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पीएम मोदी आज लॉन्च करेंगे ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’, 508 रेलवे स्टेशनों का होगा पुनर्विकास|

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज अमृत भारत स्टेशन योजना को लॉन्च करेंगे। इस योजना के तहत देश के 508 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। एक ‘ऐतिहासिक’ पहल के तहत वीडियो कांफ्रेंस के जरिए पीएम मोदी देश भर के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे।

पीएमओ की तरफ से इसकी जानकारी दी गई है।

इन राज्यों के रेलवे स्टेशनों की आधारशिला रखेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री जिन रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशीला रखेंगे, उनमें उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 55-55, बिहार के 49, महाराष्ट्र के 44, पश्चिम बंगाल के 37, मध्य प्रदेश के 34, असम के 32, ओडिशा के 25, पंजाब के 22, गुजरात और तेलंगाना के 21-21, झारखंड के 20, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के 18-18 स्टेशन शामिल हैं। इनमें हरियाणा के 15 और कर्नाटक के 13 स्टेशन भी शामिल हैं।

24,470 करोड़ रुपये की लागत से होगा पुनर्विकास

पीएमओ ने कहा कि इस पुनर्विकास परियोजना की लागत 24,470 करोड़ रुपये होगी और इससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान होंगी। पीएमओ ने कहा कि मोदी अक्सर अत्याधुनिक सार्वजनिक परिवहन के प्रावधान पर जोर देते हैं और रेलवे लोगों के परिवहन का पसंदीदा साधन है। पीएमओ ने कहा कि उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के महत्व को प्राथमिकता दी है। बयान में कहा गया है कि इस दृष्टिकोण से निर्देशित होकर 1,309 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ शुरू की गई। इस योजना के हिस्से के रूप में, प्रधानमंत्री द्वारा 508 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए आधारशिला रखी जा रही है।

सिटी सेंटर के तौर पर विकसित करने का मास्टर प्लान

पीएमओ ने कहा, ”इन स्टेशनों का पुनर्विकास 24,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जाएगा। शहर के दोनों किनारों के समुचित एकीकरण के साथ इन स्टेशनों को ‘सिटी सेंटर’ के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। यह एकीकृत दृष्टिकोण शहर के समग्र शहरी विकास के समग्र दृष्टिकोण से प्रेरित है, जो रेलवे स्टेशन के आसपास केंद्रित है।”

Manipur Violence: मैतेई और कूकी समुदाय के लोग एक-दूसरे के खिलाफ हिंसक देर रात बाप-बेटे समेत एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या|

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मणिपुर में तीन महीने से हिंसा जारी है. मैतेई और कूकी समुदाय के लोग एक-दूसरे के खिलाफ हिंसक हो रखे हैं. इस बीच बिष्णुपुर में देर रात बाप-बेटे समेत एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई. पुलिस ने बताया कि जिले के क्वाक्टा इलाके में इन तीनों लोगों को सोते समय गोलियां मारी गईं और फिर उन पर तलवार से हमला किया गया.

सभी हमलावर चुराचांदपुर से आए थे.

पुलिस बताया कि तीनों मृतक एक राहत शिविर में रह रहे थे, लेकिन स्थिति में सुधार होने के बाद वह शुक्रवार को क्वाक्टा में अपने घर लौट गए थे.घटना के तुरंत बाद गुस्साई भीड़ क्वाक्टा में जमा हो गई और चुराचांदपुर की तरफ बढ़ने लगी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक दिया. फौगाकचाओ और क्वाक्टा के आसपास राज्य के सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच गोलीबारी होने की भी खबरें हैं.

इलाके में दर्जनों बफर जोन बनाए गए

केंद्रीय सुरक्षा बलों ने बिष्णुपुर और आसपास के इलाके में दर्जनों बफर जोन बनाए हैं. पिछले कई घंटों से इंफाल और बिष्णुपुर खासतौर पर हिंसा का केंद्र बना हुआ है. यहां आगजनी और तोड़फोड़ की कई घटनाएं सामने आई है. बिष्णुपुर में हिंसा की ताजा घटनाओं के बीच पूर्वी इंफाल और पश्चिमी इंफाल में कर्फ्यू में पूरी तरह से ढील दे दी गई है. एहतियाती तौर पर दिन के समय में कर्फ्यू जारी रखने का फैसला किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मैतेई समुदाय की भीड़ बिष्णुपुर में सुरक्षा बलों से भिड़ गई. भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षा बलों को गोलियां चलानी पड़ी.

पता चला कि यह घटना तब हुई जब मैतेई महिलाएं जिले में एक बैरिकेड क्षेत्र को पार करने की कोशिश कर रही थीं. उन्हें असम राइफल्स और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने रोका, जिससे समुदाय और सशस्त्र बलों के बीच पथराव और झड़पें हुईं. असम राइफल्स और रैपिड एक्शन फोर्स की गोलीबारी में 19 लोगों के घायल हो गए.

सुरक्षा बलों के आउटपोस्ट पर हमला, हथियारों की लूट

बिष्णुपुर के कांगवई और फौगाकचाओ में यह झड़प हुई. इस बीच बिष्णुपुर आउटपोस्ट पर 300 हथियारों की लूट हो गई. भीड़ ने आउटपोस्ट को घेर लिया था और सभी गथियार लूट कर ले गए. लगभग उसी समय मैतेई-बहुल बिष्णुपुर जिले में दो पुलिस चौकियों में भी हथियारों की लूट हुई लेकिन यहां दूसरी हथियारबंद भीड़ ने हमला किया था. सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बावजूद पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा थम नहीं रही है. इससे पहले भी, मई में भीड़ ने घाटी और पहाड़ियों दोनों में पुलिस स्टेशनों, रिजर्व, बटालियनों और लाइसेंसी हथियारों की दुकानों से 4,000 से ज्यादा हथियार और पांच लाख से अधिक गोला-बारूद लूट लिया था. इनमें 45 फीसदी हथियार कर लिए गए.

मणिपुर में नहीं थम रही हिंसा

लगभग तीन महीने पहले पूर्वोत्तर राज्य में जातीय हिंसा भड़क उठी थी. तब से अब तक 160 से अधिक लोग मारे गए हैं और मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ आयोजित किए जाने के बाद 3 मई को हिंसा भड़क उठी. मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 फीसदी है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं, जबकि आदिवासी, जिनमें नागा और कुकी शामिल हैं, 40 फीसदी हैं और मुख्य रूप से पहाड़ी जिलों में रहते हैं.

जयपुर मेयर का पति घूस लेते अरेस्ट, ACB के छापे में घर से मिले 40 लाख|

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जयपुर में एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने शुक्रवार देर रात हेरिटेज नगर निगम की मेयर मुनेश गुर्जर के पति सुशील गुर्जर के साथ दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. एसीबी की टीम ने ये गिरफ्तारी दो लाख रुपये की रिश्वत लेने के जु्र्म में किया है.

एसीबी के एडिशनल डायरेक्टर जनरल हेमंत प्रियदर्शी ने बताया है कि पट्टा जारी करने के मामले में मेयर के पति ने रिश्वत ली. जानकारी ये मिली है कि मेयर के पति ने दो दलालों के माध्यम से पट्टा के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. जिन दलालों के माध्यम से रिश्वत के लिए परिवादी को परेशान किया गया, उनके नाम हैं – नारायण सिंह और अनिल दुबे.

मेयर के पति के घर से मिले 40 लाख कैश

अधिकारी का कहना है कि आरोपी मेयर के पति के बारे में पहले से शिकायतें मिल रही थीं. जिसके बाद जाल बिछाया गया और तीनों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा गया. भ्रष्टाचार निरोधक दल के अधिकारियों का कहना है कि सुशील गुर्जर के घर से तलाशी के दौरान 40 लाख रुपये नगद मिले हैं और पट्टे की फाइल भी बरामद की गई है. दूसरी तरफ दलाल नारायण सिंह के घर से 8 लाख रुपये जब्त किये गये हैं.

मेयर मुनेश गुर्जर के घर की तलाशी

हालांकि पूरे मामले में मेयर मुनेश गुर्जर की तरफ से कोई बयान नहीं आया है. लेकिन एसीबी की टीम मेयर की भूमिका की जांच कर रही है साथ ही मेयर के घर की तलाशी भी ली जा रही है. जानाकारी के मुताबिक जांच होने के बाद जो भी तथ्य सामने आयेगा, उसके मुताबिक उचित कार्रवाई की जाएगी.

पहले भी रहा है मेयर का विवाद

नगर निगम के एक आयुक्त और मेयर मुनेश गुर्जर के बीच जून के महीने में विवाद हुआ था. तब आयुक्त ने मेयर और कुछ अन्य पार्षदों के खिलाफ बंधक बनाने और काम में बाधा डालने को लेकर केस दर्ज कराया था. दरअसल उससे पहले मुनेश गुर्जर और कुछ अन्य कांग्रेसी पार्षदों ने निगम के तत्कालीन आयुक्त पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे और उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था और कार्रवाई की मांग की थी.

Travel: धार्मिक जगहों की करनी है सैर तो घूम आएं इस जगह, कहलाता है मंदिरों का शहर|

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कुछ लोगों को पहाड़ों की बर्फीली वादियों पसंद होती हैं तो किसी को हरे-भरे जंगल और नदियां, वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें मंदिर जाना या धार्मिक जगहों पर घूमना बेहद पसंद होता है.

धार्मिक जगहों पर जाना भी अपने आप में एक अलग एक्सपीरियंस होता है. इन जगहों में फैली पॉजिटिविटी मन को शांत करती है और दिल खुश हो जाता है. वैसे भी हमारे देश भारत में एक बढ़कर एक खूबसूरत और प्राचीन मंदिर हैं. ये मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं हैं बल्कि वास्तुकला के शानदार नमूने हैं. जानते हैं धार्मिक जगह जो ट्रिप के लिए रहेंगी बेस्ट

हमारे देश में कुछ जगहें ऐसी हैं जहां हर गली कूचे में मंदिर बने हुए हैं. इन्हीं में से एक है आंध्र प्रदेश जिसे मंदिरों का शहर भी कहते हैं, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक कला को देखना है तो यहां पर बने मंदिर बेहद खूबसूरत तरीके डिजाइन किए गए हैं जो बेहद प्राचीन हैं. अगर आपको किसी प्राचीन जगह की सैर करनी है तो या परिवार के साथ किसी आध्यात्मिक जगहें जाना चाहते हैं तो आंध्र प्रदेश के मंदिरों की सैर करें

रंगनाथ मंदिर

आध्यात्मिक दृष्टि के साथ ही कला के प्रेमियों को रंगनाथ मंदिर जरूर देखना चाहिए. यहां के सबसे प्राचीन मंदिरों में शुमार रंगनाथ मंदिर की खूबसूरती को कोई भी बस निहारता रह जाएगा. यह मंदिर बेहतरीन कला का शानदार नमूना है.

वेंकटेश्वर मंदिर

यहां पर लोग लाखों की संख्या में मनोकामना पूर्ति के लिए दर्शन करने आते हैं. यहां तिरुपति बालाजी विराजते हैं. वेंकटेश्वर मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में है.

कनक दुर्गा मंदिर

अगर आंध्रप्रदेश गए और वहां के मंदिर नहीं घूमें तो क्या घूमें. विजयवाड़ा में स्थित कनक दुर्गा मंदिर है, जहां घूमना आपके लिए स्वर्ण भरे पलों की तरह हो सकता है. लोगों का मानना है कि ये मंदिर पांडु पुत्र अर्जुन में बनवाया था.

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक मल्लिकार्जुन मंदिर काफी फेमस है. देवी पार्वती का ये मंदिर आंध्रप्रदेश के कृष्णा जिले में कृष्णा नदी के तट पर बना हुआ है. श्रीशैलम पर्वत पर स्थित इस मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है.

तिरुपति मंदिर

इस मंदिर का नाम शायद ही आपने न सुना हो, आंध्रप्रदेश के तिरुमाला पर्वत पर स्थित तिरुपति मंदिर को उसकी भव्यता,चमत्कारों और रहस्यों के लिए जाना जाता है. यह मंदिर देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में फेमस है. सनातन धर्म मानने वालों के लिए ये मंदिर सबसे खास और पवित्र स्थल में से एक है

नूंह हिंसाः नोटिस मिलने के आधे घंटे में चला बुलडोज़र, अब तक 200 लोग गिरफ़्तार – प्रेस रिव्यू|

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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, प्रशासन ने हरियाणा के नूंह ज़िले में शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए कई मकान और ढांचे तोड़ दिए.

नूंह में शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा पड़ोसी ज़िले गुरुग्राम तक फैल गई थी.

इस हिंसा में छह लोग मारे गए हैं जिनमें दो होमगार्ड हैं.

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज के मुताबिक़ अब तक 202 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और 80 को हिरासत में लिया गया है.

नूंह ज़िले में 31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के आह्वान पर हो रही यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी.

इस हिंसा को सुनियोजित बताते हुए अनिल विज ने कहा था कि अगर ज़रूरत पड़ेगी तो बुलडोज़र का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

इसी बीच गुरुग्राम के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला और डिप्टी कमिश्नर प्रशांत पंवार का तबादला कर दिया गया है.

तबादले से कुछ घंटे पहले मीडिया से बात करते हुए प्रशांत पंवार ने कहा था कि अवैध भूमि पर बने ढांचों को तोड़ा गया है.

नल्हड़ शिव मंदिर के पीछे पांच एकड़ ज़मीन को भी खाली कराया गया है.

बजरंग दल की यात्रा इस मंदिर से शुरू हुई थी और यहां से कुछ आगे चलकर टकराव हो गया था.

वहीं एक वरिष्ठ अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस अख़बार से कहा है कि तोड़फोड़ की कार्रवाई का सांप्रदायिक हिंसा से कोई संबंध नहीं हैं.

स्थानीय निवासी आस मोहम्मद ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा है, “मैं काम के लिए निकल रहा था कि मेरा घर तोड़ने के लिए मुझे वन विभाग की तरफ़ से नोटिस दिया गया. इसके आधे घंटे के भीतर ही मेरा घर तोड़ दिया गया.”

आस मोहम्मद के मुताबिक़ नोटिस में कहा गया है कि घर को दो दिनों में तोड़ दिया जाएगा लेकिन आधे घंटे के भीतर ही घर पर बुलडोज़र चला दिया गया.

अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ इस नोटिस पर 30 जून की तारीख़ है और इस पर लिखा है, “ये ज्ञात हुआ है कि आप अधिसूचित सुरक्षित वन भूमि पर गैर-वन कार्य कर रहे हैं. आपसे नोटिस प्राप्त होने के सात दिन के भीतर जवाब दाख़िल करने के लिए कहा जाता है.”

इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्टर ने तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे वन विभाग के एक अधिकारी से इस बारे में प्रश्न किए लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका.

बॉम्बे हाई कोर्ट के जज ने अदालत में की इस्तीफ़े की घोषणा

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बॉम्बे हाई कोर्ट के एक वरिष्ठ जज ने खुली अदालत में इस्तीफ़ा दे दिया.

जज रोहित देव के इस इस्तीफ़े से लोग हैरान हैं.

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की सिफ़ारिश पर हाई कोर्ट ने जस्टिस रोहित देव का तबादला कर दिया था और उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट चुनने का विकल्प दिया गया था.

अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ अधिवक्ता जस्टिस रोहित देव के इस्तीफ़े को तबादले के इसी आदेश से जोड़कर देख रहे हैं लेकिन देव ने स्वयं ये कहा है कि उनके इस्तीफ़े के कारण व्यक्तिगत हैं.

महाराष्ट्र के पूर्व महाधिवक्ता रोहित देव ने शुक्रवार को खुली अदालत में कहा कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

अधिवक्ताओं के मुताबिक़ संभवतः ये पहली बार है जब हाई कोर्ट के किसी जज ने खुली अदालत में इस तरह इस्तीफ़ा दिया है.

जस्टिस रोहित देव ने कहा है कि उन्होंने अपना इस्तीफ़ा सीधा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा है और इसकी कॉपी सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस और हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस को भेजी है.

जस्टिस देव ने 2022 में जीएन साईंबाबा को बरी कर दिया था. साईंबाबा को नक्सली गतिविधियों के आरोप में उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.

जनवरी के तीसरे सप्ताह में होगा राम मंदिर का उद्घाटन

द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन अगले साल जनवरी के तीसरे सप्ताह में 14 से 24 जनवरी के बीच होगा.

द हिंदू अख़बार से बात करते हुए ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा है कि राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा अगले साल 21 से 24 जनवरी के बीच होगी.

ट्रस्ट के मुताबिक़, उद्घाटन की तारीख़ प्रधानमंत्री के पुष्टि करने के बाद तय की जाएगी.

राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आधिकारिक न्यौता भेज दिया गया है.

ट्रस्ट ने इस कार्यक्रम के लिए देशभर से 25 हज़ार हिंदू धार्मिक नेताओं को आमंत्रित करने की योजना बनाई है.

ट्रस्ट को उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में दस हज़ार तक लोग शामिल हो सकते हैं.

उद्घाटन से पहले राम मंदिर ट्रस्ट रोज़ाना एक लाख संतों और श्रद्धालुओं को भोजन करायेगा.

साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट के एक फ़ैसले से अयोध्या में राम मंदिर बनने का रास्ता साफ़ हो गया था.

जहां राम मंदिर का निर्माण हो रहा है उसी जगह पर मुग़लकालीन बाबरी मस्जिद थी जिसे 1992 में हिंदूवादी कार्यकर्तों ने ध्वस्त कर दिया था.

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के तहत अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए अलग से जगह दी गई है.

हरियाणाः खापों, किसान यूनियनों ने सभी धर्मों का सम्मेलन बुलाया

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ खाप नेताओं, संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं और नागरिक समूहों का एक प्रतिनिधिमंडल हरियाणा के नूंह का दौरा करेगा.

इसका मक़सद सांप्रदायिक हिंसा में फंसे इस क्षेत्र में भाईचारे और शांति को बढ़ावा देना है.

वहीं कई खापों और किसान संगठनों ने शनिवार को जींद में सर्व धर्म सम्मेलन बुलाया है.

हिसार में राजथाल गांव के प्रमुख अनिल गोदारा ने कहा, “वोट हासिल करने के लिए लोगों को धर्म के आधार पर बांटने की साज़िश रची जा रही है.”

नूंह में 31 जुलाई को वीएचपी और बजरंग दल की जलाभिषेक यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हुई थी और बड़ी तादाद में वाहनों को जला दिया गया था|

Elections Survey 2024 : UPA को इस बार लगभग दोगुनी सीटें मिलने का अनुमान, क्या बदल जाएगी देश की राजनीतिक तस्वीर, देखें सर्वे के नतीजे|

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Lok Sabha Election 2024 Opinion Polls: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में अब कुछ महीनों का ही समय बचा है. बीजेपी नीत गठबंधन को टक्कर देने के लिए अब इंडिया गठबंधन भी बन चुका है. ऐसे में 2024 लोकसभा चुनाव दो बड़े गठबंधन के बीच होने वाले चुनावी जंग को देखने के लिए जनता भी उत्साहित है.

पिछले 6 महीने में दो ऐसे सर्वे हुए जिसे आंकड़े तकरीबन एक समान है. दोनों में कांग्रेस की यूपीए एलायंस को पिछले चुनाव से लगभग दोगुनी सीटें मिलने का अनुमान है. अब इससे देश की राजनीतिक तस्वीर में कितना बदलाव आएगा? ये तो चुनाव के परिणाम के बाद ही पता चलेगा. आगे जानते हैं दोनों सर्वे के आंकड़े क्या कहते है…

बता दें कि दोनों सर्वे के मुताबिक, बीजेपी की नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन एक बार फिर से लोकसभा चुनाव में स्वीप कर सकती है. जबकि कांग्रेस बहुमत के आंकड़ों से काफी पीछे दिख रही है. हालांकि दूसरे सबसे बड़े दल के साथ कांग्रेस की सीटों में बढ़ोतरी होने का अनुमान है.

सर्वे में यूपीए को 111-149 सीटें
टाइम्स नाउ ईटीजी ने पिछले महीने का शुरुआत में लोकसभा चुनाव के सीटों के लेकर एक सर्वे किया. जिसमें एनडीए गठबंधन को लगातार तीसरी बार भी लोकसभा में बहुमत मिलने के अनुमान है. एनडीए को 285 से 325 सीटों पर जीत मिलते दिखाया गया है. 2019 चुनाव में एनडीए को 353 सीटें मिली थी.

सर्वे में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए गठबंधन के सीटों में इजाफा होने की उम्मीद है. कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) को 111-149 सीटों पर जीत मिलने का अनुमान है. पिछले लोकसभा चुनाव 2019 की बात करें तो यूपीए को 91 सीट मिली थी, जबकि कांग्रेस अकेले 52 सीटों पर सिमट गई थी.

यहां एनडीए को 300 से कम सीटें
दूसरा सर्वे इंडिया टुडे सी-वोटर का है, जो इस साल के शुरुआत में जनवरी महीने के अंत में हुआ था. इसके मुताबिक भी देश में एनडीए की सरकार बनने का अनुमान है. सर्वे में एनडीए गठबंधन को 300 से कम 298 सीटों पर जीत मिलने का अनुमान लगाया गया था. जबकि कांग्रेस के गठबंधन को 153 सीटों पर बढ़त मिलने का अनुमान सामने आया था. वहीं, अन्य दलों को 92 सीट रहने का अनुमान था. इन दोनों आंकड़ों के हिसाब से यह कहा जा सकता है कि इस बार 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के यूपीए गठबंधन की सीटों में लगभग दोगुना का फायदा होने का अनुमान है.

हिंसा : मणिपुर बवाल की खौफनाक तस्वीर बयां कर रही हैं 11 FIR|

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Manipur Ethnic Violence: पूर्वोत्तर में भारत का प्रवेश द्वार मणिपुर बीते तीन महीनों से जातीय हिंसा की आग में जल रहा है. इस हिंसा से राज्य में हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं, लेकिन हर बार की तरह यह हिंसा भी महिलाओं की देह से होकर गुजरी है.

इस जातीय संघर्ष में महिलाओं के साथ हुए जघन्य अपराध की कहानी राज्य में दर्ज हुई एफआईआर खुद ही बयान कर रही हैं.

मणिपुर में 11 ऐसी FIR दर्ज की गई हैं जोकि मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हुई हिंसा, हत्या, रेप और गैंगरेप जैसे अपराधों के बारे में प्रकाश डालती हैं. जातीय हिंसा के दौरान इन 11 प्राथमिकियों में से 5 महिलाओं के साथ हुए गैंगरेप, चार महिलाओं की हत्या और 10 महिलाओं के साथ उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए ग

अपराध से भी ज्यादा भयावह क्या है?
मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हुए इन अपराधों में सबसे ज्यादा भयावह इन अपराधों का होना नहीं है. इससे भी ज्यादा भयावह जातीय संघर्ष से जूझ रहे इन इलाकों में ऐसी विभत्स घटनाओं को रिपोर्ट किए जाने में देरी करना है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह पता चला कि मई को हुए अपराध की रिपोर्ट पुलिस ने पीड़िता के थाने में कई चक्कर लगाने के बाद 18 मई को दर्ज की.

कांगपोकपी पुलिस स्टेशन में एक 18 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि कैस उसका चार पुरुषों ने 15 मई को उसका अपहरण किया और बाद में दूसरे चार व्यक्ति उसको पहाड़ियों पर जबरन लेकर गये. यहां पर उसका रेप किया गया.

रेप के बाद हत्या की कोशिश
महिला ने बताया कि उसका रेप करने के बाद आरोपी आपस में यह चर्चा कर रहे थे कि उसकी हत्या कैसे करनी है. ठीक उसी दौरान एक आरोपी ने उस पर कार चढ़ा कर हत्या करने के इरादे से पीड़िता को टक्कर मारी और वह पहाड़ियों से नीचे सड़क पर गिर पड़ी. जहां पर सब्जी लेकर जा रहे एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर ने उसकी जान बचाई.

पुलिस स्टेशन ले जाए जाने के बाद महिला ने कहा कि उसको उसके घर लेकर जाया जाए. अगले दिन उस महिला ने मणिपुर छोड़ दिया और वह नागालैंड के लिए रवाना हो गई. उसको कोहिमा अस्पताल में भर्ती कराया गया.

मणिपुर सरकार ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर सरकार ने इस घटना पर अदालत को बताया कि उन्होंने 21 जुलाई को इस मामले पर जीरो एफआईआर दर्ज की थी. उन्होंने कहा इस घटना के अगले दिन ही इंफाल पूर्व में संबंधित पुलिस थाने को इस मामले की आधिकारिक जानकारी दे दी गई थी.

हालांकि इस मामले में किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि वह इस मामले में जहां घटना हुई है वहां पर इसकी प्रामणिकता को जांचने और उसके बाद एफआईआर दर्ज करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

ऊपर दी गई जानकारी सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई एक एफआईआर की बानगी भर है. बाकी की 10 एफआईआर में दी गई शिकायतें भी इतनी ही भयावह हैं, लेकिन उसके बारे में कोई भी बात नहीं करता है.

Gyanvapi Masjid Case : मंदिर-मस्जिद विवाद के बीच नया मोड़, बौद्ध धर्म गुरु ने ज्ञानवापी को बताया मठ, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर|

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Gyanvapi Mosque Case : वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद मामले (Gyanvapi Masjid Case) में गुरुवार को नया मोड़ सामने आ गया. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बौद्ध धर्म गुरु ने याचिका दायर कर ज्ञानवापी को मस्जिद और मंदिर से अलग मठ बताया.

ऑल इंडिया बुद्धिस्ट संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंते सुमित रतन ने दावा किया कि ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे होने पर बौद्ध मठ के अवशेष मिलेंगे.

याचिका में कहा गया है कि देश में बौद्ध मठों को तोड़कर मंदिरों का निर्माण किया गया है. ज्ञानवापी में पाए गए त्रिशूल और स्वास्तिक के चिह्न बौद्ध धर्म के हैं. उन्होंने बौद्ध मठों को मूल स्वरूप में लाए जाने की मांग की. बद्रीनाथ, केदारनाथ और मथुरा के मंदिर पर बौद्ध मठ होने का दावा ठोंकने के लिए उन्होंने अलग से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की बात कही.

बौद्ध धर्म गुरु ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की अर्जी

भंते सुमित रत्न ने आगे कहा कि बौद्ध धर्म सबसे पुराना है. इस्लाम 1500 साल पहले आया और हिंदू धर्म 1200 साल का है. देश में आपसी फूट की शुरू हुई परंपरा सही नहीं है. बौद्ध मठों का भी सर्वेक्षण कर बौद्ध समाज को वापस कर देना चाहिए. बता दें कि सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने ज्ञानवापी मुद्दे पर बयान देकर विवादों को जन्म दे दिया था.

उन्होंने मस्जिद और मंदिर से पहले भी ज्ञानवापी में बौद्ध मठ होने की बात कही. सपा नेता ने आगे बताया था कि आठवीं सदी की शुरुआत तक बदरीनाथ बौद्ध मठ था और आदि शंकराचार्य ने परिवर्तित कर बदरीनाथ धाम बनाया.

मंदिर-मस्जिद के बीच ज्ञानवापी को बताया मठ

स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान सामने आते ही चारों तरफ से निंदा होने लगी. ऑल इंडिया बुद्धिस्ट संघ स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में उतर गया. इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से 3 अगस्त को आए आदेश के बाद ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे एएसआई की 51 सदस्यीय टीम कर रही है. हाईकोर्ट ने सर्वे को न्याय हित के लिए जरूरी बताते हुए एएसआई से सर्वे कराने की इजाजत दी थी. मुस्लिम पक्ष ने आदेश को चुनौती देते हुए एएसआई सर्वे को रोकने की मांग की है. आज सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई हो सकती है.

Maharashtra Politics : पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया कि मुख्यमंत्री अजित पवार को नियुक्त किया जाएगा|

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Ajit Pawar and Eknath Shinde : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार गुरुवार को मुंबई में आयोजित एक उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए आरक्षित कुर्सी पर बैठ गए जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

एक क्लिप में अजित पवार को सीएम की सीट पर बैठे देखा जा सकता है, जबकि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को कुर्सी से एकनाथ शिंदे की नेमप्लेट हटाते हुए देखा जा सकता है.

सोशल मीडिया पर शुरू हुई ये चर्चा
इस वीडियो ने एक बार फिर अजित पवार की महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा को गर्म कर दिया है. गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में देवेंद्र फड़णवीस भी मौजूद थे, जिससे स्थिति और भी दिलचस्प हो गई. मुंबई में विधायकों के लिए आवासों के पुनर्निर्माण के शुभारंभ पर एकनाथ शिंदे को आमंत्रित किया गया था. हालांकि, उस दिन वो किसी निजी कारणों से नहीं आ पाए.

विधानसभा अध्यक्ष ने दी प्रतिक्रिया
राहुल नार्वेकर ने कहा कि मुख्यमंत्री “कुछ व्यक्तिगत कारणों से” समारोह में शामिल नहीं हो पाए. इस शुभ दिन पर बेकार की चर्चा शुरू न करें. एनसीपी में विभाजन के बाद एनसीपी विधायकों के एक वर्ग के बीजेपी-शिवसेना सरकार में शामिल होने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता ने 2 जुलाई को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. अजित पवार को शीर्ष पद मिलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर, एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य प्रफुल्ल पटेल ने पहले कहा था कि वह एक “लोकप्रिय और भारी वजन वाले नेता” हैं और उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलेगा.

कांग्रेस नेता का दावा
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने यह भी दावा किया कि अगस्त में एकनाथ शिंदे की जगह अजित पवार को मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाएगा. लेकिन इन दावों को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खारिज कर दिया.

MP Weather: एमपी के इन 6 जिलों में आज बारिश का रेड अलर्ट, 32 जिलों में भी भारी बारिश के आसार, सीएम शिवराज का दौरा रद्द|

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MP : मध्य प्रदेश के छह जिलों के लिए मौसम विभाग ने बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि 32 अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं दमोह में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का दौरा कार्यक्रम था, लेकिन भारी बारिश की वजह से इसे स्थगित किया गया है.

मौसम विभाग ने प्रजे के आधा दर्जन जिले जिनमें नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और मंडला के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. जबकि 32 जिले जिनमें भोपाल, सीहोर, राजगढ़, हरदा, इंदौर, देवास, शाजापुर, ग्वालियर, मुरैना, सतना, रीवा, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, डिंडोरी, सागर, टीकमगढ़, विदिशा, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, भिंड, श्योपुरकलां, दतिया, पन्ना, निवाड़ी, छतरपुर, दमोह और बालाघाट में भी भारी बारिश के आसार है.

मालवा के 15 जिलों में राहत

हालांकि 24 घंटे के दौरान मालवा के 15 जिलों में राहत रहेगी, यहां हल्की बारिश की संभावना है. इन जिलों में बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, उज्जैन, देवास, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, सिंगरौली, और सीधी जिला शामिल हैं.

नर्मदा नदी का बढ़ रहा जलस्तर

इधर लगातार बारिश की वजह से नर्मदा नदी का भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बरगी डैम में इस समय जल ग्रहण क्षेत्रों से 8 हजार घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी आरहा है. नर्मदापुरम ममें जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री वीके जैन के अनुसार बरगली डैम का जलस्तर 420.65 मीटर हो गया है. इसे नियंत्रित करने के लए 15 गेट 1.76 मीटर तक खोले गए हैं, जिससे सेठानी घाट सहित सभी घाटों पर 20 से 30 तक जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी. प्रशासन द्वारा लगातार लोगों से अपील की है जा रही है कि नर्मदा नदी से दूरी बनाए रखे.

स्कूलों की छुट्टी

उमरिया में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश की वजह से नदी नाले सभी उफान पर आ गए हैं. पाली के पहाडिय़ा भिम्माडोंगरी बसाड नाले का पुल बहने से 8 गांवों का संपर्क टूट गया है. भारी बारिश को देखते हुए कलेक्टर बुध्देश कुमार वैद्य ने 12वीं तक के सभी स्कलों में आज 4 अगस्त का अवकाश घोषित किया है.

सीएम का दौरा भी स्थगित

बता दें दमोह जिले के तहसील मैदान पर आज लाडली बहना योजना सम्मेलन का आयोजन किया जाना था. समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होना थे. तीन गुल्ली से आयोजन स्थल तक रोड शो भी होना था, लेकिन भारी बारिश की वजह से सीएम शिवराज चौहान का दौरा कार्यक्रम स्थगित किया गया है.