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CG: राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र और सरस्वती मंत्र उच्चारण के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ…

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राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र और सरस्वती मंत्र उच्चारण के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ’

विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाएंस्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव’

प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाए’

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना सुनिश्चित करें। पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन आज स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उन्होंने सभी प्राचार्यों से अपेक्षा की गई कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के समान समता, शिक्षा एवं सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा राज्य के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर की जीवनी के उल्लेख से करते हुए उनके संघर्षों एवं नागरिकों को समान अधिकार दिलाने में दिए गए योगदान को स्मरण किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यभर के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना रहा। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारण, NEET एवं JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी एवं सफलता बढ़ाने की रणनीति, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार, पीटीए बैठकों की समीक्षा तथा पालक-अधिकारियों की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

बैठक में सह-शैक्षणिक गतिविधियों की उपलब्धियां, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा नवाचार आधारित गतिविधियों पर भी विचार- विमर्श किया गया। बैठक में सेजस के विजन मिशन को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें 4.22 लाख से अधिक अध्ययनरत विद्यार्थियों, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय उपयोग, शिक्षकों की भर्ती, मॉनिटरिंग एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई।

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने शिक्षकों के मिलनसार व्यवहार, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से मधुर संबंध तथा शिक्षण में ईमानदारी पर विशेष बल दिया। प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने और प्राचार्यों द्वारा कम से कम एक कक्षा लेने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं दीप मंत्र तथा छुट्टी के समय गायत्री मंत्र एवं शांति पाठ का आयोजन किया जाए। शनिवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाने, विद्यार्थियों को योग अभ्यास कराने एवं गार्डनिंग व हाउसकीपिंग जैसे कौशल सिखाने हेतु दो समूह अनिवार्य रूप से बनाने की बात कही।

शिक्षा मंत्री ने कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर “इंग्लिश स्पीकिंग डे” मनाने तथा विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम सिद्दकी, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक श्री के. कुमार, उपसंचालक श्री ए.एन. बंजारा, डीईओ श्री हिमांशु भारतीय सहित प्रदेशभर से आए प्राचार्यगण उपस्थित रहे।

TCS ने Q4FY26 में 2,356 नए कर्मचारियों की भर्ती की, लाभ में 12% की वृद्धि…

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TCS की तिमाही रिपोर्ट और कर्मचारी वृद्धि

Tata Consultancy Services (TCS) ने जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही (Q4FY26) में 2,356 नए कर्मचारियों को जोड़ा है, जिससे कुल कर्मचारी संख्या 584,519 हो गई है।

यह पिछले तिमाही में 582,163 कर्मचारियों की तुलना में 0.40% की वृद्धि दर्शाता है। कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में यह जानकारी दी। Q3 FY26 के अंत में, कंपनी के कर्मचारियों में 149 राष्ट्रीयताओं के लोग शामिल थे, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी 35.1% थी।

कंपनी की स्वैच्छिक छंटनी IT सेवाओं में पिछले बारह महीनों के आधार पर थोड़ा बढ़कर 13.7% हो गई है। TCS की छंटनी दर 13.5% से बढ़कर 13.7% हो गई है, जो QoQ में 20 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि है। TCS ने गुरुवार को अपनी तिमाही परिणामों की घोषणा की, जिसमें बोर्ड ने प्रति शेयर ₹31 का अंतिम लाभांश स्वीकृत किया।

TCS ने मार्च 2026 में समाप्त तिमाही के लिए अपने राजस्व में 9.6% की वृद्धि के साथ ₹70,698 करोड़ की कमाई की है, जबकि लाभ में 12% की वृद्धि के साथ ₹13,718 करोड़ हो गया है। TCS ने 1 अप्रैल से सभी ग्रेड में वार्षिक वेतन वृद्धि लागू करने की भी घोषणा की।

टीसीएस के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी, सुदीप कुननुमल ने कहा, “हम 1 अप्रैल से सभी ग्रेड में वार्षिक वेतन वृद्धि लागू करने के लिए प्रसन्न हैं। Q4 में, हमने भविष्य के लिए तैयार कार्यबल में निवेश जारी रखा, जिसमें अनुभवी प्रतिभा और कैंपस हायरिंग शामिल हैं। AI-प्रथम संस्कृति का निर्माण और हमारे लोगों को AI-तैयार कौशल से लैस करना FY26 में एक प्रमुख प्राथमिकता बनी रही और FY27 में भी जारी रहेगा।”

गुरुवार को, TCS के शेयर ₹2,589 पर बंद हुए, जो एक दिन में ₹29.80 या 1.16% की वृद्धि दर्शाता है।

महिला आरक्षण विधेयक: संसद में सीटों की संख्या बढ़कर 816 होगी…

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केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने हाल ही में बताया कि महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने के बाद संसद में कुल सीटों की संख्या 816 हो जाएगी। इनमें से 33.4% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाएं भी शामिल होंगी। उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा कि यह विधेयक पारित होने के बाद संसद में सीटों की संख्या में वृद्धि होगी।

सभी दलों से समर्थन की अपील

अठावले ने सभी राजनीतिक दलों से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस आरक्षण में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान होना चाहिए। इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक एक विशेष संसद सत्र आयोजित किया जाएगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम

अठावले ने इस पहल को महिलाओं के सशक्तिकरण और शासन में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई सीटों की संख्या 2029 के लोकसभा चुनावों के बाद लागू होगी, जिससे पूरे देश में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर लगाया जंगल राज का आरोप…

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प्रधानमंत्री का आरोप

गुवार को एक चुनावी रैली में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर जंगल राज का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ‘मां, माटी और मनुष्य’ की बात करती है, लेकिन उनके शासन में मां रो रही है, माटी पर घुसपैठियों का कब्जा है, और मनुष्य भयभीत हैं। मोदी ने रवींद्रनाथ टैगोर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने एक ‘भयमुक्त’ समाज की कल्पना की थी, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इसके विपरीत हालात पैदा कर दिए हैं।

घुसपैठियों का मुद्दा

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि टीएमसी का गिरोह घुसपैठियों को जाली सरकारी दस्तावेज प्राप्त करने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों का अतिक्रमण चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। मोदी ने बंगाल की जनता से वादा किया कि भाजपा सरकार बनने पर घुसपैठ में मदद करने वालों के खिलाफ विशेष जांच शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि चाहे वे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, उनकी पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

बोगटुई घटना पर चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 की बोगटुई घटना पर चिंता व्यक्त की, जिसमें गांव में आग लगने से आठ लोग जिंदा जल गए थे। उन्होंने इसे मानवता पर एक कलंक बताया और कहा कि यह घटना केवल एक घटना नहीं थी, बल्कि यह जंगल राज का प्रमाण है।

बिहार की राजनीति इस समय बड़े बदलाव, सीएम पद की रेस में ये नाम, बैठक में होगा फैसला…

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बिहार की राजनीति इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के दिल्ली दौरे और राज्यसभा जाने के फैसले के बाद राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।

इसके साथ ही अगले मुख्यमंत्री को लेकर एनडीए के भीतर मंथन जारी है।

नीतीश कुमार आज दिल्ली के लिए रवाना होंगे और 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। इसे राज्य की सक्रिय राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति की ओर उनका अहम कदम माना जा रहा है। दिल्ली पहुंचने के बाद उनकी मुलाकात Amit Shah समेत बीजेपी के शीर्ष नेताओं से हो सकती है, जहां बिहार की नई सरकार, मुख्यमंत्री के चेहरे और सत्ता संतुलन पर चर्चा होने की संभावना है।

सीएम पद की रेस में ये नाम

बिहार(Bihar) के अगले मुख्यमंत्री को लेकर जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, दिलीप जायसवाल, विजय कुमार सिन्हा, रेणु देवी, संजीव चौरसिया और जनक राम शामिल हैं। इन नेताओं के सामाजिक और राजनीतिक आधार को ध्यान में रखते हुए पार्टी अंतिम फैसला लेगी।

बैठक में होगा फैसला

बताया जा रहा है कि इस बैठक में डिप्टी सीएम Samrat Choudhary भी शामिल होंगे। इसके अलावा संजय सरावगी, Vijay Kumar Sinha समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नए नेतृत्व को लेकर अंतिम रणनीति तय की जा सकती है।

सामाजिक समीकरण अहम फैक्टर

एनडीए के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक संतुलन साधने की है। ओबीसी, सवर्ण, दलित और महिला प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा चेहरा चुना जाएगा, जो व्यापक रूप से स्वीकार्य हो और मजबूत राजनीतिक संदेश दे सके।

नई सरकार का संभावित टाइमलाइन

सूत्रों के मुताबिक, 13 अप्रैल को नीतीश कुमार के कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक हो सकती है। इसके बाद 14 अप्रैल को उनके इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होगा। माना जा रहा है कि 15 अप्रैल को बिहार(Bihar) को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है और शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित हो सकता है।

कौन बन सकता है अगला मुख्यमंत्री?

एनडीए सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है और पार्टी के भीतर उनके नाम पर सहमति बनती दिख रही है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन संकेत यही हैं कि बीजेपी एक मजबूत और सक्रिय नेतृत्व को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

Assembly Elections 2026: विधानसभा चुनाव 2026: असम, पुडुचेरी और केरल में बंपर वोटिंग…

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विधानसभा चुनावों के लिए मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। सुबह के शुरुआती चार घंटों में ही जिस तरह का रुझान देखने को मिला है, वह यह साफ कर रहा है कि शाम तक वोट प्रतिशत अच्छा रहने वाला है।

पूर्वोत्तर के राज्य असम में चुनावी पारा काफी चढ़ा हुआ है। भारतीय निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11 बजे तक यहां करीब 38.92 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है। विशेष रूप से माजुली जिले के लोगों ने लोकतंत्र के प्रति जबरदस्त समर्पण दिखाया है, जहां सर्वाधिक 44.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।

वहीं, गोलपाड़ा और मोरीगांव जैसे जिलों में भी वोटिंग की रफ्तार काफी तेज है। डिब्रूगढ़ में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पबित्रा मार्गेरिटा जैसे दिग्गज नेताओं ने भी आम जनता के साथ अपनी बारी का इंतजार किया और वोट डाला। मार्गेरिटा ने इस अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा जश्न है और उन्होंने एक मजबूत देश के निर्माण के लिए सभी से बाहर निकलकर वोट करने की अपील की।

केरल में कैसा है वोटिंग प्रतिशत

दक्षिण भारत के राज्य केरल में मतदान की रफ्तार काफी अच्छी बनी हुई है और सुबह 11 बजे तक यहां 33.28 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। एर्नाकुलम जिला मतदान के मामले में सबसे आगे चल रहा है, जबकि कासरगोड में अभी रफ्तार थोड़ी धीमी है। यहां की राजनीति में जुबानी जंग भी काफी तेज दिखाई दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी और एमएम हसन ने अपनी जीत का भरोसा जताया और वर्तमान सरकार के कथित कुशासन व भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बताया। दूसरी तरफ, भाजपा के राजीव चंद्रशेखर और एलडीएफ के उम्मीदवारों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान किया। केरल का हर एक वोटर आज यह जानता है कि उनका एक वोट राज्य की सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला है।

पुडुचेरी के चुनाव में बाइक से वोट डालने पहुंचे मुख्यमंत्री

पुडुचेरी चुनाव का नजारा थोड़ा अलग और काफी दिलचस्प रहा। यहां के सीएम एन. रंगासामी ने एक आम नागरिक की सादगी का परिचय देते हुए बाइक पर सवार होकर मतदान केंद्र पहुंचकर सबको हैरान कर दिया। सुबह 11 बजे तक इस प्रदेश में 37.06 प्रतिशत मतदान हुआ है। हालांकि, इस उत्साह के बीच कुछ शिकायतें भी सुनने को मिलीं।भाजपा उम्मीदवार वीपी रामलिंगम ने बताया कि कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए उचित सुविधाओं का अभाव था, जिससे लोगों को परेशानी हुई। पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने भी कतार में खड़े होकर अपने अधिकार का प्रयोग किया और कहा कि भारत के हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह इस प्रक्रिया में हिस्सा ले।

इन तीनों राज्यों में शाम 6 बजे तक मतदान की यह प्रक्रिया इसी तरह जारी रहेगी। यह चुनाव केवल बड़े नेताओं के भाग्य का फैसला नहीं है, बल्कि उस आम आदमी की आवाज है जो बिजली, सड़क, पानी और बेहतर जीवन जैसे बुनियादी मुद्दों पर अपनी मुहर लगा रहा है।

“अजित पवार जैसी जैकेट और वही अंदाज! पार्थ पवार ने ली राज्यसभा सांसद पद की शपथ”

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Parth Pawar Rajya Sabha MP Oath Ceremony: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद, पवार परिवार और पार्टी अब नए नेतृत्व की ओर देख रही है। जहां एक तरफ पार्टी की कमान सुनेत्रा पवार मजबूती से संभाल रही हैं, वहीं दूसरी ओर आज उनके पुत्र पार्थ पवार ने आधिकारिक तौर पर देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।

भावुक पल: पिता की ‘जैकेट’ और विरासत संसद भवन के भव्य गलियारों में आज का दिन बेहद भावुक रहा। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सबकी निगाहें पार्थ पवार के पहनावे पर टिकी थीं। पार्थ ने इस विशेष अवसर पर वही नेहरू जैकेट पहनी थी, जो उनके पिता अजित पवार की पहचान मानी जाती थी। राजनीतिक गलियारों में इसे केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि एक ‘विरासत के हस्तांतरण’ के रूप में देखा जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि पार्थ ने गुलाबी जैकेट पहनकर यह संदेश दिया है कि वह अपने पिता के अधूरे सपनों और उनके काम करने के कड़क अंदाज को आगे ले जाएंगे।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिलाई शपथ

आज संसद भवन में आयोजित एक संक्षिप्त लेकिन गरिमापूर्ण समारोह में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने पार्थ पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद पार्थ ने सदन के वरिष्ठ नेताओं का अभिवादन किया। इस दौरान उनके चेहरे पर जिम्मेदारी का भाव साफ झलक रहा था। शपथ ग्रहण के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, एनसीपी नेता प्रफुल पटेल सनील तटकरे, और कांग्रेस नेता जयराम रमेश भी मौजूद थे।

सुनेत्रा पवार के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी

अजित पवार के जाने के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर जो कयास लगाए जा रहे थे, उन पर अब विराम लग चुका है। सुनेत्रा पवार ने जिस तरह से संगठन को एकजुट रखा है, उससे कार्यकर्ताओं में नया उत्साह है। अब पार्थ पवार के दिल्ली (केंद्र) की राजनीति में सक्रिय होने से महाराष्ट्र में एनसीपी की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है। पार्थ पवार के लिए यह कार्यकाल चुनौतियों भरा होने वाला है, क्योंकि उन्हें न केवल खुद को एक परिपक्व राजनेता के रूप में साबित करना है, बल्कि अजित दादा के समर्थकों की उम्मीदों पर भी खरा उतरना है।

बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल की जनता को पीएम मोदी ने दी 6 गारंटी…

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PM Modi West Bengal Rally: पश्चिम बंगाल के हल्दिया की धरती पर पीएम मोदी की जनसभा ने वादों की चिंगारी को एक बार फिर हवा दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की जनता के सामने वादों की झड़ी लगा दी है। हल्दिया में प्रधानमंत्री को सुनने आई भीड़ को उन्होंने ‘परिवर्तन की आंधी’ कहा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब एक ऐसी सरकार को विदा किया जाए जो जनता के प्रति संवेदनशील नहीं रही। पीएम मोदी ने बंगाल की जनता को 6 गारंटी भी दी। जानिए पीएम ने क्या कहा-

सरकारी सिस्टम में जवाबदेही होगी तय

हल्दिया की जनसभा में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी सतीश चंद्र सामंता के साहस को याद किया, जिन्होंने कभी अंग्रेजों की सत्ता को चुनौती दी थी। इसी ऐतिहासिक भूमि से मोदी ने अपनी पहली बड़ी गारंटी देते हुए कहा कि भाजपा की सरकार राज्य में डर का माहौल खत्म करेगी। लोग अब भय के साये में नहीं, बल्कि भरोसे के साथ जिएंगे और कानून का राज एक बार फिर मजबूती से स्थापित होगा।

इसके साथ ही, उन्होंने सरकारी तंत्र में बड़े सुधार का वादा किया है।

उनकी दूसरी गारंटी यह है कि सरकारी सिस्टम अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह जनता की सेवा के लिए पूरी तरह जवाबदेह बनाया जाएगा। एक आम नागरिक के लिए इसका मतलब है कि उसे अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

खुलेगी हर रेपकांड की फाइल

बंगाल की माताओं और बहनों की सुरक्षा को प्रधानमंत्री ने अपनी राजनीति के केंद्र में रखा है। उन्होंने अपनी तीसरी और चौथी गारंटी में भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान किया है। मोदी ने साफ कहा कि राज्य में हुए हर घोटाले, महिलाओं के साथ हुए अन्याय और हर एक बलात्कार के मामले की फाइल दोबारा खोली जाएगी ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि

टीएमसी के शासन में जनता का पैसा लूटने वाले अब जेल की सलाखों के पीछे होंगे। चाहे वह कोई बड़ा मंत्री हो या शासन का कोई छोटा हिस्सा, कानून किसी को भी नहीं बख्शेगा। ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र के साथ उन्होंने वादा किया कि बंगाल में अब लुटेरों का हिसाब करने का वक्त आ गया है।

सातवां वेतन आयोग के साथ घुसपैठियों पर बड़ा बयान

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी अंतिम दो गारंटियों के जरिए समाज के दो अलग-अलग वर्गों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ किया कि जो लोग शरणार्थी के रूप में यहां रह रहे हैं, उन्हें संविधान के तहत हर अधिकार दिया जाएगा, लेकिन देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले घुसपैठियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्हें बाहर निकाला जाएगा।

इसके अलावा, राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए उन्होंने एक बड़ी खुशखबरी दी है। मोदी ने छठी गारंटी देते हुए वादा किया कि भाजपा की सरकार बनते ही बंगाल में ‘सातवां वेतन आयोग’ लागू कर दिया जाएगा। अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने 23 अप्रैल को भारी संख्या में मतदान करने की अपील की ताकि हर बूथ पर कमल खिल सके और बंगाल एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ा सके।

हवाई किराया घटाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, अगले तीन महीने के लिए एयरपोर्ट फीस में 25% की कटौती…

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल लेवल पर विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों में आए उछाल ने एयरलाइंस कंपनियों की कमर तोड़ दी है। इस संकट से राहत देने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है।

मंत्रालय ने देश के सभी 34 प्रमुख एयरपोर्ट को निर्देश दिया है कि वे अगले तीन महीनों के लिए घरेलू उड़ानों पर लगने वाले लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25% की कटौती करें।

एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित एयरपोर्ट्स को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करना होगा।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एयरपोर्ट को होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई अगली टैरिफ निर्धारण अवधि के दौरान एडजस्ट की जाएगी। यह मंत्रालय का एक दुर्लभ हस्तक्षेप है, क्योंकि आमतौर पर निजी एयरपोर्ट के शुल्कों में सरकार सीधे दखल नहीं देती।

हवाई किरायों पर नियंत्रण की कोशिश

केरल और पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार हवाई किरायों में होने वाली बेतहाशा बढ़ोतरी को रोकने के लिए सतर्क है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बावजूद, मंत्रालय ने घरेलू एटीएफ कीमतों में बढ़ोतरी की सीमा 25% पर स्थिर रखने की कोशिश की है।

आसमान छू रही ईंधन की कीमतें

हाल ही में सरकारी तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन की बेस कीमत में 100% और घरेलू उड़ानों के लिए 25% से अधिक की वृद्धि की है। इसके जवाब में एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अपना ‘फ्यूल सरचार्ज’ बढ़ा दिया था।

सरकार की इस नई पहल का उद्देश्य एयरलाइंस के परिचालन खर्च को कम करना है, ताकि अंतिम बोझ यात्रियों की जेब पर न पड़े। तीन महीने बाद इस फैसले की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

CG: 15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की बैठक…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 15 अप्रैल 2026 को पूर्वान्ह 11:30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में होगी।