Puducherry Assembly Elections 2026: निर्वाचन आयोग ने 2026 के पुडुचेरी विधानसभा चुनाव से पहले मक्कल नीधि मैयम (MNM) को टॉर्च लाइट चुनाव चिन्ह आवंटित करने की अधिसूचना जारी की है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब आयोग तमिलनाडु और पुडुचेरी में आगामी चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है.
बता दें कि एमएनएम, जिसकी स्थापना अभिनेता से राजनेता बने कमल हसन ने की थी, पुडुचेरी में अपनी चुनावी रणनीति को तेज कर चुकी है. चुनाव चिन्ह के आवंटन को पार्टी के लिए संगठनात्मक और प्रचारात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
चुनाव आयोग की समीक्षा बैठकें तेज
बता दें, 11 फरवरी को उप चुनाव आयुक्तों का 7 सदस्यीय दल चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचा था जहां से उन्होंने तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव तैयारियों की समीक्षा शुरू की. प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग सहित कई अधिकारी शामिल हैं. मनीष गर्ग ने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों की टीम चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए चेन्नई और पुडुचेरी पहुंच चुकी है. टीम रसद, कर्मियों की तैनाती और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय सहित विभिन्न पहलुओं का आकलन कर रही है.
तमिलनाडु में गठबंधन चर्चाएं तेज
इसी बीच तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने कहा कि विधानसभा चुनावों से जुड़े सभी अहम फैसले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा लिए जाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी एआईसीसी के निर्णयों का पालन करेगी और द्रमुक (DMK) के साथ कांग्रेस के संबंध मजबूत हैं. सीट बंटवारे को लेकर बातचीत केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होगी.
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी कहा कि पार्टी गठबंधन मामलों पर डीएमके द्वारा गठित समिति के गठन का इंतजार कर रही है. उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन में कांग्रेस को उचित सम्मान मिलने की उम्मीद है और सीट बंटवारे व सत्ता-साझाकरण पर स्पष्टता जरूरी है.
बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं. 2021 के चुनाव में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन ने 151 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी, जिसमें डीएमके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. अब 2026 के चुनाव से पहले चुनाव आयोग की तैयारियां और राजनीतिक दलों की रणनीतिक बैठकों ने चुनावी माहौल को गति दे दी है. पुडुचेरी में एमएनएम को ‘टॉर्च लाइट’ चुनाव चिन्ह मिलने के साथ ही क्षेत्र में चुनावी समीकरण और रोचक होने की संभावना है. आयोग की तैयारियों और दलों के बीच सीट बंटवारे की कवायद से स्पष्ट है कि तमिलनाडु में 2026 का चुनावी मुकाबला बेहद अहम होने वाला है.



