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CG: स्व सहायता समूह और महतारी वंदन योजना बनी भरोसेमंद सहारा…

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आर्थिक सशक्तिकरण के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम’

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना तथा स्व सहायता समूहों की सशक्त पहल से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। ये योजनाएं महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित कर रही हैं।

सक्ती जिले की ग्राम पंचायत अचानकपुर अंतर्गत ग्राम डड़ाई निवासी श्रीमती आराधना चौहान, जो पूर्व में एक साधारण गृहिणी थीं, आज शासन की योजनाओं के सहयोग एवं अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बनी हैं। वे “एकता” स्व सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से प्राप्त ऋण के माध्यम से उन्होंने अपने घर में एक राशन दुकान प्रारंभ की, जिसका संचालन वे स्वयं कर रही हैं।

श्रीमती चौहान को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। राशन दुकान से होने वाली आय एवं योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि का उपयोग वे व्यवसाय को सुदृढ़ करने, बच्चे की शिक्षा तथा आवश्यक घरेलू व्यय की पूर्ति में कर रही हैं। जहां पूर्व में बचत संभव नहीं थी, वहीं अब वे प्रतिमाह कुछ राशि सुरक्षित रखकर अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती आराधना चौहान ने कहा कि स्व सहायता समूह एवं महतारी वंदन योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी प्रदान किया है। आज वे परिवार की देखभाल के साथ-साथ उसकी प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की हजारों-लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं। स्व-सहायता समूहों की सुदृढ़ व्यवस्था एवं महतारी वंदन योजना का समन्वित प्रभाव छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

CG: बिलासपुर में टेलीफोन एक्सचेंज पहुंच मार्ग के लिए 5.11 करोड़ स्वीकृत : 3.29 किमी बनेगी सड़क…

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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने प्रमुख अभियंता को राशि स्वीकृति के संबंध में जारी किया परिपत्र’

रायपुर: राज्य शासन ने बिलासपुर में टेलीफोन एक्सचेंज पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 5 करोड़ 10 लाख 59 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 3.29 किमी सड़क का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से आज राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।

लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है।

कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।

CG: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने किए महाप्रभु श्री जगन्नाथ भगवान के दर्शन…

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रायपुर: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन एवं पूजन कर देश एवं प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की जयंती पर किया स्मरण…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की जयंती (21 फरवरी) पर उन्हें स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हिन्दी एवं अंग्रेजी पत्रकारिता को सशक्त स्वरूप प्रदान करने में स्वर्गीय मधुकर खेर का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनोन्मुखी पत्रकारिता के माध्यम से समाज में जागरूकता का विस्तार किया। उन्होंने आमजन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर शासन-प्रशासन का ध्यान जनहित के विषयों की ओर आकर्षित किया और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रभावी भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मधुकर खेर की लेखनी सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़ी रही। उन्होंने प्रदेश में जिम्मेदार, मूल्यनिष्ठ और स्वस्थ पत्रकारिता की मजबूत परंपरा स्थापित करने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय खेर का समर्पण, उनकी कार्यशैली और उनके उच्च आदर्श आज भी प्रदेश के पत्रकारों तथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके विचार और सिद्धांत हमें निष्पक्ष, सशक्त एवं समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।

CG: राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री श्री साय…

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जल संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान’

मुख्यमंत्री श्री साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की हुई गहन समीक्षा’

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की’

31 मई तक 10 लाख जल संरचनाओं का लक्ष्य, जल सुरक्षा को मिलेगा नया आधार’

डबरी निर्माण से बढ़ेगा भू-जल स्तर, किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ’

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया।

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।

केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।

भारत में AI कंटेंट के लिए नए नियम: जानें क्या हैं बदलाव…

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केंद्र सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निर्मित कंटेंट के लिए नए नियम लागू किए हैं। ये नियम आज से प्रभावी हो गए हैं। यदि आप सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफार्मों पर AI द्वारा बनाए गए कंटेंट को साझा करते हैं, तो आपको गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

यह जानकारी आईटी मंत्रालय द्वारा 10 जनवरी को साझा की गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि लोग इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं। आइए, इन नए नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

डीपफेक के लिए नए दिशा-निर्देश

AI इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीपफेक और फर्जी कंटेंट के खतरों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह समाज के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है। पीएम मोदी ने कंटेंट पर वॉटरमार्किंग और अधिक पारदर्शी स्रोत मानकों पर जोर दिया, साथ ही बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

उन्होंने उन कंटेंट पर भी चर्चा की जो सिंथेटिक तरीके से बनाए जाते हैं। नए नियमों के अनुसार, AI या कंप्यूटर द्वारा बनाए गए कंटेंट को SGI (सिंथेटिकली जेनरेटेड AI कंटेंट) कहा जाएगा। इस प्रकार के कंटेंट को सोशल मीडिया पर साझा करने से पहले लेबल या वॉटरमार्क करना अनिवार्य होगा, ताकि उपयोगकर्ताओं को यह पता चल सके कि यह AI द्वारा निर्मित है।

IT नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव

AI कंटेंट पर लेबलिंग अनिवार्य है। यदि आप AI द्वारा निर्मित कंटेंट साझा करते हैं, तो उस पर लेबल लगाना आवश्यक होगा। एक बार लेबल लगाने के बाद, इसे हटाया नहीं जा सकेगा।

सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे टूल्स विकसित करने होंगे, जो यह सुनिश्चित करें कि कंटेंट AI द्वारा निर्मित है या नहीं। बिना सत्यापन के ऐसा कंटेंट अपलोड नहीं किया जा सकेगा।

हर तीन महीने में, प्लेटफार्मों को उपयोगकर्ताओं को चेतावनी देनी होगी कि AI का गलत उपयोग करने पर उन पर जुर्माना या सजा हो सकती है।

नए IT नियमों के तहत प्रतिबंधित कंटेंट

चाइल्ड पोर्नोग्राफी

फर्जी दस्तावेज

इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड

हथियारों या गोला-बारूद से संबंधित सामग्री

डीपफेक इमेज या वीडियो

सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की जिम्मेदारी बढ़ी है

नियमों का उल्लंघन करने पर परिणाम

यदि ये नियम नहीं माने जाते हैं, तो कानूनी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। SGI या AI कंटेंट के नियमों का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता, भारतीय नागरिकता संरक्षण अधिनियम, या POCSO अधिनियम के तहत मामला चलाया जा सकता है। इसके अलावा, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई प्लेटफॉर्म SGI तक पहुंच को ब्लॉक करने के लिए स्वचालित टूल्स का उपयोग करता है, तो इसे IT अधिनियम के सेक्शन 79 का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।

AAP का भाजपा सरकार पर हमला: एक साल में केवल धोखे का सामना…

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आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर तीखा हमला किया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ‘रिपोर्ट कार्ड’ पेश किया, जिसमें उन्होंने सरकार को महिलाओं, युवाओं, मध्यम वर्ग, गरीबों और समग्र दिल्ली के साथ ‘फर्जीवाड़ा’ करने का आरोप लगाया।

सिसोदिया ने कहा कि इस एक साल में सरकार ने केवल वादों का धोखा दिया है, जबकि जनता के रोजमर्रा के मुद्दे और भी बिगड़ गए हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और वरिष्ठ नेता कुलदीप कुमार भी उपस्थित थे। सिसोदिया ने ‘एक साल, दिल्ली बेहाल, याद आ रहे केजरीवाल’ वाले पोस्टर दिखाते हुए कहा कि भाजपा ने 20 फरवरी 2025 को सत्ता में आने का दावा किया था, लेकिन इस पूरे वर्ष में दिल्लीवासियों के साथ छलावा ही रहा। उन्होंने सरकार की नाकामियों को 13 प्रमुख बिंदुओं में गिनाया और कहा कि लोग अब अरविंद केजरीवाल के ‘दिल्ली मॉडल’ को याद कर रहे हैं।

महिलाओं के साथ धोखा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया था। 8 मार्च 2025 से पैसे आने का ऐलान हुआ, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई राशि नहीं मिली। सिसोदिया ने पूछा कि मोदी जी की गारंटी अब कहां गई?

प्रदूषण में फर्जीवाड़ा: केजरीवाल सरकार में धूल, आग, वाहन नियंत्रण और ऑड-ईवन जैसे कदम उठाए जाते थे। भाजपा सरकार के दौरान दिल्ली ने दुनिया का सबसे खराब AQI रिकॉर्ड बनाया। सरकार ने AQI केंद्र बंद कर दिए और हरे इलाकों में शिफ्ट कर दिया, जबकि असलियत में हवा प्रदूषित बनी रही।

मिडिल क्लास को छुरा: प्राइवेट स्कूलों ने फीस में 30-300% तक की वृद्धि की, लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। फर्जी कानून बनाकर भी फीस नहीं रुकी। कई अभिभावकों के बच्चे परीक्षा से वंचित रह गए।

गरीबों की झुग्गियां तोड़ी गईं: ‘जहां झुग्गी वहीं मकान’ का वादा करके ‘जहां झुग्गी वहां मैदान’ कर दिया गया। अनधिकृत कॉलोनियों पर बुलडोजर चले, जिससे लाखों लोग बेघर हो गए।

नकली यमुना सफाई: छठ पूजा के दौरान यमुना को साफ करने का दावा किया गया, लेकिन असल में प्रदूषण बढ़ा। AAP ने इसे बेनकाब किया।

बेरोजगारी का सिलसिला: एक लाख से ज्यादा संविदा नौजवानों को निकाला गया। बस मार्शल, मोहल्ला क्लीनिक स्टाफ, डेटा एंट्री ऑपरेटर और DTC कंडक्टर बेरोजगार हो गए।

स्वास्थ्य व्यवस्था ठप: मुफ्त दवाइयां और टेस्ट बंद कर दिए गए, अस्पतालों के फंड रोके गए, और 24 नए अस्पताल प्राइवेट को सौंपे जा रहे हैं।

साफ-सफाई और सीवर संकट: कूड़े के पहाड़ बढ़ गए हैं, सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं, और गंदा पानी घरों में भर रहा है।

सड़कें गड्ढों से भरी: लोग गड्ढों में गिरकर जान गंवा रहे हैं, जबकि सरकार जश्न मना रही है।

राशन-पेंशन बंद: 8 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं, और विधवाओं तथा बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी गई है।

सुरक्षा में नाकामी: जनवरी में 15 दिनों में 800 गुमशुदा मामले सामने आए, और रोज 6 हत्याएं हुईं, लेकिन मुख्यमंत्री पीड़ितों के घर नहीं गईं।

सिसोदिया ने कहा कि भाजपा सरकार जश्न मना रही है, जबकि दिल्ली की स्थिति गंभीर है। जनता के अनुभव से स्पष्ट है कि केजरीवाल का दौर याद आ रहा है, जहां काम पर ध्यान केंद्रित किया गया था। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे फर्जीवाड़े को बर्दाश्त न करें।

प्रियंका गांधी ने असम के मुख्यमंत्री की आलोचना की, सकारात्मक राजनीति की आवश्यकता पर जोर दिया…

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गुवाहाटी में प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया

प्रियंका गांधी वाड्रा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई और उनके परिवार पर हमले करना गलत राजनीति है।

वाड्रा ने यह भी कहा कि नेताओं को युवाओं की बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। सिंगर जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए, उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को गौरव गोगोई पर उनके कथित पाकिस्तान संबंधों को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार और बच्चों को इस विवाद में शामिल करना गलत है।

प्रियंका गांधी की और टिप्पणियाँ

प्रियंका गांधी ने आगे क्या कहा?

गुवाहाटी के बाहरी इलाके सोनापुर में जुबीन गर्ग के श्मशान घाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद, वाड्रा ने कहा कि सिंगर ‘राजनीति से ऊपर’ थे और उन्होंने अपने जीवन में प्यार का संदेश फैलाया। असम कांग्रेस के अध्यक्ष पर पाकिस्तानी लिंक के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, ‘राजनीति में दो प्रकार के नेता होते हैं, एक जो सकारात्मक राजनीति करते हैं और दूसरे जो ध्रुवीकरण करते हैं। गौरव गोगोई प्यार की राजनीति कर रहे हैं।’

प्रियंका गांधी का आरोप

प्रियंका गांधी ने क्या आरोप लगाया?

वाड्रा ने कहा कि गोगोई एक सकारात्मक व्यक्ति हैं और राजनीति में सकारात्मकता लाना चाहते हैं। इसलिए उन पर इस तरह के हमले किए जा रहे हैं। असम के लोग इसे समझते हैं, लेकिन गौरव और उनके परिवार पर हमले गलत राजनीति हैं।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि किसी को भी किसी राजनीतिक नेता के परिवार और बच्चों पर हमला नहीं करना चाहिए। वायनाड के सांसद ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री को उन युवाओं और महिलाओं के बारे में बात करनी चाहिए जो नौकरी की तलाश में हैं। उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा, ‘आप देख रहे हैं कि कितना भ्रष्टाचार हो रहा है। यह राज्य के लोगों के साथ पूरी तरह से धोखा है।’

जुबीन एरिया के दौरे पर प्रियंका गांधी

जुबीन एरिया के अपने दौरे के बारे में क्या कहा?

जुबीन एरिया के अपने दौरे के बारे में बात करते हुए, वाड्रा ने कहा कि वह सिंगर को श्रद्धांजलि देने के लिए श्मशान घाट गई थीं, न कि राजनीति करने के लिए। उन्होंने कहा, ‘जुबीन गर्ग राजनीति से ऊपर थे। उनका श्मशान एक पवित्र स्थान होना चाहिए और इसका इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं किया जाना चाहिए।’

WhatsApp का नया ग्रुप मैसेज हिस्ट्री फीचर: जानें कैसे करेगा काम…

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मेटा स्वामित्व वाला WhatsApp अपने उपयोगकर्ताओं के लिए लगातार नए फीचर्स पेश कर रहा है। हाल ही में, WhatsApp ने ग्रुप मैसेज हिस्ट्री फीचर का रोलआउट शुरू किया है।

इस नए फीचर की मदद से, ग्रुप में नए शामिल होने वाले सदस्यों को पुरानी चैट्स देखने में आसानी होगी। यह फीचर ग्रुप के एडमिन और सदस्यों को नए यूजर्स के साथ पिछली कुछ चैट्स साझा करने का विकल्प प्रदान करता है।

फीचर की विशेषताएँ

इस सुविधा के अंतर्गत, उपयोगकर्ताओं को स्क्रीनशॉट लेने या हर संदेश को अलग-अलग भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। WhatsApp ने यह स्पष्ट किया है कि यह फीचर पूरी तरह से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित है, और यह व्यक्तिगत तथा समूह चैट की प्राइवेसी मानकों का पालन करता है।

कैसे काम करता है यह नया फीचर

जब भी आप किसी नए ग्रुप में जोड़े जाएंगे, तो एडमिन और ग्रुप के सदस्यों को हाल के संदेश साझा करने का विकल्प दिखाई देगा। इस सुविधा के माध्यम से, उपयोगकर्ता 25, 50, 75 या 100 तक संदेश साझा कर सकेंगे। हालांकि, यह फीचर केवल हाल के संदेशों को साझा करने की अनुमति देगा, और पूरी चैट हिस्ट्री साझा करने का विकल्प नहीं होगा।

स्पष्टता और ट्रांसपेरेंसी

कंपनी ने इस फीचर को स्पष्ट और पारदर्शी बनाने के लिए डिजाइन किया है। साझा की गई चैट ग्रुप में अलग से दिखाई देगी, जिसमें चैट का समय और भेजने वाले का नाम भी दिखेगा। सभी उपयोगकर्ताओं को चैट संदेश साझा करने की सूचना मिलेगी, जिससे सभी इसे देख सकेंगे।

एडमिन के विशेष अधिकार

यह सुविधा अपने आप सक्रिय नहीं होती है। जब भी कोई नया सदस्य समूह में जुड़ता है, तो इस फीचर का उपयोग मैन्युअल रूप से करना होगा। ग्रुप एडमिन के पास यह अधिकार होगा कि वे इस सुविधा को सभी सदस्यों के लिए बंद कर सकें, लेकिन वे चाहें तो किसी भी समय इस फीचर का उपयोग कर सकते हैं।

भारत मंडपम में छत्तीसगढ़ का जलवा! देश के पहले ‘AI डेटा सेंटर पार्क’ ने खींचा दुनिया भर के निवेशकों का ध्यान…

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भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ द्वारा स्थापित स्टॉल देश-विदेश से आए निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

‘छत्तीसगढ़ ड्रिवन बाय इंटेलिजेंस’ थीम पर आधारित इस स्टॉल में राज्य की उभरती कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षमता, अत्याधुनिक डिजिटल अधोसंरचना और निवेश संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है. स्टॉल में डिजिटल प्रस्तुति, सूचना पैनल और इंटरैक्टिव माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे निवेशकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है.

1000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित

स्टॉल में विशेष रूप से नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क की जानकारी प्रमुखता से दी जा रही है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है तथा इसमें एक लाख तक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) स्थापित किए जाने की क्षमता विकसित की जाएगी.

यह परियोजना देश में एआई आधारित सेवाओं, उच्च क्षमता डाटा प्रोसेसिंग और डिजिटल नवाचार को नई गति प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ को भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी.

छत्तीसगढ़ बनेगा एआई केंद्र- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट में छत्तीसगढ़ का स्टॉल देश-विदेश के निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में देश के पहले एआई डाटा सेंटर पार्क के माध्यम से राज्य को डिजिटल नवाचार, उच्च तकनीकी निवेश और भविष्य की अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है.

नवाचार, निवेश और तकनीकी अवसर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊर्जा प्रदान करने तथा छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दृढ़ संकल्प और दूरदर्शी नीति के साथ छत्तीसगढ़ को नए भारत की डिजिटल क्रांति के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जाएगा.

स्टॉल पर औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत एआई, रोबोटिक्स और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के लिए उपलब्ध विशेष प्रोत्साहनों, अनुदानों और निवेश-अनुकूल वातावरण की जानकारी भी निवेशकों को दी जा रही है.

राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, विकसित हो रहा नवा रायपुर स्मार्ट सिटी, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उद्योग-हितैषी नीतियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है. स्टॉल पर मौजूद अधिकारियों द्वारा निवेशकों और आगंतुकों को राज्य में उपलब्ध अधोसंरचना, निवेश अवसरों और नीतिगत प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है.

इस दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तथा तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में एआई और डाटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं में विशेष रुचि दिखाई तथा राज्य सरकार की दूरदर्शी पहल की सराहना की. यह सहभागिता न केवल निवेश संभावनाओं को सशक्त करने वाली है, बल्कि छत्तीसगढ़ को उभरते टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इकोसिस्टम के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी.