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Ramadan 2026: भारत में गुरुवार को पहला रोजा, देशभर में देखा गया Ramadan का चांद; यहां देखें सहरी-इफ्तार का टाइम टेबल…

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Ramadan 2026: देशभर में रमजान का चांद नजर आ गया है. ऐसे में गुरुवार को पहला रोजा रखा जाएगा. इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना रमजान मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इसी महीने में पैगंबर मोहम्मद साहब को कुरान की आयतें प्राप्त हुई थीं.

रमजान का महीना सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, सब्र और अनुशासन की सीख देता है. रोजेदार सुबह सूर्योदय से पहले सहरी करता है और फिर सूर्यास्त तक कुछ भी खाता-पीता नहीं है, यहां तक कि पानी भी नहीं पीता है. शाम को सूर्यास्त के बाद रोजा खोला जाता है, जिसे इफ्तार कहते हैं. परंपरा के अनुसार खजूर से इफ्तार करना सुन्नत माना जाता है.

सहरी और इफ्तार का महत्व

सहरी वह समय है जब फज्र की नमाज से पहले भोजन किया जाता है. यह पूरे दिन की ऊर्जा का आधार होता है. वहीं इफ्तार पूरे दिन के रोजे के बाद राहत और शुक्राने का पल होता है. हर रोजेदार के लिए सही समय जानना जरूरी होता है, क्योंकि सहरी का समय खत्म होते ही रोजा शुरू हो जाता है और सूर्यास्त के साथ इफ्तार का समय होता है. नीचे 19 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक का सहरी और इफ्तार का तय समय दिया गया है.

रमजान 2026 सहरी और इफ्तार टाइम टेबल;
तारीख सहरी का समय इफ्तार का समय;

  • 19 फरवरी 05:36 सुबह 06:15 शाम
  • 20 फरवरी 05:35 सुबह 06:16 शाम
  • 21 फरवरी 05:35 सुबह 06:17 शाम
  • 22 फरवरी 05:34 सुबह 06:17 शाम
  • 23 फरवरी 05:33 सुबह 06:18 शाम
  • 24 फरवरी 05:32 सुबह 06:19 शाम
  • 25 फरवरी 05:31 सुबह 06:19 शाम
  • 26 फरवरी 05:30 सुबह 06:20 शाम
  • 27 फरवरी 05:29 सुबह 06:21 शाम
  • 28 फरवरी 05:28 सुबह 06:21 शाम
  • 1 मार्च 05:27 सुबह 06:22 शाम
  • 2 मार्च 05:26 सुबह 06:23 शाम
  • 3 मार्च 05:25 सुबह 06:23 शाम
  • 4 मार्च 05:24 सुबह 06:24 शाम
  • 5 मार्च 05:23 सुबह 06:25 शाम
  • 6 मार्च 05:22 सुबह 06:25 शाम
  • 7 मार्च 05:21 सुबह 06:26 शाम
  • 8 मार्च 05:20 सुबह 06:26 शाम
  • 9 मार्च 05:19 सुबह 06:27 शाम
  • 10 मार्च 05:18 सुबह 06:28 शाम
  • 11 मार्च 05:17 सुबह 06:28 शाम
  • 12 मार्च 05:15 सुबह 06:29 शाम
  • 13 मार्च 05:14 सुबह 06:29 शाम
  • 14 मार्च 05:13 सुबह 06:30 शाम
  • 15 मार्च 05:12 सुबह 06:31 शाम
  • 16 मार्च 05:11 सुबह 06:31 शाम
  • 17 मार्च 05:10 सुबह 06:32 शाम
  • 18 मार्च 05:08 सुबह 06:32 शाम
  • 19 मार्च 05:07 सुबह 06:33 शाम

बदलता समय और बढ़ती तैयारी

जैसा कि टाइम टेबल से साफ है, हर दिन सहरी का समय कुछ मिनट पहले हो रहा है और इफ्तार का समय थोड़ा आगे बढ़ रहा है. यह सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में बदलाव की वजह से होता है. रमजान के दौरान मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की जाती है. लोग जकात और सदका देकर जरूरतमंदों की मदद करते हैं. यह महीना समाज में बराबरी और भाईचारे का संदेश भी देता है.

रोजा रखना हर मुसलमान का फर्ज

इस्लाम धर्म में रोजा रखना हर बालिग और स्वस्थ मुसलमान पर फर्ज माना गया है, हालांकि बीमार, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और सफर करने वालों को छूट दी जाती है. रमजान 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में इबादत, अनुशासन और रहमत का माहौल बन गया है. सही समय पर सहरी और इफ्तार करना रोजे की अहम शर्त है, इसलिए इस टाइम टेबल को ध्यान में रखना जरूरी है.

YouTube Global Outage: ‘Something Error’, भारत समेत कई देशों में यूट्यूब डाउन…

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मशहूर वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब कई देशों में डाउन हो गया। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर (DownDetector) पर लाखों यूजर्स ने यूट्यूब में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी।

मुख्य समस्या यह थी कि कई देशों में यूजर्स यूट्यूब का होम पेज नहीं खोल पा रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूट्यूब खोलने पर होम पेज पर ‘समथिंग एरर’ का मैसेज दिख रहा था।

यूट्यूब को आखिर हुआ क्या?

डाउनडिटेक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय मीडिया इंडिया टुडे की रिपोर्ट है कि आज सुबह 6:30 से 7:30 बजे के बीच एक घंटे में यूट्यूब यूजर्स ने लगभग 20,000 शिकायतें दर्ज कीं। इनमें से 74 प्रतिशत समस्याएं यूट्यूब ऐप से जुड़ी थीं और 16 प्रतिशत वीडियो स्ट्रीमिंग से संबंधित थीं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में मंगलवार सुबह 7:11 बजे तक यूट्यूब यूजर्स ने डाउनडिटेक्टर पर 19,097 शिकायतें दर्ज कीं। यूजर्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग, ऐप एक्सेस और वेबसाइट लोडिंग में समस्याओं की सूचना दी है। यूजर्स की शिकायतों के बाद, यूट्यूब ने एक बयान में कहा कि वे इस मुद्दे की जांच कर रहे हैं और जल्द ही और जानकारी अपडेट करेंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूट्यूब की समस्या से जुड़े स्क्रीनशॉट की बाढ़ आ गई है। कई यूट्यूब यूजर्स ने अपने अलग-अलग डिवाइस से ‘समथिंग एरर’ मैसेज के स्क्रीनशॉट एक्स पर शेयर किए। इस वैश्विक गड़बड़ी ने दुनिया भर के यूट्यूब यूजर्स को चिंता में डाल दिया है।

BMW X3 M Sport Pro भारत में लॉन्च, सिर्फ 6.3 सेकंड में पकड़ती है 100 किमी की रफ्तार…

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जर्मन कार ब्रांड बीएमडब्ल्यू इंडिया ने एक्स3 30 एक्सड्राइव एम स्पोर्ट प्रो लॉन्च किया है। 74.50 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत वाला यह नया ‘मेड-इन-इंडिया’ मॉडल ब्रांड के चेन्नई प्लांट में बनाया जा रहा है।

साथ ही, देश भर के बीएमडब्ल्यू शोरूम में इसकी बुकिंग शुरू हो गई है। इस नए मॉडल के आने से, एक्स3 सीरीज़ में अब पेट्रोल और डीज़ल इंजन के ज़्यादा ऑप्शन मिल रहे हैं, जिससे लग्जरी एसयूवी पसंद करने वालों को चुनने के लिए और भी वैरायटी मिलेगी।

इस नई कार में बहुत पावरफुल 2.0-लीटर चार-सिलेंडर पेट्रोल इंजन है। यह सिर्फ 6.3 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। इसमें आठ-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन और बीएमडब्ल्यू का सिग्नेचर ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम भी शामिल है। बेहतर माइलेज और परफॉर्मेंस के लिए इसमें एक माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम भी जोड़ा गया है।

स्पोर्टी लुक

आराम के लिए, इसमें एक खास \”अडेप्टिव सस्पेंशन\” दिया गया है, जो सड़क और आपके ड्राइविंग स्टाइल के हिसाब से एडजस्ट हो जाता है। अगर डाइमेंशन की बात करें, तो कार की लंबाई 4,755 मिमी और चौड़ाई 1,920 मिमी है। बाहर से देखने पर, इसकी स्लीक ब्लैक ग्रिल, अडेप्टिव एलईडी हेडलाइट्स, बड़े 20-इंच के अलॉय व्हील्स और रेड ब्रेक कैलिपर्स इसे एक स्पोर्टी लुक देते हैं।

फीचर्स

कार के अंदर 12.3-इंच और 14.9-इंच की स्क्रीन वाला एक बड़ा कर्व्ड डिस्प्ले है। म्यूजिक सुनने के लिए इसमें 15 स्पीकर वाला पावरफुल हरमन कार्डन साउंड सिस्टम, वेंटिलेटेड सीट्स और एक बड़ी सनरूफ भी दी गई है।

कलर ऑप्शंस

यह एसयूवी नए ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलती है और इसमें वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो का सपोर्ट है। सेफ्टी के लिए इसमें आठ एयरबैग और पार्किंग असिस्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। यह कार ग्रे, व्हाइट, ब्लू और ब्लैक जैसे कई शानदार रंगों में उपलब्ध है, और इंटीरियर सीटों के लिए भी दो प्रीमियम कलर ऑप्शन मिलते हैं।

रजनीकांत लेने वाले हैं सिनेमा से संन्यास? 51 साल बाद आखिरी फिल्म को लेकर बड़ा सवाल, कौन करेगा प्रोड्यूस…

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साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री को ग्लोबल पहचान दिलाने वाले एक्टर रजनीकांत पिछले पांच दशकों से फैंस का मनोरंजन कर रहे हैं। फैंस आज भी उनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतजार करते हैं। 2025 में वे फिल्म कुली में दिखे थे और उस फिल्म में उनकी एक्टिंग की भी काफी तारीफ हुई थी।

अब वे अपनी सफल फिल्म जेलर के सीक्वल में बिजी हैं। जेलर 2 थिएटर में रिलीज होने का इंतजार कर रही है। इसके अलावा, एक्टर के दूसरे प्रोजेक्ट्स के बारे में भी अपडेट्स आने लगे हैं।

हालांकि रजनीकांत का रिटायरमेंट का कोई प्लान नहीं है, और न ही उन्होंने ऐसी कोई इच्छा जताई है। फिर भी, उनकी आखिरी फिल्म के बारे में अपडेट्स आने लगे हैं। ऐसी खबरें हैं कि उनकी बेटी सौंदर्या रजनीकांत उनकी आखिरी फिल्म को प्रोड्यूस करेंगी। आइए जानते हैं इस प्रोजेक्ट के बारे में क्या डेवलपमेंट हो रहे हैं। वलाई पेचू की रिपोर्ट्स के मुताबिक, रजनीकांत अपनी आखिरी फिल्म के लिए उनके साथ कोलेबोरेट करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह फैसला अपनी फेयरवेल फिल्म के लिए किया है। हालांकि एक्टर ने अभी यह तय नहीं किया है कि उनकी आखिरी फिल्म कौन सी होगी, लेकिन वे पहले से ही इसकी तैयारी कर रहे हैं और इसे यादगार बनाना चाहते हैं।

वर्क फ्रंट पर रजनीकांत

रजनीकांत 75 साल के हैं, और इस उम्र में भी उनके ज़बरदस्त एक्शन सीक्वेंस देखने को मिले हैं। उनकी फिल्म कुली 2025 में रिलीज़ हुई थी, जिसने काफी अच्छी कमाई की थी। हालांकि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं किया, लेकिन विदेशों में इसने अच्छा प्रदर्शन किया। फिल्म में नागार्जुन ने भी अहम भूमिका निभाई थी, और बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान ने भी कैमियो किया था।

एक्टर अब अपनी सफल फिल्म जेलर के सीक्वल जेलर 2 में नज़र आएंगे। फिल्म को नेल्सन दिलीप कुमार ने डायरेक्ट किया है। फिल्म में मोहनलाल, शिव राजकुमार और बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन भी नज़र आएंगी। वह सुपरस्टार कमल हासन के साथ भी एक बड़ी फिल्म में काम करने की तैयारी कर रहे हैं। फिल्म का टेंटेटिव टाइटल थलाइवर 174 x KH 238 है। इस फिल्म में दोनों सुपरस्टार लगभग चार दशक बाद एक साथ स्क्रीन शेयर करते हुए नज़र आएंगे।

एंटीबायोटिक के दुरुपयोग से बढ़ रहा ‘सुपरबग’ का खतरा, भारत में मल्टी ड्रग रजिस्टेंस चिंताजनक…

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एंटीबायोटिक दवाओं के गलत और अनियंत्रित इस्तेमाल से बैक्टीरिया तेजी से ‘सुपरबग’ में बदल रहे हैं, जिससे जीवनरक्षक दवाएं भी बेअसर होती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे एक उभरती हुई ‘मौन महामारी’ करार दिया है।

अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थानों की हालिया रिपोर्टों में भारत में मल्टी ड्रग रजिस्टेंस (एमडीआर) की बढ़ती समस्या को गंभीर खतरे के रूप में चिन्हित किया गया है।

World Health Organization (डब्ल्यूएचओ) ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि यदि एंटीबायोटिक का दुरुपयोग नहीं रोका गया तो सामान्य संक्रमण भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। वहीं Indian Council of Medical Research (आईसीएमआर) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कई प्रमुख संक्रमणों में मल्टी ड्रग रजिस्टेंस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका अर्थ है कि एक से अधिक एंटीबायोटिक दवाएं भी संक्रमण पर असर नहीं कर पा रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना, निर्धारित अवधि पूरी न करना, पशुपालन और कृषि में इनका अंधाधुंध उपयोग तथा अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण की कमी इस समस्या को और गंभीर बना रही है। बैक्टीरिया समय के साथ दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं, जिससे वे अधिक खतरनाक और इलाज में कठिन हो जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने भी हाल के संबोधन में एंटीबायोटिक प्रतिरोध को ‘मौन महामारी’ बताते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी लापरवाहियां भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि एंटीबायोटिक केवल बैक्टीरियल संक्रमण में प्रभावी होती हैं, जबकि वायरल बीमारियों जैसे सर्दी-जुकाम या फ्लू में इनका कोई लाभ नहीं होता। इसके बावजूद कई लोग मामूली बीमारी में भी एंटीबायोटिक का सेवन कर लेते हैं, जिससे प्रतिरोधक क्षमता तेजी से विकसित होती है।

इस खतरे से निपटने के लिए तीन प्रमुख उपाय सुझाए गए हैं-सही उपयोग, उचित निपटान और व्यापक जागरूकता। मरीजों को चाहिए कि वे केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह पर ही एंटीबायोटिक लें और पूरा कोर्स निर्धारित समय तक पूरा करें। बची हुई दवाओं को इधर-उधर फेंकने या दोबारा बिना सलाह के इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां एंटीमाइक्रोबियल रजिस्टेंस (एएमआर) पर निगरानी बढ़ाने और अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण को मजबूत करने पर जोर दे रही हैं। साथ ही, जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को एंटीबायोटिक के जिम्मेदार उपयोग के प्रति सचेत किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में साधारण संक्रमण भी घातक साबित हो सकते हैं। इसलिए एंटीबायोटिक का समझदारी से उपयोग ही इस बढ़ते खतरे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर ने ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ पर लिखा लेख, पीएम मोदी ने की प्रशंसा…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत दौरे और ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के बारे में सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक के लेख की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अलेक्जेंडर का लेख भारत की एआई में प्रगति और भारत-सर्बिया संबंधों को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक का एक शानदार लेख, जिसमें वे एआई के बारे में बात करते हैं, साथ ही भारत के लिए अपने लगाव, एआई में भारत की प्रगति और भारत-सर्बिया के मजबूत संबंधों पर भी प्रकाश डालते हैं।”

इससे पहले, राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपना लेख शेयर करते हुए लिखा, “भारत में आकर और ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में भाग लेकर खुशी हुई।”

उन्होंने अपने लेख की शुरुआत में लिखा, “एआई इम्पैक्ट समिट के लिए दिल्ली पहुंचने पर उन्हें बहुत खुशी महसूस हुई। यह एहसास उस देश को आगे बढ़ते हुए देखने से पैदा हुआ है जिसकी मैं लंबे समय से तारीफ करता रहा हूं और जो अपने साथियों के लिए सफलता का रास्ता बना रहा है।”

भारत की कई चीजों में एकता बनाए रखने की काबिलियत ने मुझे हमेशा से आकर्षित किया है। दुनिया के सबसे बड़े रिपब्लिक में से एक होने के नाते, जिसमें कई भाषाएं, धर्म, संस्कृतियां और परंपराएं हैं, यह देश एक जीवंत, गतिशील बहुलवाद का उदाहरण है।

अपनी जिंदगी के बारे में बात करते हुए उन्होंने लिखा, “1990 के दशक में लंदन में काम करते समय यहां (भारत) के लोगों से पहली बार मिलना हुआ, जिसके बाद भारत के प्रति मेरा लगाव बढ़ा। उस समय मैंने जो सबक सीखे, वे डिप्लोमेसी और पॉलिटिक्स के शोर-शराबे से बहुत दूर थे। उन्होंने मेरा चरित्र और दुनिया को देखने का मेरा नजरिया दोनों को बनाने में मदद की।”

राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने अपने लेख में लिखा, “ऐसे समय में जब मेरे आस-पास के कई यूरोपियन भारत और भारतीयों को कम आंकने के आदी थे, मेरे साथियों और दोस्तों के शांत पक्के इरादे और मेहनत ने मुझे कुछ और सोचने पर मजबूर कर दिया। जो लोग लंबे समय में भारत की तरक्की को खारिज करते हैं, मैंने तब सोचा था कि वे एक दिन गलत साबित होंगे।

उन्होंने आगे लिखा, “मैंने इस विश्वास को इस साल के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में दावोस में फिर से महसूस किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक चर्चा में, एक दृष्टिकोण यह था कि भारत शायद वैश्विक एआई शक्तियों में ‘दूसरे दर्जे’ का स्थान रखेगा। मैं पूरी इज्जत के साथ असहमत हूं। भारत का एआई के प्रति दृष्टिकोण वास्तविक दुनिया में तैनाती, नैतिक मानकों और समावेशी नवाचार पर केंद्रित है। यह व्यावहारिक दृष्टिकोण, जो 21वीं सदी की दुनिया की सबसे जरूरी जरूरतों से जुड़ा है, भारत की इस आशा को दर्शाता है कि वह तकनीकी विकास को सामाजिक भलाई के लिए लागू करने में एक मार्गदर्शक बने।”

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ को एक सम्मेलन से कहीं ऊपर बताते हुए उन्होंने कहा, “यह भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक चर्चा के केंद्र में मजबूती से रखता है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि असल दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए एआई को जिम्मेदारी से, सबको साथ लेकर और बड़े पैमाने पर कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है।”

राष्ट्रपति अलेक्जेंडर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए तकनीकी लाभों के लिए समान पहुंच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि एआई कुछ विशेष वर्गों के लिए नहीं, बल्कि समावेशी विकास और सामूहिक उन्नति का इंजन बने।

हैदराबाद में सम्मान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल, क्या बदलेंगे समीकरण?

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बिहार की राजनीति में उस समय नई चर्चा शुरू हो गई, जब महागठबंधन के घटक दल इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के सुप्रीमो आईपी गुप्ता को हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।

यह कार्यक्रम All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (एआईएमआईएम) के मंच पर आयोजित था, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें तेज हो गई हैं।

दरअसल, यह अवसर एआईएमआईएम के बिहार से जीते विधायकों के सम्मान समारोह का था। हैदराबाद में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी नेतृत्व ने अपने विधायकों का अभिनंदन किया। इसी समारोह में आईपी गुप्ता को भी आमंत्रित किया गया और उन्हें मंच पर सम्मानित किया गया।

आईपी गुप्ता की उपस्थिति और सम्मान के बाद बिहार की सियासत में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वे महागठबंधन से दूरी बनाने की तैयारी में हैं? क्या राज्य में किसी नए राजनीतिक समीकरण की पटकथा लिखी जा रही है? हालांकि अभी तक इंडियन इंक्लूसिव पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में आगामी चुनावों को देखते हुए सभी दल अपनी-अपनी संभावनाओं को टटोल रहे हैं। ऐसे में विभिन्न दलों के बीच संवाद और मंच साझा करना पूरी तरह असामान्य नहीं माना जा सकता। फिर भी, एआईएमआईएम जैसे दल के कार्यक्रम में महागठबंधन के एक प्रमुख नेता की मौजूदगी को सियासी संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान सौहार्दपूर्ण माहौल में नेताओं के बीच बातचीत भी हुई। हालांकि किसी औपचारिक गठबंधन या समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।

इधर, महागठबंधन के अन्य घटक दलों की नजर भी इस घटनाक्रम पर टिकी हुई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे संभावित राजनीतिक बदलाव का संकेत बता रहे हैं।

फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि आईपी गुप्ता की यह उपस्थिति महज एक शिष्टाचार मुलाकात थी या भविष्य की किसी रणनीति का हिस्सा। लेकिन इतना तय है कि हैदराबाद के इस सम्मान समारोह ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में स्थिति और साफ होने की उम्मीद है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा- कांग्रेस, सपा और भाजपा की सोच अंबेडकर विरोधी, गठबंधन पर फैलाया जा रहा झूठ…

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने गठबंधन को लेकर चल रही खबरों का खंडन किया है। उन्होंने आरोप लगाए कि लोगों को गुमराह करने की नीयत से झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं।

मायावती ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और भाजपा की सोच भीमराव अंबेडकर विरोधी होने के कारण उनके साथ गठबंधन से बसपा को भारी नुकसान होता है।

मायावती ने बुधवार को एक बयान जारी करके कहा, “व्यापक देश व जनहित की कड़वी हकीकत के बारे में देश व दुनिया को जागृत करके लोकतंत्र और संविधान को मजबूती प्रदान करने के बजाय, इन दिनों एआई को सफलता की कुंजी बताने की स्वार्थी चर्चाओं के बीच किसी ना किसी बहाने बसपा के बारे में यह चर्चा है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी विधानसभा का होने वाला अगला चुनाव गठबंधन में लड़ेगी, जो विशुद्ध रूप से लोगों को गुमराह करने की नीयत वाली यह झूठी और मनगढ़ंत खबरें हैं।”

उन्होंने कहा कि अपने बलबूते पर चुनाव लड़ने के बारे में बसपा की ओर से एक बार नहीं, बल्कि कई बार सार्वजनिक तौर पर घोषणा की गई। कुछ लोग घिनौनी साजिश में पड़कर इस प्रकार की उल्टी-पुल्टी व गलत खबर प्रचारित करने की फर्जी उड़ान भरकर अपना समय और इमेज दोनों बर्बाद करते हैं।”

बसपा सुप्रीमो ने लिखा, “पार्टी के लोगों को यह अच्छी तरह से मालूम है कि कांग्रेस, सपा और भाजपा की सोच संकीर्ण है और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विरोधी होने के कारण इनकी अंबेडकरवादी बसपा से गठबंधन करने की नीति सिर्फ वोटों का राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ है। ऐसे गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। इसलिए 2027 में अकेले ही पूरे जी-जान से लगे हुए हैं।”

मायावती ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसी अनर्गल व मनगढ़ंत बातों पर कतई भी ध्यान ना दें और वे हाथी की मस्त चाल चलते रहें। 2007 की तरह अकेले ही यह चुनाव लड़कर फिर से वे बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएं।”

मायावती ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने वर्तमान सरकार की ओर से दिल्ली में अलॉट टाइप-8 बंगले को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि यह उन्हें त्यागराज मार्ग पर अलॉट बंगले के बदले में मिला है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इसको लेकर राजनीति करना उचित नहीं है।

माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल साउथ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए निवेश करेगा 50 अरब डॉलर…

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अमेरिकी दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने बुधवार को ऐलान किया कि वह ग्लोबल साउथ के देशों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बढ़ावा देने के लिए इस दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर निवेश करेगा।

माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयर और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ और माइक्रोसॉफ्ट की वाइस प्रेसिडेंट और चीफ रिस्पॉन्सिबल एआई ऑफिसर नताशा क्रैम्पटन ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि ग्लोबल नॉर्थ में एआई का उपयोग ग्लोबल साउथ की तुलना में लगभग दोगुना है।

उन्होंने लिखा,”यह खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है। यह असमानता न केवल राष्ट्रीय और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को प्रभावित करती है, बल्कि इस बात पर भी असर डालती है कि क्या एआई दुनिया भर में अवसरों और समृद्धि को बढ़ाने के अपने व्यापक वादे को पूरा कर सकता है।”

स्मिथ ने कहा कि ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ ने इस चुनौती को अपने एजेंडे के केंद्र में रखकर बिल्कुल सही काम किया है।

उन्होंने कहा, “एक सदी से भी अधिक समय से, बिजली तक असमान पहुंच ने वैश्विक उत्तर और दक्षिण के बीच बढ़ती आर्थिक खाई को और गहरा कर दिया है। यदि हम तत्काल कार्रवाई नहीं करते हैं, तो एआई की बढ़ती खाई आने वाली सदी में इस असमानता को और बढ़ा देगी।”

माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में ‘एजुकेटर्स के लिए एलिवेट’ कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य 2,00,000 से अधिक स्कूलों, व्यावसायिक संस्थानों और उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत 20 लाख शिक्षकों की क्षमता को बढ़ाना है।

कंपनी ने कहा, “हमारा लक्ष्य देश के शिक्षण कार्यबल को एआई-आधारित भविष्य में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने में मदद करना है। यह कार्यक्रम भारत के राष्ट्रीय शिक्षा और कार्यबल प्रशिक्षण प्राधिकरणों के साथ साझेदारी में चलाया जाएगा, जिससे 80 लाख छात्रों के लिए एआई के समान अवसर उपलब्ध होंगे।”

पिछले वित्तीय वर्ष में ही, माइक्रोसॉफ्ट ने ग्लोबल साउथ को सर्विस देने वाले डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर में 8 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। इसमें भारत, मैक्सिको और अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिणपूर्व एशिया और मध्य पूर्व के देशों में नया इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।

इसके अलावा, 24 मिलियन की संख्या के साथ, भारतीय डेवलपर समुदाय गिटहब पर दूसरा सबसे बड़ा राष्ट्रीय समुदाय है, जहां डेवलपर एआई के बारे में सीखते हैं और दुनिया भर के डेवलपर्स के साथ सहयोग करते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, “भारतीय समुदाय शीर्ष 30 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला समुदाय है, जिसकी वृद्धि दर 2020 से हर साल 26 प्रतिशत से अधिक रही है और 2025 की चौथी तिमाही तक वार्षिक वृद्धि में 36 प्रतिशत से अधिक का उछाल दर्ज किया गया था।”

मोहन भागवत के यूजीसी वाले बयान पर तनवीर सादिक बोले, देश में किसी पर विचार थोपना उचित नहीं…

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जम्मू में यूजीसी गाइडलाइन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में किसी भी विचार को थोपना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर धर्म को अपने अधिकार देता है और किसी पर निर्णय थोपना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।

तनवीर सादिक ने घुसपैठियों को रोजगार न देने संबंधी टिप्पणी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह तय कैसे होगा कि घुसपैठिया कौन है? यदि किसी समुदाय को सामूहिक रूप से संदेह के दायरे में रखा जाता है तो यह गलत और अनुचित है।

वहीं पीडीपी विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने कहा कि कानून का उद्देश्य लोगों के अधिकारों की रक्षा करना होता है, न कि किसी विशेष वर्ग को दंडित करना। उन्होंने यूजीसी से जुड़े प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कदम एक वर्ग को संतुष्ट करने और दूसरे को दंडित करने की भावना से प्रेरित प्रतीत होता है।

दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि यूजीसी के नियमों का पालन होना चाहिए और इसमें विवाद की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को राजनीति से दूर रखना चाहिए और संस्थानों में शैक्षणिक व्यवस्था सर्वोपरि होनी चाहिए।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यूजीसी गाइडलाइन से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा था कि कानून सभी को मानना चाहिए और यदि कानून गलत है तो उसे बदलने का संवैधानिक तरीका मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि जातियां संघर्ष का कारण नहीं बननी चाहिए और समाज में अपनत्व का भाव मजबूत होना चाहिए।

भागवत ने कहा था कि जो लोग पीछे रह गए हैं, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए समाज को झुककर सहयोग करना चाहिए। समाज में समन्वय से ही प्रगति संभव है, संघर्ष से नहीं। एक को दबाकर दूसरे को आगे बढ़ाने की मानसिकता समाज को कमजोर करती है। उन्होंने ये बातें लखनऊ के सरस्वती शिशु मंदिर, निराला नगर में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक के दौरान कहीं थीं।