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सीनियर सिटीजन के लिए 3 साल की FD पर बेहतरीन ब्याज दरें…

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सीनियर सिटीजन के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें

60 वर्ष या उससे अधिक आयु के सीनियर सिटीजन अब भी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर आकर्षक ब्याज दरें प्राप्त कर सकते हैं। जनवरी 2026 में, विशेष रूप से स्मॉल फाइनेंस बैंक 3 साल (36 महीने या लगभग 1095 दिनों) की FD पर सीनियर सिटीजन को 7.5% से 8% तक के रिटर्न की पेशकश कर रहे हैं।

ये दरें बड़े बैंकों जैसे SBI, HDFC, और ICICI की तुलना में काफी अधिक हैं, जहां 3 साल की FD पर सीनियर सिटीजन को आमतौर पर 6.9% से 7.2% तक मिल रहा है।

महत्वपूर्ण जानकारी

नोट: ये ब्याज दरें 3 करोड़ रुपये तक की डिपॉजिट पर लागू होती हैं और जनवरी 2026 के मध्य तक की नवीनतम जानकारी पर आधारित हैं। दरें बदल सकती हैं, इसलिए बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से पुष्टि करें। FD पर DICGC इंश्योरेंस ₹5 लाख तक कवर करता है, इसलिए बड़ी राशि को कई बैंकों में बांटने की सलाह दी जाती है।

3 साल की FD पर शीर्ष ऑफर्स (सीनियर सिटीजन के लिए) यहां कुछ प्रमुख स्मॉल फाइनेंस बैंक हैं जो बेहतरीन रिटर्न प्रदान कर रहे हैं:

  • Utkarsh Small Finance Bank- 8% p.a. (3 साल की अवधि पर) सीनियर सिटीजन के लिए सबसे आकर्षक विकल्प।
  • Jana Small Finance Bank – 7.77% से 8% p.a. (3 साल या 1095 दिनों पर) कई रिपोर्टों में 7.5% से 8% तक का उल्लेख, हाल ही में संशोधित।
  • Suryoday Small Finance Bank – 8% p.a. (2-3 साल या 3-5 साल के स्लैब में) लंबी अवधि पर उच्च दरें।
  • Shivalik Small Finance Bank – 8% p.a. (चुने हुए 2-5 साल की अवधि पर)
  • ESAF Small Finance Bank – 8% p.a. (2-3 साल पर), हालांकि 444 दिनों पर 8.10% तक।

अन्य अच्छे विकल्प

  • Slice Small Finance Bank – 7.5% p.a. (3 साल पर)
  • Ujjivan Small Finance Bank – 7.95% p.a. (2 साल पर, 3 साल के करीब उच्च)
  • AU Small Finance Bank – 7.6% p.a. (24-36 महीने पर)

बड़े बैंकों की तुलना

  • ICICI Bank: ~7.1% (3 साल पर)
  • HDFC Bank: ~6.95%
  • SBI: ~6.8-7% (विशेष योजनाओं में थोड़ा अधिक)

स्मॉल फाइनेंस बैंक के उच्च रेट का कारण

क्यों स्मॉल फाइनेंस बैंक ज्यादा रेट देते हैं?

ये बैंक ग्रासरूट स्तर पर काम करते हैं और डिपॉजिट आकर्षित करने के लिए उच्च दरें प्रदान करते हैं। हालांकि, इनमें जोखिम थोड़ा अधिक माना जाता है (हालांकि DICGC कवर है)।

यदि आप 3 साल की FD की योजना बना रहे हैं, तो Utkarsh, Jana या Suryoday जैसे बैंक आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। निवेश से पहले अपनी आवश्यकताओं (लिक्विडिटी, राशि) पर ध्यान दें और TDS (ब्याज पर कर) का ध्यान रखें-सीनियर सिटीजन के लिए ₹50,000 तक की ब्याज पर TDS नहीं कटता।

इंडोनेशिया में ATR 42-500 विमान लापता, 11 लोग सवार

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इंडोनेशिया का ATR 42-500 विमान हवा में लापता हो गया है, जिसमें 11 लोग सवार थे। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में बुलू साराउंग पर्वत के निकट जलता हुआ मलबा देखा गया है।

फुटेज में घने कोहरे के बीच मलबे के चारों ओर बिखरे सामान और एक छोटी सी आग को बुझाने की कोशिश करते हुए व्यक्ति को दिखाया गया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह विमान मकासार के पास उड़ान भरते समय लापता हुआ। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि विमान का संपर्क स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:17 बजे के आसपास टूट गया। इसमें तीन यात्री और आठ चालक दल के सदस्य शामिल थे।

FlightRadar24 के अनुसार, विमान समुद्र के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ रहा था, जिससे रडार कवरेज सीमित हो गया था। इसका अंतिम सिग्नल मकासार एयरपोर्ट से लगभग 12 मील (20 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में 04:20 UTC पर प्राप्त हुआ था।

स्थानीय मीडिया ने बताया कि विमान एयर ट्रैफिक कंट्रोल से रूट निर्देश मिलने के बाद रडार से गायब हो गया। इंडोनेशियाई अधिकारियों ने अभी तक विमान दुर्घटना की पुष्टि नहीं की है। मकासार में खोज और बचाव एजेंसी के प्रमुख एंडी सुल्तान ने बताया कि बचाव दल घटनास्थल पर भेजे जा रहे हैं।

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़

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माघ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान रविवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर सुबह आठ बजे तक 1.3 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया। मेला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि रात 12 बजे से ही श्रद्धालु स्नान के लिए गंगा और संगम क्षेत्र में पहुंचना शुरू कर चुके थे।

इससे पहले, मकर संक्रांति पर 1.03 करोड़ और एकादशी के दिन लगभग 85 लाख लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई थी।

सुविधाओं का प्रबंध

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं को सही दिशा दिखाने के लिए मेला प्रशासन ने खंभों पर ‘रिफ्लेक्टिव टेप’ लगाए हैं, और नागरिक सुरक्षा स्वयं सेवक भी मार्गदर्शन कर रहे हैं। माघ मेला 800 हेक्टेयर में फैला हुआ है और इसे सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

स्वच्छता और आवास की व्यवस्था

मेले के क्षेत्र में 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से ज्यादा सफाईकर्मी तैनात हैं। छोटे समय के कल्पवास करने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी बनाई गई है, जहां ध्यान और योग की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन

श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं।

पार्किंग और घाटों का निर्माण

भीड़ प्रबंधन और सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए इस बार 42 अस्थायी पार्किंग बनाई गई हैं, जिनमें लगभग एक लाख से अधिक वाहन खड़े किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है, जहां सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने असम में काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का उद्

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काजीरंगा परियोजना का भूमि पूजन

रविवार को, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम के नगांव जिले में 6,957 करोड़ रुपये की लागत वाली काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी। इसके साथ ही, उन्होंने दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई।

मोदी ने गुवाहाटी से नगांव पहुंचकर इस परियोजना के भूमि पूजन में भाग लिया। एक अधिकारी के अनुसार, यह कॉरिडोर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभ्यारण्य के निकट वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करेगा, साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग-715 पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने में मदद करेगा। इसके अलावा, यह स्थानीय रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगा।

यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कलियाबोर-नुमलिगढ़ खंड के चौड़ीकरण का हिस्सा है, जिसमें लगभग 34.45 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड और वन्यजीवों के अनुकूल कॉरिडोर शामिल होगा। इसके साथ ही, जखलाबंधा और बोकाखत में बाईपास भी बनाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के एक मॉडल का निरीक्षण भी किया। इसके अलावा, उन्होंने डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या-रोहतक के लिए दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को डिजिटल माध्यम से हरी झंडी दिखाई।

अधिकारी ने बताया कि ये ट्रेनें असम और पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे विभिन्न राज्यों के बीच लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी में सुधार लाएंगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

प्रधानमंत्री ने इससे पहले एक पोस्ट में कहा था कि वह असम के कलियाबोर में प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज मैं कालियाबोर, असम के काजीरंगा में 35 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर समेत प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन को लेकर उत्सुक हूं। इससे विशेष रूप से मानसून के दौरान जानवरों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।”

प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्थ ईस्ट के विकास पर जोर दिया…

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नॉर्थ ईस्ट की दूरी और विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या हमेशा से दूरी रही है, चाहे वह भावनात्मक हो या भौगोलिक। यहां के निवासियों को लंबे समय से यह महसूस होता रहा है कि देश का विकास कहीं और हो रहा है, जिससे वे पीछे रह गए हैं।

इसका प्रभाव केवल आर्थिक स्थिति पर नहीं पड़ा, बल्कि लोगों के विश्वास पर भी असर डाला। भाजपा ने इस भावना को बदलने का प्रयास किया है। डबल इंजन की सरकार ने नॉर्थ ईस्ट के विकास को प्राथमिकता दी है। असम को सड़क, रेलवे, हवाई और जलमार्गों से जोड़ने का कार्य एक साथ शुरू किया गया। इसके विपरीत, कांग्रेस ने इस दिशा में कभी ध्यान नहीं दिया। जब कांग्रेस सत्ता में थी, असम को रेल बजट में केवल लगभग 2000 करोड़ रुपये मिलते थे, जबकि अब भाजपा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया है।

पर्यटन और संरक्षण में वृद्धि

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब प्रकृति सुरक्षित रहती है, तो नए अवसर भी उत्पन्न होते हैं। हाल के वर्षों में काजीरंगा में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। स्थानीय युवाओं को होम स्टे, गाइड सेवाएं, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के माध्यम से आय के नए स्रोत मिले हैं। मैं असम की सरकार की एक और उपलब्धि की सराहना करना चाहता हूं। एक समय था जब काजीरंगा में राइनो के शिकार की घटनाएं चिंता का विषय बन गई थीं। 2013-14 में कई राइनो मारे गए थे। भाजपा सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि अब ऐसा नहीं होगा।

सुरक्षा और विकास की दिशा में कदम

हमने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया, वन विभाग को आधुनिक संसाधन प्रदान किए, निगरानी तंत्र को सशक्त किया और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि 2025 में राइनो के शिकार की कोई घटना नहीं हुई। हाल के चुनाव परिणामों ने स्पष्ट जनादेश दिया है। आज का मतदाता सुशासन और विकास चाहता है, और इसी कारण भाजपा को पसंद कर रहा है। कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को देश ने लगातार नकारा है। जिस मुंबई में कांग्रेस की स्थापना हुई थी, वहां अब वह चौथे या पांचवे स्थान पर आ गई है।

भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भाजपा देशभर में लोगों की पहली पसंद बन गई है। पिछले एक से डेढ़ वर्षों में भाजपा पर देश का विश्वास लगातार बढ़ा है। हाल ही में बिहार में चुनाव हुए, जहां जनता ने भाजपा को रिकॉर्ड वोट दिए। महाराष्ट्र के बड़े शहरों में हाल ही में हुए मेयर और पार्षदों के चुनाव परिणामों में भी भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश मिला है। मुंबई, जो दुनिया के सबसे बड़े निगमों में से एक है, वहां की जनता ने पहली बार भाजपा को समर्थन दिया। यह जीत मुंबई में हो रही है, जबकि जश्न काजीरंगा में मनाया जा रहा है।

भाजपा की सफलता के संकेत

प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र और केरल के नगर निगम चुनावों में पार्टी की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सुशासन और विकास के लिए भाजपा पर भरोसा कर रहे हैं। भाजपा अब देश में सभी की पहली पसंद बन गई है। पिछले डेढ़ साल में भाजपा पर देश का विश्वास लगातार बढ़ा है। हाल ही में बिहार में चुनाव हुए और जनता ने भाजपा को रिकॉर्ड जनादेश दिया।

रूस की कूटनीतिक पहल: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव में नई दिशा, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव…

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ईरान और अमेरिका के बीच का तनाव अब केवल इन दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें इजराइल, रूस और पूरी दुनिया की नजरें भी शामिल हो गई हैं। हाल ही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है जिसने इस संकट को नया मोड़ दिया है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कूटनीतिक मोर्चे पर एक बड़ा कदम उठाया है। पुतिन ने पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की और इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति को कॉल किया। ये कॉल केवल दो फोन बातचीत नहीं हैं, बल्कि मिडिल ईस्ट की राजनीति में एक संभावित बदलाव का संकेत देती हैं। पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त बयानबाजी और ईरान की खुली चेतावनी के बीच इजराइल ईरान को अपने अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है।

पुतिन की मध्यस्थता की कोशिश

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका किसी भी समय ईरान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है, जिससे पूरी दुनिया अलर्ट मोड में आ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति को फोन करने से पहले नेतन्याहू से क्या चर्चा की? क्रेमलिन के बयान के अनुसार, पुतिन ने नेतन्याहू से ईरान संकट पर विस्तार से बात की, क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर जोर दिया, और सैन्य टकराव से बचने की अपील की। यह संकेत देता है कि रूस मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है। रूस ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान और इजराइल के बीच संवाद और सुलह की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है। पुतिन का मानना है कि यदि यह टकराव सैन्य रूप ले लेता है, तो इसका प्रभाव केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर भी असर डालेगा।

भारत पर संकट का प्रभाव

नेतन्याहू से बातचीत के बाद, पुतिन ने सीधे ईरान के राष्ट्रपति को फोन किया। इस बातचीत में ईरान में फैली अशांति, अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध के खतरों पर गंभीर चर्चा हुई। यह पहली बार नहीं है जब रूस ने ईरान से संपर्क किया है, लेकिन इस बार की टाइमिंग इसे बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पहले नेतन्याहू और फिर ईरान के राष्ट्रपति से बात करना इस बात का संकेत है कि पुतिन दोनों पक्षों के बीच पुल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। रूस का संदेश स्पष्ट है: युद्ध नहीं, बातचीत करो। इस संकट का असर भारत पर भी पड़ सकता है। ईरान में फंसे भारतीय नागरिक धीरे-धीरे लौट रहे हैं, लेकिन क्षेत्रीय अस्थिरता और तेल आपूर्ति के कारण भारत सरकार पूरी तरह से सतर्क है, यही वजह है कि अब भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा रहा है।

हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में स्थानीय व्यंजनों का अनुभव.हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अनोखा अनुभव,.

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भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर, यात्रियों को एक विशेष क्षेत्रीय खाद्य अनुभव प्रदान करेगी, जिसमें बंगाल और असम के स्वादों पर आधारित एक विशेष मेनू होगा।

यह प्रीमियम रात्री सेवा शाकाहारी व्यंजनों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करेगी, जिसमें बसंती पुलाव, चोलर और मूंग दाल, चना और ढोकरी की तैयारी, असमिया जोहा चावल, माटी मोहोर और मसूर दाल, साथ ही मौसमी सब्जियों के भजिया शामिल हैं।

सफर के दौरान मिठाइयों में पारंपरिक मिठाइयाँ जैसे संडेश, नारियल बर्फी और रसगुल्ला शामिल होंगे।

अधिकारियों के अनुसार, मेनू को विशेष रूप से रात्री यात्रा के लिए तैयार किया गया है, जिसमें हल्के मसाले, मौसमी सामग्री और पारंपरिक पकाने की विधियों पर जोर दिया गया है, ताकि क्षेत्रीय स्वादों की प्रामाणिकता बनी रहे।

हल्के और शाकाहारी भोजन पर ध्यान केंद्रित करने का उद्देश्य लंबी रात्री यात्राओं के दौरान यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करना है।

गुवाहाटी के मेफेयर स्प्रिंग वैली रिसॉर्ट ने शनिवार को भारतीय रेलवे कैटरिंग और पर्यटन निगम (IRCTC) के साथ ट्रेन के लिए आधिकारिक कैटरर के रूप में साझेदारी की घोषणा की।

इस आतिथ्य समूह ने कहा कि यह सहयोग यात्रा के दौरान स्थानीय खाद्य परंपराओं को शामिल करके ऑनबोर्ड भोजन अनुभव को बढ़ाने का प्रयास करेगा।

रिसॉर्ट के प्रबंध निदेशक रतन शर्मा ने कहा, “प्रत्येक व्यंजन को बंगाल और असम के प्रामाणिक स्वादों, परंपराओं और पाक विरासत को दर्शाने के लिए सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है, जबकि आधुनिक भोजन की अपेक्षाओं को भी पूरा किया गया है।”

उन्होंने कहा कि उद्देश्य यात्रियों को “एक स्थान की भावना और भोजन के माध्यम से एक समग्र अनुभव” प्रदान करना है।

हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर लगभग 1,000 किमी की दूरी तय करेगा, जो पूर्वी भारत को उत्तर-पूर्व से जोड़ेगा।

इस ट्रेन में 16 पूरी तरह से वातानुकूलित स्लीपर कोच हैं, जिनमें फर्स्ट एसी, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर शामिल हैं, और इसकी कुल यात्री क्षमता लगभग 823 है।

एक प्रीमियम रात्री रेल सेवा के रूप में डिज़ाइन की गई, यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं जैसे एर्गोनोमिक बर्थ, स्वचालित दरवाजे, उन्नत निलंबन प्रणाली और शोर-रोकने वाली विशेषताओं से लैस है।

यह कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम को भी शामिल करती है और इसकी निर्धारित संचालन गति 130 किमी प्रति घंटे तक है।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि नई सेवा पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्व के बीच यात्रा समय को काफी कम करने की उम्मीद है, जबकि आराम को बढ़ाया जाएगा।

अपग्रेड की गई सुविधाओं और क्षेत्रीय प्रेरित व्यंजनों के साथ, हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर को भारत के बढ़ते सेमी-हाई स्पीड रेल नेटवर्क में एक प्रमुख रात्री विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

Free Coaching Centre: छत्तीसगढ़ में फ्री कोचिंग सेंटर, युवा अब कर सकते हैं बिना खर्च रेलवे-SSC की तैयारी, सफलता अब होगी आसान…

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राजधानी रायपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत की खबर है. रायपुर स्थित अखिल भारतीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र में बैंक, रेलवे, एसएससी और छत्तीसगढ़ व्यापम परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग दी जाएगी. यह सुविधा राजीव युवा उत्थान योजना के तहत शुरू की गई है. पात्र अभ्यर्थी 22 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं.

राजीव युवा उत्थान योजना के तहत अखिल भारतीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र रायपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है. इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है. आवेदन अखिल भारतीय परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर रायपुर या कलेक्टर परिसर रायपुर स्थित आदिवासी विकास कार्यालय में कार्यालयीन समय पर जमा किया जा सकता है.

योजना के अंतर्गत राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कुल 100 सीटें निर्धारित की गई हैं. इनमें अनुसूचित जाति के लिए 30, अनुसूचित जनजाति के लिए 50 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 20 सीटें शामिल हैं.

योजना में महिला अभ्यर्थियों को विशेष प्राथमिकता दी गई है. प्रत्येक वर्ग में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा.

कोचिंग के लिए चयनित विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान हर महीने ₹1000 की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी. कोचिंग पूरी तरह निशुल्क होगी. विद्यार्थियों का चयन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा, जिसकी तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी.

आवेदन के लिए अभ्यर्थी का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना अनिवार्य है. उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए और स्नातक या स्नातकोत्तर उत्तीर्ण होना जरूरी है. शासकीय सेवा में कार्यरत व्यक्ति इस योजना के पात्र नहीं होंगे. अभ्यर्थी या उसके माता-पिता की वार्षिक आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए. आवेदन के समय शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और आधार कार्ड की छायाप्रति अनिवार्य होगी.

रायपुर, भिलाई और कोरबा में खराब वायु गुणवत्ता पर NGT सख्त, राज्य स्तरीय ग्रैप जैसी व्यवस्था के निर्देश…

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रायपुर, भिलाई और कोरबा में खराब वायु गुणवत्ता पर NGT ने सख्ती दिखाई है. मामले की अगली सुनवाई 07 अप्रैल 2026 को होगी. 

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), केंद्रीय क्षेत्र पीठ, भोपाल ने छत्तीसगढ़ के रायपुर, भिलाई और कोरबा में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता के संबंध में स्वतः संज्ञान लिया है. न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह (न्यायिक सदस्य) और  ईश्वर सिंह (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने पाया कि भारी सरकारी खर्च के बावजूद इन शहरों में वायु गुणवत्ता मानकों में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है.

अधिकरण ने यह भी चिंता व्यक्त की है कि हालांकि ये शहर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत आते हैं, फिर भी राज्य सरकार ने दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर कोई प्रभावी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) या एयर-शेड आधारित रणनीति अब तक लागू नहीं की है, जो कि सर्वोच्च न्यायालय के आदित्य दुबे बनाम भारत संघ के निर्देशों की भावना के विपरीत है.

समिति को दिए ये निर्देश 

समिति को निर्देश दिया गया है कि वह प्रभावित शहरों का निरीक्षण करें,छह सप्ताह में तथ्यात्मक एवं कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें और रायपुर एवं अन्य अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिए GRAP जैसी राज्य-विशिष्ट वायु प्रदूषण प्रतिक्रिया प्रणाली तैयार एवं लागू करें. मामले की अगली सुनवाई 07 अप्रैल 2026 को होगी.

मोरध्वज आरंग महोत्सव 2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री ने विकास से जुड़ी अहम घोषणाएँ कीं…

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की यह पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से तथा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है।

राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवगाथा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का समापन समारोह ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की यह पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से तथा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सतत विकास की कामना की।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहाँ पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए दिए जाने वाले शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की पहचान है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम एवं भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियाँ उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उत्कृष्ट कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करती है। उन्होंने कलाकार को भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी कला के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल और भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, गुरु बालकदास साहेब, सांसद विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, विधायक इंद्रकुमार साहू, मोतीलाल साहू, रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।