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ईरान पर इस मुस्लिम देश ने किया था सीक्रेट अटैक! एयरस्ट्राइक की चौंकाने वाली रिपोर्ट आई सामने…

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सऊदी अरब ने मार्च महीने के आखिरी हफ्ते में ईरान के कई ठिकानों पर सीक्रेट हवाई हमले किए थे. रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है.

ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के दौरान सऊदी अरब ने भी मार्च महीने के आखिर में ईरान पर सीक्रेट हवाई हमले किए थे. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने दो विदेशी और दो ईरानी अधिकारियों के हवाले से यह दावा किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये हमले ईरान की तरफ से सऊदी अरब पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब में किए गए थे. हालांकि,  सऊदी अरब ने कभी सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार नहीं किया है कि उसने ईरान की जमीन पर हमला किया था.

अधिकारियों के अनुसार ये हमले मार्च के आखिरी सप्ताह में किए गए थे. उसी समय ईरान की ओर से उन खाड़ी देशों पर हमले हो रहे थे, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. एक अधिकारी ने कहा कि सऊदी अरब ने यह कार्रवाई अपनी सुरक्षा के जवाब में की थी. हालांकि रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया कि ईरान के किन इलाकों को निशाना बनाया गया. यह भी नहीं बताया गया कि हमलों में कितना नुकसान हुआ.

सऊदी विदेश मंत्रालय ने नहीं दिया कोई जवाब

इस मामले पर जब सऊदी विदेश मंत्रालय से जवाब मांगा गया तो उन्होंने इन हमलों की पुष्टि नहीं की. ईरान के विदेश मंत्रालय की तरफ से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार जब ईरान-अमेरिका जंग पूरे पीक पर था तो इसके बावजूद सऊदी अरब और ईरान के बीच बातचीत भी जारी रही. इस बीच रियाद में मौजूद ईरानी राजदूत के जरिए दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क बना रहा. रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि सऊदी अरब ने हमलों की जानकारी पहले ही ईरान को दे दी थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच तेजी से कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हुई.

105 ड्रोन से सऊदी अरब ने किया था हमला

सऊदी अरब ने ईरान को आगे और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी. बाद में दोनों देशों ने तनाव कम करने पर सहमति जताई. ईरान के एक अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की कि दोनों देशों के बीच तनाव घटाने को लेकर बातचीत हुई थी. उनका कहना था कि इसका मकसद हालात को और बिगड़ने से रोकना और दोनों देशों के हितों की रक्षा करना था. रिपोर्ट के अनुसार 25 से 31 मार्च के बीच सऊदी अरब पर 105 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइल हमले हुए थे, लेकिन 1 अप्रैल से 6 अप्रैल के बीच यह संख्या घटकर करीब 25 रह गई.

CM योगी ने पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए हफ्ते में 2 दिन WFH देने को कहा…

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को ध्यान में रखते हुए ईंधन के समझदारी से इस्तेमाल की पीएम मोदी की अपील के बाद अब UP CM योगी आदित्यनाथ में WFH के निर्देश जारी किए हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (12 मई, 2026) को वैश्विक तेल संकट और बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच ईंधन की खपत को कम करने के लिए हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की बड़ी घोषणा की है.

साथ ही उन्होंने प्रदेश की जनता से भी प्रधानमंत्री की अपील में शामिल होने का आग्रह किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययिता और ऊर्जा संरक्षण के आह्वान के बाद मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, DGP और विभिन्न विभागों के सभी अपर मुख्य सचिवों तथा प्रमुख सचिवों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश दिए.

काफिलों में भी 50 परसेंट की कटौती

उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के सरकारी वाहनों के काफिलों (फ्लीट) में तत्काल प्रभाव से 50 परसेंट कटौती किए जाने की भी बात कही.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ”मुख्यमंत्री ने राज्य में ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ (घर से काम करने) की संस्कृति को प्राथमिकता देने की भी अपील की.उन्होंने PNG, मेट्रो सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा संचालित बसों के उपयोग पर विशेष जोर दिया. जिन कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की संख्या अधिक है, वहां राज्य-स्तरीय परामर्श जारी किया जाना चाहिए, जिसमें सप्ताह में दो दिन ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ (घर से काम) करने की अनुशंसा की जाए.

शिक्षा विभाग के सेमिनार, बैठकें और कार्यशालाएं तथा अन्य आधिकारिक बैठकें भी वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जानी चाहि ए. राज्य सचिवालय और निदेशालय स्तर पर होने वाली आंतरिक बैठकों में से 50 प्रतिशत बैठकें भी वर्चुअल माध्यम से ही आयोजित की जानी चाहिए.”

2 दिन का हाइब्रिड मॉडल

नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में स्थित IT कंपनियों, बड़े स्टार्टअप्स और इंडस्ट्रियल यूनिट्स को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क-फ्रॉम-होम करने की सुविधा दें. साथ ही आम नागरिकों के लिए साप्ताहिक स्तर पर हफ्ते में एक दिन ‘नो-व्हीकल डे’ के रूप में प्रस्तावित किया गया है. इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्टूडेंट्स और आम नागरिकों को जोड़ने की योजना है ताकि निजी वाहनों का इस्तेमाल न्यूनतम किया जा सके.

कारपूलिंग और EV को बढ़ावा

कंपनियों को अपने स्तर पर कर्मचारियों के लिए कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं.

Cotton Cultivation Tips: खेत में इस ट्रिक के साथ उगाएं सफेद सोना, पूरे साल भारी रहेगी जेब…

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Cotton Cultivation Tips: कपास की खेती किसानों के लिए सफेद सोना उगाने जैसा है. सही समय पर बुवाई और बीटी-2 जैसी मॉडर्न किस्मों का चुनाव आपको बंपर मुनाफा दिला सकता है.

Cotton Cultivation Tips: खेती की दुनिया में कपास को सफेद सोना कहा जाता है और यह नाम इसे यूं ही नहीं मिला है. अगर आप सही स्ट्रैटेजी और मॉडर्न तकनीक के साथ कपास की खेती करते हैं, तो यह आपकी किस्मत बदलने की ताकत रखती है. आज के दौर में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की बढ़ती डिमांड ने कपास को एक बेहतरीन कैश क्रॉप बना दिया है.

खारीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही इसकी बुवाई का सही वक्त आ जाता है. बस आपको पारंपरिक खेती के ढर्रे से बाहर निकलकर कुछ स्मार्ट ट्रिक्स और लेटेस्ट वैरायटीज पर फोकस करना होगा. जान लीजिए इसकी खेती का सही तरीका.

बीटी-2 वैरायटी सबसे बेस्ट

कपास की खेती में सबसे बड़ा खेल बीज का चुनाव होता है. एग्रीकल्चर एक्सपर्ट्स के मुताबिक बीटी-2 जैसी उन्नत किस्मों का इस्तेमाल करना सबसे स्मार्ट चॉइस है. क्योंकि यह गुलाबी सुंडी जैसे खतरनाक कीटों से फसल को सुरक्षा देती है. बुवाई के लिए मई से लेकर 15 जून तक का समय सबसे परफेक्ट माना जाता है.

इस समय बोई गई फसल को बढ़ने के लिए पूरा वक्त मिलता है और मॉनसून की बारिश का भी सही फायदा होता है. मिट्टी की बात करें तो गहरी काली मिट्टी कपास के लिए बेस्ट है. लेकिन ध्यान रहे कि खेत में जल निकासी का सिस्टम टकाटक होना चाहिए जिससे पानी जमा न हो.

लाइन से लाइन की दूरी

ज्यादा पैदावार लेने की असली ट्रिक सही स्पेसिंग और न्यूट्रिशन मैनेजमेंट में छिपी है. बीटी कॉटन के लिए लाइन से लाइन की दूरी 3 से 4 फीट और पौधों के बीच 1 से 2 फीट का गैप रखना चाहिए. इससे पौधों को हवा और धूप बराबर मिलती है, जिससे टिंडे बड़े और वजनदार बनते हैं. खाद के मामले में मिट्टी की जांच जरूर कराएं.

लेकिन आमतौर पर प्रति एकड़ 50-60 किलो नाइट्रोजन, 25-30 किलो फास्फोरस और पोटाश का इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही, जिंक सल्फेट और मैग्नीशियम सल्फेट का छिड़काव फसल को पीला पड़ने से बचाता है और इसकी चमक बरकरार रखता है. जिससे मार्केट में दाम अच्छा मिलता है.

कमाई का सॉलिड फॉर्मूला

कपास की फसल में सबसे बड़ी चुनौती कीटों से निपटना है. इसके लिए आपको इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट अपनाना चाहिए. खेत में फेरोमोन ट्रैप लगाएं और मित्र कीटों को बढ़ावा दें जिससे रसायनिक दवाओं पर खर्च कम हो. सिंचाई का मैनेजमेंट ऐसा रखें कि फूल आते समय और टिंडे बनते समय नमी बनी रहे.

कमाई की बात करें तो एक एकड़ में कपास की अच्छी फसल से 10 से 15 क्विंटल तक पैदावार ली जा सकती है. अगर मार्केट रेट सही रहा तो लागत काटकर आप लाखों का मुनाफा आसानी से जेब में डाल सकते हैं.

IPL 2026 : पंजाब किंग्स के खिलाड़ी ने की अपील. लगातार 4 मैचों में हारने के बाद टीम मुश्किल…

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श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब किंग्स की IPL 2026 में शुरुआत शानदार हुई थी, लेकिन लगातार 4 मैचों में हारने के बाद टीम मुश्किल में पहुंच गई है. इस बीच खिलाड़ी ने फैंस से खास अपील की.

श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब किंग्स ने IPL 2026 के शुरूआती 7 मैचों में हार का मुंह नहीं देखा था, लेकिन अब टीम जीत को तरस गई है. PBKS 4 लगातार मैच हारने के बाद अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई, जो शुरुआत से टेबल टॉपर थी. हालांकि अभी भी टीम प्लेऑफ में पहुंचने के लिए फेवरेट है, लेकिन 4 हार ने खिलाड़ियों के साथ फैंस को भी निराश कर दिया है. इस बीच ओपनर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने फैंस से अपील की है कि वह ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट करे.

प्रभसिमरन सिंह ने कहा कि फैंस का सपोर्ट हमारे लिए बहुत जरुरी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब मुंबई इंडियंस के खिलाफ होने वाले अगले मैच में जीतकर वापसी करेगी. PBKS vs MI मैच गुरुवार को धर्मशाला में खेला जाएगा.

प्रभसिमरन सिंह की फैंस से अपील

पंजाब किंग्स द्वारा शेयर किए गए वीडियो में प्रभसिमरन सिंह ने कहा, “मैं धर्मशाला से ये बात कह रहा हूं, हम 4 मैच जरूर हार गए, लेकिन अभी भी हम अंक तालिका में चौथे नंबर पर है. मैं उम्मीद दिलाता हूं कि हम प्लेऑफ में भी जाएंगे और ट्रॉफी भी जीतेंगे. मैं तो आपसे यही कह सकता हूं कि आपका समर्थन हमारे लिए बहुत जरुरी है. हमें सपोर्ट करो और धर्मशाला का स्टेडियम लाल (PBKS की जर्सी का रंग) कर दो. अगला मैच मुंबई इंडियंस के साथ है, उसे जीतकर कमबैक करना है. साथ दो, क्योंकि आप लोगों की हमें बहुत जरुरत है.”

अंक तालिका में PBKS की स्थिति

पंजाब किंग्स ने 11 में से 6 मैच जीते हैं, KKR के खिलाफ उनका एक मैच रद्द हुआ था. 13 अंक और +0.428 की नेट रन रेट के साथ पंजाब अंक तालिका में चौथे नंबर पर है. टीम अपने बचे हुए 3 मैच जीतकर 19 अंकों तक पहुंच जाएगी, यानी उन्हें प्लेऑफ में पहुंचने के लिए सिर्फ अपने मैच जीतने हैं और अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर नहीं रहना है.

प्रधानमंत्री की अपील के बीच बिहार में सम्राट सरकार का बड़ा फैसला…

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पीएम मोदी की अपील के बीच बिहार में मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम या न्यूनतम करने का निर्णय लिया गया है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग पर जोर देने का आग्रह किया गया है.

पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचाने का आग्रह किया है. इस अपील के बीच अब बिहार की सम्राट सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है. मंत्री और पदाधिकारियों से अपील तो की ही गई है, साथ ही राज्य की जनता से भी सम्राट चौधरी ने कहा है कि मेट्रो, बस, ऑटो अथवा अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग पर जोर दें.

सीएम सम्राट चौधरी ने बुधवार (13 मई, 2026) को एक्स हैंडल से लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी डीजल, पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग करने की अपील की है. इसे लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं.”

एक नजर में पढ़ें सीएम की मुख्य अपील

1) मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम या न्यूनतम करने का निर्णय लिया है.

2) मंत्री, निगम बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्य, सभी पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि से बिना अतिरिक्त वाहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में आने की अपील की गई है.

3) राज्य की जनता से मेट्रो, बस, ऑटो अथवा अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग पर जोर देने का आग्रह किया गया है.

4) राज्य सरकार के सभी विभागों को सभी प्रकार के कॉन्फ्रेंस अथवा सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

5) प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में संचालित होने वाले कैंटीन में पाम ऑयल के कम से कम प्रयोग का निर्देश दिया गया है.

6) सरकारी और निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है.

7) सप्ताह में एक दिन सभी लोगों से ‘नो व्हीकल डे’ के आयोजन का आग्रह किया गया है.

प्रेम कुमार बोलेहमने कम कर दी गाड़ियों की संख्या

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर बिहार विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार ने कहा, “हमने गाड़ियों की संख्या कम कर दी है. हमारे मंत्री भी काम कर रहे हैं. बिहार की जनता भी बचत कर रही है. आने वाले समय में देश के प्रधानमंत्री के आह्वान का निश्चित तौर पर लोगों को लाभ मिलेगा.”

5 सबसे बड़े पेपर लीक कांड और 2 करोड़ छात्रों के सपनों पर पड़ा ग्रहण…

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NEET UG 2026 पेपर लीक ने शिक्षा प्रणाली पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. इस कांड ने भारत के 5 सबसे बड़े कांड भी याद दिला दिए, जिसमें करीब 2 करोड़ से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए.

पिछले कुछ सालों में भारत में पेपर लीक की घटनाएं एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या बनकर उभरी हैं. इसने न सिर्फ लाखों युवाओं के करियर पर सवाल खड़े किए है, बल्कि पूरी शिक्षा और भर्ती प्रणाली के भरोसे को भी गहरा धक्का पहुंचाया है. आइए एक नजर डालते हैं ऐसे ही 5 बड़े पेपर लीक कांडों पर, जिन्होंने करीब 2 करोड़ छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया. साल 2013 के व्यापम घोटाले को इस आधुनिक दौर की समस्या की शुरुआत माना जा सकता है. 13 सालों में सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में 100 से ज्यादा पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जिनका असर हर साल लगभग 2 करोड़ छात्रों पर पड़ा है.

आइए जानते हैं ऐसे ही 5 सबसे बड़ेलीकतंत्रके बारे में

  1. व्यापम घोटाला: भारत का सबसे बड़ा और खौफनाक पेपर लीक कांड

यह सिर्फ एक पेपर लीक नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, अपराध और सियासत की जड़ों तक फैला एक बड़ा घोटाला था. मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में दाखिले के लिए परीक्षाएं आयोजित करता था. 2013 में इस बात का खुलासा हुआ कि नकली परीक्षार्थी (सॉल्वर) दूसरों की जगह परीक्षा दे रहे थे. मोटी रकम के बदले नौकरियां और दाखिले खरीदे जा रहे थे. यह मामला उस समय की शिवराज सिंह चौहान की सरकार पर बड़ा दबाव बन गया था. विपक्ष ने आरोप लगाया कि घोटाला बहत ऊपर तक फैला था, लेकिन सभी आरोप साबित नहीं हो पाए.

  • कितने छात्र प्रभावित: यह आंकड़ा बहुत बड़ा है. कांग्रेस के मुताबिक, इस घोटाले ने 77 लाख छात्रों को प्रभावित किया. 2,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं और 634 डॉक्टरों की डिग्रियां रद्द करनी पड़ीं.
  • रिजल्ट और खौफ: इस घोटाले से जुड़े 35 से ज्यादा लोगों (गवाह, आरोपी, पत्रकार) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसने इस मामले को और भयावह बना दिया.

व्यापम घोटाला भारत के सबसे बड़े भर्ती और प्रवेश परीक्षा घोटालों में से एक माना जाता है

  1. SSC CGL 2017: जब सुप्रीम कोर्ट ने पूरी भर्ती प्रणाली कोदूषितकरार दिया

यह वह मामला था जिसने देश का ध्यान पेपर लीक की गंभीर समस्या की ओर खींचा था. कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कम्बाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) 2017 परीक्षा का पेपर परीक्षा शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर लीक हो गया था. CBI जांच में पता चला कि कुछ परीक्षा केंद्रों के सुपरवाइजर्स ने अभ्यर्थियों को रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए बाहरी मदद दिलवाई. कई सरकारी ज्यादाारी भी इसमें शामिल थे.

  • कितने छात्र प्रभावित: CBI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परीक्षा के लिए 30.26 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 1,50,404 टियर-1 पास कर चुके थे. कुल मिलाकर लगभग 1.9 लाख छात्र टियर-2 परीक्षा में शामिल हुए और सीधे प्रभावित हुए.
  • रिजल्ट पर असर: इस लीक ने बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन को जन्म दिया. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसने अगस्त 2018 में नतीजों पर रोक लगा दी और पूरी परीक्षा प्रणाली को ‘दूषित’ करार दिया. सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मार्च 2018 में प्रभावित 318 केंद्रों के छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई.
  1. रेलवे भर्ती विवाद 2022: 1.25 करोड़ युवाओं का सड़कों पर उबाल

यह मामला भले ही पारंपरिक पेपर लीक न हो, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर की गड़बड़ी जाहिर करता है. रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने NTPC परीक्षा के पहले चरण (CBT-1) का रिजल्ट जारी किया, जिसमें हाई एकेडमिक क्वालिफिकेशन वाले उम्मीदवारों को निचले स्तर की नौकरियों के लिए शॉर्टलिस्ट कर दिया गया था. उम्मीदवारों का आरोप था कि स्क्रीनिंग टेस्ट के अंकों को अंतिम चयन का आधार बनाकर उनके साथ धोखा किया गया. कई उम्मीदवार एक साथ कई क्षेत्रों से चयनित दिखाए गए, जो नियमों के खिलाफ था.

  • कितने छात्र प्रभावित: PIB की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 1.25 करोड़ छात्र लगभग 35,000 पदों के लिए हुई इस परीक्षा में शामिल हुए थे.
  • रिजल्ट पर असर: इस विवाद के चलते बिहार और उत्तर प्रदेश में हिंसक प्रदर्शन हुए. गया जंक्शन पर एक ट्रेन के कोच में आग लगा दी गई. रेल मंत्रालय को NTPC और लेवल-2 दोनों परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा. सरकार ने चेतावनी दी कि उपद्रव करने वाले अभ्यर्थियों पर आजीवन रेलवे नौकरी पाने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.

बिहार और उत्तर प्रदेश में पेपर लीक के आरोप लगे

  1. UGC-NET 2024: एक दिन बाद ही रद्द हुई परीक्षा, 9 लाख छात्रों का भविष्य अधर में

PhD और प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे लाखों छात्रों के लिए यह एक जबरदस्त झटका था. 18 जून 2024 को आयोजित UGC-NET परीक्षा के अगले ही दिन शिक्षा मंत्रालय ने इसे रद्द कर दिया. यह कार्रवाई गृह मंत्रालय की एजेंसी (I4C) से मिली खुफिया जानकारी पर की गई. खबर थी कि पेपर डार्कनेट और टेलीग्राम पर लीक होकर बेचा जा रहा था.

  • कितने छात्र प्रभावित: टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस परीक्षा में 9.08 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे. हालांकि 11 लाख ने पंजीकरण कराया था.
  • रिजल्ट का सच: लगभग छह महीने बाद जनवरी 2025 में CBI ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी. जांच में पाया गया कि एक स्कूली छात्र ने एक ऐप की मदद से लीक हुए प्रश्न पत्र का एक फर्जी स्क्रीनशॉट बनाकर पैसे कमाने के लिए वायरल किया था. यानी, जिसके आधार पर पूरी परीक्षा रद्द की गई, वह लीक ही फर्जी था.
  1. NEET-UG 2024: 67 छात्रों का परफेक्ट 720 स्कोर और सुलगते सवाल

यह विवाद पूरे देश में सुर्खियों में रहा और न्यायपालिका तक पहुंचा. झारखंड के हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल के प्रिसिंपल और वाइस प्रिंसिपल ने कर्मचारियों के साथ मिलर प्रश्न पत्र चुराया और लाखों रुपये में बेचा था. इस परीक्षा में 67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक पाए थे. 5 सालों (2019-2924) में कुल मिलाकर सिर्फ 8 टॉपर्स हुए थे. 2024 में अकेले 67 छात्र टॉप पर आ गए. ये आंकड़ा अपने आप में चीख-पुकार मचाने के लिए काफी था.

  • कितने छात्र प्रभावित: डेक्कन क्रॉनिकल के मुताबिक, परीक्षा में 23 लाख से ज्यादा मेडिकल उम्मीदवार शामिल हुए थे, जो सभी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए. इस मामले में 50 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार किए गए.
  • रिजल्ट पर असर: मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया. हालांकि, ‘ग्रेस मार्क्स’ पाने वाले 1,563 छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी.

H-1B Visa Wage Hike: अमेरिका में H1B वीजा वालों को 30% सैलरी हाइक देने की बड़ी तैयारी…

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H-1B Visa Wage Hike: अमेरिकी श्रम विभाग ने प्रस्ताव दिया है कि H1B वीजा के तहत विदेशी कर्मचारियों को पहले के मुकाबले 30 परसेंट ज्यादा सैलरी देनी होगी. यह भारतीयों के लिए यह अच्छी खबर नहीं है.

अमेरिकी श्रम विभाग (US Department of Labor) ने  H-1B और संबंधित वीजा धारकों के लिए न्यूनतम वेतन (Prevailing Wage) में औसतन 30 परसेंट बढ़ोतरी करने का नया ड्राफ्ट प्रस्ताव जारी किया है.

क्यों लाया जा रहा नया नियम?

रिपोर्ट के मुताबिक, ‘इम्प्रूविंग वेज प्रोटेक्शंस’ नाम के इस नियम का मकसद अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों की सुरक्षा करना और विदेशी कामगारों द्वारा उन्हें कम सैलरी पर रखने जाने की प्रथा को रोकना है. कुल मिलाकर अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने के लिए अब पहले के मुकाबले अधिक सैलरी की मांग की गई है.

उदाहरण के तौर पर, जिस फ्रेश को पहले साल के करीब 73000 डॉलर (लगभग 61 लाख रुपये) मिलते थे, उसे अब कम से कम 97000 डॉलर (लगभग 81 लाख रुपये) देने होंगे. यह प्रस्ताव 27 मार्च को अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा पेश किया गया था और अभी 26 मई तक इस पर आम लोगों की राय ली जा रही है. इस कदम का अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में भर्ती पर काफी असर पड़ सकता है.

किसकी, कितनी बढ़ेगी सैलरी?

स्किल लेवल अभी औसत न्यूनतम वेतन (सालाना डॉलर में) प्रस्तावित नया न्यूनतम वेतन (सालाना डॉलर में)  बढ़ोतरी 
एंट्री लेवल/फ्रेशर्स 73279 डॉलर 97746 डॉलर 33.39%
जूनियर/मिड-लेवल 98987 डॉलर 123212 डॉलर 24.47%
अनुभवी प्रोफेश्नल्स 121979 डॉलर 147333 डॉलर 20.79%
टॉप लेवल एक्सपर्ट्स 144202 डॉलर 175464 डॉलर 21.68%

कंपनियों पर असर

इस नए नियम के बाद अमेरिकी कंपनियों के लिए विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखना महंगा हो जाएगा क्योंकि उन्हें इनकी बेस सैलरी बढ़ानी होगी. TCS, Infosys, Wipro जैसी भारतीय आईटी सर्विस कंपनियों के ऑनसाइट कॉस्ट भी बढ़ेंगे, जिससे उनका प्रॉफिट मार्जिन प्रभावित हो सकता है. कंपनियां कहीं न कहीं इस वित्तीय बोझ का दबाव अपने क्लाइंट्स पर डाल सकती हैं. इन सब परेशानियों से दूर कंपनियां वीजा होल्डर कर्मचारियों की जगह अमेरिकी नागरिकों की हायरिंग पर अधिक जोर देगी.

भारतीयों के लिए बुरा क्यों?

नए नियम के चलते भारतीय स्टूडेंट्स और एंट्री लेवल विदेशी कामगारों के लिए जॉब मिलना मुश्किल हो जाएगा. छोटी कंपनियां या स्टार्टअप्स एंट्री लेवल पर इतनी बड़ी सैलरी देने से कतराएंगे. हालांकि, यह नियम उनके लिए लॉटरी जैसा हो सकता है, जो पहले से ही अमेरिका में काम कर रहे हैं और जिनका हाई स्किल लेवल है क्योंकि वीजा रिन्यूअल के वक्त उन्हें सैलरी बढ़ाकर देनी होगी.

नियम पर लोगों की प्रतिक्रियाएं

इस प्रस्ताव पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं. ‘बिजनेस टुडे’ के मुताबिक, इसके समर्थक इसे न्यूनतम वेतन सीमा में एक जरूरी सुधार मानते हैं, जो पिछले दो दशकों से स्थिर बनी हुई है. हालांकि, आलोचकों ने चेतावनी दी है कि अगर ऊंची वेतन सीमाएं लागू हो जाती हैं, तो छोटी कंपनियां शायद अब एंट्री-लेवल पदों के लिए विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने का खर्च न उठा पाए.

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह के बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है. ‘आउटलुक बिजनेस’ के अनुसार, अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रंप प्रशासन ने 2020 में बिना किसी पूर्व सूचना या जनता की राय मांगे प्रचलित वेतन दरों को बदलने की कोशिश की थी. हालांकि, इस कदम को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इसे वापस लेना पड़ा. इस बार, प्रशासन औपचारिक रूप से जनता की राय लेने की प्रक्रिया का पालन कर रहा है.

तमिलनाडु विधानसभा में साबित किया बहुमत, जानें TVK के समर्थन में कितने पड़े वोट? 

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TVK विधानसभा चुनाव में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम रह गईं. विजय को कांग्रेस, CPI, CPIM, IUML, VCK ने समर्थन देने का ऐलान किया था.

तमिलनाडु विधानसभा के फ्लोर टेस्ट वाली अग्निपरीक्षा विजय थलापति ने पास कर ली है. विजय सरकार को फ्लोर टेस्ट में 144 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि प्रमुख विपक्षी दलों ने फ्लोर टेस्ट की वोटिंग से पहले सदन से वॉकआउट कर दिया. इसके साथ ही टीवीके के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया.

234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके गठबंधन सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा, लेकिन उसके पास अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा नहीं था. कांग्रेस, CPI, CPI (M), VCK, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और कुछ निर्दलीय एवं छोटे दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बनाई थी. फ्लोर टेस्ट के दौरान गठबंधन को कुल 144 विधायकों का समर्थन मिला है.

विजय ने सदन में पेश किया था विश्वास प्रस्ताव

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया. चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के सहयोगी दलों ने सरकार के समर्थन में अपनी बात रखी, जबकि विपक्ष ने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा. हालांकि मतदान की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रमुख विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

चुनाव में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?

TVK विधानसभा चुनाव में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम रह गईं. विजय ने दो विधानसभा सीटों से जीत हासिल की है. उन्हें एक सीट खाली करनी होगी, जिससे टीवीके की सीटों की संख्या घटकर 107 रह गई है. वीके के सहयोगी दलों में कांग्रेस के 5 विधायक, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल के 2-2 विधायक शामिल हैं. इन सबको जोड़कर विधानसभा में गठबंधन की कुल संख्या 120 पहुंच गई है. हालांकि विजय की पार्टी को फ्लोर टेस्ट में 144 विधायकों ने अपना समर्थन दिया है.

सुशासन तिहार 2026 : किसानों के लिए बना वरदान…

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महुआ शिविर में 16 किसानों को मिले किसान क्रेडिट कार्ड, 7 कृषकों को वितरित किए गए मृदा स्वास्थ्य कार्ड’

आर्थिक सशक्तिकरण और वैज्ञानिक खेती की दिशा में मिला नया संबल’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” जशपुर जिले के किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। जनपद पंचायत बगीचा अंतर्गत ग्राम महुआ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कृषि विभाग द्वारा किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया, जिससे ग्रामीण अंचल के कृषकों में उत्साह देखा गया। शिविर में 16 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वितरित किए गए। किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक एवं अन्य कृषि आदानों की खरीद के लिए समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे खेती की लागत प्रबंधन में सुविधा होगी और साहूकारों पर निर्भरता कम होगी।

किसानों ने बताया कि अब उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने में आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही 7 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए गए। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसानों को अपनी भूमि की उर्वरा क्षमता, मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों तथा आवश्यक उर्वरकों की सही जानकारी प्राप्त होगी। इससे किसान वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर सकेंगे और आवश्यकता अनुसार उर्वरकों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाने में सफल होंगे।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि मृदा परीक्षण आधारित खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है और फसल की गुणवत्ता एवं उपज दोनों में वृद्धि होती है। शिविर में उपस्थित किसानों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से अब योजनाओं का लाभ लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

प्रशासन स्वयं गांव तक पहुंचकर योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रहा है, जिससे किसानों को समय पर सहायता मिल रही है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

सुशासन तिहार 2026 में बिजली विभाग को मिला ग्रामीणों का धन्यवाद संदेश…

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सन्ना क्षेत्र के ग्रामीणों ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति और त्वरित सुधार कार्य की सराहना की’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” आमजन की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ शासन की सेवाओं के प्रति लोगों की संतुष्टि को भी सामने ला रहा है। जनसमस्या निवारण शिविरों में जहां नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा रहे हैं, वहीं बेहतर कार्य करने वाले विभागों के प्रति आभार और बधाई संदेश भी प्राप्त हो रहे हैं।

इसी क्रम में बगीचा विकासखंड के तहसील सन्ना अंतर्गत ग्राम कामारिमा निवासी नान राम ने सुशासन शिविर में विद्युत विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए बधाई संदेश प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने आवेदन में उल्लेख किया कि कामारिमा, खैरापाठ, डुमरपानी सहित आसपास के गांवों में नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो रही है।

नान राम ने बताया कि बिजली से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना देने पर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचकर विद्युत लाइन, तार और ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से उन्हें लगा कि विद्युत विभाग की तत्परता और समर्पण के लिए धन्यवाद देना चाहिए।

जशपुर विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री विनोद कुमार पंडित ने बताया कि जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है। कहीं भी खराबी की सूचना मिलते ही अधिकारी और कर्मचारी मौसम की परवाह किए बिना तत्काल सुधार कार्य में जुट जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि विद्युत विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी गर्मी, बरसात, आंधी-तूफान और रात्रि के समय भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारु विद्युत आपूर्ति बनाए रखने में जुटे रहते हैं।

सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त इस बधाई संदेश ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी है।