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” इन्फ्लुएंसर मीट से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक पहचान, डिजिटल मंचों पर गूंजेंगी प्रदेश की खूबसूरती…”

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” पाँच दिवसीय फेम टूर में मैनपाट, सतरेंगा और रामगढ़ महोत्सव का अनुभव ले रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, करोड़ों दर्शकों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय वैभव” 

डिजिटल माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड द्वारा 26 से 30 जून 2026 तक पाँच दिवसीय “इन्फ्लुएंसर मीट एवं फेमिलराइजेशन (फेम) टूर” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि उनके माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार देश और दुनिया तक पहुंच सके।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन मैनपाट, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सतरेंगा तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के रामगढ़ महोत्सव का भ्रमण कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान इन्फ्लुएंसर्स प्राकृतिक छटा, जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक लोककलाओं, पर्यटन सुविधाओं और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही वे विभिन्न डिजिटल मंचों के लिए आकर्षक फोटो, वीडियो और रचनात्मक सामग्री तैयार कर रहे हैं, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की विशेषताएं लाखों दर्शकों तक पहुंचेंगी।

मैनपाट अपनी मनोहारी वादियों, तिब्बती संस्कृति, झरनों और प्राकृतिक आकर्षणों के कारण प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विशेष स्थान रखता है। वहीं सतरेंगा इको-टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ गंतव्य है, जहां विशाल जलाशय, प्राकृतिक वातावरण और रोमांचक गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इसके साथ ही रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से प्रतिभागी छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं और ऐतिहासिक विरासत से भी रूबरू हो रहे हैं।

यह आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा के नेतृत्व, प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य के सक्षम संचालन तथा उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा के निर्देशन में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड की टीम द्वारा सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। आयोजन का अंतिम दिन 30 जून को निर्धारित है।

डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर्यटन प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। ऐसे में इस इन्फ्लुएंसर मीट के माध्यम से तैयार की जा रही डिजिटल सामग्री छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के करोड़ों लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता और दृश्यता बढ़ेगी, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, हस्तशिल्प, लोककला, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

इस प्रकार के नवाचार आधारित प्रचार अभियान राज्य को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आगामी समय में भी पर्यटन के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे अभिनव प्रयास निरंतर किए जाते रहेंगे।

”  यूरिया वितरण में किसानों को बड़ी राहत ” ” पिछले साल जितनी मात्रा इस बार भी मिलेगी “

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खरीफ सीजन में किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने उर्वरक वितरण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।

कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार अब पात्र किसानों को खरीफ 2025 में मिली यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे किसानों को समय पर खाद मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

प्रदेश में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए पहले लागू कुछ प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार यूरिया का वितरण किया जाएगा।”

यदि संबंधित सहकारी समिति में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तो किसानों को एकमुश्त यूरिया दिया जाएगा। वहीं, स्टॉक सीमित होने की स्थिति में उपलब्ध मात्रा पहले वितरित की जाएगी और शेष यूरिया बाद में स्टॉक पहुंचते ही संबंधित किसान को उपलब्ध कराया जाएगा।”

शासन ने स्पष्ट किया है कि डीएपी उर्वरक के वितरण की पूर्व व्यवस्था यथावत लागू रहेगी, जबकि संशोधित निर्देश केवल यूरिया वितरण के लिए प्रभावी होंगे। इसका उद्देश्य उर्वरकों का संतुलित और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।”

राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों, कृषि विभाग के अधिकारियों तथा सहकारी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि संशोधित व्यवस्था का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करें।”

सरकार का मानना है कि समय पर और सुचारु रूप से यूरिया उपलब्ध होने से खरीफ फसलों की बुवाई और पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होगी तथा किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की उर्वरक संकट की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।”

” मोर अंगना के शोर साझा बाल काव्य संग्रह का हुआ विमोचन” साहित्य और तकनीक के अभिनव समन्वय (क्यूआर कोड) की हुई सराहना “

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” बाल साहित्य और नई शिक्षा नीति को मिलेगा नया आयाम”

– वन मंत्री केदार कश्यप**

छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज राजधानी रायपुर के वृंदावन भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने साझा बाल काव्य संग्रह मोर अंगना के शोर का विमोचन किया और सभी संबंधित रचनाकारों व शिक्षकों को सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास शिक्षा, संस्कार और साहित्य के माध्यम से ही संभव है। बाल साहित्य हमारी नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का काम करता है।

NEP और FLN के उद्देश्यों को मिलेगी मजबूती

मंत्री श्री कश्यप ने पुस्तक की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोर अंगना के शोर केवल कविताओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह बच्चों की कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्यों और भाषा कौशल को विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। यह अभिनव प्रयास नई शिक्षा नीति (NEP) और बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN)उद्देश्यों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

तकनीक और साहित्य का अनूठा संगमर- क्यूआर कोड आधारित नवाचार

इस बाल काव्य संग्रह की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल तकनीकी नवाचार है। पुस्तक में प्रत्येक कविता के साथ एक क्यूआर (QR) कोड जोड़ा गया है। इस पहल की सराहना करते हुए वन मंत्री ने कहा कि इससे बच्चे केवल कविताओं को पढ़ेंगे ही नहीं, बल्कि उन्हें सुनकर भी सीख सकेंगे। यह साहित्य और तकनीक का एक बेहतरीन समन्वय है जो शिक्षा को अधिक रोचक, सरल और समावेशी बनाएगा। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि यह अनूठी पहल दिव्यांग बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी, जिससे वे भी समान रूप से सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे।

राष्ट्र निर्माण में सामूहिक प्रयासों की भूमिका

मंत्री श्री कश्यप ने पुस्तक के संपादक श्री वीरेंद्र कुमार साहू, सभी लेखकों, शिक्षकों एवं सहयोगियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा, साहित्य और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तब राष्ट्र निर्माण की दिशा और अधिक मजबूत होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्मोर अंगना के शोरश् छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश में बाल साहित्य के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण बनेगी।

इस विमोचन एवं सम्मान समारोह में स्थानीय विधायक एवं पद्मश्री अनुज शर्मा, श्री अमित चिमलानी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में साहित्यकार, रचनाकार और शिक्षक गण उपस्थित रहे।

” नैनो उर्वरक- छत्तीसगढ़ के खेती-किसानी में आई नई क्रांति” किसान भईयों को कम लागत में होगी अधिक पैदावारी”

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छत्तीसगढ़ को देश का धान का कटोरा कहा जाता है। यहां की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है और किसानों की समृद्धि राज्य के विकास से सीधे जुड़ी हुई है। बदलते समय के साथ खेती में नई तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है, जिनमें नैनो उर्वरक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में उभरा है। कम लागत, अधिक प्रभाव और पर्यावरण संरक्षण जैसे गुणों के कारण नैनो उर्वरक आज किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा हैं।

नैनो उर्वरक अत्यंत सूक्ष्म कणों से निर्मित होते हैं, जिन्हें पौधे तेजी से और अधिक मात्रा में अवशोषित कर लेते हैं। इसके कारण पौधों को आवश्यक पोषक तत्व सही समय पर उपलब्ध हो जाते हैं और फसलों का विकास बेहतर तरीके से होता है। पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में इनकी मात्रा कम लगती है, जिससे किसानों का खर्च घटता है और उत्पादन में वृद्धि होती है।

छत्तीसगढ़ में धान, मक्का, चना, अरहर तथा सब्जी फसलों में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है। प्रदेश में कई किसानों ने अनुभव किया है कि नैनो उर्वरकों के प्रयोग से फसल की पैदावार बेहतर होती है, पौधे अधिक हरे-भरे रहते हैं और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होता है।

नैनो उर्वरकों का एक बड़ा लाभ यह भी है कि इनके उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव कम पड़ता है। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से जहां भूमि की गुणवत्ता प्रभावित होती है, वहीं नैनो उर्वरक संतुलित पोषण प्रदान कर मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायता करते हैं। साथ ही जल स्रोतों में रासायनिक तत्वों के बहाव को भी कम करते हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।

परिवहन और भंडारण की दृष्टि से भी नैनो उर्वरक काफी सुविधाजनक हैं। पारंपरिक उर्वरकों की भारी बोरियों की जगह छोटी बोतलों में उपलब्ध नैनो उर्वरक किसानों के लिए आसानी से ले जाने और उपयोग करने योग्य होते हैं। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है।

छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नैनो डीएपी और नैनो यूरिया जैसे उन्नत उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देकर खेती को अधिक उत्पादक, किफायती और टिकाऊ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित खेती ही भविष्य की कृषि का आधार है। नैनो उर्वरकों का उपयोग न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।

छत्तीसगढ़ सरकार तथा कृषि विभाग किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं। इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ने भी राज्य के किसानों से अपील की है कि वे वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और नवीन तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाएं। उन्होंने किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक होने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार इनका प्रयोग करने का आग्रह किया है, ताकि उत्पादन बढ़े, लागत घटे और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।

वर्तमान में कृषि क्षेत्र में बढ़ती लागत और संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बीच नैनो उर्वरक किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर सामने आए हैं। यह तकनीक कम खर्च में बेहतर उत्पादन, स्वस्थ मिट्टी और सुरक्षित पर्यावरण का मार्ग प्रशस्त करती है। यदि छत्तीसगढ़ के किसान वैज्ञानिक सलाह और संतुलित उपयोग के साथ नैनो उर्वरकों को अपनाते हैं, तो आने वाले समय में यह राज्य की कृषि उन्नति और किसानों की आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बन सकता है। निस्संदेह, नैनो उर्वरक छत्तीसगढ़ के किसान भाइयों के लिए आधुनिक खेती का नया वरदान साबित हो सकता है।

cg” संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत…”

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संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय”

सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव आयोजित”

मुख्यमंत्री श्री साय ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश”

3 महीने बढ़ाई जाएगी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना : सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों के साथ लंबित बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे उपभोक्ता”

“गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।**

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं।***

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं।***

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है।***

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।***

मुख्यमंत्री श्री साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।***

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।***

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है।***

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा,  डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, श्री अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित थे।***

” स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों की समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा…”

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” केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (सीसीएचएफडब्ल्यू) के 16वें सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।”

“बच्चों के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों की समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।”

“सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री समग्र शिशु बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (एसएसबीएसके) का भी शुभारंभ करेंगे। यह एक व्यापक राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य जन्म से लेकर 36 माह तक के बच्चों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।”

“यह सम्मेलन विज्ञान भवन में आयोजित होगा, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी), खाद्य एवं औषधि सुधार तथा संबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।”

“आधिकारिक बयान के अनुसार, एसएसबीएसके का शुभारंभ देश के प्रत्येक बच्चे को व्यापक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।”

“यह कार्यक्रम जन्म से लेकर 36 माह तक के बच्चों के लिए घर और समुदाय आधारित देखभाल की एक निर्बाध व्यवस्था उपलब्ध कराने की परिकल्पना करता है। इसमें जीवन के पहले तीन वर्षों को बच्चे के जीवित रहने, उसके विकास, पोषण और मस्तिष्क के प्रारंभिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।”

“एसएसबीएसके, होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर (एचबीएनसी) और होम-बेस्ड केयर फॉर यंग चाइल्ड (एचबीवाईसी) जैसी दो प्रमुख सामुदायिक आधारित योजनाओं को एकीकृत कर एक समग्र राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में कार्य करेगा।”

“इन दोनों कार्यक्रमों के एकीकरण से जन्म से लेकर जीवन के पहले तीन वर्षों तक बच्चों की देखभाल में निरंतरता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, एक समेकित दृष्टिकोण के माध्यम से बच्चों के जीवित रहने, पोषण, स्वस्थ विकास और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास को मजबूत किया जाएगा।”

“पहली बार इस कार्यक्रम के तहत नवजात शिशुओं और “जोखिमग्रस्त (एट-रिस्क)” बच्चों के लिए जोखिम-आधारित (रिस्क-स्ट्रैटिफाइड) प्रणाली लागू की जाएगी। ऐसे बच्चों को उनके जोखिम के स्तर के अनुसार अतिरिक्त घरेलू स्वास्थ्य सेवाएं और फॉलो-अप प्रदान किया जाएगा।”

“कार्यक्रम के तहत “जोखिमग्रस्त” नवजात शिशुओं को जन्म के बाद पहले 42 दिनों के भीतर अधिकतम नौ बार घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी, जबकि “जोखिमग्रस्त” बच्चों को 36 माह की आयु तक अधिकतम आठ बार घरेलू स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।'”

“यह कार्यक्रम आशा कार्यकर्ताओं (आशा), सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम), सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (एडब्ल्यूडब्ल्यू) द्वारा संयुक्त रूप से घर-घर जाकर सेवाएं प्रदान करने के माध्यम से देखभाल की निरंतरता को भी मजबूत करेगा।””

“इसके अतिरिक्त, प्रत्येक ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) पर वेल-बेबी सेशन तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रत्येक माह शिशु शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि “जोखिमग्रस्त” बच्चों की समय रहते पहचान, मूल्यांकन और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।”

“कार्यक्रम में निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस), चाइल्ड ट्रैकिंग एप्लीकेशन, रेफरल प्रणाली और अलर्ट मैकेनिज्म जैसी डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे निगरानी, फॉलो-अप और माताओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।”

” ITR वेरिफिकेशन नोटिस के लिए आखिरी तारीख”  30 जून” ” सब्सिडी वाले LPG e-KYC के लिए डेडलाइन” 30 जून “

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30 जून आम लोगों और बिज़नेस मालिकों, दोनों के लिए एक अहम तारीख है, क्योंकि इस दिन कई फाइनेंशियल और टैक्स से जुड़ी डेडलाइन होती हैं। महीने के आखिर तक, सब्सिडी पाने के हकदार लोगों को अपनी LPG e-KYC की प्रक्रिया पूरी करनी होगी; इनकम टैक्स डिपार्टमेंट 30 जून तक कुछ खास रिटर्न के लिए वेरिफिकेशन नोटिस जारी कर सकता है; और बिज़नेस को GST से जुड़ी ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

इसलिए, 30 जून की डेडलाइन बहुत अहम है। सब्सिडी वाले LPG e-KYC के लिए डेडलाइन

जो LPG ग्राहक 30 जून तक अपना आधार-लिंक्ड बायोमेट्रिक e-KYC पूरा नहीं कर पाएंगे, उन्हें सीधे अपने बैंक अकाउंट में LPG सब्सिडी मिलनी बंद हो जाएगी। हालांकि LPG सिलेंडर की बुकिंग पहले की तरह होती रहेगी, लेकिन सब्सिडी नहीं मिलेगी और ग्राहकों को सिलेंडर की पूरी कीमत चुकानी होगी। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ़ किया है कि सभी LPG ग्राहकों के लिए e-KYC ज़रूरी नहीं है; यह खास तौर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों (जिन्हें हर साल e-KYC पूरा करना होता है) और उन अन्य लाभार्थियों के लिए ज़रूरी है जिनका वेरिफिकेशन अभी तक नहीं हुआ है। जिन ग्राहकों ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में e-KYC पूरा कर लिया है और जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी नहीं हैं, उन्हें यह प्रक्रिया दोबारा करने की ज़रूरत नहीं है।

ITR वेरिफिकेशन नोटिस के लिए आखिरी तारीख: 30 जून

हालांकि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 है, लेकिन 30 जून उन टैक्सपेयर्स के लिए एक अहम तारीख है जिन्होंने पहले ही अपना रिटर्न फाइल कर दिया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस तारीख तक कुछ खास रिटर्न के लिए सेक्शन 143(2) के तहत वेरिफिकेशन – यानी डिटेल्ड जांच – का नोटिस जारी कर सकता है। अगर टैक्स अथॉरिटी को ITR और फॉर्म 26AS, एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS), टैक्सपेयर इन्फॉर्मेशन समरी (TIS), बैंक रिकॉर्ड या दूसरे फाइनेंशियल डेटा के बीच कोई अंतर मिलता है, तो रिटर्न को वेरिफिकेशन के लिए चुना जा सकता है। बहुत ज़्यादा वैल्यू वाले ट्रांज़ैक्शन, इनकम बताने में गड़बड़ी, रीवैल्यूएशन की कार्यवाही या सर्च और सर्वे ऑपरेशन से जुड़े मामलों को भी इस प्रक्रिया के लिए चुना जा सकता है।

बिज़नेस मालिकों को GST से जुड़े ज़रूरी काम भी पूरे करने होंगे

30 जून फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही का आखिरी दिन है, इसलिए यह बिज़नेस मालिकों के लिए एक अहम तारीख है। कंपनियों को जुलाई में GST, TDS और TCS रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन के लिए तैयारी करनी चाहिए। इसके लिए, उन्हें तिमाही खत्म होने से पहले अपने अकाउंट्स की बुक्स, टैक्स कटौती के रिकॉर्ड और कानूनी रिकॉर्ड अपडेट कर लेने चाहिए।

भारत और सेशेल्स ने रविवार को 19 बड़े समझौतों और विकास परियोजनाओं की घोषणा…

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भारत और सेशेल्स ने रविवार को 19 बड़े समझौतों और विकास परियोजनाओं की घोषणा की।

प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हारमिनी की मौजूदगी में लिए गए इन फैसलों से रक्षा, डिजिटल पेमेंट, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत होगा।

“सबसे अहम घोषणा सेशेल्स में भारत के UPI-आधारित डिजिटल पेमेंट सिस्टम को शुरू करने की थी। भारत ने अब तक 23 से ज़्यादा देशों के साथ UPI से जुड़े समझौते किए हैं और यह सुविधा अभी नौ देशों में चल रही है।”

“इसके अलावा, भारत स्थानीय विकास परियोजनाओं के लिए सेशेल्स को ₹1,250 करोड़ की क्रेडिट लाइन (लोन) दे रहा है। दोनों देशों ने प्रत्यर्पण संधि, एक नए राष्ट्रीय अस्पताल के निर्माण और अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल पर भी अहम समझौते किए। भारत ने सेशेल्स को एक तेज़ गश्ती पोत (fast patrol vessel), 10 यूटिलिटी वाहन, पांच नावें, छह एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट सौंपा।”

“साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भी समझौते किए गए। ये घोषणाएं दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने के जश्न के दौरान की गईं।”

“गोल्डन जुबली नेशनल डे पर मुख्य अतिथि के तौर पर मोदी”

रविवार को प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया।

उन्हें अब तक 34 देशों से सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं। आज मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर सेशेल्स की आज़ादी की 50वीं वर्षगांठ के समारोह में शामिल होंगे।

भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी, भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे जहाज INS इक्षक परेड और समारोह में हिस्सा लेंगे।

भारतीय नौसेना की मार्चिंग टुकड़ी और नौसेना बैंड भी परेड में शामिल होंगे। सेशेल्स की यात्रा के दौरान पीएम मोदी के दौरे की 4 अहम बातें

गोल्डन जुबली नेशनल डे पर मुख्य अतिथि

पीएम मोदी 29 जून को सेशेल्स के आज़ादी के 50वें जश्न में मुख्य अतिथि होंगे। भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी, भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS तरकश और हाइड्रोग्राफिक सर्वे जहाज INS इक्षक भी परेड और समारोह में हिस्सा लेंगे। 2. $175 मिलियन का आर्थिक पैकेज

भारत ने सेशेल्स के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए US$175 मिलियन (₹1,651 करोड़) के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसके अलावा, भारत ने सेशेल्स को ‘PS Le Vigilant’ (असली नाम ‘PS Le Espoir’) नाम का भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) तोहफे में दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह जहाज सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हेर्मिनी को सौंपा। इससे सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता मजबूत होगी।

नए समझौतों पर हस्ताक्षर

भारत और सेशेल्स ने 19 अहम समझौतों और घोषणाओं की जानकारी दी। इनमें प्रत्यर्पण संधि और UPI-आधारित डिजिटल पेमेंट सिस्टम की शुरुआत वगैरह शामिल हैं।

मोदी ने कोको डी मेर के पौधे लगाए

कोको डी मेर का पौधा और उसका फल प्राकृतिक रूप से सिर्फ सेशेल्स में ही पाया जाता है। इसके फल के अंदर मिलने वाले बीज दुनिया में सबसे बड़े और भारी माने जाते हैं; एक बीज का वजन 15 से 30 किलोग्राम के बीच हो सकता है।

कोको डी मेर के पेड़ ‘डायोशियस’ (dioecious) होते हैं, यानी नर और मादा पेड़ अलग-अलग होते हैं। मादा फल महिला की कमर जैसा दिखता है और इसे ‘डबल कोकोनट’ भी कहा जाता है, जबकि नर फूल पुरुष जननांग जैसा दिखता है। इस अनोखी बनावट की वजह से सदियों से इस पौधे के बारे में कई लोककथाएं और पौराणिक कहानियां प्रचलित रही हैं।

पेड़ को बड़ा होने और फल देने में 20 से 40 साल लगते हैं, और एक फल को पूरी तरह पकने में 6 से 7 साल लगते हैं। इस पेड़ की उम्र बहुत लंबी होती है। माना जाता है कि यह 200 से 350 साल तक जीवित रहता है।

पुराने समय में, जब यह फल समुद्र में तैरकर मालदीव या भारत के तट तक पहुँचता था, तो लोग इसे समुद्र की तलहटी में उगने वाले किसी जादुई पेड़ का फल मानते थे। इसीलिए इसका नाम फ्रेंच में ‘कोको डी मेर’ रखा गया, जिसका मतलब है ‘समुद्र का नारियल’।

मोदी सेशेल्स का दौरा करने वाले दूसरे प्रधानमंत्री हैं

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1976 में सेशेल्स का दौरा किया था – उसी साल जब देश को आज़ादी मिली थी। भारत ने सेशेल्स के आज़ादी के जश्न के लिए नौसेना का युद्धपोत INS नीलगिरी भी भेजा था।

इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर से सेशेल्स का दौरा किया। उनके दौरे के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स का दौरा नहीं किया। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ़ ब्लू होराइज़न’ से सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही, मोदी को अब 34 देशों से सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है। पुरस्कार मिलने के बाद, पीएम मोदी ने सेशेल्स की जनता और सरकार के साथ-साथ राष्ट्रपति पैट्रिक हेर्मिनी का भी धन्यवाद किया।

“भारतीय शेयर बाजार फिर से दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट…”

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“भारतीय शेयर बाजार फिर से दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा स्टॉक मार्केट बन गया है और इसका मार्केटकैप 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गया है।”

“वहीं, हाल ही मार्केटकैप में भारतीय स्टॉक मार्केट को पछाड़ चुके ताइवान और साउथ कोरिया के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।”

“इससे फिर से दोनों बाजारों का मार्केटकैप भारत से कम हो गया है।”

“मौजूदा समय में भारतीय शेयर बाजार का कुल मार्केटकैप 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है। ताइवान के शेयर बाजार का मार्केटकैप 4.97 ट्रिलियन डॉलर और साउथ कोरियाई बाजार का मार्केटकैप 4.66 ट्रिलियन डॉलर है।”

“इस दौरान, अमेरिका और चीन के बाजार पूंजीकरण और रैंकिंग में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेमीकंडक्टर शेयरों में हाल के महीनों की जबरदस्त तेजी के बाद निवेशकों ने ताइवान और दक्षिण कोरिया में मुनाफावसूली की है, जिससे दोनों बाजार में की रैकिंग में बदलाव आया है।”

“इसके अलावा, जून में वैश्विक इक्विटी बाजारों का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा, जबकि भारतीय शेयरों ने काफी हद तक मजबूती देखी गई।”

“इस महीने के दौरान, भारत का मार्केटकैप 2.75 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया और ताइवान के मार्केटकैप में क्रमशः 4.7 प्रतिशत और 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई।”

“अन्य प्रमुख बाजारों में, जापान का बाजार पूंजीकरण लगभग 1 प्रतिशत गिरा, हांगकांग में 8.3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, कनाडा में 3 प्रतिशत की कमी आई , यूके में लगभग 2 प्रतिशत की कमी आई, फ्रांस 1.1 प्रतिशत गिरा और जर्मनी में 5.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।”

“कई एनालिस्ट्स ने भारतीय इक्विटी में इस मजबूती का कारण कच्चे तेल की कीमतों में कमी, बेहतर होते वैल्यूएशन और विदेशी निवेशकों की लगातार दिलचस्पी को बताया है।””

“उनके अनुसार, निफ्टी का प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल लगभग 24 गुना से घटकर करीब 18 गुना हो गया है, जिससे वैल्यूएशन अधिक आकर्षक हो गए हैं।”

“इसके अलावा, भारतीय इक्विटी बेंचमार्क ने कई ग्लोबल मार्केट्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया।”

“इस महीने अब तक, डॉलर के हिसाब से सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः लगभग 4 प्रतिशत और करीब 3 प्रतिशत की बढ़त हुई है।”

**पीएम ने नेशनल असेंबली को संबोधित किया** **पीएम मोदी को सम्मान * *

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के दौरे पर हैं, जहाँ उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ़ द ब्लू होराइज़न’ से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा लिया और परेड देखी।

कार्यक्रम के दौरान, जब भारतीय टुकड़ी मार्च करते हुए गुज़री, तो वे उनके सम्मान में खड़े हो गए। सैनिकों के प्रति पीएम मोदी का यह लगाव लोगों का दिल जीत रहा है।

सेशेल्स की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुँचने के बाद, पीएम मोदी ने यह सम्मान स्वीकार किया और इसे 1.4 अरब भारतीयों तथा दोनों देशों के बीच 50 साल पुरानी गहरी दोस्ती को समर्पित किया। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान, उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र के लिए भारत के ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) विज़न और अपनी ‘पड़ोसी पहले’ (नेबरहुड फर्स्ट) नीति को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया।

इसके अलावा, पीएम मोदी ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित किया और ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सेशेल्स के साथ भारत के संबंध 50 साल से कुछ ज़्यादा पुराने हैं; इनकी शुरुआत अगस्त 1770 में हुई थी, जब पाँच भारतीय ‘टेलेमैक’ जहाज़ से वहाँ पहुँचे थे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत के लिए सेशेल्स का बहुत महत्व है।

इससे पहले, सेशेल्स ने पीएम मोदी को अपने सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ़ द ब्लू होराइज़न’ से सम्मानित किया था। सेशेल्स के राष्ट्रपति ने पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और ‘ग्रीन विज़न’ को बढ़ावा देने में पीएम मोदी के बेहतरीन और साहसी वैश्विक नेतृत्व को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया।