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असम और बंगाल में बीजेपी का जलवा, इन राज्यों में 5-10 सीटें जीतने में निकल गया दम’

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Assembly Elections Result 2026: असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन दिखाया. लेकिन दक्षिणी राज्यों में पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा. आइए जानते हैं पूरी जानकारी.

Assembly Elections Result 2026: भारतीय जनता पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों में काफी असमान प्रदर्शन कर रही है. जहां पार्टी असम और पश्चिम बंगाल में हावी दिख रही है वहीं केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों में उसे कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा है. दक्षिणी राज्यों में पार्टी का 5 से 10 सीटों का आंकड़ा पार करना भी मुश्किल लग रहा है.

बीजेपी का गढ़ और मजबूत हुआ 

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने जबरदस्त बढ़त बनाकर सबको चौंका दिया है. 293 सीटों में से पार्टी 148 सीटों के बहुमत के आंकड़े को पार कर गई है और लगभग 199 सीटों पर आगे चल रही है.  ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सत्ताधारी पार्टी टीएमसी 87 सीटों पर है.

इसी बीच असम में 126 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन लगभग 97 सीटों पर आगे चल रहा है. कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन काफी पीछे चल रहा है और उसे सिर्फ लगभग 24 सीटों पर बढ़त मिली है. यह प्रदर्शन पूर्वोत्तर में भाजपा के गढ़ को और मजबूत करता है.

क्या है तमिलनाडु की कहानी? 

तमिलनाडु में कहानी बिल्कुल अलग है. यहां भाजपा अपना प्रभाव जमाने के लिए संघर्ष कर रही है. 234 सीटों वाली विधानसभा में पार्टी को सिर्फ लगभग तीन सीटों पर ही बढ़त मिली है. यहां मुख्य मुकाबला DMK, AIADMK  और TVK के बीच है.

केरल में सीमित लाभ 

केरल में भाजपा ने काफी मामूली प्रगति की है. 140 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा सिर्फ दो सीटों पर आगे चल रही है. राज्य में यूडीएफ और एलडीएफ के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है. मौजूदा रुझानों में यूडीएफ लगभग 96 और आईटीएफ लगभग 41 सीटों के साथ मैदान में जमे हुए हैं.

उम्मीद की एक किरण 

पुडुचेरी में भाजपा के लिए कुछ राहत की बात है. 30 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा 22 सीटों पर आगे चल रही है और कांग्रेस 6 सीटों पर कायम है.

इन चुनावी रुझानों से एक बात तो साफ पता चलती है कि भाजपा पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में अपना वर्चस्व मजबूत कर रही है. हालांकि दक्षिणी राज्यों में पार्टी को अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. आसान शब्दों में कहें तो जहां कुछ क्षेत्रों में भाजपा की दहाड़ सुनाई दे रही है, वहीं दूसरे क्षेत्रों में वह अभी भी अपनी आवाज खोजने की कोशिश कर रही है.