Home Blog Page 162

कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव, चांदी में बढ़त और सोने में गिरावट’

0

वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच शुक्रवार को कीमती धातुओं, जैसे सोना और चांदी, में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। प्रारंभिक कारोबार में सोने की कीमतों में तेजी आई, लेकिन बाद में इसमें गिरावट आई।

दूसरी ओर, चांदी ने बढ़त के साथ कारोबार किया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर जून डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव शुक्रवार को 1,53,301 रुपये पर खुला। दिन के दौरान, सोने ने 1,52,547 रुपये का इंट्रा-डे लो और 1,53,364 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर बनाया।

वहीं, 5 मई डिलीवरी वाली चांदी 2,50,001 रुपये पर खुलकर 2,48,729 रुपये का लो और 2,50,716 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर बनाया।

हालांकि, खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 11.48 बजे) 5 जून डिलीवरी वाला सोना 501 रुपये यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 1,52,651 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी 225 रुपये यानी 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,48,853 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।

कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में बाजार का रुख सतर्क रूप से सकारात्मक बना हुआ है और मैक्रो फैक्टर्स से कुछ समर्थन मिल रहा है। हालांकि, मजबूत तेजी के लिए कीमतों का महत्वपूर्ण स्तर पार करना आवश्यक है।

चांदी के मामले में भी रुख थोड़ा सावधानी भरा है और इसमें स्थायी तेजी के लिए मजबूत संकेतों की आवश्यकता है।

इस बीच, शुक्रवार को रुपया 25 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.95 पर खुला। यह मजबूती तब आई जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सरकारी तेल कंपनियों को डॉलर खरीदने के बजाय विशेष क्रेडिट लाइन का उपयोग करने के लिए कहा, जिससे डॉलर की मांग में कमी आई।

घरेलू मुद्रा ने पिछले सत्र में 93.20 पर बंद किया था, लेकिन स्थानीय शेयर बाजार में सुधार और वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते यह मजबूत खुला।

हालांकि, वैश्विक बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण रुपए की मजबूती पर कुछ दबाव भी बना रहा।

वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर के आसपास रहा।

भू-राजनैतिक मोर्चे पर इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर की खबरों और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीदों से बाजार का माहौल बेहतर हुआ है।

घरेलू शेयर बाजार में भी सेंसेक्स और निफ्टी सपाट से हल्की बढ़त के साथ खुले, जिससे रुपए को समर्थन मिला।

इस बीच, लेबनान और इज़रायल के बीच गुरुवार से 10 दिन का युद्धविराम लागू हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच अगली बैठक सप्ताहांत में हो सकती है।

100 रुपए का माल भी खरीदा तो लगेगा भारी टैक्स, भारत के इस पड़ोसी देश ने दिखाए तेवर! बिजनेस ठप’

0

Nepal-Bihar Border Markets: भारत का पड़ोसी देश नेपाल बिहार के साथ 378 किलोमीटर लंबी खुली सीमा साझा करता है. इससे सटे करीब 50 ग्रामीण बाजारों में चल रहे शादी के मौसम के दौरान कारोबार पर बुरा असर पड़ा है.

दरअसल, नेपाल ने भारतीय सामानों पर सख्त कस्टम ड्यूटी लागू कर दी है.

नेपाल की नई सरकार के आदेश के अनुसार, अब भारत से की जाने वाली 100 रुपये से अधिक किसी भी खरीदारी पर भंसार (Customs) देना होगा. जबकि पहले छोटी-मोटी खरीदारी के लिए इससे छूट दे दी जाती थी, लेकिन अब नए नियमों के तहत भंसार देना अनिवार्य है.

कारोबारियों और खरीदार दोनों को झटका

नेपाल के सीमावर्ती इलाकों के निवासरी दशकों से अपनी रोजमर्रा की छोटी-मोटी चीजें खरीदने के लिए हर रोज बिहार के छोटे-बड़े ग्रामीण बाजारों में आते रहे हैं. यहां के लोकल दुकानों से ये केक, बिस्किट से लेकर रेडीमेड कपड़े, कॉस्मेटिक्स, सब्जियां, मसाले, फल, दूध, दवाएं, सीमेंट और बिजली के उपकरण जैसी तमाम चीजें खरीदते हैं.

अब नए नियम में चूंकि भंसार देना अनिवार्य होगा इसलिए खरीदारों के साथ-साथ व्यापारिपों के माथे पर भी शिकन है. पहले लोग बॉर्डर पर जाकर हजारों रुपये का सामान बिना टैक्स दिए लेकर चले आते थे, लेकिन अब उन्हें भंसार देना होगा. यह खरीदे गए सामान की कीमत का 5-30 परसेंट तक हो सकता है.

कारोबारियों ने बताया कि इस नए नियम का असर मधेश प्रांत के छह जिलों के खरीदारों पर पड़ा है. उन्होंने कहा कि इससे बिहार में स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी और नेपाल में परिवारों के बजट, दोनों पर ही दबाव बढ़ गया है.

पहले यूपी और अब बिहार की बारी

नेपाल की राष्ट्रीय सुरक्षा बल ने सीमावर्ती इलाकों में लाउडस्पीकरों के जरिए एक नियम की घोषणा की है, जिसमें कहा गया है कि आम नागरिकों, सरकारी कर्मचारियों या NGO कार्यकर्ताओं को कोई छूट नहीं दी जाएगी. इस आदेश के तहत, 100 रुपये से ज्यादा कीमत के भारतीय सामान पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी.

कस्टम अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले उत्तर प्रदेश की सीमा पर भी कड़ी जांच शुरू की गई थी, जहां नेपाल की भंसार चौकियों पर घर के छोटे-मोटे सामान की खरीद की भी बारीकी से जांच की जाती है. अब बिहार की सीमा पर भी इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है.

CAFE III नियमों पर ऑटो कंपनियों की सहमति: अब बदलेगा भारत का फ्यूल एफिशिएंसी गेम, जानें पूरी डिटेल्स’

0

CAFE III Norms India: भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है. CAFE III यानी Corporate Average Fuel Efficiency नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले हैं. इन नियमों का मुख्य उद्देश्य गाड़ियों से निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को कम करना और Fuel की बचत को बढ़ाना है.

इसका सीधा असर यह होगा कि आने वाले समय में कार कंपनियों को ज्यादा माइलेज देने वाली और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियां बनानी होंगी. आइए विस्तार से जानते हैं.

ऑटो इंडस्ट्री ने क्यों दिया समर्थन

भारत की प्रमुख ऑटो कंपनियों ने इन नए नियमों का समर्थन किया है. SIAM (सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा के अनुसार, ये नियम बैलेंस्ड हैं और इंडस्ट्री के लिए सही दिशा में कदम हैं. इन नियमों से कंपनियों को नई टेक्नोलॉजी अपनाने का मौका मिलेगा और वे अपने वाहनों को ज्यादा मॉडर्न बना पाएंगी. खास बात ये है कि अलग-अलग कंपनियों के बीच सहमति बनाना आसान नहीं था, लेकिन सभी ने मिलकर इस पर सहमति जताई है.

छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग नियम

नई पॉलिसी में छोटे और बड़े वाहनों के लिए अलग-अलग स्तर पर नियम बनाए गए हैं. छोटे वाहनों के लिए नियम थोड़े आसान रखे गए हैं, जबकि बड़ी और ज्यादा पावरफुल गाड़ियों के लिए सख्त नियम लागू होंगे. पहले कुछ कंपनियां छोटी कारों के लिए अलग कैटेगरी की मांग कर रही थीं, लेकिन ड्राफ्ट में पहले से ही इस बात का ध्यान रखा गया है. इसलिए अब ज्यादातर कंपनियां इस ढांचे से संतुष्ट नजर आ रही हैं.

इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों को मिलेगा फायदा

CAFE III नियमों में इलेक्ट्रिक और मजबूत हाइब्रिड गाड़ियों को खास फायदा दिया गया है. इसका मतलब है कि सरकार इन गाड़ियों को बढ़ावा देना चाहती है, ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके. आने वाले समय में आप सड़कों पर ज्यादा इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारें देख सकते हैं. इससे न सिर्फ पर्यावरण बेहतर होगा, बल्कि लोगों का फ्यूल खर्च भी कम होगा.

2031-32 तक होगा बड़ा बदलाव

इन नियमों के तहत कंपनियों को 2031-32 तक धीरे-धीरे अपनी गाड़ियों के CO₂ इमिशन को कम करना होगा. यानी यह बदलाव एकदम से नहीं होगा, बल्कि धीरे-धीरे लागू किया जाएगा. इससे कंपनियों को नई टेक्नोलॉजी विकसित करने और उसे अपनाने का समय मिलेगा. साथ ही ग्राहकों को भी नए विकल्प मिलेंगे.

भारतीय मुद्रा में मजबूती, डॉलर के मुकाबले 25 पैसे की वृद्धि’

0

भारतीय मुद्रा की स्थिति प्रतिनिधित्वात्मक छवि’

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय मुद्रा ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 25 पैसे की वृद्धि के साथ 92.95 पर पहुंच गई।

यह वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सरकारी तेल रिफाइनरियों को डॉलर खरीदने के बजाय विशेष क्रेडिट लाइन का उपयोग करने के निर्देश देने के बाद हुई है।

घरेलू मुद्रा ने पिछले सत्र में 93.20 पर बंद होने के बाद मजबूती दिखाई, स्थानीय शेयर बाजार में सुधार और भू-राजनीतिक तनाव में कमी की उम्मीदों के बीच।

हालांकि, वैश्विक बाजारों में मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण मुद्रा कुछ हद तक सीमित रही।

इस बीच, कीमती धातुओं – सोना और चांदी – ने शुक्रवार को उतार-चढ़ाव का सामना किया।

सोने के वायदा (5 जून) की कीमत 1,53,250 रुपये पर थी, जो 98 रुपये या 0.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। पीले धातु ने 1,53,301 रुपये का इंट्राडे उच्च स्तर छुआ, जो 149 रुपये या 0.09 प्रतिशत की वृद्धि थी, जबकि निचले स्तर पर यह 1,53,010 रुपये तक गिर गई, जो 142 रुपये या 0.09 प्रतिशत की कमी थी।

वहीं, चांदी के वायदा (5 मई) में 0.83 प्रतिशत या 2,088 रुपये की वृद्धि हुई, जिससे यह 2,50,716 रुपये के इंट्राडे उच्च स्तर पर पहुंच गई। सफेद धातु ने 2,49,300 रुपये का इंट्राडे निम्न स्तर छुआ, जो 672 रुपये या 0.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, स्थिति सावधानीपूर्वक सकारात्मक बनी हुई है, जबकि मैक्रो कारक कुछ समर्थन प्रदान कर रहे हैं। “हालांकि, गति को और मजबूत करने के लिए प्रतिरोध स्तरों के ऊपर एक निर्णायक कदम की आवश्यकता है,” उन्होंने कहा।

चांदी के लिए, उन्होंने कहा कि स्थिति सावधानीपूर्वक बनी हुई है, जबकि मैक्रो कारक समर्थन प्रदान कर रहे हैं, हालांकि गति अभी विकसित हो रही है और स्थायी वृद्धि के लिए पुष्टि की आवश्यकता है।

इस बीच, ब्रेंट क्रूड – वैश्विक तेल मानक – 1.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्शाता है।

इसी तरह, अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 1.91 डॉलर के इंट्राडे निम्न स्तर पर पहुंच गया।

भू-राजनीतिक मोर्चे पर, इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम की रिपोर्टों के बाद भावना में सुधार हुआ, साथ ही अमेरिका-ईरान वार्ताओं में प्रगति की उम्मीदें भी हैं।

घरेलू शेयर बाजार में, बेंचमार्क सूचकांकों ने सपाट से सकारात्मक नोट पर शुरुआत की, जिससे रुपये को समर्थन मिला।

Malacca Strait: भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ मलक्का क्यों जरूरी, जिसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद बनाया जा सकता है निशाना?

0

Malacca Strait: होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ते तनाव के बीच दुनिया का ध्यान अब एक और जरूरी समुद्री रास्ते की तरफ जा रहा है. यह रास्ता है मलक्का स्ट्रेट का. दरअसल अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच एक नया रक्षा समझौता हुआ है. इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि यह संकरा रास्ता अगला भू राजनीतिक टकराव का केंद्र बन सकता है. हालांकि भारत के लिए इस स्ट्रेट का महत्व वैश्विक राजनीति से कहीं ज्यादा है. आइए जानते हैं कि स्ट्रेट ऑफ मलक्का भारत के लिए क्यों जरूरी है.

भारत की आर्थिक जीवन रेखा

स्ट्रेट ऑफ मलक्का भारत के समुद्री व्यापार का लगभग 55% से 60% हिस्सा संभालता है. इससे यह देश के लिए सबसे अहम व्यापारिक राष्ट्र में से एक बन जाता है. भारत के ऊर्जा इंपोर्ट का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है. यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे उद्योगों पर पड़ सकता है. इससे पूरी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो सकती है.

दक्षिण पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार

यह स्ट्रेट हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के बीच एक पुल का काम करता है. यह भारत को दक्षिण पूर्व एशिया, पूर्वी एशिया और उससे आगे के प्रमुख बाजारों से जोड़ता है. सेमीकंडक्टर से लेकर जरूरी सामानों तक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते पर निर्भर है. इससे यह भारत की व्यापारिक महत्वाकांक्षाओं के लिए काफी जरूरी बन जाता है.

रणनीतिक लाभ

स्ट्रेट ऑफ मलक्का के पश्चिमी प्रवेश द्वार के पास बसे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की वजह से भारत को एक अनोखा भौगोलिक लाभ मिला हुआ है. ये द्वीप एक प्राकृतिक निगरानी केंद्र की तरह काम करते हैं. इससे भारत समुद्री यातायात पर नजर रख पाता है.

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट

भारत ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट के तहत गैलाथिया खाड़ी के पास बुनियादी ढांचा तेजी से विकसित कर रहा है. इसमें बंदरगाह, हवाई पट्टी और सैन्य सुविधाओं की योजना शामिल है. इनका उद्देश्य भारत की शक्ति प्रदर्शन करने और लंबे समय तक इस जरूरी समुद्री मार्ग को सुरक्षित रखने की क्षमता को बढ़ाना है.

बढ़ता भू राजनीतिक महत्व

वैश्विक जल क्षेत्रों में अमेरिका की बढ़ती भागीदारी और बढ़ते तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ मलक्का अंतरराष्ट्रीय राजनीति का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है. अपने सहयोगियों के साथ भारत का सहयोग और साथ ही क्षेत्र में उसकी अपनी सैन्य उपस्थिति, स्थिरता को बनाए रखने और उभरते खतरों का मुकाबला करने में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है.

CG” संपत्ति कर की बड़ी दरो पर पुनर्विचार होगा – मधुसूदन यादव’

0

उत्तर दक्षिण एवं पार्षद दल के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल से चर्चा उपरांत महापौर ने प्रतिक्रिया दी।

राजनांदगांव” आज भारतीय जनता पार्टी उत्तर मंडल के अध्यक्ष सुमित भाटिया, चंद्रभान जघेल,दक्षिण मंडल से जिला मीडिया प्रभारी अमर लालवानी प्रवीण शुक्ला,सुरेश साहू,पार्षद दल के रानू जैन एवं पारस वर्मा ने शहर में बड़े हुए संपत्तिकर की विसंगतियों के बारे में विस्तार से महापौर को अवगत कराया और बताया कि आम लोग इस बढ़े हुए दर से बहुत परेशान हैं ।

इस पर महापौर मधुसूदन यादव ने तत्काल ही इस पर सहमति व्यक्त करते हुए बड़े हुए संपत्ति कर पुर्नविचार करने का आश्वासन दिया ।

महापौर मधुसूदन यादव ने बताया कि विगत कई वर्षों से संपत्ति कर की दरें नहीं बढ़ाई गई थी इसलिए जो निर्णय लिया गया है, वह जनता के हित में व्यावहारिक नहीं है क्योंकि कई क्षेत्रों में एक तरफा वृद्धि की गई है,जो तर्कसंगत नहीं है,इसलिए जनता की भावनाओ का ध्यान रखते हुए, जनता के हित में संपति कर का पुनः निर्धारण किया जाएगा । महापौर के सकरात्मक आश्वासन पर उत्तर, दक्षिण एवं पार्षद दल के नेताओं ने महापौर का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए गुलदस्ता भेंट किया ।

CG” जिले में जनगणना 2027 के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ’

0

– जनगणना 2027 का प्रथम चरण 1 मई से होगा शुरू’

राजनांदगांव” जिले में जनगणना 2027 के अंतर्गत आज से पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्कूल राजनांदगांव में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। प्रशिक्षण में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण एवं आवास गणना की प्रक्रिया, प्रपत्रों के सही संधारण, आंकड़ा संकलन की विधि तथा कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। साथ ही निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 की तैयारियां जिले में तेजी से जारी हैं। जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य 1 मई 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े शासन की योजनाओं के निर्माण एवं प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होते हैं। सभी संबंधित कर्मचारियों को पूर्ण जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।

CG” डोंगरगढ़ में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में निकाली गई जनजागरूकता पदयात्रा रैली’

0

राजनांदगांव” जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड मुख्यालय में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में भव्य जनजागरूकता पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर महिलाओं के सशक्तिकरण का संदेश दिया।

पदयात्रा रैली महावीर तालाब से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक से होते हुए गोलबाजार में संपन्न हुई। रैली के दौरान नारी शक्ति ने नारी सम्मान एवं सशक्तिकरण से जुड़े संदेशों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया।

साथ ही हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अब नेतृत्व की बारी है, नारी शक्ति वंदन की जिम्मेदारी है संदेश के साथ समर्थन व्यक्त किया गया तथा मिस्ड कॉल के माध्यम से भी सहभागिता सुनिश्चित की गई।

कार्यक्रम में महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के प्रावधान का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।

नारी शक्ति ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे उन्हें निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी का अवसर प्राप्त होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष नगर पालिक परिषद श्री रमन डोंगरे, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती लता सिन्हा, सभापति नगर पालिका परिषद श्रीमती रेखा वाघोरते, श्री जसमीत सिंह बन्नोआना, श्री विनय बंसल, श्रीमती पुष्पा गायकवाड़, श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्रीमती मिथलेश्वरी वैष्णव, श्रीमती अंजू त्रिपाठी, श्रीमती सुषमा कोठारी, श्रीमती कनक दुबे, श्रीमती बबीता, सुश्री शिवांगी, श्रीमती शारदा यादव, श्रीमती लक्ष्मी यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।

CG” मुख्यमंत्री ज्ञान प्रोत्साहन योजना’

0

राजनांदगांव” मुख्यमंत्री ज्ञान प्रोत्साहन योजना सत्र 2025-26 कक्षा 12वीं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों से लक्ष्य की सीमा में आवेदन प्राप्त नहीं होने के कारण समय-सीमा में वृद्धि की गई है। सत्रांत 31 मार्च के पूर्व लक्ष्य 336 के विरूद्ध प्राप्त 300 पात्र आवेदन की अंतरिम सूची जारी की गई है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं अन्य जानकारी कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी एवं संबंधित शैक्षणिक संस्थान से प्राप्त की जा सकती है।

CG” सीसीई एग्जामिनेशन की कोचिंग के लिए 30 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित’

0

सीसीई एग्जामिनेशन की कोचिंग के लिए 30 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित’

राजनांदगांव” भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु लिखित परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण के संबंध में जिला रोजगार कार्यालय राजनांदगांव द्वारा नि:शुल्क सीसीई एग्जामिनेशन की कोचिंग प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण हेतु इच्छुक आवेदकों से 30 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित की गई है।

प्रशिक्षण का आयोजन 4 मई से 4 जून 2026 तक की जाएगी। प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए निर्धारित तिथि तक https://erojgar.cg.gov.in/ या गूगल फॉर्म https://forms.gle/EbD8ReSaa3MPZw788 के माध्यम से दर्ज करायी जा सकता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जिला रोजगार कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।