कांग्रेस का सरकार पर हमला
छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी ने गर्मी बढ़ा दी है. कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. अमीनुल खान सूरी ने राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि “आज छत्तीसगढ़ बांग्लादेश बनता जा रहा है”, और आरोप लगाया कि राज्य में अल्पसंख्यकों के साथ प्रताड़ना की घटनाएं बढ़ रही हैं.
कानून–व्यवस्था पर सवाल, ”अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना”
डॉ. सूरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को लंबे समय तक “शांति का टापू” कहा जाता रहा है, लेकिन वर्तमान हालात चिंताजनक हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है और प्रशासन संवेदनशील मामलों में गंभीरता नहीं दिखा रहा. सूरी ने कहा कि कब्रिस्तान से जुड़े मामलों में अनावश्यक विवाद खड़े किए जा रहे हैं. साथ ही क्रिसमस के दिन मॉल में सांता क्लॉज की प्रदर्शनी में तोड़फोड़ जैसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द पर चोट करती हैं. कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों बन रही हैं? शासन-प्रशासन इन मामलों पर मौन क्यों है? क्या प्रदेश में सामाजिक सौहार्द को कमजोर करने की कोशिश हो रही है?
SIR प्रक्रिया पर भी कांग्रेस के आरोप
डॉ. सूरी ने SIR की प्रक्रिया पर भी गंभीर आपत्ति जताई. आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि उनके संगठन के एक पदाधिकारी का नाम भी SIR के दौरान सूची से हटा दिया गया है. कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें न्याय मिले. उन्होंने राज्य सरकार से उन्मादी तत्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए.
सरकार का पलटवार: अवैध घुसपैठ पर सख्ती जारी
इधर राज्य सरकार ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने का दावा किया. हाल ही में आयोजित पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि बीते दो वर्षों में 34 अवैध घुसपैठियों को डिपोर्ट किया गया है. उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष एसटीएफ का गठन किया गया है, नागरिकों से सूचना प्राप्त करने हेतु टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है. संदिग्धों के लिए होल्डिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं. उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में अवैध रूप से रहने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर घुसपैठियों को बख्शा नहीं जाएगा.
सियासी बयानबाजी से बढ़ा तापमान
एक ओर कांग्रेस राज्य में कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेर रही है, तो दूसरी ओर सरकार अवैध घुसपैठ और सुरक्षा के मुद्दे पर अपनी सख्ती को प्रमुखता से पेश कर रही है. अब सवाल यह है कि क्या यह केवल सियासी बयानबाजी है या प्रदेश में वाकई सामाजिक ताने-बाने पर असर पड़ रहा है? आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज होने के संकेत हैं.



