Home Blog Page 186

अप्रैल में मौसम में अचानक बदलाव: दिल्ली-NCR में धुंध और बारिश की संभावना…

0

मौसम में अप्रत्याशित परिवर्तन

अप्रैल का महीना शुरू होते ही मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है, जिसने सभी को चौंका दिया है। इस दौरान बारिश, तेज हवाएं और कई क्षेत्रों में हल्का कोहरा भी देखा गया है, जो कि इस महीने में असामान्य है।

विशेषज्ञों ने इस परिवर्तन के पीछे के कारणों पर प्रकाश डाला है।

दिल्ली-NCR में धुंध का असर

हाल ही में, दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में हल्की धुंध का अनुभव किया गया। राजस्थान में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव हाल की बारिश, रात के तापमान में गिरावट और उच्च नमी के कारण हुआ है। पिछले 48 घंटों में कई कारकों के संयोजन से यह धुंध बनी।

नमी का स्तर बढ़ा

विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार को हुई हल्की बारिश ने नमी के स्तर को बढ़ा दिया, जबकि तापमान में थोड़ी गिरावट आई और रात भर आसमान साफ रहा, जिससे वाष्पीकरण और हल्का कोहरा बना। हाल के दिनों में तापमान में कमी और बारिश के कारण दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में धुंध देखी गई। यह स्थिति मार्च और अप्रैल में कभी-कभी होती है।

तापमान की स्थिति

शनिवार को न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक था। हालांकि, नमी वाली स्थिति में कोहरा बनने के लिए यह तापमान अभी भी कम था। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि हाल ही में आए पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़े बादलों ने तापमान को संतुलित करने और नमी के स्तर पर प्रभाव डाला है।

कम बारिश के बावजूद सुहावना दिन

कोहरे के बावजूद, दिन के समय मौसम काफी सुहावना रहा। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री कम था। हालांकि, दिन में बारिश की मात्रा कम रही, सफदरजंग मौसम स्टेशन पर पिछले 24 घंटों में केवल 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

आगे की संभावनाएं

कुछ क्षेत्रों में बारिश के बदलाव देखे गए, जैसे आयानगर में 5.8 मिमी बारिश हुई। IMD ने कहा कि पिछले 24 घंटों में दिल्ली में हल्की बारिश हुई, साथ ही तेज हवाएं भी चलीं। अगले कुछ दिनों में मौसम हल्का बना रहेगा, और रविवार शाम को हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

तापमान में वृद्धि की संभावना

विशेषज्ञों का कहना है कि रविवार और सोमवार को दिन का तापमान बढ़ सकता है, और सोमवार की रात को बारिश होने की संभावना है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर-पश्चिम भारत पर पड़ने की उम्मीद है, जिससे दिल्ली-NCR में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

खतरे की चेतावनी

यह खतरनाक मौसम प्रणाली उत्तर भारत से मध्य भारत की ओर बढ़ रही है। रविवार को झांसी, ग्वालियर और उत्तर मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेज तूफान और आंधी का खतरा है। इस दौरान हवा की गति 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, राजस्थान और हरियाणा में बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है.

पंजाब एजेंडे के विवाद पर राघव चड्ढा बोले- ‘आप’ के सहयोगियों के लिए अभी बाकी है पिक्चर…

0

आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर जारी विवाद के बीच राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने रविवार को पार्टी के भीतर उठ रहे आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए कहा कि ‘पिक्चर अभी बाकी है’ और पंजाब के मुद्दों को उठाने को लेकर उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाना गलत है।

राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राज्यसभा का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे पंजाब से जुड़े मुद्दों को उठाते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट में उन्होंने पार्टी के उन सहयोगियों पर निशाना साधा, जिन्होंने उन पर संसद में पंजाब के मुद्दे न उठाने का आरोप लगाया था।

उन्होंने लिखा, “मेरे ‘आप’ के साथियों के लिए, जिन्हें यह कहने के लिए मजबूर किया गया कि राघव चड्ढा ने पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए, यह एक छोटा सा ट्रेलर है। पिक्चर अभी बाकी है। पंजाब मेरे लिए सिर्फ एक मुद्दा नहीं, मेरा घर, मेरी जिम्मेदारी, मेरी मिट्टी और मेरी आत्मा है।”

इससे पहले शनिवार को भी राघव चड्ढा ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “मैं बोलना नहीं चाहता था, लेकिन अगर चुप रहता, तो बार-बार बोला गया झूठ भी सच लगने लगता। तीन आरोप, शून्य सच्चाई।”

दरअसल, राघव चड्ढा को राज्यसभा में ‘आप’ के डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद उनके खिलाफ कई आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों का जवाब देते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उनके खिलाफ एक ‘स्क्रिप्टेड कैंपेन’ चलाया जा रहा है। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा, “एक ही तरह के सवाल और एक जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है।”

राघव चड्ढा ने इस आरोप को भी खारिज किया कि वे विपक्ष के वॉकआउट में शामिल नहीं होते थे। इस पर उन्होंने कहा, “यह सरासर झूठ है। संसद परिसर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, कोई भी इसकी जांच कर सकता है।”

‘आप’ के भीतर यह विवाद पार्टी में बढ़ते तनाव को दर्शाता है। एक ओर पार्टी उनके कामकाज पर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर राघव चड्ढा अपने रिकॉर्ड का बचाव करते हुए यह दोहरा रहे हैं कि उनका फोकस हमेशा पंजाब और वहां के लोगों के मुद्दों पर रहा है और आगे भी रहेगा।

सोने और चांदी की कीमतों में उछाल, निवेशकों में हलचल…

0

सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि

इस सप्ताह देश के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे खरीदारों और निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई है।

हाल के दिनों में सोने की कीमत में लगभग ₹3,666 की बढ़ोतरी हुई है, जिससे इसकी कीमत लगभग ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। इसी तरह, चांदी की कीमत में भी ₹6,166 की वृद्धि हुई है, जिससे यह लगभग ₹2.28 लाख प्रति किलोग्राम हो गई है।

वैश्विक बाजार की अनिश्चितता का प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक बाजार में अस्थिरता, डॉलर की स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव के कारण हुई है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे इनकी मांग और कीमतें बढ़ती हैं।

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी का असर

इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद में वृद्धि और ब्याज दरों के संकेत भी कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सोना खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी हुई है।

उपभोक्ताओं पर प्रभाव

इस तेजी का असर आम उपभोक्ताओं पर भी स्पष्ट है। शादी-ब्याह के सीजन में सोने और चांदी की खरीदारी करने वाले लोगों को अब अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। ज्वैलर्स का कहना है कि ऊंची कीमतों के कारण ग्राहकों की संख्या में थोड़ी कमी आई है, लेकिन निवेश के दृष्टिकोण से लोग अब भी खरीदारी कर रहे हैं।

सरकार के नए नियम

इस बीच, सरकार ने विदेशी ज्वैलरी आयात को लेकर नियमों को सख्त करने के संकेत दिए हैं। अब विदेश से सोने के जेवर मंगाने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य हो सकता है, जिससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध आयात पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह अस्थिर बनी रहती हैं, तो इनकी कीमतों में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण समय

फिलहाल, सोने और चांदी की इस तेजी ने बाजार में नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं और निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय माना जा रहा है, जहां सही निर्णय उन्हें अच्छा लाभ दिला सकता है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने की निष्पक्ष परिसीमन की मांग, राजनीतिक हस्तक्षेप से बचने पर दिया जोर…

0

शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने रविवार को कहा कि प्रभावी प्रतिनिधित्व और विकास सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन आवश्यक है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप अनुचित राजनीतिक लाभ नहीं मिलना चाहिए या पक्षपातपूर्ण विचारों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने सांसदों पर बढ़ते बोझ को उजागर करते हुए कहा, परिसीमन एक आवश्यकता है। लोकसभा में सांसदों को छह बड़ी आबादी वाली विधानसभा क्षेत्रों में खुद को फैलाना पड़ता है, जिससे विकास कार्यों पर ध्यान भी प्रभावित होता है।” उन्होंने बताया कि परिसीमन के प्रयास वर्षों से बार-बार स्थगित किए जा रहे हैं और उन्होंने एक निष्पक्ष प्रक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “परिसीमन लाने के सभी प्रयास वर्षों से टलते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हर निर्वाचन क्षेत्र का निष्पक्ष तरीके से सीमांकन नहीं किया जाता (जिससे सत्तारूढ़ पक्ष को असंतुलित लाभ न मिले और न ही इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप हो), तब तक यह प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।

लोकसभा और राज्य विधानसभा सीटों के परिसीमन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। दरअसल, 1971 की जनगणना के आधार पर लागू की गई संवैधानिक रोक अब खत्म होने की ओर है।

1 अप्रैल 2026 से जनगणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके अपडेट आंकड़े 2027 तक उपलब्ध होने की संभावना है। इसके बाद कानून के तहत सीमांकन की प्रक्रिया, जिसमें निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण और राज्यों के बीच सीटों का पुनर्वितरण शामिल होता है, आवश्यक हो जाएगी।

परिसीमन पर चल रही बहस का सीधा संबंध महिला आरक्षण कानून से भी है, जिसे औपचारिक रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 कहा जाता है। यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करता है, हालांकि इस कानून का लागू होना अगले जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने इस कानून का लगातार समर्थन किया है, लेकिन साथ ही इस बात पर जोर दिया है कि इसे केवल एक दूर के वादे के रूप में न रखा जाए, बल्कि समय पर और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।

इधर सरकार के भीतर हालिया चर्चाओं में-जिनमें संशोधन के प्रस्ताव और संसद का विशेष सत्र बुलाने की संभावना भी शामिल है-इस प्रक्रिया के कुछ हिस्सों को परिसीमन से अलग करने या इसे तेज करने के विकल्पों पर विचार किया गया है।

केरल चुनाव: बेपोर में अमित शाह के रोड शो से उत्साहित जनता बोली, हम चाहते हैं बदलाव…

0

केरल विधानसभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवार केपी प्रकाश बाबू के समर्थन में रोड शो के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को बेपोर पहुंचे। इस रोड शो को लेकर स्थानीय लोगों और भाजपा समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

यह रोड शो मथोट्टम बिजिथ जंक्शन से शुरू होकर नदुवट्टम और पेराचनंगड़ी जैसे प्रमुख इलाकों से गुजरेगा। यह कार्यक्रम 9 अप्रैल को होने वाले केरल विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के चुनाव प्रचार अभियान का अहम हिस्सा है।

रोड शो से पहले ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटने लगे हैं। एक स्थानीय निवासी ने आईएएनएस से कहा, “हमारे नेता अमित शाह के लिए यहां बहुत लोग इकट्ठा हुए हैं। हम बहुत खुश हैं।”

वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “हम बदलाव चाहते हैं और चाहते हैं कि यहां भाजपा की सरकार बने। अमित शाह के आने को लेकर हम उत्साहित हैं।”

एक भाजपा समर्थक ने दावा किया, “इस बार हर सीट भाजपा को मिलेगी। हम बदलाव चाहते हैं और हमारा समर्थन अमित शाह के साथ है।” एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने भी उम्मीद जताई कि इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बने और शीर्ष नेतृत्व का दौरा इस दिशा में अहम साबित होगा।

रोड शो को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के तिरुवल्ला में एक जनसभा को संबोधित किया था। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत ‘जय केरलम! जय विकसित केरलम!’ के नारों के साथ की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केरल में एनडीए के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास साफ नजर आ रहा है। उन्होंने खासतौर पर महिलाओं के समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार राज्य का माहौल बदला हुआ दिख रहा है और यह एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।

ईरान ने अमेरिकी हवाई ताकत को दी चुनौती, नई रक्षा प्रणाली बनी चर्चा का केंद्र…

0

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने पिछले 48 घंटों में ऐसी सैन्य कार्रवाई का दावा किया है, जिसने अमेरिकी हवाई वर्चस्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईरान के मुताबिक, उसने दो अमेरिकी सैन्य विमानों और कम से कम तीन हेलीकॉप्टरों जिनमें दो ब्लैक हॉक शामिल हैं को निशाना बनाया। इस घटनाक्रम ने न केवल क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाया है, बल्कि आधुनिक युद्ध तकनीकों को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।

नई एयर डिफेंस प्रणाली से मिली सफलता

ईरानी सेना ने इन हमलों की सफलता का श्रेय अपनी नई विकसित हवाई रक्षा प्रणाली को दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने संकेत दिया है कि हाल ही में अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल को मार गिराने में इसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया। एफ-15ई के गिरने के बाद जब उसके चालक दल की तलाश के लिए अमेरिकी सेना ने दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भेजे, तो वे भी हमले की चपेट में आ गए। हालांकि ये हेलीकॉप्टर किसी तरह ईरानी हवाई क्षेत्र से बाहर निकलने में सफल रहे। इसी दौरान ईरान ने कुवैत के ऊपर एक अमेरिकी ए-10 वार्थोग विमान को भी मार गिराने का दावा किया है।

पारंपरिक रडार से हटकर नई रणनीति

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब पारंपरिक रडार-आधारित प्रणालियों से हटकर इन्फ्रारेड और मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम पर ज्यादा निर्भर हो गया है। ये सिस्टम दुश्मन विमानों को बिना अपनी स्थिति उजागर किए ट्रैक कर सकते हैं, जिससे उन्हें नष्ट करना बेहद कठिन हो जाता है। विशेष रूप से “माजिद” नामक इन्फ्रारेड एयर डिफेंस सिस्टम की चर्चा हो रही है। यह प्रणाली रडार सिग्नल उत्सर्जित नहीं करती, बल्कि निष्क्रिय इन्फ्रारेड सेंसर का उपयोग करती है। इसका मतलब है कि यह दुश्मन विमान से निकलने वाली ऊष्मा (हीट सिग्नेचर) को पकड़कर उसे निशाना बनाती है।

माजिद सिस्टम: कम दृश्यता, ज्यादा घातक क्षमता

माजिद प्रणाली की मारक क्षमता करीब 8 किलोमीटर दूरी और 6 किलोमीटर ऊंचाई तक बताई जाती है, जबकि इसके सेंसर लगभग 15 किलोमीटर तक लक्ष्य को पहचान सकते हैं। इसमें प्रॉक्सिमिटी फ्यूज का उपयोग होता है, जिससे मिसाइल लक्ष्य के पास पहुंचते ही स्वतः विस्फोट कर देती है। सबसे अहम बात यह है कि यह सिस्टम एक साथ आठ मिसाइलों को तैनात कर सकता है और बाहरी “कशेफ-99” फेज्ड ऐरे रडार से जुड़कर 30 किलोमीटर तक लक्ष्य ट्रैक करने में सक्षम है।

स्टेल्थ विमान भी नहीं सुरक्षित?

विश्लेषकों का कहना है कि यही तकनीक मार्च में अमेरिकी एफ-35 स्टेल्थ फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाने में भी इस्तेमाल की गई हो सकती है। एफ-35 को दुनिया के सबसे उन्नत स्टेल्थ विमानों में गिना जाता है, लेकिन उसकी इंजन से निकलने वाली गर्मी उसे इन्फ्रारेड मिसाइलों के लिए संवेदनशील बना देती है। इससे यह संकेत मिलता है कि भविष्य के युद्धों में स्टेल्थ तकनीक के साथ-साथ इन्फ्रारेड सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।

एसीमिट्रिक वॉरफेयर: ईरान की नई रणनीति

ईरान की हालिया सफलता के पीछे उसकी “एसीमिट्रिक वॉरफेयर” यानी असमान युद्ध रणनीति का बड़ा हाथ है। इस रणनीति में पारंपरिक ताकत की बजाय लचीले और अप्रत्याशित तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। पिछले साल 12 दिन के संघर्ष के बाद ईरान ने अपनी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव किया। उसने स्थायी एयर डिफेंस ठिकानों की जगह भूमिगत सुरंगों, मिसाइल शहरों और मोबाइल लॉन्चरों पर जोर देना शुरू किया।

शूट एंड स्कूट” रणनीति से बढ़ी चुनौती

ईरान की मोबाइल सतह से हवा में मार करने वाली प्रणालियां “शूट एंड स्कूट” रणनीति पर काम करती हैं। यानी मिसाइल दागने के तुरंत बाद वे अपनी लोकेशन बदल लेती हैं। इससे दुश्मन के लिए उन्हें ट्रैक कर नष्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, लगातार हमलों के बावजूद ईरान के करीब आधे मिसाइल लॉन्चर अब भी सुरक्षित हैं, जो उसकी रणनीति की सफलता को दर्शाता है।

रूस और चीन से संभावित सहयोग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने रूस से 500 “वेरबा” मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) खरीदने का समझौता किया है। ये कंधे पर रखकर दागे जाने वाले आधुनिक मिसाइल सिस्टम हैं, जो कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों और हेलीकॉप्टरों के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। इसके अलावा, कुछ विश्लेषकों ने चीन की HQ-9B लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली के संभावित उपयोग की भी आशंका जताई है। यह प्रणाली रडार और इन्फ्रारेड दोनों प्रकार के मार्गदर्शन का उपयोग करती है, जिससे इसकी प्रभावशीलता और बढ़ जाती है।

अमेरिकी हवाई वर्चस्व पर सवाल

अमेरिकी सैन्य इतिहास में पिछले 20 वर्षों में पहली बार इतने कम समय में इस स्तर पर विमानों को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन यदि ये सही साबित होते हैं, तो यह अमेरिका की हवाई श्रेष्ठता के लिए बड़ा झटका हो सकता है।

LPG Oil Crisis: ईरान ने भारत को तेल देने से किया मना, पेमेंट की वजह से चीन गया जहाज? सरकार ने क्या कहा..

0

India Iran Oil Trade News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को लेकर कई तरह की अफवाहें उड़ रही थीं। मुख्य विवाद ईरान से आने वाले एक तेल टैंकर को लेकर था, जिसके बारे में कहा गया कि पेमेंट की समस्या के कारण वह भारत के बजाय चीन चला गया।

हालांकि, भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। सरकार ने साफ किया है कि भारत की तेल और गैस सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और टैंकरों का रास्ता बदलना एक सामान्य व्यापारिक प्रक्रिया है।

Crude oil tanker diversion: क्या है तेल टैंकर विवाद?

सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि ईरान से 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर गुजरात आ रहा एक जहाज पेमेंट न हो पाने के कारण चीन की तरफ मुड़ गया। मंत्रालय ने इस पर स्पष्टीकरण दिया कि समुद्री व्यापार में जहाजों का रास्ता बदलना सामान्य बात है। कई बार बेहतर डील या ऑपरेशनल जरूरतों की वजह से जहाज का गंतव्य (Destination) बीच रास्ते में बदला जाता है। इसे पेमेंट की समस्या से जोड़ना गलत है, क्योंकि भारत को तेल सप्लाई करने में कोई बाधा नहीं है।

कैसे होता है तेल का व्यापार?

सरकार ने समझाया कि तेल का अंतरराष्ट्रीय व्यापार बहुत लचीला होता है। जब कोई जहाज चलता है, तो उसके कागजों (Bill of Lading) पर एक संभावित पोर्ट का नाम होता है। लेकिन यात्रा के दौरान अगर कंपनी को कहीं और बेहतर जरूरत महसूस होती है, तो वे जहाज को दूसरी जगह भेज सकते हैं। इसे ‘कार्गो ऑप्टिमाइजेशन’ कहते हैं। भारत 40 से अधिक देशों से तेल खरीदता है, इसलिए एक जहाज के मुड़ने से देश की सप्लाई पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

LPG Oil Crisis: सुरक्षित है एलपीजी की सप्लाई

कच्चे तेल के साथ-साथ एलपीजी (LPG) को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। मंत्रालय के अनुसार, ईरान से आया ‘सी बर्ड’ नामक जहाज हाल ही में मैंगलोर पोर्ट पर गैस उतार चुका है। भारत में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा, भारतीय ध्वज वाले जहाज लगातार होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील इलाकों से सुरक्षित गुजर रहे हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले महीनों के लिए देश के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है।

Hormuz Strait LPG supply: होर्मुज स्ट्रेट और भारतीय जहाज

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से भारत का काफी तेल और गैस आता है। युद्ध के माहौल के बावजूद, ‘ग्रीन सान्वी’ नाम का भारतीय एलपीजी टैंकर इस रास्ते से सुरक्षित निकल चुका है। यह इस मार्ग को पार करने वाला सातवां भारतीय जहाज है। इसमें लगभग 44,000 टन एलपीजी है। इसके पीछे-पीछे ‘ग्रीन आशा’ और ‘जग विक्रम’ जैसे अन्य जहाज भी भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जो हमारी मजबूत सप्लाई चेन को दिखाते हैं।

अफवाहों पर सरकार का जवाब

पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारत अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं है। भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां अपनी मर्जी और कमर्शियल फायदों के हिसाब से तेल के स्रोत चुनती हैं। ईरान के साथ पेमेंट को लेकर कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही बिना सिर-पैर की खबरों पर यकीन न करें, क्योंकि भारत की एनर्जी सप्लाई की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

CG: बंगाल चुनाव में भाजपा विधायक ने संभाली प्रचार की कमान, सभाओं में मांगा समर्थन…

0

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान होगा। जबकि मतगणना चार मई को की जाएगी। भाजपा ने छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नवागढ़ विधायक एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा। मतगणना चार मई को की जाएगी, जिससे राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में छत्तीसगढ़ के नेताओं को उतारा है। बेमेतरा जिले के विधायक दयालदास बघेल को प्रचार की जिम्मेदारी मिली है। वह छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री भी हैं। बघेल ने चुनाव प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से संवाद किया।

उन्होंने कुलतली क्षेत्र से लौटते समय आज पेटकुलचंद ब्रिज पर नुक्कड़ सभा की। यहां उन्होंने भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। बघेल ने केंद्र सरकार की योजनाओं और पार्टी की नीतियों को बताया। उन्होंने राज्य में परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया। कुलतली विधानसभा क्षेत्र के तेनतुलबेरिया चौक में भी उन्होंने सभा को संबोधित किया। उन्होंने विकास और सुशासन के लिए बदलाव को जरूरी बताया।

कुलतली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने पहली बार महिला प्रत्याशी उतारा है। इसे लेकर कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। मंत्री बघेल ने इसे महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने अपने चुनावी दौरे में संगठनात्मक बैठकों में भी भाग लिया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा के निर्देश पर बैठकें आयोजित की गईं।

भाजपा द्वारा छत्तीसगढ़ के नेताओं को बंगाल चुनाव में उतारना रणनीति का हिस्सा है। पार्टी अनुभवी नेताओं के जरिए संगठन को मजबूत करना चाहती है। इसका उद्देश्य मतदाताओं तक अपनी पहुंच प्रभावी बनाना है। यह कदम पार्टी की राष्ट्रीय विस्तार की महत्वाकांक्षा दर्शाता है। इससे स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा।

छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, खनिज राजस्व प्राप्ति में 14 प्रतिशत का इजाफा, खनिज 2.0 प्लेटफॉर्म…

0

खनिज राजस्व में कुल 14 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. इस सफलता का श्रेय बेहतर प्रबंधन और तकनीक को दिया जा रहा है. 31 मार्च को नक्सलवाद के लगभग खात्मे का ऐलान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कर दिया. नक्सलवादी हिंसा का असर बीते एक साल में तेजी से प्रदेश में कम हुआ. इसका सीधा फायदा छत्तीसगढ़ को खनिज राजस्व के क्षेत्र में होता दिखाई दे रहा है. साल 2025–26 में 16,625 करोड़ की खनिज राजस्व प्राप्ति हुई है जो कि पिछले आंकड़ों की तुलना में करीब 14 प्रतिशत ज्यादा है.

छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग

खनिज विभाग के सचिव पी दयानंद ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा, छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में 16,625 करोड़ का खनिज राजस्व प्राप्त कर नया रिकार्ड बनाया है. पी दयानंद ने कहा, लक्ष्य सुशासन, प्रभावी नीति क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी व्यवस्था की वजह से हासिल हुई. यह उपलब्धि न केवल प्रभावी प्रशासनिक रणनीति का परिणाम है, बल्कि राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती को भी दिखाती है.

खनिज राजस्व प्राप्ति में 14 प्रतिशत का इजाफा

इस वर्ष खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों की औसत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 6 प्रतिशत से दोगुनी से भी अधिक है. खनिज राजस्व में इस वृद्धि के प्रमुख कारकों में एनएमडीसी (NMDC) तथा अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का प्रभावी अनुकूलन शामिल है. इसके साथ ही, ‘खनिज 2.0’ (Khanij 2.0) जैसे आईटी-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता, निगरानी और संचालन में सुधार हुआ है. शासन के प्रयासों से राजस्व में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है. इस बढ़ोत्तरी से राज्य की आर्थिक स्थिति पहले से और बेहतर हुई. राज्य को जब ज्यादा आय मिलेगी तो वो उससे विकास के कार्यों पर और अधिक मात्रा में खर्च कर पाएगा

खनिज 2.0 प्लेटफॉर्म

आने वाले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार का विशेष ध्यान गौण खनिजों को भी ‘खनिज 2.0’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर होगा, जिससे संपूर्ण खनन प्रणाली को डिजिटल और एकीकृत बनाया जा सके. इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन की निगरानी को और अधिक मजबूत करने के लिए वीटीएस (VTS), आई-चेक गेट्स (iCheck Gates) तथा ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली को बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा. शासन का उद्देश्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए राजस्व में सतत वृद्धि करना है. इन प्रयासों से न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी.

CG: नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पहली बार हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार…

0

दुर्ग पुलिस ने हाइड्रोपोनिक गांजा के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों के आरोपियों के पास से 2 किग्रा सामान्य गांजा और 2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा, नगदी समेत अन्य सामग्री बरामद की है।

प्रकरण में मादक पदार्थ के स्रोत एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश कर दिया है।

पुलिस प्रवक्ता एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि शनिवार को मुखबीर से सूचना मिली कि बोरसी रोड स्थित बीज विकास निगम के पास रुआबांधा क्षेत्र में कुछ व्यक्ति गांजा बेच रहे हैं।

जिसके बाद पुलिस ने तलाशी अभियान चलाकर दोनों युवकों को हिरासत में लिया गया। युवकों की तलाशी में उनके पास से हाइड्रोपोनिक गांजा और सामान्य गांजा समेत अन्य सामग्री बरामद किया है।

पुलिस ने विक्रम साहू निवासी तालपुरी और यश विश्वकर्मा निवासी हुडको को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इनके पास से 2 किग्रा गांजा और 2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा, 40 हजार नगदी व अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस ने दो युवकों को एनडीपीएस के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।

हाइड्रोपोनिक गांजा की कीमत एक लाख और सामान्य गांजा की कीमत एक लाख रुपये आंकी गई है।