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बीजेपी की ऐतिहासिक जीत: तिरुवनंतपुरम निगम में बदलाव का जश्न…

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तिरुवनंतपुरम निगम में बीजेपी की जीत

बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम निगम पर ऐतिहासिक कब्जा कर लिया है, जो कि चार दशकों से अधिक समय से लगातार चल रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) के शासन का अंत है।

इस जीत का जश्न राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय ने पार्टी के पार्षदों के लिए एक विशेष आधिकारिक स्वागत का आयोजन किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेयर वी. वी. राजेश के नेतृत्व में बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल को 13 फरवरी को अपने आधिकारिक निवास पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया है।

स्थानीय प्रतिनिधियों को ऐसा आमंत्रण मिलना असाधारण माना जाता है और यह इस बात को दर्शाता है कि केंद्रीय नेतृत्व इस जीत को कितना महत्वपूर्ण मानता है।

इस कार्यक्रम के तहत, बीजेपी ने तिरुवनंतपुरम निगम परिषद के 101 सदस्यों में से सभी 50 पार्षदों को नई दिल्ली बुलाया है।

पार्षद 9 फरवरी को केरल एक्सप्रेस ट्रेन से केरल छोड़ने वाले हैं।

बीजेपी के विभिन्न राज्य इकाइयाँ उन स्टेशनों पर स्वागत समारोह आयोजित करेंगी जहां ट्रेन के लंबे ठहराव होंगे, जिससे यात्रा को एक समन्वित राजनीतिक आउटरीच में बदल दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित रात्रिभोज के अलावा, प्रतिनिधिमंडल राजधानी में राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों का दौरा करेगा।

केंद्रीय नेतृत्व ने तिरुवनंतपुरम के परिणाम को – जिसे पार्टी ने केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में “स्वर्णिम विजय” के रूप में वर्णित किया है – एक राष्ट्रीय मील का पत्थर के रूप में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है।

दिल्ली यात्रा के दौरान तिरुवनंतपुरम विकास दस्तावेज़ का अनावरण भी किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने पहले निगम के परिणाम को “नई युग की शुरुआत” और “स्वर्ण अक्षरों में लिखी गई मील का पत्थर” बताया था।

उन्होंने चुनाव परिणाम के बाद मेयर राजेश और उप-मेयर आशा नाथ को व्यक्तिगत पत्र भेजकर बधाई भी दी थी।

बीजेपी ने एक स्वतंत्र पार्षद के समर्थन से निगम में सत्ता हासिल की है, जो कि केरल में किसी नगरपालिका निगम में पार्टी द्वारा बनाई गई पहली प्रशासनिक इकाई है।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बढ़त ने LDF को, जो लगभग चार दशकों से इस नागरिक निकाय का शासन कर रहा था, दूसरे स्थान पर धकेल दिया, जबकि कांग्रेस-नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा तीसरे स्थान पर चला गया।

राजनीतिक पर्यवेक्षक दिल्ली यात्रा को बीजेपी के लिए एक रणनीतिक मनोबल बढ़ाने वाला कदम मानते हैं, क्योंकि यह आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है, यह संकेत देते हुए कि पार्टी अपनी नगरपालिका सफलता को व्यापक चुनावी गति में बदलने का इरादा रखती है।

वर्तमान में बीजेपी केरल विधानसभा के 140 सदस्यों में कोई प्रतिनिधित्व नहीं रखती है।

जमानत का जश्न.. इस रवायत पर प्रश्न? आखिरकार लखमा को मिली ‘आजादी’, क्या कट, कमीशन और करप्शन है सरकारी सिस्टम का पार्ट?

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कांग्रेस ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत और उनकी रिहाई को सत्य की जीत बताया। जोरदार जश्न मनाते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि आखिर सरकार के उनके खिलाफ षड़यंत्र का सच सामने आ रहा है तो सत्तापक्ष ने याद दिलाया कि अभी लखमा को शर्तों के साथ केवल अंतरिम जमानत की राहत मिली है। लखमा की रिहाई के साथ ही प्रदेश में घोटाले, कट, कमीशन और करप्शन पर बहस का मोर्चा भी खुल गया।

ढोल-ढमाके, गाजे-बाजे और आदिवासी पारंपरिक नृत्य के साथ रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं ने पूरी गर्मजोशी से पूर्व मंत्री कवासी लखमा का स्वागत किया। आबकारी घोटाला केस में 1 साल से ज्यादा समय तक जेल में रहे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त अंतरिम जमानत दी है। लखमा की रिहाई पर कांग्रेस ने सत्य की जीत बताते हुए बीजेपी सरकार पर बदले की कार्रवाई के आरोप दोहराए। पीसीसी चीफ ने कहा कि लखमा की रिहाई से बीजेपी सरकार की साजिश बेनकाब हो रही है।

वहीं लखमा को मिली जमानत को सत्तापक्ष ने सामान्य कानूनी प्रक्रिया बताते हुए याद दिलाया ये अंतरिम जमानत क्लीन चिट नहीं है। जांच का फैसला अभी बाकी है। प्रदेश के गृहमंत्री ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार के सरताज थे भूपेश बघेल जिनके कई घोटाले हुए। इसी बीच कांग्रेस सरकार में डिप्टी CM रहे टीएस सिंहदेव ने मुख्यमंत्री की तारीफ के साथ-साथ मौजूदा दौर में कमीशन और भ्रष्टाचार पर तंज कसा। पूर्व डिप्टी CM सिंहदेव कह रहे हैं कि इन दिनों लेन-देन दुगुना-तिगुना हो गया। सवाल उठाया गया कि क्या ये स्वीकारोक्ति है कि पहले भी सिस्टम लेन-देन से चलता रहा है। सवाल ये भी कि लखमा की रिहाई क्या सत्य की जीत है? सबसे बड़ा सवाल क्या अब कट, कमीशन और करप्शन को सरकारी सिस्टम का पार्ट माना जाने लगा है?

छत्तीसगढ़ में मुस्लिम महिला के अंतिम संस्कार पर हंगामा! दो समुदाय आमने-सामने, फिर… गांव में बढ़ा तनाव…

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”जंजगिरी में अंतिम संस्कार को लेकर बवाल, मुस्लिम महिला को निजी जमीन पर दफनाने से विवाद, दो समुदाय आमने-सामने, हिन्दू संगठन ने विरोध किया”

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जांजगिरी में अंतिम संस्कार को लेकर उस वक्त विवाद की स्थिति बन गई जब एक मुस्लिम महिला को निजी जमीन पर दफनाए जाने का विरोध शुरू हो गया। इस मुद्दे पर दो समुदाय आमने-सामने आ गए जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया।

दुर्ग के जांजगिरी में अंतिम संस्कार पर बवाल

जानकारी के अनुसार महिला के परिजन उसे गांव की एक निजी जमीन पर दफनाना चाहते थे। जैसे ही इसकी जानकारी मिली कुछ हिंदू संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया।

प्रशासन और पुलिस की समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी। इसके बाद महिला के अंतिम संस्कार के लिए स्थान बदला गया और दूसरे स्थान पर शांतिपूर्वक दफन किया गया। प्रशासन की तत्परता से बड़ा विवाद टल गया। फिलहाल गांव में शांति बनी हुई है। वहीं मुस्लिम समाज की ओर से स्थायी कब्रिस्तान की मांग भी उठाई गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

Public Opinion: छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से बदल जाएगा जाम का दाम, शराब प्रेमी बोले- पीना मुश्किल हो जाएगा…

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स्थानीय निवासी दीनानाथ जगत ने लोकल 18 से बात करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हर वर्ग के लोग शराब पीते हैं, इसलिए दाम नहीं बढ़ाने चाहिए. उन्होंने यह भी चिंता जताई कि अब शराब कांच की बोतल के बदले प्लास्टिक की बोतल में आने वाली है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है.

छत्तीसगढ़ में नई आबकारी नीति को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. साय सरकार द्वारा शराब पर काउंटरवेलिंग ड्यूटी और आबकारी शुल्क में किए गए बड़े बदलाव ने आम लोगों के बीच भी बहस छेड़ दी है. 30 जनवरी 2026 को जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र के अनुसार, यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी. नई अधिसूचना में देसी शराब की लैंडिंग प्राइस पर 50 प्रतिशत काउंटरवेलिंग ड्यूटी और विदेशी शराब, स्पिरिट, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक श्रेणी पर भी 50 प्रतिशत तक शुल्क निर्धारित किया गया है. सरकार के इस फैसले को लेकर अब शराब उपभोक्ताओं की राय सामने आने लगी है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शराब की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा.

स्थानीय निवासी दीनानाथ जगत ने लोकल 18 से कहा कि छत्तीसगढ़ में हर वर्ग के लोग शराब पीते हैं, इसलिए इसकी कीमत नहीं बढ़ाई जानी चाहिए. उन्होंने यह भी चिंता जताई कि अब शराब कांच की बोतल के बजाय प्लास्टिक बोतल में आने वाली है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है. उनका मानना है कि प्लास्टिक में मौजूद केमिकल और गर्मी के मौसम में उसका असर और भी नुकसानदेह होगा. उन्होंने सुझाव दिया कि कीमत बढ़ाने की बजाय शराब की मात्रा घटाई जाए.

शराब की कीमत कम होनी चाहिए
वहीं भगतराम ने सरकार के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शराब की कीमत कम होनी चाहिए न कि बढ़नी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले खुद शराब पीने की आदत को बढ़ावा दिया और अब दाम बढ़ाकर जनता पर बोझ डाल रही है. उनके अनुसार यह फैसला जनहित के खिलाफ है. महेंद्र कुमार पटेल ने मौजूदा कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि अभी प्लेन शराब 180 रुपये, गोवा ब्रांड 120 रुपये, नंबर वन 200 रुपये और बीयर करीब 200 रुपये में मिल रही है. उनका कहना है कि प्लेन शराब की कीमत कम से कम 50 से 60 रुपये होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि शराब की गुणवत्ता पहले जैसी नहीं रही जबकि कीमत लगातार बढ़ रही है.

दाम बढ़ेंगे तो मुश्किल हो जाएगा पीना
वहीं सुभाष ध्रुव ने कहा कि वह कभी-कभार शराब पीते हैं, इसलिए कीमत बढ़ने से उन्हें बहुत फर्क नहीं पड़ता. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह एक कर्मचारी हैं और सरकार से रेट कम करने की मांग खुलकर नहीं कर सकते. चंद्रशेखर यादव, जो खेती-किसानी से जुड़े हैं, ने कहा कि दिनभर की मेहनत के बाद थकान दूर करने के लिए वह शराब पीते हैं. अब अगर सरकार दाम बढ़ा देगी, तो यह उनके लिए मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने कहा कि वह नंबर वन ब्रांड की शराब पीते हैं, जिसकी कीमत अभी 250 रुपये है और पिछले 12 वर्षों से शराब का सेवन कर रहे हैं लेकिन गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं हुआ है.

सरकार के फैसले को सही बताया
इसके उलट एक युवा ने सरकार के फैसले को सकारात्मक बताया. उसने कहा कि पिछले 5-6 वर्षों में शराब की कीमत लगातार बढ़ी है और अगर अब और बढ़ेगी तो लोग शराब कम पीएंगे. इससे नशे पर नियंत्रण होगा. उसने कहा कि अभी वह गोवा ब्रांड की शराब पीता है, जो 120 रुपये में मिलती है लेकिन यदि रेट बढ़ेगा, तो वह शराब छोड़ने पर मजबूर हो जाएगा.

जनता की राय अलगअलग
नई आबकारी नीति को लेकर जनता की राय बंटी हुई नजर आ रही है. जहां एक ओर अधिकांश लोग कीमत बढ़ने को आम आदमी पर बोझ मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे नशे पर नियंत्रण के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं. अब देखना होगा कि 1 अप्रैल से लागू होने वाली इस नीति का समाज और राजनीति पर क्या असर पड़ता है.

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में नवाचार और उद्यमिता को नई रफ्तार देने के लिए “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को मंज़ूरी दे दी है।

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छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में नवाचार और उद्यमिता को नई रफ्तार देने के लिए “छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30” को मंज़ूरी दे दी है। मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद यह नीति अगले पाँच वर्षों में प्रदेश को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

नई नीति के तहत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए DPIIT-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन के नए अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

स्टार्टअप्स को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नीति में कई अहम प्रावधान किए गए हैं। इनमें 100 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप कैपिटल फंड, 50 करोड़ रुपये का क्रेडिट रिस्क फंड, 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता, 5 वर्षों तक 75% तक ब्याज अनुदान, किराया अनुदान, मशीनरी व उपकरण पर पूंजी निवेश अनुदान, पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन पर 75% तक प्रतिपूर्ति शामिल है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए यात्रा, पंजीयन और स्टॉल शुल्क पर भी अनुदान दिया जाएगा।

महिला, एससीएसटी और विशेष वर्गों को अतिरिक्त प्रोत्साहन
नई स्टार्टअप नीति में महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों और पब्लिक वेलफेयर व सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अंतर्गत उन्नत सुविधाओं वाले मेगा इनक्यूबेटर्स (हब) और जिलों में स्पोक इनक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी।

इनक्यूबेटर्स और कॉलेजों को भी मिलेगा समर्थन
नीति के तहत शासकीय इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75% तक अनुदान, निजी इनक्यूबेटर्स को 50% तक अनुदान (अधिकतम 3 करोड़ रुपये), बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में स्थापित इनक्यूबेटर्स को अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे, जिनके संचालन के लिए 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक सहायता मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, फरवरी की शुरुआत में गर्मी का एहसास, मार्च तक रातें रहेंगी हल्की ठंडी…

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राजधानी में दिन में तीखी धूप की शुरुआत हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार मार्च तक रात में हल्की ठंड रह सकती है, लेकिन दिन का पारा चढ़ेगा।

फाल्गुन के तीसरे दिन ही राजधानी में दिन व रात गर्म होने लगे हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री को पार कर गया। वहीं न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से ज्यादा रहा। प्रदेश में जगदलपुर के बाद रायपुर सबसे ज्यादा गर्म रहा। फरवरी के पहले सप्ताह में यह स्थिति है तो आने वाले दिनों में पारा और चढ़ सकता है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। इसके बाद अगले तीन दिनों तक 1 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी।

मार्च तक रात में हल्की ठंड की संभावना

राजधानी में दिन में तीखी धूप की शुरुआत हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार मार्च तक रात में हल्की ठंड रह सकती है, लेकिन दिन का पारा चढ़ेगा। पिछले 24 घंटे में पेंड्रारोड में हल्की बारिश की खबर है। इसके अलावा कहीं भी पानी नहीं गिरा है। राजधानी में भी दिसंबर से अब तक एक बूंद पानी नहीं गिरा है। इस कारण भी धूल बढ़ गई है और लोगों को स्वास्थ्यगत परेशानियां हो रही हैं। राजधानी में गुरुवार को अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम तापमान 18 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। इसके साथ ही धुंध छाने की भी संभावना है।

दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय

मौसम वैज्ञानिकों ने यह भी जानकारी दी है कि आने वाले दिनों में दो और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। पहला पश्चिमी विक्षोभ 5 फरवरी को और दूसरा 8 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इन विक्षोभों के अप्रत्यक्ष असर से छत्तीसगढ़ में बादल छाने और हल्की मौसमी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिलहाल मिला-जुला बना रहेगा। जहां उत्तर के इलाकों में ठंड का असर तेज हो सकता है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी और सुबह-शाम हल्की ठंड का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।

कोतवाली पुलिस ने की सट्टा रैकेट पर कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने सट्टा रैकेट पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी अविनाश रामटेके उर्फ गोलू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 3040 रुपये, सट्टा पट्टी, नोटबुक, मोबाइल, और डाटपेन जैसे अवैध उपकरण जब्त किए हैं। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत की गई है।

दिनांक 03.02.2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अविनाश रामटेके उर्फ गोलू शास्त्री चौक तुलसीपुर के पास अवैध रूप से सट्टा पट्टी लिख रहा है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से सट्टा लिखने से जुड़े सभी सामान जब्त किए गए।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर (रा.पु.से.), और नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेण्डर किरों (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस लगातार जुआ सट्टा, नशीले पदार्थों और शराब बिक्री जैसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चला रही है।

आरोपी अविनाश रामटेके उर्फ गोलू के खिलाफ धारा 6 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। आरोपी को 04.02.2026 को न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जल वारंट जारी होने के बाद जिला जेल राजनांदगांव में भेज दिया गया।

थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम और उनकी टीम ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

अवैध सट्टा के आरोपी को जेल भेजा

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राजनांदगांव। थाना सिटी कोतवाली ने जुआ सट्टा और अवैध गतिविधियों के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। अविनाश रामटेके उर्फ गोलू नामक आरोपी को छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। आरोपी के पास से नगदी रकम, सट्टा पट्टी और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं।

दिनांक 03.02.2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि अविनाश रामटेके उर्फ गोलू शास्त्री चौक तुलसीपुर के पास अवैध रूप से सट्टा पट्टी लिख रहा है। सूचना पर थाना सिटी कोतवाली की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को घेराबंदी करते हुए पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से 3040 रुपये, सट्टा पट्टी, नोटबुक, मोबाइल, और डाटपेन जब्त किए गए।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर (रा.पु.से.), और नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेण्डर किरों (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने आरोपी को धारा 6 के तहत गिरफ्तार किया और आरोपी पर अपराध पंजीबद्ध कर दिया। आरोपी के खिलाफ पंजीबद्ध अपराध क्र. 91/26 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 लागू की गई है।

आरोपी को 04.02.2026 को न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया गया और जल वारंट जारी होने पर उसे जिला जेल राजनांदगांव में दाखिल किया गया।

थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम और उनकी टीम की इस कार्रवाई को सराहा जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि जुआ सट्टा में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण के लिये नगर निगम तैयार, सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने दिया जा रहा है जोर

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राजनांदगांव। आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में उच्च स्थान प्राप्त करने के लिये नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने व्यापक प्रबंध किये जा रहे है,जिसके तहत प्रतिदिन साफ सफाई कर कचरा उठाया जा रहा है। नागरिकों को स्वच्छता से जोडने फिडबेक लिया जा रहा है। साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत की गयी है। समय समय पर स्वास्थ्य अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक, वार्ड प्रभारी,स्वच्छता मित्र, स्वच्छता दीदी एवं मिशन क्लीन सिटी प्रभारी की बैठक लेकर स्वच्छता में सुधार करने निर्देशित किया जा रहा है। महापौर एवं आयुक्त के द्वारा सुबह वार्डो में सफाई निरीक्षण कर जहॉ एक ओर स्वास्थ्य कर्मियो को सफाई में और सुधार करने के निर्देश दे रहे है, वही नागरिको से शहर को स्वच्छ एवं साफ रखने अपील की जा रही है।
आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुये नगर निगम का स्वास्थ्य अमला साफ सफाई में विशेष ध्यान दे रही है, इसके तहत निर्धारित समय तक सड़कों, गलियों नाली एवं नालों की सफाई कराकर कचरा उठाया जा रहा है, अनुपस्थित कर्मचारी एवं कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्यवाही की जा रही है। इसके अलावा नागरिकों से सफाई के संबंध में चर्चा कर फिडबेक लिया जा रहा है। साथ ही कर्मचारियों को हिदायत दिया गया है कि साफ सफाई संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण करना है। कही पर भी सफाई नहीं होने की शिकायत पर प्राथमिकता से उसे सफाई कराने निर्देशित किया गया है। उन्हांेने बताया कि तकनीकि अधिकारियों को भी अपने अपने प्रभरित वार्ड में सफाई देखने दायित्व सौपा गया है। सफाई नहीं होने पर स्वास्थ्य अधिकारी को अवगत कराने कहा गया है। इसके अलावा सामुदायिक सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत भी करायी गयी हैै।
आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने बताया कि महापौर श्री मधुसूदन यादव एवं पार्षदों द्वारा भी समय समय पर सफाई का निरीक्षण कर सफाई में गुणात्मक सुधार लाने कार्य करने निर्देशित किया जा रहा है, इसके अलावा नागरिकों से भी सम्पर्क कर साफ सफाई रखने स्वच्छता अपनाने अपील की जा रही है तथा उनसे फीडबेक लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने वाली दीदीयों द्वारा घर में ही कचरा पृथककरण करने समझाईस दी जा रही है और घरों के आस पास साफ सफाई रखने लोेगों को प्रेरित किया जा रहा है। मच्छर उन्मूलन के लिये दवाई का छिडकाव किया जा रहा है, कचरा के छोटे मुक्कड को हटाकर वहॉ पर सौदर्यीकरण किया जा रहा है। तालाबों के आस पास व उद्यानों में विशेष साफ सफाई रखा जा रहा है, ताकि स्वच्छ वातावरण निर्मित हो सके। तालाबों मेें कचरा फैकना व विसर्जन करना प्रतिबंधित किया गया है। नालों में जाली लगाया जा रहा है, ताकि कचरा रूक जाये और उसे आसानी से निकाला जा सके।
आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने बताया कि अमृत मिशन 2.0 योजनांतर्गत स्वीकृति अनुसार शहर के दो स्थानों सिंदगई चौक एवं पारीनाला के पास शहर के नालो का गंदा पानी को ट्रीट करने सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण करने प्रक्रिया की जा रही है, जिसका कार्य अतिशीघ्र प्रारंभ किया जायेगा। साथ ही वर्षो से लिगेसीवेस्ट का निपटान कार्य 4 माह में पूर्ण किया गया। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण करने वालोें को मलमा सडक में न रखने समझाईस दे रहे है तथा निर्माणाधीन भवन या आवास में ग्रीन नेट लगाकर कार्य करने भी समझाईस दे रहे है। अपालन पर संबंधित पर जुर्माना की कार्यवाही भी की जा रही है। इसी कडी में सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित करने समझाईस देने के साथ साथ उपयोग करने पर कार्यवाही भी की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुये कहा है कि स्वच्छता में सहभागी बने और घर, प्रतिष्ठान के आस पास साफ सफाई रखे।

नक्सल प्रभावित गांवों में पुलिस महानिरीक्षक का सामुदायिक पुलिसिंग अभियान

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राजनांदगांव। पुलिस महानिरीक्षक, राजनांदगांव रेंज, श्री बालाजी राव सोमावार (भा.पु.से.) का सोमवार को जिला मोहला-मानपुर अंतर्गत चौकी का प्रथम आगमन हुआ। इस अवसर पर उन्होंने घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों और बच्चों से संवाद किया।

कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक ने ग्रामीणों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में उपयोग हेतु भोजन परोसने के लिए बर्तनों का सेट भेंट किया। साथ ही स्कूली बच्चों को खेल सामग्री वितरित की गई। इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह (भा.पु.से.), आईटीबीपी कमांडेंट श्री बुद्धि प्रकाश बडाया, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री विनोद कुमार मिंज भी उपस्थित रहे।

पुलिस महानिरीक्षक ने ग्रामीणों को राज्य सरकार की नक्सल आत्मसमर्पण नीति की जानकारी देते हुए कहा कि आत्मसमर्पण किसी भी आईटीबीपी कैंप, थाना, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय या राजनांदगांव स्थित आईजी कार्यालय में किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी समस्या पर पुलिस हर संभव मदद के लिए तैयार है और पुलिस आपकी दोस्त है।

सामुदायिक पुलिसिंग के तहत बच्चों को खेल सामग्री देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों पर भी ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि खेल से बच्चों का समग्र विकास होता है।

ग्रामीणों ने पुलिस विभाग के इस मानवीय और विश्वास निर्माण प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के रक्षित निरीक्षक श्री भुनेश्वर कश्यप, मदनवाड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक खोमन भंडारी, जनपद सदस्य-चंदा मांडवी (सीतागांव), सरपंच- महेश्वरी धुर्वे (महका), ग्राम पटेल-राम सिंह कुमेटी (मुचर), ग्राम पटेल-पवन उसारे (कारेकट्टा), ग्राम पटेल-मानुराम कुमेटी (रेतेगांव) उपस्थित रहे।