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Mawan Dhiyan Satkar Yojana: पंजाब में हर महीने मिलेंगे 1500 रुपए! कैसे भरना है फॉर्म, क्या लगेंगे दस्तावेज?

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Mawan Dhiyan Satkar Yojana: पंजाब सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़ी पहल की है। राज्य की मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।

इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद दी जाएगी। सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1000 रुपए और अनुसूचित जाति से जुड़ी महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देना और उनकी घरेलू जरूरतों में मदद करना है।

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने इस योजना को लागू करने का फैसला किया है। योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1500 मिलेंगे।

सरकार ने साफ किया है कि किसी परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी। यानी अगर एक ही परिवार में कई महिलाएं पात्र हैं तो सभी को योजना का लाभ मिल सकता है।

क्या पेंशन पाने वाली महिलाओं को भी मिलेगा लाभ?

2 अप्रैल को जारी अधिसूचना के मुताबिक, जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, उन्हें भी इस योजना का पूरा लाभ मिलेगा। यानी उनकी मौजूदा पेंशन जारी रहेगी और इसके साथ योजना की राशि भी मिलेगी।

2022 चुनाव में किया गया था वादा

पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 से पहले भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। उसी वादे को पूरा करते हुए अब यह योजना लागू की गई है। सरकार के अनुसार योजना का लाभ सीधे महिलाओं के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा और इसे 2 अप्रैल से लागू माना जाएगा।

कैसे भरा जाएगा फॉर्म?

इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाओं को आवेदन फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे ताकि पात्रता की जांच की जा सके।

कौन-कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी?

योजना के लिए आवेदन करते समय महिलाओं को ये दस्तावेज देने होंगे:

आधार कार्ड (जिस पर पंजाब का पता दर्ज हो)

पंजाब का वोटर आईडी कार्ड

बैंक अकाउंट और पासबुक की कॉपी

अगर महिला अनुसूचित जाति या जनजाति से है तो जाति प्रमाणपत्र

योजना की निगरानी कैसे होगी?

सरकार ने योजना को सही तरीके से लागू करने की जिम्मेदारी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को दी है। गांव-गांव तक जानकारी पहुंचाने के लिए विशेष फेसिलिटेटर और मोबिलाइज़र भी तैनात किए जाएंगे। जिन महिलाओं का बैंक अकाउंट नहीं है, उनके खाते खुलवाने में भी मदद की जाएगी। वहीं पारदर्शिता बनाए रखने और किसी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए मोबाइल ऐप और डिजिटल डैशबोर्ड भी तैयार किया गया है। नियमों के मुताबिक लाभार्थी की मृत्यु होने पर योजना के तहत मिलने वाली राशि तुरंत बंद कर दी जाएगी।