरंगाबाद की एक जनसभा में कांग्रेस में दोबारा शामिल होना पड़ा।

कुछ साल बाद वर्ष 1999 में फिर वह कांग्रेस से अलग हुए और राकांपा का गठन किया। इस बार विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की सत्ता में खुद की जगह न बनाते हुए अपने भतीजे अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद दिलाया। खुद केंद्र सरकार में मंत्री बने। तब से बीते करीब 25 सालों में शरद पवार अपनी पार्टी के बारे में अलग-अलग बयान दे चुके हैं। यहां तक कि पिछले साल मई माह में दिया इस्तीफा भी पार्टी के भविष्य की ओर संकेत था।

किंतु पासा उल्टा पड़ने पर वह बात आगे नहीं बढ़ पाई और त्याग-पत्र वापस लेकर पद पर बने रहना पड़ा। कुछ माह बाद उनके भतीजे अजित पवार ने जरूर पार्टी को तोड़ दिया। तब से उनके विचारों में अनेक प्रकार के उतार-चढ़ाव आ रहे हैं। कभी वह खुद को बूढ़ा मानने से इंकार करते हैं, तो कभी नए लोगों के साथ उदारता दिखाते रहे।

किंतु ताजा अवसर में कांग्रेस में विलय को लेकर उन्होंने केवल खुद की चिंता नहीं की है, बल्कि अपने विचार के अनुरूप छोटे दलों की सोच को माना।

लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी विरुद्ध क्षेत्रीय नेता हो चला है। किंतु पवार के समक्ष ऐसी कौन-सी मजबूरी है जिसमें उन्हें सार्वजनिक रूप से कांग्रेस में विलय का विचार रखना पड़ता है। स्थिति तो यहां तक भी है कि वह जिन दस लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, उनमें से आधी सीटों पर भी मतदान तक पूरा नहीं हुआ है।

स्पष्ट रूप से यह पवार की अंदरूनी बेचैनी है, जो राकांपा के टूटने से लेकर परिवार में ननद-भाभी के मुकाबले तक आ पहुंची है। जिस पर मतदान के बाद कोई भी आत्मविश्वास से नहीं कह पा रहा है कि चुनाव में उनका पलड़ा भारी रहा है।

इस स्थिति में एक तरफ जहां परिवार है तो दूसरी तरफ पार्टी है। एक ओर बेटी का राजनीतिक भविष्य है तो दूसरी ओर अपने ही निष्ठावानों की बगावत से बनी पार्टी है। इस गंभीर संकट के बीच पवार के समक्ष एक ही विचार कांग्रेस में विलय का आ सकता है, क्योंकि वह गांधी-नेहरू के दर्शन को मानते हैं. भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलने पर विचारों के साथ अस्तित्व का संकट भी खड़ा होगा।

ऐसे में यह सोच कांग्रेस और महाराष्ट्र तक सीमित हो तो कुछ सीमाओं में कारगर साबित हो सकती है। किंतु इसे देश के समूचे परिदृश्य में व्यापक नहीं बनाया जा सकता है, क्योंकि अनेक राज्यों में क्षेत्रीय दल संघर्षरत हैं। वह संकटों से गुजरकर अपना वजूद बनाए हुए हैं।

उनके नेता कभी भी विलय का विचार सामने नहीं लाते हैं. विशेष रूप से कांग्रेस के साथ विलय का सपना तो गलती से भी देखा नहीं जाता है। ज्यादातर राज्यों में क्षेत्रीय दलों का अस्तित्व ही कांग्रेस के मुकाबले से तैयार हुआ। उन्होंने परिस्थिति अनुसार कांग्रेस के साथ गठबंधन किया या चुनावी समझौते किए, लेकिन अपने वजूद को खत्म करने की बात कभी नहीं की।

जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस या पीडीपी, पंजाब में अकाली दल, हरियाणा में लोकदल, आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी या राष्ट्रीय लोकदल, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल यूनाइटेड, कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर, ओडिशा में बीजू जनता दल जैसे अनेक दल अपनी हिम्मत और ताकत के आधार पर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

वे किसी समझौते की बात नहीं करते हैं। सभी साथ मिलकर सरकार बनाने के लिए तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस से मिलने के लिए तैयार नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी और महाराष्ट्र में शिवसेना का उद्धव ठाकरे गुट तो किसी सूरत में कांग्रेस के आगे झुकने की बात नहीं करता है। दोनों दल वर्तमान में ‘इंडिया’ में रहकर अपनी मर्जी की सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।

ताजा लोकसभा चुनाव में राकांपा के दोनों गुट नुकसान में हैं। महाविकास आघाड़ी में जहां राकांपा के शरद पवार गुट को दस सीटें मिलीं, वहीं महागठबंधन में राकांपा अजित पवार को मात्र पांच सीटें मिलीं। पांच में से एक राष्ट्रीय समाज पार्टी को देनी पड़ी। लिहाजा दोनों राकांपा को मिलाकर केवल 14 सीटों पर ही चुनाव लड़ने का अवसर मिला। पिछली बार वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन में राकांपा ने 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था।

उससे पहले वर्ष 2014 में भी यही फार्मूला था। लिहाजा राकांपा को राजनीतिक और शरद पवार को पारिवारिक दृष्टि से नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। रिश्ते इतने तल्ख होते जा रहे हैं कि उनमें सुधार लाने में काफी समय लग जाएगा।

इस दिशा में एक प्रयास पार्टी का विलय हो सकता है, जिसके लिए राकांपा के समक्ष कांग्रेस से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता है। यह शरद पवार के पुराने अनुभव के अनुरूप होगा। बस इस सोच को विस्तार नहीं दिया जा सकता है, क्योंकि देश के अनेक छोटे दल कभी खुद को छोटा नहीं मानते हैं।

करतारपुर साहिब को लेकर बोले जयशंकर, वहां जाने वाले भारतीयों से नहीं लिया जाना चाहिए कोई शुल्क…

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करतारपुर साहिब को लेकर बोले जयशंकर, वहां जाने वाले भारतीयों से नहीं लिया जाना चाहिए कोई शुल्क…

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि भारतीयों को करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए 20 अमेरिकी डॉलर का शुल्क देना पड़ता है, जो पाकिस्तान द्वारा लगाया गया है, लेकिन इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।

जयशंकर ने अमृतसर में एक इंटरैक्टिव सत्र के दौरान यह बात कही।

जयशंकर ने स्पष्ट किया कि “करतारपुर केवल हमारे हाथ में नहीं है। हमें पाकिस्तान के साथ एक समझौता करना होगा।” उन्होंने आगे कहा, “जो 20 डॉलर का शुल्क मुझे याद है, यह हमारे द्वारा लागू नहीं किया गया था, यह पाकिस्तान द्वारा लागू किया गया था।” जयशंकर ने यह भी बताया कि करतारपुर साहिब के लिए अब अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार करने के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा, “करतारपुर साहब जाने के लिए हमें अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार करनी पड़ती हैं। हमने पहले ही वीजा बंद कर दिया है, वीजा की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन चूँकि हम अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ पार कर रहे हैं, इसलिए लोगों के हाथ में पासपोर्ट होना ज़रूरी है। ऐसे कई लोग हैं जो करतारपुर साहिब जाना चाहते हैं लेकिन उनके पास पासपोर्ट नहीं है, इसलिए हम उनकी आकांक्षाओं को पूरी तरह से समझते हैं।”

इसके अलावा जयशंकर ने करतारपुर कॉरिडोर पर उनके द्वारा लगाए गए शुल्क के संबंध में पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ चर्चा करने का इरादा व्यक्त किया। जयशंकर ने कहा, “और जहां तक ​​इस बात की बात है कि इस पर कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए, तो मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि हम इस मामले पर पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ चर्चा करने का प्रयास करेंगे और इस पर किसी निर्णय पर पहुंचने का प्रयास करेंगे।”

करतारपुर गांव रावी नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है, जहां श्री गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम 18 वर्ष बिताए थे। भारतीय गृह मंत्रालय के अनुसार, गुरुद्वारा डेरा बाबा नानक भारत-पाकिस्तान सीमा से लगभग 1 किमी दूर और रावी नदी के पूर्वी तट पर है।

डेरा बाबा नानक-श्री करतारपुर साहिब गलियारे के भारतीय हिस्से में डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक 4।1 किलोमीटर लंबा, चार लेन वाला राजमार्ग और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल भवन (पीटीबी) शामिल है।

डेरा बाबा नानक भारत के पंजाब राज्य के गुरदासपुर जिले में स्थित एक शहर है। श्री गुरु नानक देव जी के अनुयायियों ने इस शहर का निर्माण किया और अपने महान आध्यात्मिक नेता के नाम पर इसका नाम डेरा बाबा नानक रखा।

Arvind Kejriwal: सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद का चुनावी कार्यक्रम…

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Arvind Kejriwal: सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद का चुनावी कार्यक्रम…

सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से बाहर आने के एक दिन बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज कनॉट प्लेस में हनुमान मंदिर जाएंगे। मुख्यमंत्री का दिन में बाद में दिल्ली में आम आदमी पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का भी कार्यक्रम है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने शुक्रवार को कहा कि वह शाम को दक्षिणी दिल्ली में एक रोड शो में भी हिस्सा लेंगे। आम चुनाव के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के कुछ दिनों बाद 21 मार्च को उत्पाद शुल्क नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में 50 से अधिक दिन बिताए। जमानत 1 जून तक लागू है और केजरीवाल को 2 जून को अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। केजरीवाल चुनाव प्रचार में भाग ले सकते हैं लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं हो सकते। केजरीवाल ने शुक्रवार को जेल से अपने आवास पर समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, “मैंने जल्द ही वापस आने का वादा किया था, मैं यहां हूं।” उन्होंने कहा, “मैं आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं। देशभर में करोड़ों-करोड़ों लोगों ने मेरे लिए प्रार्थना की। मैं सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं जिनकी वजह से मैं यहां आपके साथ खड़ा हूं। मेरी आप सभी से बस एक ही प्रार्थना है कि हमें मिलकर देश को तानाशाही से बचाना चाहिए।” अरविंद केजरीवाल ने ये भी कहा, “मेरे पास जो कुछ भी है, मैं तानाशाही के खिलाफ लड़ रहा हूं और उसका विरोध कर रहा हूं। लेकिन 140 करोड़ लोगों को तानाशाही के खिलाफ लड़ना होगा।” केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने उनकी जमानत को लोकतंत्र की जीत बताया। देशभर में इंडी गठबंधन से जुड़े विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के कंधमाल में चुनावी सभा को संबोधित किया।

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लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के कंधमाल में थे। यहां उन्होंने एक चुनावी सभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बार-बार कांग्रेस अपने ही देश को डराने की कोशिश करती है। वे कहते हैं ‘संभल के चलो पाकिस्तान के पास परमाणु बम है। पीएम ने कहा कि यह मरे पड़े लोग देश के मन को भी मार रहे हैं। वे पाकिस्तान के बम के बारे में बात करते हैं, लेकिन पाकिस्तान की हालत ऐसी है कि उन्हें नहीं पता कि इसे कैसे रखा जाए और वे अपने बम बेचने के लिए खरीदार की तलाश कर रहे हैं, लेकिन कोई भी उन्हें खरीदना नहीं चाहता है क्योंकि लोगों को भी पता है कि इनके बम में दम नहीं है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि कांग्रेस के इसी कमजोर रवैये के कारण जम्मू-कश्मीर के लोगों ने 60 साल तक आतंक भुगता है। देश ने कितने आतंकी हमले झेले हैं। देश भूल नहीं सकता कि आतंकियों को सबक सिखाने के बजाय। ये लोग आतंकी संगठनों के साथ बैठकें करते थे। 26/11 के मुंबई हमले के बाद इन लोगों की हिम्मत नहीं पड़ी, कि आतंक के सरपरस्तों पर कार्रवाई करें। और क्यों? क्योंकि कांग्रेस और इंडी गठबंधन को लगता था कि अगर हम कार्रवाई करेंगे तो हमारा वोटबैंक नाराज हो जाएगा। पीएम ने कहा कि 26 साल पहले आज ही के दिन अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। और हमनें ये दिखा दिया था कि देशभक्ति से ओत-प्रोत सरकार देशहित के लिए, देश की सुरक्षा के लिए, देश के लोगों को आशा-अपेक्षा के लिए कैसे काम करती है। पीएम ने कहा कि यहां राज्य भाजपा भी उड़िया भाषा और उड़िया संस्कृति के प्रति समर्पित है। ऐसा कोई बेटा या बेटी जो ओडिशा की मिट्टी से निकला हो, यहां की संस्कृति को समझता है, उसका भाजपा का मुख्यमंत्री बनना तय है। मैं आपको 10 जून को भुवनेश्वर में भाजपा की सरकार के मुख्यमंत्री के शपथ समारोह का निमंत्रण देने आया हूं।

Vinayak Chaturthi 2024: विनायक चतुर्थी पर सौभाग्य-समृद्धि में वृद्धि, शिक्षा में प्रगति के लिए करें 3 उपाय…

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Vinayak Chaturthi 2024: विनायक चतुर्थी पर सौभाग्य-समृद्धि में वृद्धि, शिक्षा में प्रगति के लिए करें 3 उपाय…

हिन्दू धर्म में चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को समर्पित है। हिन्दू पंचांग में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की दो चतुर्थी होती हैं। इन दोनों पक्षों की चतुर्थी तिथि को विधि-विधान से गणेशजी की पूजा-आराधना की जाती है।

बता दें, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को ‘संकष्टी चतुर्थी’ और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को ‘विनायक चतुर्थी’ कहते हैं। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 11 मई, 2024 को पड़ रही है। आइए जानते हैं, विनायक चतुर्थी को किए जाने वाले 3 खास उपाय, जो सौभाग्य-समृद्धि में वृद्धि और शिक्षा में प्रगति के लिए काफी प्रभावी सिद्ध हो सकते हैं। आइए जानते हैं, इस दिन किए जाने वाले 3 विशेष और प्रभावशाली उपाय।

विनायक चतुर्थी पर किए जाने वाले उपाय

सौभाग्य में वृद्धि के उपाय

विनायक चतुर्थी के दिन दान-पुण्य करने से भगवान गणपति विशेष रूप से कृपा बरसाते हैं। विनायक चतुर्थी को उपवास रखकर पूरे विधि-विधान से गणेशजी की पूजा करें। जरुरतमंदों को भोजन, कपड़े और धन का दान करने से गणेशजी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं। इस दिन मोदक और लड्डू बांटने से भी सौभाग्य में वृद्धि होती है।

समृद्धि में वृद्धि के उपाय

समृद्धि में वृद्धि के लिए विनायक चतुर्थी के दिन गणेशजी को प्रसन्न करने के लिए दूर्वा घास का उपाय कर सकते हैं। हरी और ताजी दूर्वा घास की दो-दो तिनकों को धागे से बांधें और कुल 22 तिनकों से 11 गट्ठर बना कर गणेश-स्तोत्र का पाठ करते हुए गणेशजी को पूरी निष्ठा से अर्पित करें। शीघ्र ही धन-संकट दूर हो जाएंगे। विनायक चतुर्थी को गणपतिजी को शमी की पत्तियां चढ़ाने से भी आर्थिक संकट दूर होते हैं।

शिक्षा में प्रगति के उपाय

भगवान श्री गणेश विद्या और बुद्धि के देवता हैं। कहते हैं, जिस पर उनकी कृपा हो जाती है, वह व्यक्ति यदि मूर्ख भी है, तो थोड़े समय में विद्वान हो जाता है। विनायक चतुर्थी के दिन आप अपने घर में गणेशजी की कृपा पाने के लिए ‘गणेश यंत्र’ की स्थापना कर सकते हैं। मान्यता है कि इस यंत्र के प्रभाव से व्यक्ति को विद्या और बुद्धि के साथ समृद्धि और सौभाग्य भी प्राप्त होता है।

Petrol Diesel Price Today: जारी हुई पेट्रोल-डीजल की कीमत, जानें अपने शहर में ईंधन के दाम…

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Petrol Diesel Price Today: जारी हुई पेट्रोल-डीजल की कीमत, जानें अपने शहर में ईंधन के दाम…

देश भर में आज यानी 11 मई, शनिवार को पेट्रोल और डीजल की नई कीमत जारी हो चुकी है। केंद्र की मोदी सरकार की ओर से एलपीजी सिलेंडर के बाद ईंधन के दाम में कटौती की गई है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमत में किसी तरह का कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत तय किए जाते हैं।

महानगरों में पेट्रोल की कीमत

  1. राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के रेट 94.76 रुपये है।
  2. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 104.19 रुपये है।
  3. कोलकाता में पेट्रोल के रेट 103.93 रुपये है।
  4. चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 100.75 रुपये है।

महानगरों में डीजल की कीमत

  1. मुंबई में डीजल की कीमत 92.13 रुपये है।
  2. राजधानी दिल्ली में डीजल के रेट 87.62 रुपये है।
  3. कोलकाता में डीजल के रेट 90.74 रुपये है।
  4. चेन्नई में डीजल की कीमत 92.32 रुपये है।

शहरों में क्या है प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल की कीमत?

शहर पेट्रोल की कीमत डीजल की कीमत
नोएडा 94.66 87.76
गुड़गांव 94.90 87.76
लखनऊ 94.56 87.66
कानपुर 94.50 88.86
प्रयागराज 95.28 88.45
आगरा 94.47 87.53
वाराणसी 95.07 87.76
मथुरा 94.41 87.19
मेरठ 94.34 87.38
गाजियाबाद 94.65 87.75
गोरखपुर 94.97 88.13
पटना 106.06 92.87
जयपुर 104.85 90.32
हैदराबाद 107.41 95.65
बेंगलुरु 99.84 85.93
भुवनेश्वर 101.06 92.64
चंडीगढ़ 94.64 82.40

कैसे चेक करें पेट्रोल-डीजल के नए रेट?

पेट्रोल और डीजल के नए रेट अगर आप घर बैठे चेक करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको भारतीय ऑयल कंपनी की ऑफिशियल साइट पर जाना होगा। आप चाहें तो SMS के माध्यम से भी ईंधन के रेट चेक कर सकते हैं। इंडियन ऑयल के नंबर- 9224992249 पर RSP और शहर का पिन कोड मैसेज करके ईंधन के रेट का पता कर सकते हैं। जबकि, BPCL को 9223112222 पर इसी तरह का मैसेज करना होगा। HPCL के ग्राहकों को 9222201122 पर HPPrice और अपने शहर का पिन कोड मैसेज करके फ्यूल रेट का पता करें।

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CM अरविंद केजरीवाल : दिल्ली शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल को अंतरिम जमानत…

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CM अरविंद केजरीवाल : दिल्ली शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल को अंतरिम जमानत…

दिल्ली शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी है. उन्हें ये जमानत चुनाव प्रचार करने के लिए मिली है. महज एक जून तक का समय दिया हुआ है. बता दें कि केजरीवाल ने जुलाई तक के लिए समय मांगा था. लेकिन जुलाई तक समय देने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है. अब सुप्रीम कोर्ट का आर्डर ट्रायल कोर्ट में भेजा जाएगा. फिर ट्रायल कोर्ट से रिलीज आर्डर तिहाड़ जेल प्रशासन को भेजा जाएगा. माना जा रहा है कि केजरीवाल आज कोर्ट से रिहा हो जाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से पूछे सवाल

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट नेदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करते ED से  कई सवाल पूछे थे. ईडी से सवाल किया कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में गवाहों, आरोपियों से सीधे प्रासंगिक सवाल क्यों नहीं पूछे गए? कोर्ट ने ईडी द्वारा जांच में लिए गए समय पर सवाल उठाया और कहा कि उसने चीजों को सामने लाने में दो साल लगा दिए.

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा 

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि केजरीवाल को डेढ़ साल तक गिरफ्तार नहीं किया गया. अरविंद केजरीवाल को पहले भी गिरफ्तार किया जा सकता था. 21 दिनों की जमानत से कुछ नहीं होगा. कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एक जून तक वे बाहर रहेंगे. लेकिन केजरीवाल को दो जून को सरेंडर करना पड़ेगा. कोर्ट ने आगे कहा कि हमें कोई समान लाइन नहीं खींचनी चाहिए. उन्हें मार्च में गिरफ़्तार किया गया था और गिरफ़्तारी पहले या बाद में भी हो सकती थी. ईडी ने इस फैसले को समानता के नियम के खिलाफ बताते हुए कहा है कि यह संभव नहीं है कि एक छोटे किसान या एक छोटे कारोबारी का काम रोक दिया जाए और एक नेता को चुनाव प्रचार की अनुमति दे दी जाए. ये वही केजरीवाल थे, जिन्होंने ईडी के समन को चुनाव प्रचार का हवाला देते हुए दरकिनार कर दिया था.