Iran Vs America War: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों पर हुए हमले ने भारत समेत पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इस संवेदनशील मुद्दे पर जब व्हाइट हाउस में सवाल पूछा गया, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने न केवल सवाल को नजरअंदाज किया, बल्कि महिला पत्रकार को कमरे से बाहर जाने तक कह दिया। यह घटना दिखाती है कि खाड़ी क्षेत्र में हालात कितने गंभीर और अनिश्चित बने हुए हैं।
भारतीय जहाजों पर हमले के बाद माहौल तनावपूर्ण
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान द्वारा दो भारतीय जहाजों को निशाना बनाना एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय घटना है। भारत ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे समुद्री सुरक्षा का उल्लंघन बताया है। चूंकि यह रास्ता वैश्विक तेल व्यापार के लिए जीवनरेखा माना जाता है, इसलिए भारतीय टैंकरों पर हमले से व्यापारिक जगत में भी हड़कंप मच गया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि अपने जहाजों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वह हर जरूरी कदम उठाएगा।
पत्रकार को ट्रंप ने कहा- OUT
सीबीएस न्यूज की व्हाइट हाउस रिपोर्टर ओलिविया रिनाल्डी ने जब इस हमले और अमेरिका के रुख पर सवाल पूछा, तो ट्रंप भड़क गए। उन्होंने ओलिविया को तुरंत बाहर जाने (OUT) का आदेश दे दिया। ओलिविया रिनाल्डी एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्होंने 2024 के चुनाव अभियान को भी कवर किया है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद ट्रंप के रवैये की आलोचना हो रही है, इसे प्रेस की आजादी पर प्रहार माना जा रहा है।
ईरान को ट्रंप की ‘आर या पार’ की चेतावनी
इस तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है, जो स्वीकार्य नहीं है। ट्रंप का कहना है कि वे अभी भी शांति समझौता चाहते हैं, लेकिन यह उनकी शर्तों पर होगा। उन्होंने साफ किया कि या तो ईरान प्यार से समझौते की मेज पर आए, वरना अमेरिका दबाव बनाकर इसे लागू करवाएगा। ट्रंप के इस रुख से युद्ध की आहट और तेज हो गई है।
पुलों और पावर प्लांटों पर हमले की धमकी
ट्रंप ने केवल जुबानी चेतावनी ही नहीं दी, बल्कि ईरान के बुनियादी ढांचे को तबाह करने का इशारा भी किया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अमेरिका का प्रस्तावित समझौता नहीं माना, तो अमेरिकी सेना ईरान के पुलों और पावर प्लांटों जैसे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकती है। इमरजेंसी सिचुएशन रूम में बुलाई गई बैठक इस बात का संकेत है कि अमेरिकी प्रशासन अब किसी भी बड़े सैन्य विकल्प पर विचार करने से पीछे नहीं हटेगा।



