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केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने 2% और बढ़ाया महंगाई भत्ता, अब सैलरी में आएगा बड़ा उछाल’

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देश के एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स इंतजार शनिवार यानी 18 अप्रैल को खत्म हो गया है. सूत्रों के अनुसार कैबिनेट ने शनिवार को केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है.

जिसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशन 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो जाएगी. केंद्रीय कर्मचारी काफी दिनों से महंगाई भत्ते का इंतजार कर रहे थे. जनवरी से लागू होने वाले इस भत्ते का इंतजार मार्च की शुरूआत से ही हो रहा था. सरकार अमूमन जनवरी में होने वाली बढ़ोतरी का ऐलान मार्च में कर देती है. लेकिन इस बाजार आधा अप्रैल बीत जाने के बाद ही हुआ है.

8वें वेतन आयोग में ये मांग

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कर्मचारी संगठन प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी स्ट्रक्चर में में बड़े बदलावों की मांग कर रहे हैं. अपने ज्ञापन में, राष्ट्रीय परिषद-संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (NC-JCM) ने 3.83 के उच्च फ़िटमेंट फ़ैक्टर की मांग की है, जिससे न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 69,000 रुपये हो सकता है. इसने सैलरी कैलकुलेशन के लिए “परिवार” की परिभाषा का विस्तार करने का भी प्रस्ताव दिया है, ताकि इसमें आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जा सके. साथ ही, वेतन असमानता पर एक सीमा तय करने और उच्च वेतन वृद्धि व महंगाई से जुड़े भत्ते देने का भी सुझाव दिया है.

दो बार होता है इजाफा

सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी के महंगाई भत्ते में दो बार जनवरी और जुलाई के महीने में इजाफा करता है. इन बदलावों का मकसद महंगाई के असर को कम करना और कर्मचारियों व पेंशनर्स की खरीदने की क्षमता और जीवन स्तर को बनाए रखने में मदद करना है. महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को दिया जाने वाला एक ‘कॉस्ट ऑफ लिविंग एडजस्टमेंट’ है, जिसकी गणना मूल वेतन के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में की जाती है, ताकि महंगाई के असर को संतुलित किया जा सके.

सॉवरेन मैरीटाइम फंड को मंजूरी

इस बीच, यह भी बताया जा रहा है कि कैबिनेट ने 13,000 करोड़ रुपए के फंड के साथ एक ‘सॉवरेन मैरीटाइम फंड’ को भी मंजूरी दी है, ताकि भारतीय ध्वज वाले, भारत आने वाले और भारत से जाने वाले जहाजों को स्थिर और किफायती इंश्योरेंस सिक्योरिटी दी जा सके. यह भी पता चला है कि कैबिनेट ने ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ (PMGSY) को 2028 तक बढ़ा दिया है, जिसके लिए 3,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त आवंटन किया गया है.

भाजपा-आरएसएस को तमिल भाषा या संस्कृति को नुकसान पहुंचाने नहीं देंगेः राहुल गांधी…

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी दौरे पर पहुंचे हैं। तिरुवल्लूर जिले में स्थित पोननेरी में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

इस दौरान मंच से कहा कि भाजपा और आरएसएस को तमिल भाषा या संस्कृति को नुकसान पहुंचाने नहीं देंगे।

राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “जैसा कि कल संसद में हुआ, वे (केंद्र सरकार) एक नया बिल लेकर आए। उन्होंने कहा कि वे महिलाओं से जुड़ा एक बिल पास करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वे 2023 में ही महिला आरक्षण से जुड़ा बिल पास कर चुके थे। इसलिए, कल महिलाओं वाले बिल की आड़ में परिसीमन छिपा हुआ था। उनकी योजना संसद में तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व को कम करना थी। दक्षिणी राज्यों और छोटे राज्यों की ताकत को कमजोर करना और पूर्वोत्तर राज्यों की ताकत को कमजोर करना था। कल हमने संसद भवन में उस बिल को हरा दिया।”

राहुल गांधी ने कहा, हमने भारत के उस विचार की रक्षा के लिए इस बिल का विरोध किया और इसे हराया, जो हमारे संविधान में निहित है। भारत, यानी भारतवर्ष, राज्यों का एक संघ है, जहां हर राज्य की अपनी एक आवाज होनी चाहिए। हर राज्य को अपनी बात कहने, अपनी भाषा को सहेजने और अपनी परंपराओं की रक्षा करने का अधिकार है। जब प्रधानमंत्री मोदी “एक राष्ट्र, एक नेता, एक भाषा, एक जन” की बात करते हैं, तो वे भारत के संविधान पर हमला करते हैं।”

राहुल गांधी ने कहा, “तमिलनाडु आना मेरे लिए हमेशा ही गर्व की बात रही है। पिछले कुछ सालों में यहां के लोगों के साथ मेरा एक गहरा रिश्ता बन गया है। तमिलनाडु मेरे दिल में एक बहुत ही खास जगह रखता है। जब मैं देखता हूं कि आरएसएस और भाजपा इस राज्य पर, यहां के लोगों पर, यहां की संस्कृति पर और यहां की भाषा पर हमला करते हैं, तो मुझे बहुत गुस्सा आता है। वे लोग तमिल भाषा और संस्कृति पर हमला करना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे।”

राहुल गांधी ने आगे कहा, “सच तो यह है कि ये लोग न तो तमिल लोगों की भावनाओं को समझते हैं और न ही यह समझते हैं कि तमिल भाषा उनके लिए कितनी मायने रखती है। वे यह समझने में नाकाम रहते हैं कि तमिल सभ्यता की विरासत हज़ारों साल पुरानी है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता। भाजपा तो बस तमिलनाडु में एक ऐसा साथी चाहती है, जो उन्हें दिल्ली से बैठकर इस राज्य पर राज करने दे। वे एक ऐसा मुख्यमंत्री चाहते हैं जो अमित शाह और नरेंद्र मोदी के आदेशों का पालन करे, और एक ऐसी नेतृत्व-व्यवस्था चाहते हैं जो राज्य को उनकी शर्तों पर चलाए।”

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तमिलनाडु की जनता को यह समझना होगा कि भाजपा और आरएसएस मूल रूप से तमिल-विरोधी हैं। कल हमने जिस योजना को रोका था, उसका मकसद संसद में आपकी आवाज को कमजोर करना था। हम एक स्पष्ट वादा करते हैं कि भाजपा और आरएसएस को तमिल भाषा या संस्कृति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति कभी नहीं देंगे।

Gold Rate Today: अक्षय तृतीया से पहले सोने के दाम में बड़ा धमाका! ₹7000 सस्ता, खरीदने से पहले जरूर देखें नए रेट’

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Gold Rate Today 18 April 2026: अगर आप इस अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। 19 अप्रैल को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व से ठीक पहले भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है।

ईरान-अमेरिका युद्ध में थोड़ी नरमी और वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली के चलते सोने के भाव अपने ऑल-टाइम हाई से करीब ₹25,000 तक टूट चुके हैं।

भारत बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 24 कैरेट सोना आज करीब ₹1,451 प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है और इसका भाव करीब ₹1.52 लाख के आसपास आ गया है। खास बात यह है कि पिछले 49 दिनों में सोना लगभग ₹7,400 तक सस्ता हो चुका है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत गिरकर ₹1,54,340 प्रति 10 ग्राम पर आ गई है।

ऑल टाइम हाई से कितना सस्ता हुआ सोना? (Gold All Time High)

ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच उपजे तनाव में थोड़ी नरमी और वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली के चलते सोने के भाव अपने ऑल-टाइम हाई से करीब ₹25,000 तक टूट चुके हैं।

इस साल जनवरी में सोना ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। अब यह करीब ₹1.51 लाख के आसपास आ गया है। यानी अपने ऑल टाइम हाई से करीब ₹25,000 तक सस्ता हो चुका है।

Gold Price In India Major Cities Today: बड़े शहरों में आज का सोने के भाव

शहर 24 कैरेट (₹/10g 22 कैरेट (₹/10g 18 कैरेट (₹/10g)

  • दिल्ली 1,54,340 1,41,490 1,15,610
  • मुंबई 1,54,190 1,41,340 1,15,450
  • अहमदाबाद 1,54,240 1,41,390 1,15,500
  • चेन्नई 1,55,010 1,42,090 1,16,200
  • कोलकाता 1,54,190 1,41,340 1,15,450
  • हैदराबाद 1,54,190 1,41,340 1,15,450

चांदी भी सस्ती, 49 दिनों में बड़ा गिरावट (Silver Price Update)

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। 18 अप्रैल को चांदी का भाव करीब ₹2,64,900 प्रति किलो पर आ गया है। पिछले 49 दिनों में चांदी लगभग ₹16,700 तक सस्ती हो चुकी है। अगर लंबी अवधि देखें तो चांदी अपने ऑल टाइम हाई ₹3.86 लाख से गिरकर करीब ₹2.48 लाख प्रति किलो तक आ चुकी है।

अक्षय तृतीया से पहले क्यों गिरे दाम?

इस गिरावट के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर्स काम कर रहे हैं। अमेरिका-ईरान तनाव में थोड़ी नरमी और इजरायल-लेबनान के बीच सीजफायर की खबरों से बाजार में अनिश्चितता कम हुई है। जब वैश्विक तनाव घटता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश जैसे सोने से पैसा निकालने लगते हैं, जिससे कीमतों में गिरावट आती है।

इसके अलावा मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग भी एक बड़ा कारण है, क्योंकि साल की शुरुआत में सोने ने जबरदस्त तेजी दिखाई थी।

कैसे तय होते हैं भारत में सोना-चांदी के दाम? (How Gold Prices are Determined)

भारत में सोने और चांदी की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करती हैं। लंदन बुलियन मार्केट और न्यूयॉर्क के कॉमेक्स (COMEX) जैसे वैश्विक बाजारों में सोने की डिमांड और सप्लाई इसकी कीमत तय करती है।

इसके अलावा, भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना आयात करता है, इसलिए ‘इंपोर्ट ड्यूटी’ (आयात शुल्क) और डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती या कमजोरी भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करती है। स्थानीय स्तर पर, ‘इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन’ (IBJA) और स्थानीय सर्राफा संघ हर शहर के लिए मेकिंग चार्ज और टैक्स के आधार पर भाव जारी करते हैं।

  1. सोने की शुद्धता की पहचान कैसे करें?

हमेशा ‘हॉलमार्क’ (Hallmark) देखकर ही सोना खरीदें। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) का लोगो शुद्धता की गारंटी होता है।

  1. 22 और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?

24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है और बहुत नरम होता है, इसलिए इससे गहने नहीं बनते। 22 कैरेट सोने में 91.6% सोना होता है और बाकी तांबा या जस्ता मिलाया जाता है ताकि गहने मजबूत बन सकें।

  1. क्या अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना अभी सही है?

कीमतें अपने ऑल-टाइम हाई से काफी नीचे आ गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मध्यम से लंबी अवधि के निवेश के लिए यह एक अच्छा अवसर हो सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र को संबोधन, महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष की आलोचना…

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प्रधानमंत्री का संबोधन

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को रात 8:30 बजे देशवासियों को संबोधित करेंगे। यह घोषणा उस समय हुई है जब लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के असफल होने के एक दिन बाद विपक्ष की एकजुटता देखी गई। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने मंत्रिमंडल की बैठक में विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने इस विधेयक का विरोध करके ‘बड़ी गलती’ की है, जिसका उन्हें गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश की महिलाएं इस विधेयक को गिराने के लिए विपक्ष को कभी माफ नहीं करेंगी।

महिला आरक्षण विधेयक का हाल

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, जो महिला आरक्षण से संबंधित था, को पारित करने के लिए सदन में दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की आवश्यकता थी। हालांकि, इस विधेयक को केवल 298 सदस्यों का समर्थन मिला, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। विधेयक के विफल होने के बाद, सरकार ने परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर मतदान नहीं कराया, यह कहते हुए कि ये केवल पहले विधेयक से संबंधित हैं।

महिलाओं के लिए आरक्षण का मुद्दा

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को पारित नहीं हो सका। इस विधेयक पर हुए मत विभाजन में 298 वोट इसके पक्ष में और 230 वोट इसके विरोध में पड़े। किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।

अन्य विधेयकों की स्थिति

सरकार ने इस विधेयक के साथ ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी चर्चा के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इन दोनों विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।

होर्मुज बंद कर दुनिया को झटका: ईरान का आरोप- अमेरिका ने समझौता तोड़ा, ट्रम्प बोले- किसी भी कीमत पर यूरेनियम लेंगे’

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ईरान ने एक बार फिर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। ईरान ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि वह इस जलडमरूमध्य को फिर से खोल देगा; हालाँकि, अब इस समुद्री मार्ग पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।

ईरान का आरोप है कि संयुक्त राज्य अमेरिका संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन कर रहा है; परिणामस्वरूप, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होने वाली जहाजों की सभी आवाजाही अब पूरी तरह से सैन्य नियंत्रण में रहेगी।

ईरान ने एक स्पष्ट चेतावनी जारी की है: वह जहाजों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तब तक गुजरने की अनुमति नहीं देगा जब तक कि संयुक्त राज्य अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगाए गए मौजूदा नाकाबंदी को हटा नहीं लेता।

दरअसल, संयुक्त राज्य अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर लगी नाकाबंदी को हटाने से इनकार कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ये उपाय तब तक लागू रहेंगे जब तक ईरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुँच जाता। ट्रंप ने यह भी जोर देकर कहा कि, किसी भी परिस्थिति में, अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान के पास मौजूद समृद्ध यूरेनियम के भंडार को सुरक्षित कर लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कूटनीतिक बातचीत के माध्यम से कोई समाधान नहीं निकल पाता है, तो इस उद्देश्य को और भी अधिक ज़ोरदार तरीकों से प्राप्त किया जा सकता है।

पिछले 24 घंटों के 5 प्रमुख अपडेट…

फिर से बातचीत: संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान का प्रतिनिधित्व करने वाली टीमें सोमवार को पाकिस्तान में बातचीत फिर से शुरू कर सकती हैं। हालाँकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर इस घटनाक्रम की पुष्टि नहीं की है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खुला: ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की घोषणा की थी, और साथ ही यह आरोप भी लगाया था कि संयुक्त राज्य अमेरिका संघर्ष विराम समझौते का ठीक से पालन करने में विफल रहा है।

ईरान की धमकी: ईरान ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका की नाकाबंदी जारी रहती है तो होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा। ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा किए गए कई दावों का भी खंडन किया।

अमेरिका की नाकाबंदी जारी: ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ समझौते की राह में अब कोई बड़ी बाधा नहीं है; फिर भी, नौसैनिक नाकाबंदी तब तक बनी रहेगी जब तक सौदा पूरी तरह से अंतिम रूप नहीं ले लेता।

घर वापसी: इज़राइल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम लागू होने के बाद, लेबनान में हजारों लोगों ने अपने घरों को लौटना शुरू कर दिया है।

ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आवाजाही रोक दी

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर कड़ा नियंत्रण लागू कर दिया है, जिससे जलडमरूमध्य से जहाजों की सभी आवाजाही प्रभावी रूप से रुक गई है। ईरान का कहना है कि यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक संयुक्त राज्य अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगाई गई नाकाबंदी को हटा नहीं लेता। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने एक बयान जारी कर घोषणा की है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य अब पूरी तरह से उसके सशस्त्र बलों के नियंत्रण में है और इसका प्रबंधन पूरी सख़्ती से किया जा रहा है। इससे पहले, ईरान ने संकेत दिया था कि वह इस मार्ग को फिर से खोल सकता है; हालाँकि, अमेरिका के रुख़ के बाद उसने अपना फ़ैसला बदल दिया।

विशेष रूप से, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह साफ़ कर दिया था कि यह नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हो जाता-एक ऐसा समझौता जिसमें उसके परमाणु कार्यक्रम को भी शामिल किया जाए। इसके जवाब में, ईरान ने कड़ा रुख़ अपनाया और जलडमरूमध्य से होने वाले आवागमन को रोकने का फ़ैसला किया।

CG” दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े’

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51 महिलाओं को मिला लघु उद्योग का व्यावहारिक ज्ञान’

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल और मार्गदर्शन में संचालित “दिशा दर्शन भ्रमण” योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी रूप से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले की लगभग 51 महिलाएं, जो विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों से जुड़ी हैं, अध्ययन भ्रमण के तहत रायपुर पहुंचीं।

भ्रमण के दौरान महिलाओं ने रायपुर-खरोरा स्थित सोया प्रोसेसिंग प्लांट का अवलोकन कर उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं विपणन की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझा। प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाओं में स्वरोजगार के प्रति नया आत्मविश्वास जागृत हुआ और उन्होंने अपने क्षेत्रों में छोटे स्तर पर प्लांट स्थापित कर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की।

इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े स्वयं प्लांट परिसर में उपस्थित रहीं और महिलाओं से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस प्रकार के भ्रमण कार्यक्रम उन्हें व्यवहारिक अनुभव प्रदान करते हैं, जो उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इच्छुक महिला स्व सहायता समूहों को सोया प्रोसेसिंग जैसे लघु उद्योग स्थापित करने हेतु हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की भूमिका निभाते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि दिशा दर्शन भ्रमण योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को ज्ञान, कौशल और अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त रूप से अग्रसर कर रही है।

CG” उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने महिला थाना का किया लोकार्पण’

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उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने महिला थाना का किया लोकार्पण’

उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने शुक्रवार को कोरबा स्थित सिविल लाइन थाना परिसर में कोरबा जिले के प्रथम महिला थाना का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह थाना जिले का पहला महिला थाना होगा, जो न केवल महिलाओं के प्रति अपराधों की रोकथाम में सहायक होगा, बल्कि उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान भी सुनिश्चित करेगा। मंत्री श्री देवांगन ने थाना का शुभारंभ करने के बाद निरीक्षक भावना खांडेकर को थाना प्रभारी का विधिवत पदभार ग्रहण कराया। इस थाने में थाना प्रभारी सहित बलों की पदस्थापना की गई है।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह महिला थाना महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। इस महिला थाना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एक सुरक्षित स्थान मिल सके। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने विभिन्न परीक्षाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले इस परिवार के बच्चों को सम्मानित किया। थाना परिसर में एक वाटर कूलर की स्थापना की भी घोषणा की। साथ ही गर्मी में लगने वाले आमतौर पर आग से बचाव के उपाय हेतु पाम्पलेट का भी विमोचन किया।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री पवन सिंह, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, श्रीमती प्रीति स्वर्णकार, पार्षद श्री अशोक चावलानी, पार्षद श्री चंद्रलोक सिंह, श्री योगेश जैन सहित अन्य विशिष्ट जल अधिक संख्या में उपस्थित रहे।

CG” आवारा श्वान के नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में स्थापित होगा ऐनीमल बर्थ कन्ट्रोल सेन्टर: मंत्री श्री रामविचार नेताम’

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अब जनजातीय क्षेत्रों के सभी महिला हितग्राहियों को मिलेगा दुधारू गाय, आय में होगी वृद्धि’

घुमंतू गौ-वंशीय पशुओं के संरक्षण एवं सर्वधन के लिए तेजी के साथ गौधाम निर्माण के निर्देश’

जलवायु के अनुकूल पशुओं के संवर्धन के लिए भारतीय नस्ल और कृत्रिम’

गर्भाधान को दिया जाए बढ़ावा’

पशुधन मंत्री श्री नेताम ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा’

पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि “पशु जन नियंत्रण (श्वान)” के तहत आवारा श्वानों के नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में नगरीय निकायों के सहयोग से एनीमल बर्थ कन्ट्रोल सेन्टर स्थापित किया जायेगा। इन सेन्टरों में श्वान जन्म को नियंत्रित करने नसबंदी अभियान चलाया जायेगा, वही श्वान के काटने से होने वाले रैबीज बीमारी को रोकने श्वानों का टीकाकरण भी किया जायेगा। मंत्री श्री नेताम ने उक्त बातें मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।

पशुधन मंत्री श्री नेताम नें बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जनजातीय क्षेत्रों के सभी महिला हितग्राहियों को दुधारू गाय दिया जायेगा इससे आय में वृद्धि होगी और महिलाएं आर्थिक रूप सशक्त होंगे। उन्होंने बताया कि मीठा और पौष्टिक आहार के साथ-साथ नियमित रूप से आय का साधन उपलब्ध कराने तथा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहले हमारी सरकार दुधारू गाय वितरण की योजना बस्तर क्षेत्र के जनजातीय महिलाओं के लिए प्रारंभ किया था। अब इसे विस्तार करते हुए राज्य में जनजातीय क्षेत्रों के सभी वर्गों के महिला हितग्राहियांे को दुधारू गाय दिया जायेगा। इसके लिए राज्य सरकार एनडीडीबी से समझौता किया हुआ है। उन्होंने इस योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

मंत्री श्री नेताम ने बैठक में कहा कि प्रदेश के जलवायु के अनुकुल भारतीय नस्ल के अलग-अलग किस्मों के गायों का वितरण किया जाना सुनिश्चित हो ताकि गौ-वंशी पशुओं के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी वृद्धि हो सके। हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली पशु-पक्षियों को जरूरतमंद हितग्राहियों को चयन कर लाभान्वित भी किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पशुओं में होने वाले विभिन्न संक्रमण रोगों के नियंत्रण के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाए जिससे आकस्मिक होने वाले पशुधन हानि को रोका जा सके।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गौधाम योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य प्रमुख मार्गों  में  विचरण करने वाले  घुमंतू  गौ-वंशीय पशुओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पशुओं को गौधामों में व्यवस्थापित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 36 गौधाम स्वीकृत कर 32 गौधाम पंजीकृत हो चुके है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पशु संवर्धन कार्यक्रम कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोंत्पादन का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। कृत्रिम गर्भाधान का क्षेत्र विस्तार हेतु परिवहन आदि का भी सुचारू व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं। वहीं राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स शॉर्टेज सीमेंन से कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2026-27 में इसके लिए हितग्राही अंशदान में छूट दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

मंत्री श्री नेताम ने कहा कि पशु दुर्घटना को रोकने तेजी के साथ गौधाम स्थापित कर वहां गौ-वंशों को व्यवस्थापित तथा कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती सहला निगार, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं श्री चंद्रकांत वर्मा, कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थें।

CG” विकास कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का होगा विस्तार – विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह’

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– विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 9 करोड़ 78 लाख रूपए की लागत के 154 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन
– 15 स्थानों पर वर्चुअल जुड़कर 59 ग्राम पंचायतों को दी विकास कार्यों की सौगात

राजनांदगांव” विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज रायपुर स्थित विधानसभा निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के 15 विभिन्न स्थानों पर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर उन्होंने 59 ग्राम पंचायतों में 9 करोड़ 78 लाख 20 हजार रूपए की लागत से 154 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह ग्राम पंचायत रानीतराई में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि एक साथ कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की शुरूआत होना क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं ग्रामीणजनों को बधाई देते हुए कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में शासन द्वारा ग्रामीण विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी शीघ्र ही सभी ग्रामों का दौरा कर विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन करेंगे तथा नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने बताया कि ग्राम अचानकपुर-भाटापारा, नवागांव एवं गठुला में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों का लोकार्पण किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, डिजिटल सेवाएं एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीणों को शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

उन्होंने बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढऩे से लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना पोर्टल पर डिजिटल जनगणना प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहयोग करें, ताकि कोई भी व्यक्ति जनगणना से वंचित न रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा प्रारंभ किए जा रहे सुशासन तिहार 2026 अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि 1 मई से 10 जून 2026 तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित कर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा।

इन शिविरों में राजस्व प्रकरण, नामांतरण, सीमांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, मनरेगा भुगतान, विद्युत एवं पेयजल संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न योजनाओं के लंबित मामलों का मौके पर समाधान किया जाएगा।

पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के पंचायतों में लगभग 10 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने सड़कों के निर्माण, पेयजल समस्या के समाधान और हर घर नल से जल पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील किया कि वर्षा जल संचयन और भू-जल रिचार्ज के लिए सामूहिक प्रयास करें, ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इस योजना से गरीब परिवारों के पक्के घर बनाने का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में किसानों की सुविधा के लिए नए धान खरीदी केंद्र और सहकारी समितियां खोली गई हैं, जिससे कृषि कार्यों में सुविधा बढ़ी है। साथ ही अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार 2026 के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित कर राजस्व, बिजली, प्रमाण पत्र एवं अन्य लंबित मामलों के त्वरित निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 का कार्य शुरू होने वाला है। उन्होंने जनगणना कार्य में सभी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए सभी का सहभागी बनना आवश्यक है। कार्यक्रम को ग्राम पंचायत रानीतराई सरपंच श्रीमती चमेली साहू, ग्राम पंचायत उसरीबोर्ड सरपंच श्रीमती मनीषा साहू, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत भर्रेगांव से महापौर श्री मधुसूदन यादव, ग्राम पंचायत सुकुलदैहान से अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, ग्राम पंचायत फुलझर से अध्यक्ष श्रम कल्याण बोर्ड श्री योगेश दत्त मिश्रा, ग्राम पंचायत जंगलेसर से अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चन्द्राकर, ग्राम पंचायत ठाकुरटोला से श्री खूबचंद पारख, ग्राम पंचायत डीलापहरी से अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मार्यादित राजनांदगांव श्री सचिन बघेल,  ग्राम पंचायत टेड़ेसरा से विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष अग्रवाल, ग्राम पंचायत सिंघोला से सभापति जिला पंचायत श्रीमती देवकुमारी साहू एवं सदस्य जनपद पंचायत श्रीमती खुशबू साहू, ग्राम पंचायत खुटेरी से पूर्व अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्री रमेश पटेल एवं जनपद सदस्य श्री दुर्गेश साहू,  ग्राम पंचायत फरहद से श्री विवेक साहू एवं जनपद सदस्य श्रीमती पुष्पा उईके, ग्राम पंचायत अचानकपुर भांठापारा से श्री कोमल सिंह राजपूत एवं सदस्य जनपद पंचायत श्रीमती पूर्णिमा साहू, ग्राम पंचायत भोथीपार खुर्द से श्री सौरभ कोठारी एवं श्री डिकेश साहू, ग्राम पंचायत मनकी से श्रीमती पुष्पा गायकवाड़ एवं श्री रमेश चंद्राकर, ग्राम पंचायत सुरगी से श्री लीलाधर साहू एवं आनंद साहू, सदस्य जनपद पंचायत श्री राजेन्द्र ठाकुर, श्री विरेन्द्र साव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा: रूस और ईरान से तेल छूट समाप्त, नए स्रोतों की तलाश’

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भारत की ऊर्जा सुरक्षा की नई चुनौती

रूस और ईरान से मिली छूट का अंत; भारत का अगला कदम क्या होगा?

भारत के सामने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक नई चुनौती उत्पन्न हो गई है, क्योंकि अमेरिका ने रूस और ईरान से तेल खरीद पर दी गई अस्थायी छूट को समाप्त कर दिया है।

यह छूट मुख्य रूप से ओमान की खाड़ी में वैश्विक आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण दी गई थी।

प्रतिबंधों की समयसीमा

अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के अनुसार, तेल आयात के लिए लागू ‘जनरल लाइसेंस’ अब समाप्त हो रहे हैं। रूस से तेल आयात पर जो छूट 11 अप्रैल 2026 को समाप्त हुई, वहीं ईरान के तेल कार्गो के लिए दी गई छूट 19 अप्रैल 2026 को खत्म होगी। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि इन छूटों को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, क्योंकि इनका उद्देश्य केवल संकट के समय फंसे हुए तेल की निकासी करना था।

भारत के लिए नए तेल स्रोत

रूस और ईरान पर बढ़ते दबाव के चलते, भारत अब 40 से अधिक देशों से तेल खरीदने की योजना बना रहा है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, भारत गुयाना, ब्राजील, कोलंबिया और इक्वाडोर जैसे देशों से अपनी आपूर्ति बढ़ा रहा है, विशेष रूप से गुयाना से रिकॉर्ड स्तर पर खरीददारी कर रहा है। अमेरिका भी भारत के लिए शेल तेल का एक प्रमुख और विश्वसनीय सप्लायर बना रहेगा। इसके अलावा, भारत ने मध्य-पूर्व देशों पर निर्भरता कम करने के लिए नाइजीरिया और अंगोला जैसे पश्चिम अफ्रीकी देशों से तेल आयात बढ़ाने का निर्णय लिया है। पारंपरिक सप्लायर्स में इराक, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं, हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प पर चर्चा जारी है।

अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि रूसी और ईरानी तेल की कमी से भारतीय रिफाइनरियों के मार्जिन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे महंगाई में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, भारत सरकार का दावा है कि वर्तमान में देश के पास कम से कम आठ हफ्तों का पर्याप्त तेल स्टॉक उपलब्ध है और वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूरी तरह से सक्रिय हैं।