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छत्तीसगढ़ की इन पांच विधानसभा सीटों पर ‘कांग्रेस-बीजेपी’ की नजर…

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छत्तीसगढ़ में चुनावी बिगुल बजने के बाद चुनाव तारीख (17 नवंबर) से 32 दिन पहले कांग्रेस पार्टी ने अपने कैंडिडेट के नाम की घोषणा की। लोगों के काफी समय से इसका इंतजार के बाद आखिरकार सूची जारी कर दी गई।

कैंडिडेट के नाम की घोषणा होने के साथ ही उनके विरोधियों की भी बातें होने लगी है। जानिए प्रदेश की वो 5 सीटें जहां से बीजेपी कांग्रेस में होगी जबरदस्त टक्कर। कहीं सीएम तो कहीं मंत्री है प्रतिद्वंदी।

पाटन विधानसभाः बघेल VS बघेल

छत्तसीगढ़ विधानसभा चुनाव में पाटन विधानसभा से बीजेपी ने पहली सूची में ही भूपेश बघेल के भतीजे विजय बघेल को टिकट दे दिया है। अब आज जारी हुई कांग्रेस की लिस्ट में पार्टी ने सीएम भूपेश बघेल को यहां से अपना कैंडिडेट बनाया है। इस लिस्ट के आते ही चाचा VS भतीजा हो गया है। इस सीट पर मुकाबला कांटे की टक्कर वाला होगा क्योंकि दोनों ही नेता एक दूसरे को एक-एक बार पटकनी दे चुके हैं। पिछली बार बीजेपी ने यहां से विजय बघेल को टिकट ना देकर अपने पैर में कुल्हाड़ी मार ली थी। पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा था।

राजनांदगांवः रमन सिंह VS गिरीश देवांगन

कांग्रेस ने राजनांदगांव में गिरीश देवांगन को बीजेपी कैंडिडेट डॉ रमन सिंह के खिलाफ प्रत्याशी बनाया गया है। अपना नाम घोषित होने पर छत्तीसगढ़ महतारी का आशीर्वाद बताया। अपनी जीत पर 100 फीसदी जीत का दावा करते हुए बोले कि राजनांदगांव की जनता एक ही चेहरे को देख के ऊब गई है। कांग्रेस का यह चौंकाने वाला फैसला है।

दुर्ग ग्रामीणः ताम्रध्वज साहू VS ललित चंद्राकर

दुर्ग जिले के दुर्ग ग्रामीण विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने अपने पुराने प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू पर भरोसा जताया है। पिछले चुनाव में वह भाजपा के जागेश्वर से हुआ था। जिसमें उनमें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि इस बार उनका मुकाबला ललित चंद्राकर से होगा। देखना होगा इस बार किसका पड़ला पड़ेगा भारी।

साजा विधानसभा सीटः रवीन्द्र चौबे VS ईश्वर साहू

दुर्ग जिले के साजा विधानसभा सीट में जहां बीजेपी ने बिरनपुर हिंसा में मृतक बेटे भुनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस ने उनके खिलाफ रवींद्र चौबे को उतारा है। फिलहाल रवींद्र चौबे यहां से बघेल केबिनेट में मंत्री भी है। अब देखना होगा की ईश्वर साहू क्या मंत्री को टक्कर दे पाएंगे। साजा सीट पर मुकाबला रोचक होगा।

चित्रकोटः दीपक बैज VS विनायक गोयल

छत्तीसगढ़ की इस सीट पर पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का मुकाबला बीजेपी के विनायक गोयल से होगा। बीजेपी के ये प्रत्याशी कुछ दिन पहले ही अभी युवक को गालियां देने वाला आडियो वायरल हुआ था जिसके बाद चर्चा में आए थे। अब देखना होगा की चुनाव में इसका क्या असर होगा। वहीं, क्या वों पीसीसी अध्यक्ष को टक्कर दे पाएंगे की नहीं यह देखना भी रोचक होगा।

छत्तीसगढ़ : दंतेवाड़ा विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक पार्टियों का फोकस!

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दंतेवाड़ा।  विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने आज अपने 30 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 7 नवंबर (20 सीटें) और 17 नवंबर (70 सीटें) को दो चरणों में मतदान होना है।

चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक पार्टियों का फोकस चुनाव प्रचार में है।

Dantewada Vidhansabha Chunav 2023 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव अगर देखा जाए तो कई मायनों पर महत्वपूर्ण है। प्रदेश में गई हॉट सीट है। इसमें से एक सीट दंतेवाड़ा भी है। इस सीट पर टॉप के लीडर्स इस पूरी ताकत झोक दी है। अब लोगों की नजर इस सीट पर है।

दंतेवाड़ा से विधायक की टिकट जरूर कटा है। लेकिन कांग्रेस ने उसी परिवार के सदस्य को ही अपना प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर पहले दिवंगत म​हेंद्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा को यहां से विधायक चुना गया था। जिसके बाद बेटे छबिन्द्र कर्मा ने ही बवाल काट दिया था और अपने ही मां के खिलाफ ​छबिन्द्र कर्मा निर्दलीय लड़ने को तैयार हो गए थे। लेकिन फिर बाद में अपना नाम वापस ले लिया।

इसका असर यह हुआ की अंत में हार से मिला और 2018 में भाजपा के भीमा मंडावी को जीत मिली। जिसके बाद 2019 में नक्सलियों ने भीमा मंडावी की हत्या कर दी और फिर इस सीट में उपचुनाव में देवती कर्मा विधायक बनी। कांग्रेस इस बार बगावत का रिस्क नहीं उठाना चाहती थी।

छत्तीसगढ़ में BJP का चुनावी बिगुल, अमित शाह करेंगे रैली, रोड शो में होंगे शामिल!

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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सभी राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है.

इस बीच भारतीय जनता पार्टी आज से चुनावी प्रचार व रैली की शंखनाद करने जा रही है, जिसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज राजनांदगांव पहुंचेंगे, जहां वे पार्टी के चारों प्रत्याशी के नामांकन में शामिल होंगे.

इससे पहले दोपहर 12 बजे स्टेट स्कूल मैदान में सभी को संबोधित करेंगे. फिर अमित शाह रोड शो करते हुए काफिले के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे. 

यहां पढ़ें कार्यक्रम से जुड़े लाइव अपडेट्स…

चुनाव आयोग द्वारा राज्य में आचार संहित लगने के बाद भाजपा की यह पहली चुनावी सभी व रैली है.

इसके चलते सभी विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को जुटाकर पार्टी प्रभावी प्रदर्शन की तैयारी कर रही है.

गृहमंत्री अमित शाह की सभा को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. दोपहर 1 बजे रैली निकाली जाएगी.

रोड शो के तर्ज पर पूरे शहर से होते हुए यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंचकर खत्म होगी.

अमित शाह के साथ राजनांदगांव प्रत्याशी डॉ. रमन सिंह, डोंगरगढ़ से विनोद खांडेकर, डोंगरगांव से भरत वर्मा और खुज्जी की प्रत्याशी गीता साहू भी मौजूद होंगी.

उम्मीद है कि यह रैली दोपहर तीन बजे कलेक्ट्रेट पहुंचेगी. डॉ. रमन सिंह के साथ केंद्रीय मंत्री अमित शाह नामांकन कक्ष तक जाएंगे.

मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव, 2023 के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा जारी उम्मीदवारों की पहली सूची।

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मध्य प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर एक चरण में 17 नवंबर को वोटिंग होगी.

छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव, 2023 के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा जारी उम्मीदवारों की पहली सूची।

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छत्तीसगढ़ उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी वर्तमान विधानसभा सीट पाटन से ही चुनाव लड़ेंगे

राज्य के डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव अंबिकापुर से चुनाव लड़ेंगे. छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें हैं.

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में 144, छत्तीसगढ़ में 30 और तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए 55 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है.

छत्तीसगढ़ में 30 उम्मीदवार :-

कांग्रेस : नागपुर में ‘इंडिया गठबंधन’ की पहली महारैली का आयोजन

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इंडिया गठबंधन की पहली रैली नागपुर में हो सकती है. पहले ये रैली भोपाल में करने का फैसला हुआ था.
इस बात की घोषणा कांग्रेस के संगठन महामंत्री के सी वेणुगोपाल ने की थी. इंडिया गठबंधन की दिल्ली में हुई पहली कोआर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग में ये तय हुआ था.

इंडिया गठबंधन की अगली बैठक नागपुर में संभव

सूत्रों से जानकारी मिली है कि इंडिया गठबंधन की अगली बैठक भी नागपुर में करने पर विचार हो रहा है. गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों की राय है कि जब रैली के लिए सब आएंगे तो फिर मीटिंग भी कर ली जाए.

पिछली बैठक मुंबई में 30 सितंबर और एक अक्टूबर को हुई थी. इसके बाद से कांग्रेस के नेता राज्यों के विधानसभा चुनाव में व्यस्त हो गए, जबकि तय हुआ था कि इंडिया गठबंधन की मीटिंग महीने में कम से कम एक बार तो जरूर हो.

गठबंधन की तरफ से 31 अक्टूबर तक सीटों के बंटवारे को लेकर भी फार्मूला तय हो जाए, गठबंधन का नाम रखने के अलावा कुछ भी संभव नहीं हो पाया है.

इंडिया गठबंधन में कुछ सहमत, कुछ असहमत:-

  • नागपुर में इंडिया गठबंधन की पहली रैली के लिए तारीख अभी तक तय नहीं है.
  • एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार तो चाहते थे कि ये रैली इसी महीने की आखिर में हो.
  • कहा जा रहा है कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसके लिए राजी नहीं हुईं उन्होंने कहा कि बंगाल में तब पूजा और त्यौहार का समय होगा इसीलिए तारीख आगे बढ़ा दी जाए.

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी ने नवंबर के पहले हफ्ते में रैली करने का प्रस्ताव रखा है.

शरद पवार और शिव सेना के चीफ उद्धव ठाकरे भी इसके लिए तैयार हो गए हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी इस बारे में बातचीत कर ली गई है. समझा जा रहा है कि लेफ्ट पार्टियों को भी इस बारे में बता दिया गया है.

नागपुर में इंडिया गठबंधन की पहली रैली और बैठक को लेकर कांग्रेस के नेताओं की एक राय नहीं है. पार्टी के एक राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि उस समय एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में विधानसभा के लिए चुनाव प्रचार चल रहा होगा. ऐसे में पार्टी के सीनियर नेताओं के लिए दो दिन निकालना बड़ा मुश्किल हो सकता है.

बेंगलुरू की मीटिंग में तय हुआ गठबंधन का नाम

विपक्षी एकता की पहली बैठक पटना में हुई थी. तब तो गठबंधन का नाम भी तय नहीं हो पाया था. फिर बैंगलुरु की मीटिंग में आपसी सहमति से गठबंधन का नाम इंडिया रखे गया. मुंबई में गठबंधन की तीसरी बैठक में कई फ़ैसले किए गए. साथ ही प्रचार से लेकर कोआर्डिनेशन कमेटी भी तय कर दी गई. सारे बड़े फ़ैसले लेने का अधिकार कोआर्डिनेशन कमेटी के पास है.

टीएमसी को छोड़ कर सभी पार्टियॉं जातिगत जनगणना के मुद्दे पर एक साथ हैं. गठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोकसभा चुनावों को लेकर सीटों के तालमेल की है.

टीएमसी का कोई नेता इस मीटिंग में मौजूद नहीं था लेकिन एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इसके लिए तैयार नहीं हुए. उन्होंने 15 सितंबर को इस रैली को रद्द करने की जानकारी मीडिया को दे दी. कमलनाथ नहीं चाहते थे कि विधानसभा चुनाव की तैयारी छोड़ कर वे साझा रैली के इंतजाम में जुट जाएं. वैसे भी एमपी में कांग्रेस के अलावा इंडिया गठबंधन के किसी घटक दल का कोई प्रभाव नहीं है.

छत्तीसगढ़ : कांग्रेस के 25 विधायकों के टिकट के लिए ‘हाईकमान ने सीएम भूपेश बघेल से की अपील’

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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने लिस्ट जारी कर दी है!

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया है कि रविवार यानी 15 अक्टूबर के बाद लिस्ट कभी भी जारी हो सकती है.

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सत्ता विरोधी लहर का सामना करने के लिए कांग्रेस ने रणनीति तैयार कर ली है. पार्टी 20-25 विधायकों को टिकट नहीं देगी.

सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व ने यह मुद्दा मुख्यमंत्री और अन्य स्थानीय नेताओं के साथ उठाया. पार्टी नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ इकाई को रणनीतिक तौर पर फैसले लेने की छूट दे दी है कि ताकि आगमी चुनावों में पार्टी को लाभ हो.

सरकार के सभी मंत्री लड़ेंगे चुनाव?
इसके अलावा पार्टी ने फैसला किया है कि भूपेश सरकार के सभी मंत्री चुनाव लड़ेंगे.

भूपेश पर भरोसा है कैंपेन के तहत कांग्रेस, जनता के बीच सरकार के काम को लेकर जाना चाहती है ऐसे में वह किसी भी मंत्री का टिकट काटकर विपक्ष और भारतीय जनता पार्टी को कोई मौका नहीं देना चाहती.

कांग्रेस नेता ने नाम न प्रकाशित करने के शर्त पर संकेत दिया कि कुछ विधायकों के टिकट काट कर उन्हें पार्टी में अहम चुनावी जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. पार्टी नेता ने कहा कि 15-20 मौजूदा विधायकों को पार्टी के काम लगाया जाएगा ताकि नए चेहरों को भी मौका मिले.

कांग्रेस, छत्तीसगढ़ में 2018 का इतिहास दोहराने की कोशिश में है. इसके लिए पार्टी कुछ अहम फैसले से जुझ रही हैं. दावा किया जा रहा है कि जिन 20-25 विधायकों के लिए निगेटिव फीडबैक आए हैं, उसमें से कुछ एमएलए, सीएम के करीबी भी हैं.

मिजोरम : कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी का 16 अक्टूबर से तीन दिवसीय दौरा

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मिजोरम विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।

कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी अगले महीने मिजोरम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करने के सिलसिले में 16 अक्टूबर से राज्य का तीन दिवसीय दौरा कर सकते हैं।

पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने यह जानकारी दी।

सात नवंबर को होगा मतदान

मिजोरम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष लालमलसावमा नघाका ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य की अपनी यात्रा के दौरान गांधी आइजोल शहर में एक मार्च में हिस्सा लेंगे और लोगों से बातचीत करेंगे। मिजोरम में सात नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि गांधी के राज्य में रहने के दौरान पार्टी 40 सदस्यीय विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है।

16 अक्टूबर को मिजोरम पहुंचेंगे राहुल

राहुल गांधी’ ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के तहत 16 अक्टूबर को यहां पहुंचेंगे।

अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान वह आइजोल में चानमारी से ट्रेजरी स्क्वायर तक दो किलोमीटर के मार्च में भाग लेंगे और हमारे उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करेंगे।” उन्होंने कहा कि गांधी 18 अक्टूबर को प्रस्थान से पहले महत्वपूर्ण व्यक्तियों के साथ बातचीत करेंगे और संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। मतों की गिनती तीन दिसंबर को होगी।

काउंटिंग की तारीख में बदलाव का आग्रह

काउंटिंग की तारीख रविवार को पड़ने के कारण ईसाई बहुल मिजोरम में सभी राजनीतिक दलों, गिरजाघरों और गैर सरकारी संगठनों ने निर्वाचन आयोग से काउंटिंग की तारीख में बदलाव करने का आग्रह किया है, क्योंकि रविवार ईसाई समुदाय के लोगों के लिए एक पवित्र दिन होता है। कांग्रेस ने हाल में कहा था कि वह सभी 40 विधानसभा सीट पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट और विपक्षी जोरम पीपुल्स मूवमेंट ने सभी 40 सीट के लिए अपने उम्मीदवार उतारे हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जल्द अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी।

महाराष्ट्र : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक दिवसीय कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के 141वें सत्र का उद्घाटन करेंगे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक दिवसीय कार्यक्रम मुंबई दौरे पर है, इस दौरान वह मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के 141वें सत्र का उद्घाटन करेंगे।

आईओसी का सत्र, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक होती है।

आईओसी के सत्र में ओलंपिक खेलों के भविष्य से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। भारत दूसरी बार और लगभग 40 वर्षों के अंतराल के बाद आईओसी के सत्र की मेजबानी कर रहा है। आखिरी बार आईओसी का 86वां सत्र 1983 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।

भारतीय ओलंपिक संघ सहित विभिन्न खेल महासंघों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

भारत में आयोजित होने वाला आईओसी का 141वां सत्र वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने सम्मान एवं उत्कृष्टता के ओलंपिक के आदर्शों को आगे बढ़ाने के प्रति देश के समर्पण का प्रतीक है।

यह सत्र खेलों से संबंधित विभिन्न हितधारकों के बीच बातचीत और ज्ञान साझा करने का अवसर प्रदान करेगा। इस सत्र में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष श्री थॉमस बाख तथा आईओसी के अन्य सदस्यों के साथ-साथ भारतीय खेल जगत की प्रमुख हस्तियां और भारतीय ओलंपिक संघ सहित विभिन्न खेल महासंघों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।

पीएम मोदी ने दिल्ली में पी-20 सम्मेलन का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी ने भारतीय लोकतंत्र और संसदीय प्रक्रियाओं का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा- ‘भारत में हम लोग आम चुनाव को सबसे बड़ा पर्व मानते हैं। 1947 में आज़ादी मिलने के बाद से अब तक भारत में 17 आम चुनाव और 300 से अधिक विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव ही नहीं कराता बल्कि इसमें लोगों की भागीदारी भी बढ़ रही है। देशवासियों ने मेरी पार्टी को लगातार दूसरी बार विजयी बनाया है। 2019 का आम चुनाव मनाव इतिहास की सबसे बड़ी मानव कसरत थी। इसमें 60 करोड़ वोटर ने हिस्सा लिया। तब भारत में 91 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे, जो पूरे यूरोप की कुल आबादी से अधिक है। यह दिखाता है कि भारत में लोगों का संसदीय प्रक्रियाओं में कितना भरोसा है|

अंगल्लू हिंसा मामले में पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू को बड़ी राहत, आंध्र हाई कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

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आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने आज शुक्रवार (13 अक्टूबर) को अंगल्लू हिंसा मामले में TDP अध्यक्ष और पूर्व सीएम एन चंद्रबाबू नायडू को अग्रिम जमानत दे दी।

उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अंगल्लू हिंसा मामले में दलीलें सुननी पूरी कर लीं, अपने आदेश सुरक्षित रख लिए थे और आज उन्हें जारी कर दिया।

हाल ही में उनकी साधारण जमानत याचिका खारिज होने के बाद नायडू ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अंगल्लू मामला अगस्त में टीडीपी प्रमुख के अभियान कार्यक्रम में हुई हिंसा से जुड़ा है।

अन्नामय्या जिले के अंगल्लू और चित्तूर जिले के पुंगनुरु में पथराव, आगजनी और दंगे में कई पुलिस अधिकारी और TDP और YSR कांग्रेस समर्थक घायल हो गए थे।

कौशल विकास निगम से कथित तौर पर धन का दुरुपयोग करने के आरोप में नायडू को अब न्यायिक हिरासत में राजामहेंद्रवरम केंद्रीय जेल में रखा जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को लगभग 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ, TDP प्रमुख अभी भी दो और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं: इनर रिंग रोड मामला और फाइबर नेट मामला।

अंगल्लू मुद्दे में यह आरोप शामिल है कि चंद्रबाबू नायडू और अन्य TDP अधिकारियों ने अगस्त में स्थानीय युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के नेताओं के खिलाफ हिंसा भड़काई थी। YSRCP के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश प्रशासन ने मामले में एक औपचारिक पुलिस रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप के मुताबिक, नायडू और अन्य टीडीपी राजनेताओं ने अगस्त में अंगल्लू गांव में एक राजनीतिक सभा के दौरान YSRCP नेताओं पर हमला किया था। इस मामले में, नायडू पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 के साथ-साथ अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया है। बुधवार को पिछली सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने CID से कहा था कि वह अंगल्लू हिंसा मामले में आज की सुनवाई तक नायडू को गिरफ्तार न करें। सोमवार को नायडू अमरावती इनर रिंग रोड मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश होंगे।