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PM मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, व्हाइट हाउस आने का दिया न्योता, दिल्ली में हाई लेवल मीटिंग..

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Marco Rubio Meeting With PM Modi: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की. पीएम मोदी ने इसको लेकर एक अहम सोशल मीडिया पोस्ट भी शेयर की है.

पीएम मोदी ने मार्को रुबियो से मुलाकात की.

चार दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने मुलाकात की तस्वीरें भी साझा की. पीएम मोदी ने मुलाकात को लेकर बताया कि श्री मार्को रूबियो का स्वागत करके मुझे खुशी हुई है.

पीएम मोदी ने कहा कि हमने भारत-यूएस व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में लगातार हो रही प्रगति और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. भारत और अमेरिका वैश्विक भलाई के लिए मिलकर काम करते रहेंगे.

इस दौरान पीएम मोदी और रूबियो के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई. रूबियो ने भारत के प्रधानमंत्री को अमेरिका आने का न्योता भी दिया. इस बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत अन्य सीनियर अफसर भी मौजूद रहे.

अमेरिकी राजदूत ने मीटिंग को लेकर क्या जानकारी दी
पीएम मोदी के अलावा बैठक को लेकर अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर मीटिंग की फोटो शेयर की. इसमें उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के साथ बैठक के लिए मार्को रूबियो के साथ शामिल होकर अच्छा लगा. हमने सुरक्षा, व्यापार, महत्वपूर्ण टेक्निकल क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के सहयोग को बढ़ाने और गहरा करने को लेकर सार्थक चर्चा की. यह ऐसे क्षेत्र हैं, जो दोनों देशों के मजबूत करते हैं. भारत और अमेरिका एक महत्वपूर्ण साझेदार हैं.

यह रहेगा अगले चार दिन रूबियो का कार्यक्रम
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो चार दिन के भारत दौरे पर पहुंचे हैं. विदेश मंत्रालय ने रूबियो के चार दिन के भारत दौरे का कार्यक्रम भी जारी किया है. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद रूबियो 24 मई को 11:30 पर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के साथ दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाकात करेंगे. इसके बाद 6 बजे 20 मिनट पर अमेरिका दूतावास के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे.

Summer Health Tips: गर्मी में Energy Drink बना चीनी वाला दूध, आयुष मंत्रालय ने बताया हीटवेव से बचने का देसी नुस्खा⁩…

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Summer Health Tips: गर्मी और हीटवेव के बीच Energy Drink की तरह काम कर रहा चीनी वाला दूध. आयुष मंत्रालय ने नौतपा में शरीर को ठंडा, हाइड्रेट और ऊर्जावान रखने के लिए देसी नुस्खे बताए हैं.

Summer Health Tips: देश के कई राज्यों में इस समय तेज गर्मी और हीटवेव का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहने वाला है. इस दौरान सूरज की गर्मी सबसे ज्यादा मानी जाती है और तापमान कई इलाकों में 45 डिग्री के पार जा सकता है. इसी को देखते हुए आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों के लिए खास सलाह जारी की है.

मंत्रालय ने शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखने के लिए कई देसी उपाय बताए हैं. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा चीनी मिलाकर दूध पीने की सलाह की हो रही है. मंत्रालय का कहना है कि यह शरीर को ऊर्जा देने और पानी की कमी से बचाने में मदद कर सकता है. इसके अलावा छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी, सत्तू और मौसमी फलों को भी गर्मी से राहत देने वाला बताया गया है.

चीनी वाला दूध क्यों माना जा रहा फायदेमंद

तेज गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए पानी और जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं. इससे कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, दूध में कैल्शियम, पोटैशियम, प्रोटीन और पानी जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ताकत देने में मदद करते हैं. वहीं चीनी तुरंत ऊर्जा देने का काम करती है. इसी वजह से आयुष मंत्रालय ने गर्मी के दौरान चीनी वाला दूध पीने की सलाह दी है. खासकर नौतपा के दिनों में जब लू चलने का खतरा ज्यादा रहता है, तब यह शरीर को थोड़ी राहत दे सकता है. कुछ डॉक्टरों का कहना है कि ठंडा दूध शरीर को अंदर से ठंडक देने में मदद करता है और कमजोरी कम कर सकता है. आयुर्वेद में भी दूध को शरीर को शांत रखने वाला माना गया है.

एक्सपर्ट्स ने दी सावधानी बरतने की सलाह

हालांकि, कई डॉक्टरों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स ने यह भी कहा है कि चीनी वाला दूध हर व्यक्ति के लिए सही नहीं हो सकता. जिन लोगों को डायबिटीज, मोटापा या पेट से जुड़ी परेशानी है, उन्हें ज्यादा चीनी लेने से बचना चाहिए. कुछ लोगों को दूध पचाने में भी दिक्कत होती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसे सिर्फ एक घरेलू उपाय की तरह अपनाना चाहिए, न कि हीटवेव से बचने का पूरा इलाज समझना चाहिए. साथ ही डॉक्टरों ने ORS, नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी जैसे ड्रिंक्स को भी जरूरी बताया है. उनका कहना है कि गर्मी में सबसे जरूरी है शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी न होने देना. इसलिए सिर्फ चीनी वाले दूध पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित खानपान और ज्यादा पानी पीना जरूरी है.

नौतपा में ऐसे रखें अपनी सेहत का ध्यान

आयुष मंत्रालय ने लोगों को दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है. खासकर नौतपा के दौरान लू लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसके साथ ही हल्के सूती कपड़े पहनने, ज्यादा पानी पीने और तला-भुना खाना कम खाने की सलाह भी दी गई है. मंत्रालय के अनुसार, तरबूज, खीरा, खरबूजा, बेल का शरबत और सत्तू जैसे देसी पेय शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. वहीं बच्चों और बुजुर्गों को इस दौरान ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है क्योंकि उन पर गर्मी का असर जल्दी पड़ता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सही खानपान और सावधानी रखी जाए तो नौतपा की तेज गर्मी से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है.

Hormuz Crisis: होर्मुज को लेकर अलर्ट मोड पर US, मार्को रुबियो ने NATO के साथ मिलकर तैयार किया प्लान B, जानें…

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मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच US स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर सतर्क हो गया है. इसको लेकर मार्को रुबियो ने NATO देशों से चर्चा की है. पाकिस्तान भी ईरान-अमेरिका तनाव कम कराने में सक्रिय दिख रहा है.

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू करने से जुड़ी संभावित स्थिति पर NATO सहयोगी देशों के साथ बातचीत की है. उन्होंने कहा कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो अमेरिका और उसके सहयोगियों के पास दूसरे तरह का प्लान तैयार रहना चाहिए.

स्वीडन के हेलसिंगबोर्ग में आयोजित मिनिस्टीरियल समिट के दौरान पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि दुनिया के अहम समुद्री रास्तों की सुरक्षा बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा, ‘अगर किसी जरूरी समुद्री रास्ते पर हमला होता है तो हमारे पास प्लान B होना चाहिए.’

ईरान को लेकर अमेरिका की चिंता

मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखे. उन्होंने कहा, सही स्थिति यही होगी कि ईरान स्ट्रेट को खोल दे.’ उनसे जब  यह पूछा गया कि अगर ईरान रास्ता खोलने से इनकार कर दे तो क्या होगा. रुबियो ने बताया कि ऐसी स्थिति में अमेरिका और दूसरे अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को कार्रवाई करनी पड़ सकती है. हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या NATO की सीधी सैन्य तैनाती की जाएगी.

बातचीत और सैन्य तैयारी दोनों पर फोकस

रुबियो ने कहा कि अमेरिका फिलहाल बातचीत के रास्ते को भी जारी रखे हुए है. उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधि मुश्किल हालात में भी बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘कुछ बढ़ोतरी हुई है, लेकिन हम अभी मंजिल तक नहीं पहुंचे हैं. उम्मीद है कि हालात बेहतर होंगे, लेकिन ऐसा न भी हो सकता है.’ अमेरिका एक तरफ कूटनीतिक बातचीत जारी रख रहा है, वहीं दूसरी तरफ सैन्य तैयारी भी मजबूत कर रहा है.

पाकिस्तान भी निभा रहा अहम भूमिका

मार्को रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि पाकिस्तान तेहरान के साथ बातचीत में मदद करेगा. इसी बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी पहले से ही ईरान की राजधानी तेहरान में मौजूद थे और वहां कई अहम बैठकों में शामिल हुए. रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि तेहरान जाएंगे और बातचीत को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि कुछ सकारात्मक प्रगति जरूर हुई है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है.

पाकिस्तान सेना प्रमुख का तेहरान दौरा

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर भी शुक्रवार को तेहरान पहुंचे. उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं.इससे पहले पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी.

शांति और स्थिरता पर हुई चर्चा

ईरानी और पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन बैठकों में अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद कम करने, बातचीत आगे बढ़ाने और पूरे इलाके में शांति बनाए रखने पर चर्चा हुई.ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और मोहसिन नकवी के बीच भी दो दौर की बातचीत हुई. इसमें क्षेत्र में तनाव कम करने और लंबे समय तक स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर विचार किया गया. रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने और तनाव कम करने में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है.

Africa Ebola outbreak: अफ्रीका में बढ़ते Ebola केसों के बीच भारत की एंट्री, वैक्सीन बनाने में जुटा सीरम इंस्टीट्यूट…

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अफ्रीका में तेजी से फैल रहे Ebola के Bundibugyo स्ट्रेन ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में Serum Institute नई वैक्सीन तैयार कर रहा है.

अफ्रीका एक बार फिर इबोला वायरस के बड़े खतरे का सामना कर रहा है. इस बार चिंता की वजह इबोला का बुंडीबुग्यो स्ट्रेन है, जिसके लिए अभी तक कोई मंजूर वैक्सीन मौजूद नहीं है. कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा में तेजी से बढ़ते मामलों ने दुनिया भर की स्वास्थ्य एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, सैकड़ों संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं और कई लोगों की मौत भी हुई है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह वायरस अब घनी आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहा है, जिससे दूसरे देशों में फैलने का खतरा भी बढ़ गया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अफ्रीका CDC ने इस स्थिति को गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल माना है. अभी तक इबोला के जिस जेरे स्ट्रेन के लिए वैक्सीन मौजूद है, वह बुंडीबुग्यो स्ट्रेन पर कितना असर करेगी, यह साफ नहीं है.  इसी कारण दुनिया अब नई वैक्सीन तैयार करने की दौड़ में जुट गई है.

वैक्सीन बनाने की दौड़ में भारत की बड़ी भूमिका

इस मुश्किल समय में भारत की बड़ी वैक्सीन कंपनी Serum Institute of India अहम भूमिका निभाने जा रही है. पुणे स्थित यह कंपनी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और CEPI के साथ मिलकर नई वैक्सीन बनाने की तैयारी कर रही है. यह वैक्सीन ChAdOx प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी, जिसका इस्तेमाल कोविड-19 के समय कोविशील्ड वैक्सीन में भी किया गया था. सीरम इंस्टीट्यूट का कहना है कि उसके पास पहले से ऐसी तकनीक और मशीनें मौजूद हैं, जिनकी मदद से बहुत कम समय में वैक्सीन की खुराक तैयार की जा सकती है.

कंपनी के अनुसार, अगर सब कुछ सही रहा तो 20 से 30 दिनों के अंदर शुरुआती उत्पादन शुरू किया जा सकता है. कोविड महामारी के दौरान भारत ने जिस तरह दुनिया को बड़ी मात्रा में वैक्सीन दी थी, उसी तरह अब इबोला संकट में भी भारत एक भरोसेमंद साथी बनकर सामने आ सकता है. साथ ही यह भारत की मेडिकल और बायोटेक ताकत को भी दिखाता है.

वैज्ञानिकों के सामने समय और सुरक्षा की चुनौती

फिलहाल वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय की है. बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के लिए दो वैक्सीन उम्मीदवारों पर काम हो रहा है. पहला rVSV तकनीक पर आधारित है, जो पहले से मौजूद Ervebo वैक्सीन जैसी तकनीक का इस्तेमाल करता है, लेकिन इसकी समस्या यह है कि इसकी खुराक अभी उपलब्ध नहीं है और इसे तैयार करने में कई महीने लग सकते हैं. दूसरी तरफ ChAdOx प्लेटफॉर्म की खासियत इसकी तेज उत्पादन क्षमता है क्योंकि कोविड के समय इसका बड़े स्तर पर इस्तेमाल हो चुका है, इसलिए इसकी फैक्ट्री व्यवस्था पहले से तैयार है. हालांकि इसकी भी एक कमजोरी है. अभी तक इस वैक्सीन का जानवरों या इंसानों पर बुंडीबुग्यो वायरस के खिलाफ पूरा परीक्षण नहीं हुआ है. ऐसे में स्वास्थ्य एजेंसियों को यह फैसला बहुत सोच-समझकर लेना होगा कि तेज़ी को प्राथमिकता दी जाए या लंबे परीक्षण का इंतजार किया जाए. यह फैसला आने वाले समय में लाखों लोगों की सुरक्षा तय कर सकता है.

दुनिया की उम्मीद बना भारत

अफ्रीका में फैल रहा यह इबोला संकट पूरी दुनिया के लिए चेतावनी है कि महामारी कभी भी वापस आ सकती है. साथ ही संघर्ष और गरीबी से जूझ रहे इलाकों में बीमारी को रोकना और भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे समय में भारत की एंट्री उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है. अगर सीरम इंस्टीट्यूट और उसके सहयोगी जल्द सुरक्षित और असरदार वैक्सीन तैयार करने में सफल होते हैं, तो इससे हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है. साथ ही यह साबित होगा कि भारत केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के स्वास्थ्य संकट में मदद करने की क्षमता रखता है. आने वाले कुछ महीने बेहद अहम होंगे, क्योंकि यही तय करेंगे कि दुनिया इस नए इबोला खतरे को कितनी तेजी से रोक पाती है.

TMC पार्षद की हत्या या आत्महत्या? घर में लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस…

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बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद संजय दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. वो तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक अदिति मुंशी तथा उनके पति देबराज चक्रवर्ती के करीबी थे.

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के साउथ दमदम नगरपालिका के वार्ड 18 से से तृणमूल कांग्रेस के पार्षद संजय दास की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. पार्षद का शव शनिवार (23 मई) तड़के कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके के नागेरबाजार स्थित उनके आवास से रहस्यमय परिस्थितियों में बरामद किया गया.

जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. दास के बेडरूम से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जहां उनका शव फंदे से लटका मिला.

देबराज चक्रवर्ती के करीबी थे दास 

स्थानीय लोगों ने बताया कि दास राजारहाट-गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक और प्रसिद्ध भक्ति गायिका अदिति मुंशी तथा उनके पति देबराज चक्रवर्ती के करीबी थे. देबराज चक्रवर्ती स्वयं बिधाननगर नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस के पार्षद हैं. मुंशी इस बार राजारहाट-गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हार गई थीं. पड़ोसियों ने यह भी बताया कि 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से दास काफी उदास थे.

2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा के एक मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में देबराज चक्रवर्ती को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना से भी तृणमूल कांग्रेस पार्षद काफी परेशान थे. स्थानीय लोगों का मानना है कि दास ने अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण यह कदम उठाया. इससे पहले शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में मुंशी और उनके पति चक्रवर्ती को गिरफ्तारी से 19 जून तक राहत दी.

इसके अलावा न्यायमूर्ति सेनगुप्ता ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक मुंशी और उनके पति के खिलाफ आरोपों से जुड़े सभी सबूत अदालत में पेश करने का निर्देश भी दिया. साथ ही पुलिस को उसी तारीख तक जांच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है.

सरकार के पास महंगाई की मेलोडी, तेजस्वी यादव का केंद्र पर हमला…

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बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने हमला बोलते हुए कहा कि विजनलेस NDA सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है.

आरजेडी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने महंगाई के मसले पर केंद्र सरकार को घेरा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के पास महंगाई की मेलोडी पर लगाम लगाने की कोई रेमेडी नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुआ कहा कि NDA सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के वजह से देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है. RJD नेता ने ये भी कहा कि महंगाई-गरीबी और बेरोजगारी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए. इसके साथ ही उन्होंने रुपये में गिरावट का जिक्र कर सरकार पर हमला बोला.

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”25 जुलाई 2013 को प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने कहा था कि केंद्र सरकार और रूपये के गिरने का कम्पीटीशन चल रहा है कि कौन कितना गिरेगा? आज रूपया सबसे निचले स्तर पर पहुंच कर पूरे एशिया में रुपए सबसे कमजोर मुद्रा बन चुका है.”

12 सालों में रुपया अपनी आधी कीमत खो चुका- तेजस्वी यादव

उन्होंने आगे कहा, ”मोदी जी के नेतृत्व में रुपए में लगातार गिरावट का यह आठवां साल है. विगत 12 वर्षों में रुपया अपनी आधी कीमत खो चुका है.  देशवासियों को गुमराह करते हुए प्रधानमंत्री कहते है कि भारत दुनिया की शीर्ष की बड़ी अर्थव्यवस्था है लेकिन अमेरिकी डॉलर में प्रति व्यक्ति GDP देखें तो भारत दुनिया में 16वें नंबर पर बांग्लादेश से भी पीछे है.”

बिहार के वित्तीय हालात तो सबसे खराब- तेजस्वी यादव

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम ने हमला बोलते हुए ये भी कहा कि विजनलेस NDA सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है. महंगाई-गरीबी और बेरोजगारी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए है. देश के सबसे पिछड़े और गरीब राज्य बिहार के वित्तीय हालात तो सबसे खराब हैं.

‘गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल’

तेजस्वी यादव ने कहा, ”एलपीजी गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद-बीज, पढ़ाई-दवाई-सिंचाई समेत सभी वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं. राशन, तेल, दाल, दूध और रोजमर्रा की जरूरत के सामान आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं. गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल हो चुका है. खानपान से लेकर यातायात तक हर चीज महंगी हो गई है लेकिन NDA की कथित डबल इंजन सरकार के पास महंगाई पर लगाम लगाने का कोई ठोस रोडमैप नहीं है.”

‘NDA सरकार को आम जनता की जरा भी फिक्र नहीं’

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश के प्रधान और डबल इंजन सरकार के पास महंगाई की इस मेलोडी पर लगाम लगाने की कोई रेमेडी नहीं है. डबल इंजन सरकार में बेरोजगारी, ग़रीबी और महंगाई ट्रबलिंग रेट पर कई गुना बढ़ रही है. बिहार में शासन का संचालन ऐसे हो रहा है मानो लगता है यहाँ किसी सरकार का कोई अस्तित्व है ही नहीं. NDA सरकार को आम जनता की जरा भी फिक्र नहीं है.

बता दें कि इटली की यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने वहां की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को मेलोडी नाम की चॉकलेट गिफ्ट की थी. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था और विपक्ष के नेता लगातार इसका जिक्र कर केंद्र की सरकार को घेरने में जुटे हैं.

10 साल की मासूम की हत्या से हिला तमिलनाडु, सड़क पर उतरे लोग, CM विजय ने कहा- ‘अपराधियों को छोड़ेंगे नहीं’

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कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची की हत्या से सनसनी मच गई. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, घटना के बाद तमिलनाडु की राजनीति भी गरमा गई है. इस पर CM विजय ने रिएक्शन दिया है.

तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के सुलूर इलाके में 10 साल की एक बच्ची की हत्या के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है. गुरुवार शाम से लापता बच्ची शुक्रवार को कन्नमपलयम झील के पास घायल हालत में मृत मिली. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक बच्ची अपने घर के पास किराने का सामान खरीदने निकली थी. इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर उसका अपहरण कर लिया और बाद में उसकी हत्या कर दी. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कार्तिक और मोहन राज के रूप में हुई है.

घटना के बाद बच्ची के माता-पिता और रिश्तेदारों ने सुलूर पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की.  पीड़ित परिवार ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे बच्ची का शव मुर्दाघर से नहीं लेंगे. परिवार के एक सदस्य ने ANI से कहा, ‘हमने बदलाव के लिए वोट दिया था. लेकिन अब कोई भरोसा या बयान तक नहीं मिल रहा है.’

मुख्यमंत्री जोसेफ विजय का बयान

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कोयंबटूर में 10 साल की बच्ची के साथ हुई यह घटना बेहद दुखद और झकझोर देने वाली है.उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे अमानवीय और माफ न किए जा सकने वाले अपराधों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक संदीप राय राठौर भी मामले की जांच की समीक्षा करने के लिए कोयंबटूर पहुंचे हैं.पीड़ित परिवार के रिश्तेदार सेंथिल कुमार ने बताया कि शुरुआत में परिवार को सिर्फ बच्ची के लापता होने की जानकारी मिली थी, लेकिन बाद में पता चला कि उसका शव झील के किनारे मिला है.घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्रों और स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया.

मामला बना राजनीतिक मुद्दा

इस घटना के बाद तमिलनाडु की राजनीति भी गरमा गई है. विपक्षी पार्टी DMK ने राज्य की नई TVK सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं.DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि नई सरकार बनने के सिर्फ 12 दिनों के अंदर राज्य में 30 से ज्यादा बड़ी आपराधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं.उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में यौन हिंसा, गांजा तस्करी, गुंडागर्दी और अब बच्ची के अपहरण और हत्या जैसे मामले शामिल हैं, जो कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.

सरकार का जवाब

तमिलनाडु के मंत्री एमएस संपत ने अस्पताल जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री से बात हुई है और जांच जारी है.उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी.सुलूर से चुने गए TVK विधायक एनएम सुकुमार ने भी परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया.BJP नेता नारायणन तिरुपति ने इस घटना को बेहद दुखद बताया, लेकिन साथ ही पिछली DMK सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति पिछली सरकार की देन है और सरकार बदलने के बाद भी हालात तुरंत नहीं बदले हैं.

BCI का बड़ा एक्शन! 9 लॉ कॉलेजों में एडमिशन पर रोक, छात्रों में मचा हड़कंप…

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अचानक हुई जांच में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने 9 लॉ कॉलेजों पर की सख्त कार्रवाई, 2026-27 सत्र के लिए इन कॉलेजों में एडमिशन पर लगी रोक.

देशभर में लॉ की पढ़ाई करने का सपना देख रहे छात्रों के लिए यह खबर बेहद अहम है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने कई लॉ कॉलेजों में नियमों की अनदेखी और खराब शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा एक्शन लिया है. अचानक हुई निरीक्षण प्रक्रिया में कई कॉलेज तय मानकों पर खरे नहीं उतरे. इसके बाद BCI ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए 9 लॉ कॉलेजों में नए एडमिशन पर रोक लगाने का फैसला किया. इस फैसले का असर हजारों छात्रों पर पड़ सकता है, खासकर उन छात्रों पर जो इस साल लॉ कॉलेज में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे हैं.

BCI ने क्यों लिया बड़ा फैसला?

बार काउंसिल ऑफ इंडिया की विशेष टीम ने कई लॉ कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया था. जांच के दौरान कॉलेजों में शिक्षकों की कमी, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइब्रेरी की अपर्याप्त व्यवस्था और पढ़ाई के कमजोर स्तर जैसी कई गंभीर खामियां सामने आईं. BCI का कहना है कि कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमों का पालन बेहद जरूरी है.जो संस्थान तय मानकों को पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

इन 9 लॉ कॉलेजों में एडमिशन पर लगी रोक

सरदार पटेल लॉ कॉलेज

सीबी सिंह लॉ कॉलेज

राजीव गांधी विधि महाविद्यालय

कौटिल्य लॉ कॉलेज

अब्दुल रज्जाक लॉ कॉलेज

वीर कुंवर कॉलेज ऑफ लॉ

एसजीएन खालसा लॉ पीजी कॉलेज

राजेश पांडे कॉलेज ऑफ लॉ

श्री गजेंद्र सिंह स्मृति विधि महाविद्यालय

छात्रों पर क्या पड़ेगा असर?

इस फैसले के बाद उन छात्रों को बड़ा झटका लगा है जो इन कॉलेजों में एडमिशन लेने की तैयारी कर रहे थे. अब 2026-27 सत्र में इन संस्थानों में नए दाखिले नहीं होंगे. ऐसे में छात्रों को दूसरे मान्यता प्राप्त लॉ कॉलेजों की तलाश करनी पड़ सकती है. हालांकि, पहले से पढ़ाई कर रहे छात्रों को लेकर अलग दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं. अगर आप किसी अन्य यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं, तो एडमिशन लेने से पहले कॉलेज की BCI मान्यता जरूर जांच लें. साथ ही फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेसमेंट रिकॉर्ड की जानकारी भी हासिल करें ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े.

Aadhaar Card Update: अब इस तारीख तक फ्री में अपडेट करें आधार, नहीं तो हो सकती है परेशानी…

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Aadhar card update: अगर आपको भी करना है अपना आधार कार्ड अपडेट तो ऑनलाइन अपडेट करने की तारीख़ बढ़ा दी गई है. जानिए कैसे और कबतक कर सकते है आप अपना आधार कार्ड घर बैठे अपडेट?

Aadhar Card update: आजकल आधार कार्ड की जरूरत हर चीज़ में पड़ रही है. आधार कार्ड होना भारतीय नागरिक के लिए अनिवार्य है. आधार कार्ड की मदद से आप बैंक अकाउंट भी खुलवा सकते है ओर भी कई काम कर सकते हैं. यानी लगभग हर काम के लिए आधार कार्ड होना जरूरी हो गया है. ऐसे में इसे अपडेट करना भी जरूरी है अगर कोई डिटेल पुरानी है या गलत है तो आपके काम में बाधा आ सकती है. इसीलिए UIDAI ने अपडेट की तारीख बढ़ा दी है.

आधार अपडेट डेडलाइन

UIDAI के अनुसार, आधार कार्ड अपडेट करने की फ्री सर्विस 14 जून 2027 तक की कर दी गई है. इस सुविधा का लाभ आप तभी उठा सकते है जब आप myAdhaar पोर्टल के जरिए अपडेट करेंगे. क्योंकि अब सारी चीजें लगभग ऑनलाइन हो गयी है इसीलिए सरकार ने आधार कार्ड अपडेट करने के तरीके को भी ऑनलाइन कर दिया है. अगर आप भी आधार में अपने दस्तावेज अपडेट करना चाहते है, तो आप निश्चिंत हो जाइए.

अब आप अपना आइडेंटिटी और पता से जुड़े डॉक्यूमेंट बिना कोई शुल्क दिए फ्री में अपलोड और वेरिफाई करा सकते हैं. साथ ही अपना पता , मोबाइल नंबर या पर्सनल डिटेल भी आसानी से अपडेट कर सकते है. आप घर बैठे myAadhar पोर्टल पर जाके आसानी से अपना आधार कार्ड अपडेट कर सकते है

ऑनलाइन आधार अपडेट प्रक्रिया

आधार डॉक्यूमेंट अपडेट करने का प्रोसेस आपको नीचे बताया गया है.

myAadhar पोर्टल पर जाएं और अपने आधार नंबर से लॉगिन करें.

रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें.

प्रोफाइल में दिख रही अपनी जानकारी को वेरिफाई करें.

अगर जानकारी सही है, तो डॉक्यूमेंट अपडेट प्रोसेस को आगे बढ़ाएं.

लिस्ट में से कोई एक पहचान पत्र (Identity Proof) चुनें.

चुनी गई फाइल को JPEG, PNG या PDF फॉर्मेट में अपलोड करें.

अब एड्रेस प्रूफ (Address Proof) डॉक्यूमेंट चुनें.

एड्रेस डॉक्यूमेंट अपलोड करके Consent दें और सबमिट करें.

आधार कार्ड के बिना सकती है दिक्कत

आधार कार्ड अपडेट करना बहुत जरूरी है क्योंकि इसके बिना हमारे काफी काम में दिक्कत आ सकती है जैसे आज के समय में बैंक या डिमैट अकाउंट खुलवाने में देरी हो सकती है. म्यूचुअल फंड या इंश्योरेंस लेते समय KYC रिजेक्ट भी रिजेक्ट हो सकती है.

PAN और आधार लिंक/ऑथेंटिकेशन में समस्या आ सकती है. पेंशन या सब्सिडी से जुड़ी सेवाओं में भी देरी हो सकती है. सरकारी योजनाओं का पैसा (DBT) मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, मोबाइल सिम वेरिफिकेशन में दिक्कत आ सकती है.

कोलकाता में मदर हाउस पहुंचे मार्को रुबियो तो आया TMC का रिएक्शन, केंद्र सरकार पर क्या लगाए आरोप?

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कोलकाता में मार्को रुबियो ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सेवाओं की तारीफ की. हालांकि, इस दौरे के बाद केंद्र सरकार और FCRA नियमों को लेकर बहस तेज हो गई.

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कोलकाता स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के ‘मदर हाउस’ का दौरा किया और संस्था की दुनियाभर में की जाने वाली मानवीय सेवाओं की सराहना की. उन्होंने गरीबों, बीमारों और जरूरतमंदों के लिए संस्था के काम को सम्मान दिया.

मार्को रुबियो के इस दौरे के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में केंद्र सरकार को लेकर बहस भी तेज हो गई है. इस मामले पर TMC की नेता सागरिका घोष ने एक्स पर आरोप लगाते हुए लिखा कि सरकार एक तरफ ईसाई संस्थाओं पर सख्ती दिखाती है, जबकि दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने मदर टेरेसा की संस्था को पेश कर रही है.

आलोचकों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित FCRA नियमों और दूसरे फैसलों के कारण मिशनरीज ऑफ चैरिटी जैसी संस्थाओं को विदेशी फंड लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा. साथ ही यह भी आरोप लगाए गए कि चर्च से जुड़ी संपत्तियों और ईसाई संस्थाओं को लेकर सरकार का रवैया सख्त रहा है. इन आरोपों में कहा गया कि ऐसी नीतियों से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं, जिनके लिए मिशनरीज ऑफ चैरिटी जैसी संस्थाएं लंबे समय से जानी जाती हैं.

मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना किसने की थी?

हालांकि सरकार की ओर से पहले भी यह कहा जाता रहा है कि FCRA से जुड़े नियम सभी संस्थाओं के लिए समान रूप से लागू होते हैं और इनका उद्देश्य विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता बनाए रखना है. मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना मदर टेरेसा ने की थी. यह संस्था दुनिया भर में गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा के लिए काम करती है और कोलकाता स्थित ‘मदर हाउस’ इसका मुख्य केंद्र है.