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भारत की नागर और द्रविड़ शैली के मंदिर का रहस्य! जानें इनके बीच का अंतर और इतिहास?

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भारत की आध्यात्मिक आत्मा हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों से लेकर तमिलनाडु के तपते मैदानों तक फैले हजारों मंदिरों में वास्तुकला के जरिए प्रकट होती है.

हालांकि ये मंदिर अनुष्ठान, भक्ति और आध्यात्मिक सामंजस्य की समान भावना की पूर्ति करते हैं, फिर भी इन्हें दो बेहद अलग-अलग शैलियों के अनुरूप बनाया गया है.

उत्तर भारत की नागर और दक्षिण भारत की द्रविड़ शैली एक-दूसरे के डिजाइन से बेहद अलग है. ये इतिहास, संस्कृति, जलवायु और वैश्विक नजरिए से गहरी विविधता को दर्शाते हैं. आइए जानते हैं कि इन दोनों ही भारतीय मंदिर के वास्तुकला में क्या अंतर है?

भगवान जगन्नाथ स्वामी का मंदिर अन्य विष्णु मंदिर से अलग क्यों हैं? जानिए इसके पीछे का रहस्य?

उत्तर भारत के मंदिर नागर शैली पर आधारित

उत्तर भारत में नागर शैली की उत्पत्ति गुप्त काल (करीब 5वीं शताब्दी ईस्वी) में हुई, जिसे भारतीय कला और साहित्य का गोल्डन युग कहा जाता है. यह शैली विशेष रूप से उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों में खूब फली-फूली.

नागर मंदिर की खास बात उनका घुमावदार शिखर है, जो गर्भगृह के ऊपर तीव्र रूप से ऊपर की उठा रहता है. यह ऊर्ध्वाधर, ऊंचे आकार को भक्त की दृष्टि और आत्मा को ऊपर की ओर आकर्षित करने के लिए बनाया गया था, जो सांसारिक मोक्ष का प्रतीक है.

गर्भगृह आमतौर पर अंधेरा और ध्यानमग्न वाला होता है, जो आध्यात्मिक अंतर्मुखता के लिए स्थान प्रदान करता है.

नागर मंदिर आमतौर पर छोटे होते हैं, जिनमें न्यूनतम चारदीवारी और द्वार होते हैं, और भव्यता की तुलना में अधिक ऊर्ध्वाधरता पर अधिक जोर दिया जाता है. कुछ सबसे प्रतिष्ठित नागर मंदिरों में खजुराहों का कंदरिया महादेव मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर और हिमालय में स्थित केदारनाथ मंदिर शामिल है.

द्रविड़ शैली दक्षिण क्षेत्रों पर आधारित

नागर शैली के विपरीत, द्रविड़ शैली का विकास पल्लव वंश के शासन काल में 6ठीं-7वीं शताब्दी ईस्वी के आसपास शुरू हुआ, लेकिन चोल, पांड्य और बाद में विजयनगर राजाओं के शासनकाल में यह शैली काफी फली-फूली. ये मंदिर दक्षिणी राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में प्रमुख है.

नागर मंदिरों के ऊंचे शिखरों के उलट, द्रविड़ मंदिरों में गर्भगृह के ठीक ऊपर बने पिरामिडानुमा मीनारें होती हैं, जिन्हें विमान कहा जाता है. लेकिन इनसे भी ज्यादा आकर्षण का केंद्र इनके विशाल गोपुरम होते हैं. ये भव्य प्रवेश द्वार मीनारें आमतौर पर गर्भगृह से भी बड़े होते हैं और देवी-देवताओं, राक्षसों, नर्तकियों और जानवारों की मूर्तियों से सजे होते हैं.

द्रवि़ड़ मंदिर एक किले की तरह निर्मित होते हैं, जिनकी ऊंची दीवारें कई संकेंद्रित प्रांगणों को आपस में घेरे रहती हैं, जो परिक्रमा, धार्मिक गतिविधियों और सामुदायिक उत्सवों को प्रोत्साहित करती हैं.

ये मंदिर कठोर ग्रेनाइट से बने होते हैं, जो आर्द्र और मानसूनी जलवायु वाले दक्षिणी क्षेत्र के लिए आदर्श हैं. प्रसिद्ध उदाहरणों में तंजावुर का वृहदीश्वर मंदिर, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर, रामेश्वरम मंदिर और हम्पी का विरुपाक्षा मंदिर शामिल हैं.

‘सत्ता हमारे लिए जनता की सेवा का माध्यम’, दिल्ली सरकार का एक साल पूरा होने पर बोलीं CM रेखा गुप्ता…

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दिल्ली में सरकार का एक साल पूरा होने पर रेखा गुप्ता सरकार का राम लीला मैदान में कार्यक्रम हो रहा है. इसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद हैं. कार्यक्रम के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सत्ता हमारे लिए सुख भोगने के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा का माध्यम है.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “8 फरवरी 2025 का दिन ऐतिहासिक था क्यो की इस दिन दिल्ली की सत्तर में से 48 सीट पर बीजेपी के विधायक जीताकर सरकार बनाने का रास्ता पूरी तरफ से साफ कर दिया. और ये राम लीला मैदान कई संघर्ष और आंदोलन का गवाह है और ये वही राम लीला मैदान है जहां अन्ना आंदोलन हुआ और इसी राम लीला मैदान में कसम खाई थी की राजनीति में नहीं जाएँगे गाड़ी घर नहीं लेंगे.”

सीएम ने ये भी कहा, “इसी राम लीला मैदान ने उन्हें सत्ता तक पहुंचाया लेकिन दिल्ली की जानता ने उतार कर दिल्ली में कमल खिला दिया. 27 साल बाद दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनी और उसी दिन से दिल्ली विश्वास का पनपना शुरू हुआ और उसी दिन से दिल्ली में हमारे 48 विधायक जनता की सेवा में जुट गए. दिल्ली की जितनी लटकी भटकी समस्याए है उनका हल किया जाए.”

उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम भी एक बड़ा कार्यक्रम है जिसमे 500 नई ई बसे जनता को समर्पित की जा रही है और 2028 तक दिल्ली में 14000 हज़ार बसे दिल्ली की सड़को पर दौड़ती नजर आये. दिल्ली की जो समस्या है पर्यावरण की उसमे भी ये बसे बहुत सहयोगी साबित होगी. हम मेट्रो का विस्तार कर रहे है और दिल्ली मेट्रो के लिए हमने पांच हजार करोड़ का बजट तय किया.

दिल्ली की सरकार और सभी मंत्रियों को और अधिक काम करने की जरूरत है. सभी क्षेत्रों में रोड, जमीन कब्जा, स्कूल, सार्वजनिक स्थानों पर पब्लिक सुविधाएं के भी रख रखाव भी निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के तहत सुधार भी होते रहना चाहिए. सड़को पर गड्ढे आए दिन किसी न किसी बहाने मौत को दावत देती हैं और खबरें सुर्खियों में…

सिंगल चार्ज में 500 KM रेंज, क्या नई Punch EV में मिलेंगे पेट्रोल वर्जन से ज्यादा फीचर्स?

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टाटा मोटर्स अपनी सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक एसयूवी Punch EV Facelift को भारतीय बाजार में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. पंच ईवी टाटा मोटर्स की सबसे किफायती इलेक्ट्रिक एसयूवी है और इसे नेक्सॉन ईवी से नीचे पोजिशन किया गया है, इसलिए यह एक बड़ी लॉन्चिंग है.

नई पंच ईवी में पेट्रोल पंच की तरह कुछ अपडेट्स मिलेंगे, लेकिन EV के लिए कुछ खास बदलाव भी होंगे. डिजाइन की बात करें तो पंच ईवी में ICE वर्जन की तुलना में अलग फ्रंट एंड और नया रियर स्टाइल देखने को मिलेगा, जो ज्यादा फ्यूचरिस्टिक होगा और मौजूदा पंच ईवी का अपडेटेड रूप होगा. इसमें बेहतर एयरोडायनामिक एफिशिएंसी के लिए ईवी-स्पेक अलॉय व्हील्स भी मिल सकते हैं.

कैसा होगा गाड़ी का डिजाइन और फीचर्स?

इंटीरियर भी नए डिजाइन के साथ आएगा, हालांकि बड़े स्क्रीन पहले की तरह बने रहेंगे. फीचर्स के तौर पर पंच ईवी में ADAS जैसे नए फीचर्स मिल सकते हैं, जो पंच ICE में नहीं हैं, साथ ही गाड़ी में 360 डिग्री कैमरा और अन्य प्रीमियम फीचर्स भी दिए जा सकते हैं. ये नए फीचर्स पंच ईवी को और ज्यादा अलग और प्रीमियम बनाएंगे.

बैटरी पैक के मामले में मौजूदा ऑप्शंस ही जारी रहने की उम्मीद है. नए लुक, अपडेटेड फीचर्स और टेक्नोलॉजी के चलते इसकी कीमत थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन इसके बावजूद पंच ईवी सबसे सुलभ इलेक्ट्रिक एसयूवी में से एक बनी रहेगी. इस कार को इसी महीने की 20 तारीख को लॉन्च किए जाने की उम्मीद है.

कितनी हो सकती है गाड़ी की रेंज?

मौजूदा Punch EV में 25 kWh और 35 kWh बैटरी ऑप्शन मिलते हैं. फेसलिफ्ट मॉडल में 35 kWh बैटरी को 40.5 kWh से बदला जा सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, नई Punch EV एक बार चार्ज करने पर करीब 500 किलोमीटर तक की रेंज दे सकती है. हालांकि कंपनी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की है.

“India Next Match: पाकिस्तान नहीं, टी20 वर्ल्ड कप में इस टीम से है भारत का अगला मैच, जानिए कब-कहां होगा ये मुकाबला”

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत टीम इंडिया ने धमाकेदार जीत के साथ की. पहले मैच में कप्तान सूर्यकुमार यादव का बल्ला जमकर बरसा, उन्होंने 49 गेंदों में 84 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. हालांकि भारत के अन्य बल्लेबाजों ने निराश किया, लेकिन वो बस एक खराब दिन था क्योंकि सभी प्लेयर्स अच्छी फॉर्म में हैं.

भारत बनाम पाकिस्तान मैच को लेकर विवाद जारी है. सूर्यकुमार यादव कंफर्म कर चुके हैं कि चाहे पाक टीम आए या नहीं, भारतीय टीम कोलंबो में मैच खेलने जाएगी.

भारतीय क्रिकेट टीम का पाकिस्तान के साथ मैच 15 फरवरी को कोलंबो में तय है. हालांकि इससे पहले सूर्यकुमार यादव एंड टीम को एक और मुकाबला भारत में खेलना है. इस मुकाबले को जीतकर भारत सुपर-8 की ओर मजबूत कदम बढ़ाएगी. जानिए ये मुकाबला कब-कहां और किस टीम के साथ है.

भारतीय क्रिकेट टीम का अगला मैच कब है?

ग्रुप स्टेज में सभी टीमों को अपने ग्रुप की प्रत्येक टीम से एक-एक मैच खेलना है. यानी ग्रुप स्टेज में प्रत्येक टीम 4-4 मैच खेलेगी. भारत का अगला मैच गुरुवार, 12 फरवरी को है.

भारत का अगला मैच किस टीम के साथ है?

भारत के साथ ग्रुप ए में पाकिस्तान, नीदरलैंड, यूएसए और नामीबिया है. टीम इंडिया का अगला मैच 12 फरवरी को नामीबिया के साथ है.

भारत बनाम नामीबिया मैच कहां पर होगा?

सूर्यकुमार यादव एंड टीम मुंबई से दिल्ली जाएगी. नामीबिया अपना पहला मैच नीदरलैंड के साथ खेलेगी. भारत बनाम नामीबिया मैच दोनों का जारी संस्करण में दूसरा मैच होगा. ये मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में होगा. मुकाबला शाम को 7 बजे से शुरू होगा.

भारतीय स्क्वॉड

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), संजू सैमसन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह.

नामीबिया स्क्वॉड

निकोल लौफ्टी, जान फ्रींलिंक, जेजे स्मिट, गेरहार्ड इरासमस (कप्तान), बर्नार्ड स्कोलट्ज, मलन क्रूगर, जेन ग्रीन (विकेटकीपर), रुबेन ट्रम्पेलमैन, लॉरेन स्टीनकैंप, बेन शिकोंगो, जैन बोल्ट, डायलन लेचर, जैक ब्रैसल, मैक्स हिन्गो, विलियम पीटर.

गेमिंग के लिए चाहिए फोन तो ये हैं शानदार ऑप्शन, कीमत भी 15,000 से कम, यहां देखें पूरी लिस्ट…

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Gaming Mobile Under 15000: अगर आपको मोबाइल गेमिंग का शौक है, लेकिन आपका बजट कम है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. आजकल मार्केट में सस्ती कीमत वाले कई शानदार फोन मौजूद हैं, जो शानदार गेमिंग का एक्सपीरियंस देते हैं.

आज हम आपके लिए ऐसे ही फोन की लिस्ट लेकर आए हैं, जिनकी कीमत 15,000 रुपये से कम है, लेकिन इनमें महंगे फोन जैसा गेमिंग एक्सपीरियंस मिलता है. आइए इन पर एक नजर डालते हैं.

​Realme P4x 6.7 इंच वाला यह फोन 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आता है. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 7400 अल्ट्रा प्रोसेसर, Mali-G615 MC2 GPU और Cortex-A55 CPU दिया गया है. लंबे पावर बैकअप के लिए यह फोन 7000mAh के बैटरी पैक के साथ आता है. अमेजन से इस फोन को 14,878 रुपये में खरीदा जा सकता है.

6.7 इंच डिस्प्ले वाले इस फोन में डायमेंसिटी 7300 प्रोसेस दिया गया है. इसका IPS LCD डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. 6500 mAh के बैटरी पैक वाले इस फोन को Cortex-A55 CPU के साथ MC2 GPU से लैस किया गया है. अमेजन पर यह फोन 14,998 रुपये में लिस्टेड है.

​Vivo T4 lite किफायती कीमत वाला वीवो का यह फोन 6.4 इंच के IPS LCD डिस्प्ले के साथ आता है, जो 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर के साथ Mali-G57 MC2 GPU और Cortex-A55 CPU दिया गया है. 6000mAh की बैटरी वाले इस फोन को अमेजन पर 11,843 रुपये में लिस्ट किया गया है.

रेडमी का इस फोन में 120Hz रिफ्रेश रेट वाला 6.67 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 2100 निट्स है. इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 7025 अल्ट्रा प्रोसेसर लगा हुआ है, जो IMG BXM-8-256 GPU और Cortex-A55 CPU के साथ आता है. ​Redmi Note 14 SE में 5110 mAh का बैटरी पैक दिया हुआ है. फ्लिपकार्ट पर इस फोन को 13,999 रुपये में लिस्ट किया गया है.

‘मुस्लिम प्रेम सिर्फ..’, RSS के कार्यक्रम में सलमान खान के पहुंचने पर संजय राउत का मोहन भागवत पर तंज…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने के अवसर पर 7 फरवरी को आयोजित सरसंघचालक मोहन भागवत के 2 दिवसीय व्याख्यान कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान पहुंचे. लेकिन सलमान खान की ये मौजूदगी पर सियासी बहस छिड़ गई है.

इस कार्यक्रम पर शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने तीखा तंज कसते हुए सीधे संघ प्रमुख से सवाल पूछे.

संजय राउत ने कहा कि क्या RSS का मंच सभी मुसलमानों के लिए खुला है या यह केवल सलमान खान जैसे बड़े अभिनेता तक ही सीमित है. उन्होंने पूछा कि क्या मुस्लिम प्रेम सिर्फ एक सेलिब्रिटी तक सिमट कर रह गया है, या संघ वास्तव में समावेश की नीति अपनाने जा रहा है.

सलमान खान को लोकप्रियता के कारण बुलाया- संजय राउत

संजय राउत ने कहा कि संघ के मंच पर सलमान खान को बुलाया जाना केवल एक प्रतीकात्मक कदम लगता है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सलमान खान को सिर्फ उनकी लोकप्रियता और भीड़ जुटाने की क्षमता के कारण आमंत्रित किया गया. राउत ने कहा कि अगर ऐसा नहीं है, तो फिर संघ को यह साफ करना चाहिए कि क्या भविष्य में मुस्लिम समाज के अन्य लोगों के लिए भी RSS की शाखाओं और मंचों के दरवाजे खोले जाएंगे.

उन्होंने कहा कि एक अभिनेता को बुलाने से सामाजिक समरसता का संदेश देना पर्याप्त नहीं है. संघ को स्पष्ट करना होगा कि यह एक स्थायी सोच का हिस्सा है या सिर्फ एक इवेंट तक सीमित प्रयोग.

संजय राउत ने यह भी बताया कि उन्हें भी इस कार्यक्रम का निमंत्रण मिला था, लेकिन पूर्व निर्धारित अन्य कार्यक्रमों के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो सके. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश में हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच जिस तरह का तनाव और विभाजन देखने को मिल रहा है, उसमें RSS की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं.

बीएमसी मेयर के बयान पर हमला

संजय राउत ने बीजेपी की नवनिर्वाचित बीएमसी मेयर रितु तावड़े के बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. रितु तावड़े ने कहा था कि उनकी पहली प्राथमिकता मुंबई से बांग्लादेशियों को बाहर निकालना होगी. इस पर राउत ने कहा कि बीजेपी नेता यह दावा कर रहे हैं कि वे मुंबई में बांग्लादेशियों को नहीं रहने देंगे, जबकि इसकी शुरुआत पहले ही बालासाहेब ठाकरे कर चुके थे. राउत ने आगे सवाल उठाया कि जब बांग्लादेश में हजारों हिंदुओं को सड़कों पर मारा जा रहा है और उनके घर जलाए जा रहे हैं, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं और इस मुद्दे पर खुलकर बयान क्यों नहीं दे रहे हैं.

डिविडेंड पाने का आखिरी मौका; 9 फरवरी से पहले खरीदें ये शेयर, मिल सकता है मोटी कमाई का मौका…

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भारतीय शेयर बाजार में इस समय कई कंपनियां अपने तिमाही नतीजों के साथ-साथ निवेशकों को डिविडेंड देने की घोषणा कर रही हैं. एनएसई और बीएसई पर लिस्टेड कुछ कंपनियों के डिविडेंड के लिए पात्र बनने का आखिरी मौका अब नजदीक आ गया है.

सोमवार, 9 फरवरी तक जिन निवेशकों के पास इन कंपनियों के शेयर होंगे. उन्हें इन कंपनियों की ओर से डिविडेंड दिया जाएगा. इस सूची में कई जानी-मानी कंपनियां शामिल हैं. जिस वजह से निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई हैं. आइए जानते हैं, ऐसे ही कुछ चुनिंदा कंपनियों के बारे में…

आरती ड्रग्स लिमिटेड

फार्मा सेक्टर की कंपनी Aarti Drugs Ltd ने अपने निवेशकों को वित्तीय वर्ष 2026 के लिए डिविडेंड देने की घोषणा की है. कंपनी ने बताया है कि वह प्रति शेयर 2 रुपये का डिविडेंड देगी. इसके लिए बोर्ड मीटिंग में 9 फरवरी का रिकॉर्ड डेट तय किया गया है.

इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के पास 9 फरवरी तक कंपनी के शेयर होंगे, वे इस डिविडेंड के हकदार होंगे. कंपनी की ओर से डिविडेंड राशि का भुगतान 30 दिनों के भीतर शेयरधारकों के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा.

सस्टेनेबल एनर्जी इंफ्रा

Sustainable Energy Infra Trust ने अपने शेयरधारकों के लिए अंतरिम डिविडेंड देने का फैसला किया है. कंपनी की बोर्ड बैठक में प्रति शेयर 2.40 रुपये के लाभांश को मंजूरी दी गई है. इसके लिए 9 फरवरी को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है. जिन निवेशकों के पास 9 फरवरी तक कंपनी के शेयर होंगे, वही इस डिविडेंड के लिए पात्र माने जाएंगे.

भारत डायनेमिक लिमिटेड

Bharat Dynamics Ltd की हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में निवेशकों को अंतरिम लाभांश देने का फैसला लिया गया है. कंपनी प्रति शेयर 4.5 रुपये का डिविडेंड देगी, जबकि प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये रखी गई है. इसके लिए 9 फरवरी को रिकॉर्ड डेट तय की गई है.

पृथ्वी एक्सचेंज

Prithvi Exchange ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने शेयरधारकों को अंतरिम डिविडेंड देने की घोषणा की है. कंपनी प्रति शेयर 15 रुपये का डिविडेंड देगी. इसके लिए 9 फरवरी को रिकॉर्ड डेट तय की गई है. यानी इस दिन तक जिन निवेशकों के पास कंपनी शेयर होंगे, उन्हें ही इसका लाभ मिलेगा.

उत्तराखंड: ‘मंत्री-विधायक अपनी सीट से.’, विधानसभा चुनाव से पहले BJP का साफ संदेश…

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उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियों को तेज कर दिया है. इसी क्रम में पार्टी की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक 14 फरवरी को देहरादून में आयोजित की जाएगी.

बैठक की अध्यक्षता बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे. पार्टी सूत्रों के अनुसार, एक-दो दिन के भीतर कोर कमेटी के सदस्यों की औपचारिक घोषणा भी कर दी जाएगी.

बीजेपी के चुनावी रोडमैप में कोर कमेटी की यह बैठक बेहद निर्णायक मानी जा रही है. विधानसभा चुनाव की दृष्टि से यह मंच रणनीति तय करने, संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन करने और आगामी अभियानों की दिशा निर्धारित करने का काम करता है. बैठक में सीटवार रणनीति, संभावित प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया, प्रचार के प्रमुख मुद्दों और संगठन की मजबूत व कमजोर कड़ियों पर विस्तार से विचार-विमर्श होगा.

जिले से लेकर बूथ स्तर तक होगी समीक्षा

बैठक के दौरान जिला, मंडल और बूथ स्तर तक संगठन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी. साथ ही यह भी आकलन किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत है और कहां संगठनात्मक सुधार की आवश्यकता है. सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे. मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने पर भी चर्चा संभावित है.

सरकार की उपलब्धियों पर भी होगी चर्चा

इसके अलावा, राष्ट्रीय और राज्य सरकार की उपलब्धियों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की रणनीति पर मंथन किया जाएगा. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने संकेत दिए हैं कि कोर कमेटी की घोषणा के तुरंत बाद जेपी नड्डा की अध्यक्षता में यह अहम बैठक आयोजित की जाएगी.

पार्टी का पहला राज्य स्तरीय सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जिसमें मिले फीडबैक के आधार पर चुनावी रणनीति को और धार दी जाएगी. महेंद्र भट्ट ने बताया कि अब दूसरे चरण का सर्वे शुरू कराया जाएगा, जबकि केंद्रीय नेतृत्व स्तर पर अलग से सर्वे किया जाना तय है. उनका कहना है कि सभी प्रयासों का अंतिम लक्ष्य विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करना है.

मंत्री विधायक अपनी सीटों से ही लड़ेंगे

इस बीच प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ कर दिया है कि विधायक और मंत्री सभी को अपनी-अपनी वर्तमान सीटों से ही चुनावी तैयारी करनी होगी. संगठन का रुख स्पष्ट है कि चुनाव से पहले किसी को भी सीट बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. भाजपा नेतृत्व ने यह संदेश समय रहते संगठन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा दिया है.

क्या भारत टैक्सी के साथ OLA, UBER और RAPIDO में कैब चला सकता है एक ड्राइवर, जानें क्या हैं नियम?

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आज के वक्त में ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विसेज ड्राइवरों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन चुकी हैं. OLA, UBER, RAPIDO के बाद अब भारत टैक्सी जैसे प्लेटफॉर्म शहरों में लगातार फैल रहे हैं.

जिससे यात्रियों को सुविधा मिल रही है. तो वहीं ड्राइवरों को मौके मिल रहे हैं. ऐसे में कई ड्राइवरों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या एक ही गाड़ी और एक ही ड्राइवर अलग अलग प्लेटफॉर्म पर साथ में काम कर सकता है.

जिससे ज्यादा बुकिंग होगी और अच्ची कमाई हो. जान लीजिए क्या ऐसा किया जा सकता है या नहीं कि एक ही ड्राइवर इन अलग-अलग कंपनी में कैब चलाए. अगर बिना जानकारी के किया यह काम तो आगे चलकर परेशानी खड़ी कर सकता है.

मल्टी प्लेटफॉर्म पर काम करने की परमिशन होती है?

देश में ज्यादातर एग्रीगेटर ड्राइवरों को एक ही ऐप तक लिमिटेड नहीं रखते. यानी ड्राइवर चाहें तो एक से ज्यादा प्लेटफॉर्म पर एक्टिव रह सकते हैं. लेकिन जिस ऐप की राइड असेप्ट करें उसी के नियमों को फाॅलो जरूरी है. दो ऐप से एक साथ राइड लेकर देरी करना या बार बार कैंसिल करना अकाउंट पर निल असर डाल सकता है.

इसलिए हर प्लेटफॉर्म की शर्तें ध्यान से समझना जरूरी है. कई शहरों में लोकल गाइडलाइंस भी लागू होती हैं. सही प्लानिंग और ऐप मैनेजमेंट के साथ मल्टी प्लेटफॉर्म काम ड्राइवर की कमाई को ज्यादा स्टेबल और फायदेमंद बना सकता है.

सही डाक्यूमेंट्स होने जरूरी

एक ही गाड़ी को कई ऐप पर चलाने के लिए वैलिड कमर्शियल परमिट, फिटनेस, बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी हैं. वाहन का रजिस्ट्रेशन कमर्शियल कैटेगरी में होना चाहिए. बीमा पॉलिसी में राइड शेयरिंग या कमर्शियल यूज कवर होना अहम है.

दस्तावेज अपडेट न हों तो किसी भी प्लेटफॉर्म पर प्रोफाइल ब्लॉक हो सकता है. पुलिस या परिवहन विभाग की जांच के दौरान कागज पूरे होने चाहिए. अलग अलग ऐप पर एक ही दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं. बशर्ते वह वैलिड और अपडेटेड हों.

यह सावधानियां बरतना जरूरी

एक साथ कई ऐप चलाने से कैंसिलेशन रेट बढ़ने के और रेटिंग गिरने से अकाउंट सस्पेंड होने का रिस्क रहता है. पीक आवर में सही ऐप चुनना और खाली समय में दूसरे ऐप पर एक्टिव रखना समझदारी है. तभी फायदा मिल सकता है वरना उल्टा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.

रूस में भारतीय छात्रों पर चाकू से हमले की घटना पर भारतीय दूतावास का आया बयान, जानिए क्या कहा…

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रूस के ऊफा में हुए एक हमले में चार भारतीय सहित कई लोग घायल हो गए. मास्को स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दी है. घटना रूस के रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य की है, जहां एक यूनिवर्सिटी के विदेशी छात्रों के हॉस्टल के स्पोर्ट्स हॉल में हमलावरों ने चाकू से हमला कर दिया.

स्थानीय मीडिया में आई भारतीय छात्रों पर हमले की घटना के बाद भारतीय दूतावास का बयान सामने आया है.

भारतीय छात्रों पर चाकू से हमले की घटना पर भारतीय एंबेसी ने बयान में क्या कहा – मास्को स्थित भारतीय दूतावास ने कहा, रूस के ऊफा में हमले की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में चार भारतीय छात्रों सहित कई लोग घायल हुए हैं. दूतावास अधिकारियों के संपर्क में है और काजान स्थित वाणिज्य दूतावास के अधिकारी घायल छात्रों की सहायता के लिए ऊफा रवाना हो रहे हैं.”

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, एक युवक चाकू लेकर ऊफा की स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में घुस गया और छात्रों पर हमला कर दिया.

रूस की वेबसाइट RTVI ने यहां के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इरिना वोल्क के हवाले से बताया कि “हमलावर ने गिरफ्तारी का विरोध किया, इस दौरान दो पुलिस अफसरों को चाकू लग गया. संदिग्ध ने खुद को भी शारीरक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की.”

इसके अलावा रूसी टेलीग्राम चैनलों पर ऐसी भी चर्चाएं हैं कि हमलावरों की संख्या दो हो सकती है, इनमें से एक 15 वर्षीय किशोर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया.