खनिज राजस्व में कुल 14 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. इस सफलता का श्रेय बेहतर प्रबंधन और तकनीक को दिया जा रहा है. 31 मार्च को नक्सलवाद के लगभग खात्मे का ऐलान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कर दिया. नक्सलवादी हिंसा का असर बीते एक साल में तेजी से प्रदेश में कम हुआ. इसका सीधा फायदा छत्तीसगढ़ को खनिज राजस्व के क्षेत्र में होता दिखाई दे रहा है. साल 2025–26 में 16,625 करोड़ की खनिज राजस्व प्राप्ति हुई है जो कि पिछले आंकड़ों की तुलना में करीब 14 प्रतिशत ज्यादा है.
छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग
खनिज विभाग के सचिव पी दयानंद ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा, छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में 16,625 करोड़ का खनिज राजस्व प्राप्त कर नया रिकार्ड बनाया है. पी दयानंद ने कहा, लक्ष्य सुशासन, प्रभावी नीति क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी व्यवस्था की वजह से हासिल हुई. यह उपलब्धि न केवल प्रभावी प्रशासनिक रणनीति का परिणाम है, बल्कि राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती को भी दिखाती है.
खनिज राजस्व प्राप्ति में 14 प्रतिशत का इजाफा
इस वर्ष खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों की औसत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 6 प्रतिशत से दोगुनी से भी अधिक है. खनिज राजस्व में इस वृद्धि के प्रमुख कारकों में एनएमडीसी (NMDC) तथा अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का प्रभावी अनुकूलन शामिल है. इसके साथ ही, ‘खनिज 2.0’ (Khanij 2.0) जैसे आईटी-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता, निगरानी और संचालन में सुधार हुआ है. शासन के प्रयासों से राजस्व में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है. इस बढ़ोत्तरी से राज्य की आर्थिक स्थिति पहले से और बेहतर हुई. राज्य को जब ज्यादा आय मिलेगी तो वो उससे विकास के कार्यों पर और अधिक मात्रा में खर्च कर पाएगा
खनिज 2.0 प्लेटफॉर्म
आने वाले वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार का विशेष ध्यान गौण खनिजों को भी ‘खनिज 2.0’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर होगा, जिससे संपूर्ण खनन प्रणाली को डिजिटल और एकीकृत बनाया जा सके. इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन की निगरानी को और अधिक मजबूत करने के लिए वीटीएस (VTS), आई-चेक गेट्स (iCheck Gates) तथा ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली को बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा. शासन का उद्देश्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए राजस्व में सतत वृद्धि करना है. इन प्रयासों से न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी.



