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चुनाव से पहले MP को बड़ी सौगात, PM मोदी ने इन योजनाओं की रखी आधारशिला…

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मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचे प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने बीना में लोगों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि ये लोग देश को पीछे ले जाना चाहते है. इस दौरान उन्होंने 6 औद्योगिक क्षेत्र की आधारशिला रखी. उन्होंने कहा कि इससे मध्य प्रदेश में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे. उन्होंने कहा कि हमने आजादी के अमृत काल में देश के विकसित बनाने का निर्णय लिया है. हम चाहते हैं कि देश को दूसरे देशों से कम से कम चीजें लानी पड़े. देश आत्मनिर्भर बने. …

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार को फिर से बहुमत मिलने का दावा…

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छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने का दावा किया गया है. इस दावे के मुताबिक मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यहां दोबारा सत्ता में आ सकते हैं. एक सर्वे में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को फिर से पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है.

छत्तीसगढ़ में विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं, लेकिन इस सर्वे में बताया गया है कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को 62 सीटें मिल सकती हैं. हालांकि दूसरी तरफ भाजपा की भी कुछ सीटें बढ़ने का अनुमान लगाया गया है.

किसने किया यह सर्वे?

IANS-Polstrat Opinion Poll 2023 सर्वे के मुताबिक प्रदेश में कांग्रेस पार्टी आधी से अधिक सीटों पर कब्जा कर सकती है. यह सर्वे 1 सितंबर से 13 सितंबर के बीच 3,672 के सैंपल साइज में कराया गया है.

पिछले दिनों प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे लोकप्रिय चेहरे का भी सर्वे कराया गया था, जिसमें सबसे ज्यादा वोट मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मिले थे. उन्हें 60 फीसदी लोगों ने सबसे पॉपुलर मुख्यमंत्री के तौर पर चुना, वहीं भाजपा के पूर्व सीएम रमन सिंह को 34 फीसदी वोट मिले थे.

सर्वेक्षण में 50 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काम काज को बेहतर माना.

सर्वे में भाजपा को कितने वोट?

इस सर्वे में बताया गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को 44 फीसदी वोट मिल सकते हैं, जबकि भाजपा को 38 फीसदी. इस आधार पर भाजपा को इस विधानसभा चुनाव में 27 सीटें हासिल हो सकती हैं.

सर्वे के मुताबिक कांग्रेस पार्टी भले ही सत्ता हासिल कर सकती है लेकिन इसी सर्वे के मुताबिक भाजपा के वोट शेयर और सीटों में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है. पिछली बार कांग्रेस को 90 में से 68 सीटें मिली थीं, यानि सर्वे यह बता रहा है कि कांग्रेस को 6 सीटों का नुकसान हो रहा है. वहीं भाजपा को पिछली बार 15 सीटें मिली थीं यानी सर्वे के मुताबिक भाजपा को 12 सीटों का फायदा दिख रहा है.

एक दिन पहले विपक्ष को विशेष सत्र का एजेंडा बताएगी सरकार? बुलाई सभी दलों की मीटिंग!

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संसद के विशेष सत्र से एक दिन पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला लिया है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि सरकार सत्र से एक दिन पहले ही एजेंडा जारी कर सकती है। इधर, विपक्ष लगातार सरकार पर संसद की पांच दिवसीय कार्यवाही शुरू होने से पहले एजेंडा जारी नहीं करने पर सवाल उठा रहा है।

खबर है कि केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रल्हाद जोशी ने 17 सितंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। हालांकि, अभी इसका आधिकारिक ऐलान होना बाकी है। अटकलें हैं कि सरकार इस सत्र के दौरान ‘एक देश एक चुनाव’, महिला आरक्षण, संविधान संशोधन समेत कई बड़े बिल पेश कर सकती है। फिलहाल, सरकार की तरफ से इसे लेकर जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

कांग्रेस ने फिर पूछा सवाल
कांग्रेस ने संसद के विशेष सत्र के लिए एजेंडे की सूचना नहीं होने को लेकर बुधवार को एक बार फिर सवाल उठाया और कहा कि सत्र आरंभ होने में केवल पांच दिन शेष है, लेकिन शायद ‘एक व्यक्ति’ को छोड़कर एजेंडे के बारे में किसी के पास जानकारी नहीं है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अतीत में हुई संसद की कुछ विशेष बैठकों का उल्लेख भी किया और कहा कि विशेष बैठकों से पहले कार्यसूची की जानकारी उपलब्ध होती थी।

उन्होंने किसी का नाम लिए बिना ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘आज 13 सितंबर है। संसद का पांच दिवसीय विशेष सत्र पांच दिन बाद शुरू होगा और एक व्यक्ति (शायद दूसरे को भी) को छोड़कर किसी को भी एजेंडे की जानकारी नहीं है। पिछले प्रत्येक अवसर पर जब भी विशेष सत्र या विशेष बैठकें आयोजित की जाती थीं, तो कार्यसूची के बारे में पहले से जानकारी होती थी।’

इससे पहले कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और रायबरेली सांसद सोनिया गांधी की तरफ से भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा गया था। उस दौरान उन्होंने अडानी मामले पर जेपीसी जांच, बढ़ती कीमतें, रोजगार संबंधी करीब 9 मुद्दे उठाए थे। उन्होंने सरकार से मणिपुर मुद्दे पर भी संसद में चर्चा करने की मांग उठाई थी।

दिल्ली पुलिस के 450 जवानों के साथ डिनर क्यों करने जा रहे पीएम मोदी, जी20 समिट से है कनेक्शन…

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए जी20 शिखर सम्मेलन में दिल्ली पुलिस का काफी अहम रोल था। पुलिस ने तमाम देशों के नेताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली है। पुलिस के योगदान की सराहना करने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ डिनर करेंगे।

दिल्ली पुलिस के जवानों और पीएम मोदी का यह डिनर इसी हफ्ते आयोजित किया जा सकता है।

सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने हर जिले से ऐसे पुलिसकर्मियों की लिस्ट मांगी है, जिन्होंने जी20 समिट के दौरान शानदार काम किया। इस लिस्ट में कॉन्स्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर तक के नाम मांगे गए हैं। इस लिस्ट में 450 पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हो सकते हैं। खुद संजय अरोड़ा भी डिनर में शामिल होंगे। माना जा रहा है कि यह डिनर जी20 समिट वाले भारत मंडपम में ही आयोजित किया जाएगा।

यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी किसी बड़ी उपलब्धि में शामिल लोगों के प्रयासों की सराहना करेंगे।। मई में नए संसद भवन के उद्घाटन से पहले उन्होंने इसके निर्माण में लगे मजदूरों को सम्मानित किया था। इस सप्ताह की शुरुआत में, संजय अरोड़ा ने जी20 शिखर सम्मेलन में उनके योगदान के लिए दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों को पुलिस आयुक्त की विशेष प्रशस्ति डिस्क और प्रमाण पत्र से भी सम्मानित किया था।

शिखर सम्मेलन से पहले और उसके दौरान दिल्ली पुलिस के सामने एक कठिन कार्य था। कई देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जी20 समिट में शामिल हुए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटिश पीएम सुनक समेत कई प्रमुख नेताओं ने भारत का दौरा किया था। इस दौरान उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन्हें दी गई थी, उसमें दिल्ली पुलिस भी शामिल थी। राजधानी के एक हिस्से में एक तरीके का तीन दिनों का ‘मिनी लॉकडाउन’ लगा दिया गया था, ताकि विदेशी मेहमानों की सुरक्षा में कोई कमी न रह पाए।

शराब तस्करों पर बड़ी कार्रवाई, 80 पेटी अवैध शराब जब्त, 1 आरोपी गिरफ्तार…

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छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. आबकारी विभाग ने एक कोचिये के घर छापा मार कार्रवाई करते हुए 80 अवैध शराब जब्त की है. पकड़ी गई शराब की कीमत लगभग 5 लाख रुपए आंकी गई. शराब कोचियों ने मध्य प्रदेश से 80 पेटी विदेशी शराब मंगवाई थी और इसे छुपा कर रखा था.

मुखबिर की सूचना पर आबकारी विभाग की टीम ने दबिश देकर शराब को जब्त कर लिया. साथ ही इस मामले एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि और भी लोग अवैध शराब कारोबार में शामिल है. जिनकी पतासाजी विभाग के उड़न दस्ता टीम के द्वारा की जा रही है.

शराब माफियाओं पर विभाग की पैनी नजर
छत्तीसगढ़ में चुनावी साल है जिसके मद्देनजर शराबों की जमाखोरी शुरू हो चुकी है. तो वहीं आबकारी विभाग भी शराब तस्करों पर कार्रवाई के लिए एक्टिव हो गया है. बस्तर जिले में मंगलवार को अवैध शराब की खेप को आबकारी विभाग ने ज़ब्त किया है. आबकारी विभाग के अधिकारी रतन नागेश ने बताया कि टीम गश्त के लिए बस्तर जिले के विभिन्न इलाके में पहुंची हुई थी, जहां टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि करपावंड थाना क्षेत्र के डुरकाठोगा जैबल में ग्रामीण अपने घर में भारी मात्रा में अवैध शराब छुपा रखा है. जिसके बाद टीम को जैबल के लिए रवाना किया गया.

जहां टीम ने दबिश देते हुए छापा मार की कार्यवाही की और घर के भीतर से 80 पेटी मध्यप्रदेश निर्मित अवैध शराब जब्त किया. और आरोपी राम बघेल को धर दबोचा. कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया. इसके साथ ही आरोपी ने टीम को जानकारी दिया कि गाँव के ही आकाश नाम के व्यक्ति और उनके साथियों के द्वारा अवैध शराब को अपने घर मे रखने को कहा था और जैसे ही आबकारी विभाग की टीम ने गाँव मे दस्तक दी, आकाश और उसका एक अन्य साथी फरार हो गए, जिसके बाद टीम आकाश की पतासाजी में जुट गयी है.

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मात देने के लिए BJP लाई नई रणनीति, अब इन नेताओं पर होगा जिम्मा…

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छत्तीसगढ़ में 15 साल तक बीजेपी(BJP) सत्ता में रही लेकिन 2018 के चुनाव (election 2018) में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा. 2018 का चुनाव बीजेपी ने रमन सिंह(Raman Singh) के चेहरे पर लड़ा था.

लेकिन 5 साल तक सत्ता से दूर रहने के बाद बीजेपी इस बार पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर तो रही है. लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव डॉ रमन सिंह की जगह सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला किया गया है. ये कौन चहरे है जो छत्तीसगढ़ की राजनीति में बीजेपी का नेतृत्व कर रहे है. चलिए यही आज आपको बताते है.

2018 विधानसभा चुनाव के बाद लगातार हार से बदला रमन का चेहरा
दरअसल बीते करीब 5 साल में बीजेपी के संगठन में बदलाव का सिलसिला लगातार जारी रहा है. क्योंकि 5 उपचुनाव, नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में बीजेपी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है. ऐसे में पार्टी विधानसभा चुनाव में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है और किसी एक चेहरे के बजाय सामूहिक नेतृत्व से चुनावी में उतर रही है. हालाकि बीजेपी अपने पुराने और सीनियर नेताओं को संभाग वार बड़े चेहरे के रूप में देख रही है. इसमें रायपुर और दुर्ग संभाग के बड़े चेहरे के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को ही देखा जा रहा है.

रायपुर और दुर्ग संभाग के बड़े चेहरे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह
छत्तीसगढ़ में चावला वाले बाबा के नाम से प्रसिद्धि हासिल कर चुके डॉ. रमन सिंह राज्य में 15 साल तक एकाधिकार सत्ता चला चुके है. 6 बार विधायक और 1 बार सांसद का चुनाव जीत चुके है और पूरे प्रदेश में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा है. इसके अलावा रायपुर और दुर्ग संभाग में डॉ रमन सिंह का दबदबा रहा है. इन दोनों संभाग में 40 विधानसभा सीट है. पार्टी ने अभी रमन सिंह को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है. लेकिन 90 विधानसभा की टिकट के लिए रायपुर में रमन के बंगले में बीजेपी नेताओं की रोजाना भीड़ उमड़ रही है.

बस्तर संभाग में बीजेपी का बड़ा चेहरा केदार कश्यप
बस्तर संभाग में बीजेपी के युवा और बड़े नेता माने जाते है केदार कश्यप. 3 बार विधायक रह चुके है. रमन सिंह सरकार में 10 साल तक मंत्री पद पर रहे है. अभी बीजेपी की नई टीम में प्रदेश महामंत्री के पद पर है. बस्तर संभाग के 12 सीटों पर वापसी को जिम्मेदारी दी गई है. इस लिए केदार कश्यप इस बार विधानसभा चुनाव में बस्तर से सबसे बड़े चेहरे है.

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े संभाग बिलासपुर में अरुण साव
अरुण साव 2019 लोकसभा में पहली बार सांसद बने है. लेकिन ओबीसी वर्ग के बड़े चेहरे है. पेशे से वकील है. लेकिन बीजेपी के साथ अरुण साव की पृष्ठभूमि आरएसएस से जुड़ी रही है. इसके अलावा जातीय समीकरण के चलते प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. क्योंकि राज्य में ओबीसी वोट बैंक से सत्ता की कुर्सी मिलती है. इसके अलावा अरुण साव बिलासपुर संभाग के बड़े नेता है और छत्तीसगढ़ के 90 में से 24 विधानसभा सीट केवल बिलासपुर संभाग से आते है.

सरगुजा संभाग में रामविचार नेताम की राज्य के चुनाव में वापसी
छत्तीसगढ़ में दूसरे बड़े आदिवासी नेता रामविचार नेताम सरगुजा संभाग के बड़े चेहरे है. 4 बार विधायक रह चुके है और पूर्व मंत्री रह चुके है नेताम. 2016 से छत्तीसगढ़ के कोटे से राज्यसभा सांसद रहे. लेकिन अब पार्टी ने रामविचार नेताम को फिर से राज्य के चुनाव में उतार दिए है. नेताम इस बार विधानसभा चुनाव लडेंगे और सरगुजा संभाग के 14 विधानसभा सीटों को जिताने की बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे है.

MP-छत्तीसगढ़ चुनाव को लेकर BJP की बड़ी बैठक, कैंडिडेट्स की दूसरी लिस्ट पर लगेगी फाइनल मुहर…

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मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर बुधवार को बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह और केंद्रीय चुनाव पैनल के अन्य सदस्य में शिरकत करेंगे.

पिछले दो दिनों से दोनों ही राज्यों के बीजेपी की कोर कमेटी के साथ देर रात मीटिंग चली है और अब केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में टिकटों पर मंथन किया जाएगा. माना जा रहा है कि केंद्रीय चुनाव समिति की आज होने वाली बैठक में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ चुनाव के लिए उम्मीदवारों को दूसरी लिस्ट पर अंतिम मुहर लग सकती है.

बता दें कि केंद्रीय चुनाव समिति टिकटों पर अंतिम रूप देने और चुनावी रणनीति बनाने के लिए बीजेपी की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था है. इसमें पीएम मोदी से लेकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा तक शामिल हैं. पिछले महीने 16 अगस्त को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी, जिसके बाद 17 अगस्त को मध्य प्रदेश की 39 सीटों और छत्तीसगढ़ की 21 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की की पहली सूची जारी की गई थी. इस तरह मध्य प्रदेश में 191 और छत्तीसगढ़ में 69 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा होना बाकी है, जिसे लेकर बीजेपी में बैठकों और मंथन का दौर जारी है.

सोमवार-मंगलवार को लेकर हुई थी बड़ी बैठक

मध्य प्रदेश की कोर कमेटी के साथ सोमवार को देर रात बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर बैठक चली थी. इस तरह छत्तीसगढ़ की कोर कमेटी के नेताओं के साथ मंगलवार को अमित शाह के घर काफी लंबी मीटिंग हुई है. माना जा रहा है कि इन दोनों ही बैठकों में प्रदेश संगठन के द्वारा भेजे गए उम्मीदवारों नामों का पैनल पर विचार-विमर्श किया गया है. वहीं, अब उसी को लेकर बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति बैठक में मंथन किया जाएगा और तब कहीं जाकर फाइनल मुहर लगेगी.

आज शाम 5.30 बजे बीजेपी CEC की बैठक

बता दें कि आज शाम 5.30 बजे बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होगी. इस बैठक में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों की दूसरी सूची पर मुहर लग सकती है. मध्यप्रदेश की 40 से 45 और छत्तीसगढ़ की 21 से 25 नामों पर बीजेपी सीईसी मुहर लगा सकता है. मध्यप्रदेश की बी और सी कैटेगरी और छत्तीसगढ़ की सी और डी कैटेगरी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की सूची पर अंतिम लगेगी. एमपी (39) और छत्तीसगढ़ (19) के सी और डी कैटेगरी सीटों पर उम्मीदवारों की पहली सूची 3 हफ्ते पहले ही तय की जा चुकी है. आज रात या कल तक उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी किया जा सकता है.

MP-छत्तीसगढ़ की दूसरी सूची पर लग सकती मुहर

बीजेपी के केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में मध्य प्रदेश के उम्मीदवारों की दूसरी सूची पर मुहर लग सकती है. माना जा रहा है कि दूसरी लिस्ट में से 64 उम्मीदवारों (इसकी संख्या कम और ज्यादा भी हो सकती है) के टिकट फाइनल हो सकते हैं. इस तरह से छत्तीसगढ़ की करीब 25 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है. इसके पीछे वजह यह है कि बीजेपी पहले 2018 में हारी हुई सीटों पर कैंडिडेट के नामों की घोषणा कर देने की स्ट्रेटेजी बनाई है. बीजेपी ने पहली सूची में एमपी की 39 और छत्तीसगढ़ की 21 सीटों पर नामों की घोषणा की है. यह सीटें बीजेपी दो-तीन चुनाव से लगातार हार रही थी.

MP-छत्तीसगढ़ में कितनी सीटों पर हारी थी BJP?

बता दें कि 2018 में मध्य प्रदेश की कुल 230 सीटों में से बीजेपी को 121 सीटों पर हार का मूंह देखना पड़ा था. इसके बाद सिंधिया समर्थकों ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर लिया था, जिसके बाद उपचुनाव में बीजेपी के 28 कैंडिडेट जीतने में सफल रहे थे. राज्य में 103 सीटों पर बीजेपी के विधायक फिलहाल नहीं है. इसी तरह छत्तीसगढ़ की कुल 90 सीटों में से बीजेपी 2018 के चुनाव में महज 15 सीटें ही जीत सकी थी और उसे 75 सीटों पर हार मिली थी.

बीजेपी मध्य प्रदेश की हारी हुई 103 सीटों में से 39 सीट पर कैंडिडेट के नामों का ऐलान कर चुकी है और 65 सीटें बची है. इसी तरह छत्तीसगढ़ की हारी 75 सीटों में से 21 सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा कर रखी है, जिस लिहाज से 54 सीटें बची है. इस तरह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की हारी हुई बची सीटों पर बीजेपी केंद्रीय समिति की बैठक में दूसरी लिस्ट में कैंडिडेट्स के नामों की मुहर लग सकती है. बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में दूसरी लिस्ट के लिए बीजेपी उन्हीं सीटों पर कैंडिडेट के नामों की घोषणा करने की रूपरेखा बनाई है, जहां पर विपक्षी दल के विधायक हैं.

जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही भाजपा

बीजेपी दोनों ही राज्यों में अपने मौजूदा विधायकों में सिर्फ उन्हें नेताओं को दोबारा से टिकट देने पर विचार कर रही है, जो अपनी सीटों पर पूरे समय तक सक्रिय नजर आ रहे और जीतने की ताकत रखते हैं. बीजेपी इस बार बदली हुई रणनीति के तहत काम कर रही है. चुनाव घोषणा से पूर्व टिकट वितरण प्रक्रिया शुरू कर दी है. बीजेपी इस बार जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, क्योंकि विधानसभा चुनाव के नतीजों का असर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव पर पड़ना है. इसीलिए बीजेपी किसी तरह की कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है और चुनावी धार देने की स्टैटेजी बनाई है.

G20 की सफलता के बाद आज बीजेपी कार्यालय पहुंचेंगे PM मोदी, होगा शानदार स्वागत…

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G20 के सफल आयोजन के बाद पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी बीजेपी ऑफिस आ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी मुख्यालय बुधवार को शाम 6:30 बजे पहुंचेंगे. वह बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में शामिल होने पहुंचेंगे.

उससे पहले कार्यकर्ता और नेता उनका स्वागत करेंगे. इस अवसर पर दिल्ली और एनसीआर से हजारों कार्यकर्ता बीजेपी कार्यालय पहुंचेंगे और पीएम मोदी का स्वागत करेंगे.

बता दें कि भारत की अध्यक्षता में G20 नेताओं का शिखर सम्मेलन 9-10 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था. सदस्य देशों ने नई दिल्ली नेताओं की घोषणा को अपनाया, जहां रूस-यूक्रेन मुद्दे सहित सभी मुद्दों पर सर्वसम्मति हासिल की गई.

यह सफलता 200 घंटों से अधिक समय तक चली नॉन-स्टॉप वार्ताओं का परिणाम थी, जिसमें 300 द्विपक्षीय बैठकें और 15 मसौदे शामिल थे. इस शिखर सम्मेलन की सफलता की प्रशंसा खुद रूस ने की थी.

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बड़ी सफलता माना जा रहा है और जिस तरह से पीएम मोदी की अगुवाई में जी20 की बैठक सफलतापूर्वक आयोजित हुई है.

जी20 की सफलता को भुनाने में जुटी बीजेपी

इस साल देश के कुछ राज्यों में चुनाव है और अगले साल लोकसभा चुनाव है. उसके पहले बीजेपी जी20 के सफल आयोजन की सफलता को भुनाने में जुट गई है और राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश स्तर के नेता जी20 की सफलता की कहानियां जन-जन तक पहुंचा रहे हैं.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सुषमा स्वराज भवन में जी20 सचिवालय का अचानक दौरा किया और उन अधिकारियों से बातचीत की जो नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन के लिए ड्यूटी पर थे. उन्होंने जी20 शिखर सम्मेलन की सफलता में अधिकारियों को उनकी “कड़ी मेहनत” के लिए भी धन्यवाद दिया.

प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों सहित सभी स्तर के कर्मचारियों के साथ बातचीत की और उनके जी20 अनुभव पर चर्चा की. यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर प्रधानमंत्री के साथ थे.

पीएम मोदी ने विदेश मंत्रालय के अफसरों से मिलकर सराहा

अमिताभ कांत और मुख्य समन्वयक हर्ष श्रृंगला के मार्गदर्शन में विदेश मंत्रालय के लगभग 114 प्रमुख अधिकारियों को G20 ड्यूटी पर तैनात किया गया था. इसमं विभिन्न सेवाओं से 140 युवा अफसरों को भी शामिल किया गया था.

विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त विज्ञप्ति के लिए आम सहमति तक पहुंचने के लिए विभिन्न सदस्य देशों के साथ बातचीत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

अमिताभ कांत के अनुसार, विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अभय ठाकुर, नागराज नायडू, आशीष सिन्हा और ईनम गंभीर सहित उनकी टीम के सदस्यों ने एक निर्णायक मसौदा दस्तावेज़ तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

हरियाणा में INDIA गठबंधन को झटका, AAP का ऐलान- अकेले लड़ेगी विधानसभा चुनाव…

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 INDIA गठबंधन एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। ऐसा इसलिए, आम आदमी पार्टी ने हरियाणा के विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है। AAP के संगठन महासचिव संदीप पाठक ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनावों में अकेले ही लड़ेगी और वे किसी अन्य दल के साथ सीट शेयरिंग नहीं करेंगे।

हरियाणा की जनता बदलाव के लिए उत्सुक संदीप पाठक ने कहा, हरियाणा में विधानसभा का चुनाव आने वाला है और आम आदमी पार्टी अब एक नेशनल पार्टी है। सभी राज्यों में हम संगठन बना रहे हैं। हरियाणा के सर्कल लेवल तक हमारा संगठन बन चुका है। लगभघ 15 दिनों में हरियाणआ के एक-एक गांव में हमारी सारी कमेटी बन जाएंगीं और उसके बाद हम अपना कैंपेन शुरू कर देंगे। हरियाणा की जनता बदलाव के लिए उत्सुक है। हम हरियाणा में अच्छा करेंगे। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

वहीं, 13 सितंबर को होने वाली INDIA ब्लॉक की कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक पर संदीप पाठक ने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर जो पार्टनरशिप हुई है, उससे जुड़ी अगली मीटिंग कल है। सभी मुद्दों पर डिटेल में चर्चा होगी. मुझे एजेंडा का आइडिया नहीं है, लेकिन कैंडिडेट्स सेलेक्शन से लेकर कैंपेन प्लानिंग सभी पर डीटेल में चर्चा होगी।  बता दें कि इन दिनों इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा जोरों पर है। मुंबई में हुई इंडिया गठबंधन की तीसरी बैठक में सीट शेयरिंग का मुद्दा जल्द सुलझाने पर सहमति बनी। सीट शेयरिंग को लेकर अभी बात होनी है, लेकिन उससे पहले ही इस मसले पर गठबंधन के घटक दलों में सिरफुटौव्वल शुरू हो गई है। 

AAP पीएम पद की दौड़ में नहीं उधर, आप नेता राघव चड्ढा ने विपक्षी गठबंधन के संभावित प्रधानमंत्री पद के नामों पर कहा कि पहली बात तो यह है कि आम आदमी पार्टी इस दौड़ में नहीं है। आप नेता ने कहा, ‘‘हम इस गठबंधन में एक वफादार सिपाही हैं। हम प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में नहीं हैं। हमारे गठबंधन में कई सक्षम प्रशासक हैं। हमारे पास कई सक्षम लोग हैं। लेकिन, क्या एनडीए में कोई खड़ा होकर कह सकता है कि वे चाहते हैं कि नितिन गडकरी प्रधानमंत्री बनें या अमित शाह प्रधानमंत्री बने? मैं यहां सिर्फ यह साबित करना चाहता हूं कि हमारे पास कई सक्षम प्रशासक हैं। उनके पास कोई नहीं है। वे केवल एक नेता का नाम ले सकते हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘गठबंधन इसका (प्रधानमंत्री पद के नाम पर) निर्णय लेगा।

Tax on Diesel Vehicle: डीजल गाडि़यां खरीदने में और ढीली होगी जेब, सरकार लगाने जा रही है एडिशनल टैक्‍स!

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10% GST on Diesel Engine Vehicle: इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक, केंद्र सरकार में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, वित्त मंत्रालय को डीजल गाड़ियों पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त जीएसटी टैक्स लगाने के लिए एक प्रपोज़ल देने पर विचार कर रहे हैं.

जिसका मकसद ज्यादातर कार खरीदारों को ग्रीन एनर्जी पर चलने वाली गाड़ियों की तरफ मोड़ना है. नितिन गडकरी ने इस टैक्स को पॉल्यूशन टैक्स नाम दिया है. उनके मुताबिक, देश में डीजल गाड़ियों में कमी लाने का केवल यही एक तरीका है.