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तो इस वजह से बन पाई भारत-US ट्रेड डील पर बात, डोनाल्ड ट्रंप के दूत ने किसे दिया क्रेडिट?

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India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अंतरिम समझौते पर सहमति बनने के बाद अमेरिका की ओर से बड़ा बयान आया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती साझेदारी की जमकर तारीफ की।

इस दौरान गोर की तरफ से इस ट्रेड डील का क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अच्छे संबंधों को दिया गया। अमेरिकी राजदूत ने कहा है कि पिछले हफ्ते घोषित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के पूरा होने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की दोस्ती को जाता है।

अमेरिकी राजदूत नेवयहां नई दिल्ली में उनके आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बातें कही हैं। कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए। रिसेप्शन के दौरान गोर ने कहा कि वाइट हाउस में ट्रंप प्रशासन भारत को ध्यान में रख रहा है। गोर ने कहा, “मुझे यहां आए हुए अभी एक महीने से थोड़ा ज्यादा हुआ है, और हमने आते ही काम शुरू कर दिया। वाइट हाउस भारत को ध्यान में रख रहा है।” ट्रंप के दूत ने आगे कहा, “हमारे राष्ट्रपति भारत को तवज्जो दे रहे हैं। और राष्ट्रपति ट्रंप की प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोस्ती की वजह से, हम आखिरकार एक व्यापार समझौता कर पाए।” बता दें कि गोर ने बीते 14 जनवरी को अपना पदभार संभाला था, जिसके बाद वह भारत में अमेरिका के 27वें राजदूत बन गए।

अंतरिम व्यापार समझौते में क्या-क्या?

इससे पहले भारत और अमेरिका ने बीते शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर पहुंचने की घोषणा की थी जिसके तहत दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे। अमेरिका, भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। वहीं भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला पर आयात शुल्क समाप्त या कम करेगा। इनमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं।

अमेरिका ने हटाया अतिरिक्त आयात शुल्क

दोनों देशों के एक संयुक्त बयान के मुताबिक, भारत ने अगले पांच साल में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान कलपुर्जे, कीमती धातु, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा जताया है। बयान के मुताबिक, ”अमेरिका और भारत को पारस्परिक और द्विपक्षीय रूप से लाभकारी व्यापार से संबंधित एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा तैयार करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।” इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से रूसी तेल की खरीद पर पिछले वर्ष अगस्त में भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क को हटा दिया है।

निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अंतरिम समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30,000 अरब अमेरिकी डॉलर का बाजार खुलेगा। शुल्क में कमी से वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, गृह सज्जा, हस्तशिल्प उत्पाद जैसे भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों और कुछ मशीनरी के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, जेनेरिक दवाइयों, रत्नों और हीरों, तथा विमान के कल-पुर्जों सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर शुल्क शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धी क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ को और बढ़ावा मिलेगा।

भाजपा के असली भगवान ओवैसी, अलादीन का चिराग बनाकर वोट बटोरती है पार्टी: कांग्रेस CM ‘

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि पार्टी AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी को भगवान राम से भी ज्यादा अहमियत देती है और वोट जीतने के लिए ओवैसी का इस्तेमाल करती है।

उन्होंने कहा है कि ओवैसी ही भाजपा के असली लाइफलाइन हैं।

सोमवार को एक प्रेस मीट में तेलंगाना के CM ने कहा, “यह भारतीय जनता पार्टी का इतिहास है। अगर आप इसे एनालाइज करें, तो उनके लिए सिर्फ एक ही भगवान हैं, असदुद्दीन ओवैसी। वे यूं ही भगवान राम का नाम लेते हैं, लेकिन वे हर दिन जिसके आगे झुकते हैं, वह असदुद्दीन ओवैसी हैं।” उनकी लाइफलाइन खुद असदुद्दीन ओवैसी हैं। देखिए वे कितनी बार राम का नाम याद करते हैं और कितनी बार ओवैसी का नाम याद करते हैं। इसकी पड़ताल होनी चाहिए।”

रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि भाजपा ओवैसी को अलादीन के चिराग की तरह इस्तेमाल कर रह। उन्होंने कहा, “हर बार वे असदुद्दीन ओवैसी को अलादीन का जादुई चिराग बनाकर वोट मांगते हैं। आखिर सरकार तो आपकी ही है ना? अगर असदुद्दीन ओवैसी इतने विलेन हैं, तो आप उन्हें कंट्रोल क्यों नहीं कर पा रहे हैं?”

आइडियोलॉजिकल गरीबी की हद- रेड्डी

रेड्डी ने आगे AIMIM की निंदा के लिए भी BJP की आलोचना की। उन्होंने कहा, “डेमोक्रेसी में AIMIM भी एक पॉलिटिकल पार्टी है जो चुनाव लड़ती है। जहां वे जीतते हैं, जीतते हैं। जहां वे हारते हैं, हारते हैं। उन्होंने गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार और यहां तक ​​कि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव लड़ा, जहां उन्होंने पांच सीटें जीतीं। वे भी एक पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन हैं, एक पॉलिटिकल पार्टी हैं। लेकिन आप कब तक उनके नाम पर वोट मांगते रहेंगे? धार्मिक नफरत भड़काकर, कुछ पॉलिटिकल पार्टियों के नेताओं को राक्षस बताकर और उसके जरिए पॉलिटिकल रूप से जिंदा रहने की कोशिश करना आइडियोलॉजिकल गरीबी की हद है। तेलंगाना के लोगों को सोच समझ कर वोट देना चाहिए।”

अमेरिका से ट्रेड डील के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप के इस प्लान को झटका देगा भारत, बैठक से इनकार…

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अमेरिका के साथ भारत ने ट्रेड डील कर ली है। इसके साथ ही अब तक 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ कम होकर 18 पर्सेंट पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसका ऐलान किया था। इसके बाद से ही माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के संबंध सुधर गए हैं, लेकिन इसके बाद भी भारत ने डोनाल्ड ट्रंप को गाजा पीस प्लान पर करारा झटका देने की तैयारी कर ली है।

सूत्रों के मुताबिक भारत की ओर से 19 फरवरी को होने वाली इस मीटिंग से दूर रहने का ही फैसला लिया गया है। गाजा पीस बोर्ड की पहली बैठक 19 फरवरी को होने वाली है। ट्रंप की ओर से शुरू किए गए बोर्ड ऑफ पीस का यह पहला जुटान है, जिसमें कई देशों के पहुंचने की संभावना है।

इसके बाद भी भारत की ओर से इससे दूरी बनाए रखने का ही इरादा नजर आ रहा है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार अब भी भारत सरकार की ओर से ट्रंप के प्रस्ताव का अध्ययन ही किया जा रहा है। इस मामले में भारत सबसे पहले बैठक में पहुंचने वाले देशों में शुमार नहीं होना चाहता। भारत की यह कोशिश है कि पहले कुछ बड़े देश इसका हिस्सा बन जाएं, उसके बाद ही इस संबंध में कोई फैसला लिया जाए। हाल ही में अरब लीग के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भारत की मीटिंग थी। इसमें भी ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस को लेकर बात हुई थी। इस बोर्ड में कई अरब देश शामिल हैं, लेकिन उन्होंने अब तक इस मीटिंग में शामिल होने को लेकर फैसला नहीं लिया है।

इस दौरान भारत ने अरब लीग के देशों से उनके विचार जाने। इन देशों का कहना था कि वे भले ही बोर्ड के मेंबर बन गए हैं, लेकिन भविष्य की रणनीति के बारे में अभी विचार करना है। इस महीने के आखिर तक पीएम नरेंद्र मोदी खुद इजरायल जाने वाले हैं। ऐसे में यह मसला वहां भी एजेंडा बन सकता है। बता दें कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे विवाद को लेकर भारत की राय टू-नेशन सॉलूशन वाली रही है।

ट्रंप के बोर्ड में क्या है पाकिस्तान और तुर्की वाली परेशानी

दरअसल भारत की ओर से इस बोर्ड में शामिल होने के पीछे एक हिचक भी है। अमेरिका के इस बोर्ड में पाकिस्तान और तुर्की पहले ही शामिल हो चुके हैं। कश्मीर मसले पर इन दोनों देशों के साथ भारत का विवाद बना हुआ है। ऐसे में गाजा के मसले पर इनका शामिल होना भी अखरने वाली बात है। यही नहीं पाकिस्तान को इसका हिस्सा बनाए जाने से इजरायल भी सहज नहीं है।

ED के सामने पेश नहीं हुईं टीना अंबानी, 40 हजार करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग केस में होनी थी पूछताछ

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बिजनेसमैन अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी ने आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश होने से इनकार कर दिया है। ईडी लगभग 40,000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में टीना अंबानी को नया समन जारी करेगी। प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) और उससे जुड़ी संस्थाओं से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंकिंग और कॉर्पोरेट घोटाले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

समाचार एजेंसी PTI के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि SIT का नेतृत्व संघीय जांच एजेंसी की मुख्यालय जांच इकाई (HIU) में अतिरिक्त निदेशक स्तर के अधिकारी कर रहे हैं और इसमें आधा दर्जन अन्य जांचकर्ता शामिल हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा ADAG के खिलाफ मामलों की समीक्षा करने के बाद उठाया गया है।

पिछले सप्ताह, सर्वोच्च न्यायालय ने ईडी को एक SIT गठित करने का निर्देश दिया था जो मामले में निष्पक्ष, स्वतंत्र, त्वरित और निष्पक्ष जांच करेगी। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को कथित सांठगांठ, मिलीभगत और साजिश की जांच करने और अपनी जांच को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए कहा था।

ईडी पिछले साल से अनिल अंबानी और उनकी रिलायंस समूह की कंपनियों की जांच कर रहा है। अब तक एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत तीन प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIRs) दर्ज की हैं। इसके अलावा, 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क भी की गई है।

अनिल अंबानी से पिछले साल उनकी समूह की कंपनियों के कथित बैंक ऋण अनियमितताओं के लिए ईडी द्वारा पूछताछ की गई थी। कंपनी के एक पूर्व शीर्ष कार्यकारी और RCOM के पूर्व अध्यक्ष, पुनीत गर्ग को हाल ही में एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया गया है। अनिल अंबानी समूह की कंपनियों ने अतीत में किसी भी गलत काम से इनकार किया है।

“ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर कांग्रेस को TMC से झटका, साइन करने से इनकार”

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस को टीएमसी से बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस सांसदों ने बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर साइन कर दिए हैं तो वहीं टीएमसी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है।

सूत्रों की मानें तो अगर लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने का मौका दे दिया जाता है तो कांग्रेस यह अविश्वास प्रस्ताव वापस ले लेगी। समाजवादी पार्टी, डीएमके ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है।

सूत्रों ने बताया कि सोमवार शाम तक प्रस्ताव संबंधी नोटिस पर 102 सांसदों ने हस्ताक्षर कर दिए थे, हालांकि विपक्ष के एक प्रमुख दल तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने हस्ताक्षर नहीं किए। विपक्षी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के कई सांसदों के साथ ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

आज ही लोकसभा सचिवालय को सौंपा जा सकता है नोटिस

सूत्रों ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंपा जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष को ”बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने”, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सदन में की गई टिप्पणियों को लेकर उन पर कार्रवाई शुरू नहीं करने और कांग्रेस की महिला सांसदों पर बिना साक्ष्य के आरोप लगाए जाने के मामले में अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव के लिए नोटिस देने पर विचार किया जा रहा है।

बैठक में शामिल थी टीएमसी

सोमवार को हुई विपक्ष की बैठक में तृणमूल कांग्रेस, वाम दल, द्रमुक, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (उबाठा) और राकांपा (शप) सहित कुछ अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। बीते दो फरवरी को, राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों पर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष के लोगों को कुछ भी बोलने की छूट दी गई है।

लोकसभा में हंगामा

मंगलवार को भी लोकसभा की कार्रवाई शुरू होते ही हंगामा होने लगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.। एसपी सांसद इकरा हुसैन ने सवाल किया था लेकिन हंगामे की वजह से संबंधित मंत्री जवाब नहीं दे पाई और पीठासीन पीसी मोहन ने कार्यवाही स्थगित करदी। आम तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ही प्रश्नकाल के दौरान चेयर पर होते हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ना बोलने देने का आरोप लगाते हुए 2 फरवरी से ही सदन में हंगामा कर रहे हैं। पिछले सप्ताह 8 सांसदों को इस सत्र के लिए निलंबित भी कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट में मत लड़ो राजनीतिक लड़ाई, हिमंत सरमा के खिलाफ याचिका पर बोले

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के भाषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। इसपर भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि कई बार राजनीतिक जंग सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाती है।

उन्होंने इस याचिका पर विचार करने की बात कही है। विपक्ष ने सरमा के अल्पसंख्यकों पर निशाना लगाते वीडियो और भाषण पर आपत्ति जताई थी।

शीर्ष न्यायालय में सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच सुनवाई कर रही थी। सीजेआई ने कहा, ‘परेशानी यह है कि जब चुनाव आते हैं, जो कई बार उन्हें यहां सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है। हम इसे देखेंगे।’

अदालत में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया नेता एनी राजा की तरफ से याचिका दाखिल की गई थी। उन्होंने सीएम सरमा के 27 जनवरी को दिए भाषण पर आपत्ति जताई थी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत पहुंचे एडवोकेट निजाम पाशा ने कहा, ‘मीलॉर्ड राजनीतिक दल के सदस्य की तरफ से हेट स्पीच के खिलाफ एक याचिका दाखिल हुई है। एक वीडियो भी है, जिसमें मुख्यमंत्री अल्पसंख्यकों पर निशाना लगाते नजर आ रहे हैं।’

जमीयत भी पहुंची थी सुप्रीम कोर्ट

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सरमा के भाषण के खिलाफ 2 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा कि विशेष रूप से उच्च संवैधानिक पद पर आसीन किसी व्यक्ति की तरफ से दिए गए इस तरह के बयानों को राजनीतिक बयानबाजी या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

CG: भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम; नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा आर्थिक सहयोग; कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी होगा शुभारंभ…

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राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 1,316 जोड़े विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अध्यक्षता करेंगे, जबकि उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे.

छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी को सामाजिक समरसता और जनकल्याण का बड़ा दृश्य देखने को मिलेगा. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे. राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे. यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे से भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां 1,316 जोड़े विभिन्न धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे. कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अध्यक्षता करेंगे, जबकि उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद और राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे, जबकि अन्य जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह आयोजित किए जाएंगे.

नवविवाहित जोड़ों को दिया जाएगा आर्थिक सहयोग

योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी. इसके अलावा 15 हजार रुपये की उपहार सामग्री और विवाह आयोजन की अन्य व्यवस्थाएं भी सरकार द्वारा की जाएंगी. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलती है और सामाजिक गरिमा के साथ बेटियों का विवाह संभव हो पाता है.

हर धर्म, हर समाज की होगी भागीदारी

इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सामाजिक विविधता भी दिखाई देगी. कुल विवाहों में से 6,281 हिंदू रीति रिवाज से, 3 इस्लामिक रीति रिवाज से, 113 ईसाई रीति रिवाज से, 5 बौद्ध रीति रिवाज से कराए जाएंगे. इसके अलावा, 10 बैगा समुदाय के जोड़े भी इस कार्यक्रम में शादी के बंधन में बंधेंगे. यानी यह आयोजन सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश भी देगा.

कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी होगा शुभारंभ

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का भी शुभारंभ करेंगे. पहले चरण में 6 माह से 52 माह आयु वर्ग के 40 हजार कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें पोषण सहायता दी जाएगी. इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और सुकमा जिलों से होगी.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता, सम्मान और सुरक्षित भविष्य का संदेश देती है. एक ही मंच पर हजारों जोड़ों का विवाह राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच को दर्शाता है, वहीं कुपोषण मुक्त अभियान भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ बनाने की दिशा में अहम कदम है. छत्तीसगढ़ में 10 फरवरी का दिन सामाजिक उत्सव और जनहित योजनाओं के संगम के रूप में याद किया जाएगा.

CG: रेल बजट 7,470 करोड़ का, एयरपोर्ट की तर्ज होंगे विकसित 32 रेलवे स्टेशन, व्यापारियों को 10 हजार करोड़ रु. की मदद…

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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के लिए की गई घोषणाओं की जानकारी संवाद कार्यक्रम के जरिए दी। बताया कि रेल बजट में प्रदेश को 7,470 करोड़ मिले.

केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, केंद्रीय बजट-2026-27 से छत्तीसगढ़ को भी अनेक लाभ होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशन अब एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होंगे। छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट ऐतिहासिक रूप से बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ में चल रही 54 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं को बड़ा बल मिलेगा। छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर से निवेश, उद्योग-व्यापार और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी। केन्द्रीय मंत्री रविवार को राजधानी में प्रदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापारियों व बुद्धिजीवियों से केन्द्रीय बजट के परिप्रेक्ष्य में आहूत ‘बजट संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में रहने वाली महिलाओं को ‘शी-मार्ट’ के माध्यम से अपने उत्पाद को न सिर्फ बेचने, बल्कि उसकी ब्राण्डिंग करने और आर्थिक रूप से सशक्त होने में मदद मिलेगी। केन्द्र सरकार ने लगातार व्यापारी हित में अनेक कार्य किए हैं। इनमें टैक्स के कम्प्लाइन्स को कम करना हो, टैक्स की दरों को कम करना हो, या फिर कई जटिल कानूनों को हटाना हो, केन्द्र सरकार इसमें पीछे नहीं रही है।

इस बार भी एमएसएमई सेक्टर में 10 हजार करोड़ रु. की मदद व्यापारियों के लिए बहुत ही मददगार साबित होगी। केन्द्रीय मंत्री ने बजट के तीन कर्त्तव्यों का जिक्र करते हुए कहा, पहला, बजट में इकॉनॉमिक ग्रोथ के तहत कैपेक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग पर जोर दिया गया है। दूसरा, यह जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाला बजट है, और तीसरा कर्त्तव्य सबका साथ-सबका विकास है ताकि सभी समुदायों व वर्गों को संसाधनों का पूरा लाभ मिले।

केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा, जब व्यक्तिगत लाभ की योजनाएं ज्यादा चलती हैं, तो व्यक्ति को सरकारों से सीधा लाभ मिलता है, लेकिन उससे इकॉनॉमी में पैसे और संसाधनों का सर्कुलेशन ज्यादा नहीं होता। जब किसी योजना में सरकार पैसै डालती है तो इकॉनॉमी में पैसे का सर्कुलेशन ज्यादा समय तक रहता है और इकॉनॉमी ग्रो करती है।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने केन्द्र सरकार के सभी मंत्रालयों द्वारा विकसित भारत की तरफ क्रियान्वित की जा रही योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत की अवधारणा से जुड़ा हुआ है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, केन्द्र सरकार के इस बजट में अनेक सुधारात्मक उपायों पर जोर दिया गया है जिससे व्यापारियों व अन्य वर्गों का सरकार से रिश्ता सहज-सरल हो। कार्यक्रम का संचालन बजट समिति के सदस्य और बजट सम्वाद कार्यक्रम के प्रभारी अमित चिमनानी ने किया।

रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और टिकट जांच में विवाद रोकने के लिए बड़ा कदम अब ट्रेनों में TTE बॉडी वॉर्न कैमरे पहनकर ड्यूटी करेंगे…

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छत्तीसगढ़ के रायपुर रेल मंडल में करीब 240 TTE को इन कैमरों की ट्रेनिंग दी जा चुकी है. ये कैमरे नाइट विजन और लंबी बैटरी बैकअप के साथ आते हैं. विवाद की स्थिति में पूरी घटना रिकॉर्ड हो जाएगी, जो जांच में सबूत बनेगी. जानिए ये कैमरे क्या हैं, कैसे काम करते हैं और TTE इन्हें कैसे इस्तेमाल करेंगे. ये तकनीक पारदर्शिता बढ़ाएगी और स्टाफ को फॉल्स आरोपों से बचाएगी.

रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और टिकट जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. अब ट्रेनों में टिकट चेक करने वाले ट्रैवलिंग टिकट एक्जामिनर्स (TTE) को बॉडी वॉर्न कैमरे दिए जा रहे हैं. ये छोटे, पोर्टेबल कैमरे TTE की वर्दी पर लगाए जाते हैं, जो टिकट चेकिंग के दौरान हर गतिविधि को रिकॉर्ड करते हैं.

छत्तीसगढ़ के रायपुर रेल मंडल में करीब 240 TTE काम करते हैं और इन्हें इन कैमरों को चलाने की विशेष ट्रेनिंग दी जा चुकी है. ट्रेनिंग में कैमरों को ऑन-ऑफ करने, रिकॉर्डिंग शुरू करने और डाटा स्टोरेज के तरीके सिखाए गए. विवाद की स्थिति में ये रिकॉर्डिंग जांच अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण सबूत बनती है. इससे न केवल यात्रियों की शिकायतें कम होंगी बल्कि TTE को फॉल्स आरोपों से भी सुरक्षा मिलेगी.

हाल के वर्षों में टिकटलेस यात्रियों से विवाद और गलत शिकायतों के मामले बढ़े हैं, जिसके चलते रेलवे ने ये पहल की है. कैमरों में नाइट विजन फीचर है, जो कम रोशनी में भी साफ रिकॉर्डिंग करता है. बैटरी बैकअप 20 घंटे तक का है, जो लंबी शिफ्ट के लिए पर्याप्त है. ये कैमरे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में पहले से इस्तेमाल हो रहे हैं, लेकिन रेलवे में ये नई शुरुआत है. इस तकनीक से रेल यात्रा ज्यादा सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी.

इस पहल का मुख्य उद्देश्य टिकट जांच के दौरान होने वाले विवादों पर रोक लगाना है. TTE अक्सर टिकटलेस यात्रियों से बहस या हमले का शिकार होते हैं, जबकि यात्री TTE पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाते हैं. बॉडी वॉर्न कैमरे इन दोनों पक्षों को संतुलित करते हैं.

रायपुर मंडल में ट्रेनिंग के दौरान TTE को बताया गया कि कैमरे को हमेशा ऑन रखें, खासकर संदिग्ध स्थितियों में. रिकॉर्डिंग ऑटोमैटिक स्टोर होती है और टैंपर-प्रूफ है, यानी इसे डिलीट या बदलना मुश्किल है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ये कैमरे न केवल विवाद सॉल्व करेंगे बल्कि TTE की परफॉर्मेंस भी इम्प्रूव करेंगे. मुंबई और वाल्टेयर डिवीजन में पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, जहां 50 कैमरों का इस्तेमाल किया गया. छत्तीसगढ़ में इसे बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है.

कैमरों की कीमत करीब 9 हजार रुपये प्रति पीस है, लेकिन इनके फायदे अनमोल हैं. ट्रेनिंग में वीडियो डेमो दिखाए गए, जहां TTE ने सीखा कि कैमरे को कैसे क्लिप करें और बैटरी चार्ज करें. ये तकनीक यात्रियों को भी आश्वस्त करती है कि जांच निष्पक्ष है. कुल मिलाकर, ये रेलवे की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में बड़ा कदम है.

बॉडी वॉर्न कैमरा क्या है? ट्रेन की हलचल में भी काम करेगा 
बॉडी वॉर्न कैमरा एक छोटा, वियरेबल डिवाइस है जो वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड करता है. ये पुलिस, सुरक्षा गार्ड्स और अब TTE जैसे पेशेवरों के लिए डिजाइन किए गए हैं. कैमरा TTE की छाती या कंधे पर क्लिप होता है और फ्रंट-फेसिंग लेंस से हर चीज कैप्चर करता है. मुख्य फीचर्स में हाई-डेफिनिशन वीडियो (720p या बेहतर), नाइट विजन (कम रोशनी में रिकॉर्डिंग), और जीपीएस ट्रैकिंग शामिल हैं.

बैटरी 12-20 घंटे चलती है और स्टोरेज 32GB या ज्यादा का होता है. रेलवे के कैमरों में वाटरप्रूफ और शॉकप्रूफ डिजाइन है, जो ट्रेन की हलचल में भी काम करता है. ये कैमरे रियल-टाइम स्ट्रीमिंग नहीं करते, लेकिन रिकॉर्डिंग बाद में डाउनलोड की जा सकती है. दुनिया भर में ये कैमरे पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होते हैं, जैसे अमेरिका की पुलिस में.

बॉडी वॉर्न कैमरा कैसे काम करता है?
ये कैमरे सरल तरीके से काम करते हैं. पावर बटन दबाने पर ऑन होता है और रिकॉर्डिंग शुरू हो जाती है. सेंसर ऑटोमैटिक रूप से मोशन डिटेक्ट कर रिकॉर्डिंग एक्टिवेट कर सकता है. ऑडियो और वीडियो सिंक होते हैं, और टाइमस्टैंप हर फ्रेम पर लगता है. नाइट विजन इंफ्रारेड लाइट से काम करता है, जो अंधेरे में भी साफ इमेज देता है. बैटरी लिथियम-आयन है, जो फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है. रिकॉर्डिंग खत्म होने पर डाटा USB या क्लाउड पर ट्रांसफर होता है. रेलवे में ये कैमरे सुरक्षित सॉफ्टवेयर से कनेक्टेड हैं, जहां अधिकारी रिव्यू कर सकते हैं. अगर कोई विवाद हो, तो रिकॉर्डिंग कोर्ट में सबूत बन सकती है.

TTE कैसे ऑपरेट करेंगे बॉडी वॉर्न कैमरा?
ट्रेनिंग में TTE को स्टेप-बाय-स्टेप सिखाया गया. सबसे पहले कैमरा चार्ज करें और वर्दी पर क्लिप करें. ऑन करने के बाद LED इंडिकेटर चेक करें. रिकॉर्डिंग शुरू करने के लिए बटन दबाएं – ये मैनुअल या ऑटो हो सकता है. विवाद में कैमरा हमेशा ऑन रखें. बैटरी लेवल मॉनिटर करें और शिफ्ट खत्म होने पर डाटा डाउनलोड करें. ट्रेनिंग में वीडियो दिखाए गए, जहां TTE ने प्रैक्टिस की. अगर कैमरा डैमेज हो, तो तुरंत रिपोर्ट करें. ये आसान है, जैसे स्मार्टफोन यूज करना.

CG: बिना अनुमति अवकाश पर गए अधिकारी-कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश…

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कलेक्टर अजीत वसंत ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अवकाश में जाने से पूर्व अनिवार्य रूप से अनुमति लें।

अंबिकापुर में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा और आगामी मैनपाट महोत्सव की तैयारियों को लेकर सोमवार को जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर अजीत वसंत ने की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अवकाश में जाने से पूर्व अनिवार्य रूप से अनुमति लें। बिना सूचना के अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा कि समय-सीमा बैठक में आने से पहले सभी विभाग अद्यतन जानकारी के साथ उपस्थित हों और पूर्व में दिए गए निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट भी उपलब्ध कराएं। बैठक में अपार आईडी के अंतर्गत बच्चों की शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि अपार आईडी के लिए जन्म प्रमाण पत्र आवश्यक है, इसलिए शिक्षा विभाग सर्वे कर ऐसे बच्चों की सूची तैयार करे जिनका जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना है और उसे संबंधित एसडीएम को उपलब्ध कराए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, नगर निगम आयुक्त डीएन कश्यप सहित सभी एसडीएम एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

मैनपाट महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में मैनपाट महोत्सव 2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बताया कि महोत्सव के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आगमन प्रस्तावित है, इसलिए सभी तैयारियां गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय पर पूरी की जाएं। विभागों को लोकार्पण-भूमिपूजन, स्टॉल व्यवस्था और हितग्राही सामग्री वितरण की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

13 से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी, बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर सहित कई नामी कलाकार प्रस्तुति देंगे। साथ ही एडवेंचर गेम्स, बोटिंग, झूले, भव्य मेला और दंगल जैसे आकर्षण भी होंगे। लंबे समय बाद इस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है, जिसके लिए शासन द्वारा 10 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश

सरगुजा जिले में समर्थन मूल्य पर बढ़ी हुई दो दिन की तिथि में भी धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपार्जन केंद्रों से धान उठाव की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर वसंत ने 28 फरवरी तक उठाव कार्य पूर्ण कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने भौतिक सत्यापन का कार्य गंभीरता से कराने पर जोर दिया।