Home Blog Page 110

SBI Recruitment 2026: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने देशभर में 7,150 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती….

0

SBI Recruitment 2026: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सात हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती निकाली है. जिसके लिए उम्मीदवार लास्ट डेट से पहले आधिकारिक साइट पर जाकर आवेदन कर लें.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने देशभर में 7,150 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 मई से शुरू हो चुकी है और आवेदन की आखिरी तारीख 8 जून रखी गई है. ग्रेजुएट उम्मीदवार SBI के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.

आइए जानते हैं इसके लिए कौन अप्लाई कर सकता है. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वह लास्ट डेट से पहले आवेदन कर लें. कैंडिडेट्स को अंतिम डेट निकल जाने के बाद आवेदन करने का अवसर नहीं दिया जाएगा.

बैंक की ओर से साफ किया गया है कि यह भर्ती पूरे देश के अलग-अलग राज्यों के लिए है. किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन कर चुके उम्मीदवार इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. यानी आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स या अन्य किसी भी स्ट्रीम के छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं.

ये है खास शर्त?

इस भर्ती में एक खास शर्त भी रखी गई है. SBI ने बताया है कि जो उम्मीदवार ऑनलाइन लिखित परीक्षा पास करेंगे, उन्हें उस राज्य की स्थानीय भाषा की परीक्षा भी देनी होगी, जहां से उन्होंने आवेदन किया है. उम्मीदवार को उस भाषा को पढ़ना, लिखना, बोलना और समझना आना जरूरी होगा. जो अभ्यर्थी इस भाषा परीक्षा में सफल नहीं होंगे, उन्हें अंतिम चयन में शामिल नहीं किया जाएगा.

उम्र सीमा कितनी है?

आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष और अधिकतम उम्र 28 वर्ष तय की गई है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी.

इतना देना होगा आवेदन शुल्क

आवेदन शुल्क भी तय किया गया है. सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 300 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि एससी, एसटी और PwBD वर्ग के अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा.

ऐसे होगा सिलेक्शन

चयन प्रक्रिया में सबसे पहले ऑनलाइन लिखित परीक्षा होगी. यह परीक्षा ऑब्जेक्टिव टाइप होगी, जिसमें कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे. हर प्रश्न एक अंक का होगा. परीक्षा की कुल अवधि एक घंटा होगी. इसमें नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी. हर गलत उत्तर पर एक चौथाई अंक काट लिया जाएगा.

इनसे जुड़े सवाल पूछे जाएंगे

परीक्षा में सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी भाषा, गणित और रीजनिंग से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे समय प्रबंधन के साथ तैयारी करें और परीक्षा में सोच-समझकर जवाब दें. ज्यादा डिटेल्स के लिए उम्मीदवार आधिकारिक साइट की मदद ले सकते हैं.

Ganga Dussehra 2026 : गंगा दशहरा 25 या 26 मई कब, स्नान-दान की सही तारीख, मुहूर्त देखें…

0

Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा 25 मई 2026 को मनाया जाएगा. ये दिन जीवन में 10 महापापों से मुक्ति पाने का अवसर देता है. गंगा दशहरा का मुहूर्त क्या है, इस दिन कौन से काम करने पर लाभ मिलता है जान लें.

गंगा दशहरा 2026

Ganga Dussehra 2026 : गंगा सप्तमी के बाद गंगा जी का महत्वपूर्ण गंगा दशहरा 25 मई 2026 को मनाया जाएगा. गंगा दशहरा ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर आता है. इस तिथि पर ही मां गंगा पृथ्वी पर आईं थी.

पुराणों के अनुसार जो गंगा दशहरा पर गंगा नदी में स्नान करता है उसके 10 तरह के गंभीर पाप (3 शारीरिक, 4 वाचिक, 3 मानसिक) नष्ट हो जाते हैं और व्यक्ति के लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं. गंगा दशहरा पर क्या है शुभ मुहूर्त, इस दिन क्यों मां गंगा पृथ्वी पर आईं, इसका महत्व भी जान लें.

गंगा दशहरा 2026 मुहूर्त

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 25 मई 2026 को सुबह 4.30 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 26 मई को सुबह 5.10 पर इसका समापन होगा.

  • हस्त नक्षत्र प्रारम्भ – 26 मई 2026, सुबह 04:08
  • हस्त नक्षत्र समाप्त – 27 मई 2026, सुबह 05:56
  • व्यतीपात योग प्रारम्भ – मई 27, 2026 को 03:11 ए एम बजे
  • व्यतीपात योग समाप्त – मई 28, 2026 को 03:25 ए एम बजे

क्यों मनाते हैं गंगा दशहरा

गंगा दशहरा देवी गंगा को समर्पित पर्व है तथा इस दिन को उस दिन के रूप में मनाया जाता है जब गंगा भागीरथ के पूर्वजों की शापित आत्माओं को शुद्ध करने के लिए पृथ्वी पर अवतरित हुयी थीं. पृथ्वी पर आने से पूर्व, देवी गंगा भगवान ब्रह्मा के कमण्डल में निवास करती थीं और अपने साथ देवी गंगा स्वर्ग की पवित्रता को पृथ्वी पर लायी थीं. गंगा दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि, पापों के नाश और मोक्ष की प्राप्ति का दिव्य अवसर है

नारद पुराण के अनुसारगंगास्नानं तु यः कुर्यात् ज्येष्ठशुक्लदशाम्यां. दशजन्मकृतं पापं तत्क्षणादेव नश्यति॥

अर्थ – जो व्यक्ति ज्येष्ठ शुक्ल दशमी (गंगा दशहरा) के दिन गंगा स्नान करता है, उसके दस जन्मों के पाप भी तुरंत नष्ट हो जाते हैं.

गंगा दशहरा पर गंगा स्नान महत्व

स्कंद पुराण के अनुसार –  दशहरा नाम पापानां हरति इति दशहरा. गंगायां स्नानमात्रेण सर्वपापैः प्रमुच्यते॥

अर्थ: – दशहरा का अर्थ है “दस प्रकार के पापों का हरण करने वाला”. इस दिन गंगा में स्नान करने मात्र से मनुष्य सभी पापों से मुक्त हो जाता है.. गंगा जल को अमृत के समान माना गया है, जो आत्मा को शुद्ध करता है. इस दिन किए गए दान, जैसे जल, वस्त्र, अन्न आदि, कई गुना फल देते हैं.

गंगा दशहरा पूजा विधि

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा नदी में स्नान करें.
  • यदि गंगा घाट पर न जा सकें तो घर में नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें.
  • स्नान करते समय यह मंत्र बोलें: “ॐ नमः शिवाय गंगायै नमः”
  • स्नान के बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके संकल्प लें कि आप गंगा दशहरा व्रत और पूजा कर रहे हैं.
  • अपने मन में पापों के नाश और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.
  • किसी स्वच्छ स्थान या नदी किनारे चौकी पर गंगा माता की तस्वीर/प्रतिमा स्थापित करें.
  • गंगा माता को जल और पुष्प अर्पित करें
  • धूप-दीप जलाकर आरती करें
  • गंगा स्तोत्र या “गंगा लहरी” का पाठ करें
  • शाम के समय गंगा या किसी जलाशय में दीपदान करें.
  • 10 दीप जलाना शुभ माना जाता है (दस पापों के नाश का प्रतीक).
  • इस दिन 10 प्रकार के दान करना श्रेष्ठ माना गया है:
  • जल, अन्न, वस्त्र, फल, घड़ा, छाता, पंखा आदि
  • ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को दान दें.
  • “ॐ गंगायै नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें.

Special FASTag: स्पेशल FASTag लाने पर किया जा रहा विचार;ऐसी गाड़ियों के लिए खास सावधानी….

0

Special FASTag: इसे लेने की प्रक्रिया सामान्य FASTag से अलग होगी. इसे किसी बैंक या दुकान से नहीं खरीदा जा सकेगा. इसके लिए वाहन मालिक को इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी के पोर्टल पर आवेदन करना होगा.

भारत में हाईवे पर सफर को तेज और बिना रुकावट वाला बनाने के लिए सरकार अब नया AI बेस्ड टोल सिस्टम लागू करने जा रही है. इस सिस्टम में पुराने टोल प्लाजा और बैरियर धीरे-धीरे हटाए जाएंगे और उनकी जगह कैमरे, सेंसर और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान (ANPR)  तकनीक काम करेगी, यानी गाड़ियों को टोल देने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, बल्कि सिस्टम खुद वाहन की पहचान करके सीधे टोल काट लेगा. इसी नई व्यवस्था को मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम कहा जा रहा है.

स्पेशल FASTag लाने पर किया जा रहा विचार

इस नई तकनीक के सामने एक बड़ी समस्या भी आ रही है. भारत में कुछ वाहन ऐसे हैं जिन्हें टोल टैक्स से छूट मिली हुई है, जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की गाड़ियां, सेना और कई इमरजेंसी सेवाओं वाली गाड़ियां शामिल हैं. AI सिस्टम कई बार इन गाड़ियों को नॉर्मल गाड़ी समझ सकता है और गलती से उन पर जुर्माना या ई-नोटिस जारी हो सकता है. इसी परेशानी को रोकने के लिए केंद्र सरकार अब स्पेशल FASTag लाने पर विचार कर रही है.

सरकार की योजना है कि इन विशेष गाड़ियों के लिए अलग कैटेगरी का FASTag जारी किया जाए. यह FASTag नॉर्मल FASTag की तरह काम करेगा, लेकिन इसमें टोल नहीं कटेगा. जैसे ही कोई गाड़ी हाईवे के AI टोल सिस्टम से गुजरेगी, सिस्टम उसे पहचान लेगा और बिना किसी रुकावट के आगे जाने देगा. इससे गलत चालान या पेनल्टी से बचाव होगा और सुरक्षा एजेंसियों को परेशानी नहीं होगी.

इस समस्या के समाधान के लिए सरकार दो विकल्पों पर काम कर रही है. पहला विकल्प यह है कि सड़क परिवहन मंत्रालय के पास सभी टोल-फ्री गाड़ियों का एक बड़ा केंद्रीय डेटाबेस बनाया जाए, जो सीधे AI टोल सिस्टम से जुड़ा हो. दूसरा विकल्प यह है कि ऐसे विभागों और एजेंसियों को खास अनलिमिटेड फ्री मूवमेंट FASTag दिए जाएं.

ऐसी गाड़ियों के लिए खास सावधानी

सेना और रक्षा से जुड़ी गाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार खास सावधानी बरत रही है. सैन्य वाहनों की पहचान उनकी खास डिफेंस नंबर प्लेट से की जा सकती है. जैसे ही ऐसा वाहन टोल कॉरिडोर पार करेगा, सिस्टम उसकी पहचान कर लेगा और सुरक्षा कारणों से उसका डेटा तुरंत डिलीट भी कर दिया जाएगा, ताकि किसी तरह की संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रहे.

सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह सुविधा हर सरकारी कर्मचारी को नहीं मिलेगी. सांसद, विधायक या अन्य अधिकारियों के निजी वाहन तभी टोल छूट के दायरे में आएंगे जब वे पूरी तरह अधिकृत सरकारी कार्य पर हों. यानी सामान्य निजी इस्तेमाल के लिए यह विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं होगी.

स्पेशल FASTag लेने की प्रक्रिया भी सामान्य FASTag से अलग होगी. इसे किसी बैंक या दुकान से नहीं खरीदा जा सकेगा. इसके लिए वाहन मालिक को इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) के पोर्टल पर आवेदन करना होगा. वहां वाहन की RC, विभाग का अधिकृत पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. जांच पूरी होने के बाद वाहन के लिए जीरो बैलेंस स्पेशल FASTag जारी किया जाएगा.

Petrol Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ने से मचा हाहाकार…

0

Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आम जनता किस कदर परेशान है और उन्हें कितनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, ये आप यहां से जान सकते हैं. यहां से आप पब्लिक की समस्या समझ सकते हैं.

देशभर में पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ने से हाहाकार मचा हुआ है. 5 दिन में ये दूसरी बार जब रेट बढ़ गए हैं. अब तो लोग भी पैनिक करने लगे हैं. पेट्रोल पंप पर लंबी- लंबी लाइन लग रही है तो लोगों में काफी नाराजगी, आक्रोश और परेशानी नजर आ रही है. यहां से आप अलग- अलग शहरों का हाल जान सकते हैं. यहां आम आदमी की नाराजगी और पेट्रोल- डीजल के लिए जुझ रहे लोगों की परेशानियों के बारे में बताया गया है.

जयपुर पेट्रोल डीजल की कीमत
पेट्रोल डीजल की कीमत एक बार फिर से बढ़ने से पिंक सिटी जयपुर के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. जयपुर में पेट्रोल के दाम 94 तो डीजल 92 पैसे प्रति लीटर बढ़ गया है. बढ़ोतरी के बाद यहां पेट्रोल 108 रुपए 90 पैसे और डीजल 94 रुपए 14 पैसे हो गए हैं. पांच दिनों में दूसरी बार बढ़ोतरी होने से लोगों में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है. लोगों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध करीब डेढ़ महीने पहले थम चुका है. ऐसे में दाम बढ़ाया जाना कतई ठीक नहीं है. लोगों का यह भी कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी होने से उनके बजट पर असर पड़ता है. सरकार को यह बढ़ोत्तरी वापस लेनी चाहिए.

मोहाली पेट्रोल डीजल की कीमत
पेट्रोल और डीजल के दामों में पांच दिन में दूसरी बार वृद्धि हुई है. पंजाब में पेट्रोल पिछली बार ही 100 रुपए प्रति लीटर से ऊपर चला गया था. मोहाली के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल 102.41 रुपए प्रति लीटर और डीजल 92.20 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है. लगातार बढ़ते दामों से जनता परेशान है. टैक्सी चलाने वाले एक शख्स ने बताया कि पेट्रोल और डीजल के दाम तो बढ़ रहे हैं मगर अगर वे लोगों से इस हिसाब से ज्यादा पैसे मांगते हैं तो लोग देने से मना कर देते हैं.  एक और शक्श ने कहा कि वे मोटरसाइकिल पर निर्भर हैं और पूरा दिन इस्तेमाल करते हैं तो जेब पर फर्क तो पड़ेगा ही.

वाराणसी पेट्रोल डीजल की कीमत
पेट्रोल पंप पर मौजूद लोगों ने ABP Live से बातचीत के दौरान कहा कि बिल्कुल पेट्रोल डीजल के दाम का असर अन्य आवश्यक सामानों के दम पर भी पड़ेगा, आज सुबह जब पेट्रोल भरवाने पहुंचे तो दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही है. मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने भी माना कि ईंधन के बढ़ते दाम का और व्यापक असर देखा जाएगा.

भोपाल पेट्रोल डीजल की कीमत
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अगर बात करें तो पेट्रोल में 95 पैसे और डीजल में 93 पैसे की वृद्धि हुई है. इन बड़ी हुई कीमतों के बाद पेट्रोल 110 रुपए 74 पैसे जबकि डीजल 95 रुपए 90 पैसे पहुंच गया है. आम लोग सुबह-सुबह इन बढ़ी हुई किम तो से अनजान थे, लोगों का कहना है कि सरकार को बढ़ती महंगाई को लेकर कुछ करना होगा.

पटना पेट्रोल डीजल की कीमत
बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल 96 पैसे महंगा हो गया है तो वहीं डीजल की कीमत में 95 पैसे की वृद्धि आई है. बढ़ते पेट्रोल डीजल के दम पर जनता ने कहा कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. पेट्रोल भरवाने आए एक स्टूडेंट ने कहा- ‘पेट्रोल काफी ज्यादा महंगा हो गया है. मॉर्निंग में दूर से कोचिंग के लिए आते हैं इसलिए बाइक से आना पड़ता है.’ डीजल- पेट्रोल के दाम बढ़े हैं तो ऑटो वाले ने अपना किराया भी बढ़ा दिया है. पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने आए लोगों ने कहा कि सरकार को पेट्रोल और डीजल के दाम पर ध्यान देना चाहिए. पटना के ही पेट्रोल पंप मालिक अरविंद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पेट्रोलियम कंपनी की ओर से ऐसी कोई निर्देश नहीं दी गई है कि डीजल पेट्रोल को फूल टंकी नहीं करें या कम बेंचे. लेकिन समय को देखते हुए हम पेट्रोल पंप मालिकों ने यह निर्णय लिया है कि किसी को पेट्रोल डीजल की दिक्कत ना हो इसलिए लिमिट के हिसाब से ही बिक्री कर रहे हैं. अब कोई भी व्यक्ति फूल टंकी कर लेगा और किसी को नहीं मिलेगा तो अफवाह फैलेगी. हमें अफवाह नहीं फैलाना है और सभी लोगों की जरूरत को पूरा करना भी है इसलिए यह निर्णय ली गई है की टंकी फुल नहीं करेंगे. बाइक, कार, बड़ी फोर व्हीलर, ट्रक, ट्रैक्टर, बस को उसके हिसाब से डीजल पेट्रोल दी जा रही है.

छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र)
छत्रपति संभाजीनगर के वैजापुर तालुका स्थित महालगांव में पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ उमड़ रही है. डीजल लेने के लिए नागरिक कैन लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंच रहे हैं. पेट्रोल पंप पर ट्रैक्टर, चार पहिया और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं. कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की किल्लत महसूस होने के कारण चालू पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है. खेती के काम के लिए डीजल नहीं मिलने से किसानों ने बड़ी संख्या में पेट्रोल पंप पर आज सुबह से ही भीड़ जमा होती देखी गई है. छत्रपति संभाजी नगर के ग्रामीण इलाकों में कई फ्यूल पंप पूरी तरह से खाली हो चुके हैं.  जहां कहीं भी डीजल अभी मिल रहा है, वहां लंबी कतारें लगी हुई हैं. एक तरफ गाड़ियों की कतारें हैं, तो दूसरी तरफ कनस्तर लिए लोगों की कतारें. किसान खेतों में खेती-बाड़ी के काम करने के लिए भी जरूरी डीजल हासिल नहीं कर पा रहे हैं. छत्रपति संभाजीनगर जिले के ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल की कमी अभी भी बनी हुई है.  छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र में स्थित जवाले अडगांव के एक पेट्रोल पंप पर, वाहन चालकों की लंबी-लंबी कतारें देर रात तक लगी देखी गईं. अपनी बारी पाने के लिए, ग्राहक हाथों में ईंधन के डिब्बे लिए कतार में खड़े नजर आए. इनमें से ज्यादातर लोग किसान थे.

अहमदाबाद पेट्रोल डीजल की कीमत
अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर, चारोटी स्थित एशियन पेट्रोल पंप पर, बीती रात दोपहिया वाहन चालकों की भारी भीड़ ईंधन भरवाने के लिए जमा हो गई है, जिसके कारण मोटरसाइकिलों की लंबी कतारें दूर तक फैली हुई दिखाई दे रही हैं. जिले के अधिकांश पंपों पर पेट्रोल की सीमित आपूर्ति ने वाहन चालकों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है. कई जगहों पर, जैसे ही पेट्रोल मिलता होता है, नागरिक बड़ी संख्या में अपने वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए दौड़ पड़ते हैं. इस बीच, जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, शांति बनाए रखें और केवल अपनी तत्काल जरूरतों के अनुसार ही ईंधन खरीदें.

बुलढाणा (महाराष्ट्र) पेट्रोल डीजल की कीमत
पिछले चार से पांच दिनों से बुलढाणा जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत के कारण वाहन चालक और नागरिक परेशान हैं, जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए हैं. मानसून देश की दहलीज पर पहुंच चुका है, ऐसे में किसानों को खेतों की जुताई और मानसून पूर्व खेती के काम ट्रैक्टरों से करने पड़ते हैं. लेकिन ट्रैक्टरों के लिए डीजल नहीं मिलने से किसान और वाहन चालक पूरी रात पेट्रोल पंपों पर कतारों में खड़े रहे.

पालघर (महाराष्ट्र) पेट्रोल डीजल की कीमत
पालघर में पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें हैं. ईंधन की कमी कि अफवा से भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. पालघर जिले के कई पेट्रोल पंपों पर इस समय काफी भीड़ देखने मिल रही है क्योंकि कुछ पेट्रोल पंप बंद भी है .

चिकली (महाराष्ट्र)
चिकली के एक पेट्रोल पंप पर पंप संचालक द्वारा डीजल नहीं दिए जाने से किसानों ने धरना आंदोलन किया. जिले के 166 पेट्रोल पंपों में से आधे से ज्यादा पंप ईंधन की कमी और नो स्टॉक की स्थिति के कारण बंद हैं. जिन पेट्रोल पंपों पर ईंधन है, वहां वाहन चालकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे कई जगह विवाद और हंगामे की स्थिति बन रही है. एक किसान ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय पर ईंधन नहीं मिला, तो मानसून पूर्व खेती के काम नहीं हो पाएंगे और खेत बंजर पड़े रहने का खतरा पैदा हो जाएगा.

दिल्ली में स्ट्राइक
पेट्रोल-डीजल के बाद अब दिल्ली में ऑटो-टैक्सी किराया बढ़ाने की मांग करते हुए स्ट्राइक का ऐलान हो गया है. सीएनजी के दाम बढ़ते ही दिल्ली के ऑटो और टैक्सी चालकों ने किराया बढ़ाने की मांग उठा दी है. दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत किराया संशोधन की मांग की है. पत्र में कहा गया है कि दिल्ली में सीएनजी की कीमत पहले 77.9 रुपये थी जो अब 2 रुपये बढ़कर 79.9 रुपये हो गई है. इससे पहले अप्रैल 2025 में 1 रुपये और मई 2025 में भी 1 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है. यानी पिछले एक साल में सीएनजी 4 रुपये महंगी हो चुकी है जबकि किराया आखिरी बार 12 जनवरी 2023 को बढ़ाया गया था.

संगठन का कहना है कि टायर, इंजन पार्ट्स, ऑयल और अन्य स्पेयर पार्ट्स भी लगातार महंगे हो रहे हैं जिससे गाड़ी चलाने की कुल लागत बढ़ गई है. किराये में बदलाव की मांग की बात करें तो ऑटो के लिए न्यूनतम किराया पहले डेढ़ किलोमीटर के लिए 30 रुपये है जिसे बढ़ाकर 50 रुपये करने और प्रति किलोमीटर दर 11 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये करने की मांग. टैक्सी के लिए पहले किलोमीटर का न्यूनतम किराया 40 रुपये से बढ़ाकर 70 रुपये, नॉन-एसी टैक्सी की दर 17 से 30 रुपये और एसी टैक्सी की दर 25 से 40 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग की गई है

नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम बदलने की मांग पर बोले CJI…

0

महाराष्ट्र सरकार ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर ‘लोकनेता डी बी पाटिल नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा’ रखने का प्रस्ताव पेश किया था.

देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मंगलवार (19 मई, 2026) को कहा कि युवा प्रदर्शन करें लेकिन उसके लिए उन्हें सड़कों पर उतरकर दूसरों के लिए परेशानी पैदा नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है.

सीजेआई सूर्यकांत ने उस वक्त यह टिप्पणी की जब वह महाराष्ट्र सरकार के नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलने के प्रस्ताव पर केंद्र को समयबद्ध निर्णय लेने का निर्देश देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. इस मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों पर सीजेआई सूर्यकांत ने यह बात कही है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘शांतिपूर्ण और कानून के तहत विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है, लेकिन सड़कों पर उतरकर आम आदमी के लिए परेशानी खड़ी मत कीजिए.’ महाराष्ट्र सरकार ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर ‘लोकनेता डी बी पाटिल नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा’ रखने का प्रस्ताव पेश किया था.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने याचिकाकर्ता संगठन ‘प्रकाशजोत सामाजिक संस्था’ के वकील से कहा, ‘यह नीति निर्माण में हस्तक्षेप करने के समान होगा.’ बेंच ने कहा कि वह बंबई हाईकोर्ट के नवंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने की इच्छुक नहीं है, जिसमें याचिका खारिज कर दी गई थी.

बेंच ने याचिकाकर्ता को सक्षम प्राधिकार के समक्ष मामले को आगे बढ़ाने की स्वतंत्रता दी. कोर्ट ने इस पर कहा, ‘क्या यह तय करना कोर्ट का काम है कि किसी हवाई अड्डे का नाम क्या होना चाहिए?’ कोर्ट ने यह भी कहा, ‘राज्य सरकार को इस मामले को आगे बढ़ाने दीजिए. लोकतांत्रिक व्यवस्था में आपको कुछ अधिकार प्राप्त हैं और आप उनका इस्तेमाल कर सकते हैं. यह बात आप भली-भांति जानते हैं.’

मोदी सरकार पर विदेश दौरों को लेकर निशाना…’ राहुल गांधी.;”…’खरगे ने भी ईंधन कीमतों को लेकर सरकार को घेरा.,’

0

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार लोगों से विदेश यात्रा कम करने की बात कर रही है, जबकि पीएम खुद लगातार विदेश दौरों पर रहते हैं.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया है कि देश जल्द ही एक बड़े ‘आर्थिक तूफान’ का सामना करने वाला है. रायबरेली दौरे के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बनाई गई आर्थिक व्यवस्था कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों के फायदे के लिए तैयार की गई है, जिसका सबसे ज्यादा असर आम जनता पर पड़ेगा.

‘आम जनता भुगतेगी सबसे बड़ा नुकसान’
राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा आर्थिक ढांचा ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है. उन्होंने कहा, ‘जो आर्थिक झटका आने वाला है, उसका असर अडानी, अंबानी और मोदी जी पर नहीं पड़ेगा. इसका सबसे बड़ा असर यूपी के युवाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर होगा.’

मोदी सरकार पर विदेश दौरों को लेकर निशाना
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार लोगों से विदेश यात्रा कम करने की बात कर रही है, जबकि पीएम खुद लगातार विदेश दौरों पर रहते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार देश की आंतरिक आर्थिक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय जनता को सलाह देने में लगी हुई है.

खरगे ने भी ईंधन कीमतों को लेकर सरकार को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने इसे ‘मोदी सरकार द्वारा पैदा किया गया आर्थिक संकट’ बताया. खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं का बोझ आम लोगों पर डाल रही है, जबकि बड़े कॉरपोरेट घरानों को राहत दी जा रही है.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी
मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गया, जबकि डीजल 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया.

तेल संकट से बढ़ सकती है आर्थिक परेशानी
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और आयात पर निर्भरता के कारण भारत का तेल व्यापार घाटा आने वाले समय में और बढ़ सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवारा कुत्तों से निपटने के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत करने का निर्देश दिया….

0

आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी लिखित आदेश है या सिर्फ मौखिक टिप्पणी.

उन्होंने कहा कि खतरनाक श्रेणी के कुत्तों की पहचान करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन अगर सभी सड़क पर रहने वाले कुत्तों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाएगा तो यह चिंता और विरोध का विषय बनेगा.

सभी आवारा कुत्तों के साथ अमानवीय व्यवहार ठीक नहीं

सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि प्रशासन को सिर्फ उन कुत्तों को चिन्हित करना चाहिए जो वास्तव में लोगों के लिए खतरा हैं. उन्होंने कहा, “अगर सही तरीके से चिन्हित कर कार्रवाई की जाए तो सुप्रीम कोर्ट को तर्कसंगत फैसला लेना चाहिए, लेकिन सभी सड़क पर रहने वाले कुत्तों के खिलाफ कार्रवाई गलत होगी.”

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को दूसरी जगह भेजने और उनके बंध्याकरण से जुड़े पुराने निर्देश वापस लेने की मांग वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी थीं. अदालत ने कहा कि सम्मान के साथ जीने के अधिकार में कुत्तों के हमले से सुरक्षित रहने का अधिकार भी शामिल है.

राज्यों को दिए सख्त निर्देश

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवारा कुत्तों से निपटने के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत करने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि देशभर में ‘पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम’ सही तरीके से लागू नहीं हो रहा और इसमें लगातार कमी देखी जा रही है.

जमीनी हकीकत से आंखें नहीं मूंद सकते

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और विदेशी पर्यटक तक कुत्तों के काटने की घटनाओं का शिकार हुए हैं. अदालत ने माना कि यह एक गंभीर समस्या है और इससे निपटने के लिए राज्यों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे.

Honda अब भारत में पेश करने जा रही सस्ती SUV, कीमत होगी 10 लाख से भी कम, जानें डिटेल्स,

0

Honda Cheapest SUV: नई SUV में कंपनी 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन दे सकती है, जो मैनुअल और CVT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आ सकता है. कंपनी भविष्य में इसमें हाइब्रिड टेक्नोलॉजी भी ला सकती है.

भारतीय कार बाजार में SUV की मांग लगातार बढ़ती जा रही है. इसी को देखते हुए अब जापानी कंपनी Honda ने भारत के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह साल 2028 तक भारतीय बाजार में एक नई कॉम्पैक्ट SUV लॉन्च करेगी. यह SUV 4 मीटर से छोटी होगी और माना जा रहा है कि यह पुरानी WR-V की जगह ले सकती है. कंपनी की यह नई कार सीधे तौर पर Maruti Suzuki Brezza, Tata Nexon, Hyundai Venue और Kia Sonet जैसी पॉपुलर गाड़ियों को टक्कर देगी.

दरअसल, Honda ने साल 2023 में अपनी WR-V को बंद कर दिया था. इसके बाद कंपनी के पास सब-4 मीटर SUV सेगमेंट में कोई मॉडल नहीं बचा. लेकिन अब कंपनी दोबारा इस तेजी से बढ़ते सेगमेंट में वापसी करने जा रही है. Honda का कहना है कि इस बार वह भारत के ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई SUV तैयार करेगी. यानी कार का डिजाइन, फीचर्स, कीमत और तकनीक भारतीय बाजार के हिसाब से तय किए जाएंगे.

नई SUV में क्या होगा खास?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई SUV में कंपनी 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन दे सकती है, जो मैनुअल और CVT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आ सकता है. Honda भविष्य में इसमें हाइब्रिड टेक्नोलॉजी भी ला सकती है, ताकि बेहतर माइलेज और कम प्रदूषण का फायदा मिल सके. हालांकि कंपनी ने अभी इंजन और फीचर्स की पूरी जानकारी साझा नहीं की है. गाड़ी की कीमत 10 लाख रुपये से कम हो सकती है.

2030 तक भारत में आएंगे नए मॉडल

Honda की यह नई SUV कंपनी की बड़ी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है. कंपनी 2030 तक भारत में कई नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में है, जिनमें ज्यादातर SUV होंगी. Honda को लगता है कि भारतीय बाजार में अब SUV सबसे ज्यादा पसंद की जा रही हैं और अगर कंपनी को अपनी पकड़ मजबूत करनी है तो उसे इसी सेगमेंट पर ज्यादा ध्यान देना होगा.

ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि Honda के लिए यह लॉन्च काफी अहम होगा, क्योंकि पिछले कुछ सालों में कंपनी भारतीय बाजार में पीछे रह गई है. ऐसे में  उम्मीद की जा सकती है कि अगर कंपनी शानदार फीचर्स, बेहतर माइलेज और भरोसेमंद इंजन के साथ नई SUV लाती है तो यह बाजार में बड़ा बदलाव ला सकती है.

महंगा मिलेगा बड़ा पाव, जानें एक प्लेट की कितनी बढ़ जाएगी कीमत?

0

पहले कमर्शियल सिलेंडर, फिर पेट्रोल-डीजल, उसके बाद दूध की कीमतें बढ़ाई गईं. अब ब्रेड और पाव के रेट भी बढ़ा दिए गए. यह किसी आम मुंबईकर के लिए किसी झटके से कम नहीं है.

दूध की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब मुंबई के निवासियों को महंगाई का एक और झटका लगा है क्योंकि पूरे शहर में ब्रेड की कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं. अभी हाल ही में (14 मई)  को अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमतों में प्रति लीटर 2 रुपये का इजाफा किया था.

अब ब्रेड और पाव की कीमतों में 5 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है. इस कदम का सीधा असर आम नागरिकों के रोजमर्रा के खर्चों पर पड़ने की उम्मीद है, खासकर उन कामकाजी लोगों पर, जिनका दिन-भर का गुजारा वड़ा पाव, मिसल पाव, भाजी पाव और सैंडविच जैसे सस्ते नाश्तों पर निर्भर होता है.

मुंबई में ब्रेड के नए रेट्स

ब्रेड की वैरायटी  पुरानी कीमत नया रेट
सैंडविच ब्रेड 40 रुपये 45 रुपये
व्हाइट ब्रेड 20 रुपये 22 रुपये
ब्राउन ब्रेड 45 रुपये 50 रुपये
होल व्हीट ब्रेड 55 रुपये 60 रुपये
मल्टीग्रेन ब्रेड 60 रुपये 65 रुपये

क्यों बेकरियों ने बढ़ाई कीमत? 

मुंबई में लोकल बेकरियों ने ब्रेड के साथ-साथ सिंगल पाव की कीमतें भी बढ़ा दी हैं. उनका कहना है कि प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ने के कारण उन्हें मजबूरन कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं. प्लास्टिक पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, आयातित कच्चे माल और कमजोर होते रुपये से अब खर्च पहले के मुकाबले ज्यादा बैठ रहा है.

यह चिंता की बात इसलिए है क्योंकि मुंबई में वड़ा पाव वहां का एक कल्चर बन गया है. लाखों लोग हर दिन यहां पाव से बने आइटम्स खाते हैं. ग्राहकों ने चिंता जताई है कि कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी से आम मुंबईकर पर और ज्यादा आर्थिक बोझ पड़ेगा, जो पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहा है.

चौतरफा बढ़ रही महंगाई 

मई की पहली तारीख को देश में कमर्शियल सिलेंडर के दाम 993 रुपये बढ़ा दिए गए. ऊपर से पिछले एक हफ्ते में पेट्रोल-डीजल के दाम में दो बार बढ़ोतरी की गई. इस वजह से बेकरियों तक कच्चा माल पहुंचाने में और उनके यहां से दुकानों पर ब्रेड-पाव की सप्लाई पर खर्च ज्यादा बैठ पड़ रहा है. ऐसे में नुकसान की भरपाई के लिए कीमतें बढ़ा दी गईं.

कितनी बढ़ जाएगी एक प्लेट की कीमत?

आमतौर पर मुंबई के अलग-अलग दुकानों और इलाकों में एक बड़ा पाव 15-25 रुपये के बीच मिलता था. अब इनकी कीमतें औसतन 2-5 रुपये के बीच बढ़ जाएंगी. यानी कि अब इनके 18-30 रुपये के बीच बिकने के आसार हैं.

भारत-रूस तेल: रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा भारत, जानें अब तक कितना क्रूड ऑयल…

0

अमेरिका ने रूसी तेल शिपमेंट से जुड़ी अस्थायी छूट को बढ़ा दिया है. इससे रूस पर जारी प्रतिबंधों के बावजूद समुद्र में मौजूद कच्चा तेल खरीदने वाले देशों तक पहुंचता रहेगा. इस छूट को अब 17 जून तक बढ़ा दिया गया है. इसके बाद भारत समेत कई तेल आयात करने वाले देशों को राहत मिली है. यह ऐसे समय में हुआ है जब ईरान से जुड़े तनाव और आपूर्ति में रुकावट की आशंकाओं की वजह से वैश्विक तेल बाजार दबाव में है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत ने अब तक रूस से कितना कच्चा तेल मंगाया है.

रूस बना भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता

2022 में यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से रूस से भारत के तेल आयात में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है. संघर्ष से पहले भारत के कुल तेल आयात में रूसी कच्चे तेल की हिस्सेदारी सिर्फ 0.2% से 1% के बीच थी.  हालांकि अब यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 35% से 40% तक पहुंच गया है. इससे रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है.

वर्तमान में भारत रूस से औसतन प्रतिदिन 1.8 से 1.9 मिलियन बैरल कच्चे तेल का आयात कर रहा है. इस भारी बढ़ोतरी के पीछे की वजह यह है कि दूसरे वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं की तेल की तुलना में रूसी कच्चा तेल रियायती दरों पर उपलब्ध है. भारत जो अपने कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 80% से 85% इंपोर्ट करता है स्थिर ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने और ईंधन की लागत को कंट्रोल करने के लिए रूसी तेल खरीदना जारी रखे हुए है.

भारत ने रूसी तेल पर अरबों खर्च किए 

एनर्जी थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने मार्च 2026 के दौरान लगभग 5.3 बिलियन यूरो मूल्य के रूसी कच्चे तेल का इंपोर्ट किया. यह हाल के महीनों में दर्ज किए गए सबसे ज्यादा मासिक आयात आंकड़ों में से एक था. हालांकि अप्रैल 2026 में इंपोर्ट में लगभग 15% की गिरावट देखने को मिली.

अप्रैल में क्यों आई गिरावट

अप्रैल में आई यह गिरावट किसी बड़े नीतिगत बदलाव या फिर भू राजनीतिक दबाव से जुड़ी नहीं थी. इसके बजाय इसकी मुख्य वजह गुजरात में नायरा एनर्जी द्वारा संचालित वाडिनार रिफाइनरी में रख-रखाव के लिए किया गया शटडाउन था. रिफाइनरी ने कथित तौर पर 9 अप्रैल से रख-रखाव का काम शुरू कर दिया है जिस वजह से कुल इंपोर्ट की मांग अस्थायी रूप से कम हो गई.