Home Blog Page 139

असम और बंगाल में बीजेपी का जलवा, इन राज्यों में 5-10 सीटें जीतने में निकल गया दम’

0

Assembly Elections Result 2026: असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन दिखाया. लेकिन दक्षिणी राज्यों में पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा. आइए जानते हैं पूरी जानकारी.

Assembly Elections Result 2026: भारतीय जनता पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों में काफी असमान प्रदर्शन कर रही है. जहां पार्टी असम और पश्चिम बंगाल में हावी दिख रही है वहीं केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों में उसे कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है. दक्षिणी राज्यों में पार्टी का 5 से 10 सीटों का आंकड़ा पार करना भी मुश्किल लग रहा है.

बीजेपी का गढ़ और मजबूत हुआ 

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने जबरदस्त बढ़त बनाकर सबको चौंका दिया है. 293 सीटों में से पार्टी 148 सीटों के बहुमत के आंकड़े को पार कर गई है और लगभग 199 सीटों पर आगे चल रही है.  ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सत्ताधारी पार्टी टीएमसी 87 सीटों पर है.

इसी बीच असम में 126 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन लगभग 97 सीटों पर आगे चल रहा है. कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन काफी पीछे चल रहा है और उसे सिर्फ लगभग 24 सीटों पर बढ़त मिली है. यह प्रदर्शन पूर्वोत्तर में भाजपा के गढ़ को और मजबूत करता है.

क्या है तमिलनाडु की कहानी? 

तमिलनाडु में कहानी बिल्कुल अलग है. यहां भाजपा अपना प्रभाव जमाने के लिए संघर्ष कर रही है. 234 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी को सिर्फ लगभग तीन सीटों पर ही बढ़त मिली है. यहां मुख्य मुकाबला DMK, AIADMK  और TVK के बीच है.

केरल में सीमित लाभ 

केरल में भाजपा ने काफी मामूली प्रगति की है. 140 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा सिर्फ दो सीटों पर आगे चल रही है. राज्य में यूडीएफ और एलडीएफ के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है. मौजूदा रुझानों में यूडीएफ लगभग 96 और आईटीएफ लगभग 41 सीटों के साथ मैदान में जमे हुए हैं.

उम्मीद की एक किरण 

पुडुचेरी में भाजपा के लिए कुछ राहत की बात है. 30 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा 22 सीटों पर आगे चल रही है और कांग्रेस 6 सीटों पर कायम है.

इन चुनावी रुझानों से एक बात तो साफ पता चलती है कि भाजपा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में अपना वर्चस्व मजबूत कर रही है. हालांकि दक्षिणी राज्यों में पार्टी को अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. आसान शब्दों में कहें तो जहां कुछ क्षेत्रों में भाजपा की दहाड़ सुनाई दे रही है, वहीं दूसरे क्षेत्रों में वह अभी भी अपनी आवाज खोजने की कोशिश कर रही है.

बंगाल में CM योगी ने जहां किया प्रचार, वहां बीजेपी का स्ट्राइक रेट धुआंधार; TMC का बुरा हाल;

0

West Bengal Election Results 2026: पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने हुगली जिले में स्थित प्रसिद्ध बाबा तारकनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया था.

  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राज्य की कई विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं और रोड शो किया था. सीएम योगी ने जिन अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार किया था उन सीटों पर क्या हाल रहा है वह इस खबर में जानें.
  • सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोनामुखी, नंदकुमार, कांथी दक्षिण, बाराबनी, रामपुरहाट, बोलपुर, माथाभांगा, धुपगुड़ी, पिंगला, जॉयपुर, गारबेटा, जोरासांको, चकदहा, उदयनारायणपुर, नबद्वीप, कटवा, बागदा, धानेखाली और राजारहाट गोपालपुर विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं कीं. इसके अलावा, उन्होंने बांकुडा, कल्याणी और दमदम में भव्य रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन भी किया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए.
  • सीएम योगी ने बाबा तारकनाथ मंदिर में भी किया था दर्शन
  • इस चुनाव प्रचार के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने हुगली जिले में स्थित प्रसिद्ध बाबा तारकनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया. सीएम योगी ने  जिन 22 सीटों पर प्रचार किया था वहां खबर लिखे जाने तक 18 सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है, इसके साथ ही 3 सीटों पर टीएमसी और एक सीट पर कांग्रेस बढ़त बनाए हुए हैं.
  • बीजेपी की पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी के पति का निधन, SGPGI लखनऊ में ली अंतिम सांस
  • पश्चिम बंगाल की इन 22 सीटों पर सीएम योगी ने किया था चुनाव प्रचार
  • सोनामुखी- बीजेपी (दिबाकर घरामी) आगे
    नंदकुमार- बीजेपी (खानरा निर्मल) आगे
    कांथी दक्षिण- बीजेपी (अरूप कुमार दास) आगे
    बाराबनी- बीजेपी (अरजित रॉय) आगे
    रामपुरहाट- बीजेपी (धुर्वा साहा) आगे
    माथाभांगा- बीजेपी (निसिथ प्रामाणिक) आगे
    धुपगुड़ी- बीजेपी (नरेश रॉय)
    बांकुडा (रोड शो)- बीजेपी (नीलाद्री शेखर दाना) आगे
    पिंगला- बीजेपी (स्वागत मन्ना) आगे
    जॉयपुर- बीजेपी (बिस्वजीत महतो) आगेजोरासांको- बीजेपी (विजय ओझा) आगे
    चकदहा- बीजेपी (बंकिम चंद्र घोष) आगे
    नबद्वीप- बीजेपी (श्रुति शेखर गोस्वामी) आगे
    कटवा- बीजेपी (कृष्णा घोष) आगे
    बागदा- बीजेपी (सोमा ठाकुर) आगे
    कल्याणी (रोड शो)- बीजेपी (अनुपम बिश्वास) आगे
    दमदम (रोड शो)- बीजेपी (अरजित बख्शी) आगे
    राजारहाट गोपालपुर- बीजेपी (तरुण ज्योति तिवारी) आगे
  • इन तीन सीटों पर टीएमसी ने बनाई है बढ़त
  • धानेखाली- TMC (असीमा पात्रा) आगे
    बोलपुर- TMC चंद्रकांत सिन्हा
    गारबेटा- TMC उत्तरा सिंघा (हजरा) आगे
  • इस सीट पर कांग्रेस आगे
  • उदयनारायणपुर- कांग्रेस (असित बाकुली) आगे

Election Result 2026: 4 मई को 5 राज्यों का चुनाव परिणाम, पश्चिम बंगाल में TMC या BJP किसे मिलेगा जनादेश का साथ;

0

Bengal Election Result 2026: 4 मई को तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, असम व पं बंगाल में मतगणना शुरू हो चुकी है. बंगाल के नतीजों पर सबकी नजर है, जहां TMC-BJP में कड़ी टक्कर है. लेकिन जनादेश का साथ किसके साथ?

West Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल में हाल ही में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए, जिसकी मतगणना आज 4 मई 2026 सोमवार को हो रही है. राज्यभर के 77 मतगणना केंद्रों में सुबह 8 बजे से ही वोटों की काउंटिंग जारी है.

अब तक के आंकड़ों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच कड़ा मुकाबला है. बता दें कि, पश्चिम बंगल की 294 सीटों में आज 293 सीटों पर ही मतगणना होगी, क्योंकि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने दक्षिण परगना जिले की पूरी फाल्टा विधानसभा सीट के लिए 21 मई को पुनर्मतदान की घोषणा की है. इस सीट के परिणाम 24 मई को घोषित किए जाएंगे.

4 मई को 5 राज्यों का चुनाव परिणाम (Election Results 2026 LIVE)

सोमवार 4 मई को पश्चिम बंगाल के साथ ही तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और असम राज्यों के चुनाव की मतगणना भी शुरू हो गई है. यानी 4 मई के दिन एक नहीं बल्कि 5 राज्यों के चुनाव परिणामों पर जनता की नजरें टिकी हैं. इसलिए आज के दिन को सामान्य या केवल राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी बेहद खास माना जा रहा है. 5 राज्यों के चुनाव परिणाम आप यहां देख सकते हैं- https://results.eci.gov.in/ इस दिन ग्रहों की स्थिति, धार्मिक संयोग और अंक ज्योतिष के संकेत मिलकर एक ऐसी ऊर्जा का निर्माण कर रहे हैं, जो जनादेश को रोचक और संभावनाओं से भरा बना सकते हैं. हालांकि अंतिम फैसला मतगणना परिणाम आने के बाद ही होगा, लेकिन ज्योतिषीय संकेत इस दिन को सामान्य दिनों से अलग जरूर बना रहे हैं.

ग्रह-नक्षत्रों का संकेत

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक और देश के जाने-माने प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अनीष व्यास बताते हैं कि, पंचांग (Panchang) की स्थिति के मुताबिक 4 मई के दिन ग्रहों की चाल काफी प्रभावशाली स्थिति में नजर आ रही है. आज के दिन की शुरुआत अनुराधा नक्षत्र से हुई है और इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा. चंद्रमा वृश्चिक राशि में है. आज सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जो शुभ परिणाम और शुभ फल का संकेत दे रहा है. यानी जनादेश के साथ से आज उसी सत्ता की सरकार बन सकती है, जिसकी नींव मजबूत होगी.

संघर्ष के बाद परिणाम- शनि का प्रभाव जहां स्थिरता, अनुशासन और कठोर निर्णयों की ओर इशारा करता है, वहीं मंगल की स्थिति ऊर्जा, संघर्ष और आक्रामकता को बढ़ाने वाली मानी जाती है. जब ये दोनों ग्रह एक साथ प्रभाव डालते हैं, तो इसे अक्सर संघर्ष के बाद परिणाम की स्थिति के रूप में देखा जाता है.

चौंकने या उम्मीद से अलग हो सकते हैं परिणाम- सूर्य की स्थिति भी इस दिन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. सूर्य इस समय मंगल की राशि मेष में संचरण कर रहे हैं. सूर्य को सत्ता, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है. ऐसे में इस दिन आने वाला जनादेश नेतृत्व से जुड़े बड़े फैसलों और छवि को प्रभावित कर सकता है. ज्योतिषीय दृष्टि से यह भी माना जाता है कि इस तरह की ग्रह स्थिति में परिणाम अक्सर चौंकाने वाले या उम्मीद से अलग भी हो सकते हैं.

क्या कहती है न्यूमेरोलॉजी (Numerology)

अगर अंक ज्योतिष की दृष्टि से देखें तो 4 मई 2026 की तारीख का योग 1 बनता है (4+5+2+0+2+6 = 19 ) 19 (1+9= 10 (1)). अंक 1 का संबंध सूर्य से होता है, जिसे नई शुरुआत, नेतृत्व और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है. न्यूमेरोलॉजी के अनुसार, जब मूलांक 1 सक्रिय होता है, तो यह नेतृत्व में बदलाव, नई सोच और नई दिशा की ओर इशारा करता है. ऐसे में चुनाव परिणाम भी किसी नए समीकरण या नई रणनीति को जन्म दे सकता है.

आध्यात्मिक नजरिए से देखें तो चुनाव सिर्फ वोटिंग प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामूहिक ऊर्जा का प्रदर्शन होता है. जनता की सोच, प्राथमिकताएं और अनुभव मिलकर एक ऐसी ऊर्जा (सरकार) बनाते हैं, जो परिणाम के रूप में सामने आती है. बंगाल चुनाव के लिए इस बार ऐसा माना जा रहा है कि जनता का मूड काफी सोच-समझकर निर्णय लेने वाला है. लोगों ने सिर्फ भावनाओं से नहीं, बल्कि अपने अनुभव और भविष्य की उम्मीदों को ध्यान में रखकर वोट किया है. यही कारण है कि परिणाम को लेकर उत्सुकता भी ज्यादा है.

बीजेपी या टीएमसी?

आज के दिन का सबसे बड़ा सवाल यही है कि, बीजेपी या टीएमसी. पश्चिम बंगाल में जनादेश आखिर किसके साथ है. क्या ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकती हैं? ज्योतिषीय संकेतों को देखें तो उनकी वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन यह भी साफ दिख रहा है कि इस बार राह पहले जितनी आसान नहीं होगी. अगर जीत मिलती है, मुकाबला भी कड़ा होगा.

हालांकि, अबतक की काउंटिंग यह साफ इशारा कर रही है कि, सीटों में कुछ गिरावट आ सकती है और सरकार पर दबाव बढ़ सकता है. क्योंकि विपक्ष से लगातार चुनौती मिल रही है. ऐसे में पूरी तरह से सत्ता परिवर्तन आसान नहीं दिखता, लेकिन मुकाबला बेहद करीबी रहने की पूरी संभावना है.

लेकिन कई बार ऐसा होता है कि, शुरुआत के रुझान से अंतिम नतीजों का फैसला नहीं किया जा सकता. काउंटिंग की शुरुआत में जो ट्रेंड सामने आते हैं वो बाद में बदल भी जाते है. इसलिए ऐसे मौको पर ग्रह-नक्षत्रों की चाल भी मायने रखती है, क्योंकि कई बार राजनीति में जीत केवल आंकड़ों से तय नहीं होती, बल्कि समय और परिस्थितियों की दिशा भी अहम भूमिका निभाती है.

4 मई को भी यही देखने वाली बात होगी कि ग्रह-नक्षत्रों का झुकाव किस ओर है, क्योंकि वही अंततः परिणाम तय करेगा. आज पूरे दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल की तरह रुझान भी बदलते रहेंगे और संस्पेंस बना रहेगा, लेकिन जीत उसी की होगी, जिसकी जमीनी पकड़ मजबूत होगी.

सरकार के इस फैसले से चीन की हो गई मौज! हिस्सेदारी के लिए FDI नियमों में दी ढील, समझें कैसे…

0

FDI Easing Under FEMA: भारत ने विदेशी निवेश के नियमों में ढील दी है, जिसके तहत जिन विदेशी कंपनियों में चीन की हिस्सेदारी 10 परसेंट या उससे कम है, वे अब सरकारी मंजूरी बिना भारत में निवेश कर सकती हैं.

FDI Norms India: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने FEMA नियमों में संशोधन को अधिसूचित कर दिया है, जिसके तहत 10 परसेंट तक चीनी हिस्सेदारी वाली विदेशी कंपनियों को अब ‘ऑटोमैटिक रूट’ से निवेश करने की मंजूरी मिल गई है.

यह नया नियम 1 मई, 2026 से प्रभावी हो गया है. यानी कि भारत में जिन वैश्विक कंपनियों में चीन या भारत के साथ थल सीमा साझा करने वाले देश (चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान आदि) की हिस्सेदारी 10 परसेंट या उससे कम है, वे अब बिना किसी सरकारी मंजूरी के भारत में सीधा निवेश कर सकती है.

देश में कोरोना महामारी के दौरान साल 2020 में यह नियम बनाया गया था कि भारत के साथ सीमा साझा करने वाले देशों की कंपनियों या उनके निवेशकों को भारत में निवेश के लिए सरकारी अनुमति अनिवार्य थी. अब नए नियमों के तहत, किसी विदेशी कंपनी में अगर चीनी निवेशकों की हिस्सेदारी 10 परसेंट या उससे ज्यादा है, तो वह कंपनी भारत में ‘ऑटोमैटिक रूट’ ( बिना सरकारी मंजूरी) से सीधे निवेश कर सकेंगे.

पहले क्या था नियम?

पहले भारत के साथ थल सीमा साझा करने वाले देशों की कोई एक कंपनी भी अगर भारत में 1 रुपये का निवेश करना चाहती थी, तो पहले उसे सरकार से लिखित मंजूरी लेनी पड़ती थी. अगर किसी बड़ी अमेरिकी या यूरोपीय कंपनी में चीनी कंपनी की हिस्सेदारी सिर्फ 1 परसेंट भी होती थी, तो भी उस कंपनी को भारत में निवेश के लिए महीनों सरकारी मंजूरी का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

यह छूट सिर्फ चीन या हांगकांग में रजिस्टर्ड कंपनियों के लिए नहीं है, बल्कि उन अमेरिकी या यूरोपीय मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए है, जिनमें चीन के निवेशकों का एक छोटा सा हिस्सा है. यानी कि चीन और हांगकांग में रजिस्टर्ड कंपनियों को अभी से सरकारी मंजूरी लेनी होगी.

बदलाव का मकसद

FDI के नियमों में ढील देने का मकसद भारत में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, कैपिटल गुड्स और सोलर सेल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विनिर्माण और निवेश को तेज करना है.

CG: गर्मी के बीच मौसम का यू-टर्न, बादलों ने दी राहत, कई जिलों में हल्की बारिश… 

0

छत्तीसगढ़ के रायपुर में मई की झुलसाती गर्मी के बीच छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं और लोगों को तपिश से थोड़ी राहत महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।

बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। साथ ही कुछ इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और अंधड़ आने की संभावना है। ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने के भी आसार जताए गए हैं।

पिछले 24 घंटे का मौसम अपडेट

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। जगरगुंडा और सुकमा में 2-2 सेंटीमीटर, जबकि जगदलपुर में 1 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में रहा।

इन मौसम प्रणालियों का असर

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश में सक्रिय विभिन्न मौसम प्रणालियों के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान के आसपास सक्रिय है, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण द्रोणिका के प्रभाव से वातावरण में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बन रही है।

तापमान में गिरावट के संकेत

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि गर्मी से पूरी राहत फिलहाल नहीं मिलेगी, लेकिन तेज धूप के बीच राहत के कुछ पल जरूर मिल सकते हैं।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में सोमवार को दिनभर आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है। शाम तक गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

CG: सरकार की घोषणा, 10वीं और 12वीं के बोर्ड नतीजों में मेरिट में आए छात्रों को दिखाया जाएगा आईपीएल मैच…

0

Indian Premier League:

छत्तीसगढ़ सरकार ने 10वीं और 12वीं के बोर्ड नतीजों में मेरिट में आए छात्रों को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का मैच दिखाने का फैसला किया है। यह छात्र 10 मई को रायपुर के शहीद वीर नारायण

Indian Premier League:

छत्तीसगढ़ सरकार ने 10वीं और 12वीं के बोर्ड नतीजों में मेरिट में आए छात्रों को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का मैच दिखाने का फैसला किया है। यह छात्र 10 मई को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुर (आरसीबी) के बीच मुकाबले का लुत्फ उठाएंगे। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में आदेश जारी किया है।

साल 2026 में छत्तीसगढ़ बोर्ड में 10वीं में करीब 3 लाख 21 हजार छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिसमें 77.15 प्रतिशत छात्र पास हुए। इनमें 42 छात्र मेरिट में आए, जिनमें 26 लड़कियां शामिल हैं। दूसरी ओर, 12वीं की परीक्षा में करीब 2.44 लाख छात्र शामिल हुए, जिनमें 83.04 प्रतिशत सफल रहे थे।

Indian Premier League:

छत्तीसगढ़ सरकार ने 10वीं और 12वीं के बोर्ड नतीजों में मेरिट में आए छात्रों को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का मैच दिखाने का फैसला किया है। यह छात्र 10 मई को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुर (आरसीबी) के बीच मुकाबले का लुत्फ उठाएंगे। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारी को इस संबंध में आदेश जारी किया है।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अब तक कुल 45 मैच खेले जा चुके हैं। फिलहाल प्वाइंट्स टेबल में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) 8 में से 6 मुकाबले जीतकर प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष पर कायम है। 10 मई को दो मुकाबले खेले जाने हैं। शाम का मुकाबला रायपुर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और मुंबई इंडियंस (एमआई) के बीच खेला जाना है। आरसीबी फिलहाल 9 में से 6 मुकाबले जीतकर प्वाइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर मौजूद है, जबकि मुंबई इंडियंस 9 में से 7 मैच गंवाकर 9वें पायदान पर है। एमआई इस मुकाबले को जीतकर प्वाइंट्स टेबल में अपनी स्थिति सुधारना चाहेगी।

CG: शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने नकदी, सोने समेत जब्त की 5.39 करोड़ की संपत्ति…

0

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी में अब तक 5.39 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। ईडी ने 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 13 ठिकानों पर छापा मारा था।

जेएनएन, रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी में अब तक 5.39 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। ईडी ने 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 13 ठिकानों पर छापा मारा था।

जांच एजेंसी द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह छापेमारी शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और कॉर्पोरेट संस्थाओं में की गई। टीम ने तलाशी के दौरान भारी मात्रा में बेहिसाब संपत्ति बरामद की है।

इनमें 53 लाख रुपये नकद, लगभग 3.234 किलोग्राम सोने के आभूषण (कीमत 4.86 करोड़) और बुलियन जब्त किए गए।

ताजा कार्रवाई में कुल 5.39 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति जब्त की गई है। हालांकि किस कारोबारी या संस्था से कितनी संपत्ति जब्त की गई है, इसकी जानकारी ईडी के अधिकारियों ने नहीं दी है।

ईडी ने दुर्ग में अमर इंफ्रा के संचालक और भाजपा नेता चतुर्भुज राठी के निवास और दफ्तर, भिलाई में गो¨वद मंडल के घर व फैक्ट्री में जांच करने के साथ ही बिलासपुर में सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के घर और सदर बाजार स्थित श्री राम ज्वेलर्स में छापा मारा था।

घोटाले की जांच ईडी और ईओडब्ल्यू दोनों कर रही हैं। ईओडब्ल्यू की चार्जशीट के अनुसार, इस घोटाले की अनुमानित राशि अब लगभग 2,883 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

अब तक पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, उनकी डिप्टी उपसचिव रही सौम्या चौरसिया, रिटायर्ड आइएएस अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर, आबकारी विभाग के बड़े अफसरों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

साथ ही अब तक 380 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। विशेष अदालत में 81 आरोपितों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं।

छत्तीसगढ़ में यहां मिला 300 साल पुराना खजाना! जंगलों में छिपी दुर्लभ पांडुलिपियां…..

0

महासमुंद जिले मे जहाँ हजारों वर्ष पुरानी वैभव शाली सभ्यता के प्रमाण पुरातात्विक स्थल सिरपुर मे मिलते हैं, वहीं अब दुर्लभ पांडुलिपियों के सर्वेक्षण मे महासमुंद जिले को छत्तीसगढ़ मे सर्वाधिक पांडुलिपि वाला जिला घोषित किया गया है।

Gyan Bharatam App वर्तमान मे जिले मे 300 वर्ष से भी अधिक पुरानी पांडुलिपियों की खोज की जा चुकी है ।विशेष रूप से दूरस्थ जंगलों के बीच बसे अंचल मे जनजातीय समुदायों के पास दुर्लभ पांडुलिपियाँ सहेज कर रखी गई हैं।

यह पांडुलिपियाँ अधिकतर ताड़पत्र पर लिखी गई हैं। जिनमे उड़िया लिपि का प्रयोग हुआ है। सैंकड़ों वर्ष पुराने इन पांडुलिपियों मे भागवत पुराण, लक्ष्मी पुराण, दुर्गा ग्रंथ , ज्योतिष ज्ञान , जनजातीय धार्मिक संस्कार पद्धति, जादू-टोना, भूत पिशाच निवारण, जड़ी-बूटी औषधि, पशु चिकित्सा , बाण विद्या एवं इतिहास से संबंधित विषय शामिल हैं।

इन जगहों पर मिली पांडुलिपियों

गौरतलब है कि बागबाहरा ब्लाक के दूरस्थ एवं घोर जंगल के बीच बसे गांवों मे दुर्लभ पांडुलिपियों की खोज हुई है। जनजातीय आदिवासी परिवारों के पास सैंकड़ों सालों से सुरक्षित पांडुलिपियों का आज भी धार्मिक , सामाजिक , चिकित्सा एवं तंत्र मंत्र मे उपयोग हो रहा है।

क्या होती है पांडुलिपि?

पांडुलिपि वह हस्तलिखित सामग्री होती है , जो सामान्यतः 75 वर्ष से अधिक पुरानी हो । यह पांडुलिपियाँ ताड़पत्र, भोजपत्र, ताम्रपत्र, चमड़े, कपड़े या अन्य पारंपरिक माध्यमों पर लिखी गई हो सकती हैं । इसमे प्राचीन कहानी, इतिहास, धार्मिक ग्रंथ, अनुष्ठान विधि, लोकज्ञान एवं औषधीय ज्ञान आदि विषय समाहित होते हैं।

छत्तीसगढ़ में जल्द शुरू होगी मुख्यमंत्री हेल्प टोल फ्री नंबर…

0

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार में बलरामपुर प्रवास के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सख्त संदेश दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की। बैठक के दौरान उस समय स्थिति गंभीर हो गई, जब लोक निर्माण विभाग का एक अधिकारी सड़क मरम्मत की सही जानकारी प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, “मीटिंग से बाहर जाइए, अपने सचिव से बात करिए और सही जानकारी लेकर आइए।

इसके बाद बैठक कक्ष में सन्नाटा छा गया और यह स्पष्ट हो गया कि अब कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और अपने-अपने कार्यालयों को सेवा तीर्थ की तरह देखें, जहां आम जनता की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का विकास सबसे पहले सड़कों पर दिखाई देता है, इसलिए मानसून आने से पहले एक भी सड़क खराब नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि सभी सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में पूर्ण की जाए और विशेष रूप से आबादी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि राज्य के सभी राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे नागरिकों को खसरा-नक्शा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ घर बैठे उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन” सेवा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिसमें टोल फ्री नंबर के माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि के उपयोग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस निधि की अधिकतम राशि खनन प्रभावित गांवों के विकास में खर्च की जानी चाहिए।

मुख्यालय के नाम पर इस राशि का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने बलरामपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में खनिज संसाधनों के बेहतर और पारदर्शी उपयोग के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए भटकना न पड़े और जहां आवश्यकता हो, वहां टैंकर के माध्यम से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने गर्मी और बारिश के बीच संभावित मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने को कहा, साथ ही किसानों के लिए धान, बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के आचरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आम जनता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना जाए और समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों का नियमित मूल्यांकन करें और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई से भी न हिचकें। बैठक में जिले की प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद सरगुजा चिंतामणि महाराज, विधायक सामरी उद्देश्वरी पैकरा, विधायक प्रतापपुर शकुंतला पोर्ते तथा जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनि निकुंज सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

200 से ज्यादा सीटें जीतेंगे, ममता बनर्जी ने TMC की जीत का किया दावा…

0

Mamata Banerjee: सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि एग्जिट पोल शेयर बाजार में सिर्फ हेरफेर करने की एक कोशिश मात्र है. उन्होंने इससे पहले 2021, 2024 में भी ऐसा ही किया था और वो अब भी वही कर रहे हैं.

West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार (2 मई, 2026) को हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में TMC की जीत का भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि बंगाल चुनावों में टीएमसी विजयी होगी. चुनाव खत्म होने के बाद सोमवार (4 मई, 2026) को होने वाली वोट काउंटिंग से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी के काउंटिंग एजेंट्स को शनिवार (2 मई) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन संबोधित किया.

इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल को लेकर सामने आए एग्जिट पोल के आकलन को सिरे से खारिज करते हुए इसे शेयर मार्केट में हेरफेर करने का प्रयास करारा दिया. उन्होंने कहा, ‘हम बंगाल चुनाव जीत रहे हैं और 200 से ज्यादा सीटों के अंतर से जीत रहे हैं. एग्जिट पोल शेयर बाजार में सिर्फ हेरफेर करने की एक कोशिश मात्र है. उन्होंने इससे पहले 2021, 2024 में भी ऐसा ही किया था और वो अब भी वही कर रहे हैं.’

CAPF को लेकर क्या बोलीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी?

इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की तरफ से बंगाल में तैनात किए गए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) पर आरोप भी लगाए. उन्होंने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं पर बहुत ज्यादा बर्बरता की. उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस पार्टी उन सभी लोगों को पुरस्कृत करेगी, जिन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की बर्बरता का सामना किया है.

पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर फिर से हो रही वोटिंग

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और CM ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों पर फिर से वोटिंग कराई जा रही है. वहीं, सीएम ममता बनर्जी के बयान से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने आरोप लगाया था कि राज्य में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के फाल्टा में कई पोलिंग बूथों पर वोटरों को पार्टी के उम्मीदवार को चुनने से रोका गया था.