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डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से राजनांदगांव विधानसभा में 2.08 करोड़ रुपए की स्वीकृति, 45 विकास कार्यों की शुरुआत

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राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की सतत प्रयासों से राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में 2 करोड़ 8 लाख रुपए की राशि की स्वीकृति मिली है। इस राशि से 45 विभिन्न विकास कार्यों को शुरू किया जाएगा, जो क्षेत्र के निवासियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधाएं और आधारभूत संरचना उपलब्ध कराएंगे।

यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण द्वारा दी गई है, और इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष द्वारा अनुमोदन किया गया है।

इन कार्यों में प्रमुख रूप से किचन शेड, सीसी रोड निर्माण, नाली निर्माण, निर्मला घाट, मंच निर्माण, शौचालय निर्माण, यात्री प्रतीक्षालय और विभिन्न सार्वजनिक बुनियादी सुविधाओं का निर्माण शामिल है। इन कार्यों से राजनांदगांव विधानसभा के ग्रामों में स्थानीय जन जीवन में सुधार होगा और विकास की गति को और तेज किया जाएगा।

कार्यादेश में कुल 45 कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें ग्राम बम्हनी, धनगांव, बरगा, भानपुरी, धर्मपुर, भोथीपार खुर्द, कोपेडीह, धामनसरा, पनेका, बाकल, रीवागहन, सुकुलदैहान, महाराजपुर, भंवरमरा, सुंदरा, पारीकला, रानीतराई, बोरी, डिलापहरी, लिटिया, जगलेश्वर, रवेली, खैरा, मनकी, टेडेसरा, अंजोरा, धीरी, मगरलोटा, बैगाटोला, बिरेझर, ईरा, फुलझर, मोखला और सुरगी जैसे गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।

इन कार्यों की स्वीकृति पर जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष मनोज साहू, और अन्य भाजपा नेताओं ने खुशी जाहिर की है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं डॉ. रमन सिंह का आभार व्यक्त किया है।

भाजपा नेताओं ने बताया कि इस विकास कार्यों के कारण ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का स्तर बेहतर होगा, जिससे वहां रहने वाले नागरिकों की जीवनशैली में भी सुधार आएगा।

भू-जल पुनर्भरण और जल संरक्षण पर कार्यशाला संपन्न, विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

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राजनांदगांव। जिला पंचायत सभाकक्ष में आज भू-जल पुनर्भरण और जल संरक्षण पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता केन्द्रीय भू-जल बोर्ड छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. डी ज्ञान सुंदर ने की। कार्यशाला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह भी उपस्थित थीं।

कार्यशाला में केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने भू-जल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण के वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसके साथ ही भू-जल स्तर संवर्धन और सतत जल प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की गई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए भू-जल संरक्षण और पुनर्भरण की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करना था। विशेषज्ञों ने जल संरक्षण को जनसहभागिता आधारित अभियान के रूप में संचालित करने के लिए उपस्थित अधिकारियों और प्रतिनिधियों को प्रेरित किया।

इसके अलावा, सेंट्रल ग्राउंडवाटर बोर्ड के अधिकारियों ने जिले के ग्राम पंचायत बरगा और ग्राम पंचायत फरहद के मिशन जल संरक्षण के तहत किए गए कार्यों का अवलोकन किया। साथ ही, जिले में बनाए गए अभिनव परकोलेशन टैंक और इंजेक्शन वेल के निर्माण की सराहना भी की गई।

कार्यशाला में जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तकनीकी अधिकारी-कर्मचारी और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि भी सम्मिलित हुए। कार्यशाला में जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए इसे एक व्यापक और समग्र दृष्टिकोण से लागू करने की बात की गई।

प्रसाद योजना अंतर्गत माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़ का विकास कार्य पूर्ण, श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाओं का आगमन

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राजनांदगांव। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़ का विकास कार्य अब पूरा हो चुका है। पर्यटन विभाग छत्तीसगढ़ शासन को इस परियोजना के लिए 48 करोड़ 43 लाख रूपए की स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद यहाँ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं की नई सौगात दी गई है।

इस परियोजना के अंतर्गत माँ बम्लेश्वरी पहाड़ी पर सीढ़ियों का जीर्णोद्धार किया गया है, साथ ही सीढ़ियों में शेड, रेलिंग, पेयजल, शौचालय, प्रकाशीकरण जैसे कार्य भी किए गए हैं। पहाड़ी के नीचे स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण किया गया है और शॉप्स, पार्किंग तथा संपूर्ण क्षेत्र में साइनेज का कार्य भी कराया गया है।

प्रज्ञागिरि परिसर में भी कई सुधार किए गए हैं, जिसमें ध्यान केंद्र, कैफेटेरिया, पार्किंग, सोलर प्रकाशीकरण, पेयजल जैसी सुविधाओं का निर्माण किया गया है।

परियोजना का सबसे प्रमुख हिस्सा है 9.5 एकड़ में बनाए जा रहे पर्यटक सुविधा केंद्र का निर्माण, जो श्रीयंत्र के आकार में है। इस सुविधा केंद्र में ध्यान केंद्र, विश्राम कक्ष, प्रसाद कक्ष, सांस्कृतिक मंच, क्लॉक रूम, सत्संग कक्ष, पेयजल, शौचालय, लैंडस्केपिंग, सोलर प्रकाशीकरण, पार्किंग और प्रवेश द्वार जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। फिलहाल, निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और केवल फिनिशिंग कार्य बाकी है।

परियोजना की निगरानी के लिए निगरानी समिति और दिशा समिति का गठन किया गया है, जो समय-समय पर कार्य की समीक्षा कर रही है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की अनुबंधित एजेंसी टीसीआईएल (Telecommunications Consultants India Limited) द्वारा तैयार की जा रही है, जो भारत सरकार के दूरसंचार मंत्रालय से संबद्ध है।

इस विकास कार्य के पूरा होने से माँ बम्लेश्वरी देवी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुविधाजनक अनुभव मिलेगा। अब मंदिर क्षेत्र में ना केवल धार्मिक अनुष्ठान और दर्शन का अनुभव होगा, बल्कि पर्यटकों को आरामदायक और सुविधाजनक वातावरण भी प्राप्त होगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण : केवलराम के लिए बन गई आशा की किरण, पक्का घर मिलने से बदली जिंदगी

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ने जिले के कई परिवारों की किस्मत बदल दी है। इस योजना के तहत कच्चे और असुरक्षित मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को पक्का और सुरक्षित आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

इसी कड़ी में डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम अमलीडीह निवासी श्री केवलराम कंवर के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एक आशीर्वाद साबित हुई। उन्होंने बताया कि जब उनके नाम से पक्का आवास स्वीकृत हुआ, तो यह खबर उनके पूरे परिवार के लिए वर्षों पुरानी चिंता को राहत में बदलने वाली साबित हुई।

श्री केवलराम ने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमें घर दिया और हमारा जीवन बदल दिया। अब न सिर्फ हमारा जीवन सुरक्षित हुआ है, बल्कि समाज में भी हमारे मान-सम्मान में वृद्धि हुई है।” उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पक्का मकान मिलने के बाद उन्होंने अपने दोनों बेटों का विवाह भी उसी घर में किया और अब अपने परिवार के साथ सुख-शांति से रह रहे हैं।

पूर्व में केवलराम और उनका परिवार कच्चे और जर्जर घर में रहते थे। उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे पक्का घर नहीं बना पा रहे थे। कच्चे घर में बारिश के मौसम में पानी टपकता था, सांप और बिच्छू जैसे जीव-जंतु आते थे, और ठंड के मौसम में आग के सहारे पूरी रात बितानी पड़ती थी। यह स्थिति उनके लिए परेशानी का सबब बन चुकी थी, खासकर जब उनके दो बेटे थे और वे सोचते थे कि उनकी शादी के बाद परिवार बड़ा होगा, तो कच्चे मकान में कैसे रहेंगे।

श्री केवलराम ने बताया कि जब ग्राम पंचायत सचिव ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति की सूचना दी, तो वे खुशी से झूम उठे। पहले किस्त की राशि प्राप्त होते ही उन्होंने घर बनाना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे घर का निर्माण पूरा हुआ। तीसरी किस्त मिलने के बाद उनका घर पूरी तरह पक्का हो गया।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें 1 लाख 30 हजार रुपये की राशि सीधे बैंक खाते में मिली, जिससे उन्होंने अपना घर बनवाया। इसके अलावा, रोजगार गारंटी योजना से पूरी मजदूरी राशि भी प्राप्त हुई। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से नि:शुल्क गैस कनेक्शन प्राप्त होने के बाद उन्होंने अपने पक्के घर में रसोई घर में भी इसका उपयोग शुरू कर दिया है।

श्री केवलराम ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मिले आर्थिक समर्थन के लिए शासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस योजना ने उनके और उनके परिवार के जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। अब वे पूरी तरह सुरक्षित और खुशहाल जीवन जी रहे हैं।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से मनोज साहू के घर में प्राकृतिक ऊर्जा का उजाला

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राजनांदगांव। जिले में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सफल क्रियान्वयन जारी है और नागरिकों को इसका लाभ लगातार मिल रहा है। इस योजना के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार उपभोक्ताओं को अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिससे सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाना अब और भी सुलभ और किफायती हो गया है।

राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम खैरा निवासी मनोज साहू ने इसी योजना का लाभ उठाते हुए अपने घर की छत पर 3 किलोवॉट का रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित किया है। अब उनका घर प्राकृतिक ऊर्जा से प्रकाशित हो रहा है और बिजली बिल में भी明显 कमी आई है। मनोज साहू का कहना है कि इससे न सिर्फ आर्थिक बचत हो रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिल रहा है।

मनोज साहू ने योजना की उपयोगिता बताते हुए कहा कि प्राकृतिक खनिजों की भविष्य में कमी को देखते हुए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बहुत ही लाभकारी और समयानुकूल योजना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के अन्य नागरिकों से भी उन्होंने सौर ऊर्जा अपनाने की अपील की है।

यह योजना जिले में न केवल ऊर्जा बचत को बढ़ावा दे रही है, बल्कि नागरिकों को आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रही है।

टीईटी 2026 परीक्षा का शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन, 45 केंद्रों पर संपन्न हुई परीक्षा

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 का जिले में शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित इस परीक्षा के तहत जिले के कुल 45 परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में परीक्षा ली गई।

प्रथम पाली में 8071 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 7022 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित रहे, जबकि द्वितीय पाली में 13179 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 11823 ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान प्रशासन ने सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की थीं।

परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए पर्यवेक्षकों, उडऩदस्ता दल और पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी व्यवस्था भी लागू की गई थी। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा में किसी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि न हो।

टीईटी परीक्षा का आयोजन सुचारू रूप से होने से अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली और शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा में भाग लिया। जिला प्रशासन की तत्परता और कड़ी निगरानी के कारण परीक्षा पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई।

राजनांदगांव के चौपाटी में आयोजित हो रहा है योग शिविर, नागरिकों से भाग लेने की अपील

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राजनांदगांव। आयुष विभाग द्वारा शहर के चौपाटी में 1 से 5 फरवरी 2026 तक योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चलेगा, जिसमें नागरिकों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए योग, प्राणायाम, ध्यान और अन्य आयुर्वेदिक विधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शिविर का संचालन डॉ. भारती यादव द्वारा किया जाएगा, जो कि एक प्रसिद्ध प्राकृतिक और योग चिकित्सक हैं। डॉ. यादव शिविर में सूर्यनमस्कार, कमर, घुटने और गर्दन दर्द के लिए योगासन, महिलाओं के लिए विशिष्ट योगासन, प्राणायाम, ध्यान, षट्कर्म (त्राटक प्रक्रिया), नेत्रप्रक्षालन और एरोबिक्स का प्रशिक्षण देंगी। इसके अलावा, शिविर में हर दिन लाभार्थियों को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अंकुरित और हर्बल काढ़ा वितरित किया जाएगा।

इस योग शिविर का उद्देश्य नागरिकों को स्वस्थ और निरोगी जीवन जीने के प्रति जागरूक करना है। आयुष विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस शिविर में भाग लें और इसके लाभ का अनुभव करें। शिविर का शुभारंभ स्वास्थ्य विभाग के नगर पालिका निगम के चेयरमैन शैंकी बग्गा और जिला आयुष अधिकारी डॉ. शिल्पा मिश्रा की उपस्थिति में हुआ।

गौरतलब है कि आयुष विभाग द्वारा इससे पहले 27 से 31 जनवरी 2026 तक आयुष योगा वेलनेस सेंटर, आयुष पॉली क्लिनिक दीनदयाल नगर चिखली में भी योग शिविर का आयोजन किया गया था।

योग शिविर का आयोजन शहरवासियों के बीच स्वास्थ्य और ताजगी का संदेश देने के लिए एक सकारात्मक कदम साबित हो रहा है।

यूथ क्लब ने स्व. ए. आर. देवांगन स्मृति प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया, महापौर यादव के हाथों खिलाड़ी हुए पुरस्कृत

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राजनांदगांव। जिला हॉकी संघ राजनांदगांव और सीनियर मॉर्निंग ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में स्व. ए.आर. देवांगन स्मृति 7 ए साइड हॉकी प्रतियोगिता फाइनल मैच व समापन समारोह मधुसूदन यादव महापौर नगर पालिक निगम के मुख्य आतिथ्य में सुमित भाटिया अध्यक्ष उत्तर मंडल, प्रशांत गुप्ता गोलू अध्यक्ष दक्षिण मंडल, प्रखर श्रीवास्तव अध्यक्ष जिला भाजपा युवा मोर्चा, हेतल भोजानी उपाध्यक्ष उत्तर मंडल के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ।
अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में 28 जनवरी से खेली जा रही स्व. ए.आर. देवांगन स्मृति हॉकी प्रतियोगिता का आज फाइनल मैच में यूथ क्लब ने एमसी इलेवन को 4-1 गोल से पराजित कर फाइनल का खिताब अपने नाम किया।
पुरस्कार वितरण करते मधुसूदन यादव ने अपने उद्भोबोधन में कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिता का आयोजन अत्यंत हर्ष का विषय है। आज मैदान में वरिष्ठ खिलाड़ी जिस उत्साह और कौशल के साथ हॉकी खेलते नजर आ रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। यह हमारे राजनांदगांव के लिए एक शुभ संकेत है, क्योंकि राजनांदगांव को हॉकी की नर्सरी कहा जाता है, और यह परंपरा आज भी इन सीनियर खिलाड़ियों के माध्यम से जीवंत बनी हुई है। ये खिलाड़ी आज भी मैदान में सक्रिय रहकर आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा दे रहे हैं। मैं इस सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
फाइनल मैच में यूथ क्लब ने एमसी इलेवन को पेनल्टी स्ट्रोक में 4-1 गोल से पराजित किया। फाइनल मैच बहुत ही रोमांचकारी रहा इस मुकाबले में दोनों ही टीम गोल करने के प्रयास करती रही, किंतु मैच के पहले मटर तक दोनों ही टीम एक भी गोल नहीं कर पाई थी। मैच के 21वें मिनट एमसी इलेवन के प्रकाश पटेल ने गोल करते हुए 1-0 गोल की बढ़त बनाई थी, जिसे यूथ क्लब के टीम ने इस बढ़त को मैच के 23वें मिनट कारण साहू ने गोल करते हुए 1-1 पर ला दिया। यूथ क्लब के टीम ने अपने खेल में बदलाव करते हुए मैच के 24वें मिनट और 25वें मिनट कारण साहू ने गोल करते हुए अपने टीम को 3-1 गोल की बढ़त दिलाई। वहीं मैच के 28वें मिनट में एम सी इलेवन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे तौफीक अहमद ने गोल में बदलकर स्कोर 3-2 पर ला दिया, वहीं मैच के 29वें मिनट में एमसी इलेवन के दुर्गेश नागपुरे ने गोल करते मैच में वापसी कर स्कोर 3-3 की बराबरी पर ला दिया। मैच के 37वें मिनट यूथ क्लब के कारण साहू ने गोल करते हुए स्कोर 4-3 पर ला दिया। वहीं मैच के 38वें मिनट में एम सी इलेवन के तौफीक अहमद ने गोल करते हुए 4-4 गोल कर बराबरी पर ला दिया। तत्पश्चात मैच का निर्णय पेनल्टी स्ट्रोक के माध्यम से किया गया, जिसमें यूथ क्लब ने 4-1 गोल से एमसी इलेवन को पराजित करते हुए स्व. ए.आर. देवांगन स्मृति हॉकी प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता में व्यक्तिगत पुरस्कार भी प्रदान की गई, जिसमें बेस्ट फॉरवर्ड विवेक यादव, यूथ क्लब, बेस्ट फुल बैक आदित्य मेश्राम, यूथ क्लब बेस्ट गोल कीपर दक्ष चौबे यूथ क्लब को साथ ही मैन ऑफ द मैच दुर्गेश नागपुरे एमसी इलेवन को प्रदान किया।
फाइनल के पूर्व बालिका वर्ग का भी प्रदर्शन मैच खेला गया, जिसमें साई सेंटर राजनांदगांव ने 2-0 गोल से खेलो इंडिया राजनांदगांव को पराजित किया। इस मुकाबले में साईं सेंटर की ओर से दोनों गोल नैना सोनकर ने ही किया था। बालिका वर्ग विजेता व उपविजेता टीम को अजय बंधेश्वर और सारिका बंधेश्वर द्वारा विशाल ट्रॉफी प्रदान की गई।
आज के मैच में खेमराज सिन्हा, सुखदेव निर्मलकार, कृष्ण यादव, योगेश द्विवेदी, सचिन खोब्रागढ़े ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
आज के मैच में प्रमुख रूप से फिरोज अंसारी अध्यक्ष जिला हॉकी संघ, शिवनारायण धकेता, सचिव जिला हॉकी संघ नीलम जैन, कुतुबुद्दीन सोलंकी, प्रकाश सांखला, ज्ञानचंद जैन, गणेश प्रसाद शर्मा, आशा थॉमस, प्रिंस भाटिया, मृणाल चौबे, प्रकाश शर्मा, अजय झा, अनूप श्रीवास्तव, छोटे लाल रामटेके, अरुण श्रीवास्तव, अशोक देवांगन, दीपक यादव, चंदन भारतद्वाज, अनुराज श्रीवास्तव, शिवा चौबे, भागवत यादव, महेंद्र सिंह, संतोष चौकेंद्र, गुणवंत पटेल, दिग्विजय श्रीवास्तव, एमवाय कुरैशी, शब्बीर हैदरी, परमजीत सिंह, खुशाल यादव, अशोक देवांगन, सचिन खोब्रागढ़े, योगेश द्विवेदी, संजू पटेल, आयोजन सचिव आशीष सिन्हा, अशोक नागवंशी, लक्ष्मण यादव, महबूब शरीफ, सुरेंद्र साहू, मुकेश जायसवाल, मनीष यादव, योगेश द्विवेदी, अखिलेश मिश्रा, जावेद खान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विकास वैष्णव ने और भूषण साव ने आभार व्यक्त किया।

शासकीय मुद्रणालय में कार्यरत अरूण उपाध्याय को भावभीनी विदाई

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राजनांदगांव। गत शनिवार, 31 जनवरी को स्थानीय शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय में कार्यरत कर्मचारी की सेवानिवृत्ति पर साथियों ने भावभीनी बिदाई दी। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के दुर्ग संभाग के अध्यक्ष व जिला शाखा इकाई के सचिव तथा विभागीय उप समिति के जिला संयोजक आनन्दकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 62 वर्ष की अपनी अधिवार्षिकी सेवा अवधि पूर्ण कर मुद्रणालय के वरिष्ठ पुस्तबंधक अरूण उपाध्याय सेवानिवृत्त हुए। प्रधान कार्यालय से मुद्रणालय में निरीक्षण हेतु प्रवास पर आए उच्चाधिकारी माननीय संचालक अरविंद कुमार एक्का ने सफलतापूर्वक अधिवार्षिकी सेवा अवधि पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी के सुखमय भविष्य की कामना करते हुए अपनी शुभकामनाएं प्रदान कीं।
इस अवसर पर मुद्रणालय के समस्त कर्मचारी साथियों ने उनके सम्मान में आयोजित बिदाई कार्यक्रम में एकजुटता के साथ गुलाल से तिलक कर भावभीनी बिदाई दी। अधिदर्शक ईन्दरकुमार सिंह व मुख्य लिपिक श्रीमती अनिता राऊत के कर-कमलों से समस्त कर्मचारियों ने सेवानिवृत्त वरिष्ठ कर्मचारी का गुलाल से तिलकाभिषेक करते हुए पुष्पहार व पुष्पगुच्छ से स्वागत कर शाल व श्रीफल भेंट किया व यात्री बैग, स्टील की पानी टंकी, दीवार घड़ी, स्मृति चिह्न व मान पत्र प्रदान किया गया।
वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी अरूण उपाध्याय के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला तथा उनके भावी सुखद व सुदीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम के अंत में स्वल्पाहार की व्यवस्था रखी गयी थीं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे आनन्द कुमार श्रीवास्तव ने अंत में समस्त साथियों का आभार प्रदर्शन किया।

नीलू शर्मा ने विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता कर छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं का दिया संदेश

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष और केबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नीलू शर्मा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों में भाग लेकर जिले की समृद्ध परंपराओं और सामाजिक एकता का संदेश दिया। उनके इस व्यापक जनसंपर्क और सहभागिता से आयोजनों में शामिल श्रद्धालुओं और नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
अपने प्रवास के दौरान श्री शर्मा ने लाल बहादुर नगर, डोंगरगढ़ में आयोजित श्रीरामकथा, ग्राम राजा भानपुरी में सस्वर मानस गान सम्मेलन, महाराष्ट्रीयन तेली समाज के वार्षिक स्नेह सम्मेलन, ग्राम दर्री में आयोजित श्री लक्ष्मीनारायण महा यज्ञ एवं संगीतमय मानस महोत्सव तथा ग्राम सांकरदाहरा (पांगरीकला) में आयोजित परिक्षेत्र स्तरीय भगवान श्री राजीव लोचन जयंती समारोह में भाग लिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नगर देवांगन समाज द्वारा आयोजित आदर्श विवाह समारोह और परिचय सम्मेलन, जय माँ सरस्वती सेवा जस परिवार द्वारा आयोजित विराट देवी जस झांकी एवं गायन प्रतियोगिता तथा बाबा रामदेव मंदिरए राजनांदगांव में आयोजित जम्मा जागरण कार्यक्रम में भी भाग लिया।
नीलू शर्मा ने पाटीदार भवन, राजनांदगांव में परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने ग्राम धर्मापुर में श्रीमद् भागवत पुराण सप्ताह कार्यक्रम, बसंत पंचमी अवसर पर राजनांदगांव में मां सरस्वती उत्सव, अनुपम नगर में आदर्श महिला समूह द्वारा आयोजित श्रीराम कथा तथा राजनांदगांव की कुलदेवी माँ शीतला मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में भी भाग लिया।
अपने उद्बोधन में श्री शर्मा ने कहा, छत्तीसगढ़ की आत्मा उसकी संस्कृति, परंपरा और धार्मिक चेतना में बसती है। रामकथा, भागवत कथा, मानस गान, यज्ञ और ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को केवल आध्यात्मिक ऊर्जा नहीं देते, बल्कि आपसी भाईचारे, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि तेज रफ्तार जिंदगी के इस दौर में हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से अपनी आने वाली पीढ़ी को जोड़कर रखना चाहिए। इस तरह के आयोजन बच्चों और युवाओं में संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करते हैं।
श्री शर्मा ने आगे कहा, राजनांदगांव जिला धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यहां की परंपराएं ही हमारी पहचान हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार और पर्यटन मंडल के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के धार्मिक स्थलों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक आयोजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना प्राथमिकता है।
आयोजकों, समाज प्रमुखों और स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए श्री शर्मा ने कहा, ऐसे सफल आयोजन समाज की सामूहिक सहभागिता से ही संभव होते हैं। यह हमारी एकता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण है।