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Delhi RTO Reopening 2026: दिल्ली में फिर खुलेंगे 13 RTO, DL-13 नंबर प्लेट भी लौटेगी, क्या बदलेगा आपके लिए?

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Delhi RTO Reopening 2026: दिल्ली के निवासियों के लिए परिवहन सेवाओं से जुड़ी एक बड़ी और राहत भरी खबर है। दिल्ली परिवहन विभाग ने अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए शहर के सभी 13 जिलों में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) को फिर से चालू करने की योजना बनाई है।

फेसलेस (डिजिटल) सेवाओं को बढ़ावा देने के नाम पर बंद किए गए कई दफ्तरों को अब जनता की सुविधा के लिए दोबारा खोला जा रहा है।

वर्तमान में दिल्ली में केवल 4 आरटीओ (मॉल रोड, सराय काले खां, मयूर विहार और द्वारका) ही इन-पर्सन यानी ऑफलाइन सेवाओं के लिए चालू हैं। लेकिन अब सरकार ने हर जिले में एक आरटीओ कार्यालय संचालित करने का निर्णय लिया है।

किन-किन इलाकों में खुलेंगे नए RTO?

नई योजना के तहत दिल्ली के अलग-अलग जिलों में RTO ऑफिस खोले जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:

मॉल रोड (ओल्ड दिल्ली), जामनगर हाउस (नई दिल्ली), लाडो सराय (दक्षिण), हरि नगर (पश्चिम), लोनी (उत्तर-पूर्व), सराय काले खां (दक्षिण-पूर्व), मयूर विहार (पूर्व), वजीरपुर (सेंट्रल नॉर्थ), द्वारका (दक्षिण-पश्चिम), राजा गार्डन (सेंट्रल), रोहिणी-1 (आउटर नॉर्थ), बुराड़ी (उत्तर) और रोहिणी-2 (नॉर्थ-वेस्ट)।

DL-13 सीरीज की ‘वापसी’: अब नहीं होगा कोई गैप

प्रशासनिक पुनर्गठन के साथ-साथ विभाग ने वाहन पंजीकरण की ‘DL-13’ सीरीज को भी दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। पिछले कुछ वर्षों से इस सीरीज का उपयोग नहीं किया जा रहा था और सीधे DL-14 सीरीज शुरू कर दी गई थी। अब DL-14 सीरीज को बंद कर पुरानी DL-13 को वापस लाया जाएगा, जिससे रजिस्ट्रेशन सीक्वेंस (क्रम) को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

डिजिटल के साथ ‘फिजिकल’ मौजूदगी की जरूरत क्यों?

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भले ही विभाग ने अपनी 90% सेवाओं (जैसे लर्निंग लाइसेंस, रिन्यूअल, डुप्लीकेट लाइसेंस और ओनरशिप ट्रांसफर) को ‘फेसलेस’ मोड में सफलतापूर्वक स्थानांतरित कर दिया है, लेकिन कुछ कार्यों के लिए अभी भी मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत पड़ती है।

वाहनों के निरीक्षण और दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के लिए दफ्तर जाना जरूरी होता है। वर्तमान में केवल 4 दफ्तर होने के कारण लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। 13 दफ्तर खुलने से लोग अपने नजदीकी जिले में ही काम करा सकेंगे। ऑफलाइन सहायता के तहत उन लोगों के लिए सहायता केंद्र के रूप में कार्य करेंगे जिन्हें डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने में कठिनाई होती है।

फेसलेस सेवाएं रहेंगी प्राथमिक मोड

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ‘फेसलेस सर्विसेज’ अभी भी सेवा वितरण का प्राथमिक तरीका बनी रहेंगी। आरटीओ दफ्तर केवल उन मामलों के लिए सपोर्ट सेंटर के रूप में काम करेंगे जहाँ मैन्युअल हस्तक्षेप या प्रवर्तन संबंधी कार्य अनिवार्य होगा।

अधिकारियों का कहना है कि इन सभी 13 कार्यालयों को पूरी तरह क्रियाशील बनाने के लिए बुनियादी ढांचे और स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है। इसकी समयसीमा जल्द ही अलग से जारी की जाएगी। दिल्ली में 13 RTO का दोबारा शुरू होना आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

इससे न सिर्फ सेवाएं नजदीक मिलेंगी, बल्कि समय की बचत और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। यह कदम डिजिटल इंडिया और ग्राउंड लेवल सुविधा दोनों को साथ लेकर चलने की दिशा में अहम माना जा रहा है।