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Kendriya Vidyalaya Admission: पहली लिस्ट से लेकर ऑफलाइन एडमिशन तक, आ गई KVS में एडमिशन की सारी डिटेल्स…

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Kendriya Vidyalaya Admission 2026-27: अगर आप अपने बच्चे का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) में कराने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने साल 2026-27 के सेशन के लिए एडमिशन का पूरा शेड्यूल बता दिया है। माता-पिता काफी समय से पहली लिस्ट का इंतजार कर रहे थे, जो अब जल्द ही खत्म होने वाला है।

बालवाटिका और कक्षा 1 (Class 1) के लिए पहली प्रोविजनल लिस्ट अप्रैल के दूसरे हफ्ते में आ जाएगी। खास बात यह है कि इस बार एडमिशन पूरी तरह से नियमों और कैटेगरी के हिसाब से होंगे, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के बच्चों और RTE को प्राथमिकता मिलेगी। यहां एडमिशन से जुड़ी तारीखों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है…

केंद्रीय विद्यालय की पहली लिस्ट कब आएगी? (KVS First Selection List)

केवीएस के कैलेंडर के मुताबिक, अलग-अलग क्लास के लिए लिस्ट इन तारीखों पर आएगी: बालवाटिका 1, 2 और 3: इन क्लासेस की पहली लिस्ट 8 अप्रैल 2026 को आएगी। कक्षा 1 (Class 1): पहली लिस्ट 9 अप्रैल 2026 को जारी होगी। असम, केरल और पुडुचेरी के लिए: यहां चुनाव होने की वजह से बालवाटिका और पहली क्लास, दोनों की लिस्ट 10 अप्रैल 2026 को निकाली जाएगी।

KVS Admissions: दूसरी और तीसरी लिस्ट की डेट अगर पहली लिस्ट के बाद सीटें बच जाती हैं, तो दूसरी और तीसरी लिस्ट भी आएगी: दूसरी लिस्ट: 16 अप्रैल 2026 तीसरी लिस्ट: 21 अप्रैल 2026 KV में किसे पहले मिलेगा एडमिशन? (KVS Admission Rules) केंद्रीय विद्यालय में एडमिशन के लिए एक खास ऑर्डर फॉलो किया जाता है:

सबसे पहले RTE (Right to Education) के तहत आने वाले बच्चों का चुनाव होता है। इसके बाद Category 1 और 2 यानी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को जगह मिलती है। सबके बाद अगर सीटें बचती हैं, तो बाकी कैटेगरी के बच्चों का नंबर आता है। KVS ऑफलाइन एडमिशन की जानकारी अगर किसी स्कूल में ऑनलाइन फॉर्म कम भरे गए हैं, तो वहां 21 अप्रैल 2026 को एक नया नोटिस निकाला जाएगा। यह खासकर RTE, SC, ST और OBC कैटेगरी के लिए होगा।

रजिस्ट्रेशन कब होगा: 22 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक। एडमिशन कब होंगे: 27 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच।

बड़ी क्लासेस के लिए एडमिशन का नियम;

कक्षा 2 से ऊपर (11वीं को छोड़कर): इनके लिए फॉर्म 2 से 8 अप्रैल 2026 तक ऑफलाइन भरे जाएंगे। इनकी लिस्ट 13 अप्रैल को आएगी और एडमिशन 15 से 20 अप्रैल के बीच होंगे।

11वीं क्लास (Class 11): 11वीं के एडमिशन CBSE 10वीं का रिजल्ट आने के बाद शुरू होंगे। रिजल्ट आने के 10 दिन के अंदर फॉर्म भरने होंगे और महीने भर में सारा काम पूरा हो जाएगा।

नोट: 11वीं को छोड़कर बाकी सभी क्लासेस में एडमिशन लेने की आखिरी तारीख 30 जून 2026 है। अगर फिर भी सीटें खाली रहीं, तो 31 जुलाई 2026 तक एडमिशन हो सकते हैं।

Hormuz Strategic Plan: होर्मुज का खेल खत्म! भारत के हाथ लगा वो ‘जादुई रूट’, तेल -LPG की किल्लते होंगी दूर…

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Hormuz Strategic Plan B: होर्मुज जलडमरूमध्य, जिसे दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री रास्ता माना जाता है, वहां अब ईरान की मनमानी नहीं चलेगी। सैटेलाइट तस्वीरों और जहाजों की हलचल से एक नई और राहत भरी खबर आई है-व्यापार के लिए एक ‘सेफ पैसेज’ मिल गया है।

यह नया रास्ता ओमान की समुद्री सीमा से होकर निकलता है, जिससे अब अंतरराष्ट्रीय जहाजों को न तो ईरान की मिसाइलों का डर रहेगा और न ही भारी टैक्स देने की मजबूरी।

भारत के लिए यह खबर किसी बड़ी जीत से कम नहीं है। अब हमारे तेल के टैंकर और मालवाहक जहाज बिना किसी रुकावट के इस नए रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। ईरान की ओर से थोपे गए लंबे रास्तों और ‘सुरक्षा टैक्स’ को दरकिनार करते हुए भारत ने अपनी ऊर्जा सप्लाई को सुरक्षित कर लिया है। अब मिडिल-ईस्ट के तनाव के बीच भी भारत की तेल सप्लाई बेरोकटोक जारी रहेगी।

ओमान की सीमा: सुरक्षित नया गलियारा

ईरान के हवाई हमलों और ड्रोन खतरों के बीच, अब कमर्शियल जहाजों ने ओमान के समुद्री इलाके का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय जल सीमा के जोखिमों से बचते हुए मुसंदम प्रायद्वीप के करीब से निकलता है। खास बात यह है कि यह रास्ता ईरान की सीधी निगरानी से बाहर है, जिससे जहाजों को पकड़े जाने या उन पर हमला होने का डर काफी कम हो गया है।

Strait of Hormuz Crisis: भारतीय जहाजों की सफल आवाजाही

इस नए रास्ते की सफलता का सबसे बड़ा सबूत भारतीय कार्गो जहाज ‘MSV क्यूबा MNV 2183’ का सुरक्षित गुजरना है। दुबई से रवाना हुआ यह जहाज ओमान के डिब्बा पोर्ट के पास देखा गया। भारत के लिए यह मार्ग इसलिए अहम है क्योंकि तनाव के समय में भी हमारी सप्लाई चेन नहीं टूटेगी। अब भारतीय जहाज ईरान के संकरे रास्तों में फंसे बिना अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं।

IRGC Naval Base Attack: ईरान के ‘टैक्स वसूली’ खेल पर लगाम

तनाव का फायदा उठाते हुए ईरान ने अपना एक नया रूट बनाया था, जहां वह जहाजों की जांच के नाम पर प्रति बैरल तेल पर 1 डॉलर का शुल्क वसूल रहा था। लेकिन ओमान वाले इस नए ‘प्लान-B’ ने ईरान के इस आर्थिक खेल को बिगाड़ दिया है। अब वैश्विक कंपनियां और भारतीय टैंकर ईरान को मनमाना टैक्स दिए बिना सुरक्षित तरीके से अपना माल ले जा सकते हैं।

तकनीक का सहारा: लोकेशन सिग्नल बंद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘हाब्रुत’ और ‘धलकुट’ जैसे बड़े तेल टैंकरों ने मुसंदम प्रायद्वीप के पास अपने ट्रांसपोंडर (AIS) बंद कर दिए थे। यह एक युद्धकालीन रणनीति है ताकि दुश्मन की रडार से बचा जा सके। मस्कट से 350 किमी दूर इन जहाजों का दोबारा दिखना यह साबित करता है कि ओमान के रास्ते का इस्तेमाल ‘साइलेंट ऑपरेशन’ की तरह सफलतापूर्वक किया जा रहा है।

IRGC के ठिकानों पर हमले का असर

हाल ही में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्य नौसैनिक अड्डे पर हुए धमाकों ने ईरान की पकड़ कमजोर कर दी है। गोदामों में लगी आग और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण ईरान अब समुद्री मार्ग पर उतनी सख्ती नहीं कर पा रहा है। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर वैश्विक व्यापार ने एक वैकल्पिक रास्ता मजबूती से अपना लिया है, जो भारत के लिए बड़ी राहत है।

कांग्रेस उम्मीदवार की चुनावी रैली, सचिन पायलट का संबोधन…

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चुनावी रैली में जुटी भारी भीड़

कांग्रेस के उम्मीदवार रकीबुद्दीन अहमद ने विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही अपनी चुनावी मुहिम को तेज कर दिया है। शुक्रवार को गोरैमारी टाउन क्लब में आयोजित एक विशाल जनसभा में 20,000 से अधिक लोग शामिल हुए।

सचिन पायलट का संबोधन

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव सचिन पायलट ने सभा को संबोधित करते हुए चमरिया विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से रकीबुद्दीन अहमद के पक्ष में वोट देने की अपील की। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की, जिसमें अन्याय, भ्रष्टाचार, विभाजनकारी राजनीति, मूल्य वृद्धि और अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार शामिल हैं। उन्होंने असम की जनता से भाजपा सरकार को हटाने और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को सत्ता में लाने की अपील की।

AIUDF और AGP पर निशाना

पायलट ने असम के मतदाताओं से कहा कि वे AIUDF और AGP को वोट न दें, क्योंकि ये दल चमरिया विधानसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक वोटों को विभाजित करने के लिए उम्मीदवार खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सभी समुदायों को शिक्षा, सूचना का अधिकार, खाद्य सुरक्षा और श्रमिक अधिकार जैसे बुनियादी अधिकार प्रदान किए हैं, जबकि भाजपा सरकार संविधान की अनदेखी कर रही है।

डॉ. सैयद नासिर हुसैन का समर्थन

AICC महासचिव और कर्नाटका के सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने कहा कि रकीबुद्दीन अहमद 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीतेंगे, भले ही AGP, BJP और AIUDF उनके खिलाफ एकजुट हो गए हों। उन्होंने असम में अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा किए गए अत्याचारों की ओर ध्यान आकर्षित किया।

महिला कांग्रेस की अध्यक्ष का बयान

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस समिति की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि भाजपा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है, लेकिन उनके शासन में महिलाओं के खिलाफ हिंसा, हत्या और बलात्कार के मामले बढ़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस सरकार बनने पर जूबीन गर्ग को 100 दिनों के भीतर न्याय मिलेगा और महिलाओं को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

रकीबुद्दीन अहमद का विकास का वादा

कांग्रेस के उम्मीदवार रकीबुद्दीन अहमद ने अपने पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का उल्लेख किया और आश्वासन दिया कि यदि उन्हें फिर से वोट दिया गया, तो वे अपने क्षेत्र में और विकास परियोजनाएं लाएंगे। सभा में कांग्रेस पार्टी के कई अन्य नेता भी उपस्थित थे, जिनमें असम महिला कांग्रेस समिति की महासचिव रुमी बरगोहाईन और राष्ट्रीय पर्यवेक्षक रेखा चौहान शामिल थे।

मार्केट आउटलुक: आरबीआई मौद्रिक नीति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की चाल से तय होगा शेयर बाजार का रुझान…

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भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होगा। आरबीआई मौद्रिक नीति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की चाल से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।

ब्याज दरों की समीक्षा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (आरबीआई-एमपीसी) की बैठक 6-8 अप्रैल के बीच प्रस्तावित है।

यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम उच्चतम स्तर पर बने हुए हैं, जिससे महंगाई को लेकर दुनियाभर में चिंताएं बढ़ रही हैं।

अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध भी शेयर बाजार के लिए अगले हफ्ते एक अहम फैक्टर होगा, क्योंकि युद्ध का प्रभाव अब दुनिया की आपूर्ति श्रृंख्लाओं पर दिखाई देने लगा है। ऐसे में इस युद्ध से जुड़े अपटेड आने वाले हफ्ते में शेयर बाजार के लिए अहम होंगे।

मौजूदा समय में कच्चा तेल 109 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। बीते एक महीने में इसमें 34 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आने वाले हफ्ते में कच्चे तेल की चाल पर निवेशकों की निगाहें बनी रहेंगी।

बीते हफ्ते शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ था। इस दौरान सेंसेक्स 1,953.90 अंक या 2.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,319.55 और निफ्टी 593.35 अंक या 2.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,713 पर बंद हुआ। यह लगातार छठवां हफ्ता था, जब शेयर बाजार में गिरावट देखी गई।

सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक (5.21 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (4.06 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (4.04 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (3.87 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (3.84 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.27 प्रतिशत), निफ्टी इन्फ्रा (2.90 प्रतिशत) और निफ्टी रियल्टी (2.89 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ टॉप लूजर्स थे।

इस दौरान केवल निफ्टी आईटी (2.60 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (1.01 प्रतिशत) ही हरे निशान में बंद हुए।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.05 अंक या 1.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,650.50 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,654 अंक या 2.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 53,677.05 पर बंद हुआ।

असम विधानसभा चुनाव 2026: नितिन गडकरी ने भाजपा की जीत का विश्वास जताया…

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भाजपा की चुनावी रणनीति

असम विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही, भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को एक संतुलित राजनीतिक रुख अपनाया।

उन्होंने पार्टी की ‘घुसपैठियों’ के खिलाफ स्थिति स्पष्ट की, साथ ही यह भी कहा कि भाजपा मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। गडकरी ने असम में भाजपा की जीत का विश्वास व्यक्त किया।

गडकरी ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि हम असम में जीतेंगे,” और यह भी बताया कि भाजपा का दृष्टिकोण सभी को एक साथ लाने का है, चाहे धर्म कुछ भी हो।

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पार्टी का विरोध घुसपैठ के खिलाफ है, न कि किसी धार्मिक समुदाय के खिलाफ।

यह संदेश असम के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण है, जहां पहचान और प्रवासन हमेशा चुनावी मुद्दे बने रहते हैं।

गडकरी ने दोहराया कि भारत अवैध प्रवासियों को स्वीकार नहीं कर सकता, क्योंकि इससे देश एक ‘धर्मशाला’ में बदल जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि समान विरासत वाले लोगों को संवैधानिक प्रावधानों के तहत शरण दी जा सकती है।

पहचान के मुद्दे के साथ-साथ, गडकरी ने भाजपा के विकास के एजेंडे को भी सामने रखा, जिसमें पूर्वोत्तर में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे में निवेश का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें असम भी शामिल है।”

इसमें से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1.5 लाख से 2 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं, और 2 लाख करोड़ रुपये की और परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।

ये निवेश, विशेष रूप से सड़क परिवहन, राजमार्ग और लॉजिस्टिक्स में, क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार और आर्थिक विकास को तेज करने के लिए हैं, जो लंबे समय से बुनियादी ढांचे की कमी से प्रभावित रहा है।

भाजपा का असम अभियान इस विकासात्मक कथा पर भारी निर्भर कर रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार अपने शासन के रिकॉर्ड और कल्याणकारी पहलों को नए जनादेश के लिए प्रस्तुत कर रही है।

गडकरी ने पार्टी की वैचारिक स्थिति को दोहराते हुए कहा कि समावेशिता भाजपा की नीति का केंद्रीय तत्व है, जिसमें “विविधता में एकता” और सभी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों का समर्थन शामिल है।

असम में मतदान 9 अप्रैल को निर्धारित है, जिससे सरमा सरकार के रिकॉर्ड पर चुनावी जांच की जाएगी।

पश्चिम बंगाल में इस बार होगा बदलाव और बहेगी विकास की बयार: शारद्वत मुखर्जी…

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में बिधान नगर (साल्ट लेक) सीट से भाजपा उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी ने अपने चुनाव अभियान के तहत करुणामयी में एक रैली आयोजित की।

जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए।

शारद्वत मुखर्जी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “यहां का माहौल बहुत अच्छा है। बिधान नगर का आम नागरिक हमसे जुड़ा हुआ है। यहां के डॉक्टर और इंजीनियर भी हमें समर्थन दे रहे हैं। इस बार पश्चिम बंगाल में बदलाव होगा। भाजपा की सरकार बनेगी और कई साल बाद बंगाल में विकास होगा।”

इससे पहले शारद्वत मुखर्जी ने मछली लेकर प्रचार कर सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद मुखर्जी ने कहा था, बंगाली किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत मछली खरीदकर ही करते हैं। बंगाल में लोग नवरात्रि के दौरान भी मछली खाते हैं। यहां सभी समुदाय मांसाहारी हैं। खानपान की आदतें हर किसी की अपनी पसंद पर निर्भर करती हैं। अगर हम जीतते हैं, तो विधानसभा में हिलसा मछली, झींगा और अन्य चीजें बांटेंगे। मछली पकाकर ममता बनर्जी को भी खिलाएंगे।”

बिधान नगर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार सुजीत बोस ने भी सुकांता नगर में एक चुनावी रैली निकाली। इस दौरान सुजीत बोस ने कहा, “विपक्ष हमारे खिलाफ कई बातें कहता है, लेकिन हम हमेशा उन्हें नजरअंदाज करते हैं।”

रविवार को अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान भगबनपुर से भाजपा उम्मीदवार शांतनु प्रमाणिक ने कहा, “आज पूरे बंगाल में यह आवाज उठी है कि बदलाव जरूरी है। हम भाजपा पार्टी के सदस्य हर जगह लोगों से संपर्क साध रहे हैं।”

चिनसुराह विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार सुबीर नाग ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा, “मैं पिछले 40 वर्षों से चिनसुराह बाजार में आता रहा हूं। मैं सप्ताह में दो बार यहां आता हूं। यह मेरा बाजार है। आज बाहर जाने की कोई जरूरत नहीं है। सभी कार्यकर्ताओं और लोगों का उत्साह बढ़ गया है।”

अप्रैल में मौसम में अचानक बदलाव: दिल्ली-NCR में धुंध और बारिश की संभावना…

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मौसम में अप्रत्याशित परिवर्तन

अप्रैल का महीना शुरू होते ही मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है, जिसने सभी को चौंका दिया है। इस दौरान बारिश, तेज हवाएं और कई क्षेत्रों में हल्का कोहरा भी देखा गया है, जो कि इस महीने में असामान्य है।

विशेषज्ञों ने इस परिवर्तन के पीछे के कारणों पर प्रकाश डाला है।

दिल्ली-NCR में धुंध का असर

हाल ही में, दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में हल्की धुंध का अनुभव किया गया। राजस्थान में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव हाल की बारिश, रात के तापमान में गिरावट और उच्च नमी के कारण हुआ है। पिछले 48 घंटों में कई कारकों के संयोजन से यह धुंध बनी।

नमी का स्तर बढ़ा

विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार को हुई हल्की बारिश ने नमी के स्तर को बढ़ा दिया, जबकि तापमान में थोड़ी गिरावट आई और रात भर आसमान साफ रहा, जिससे वाष्पीकरण और हल्का कोहरा बना। हाल के दिनों में तापमान में कमी और बारिश के कारण दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में धुंध देखी गई। यह स्थिति मार्च और अप्रैल में कभी-कभी होती है।

तापमान की स्थिति

शनिवार को न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक था। हालांकि, नमी वाली स्थिति में कोहरा बनने के लिए यह तापमान अभी भी कम था। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि हाल ही में आए पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़े बादलों ने तापमान को संतुलित करने और नमी के स्तर पर प्रभाव डाला है।

कम बारिश के बावजूद सुहावना दिन

कोहरे के बावजूद, दिन के समय मौसम काफी सुहावना रहा। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री कम था। हालांकि, दिन में बारिश की मात्रा कम रही, सफदरजंग मौसम स्टेशन पर पिछले 24 घंटों में केवल 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

आगे की संभावनाएं

कुछ क्षेत्रों में बारिश के बदलाव देखे गए, जैसे आयानगर में 5.8 मिमी बारिश हुई। IMD ने कहा कि पिछले 24 घंटों में दिल्ली में हल्की बारिश हुई, साथ ही तेज हवाएं भी चलीं। अगले कुछ दिनों में मौसम हल्का बना रहेगा, और रविवार शाम को हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

तापमान में वृद्धि की संभावना

विशेषज्ञों का कहना है कि रविवार और सोमवार को दिन का तापमान बढ़ सकता है, और सोमवार की रात को बारिश होने की संभावना है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर-पश्चिम भारत पर पड़ने की उम्मीद है, जिससे दिल्ली-NCR में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

खतरे की चेतावनी

यह खतरनाक मौसम प्रणाली उत्तर भारत से मध्य भारत की ओर बढ़ रही है। रविवार को झांसी, ग्वालियर और उत्तर मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेज तूफान और आंधी का खतरा है। इस दौरान हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, राजस्थान और हरियाणा में बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है.

पंजाब एजेंडे के विवाद पर राघव चड्ढा बोले- ‘आप’ के सहयोगियों के लिए अभी बाकी है पिक्चर…

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर जारी विवाद के बीच राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने रविवार को पार्टी के भीतर उठ रहे आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए कहा कि ‘पिक्चर अभी बाकी है’ और पंजाब के मुद्दों को उठाने को लेकर उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाना गलत है।

राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राज्यसभा का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे पंजाब से जुड़े मुद्दों को उठाते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट में उन्होंने पार्टी के उन सहयोगियों पर निशाना साधा, जिन्होंने उन पर संसद में पंजाब के मुद्दे न उठाने का आरोप लगाया था।

उन्होंने लिखा, “मेरे ‘आप’ के साथियों के लिए, जिन्हें यह कहने के लिए मजबूर किया गया कि राघव चड्ढा ने पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए, यह एक छोटा सा ट्रेलर है। पिक्चर अभी बाकी है। पंजाब मेरे लिए सिर्फ एक मुद्दा नहीं, मेरा घर, मेरी जिम्मेदारी, मेरी मिट्टी और मेरी आत्मा है।”

इससे पहले शनिवार को भी राघव चड्ढा ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “मैं बोलना नहीं चाहता था, लेकिन अगर चुप रहता, तो बार-बार बोला गया झूठ भी सच लगने लगता। तीन आरोप, शून्य सच्चाई।”

दरअसल, राघव चड्ढा को राज्यसभा में ‘आप’ के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद उनके खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों का जवाब देते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उनके खिलाफ एक ‘स्क्रिप्टेड कैंपेन’ चलाया जा रहा है। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा, “एक ही तरह के सवाल और एक जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है।”

राघव चड्ढा ने इस आरोप को भी खारिज किया कि वे विपक्ष के वॉकआउट में शामिल नहीं होते थे। इस पर उन्होंने कहा, “यह सरासर झूठ है। संसद परिसर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, कोई भी इसकी जांच कर सकता है।”

‘आप’ के भीतर यह विवाद पार्टी में बढ़ते तनाव को दर्शाता है। एक ओर पार्टी उनके कामकाज पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर राघव चड्ढा अपने रिकॉर्ड का बचाव करते हुए यह दोहरा रहे हैं कि उनका फोकस हमेशा पंजाब और वहां के लोगों के मुद्दों पर रहा है और आगे भी रहेगा।

सोने और चांदी की कीमतों में उछाल, निवेशकों में हलचल…

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सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि

इस सप्ताह देश के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे खरीदारों और निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई है।

हाल के दिनों में सोने की कीमत में लगभग ₹3,666 की बढ़ोतरी हुई है, जिससे इसकी कीमत लगभग ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। इसी तरह, चांदी की कीमत में भी ₹6,166 की वृद्धि हुई है, जिससे यह लगभग ₹2.28 लाख प्रति किलोग्राम हो गई है।

वैश्विक बाजार की अनिश्चितता का प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक बाजार में अस्थिरता, डॉलर की स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव के कारण हुई है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे इनकी मांग और कीमतें बढ़ती हैं।

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी का असर

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद में वृद्धि और ब्याज दरों के संकेत भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सोना खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी हुई है।

उपभोक्ताओं पर प्रभाव

इस तेजी का असर आम उपभोक्ताओं पर भी स्पष्ट है। शादी-ब्याह के सीजन में सोने और चांदी की खरीदारी करने वाले लोगों को अब अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। ज्वैलर्स का कहना है कि ऊंची कीमतों के कारण ग्राहकों की संख्या में थोड़ी कमी आई है, लेकिन निवेश के दृष्टिकोण से लोग अब भी खरीदारी कर रहे हैं।

सरकार के नए नियम

इस बीच, सरकार ने विदेशी ज्वैलरी आयात को लेकर नियमों को सख्त करने के संकेत दिए हैं। अब विदेश से सोने के जेवर मंगाने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य हो सकता है, जिससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध आयात पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह अस्थिर बनी रहती हैं, तो इनकी कीमतों में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण समय

फिलहाल, सोने और चांदी की इस तेजी ने बाजार में नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं और निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय माना जा रहा है, जहां सही निर्णय उन्हें अच्छा लाभ दिला सकता है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने की निष्पक्ष परिसीमन की मांग, राजनीतिक हस्तक्षेप से बचने पर दिया जोर…

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शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने रविवार को कहा कि प्रभावी प्रतिनिधित्व और विकास सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन आवश्यक है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप अनुचित राजनीतिक लाभ नहीं मिलना चाहिए या पक्षपातपूर्ण विचारों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने सांसदों पर बढ़ते बोझ को उजागर करते हुए कहा, परिसीमन एक आवश्यकता है। लोकसभा में सांसदों को छह बड़ी आबादी वाली विधानसभा क्षेत्रों में खुद को फैलाना पड़ता है, जिससे विकास कार्यों पर ध्यान भी प्रभावित होता है।” उन्होंने बताया कि परिसीमन के प्रयास वर्षों से बार-बार स्थगित किए जा रहे हैं और उन्होंने एक निष्पक्ष प्रक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “परिसीमन लाने के सभी प्रयास वर्षों से टलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हर निर्वाचन क्षेत्र का निष्पक्ष तरीके से सीमांकन नहीं किया जाता (जिससे सत्तारूढ़ पक्ष को असंतुलित लाभ न मिले और न ही इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप हो), तब तक यह प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।

लोकसभा और राज्य विधानसभा सीटों के परिसीमन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। दरअसल, 1971 की जनगणना के आधार पर लागू की गई संवैधानिक रोक अब खत्म होने की ओर है।

1 अप्रैल 2026 से जनगणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके अपडेट आंकड़े 2027 तक उपलब्ध होने की संभावना है। इसके बाद कानून के तहत सीमांकन की प्रक्रिया, जिसमें निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण और राज्यों के बीच सीटों का पुनर्वितरण शामिल होता है, आवश्यक हो जाएगी।

परिसीमन पर चल रही बहस का सीधा संबंध महिला आरक्षण कानून से भी है, जिसे औपचारिक रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 कहा जाता है। यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करता है, हालांकि इस कानून का लागू होना अगले जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने इस कानून का लगातार समर्थन किया है, लेकिन साथ ही इस बात पर जोर दिया है कि इसे केवल एक दूर के वादे के रूप में न रखा जाए, बल्कि समय पर और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।

इधर सरकार के भीतर हालिया चर्चाओं में-जिनमें संशोधन के प्रस्ताव और संसद का विशेष सत्र बुलाने की संभावना भी शामिल है-इस प्रक्रिया के कुछ हिस्सों को परिसीमन से अलग करने या इसे तेज करने के विकल्पों पर विचार किया गया है।