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Gold Rate Today: सोना लगातार हो रहा सस्ता, 3500 गिरे दाम, क्या खरीदारी का सही मौका? 22K-18K गोल्ड के नए रेट…

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Gold Rate Today 4 April 2026: देश में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है, लेकिन 4 अप्रैल 2026 को निवेशकों और खरीदारों के लिए राहत भरी खबर आई है। वायदा बाजार में सोना करीब ₹3500 तक लुढ़क गया है, जिससे खरीदारी का माहौल बनता दिख रहा है।

हालांकि स्पॉट मार्केट में कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, लेकिन हालिया गिरावट ने बाजार की दिशा को लेकर नए संकेत दिए हैं।

दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹1,51,090 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है, जबकि एक दिन पहले यह ₹1,51,500 पर स्थिर था। मुंबई में भी 24 कैरेट गोल्ड ₹1,50,940 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने की कीमत गिरकर 4591.52 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है, जो ग्लोबल ट्रेंड को दिखाता है।

Gold Rate In India: देश के 20 बड़े शहरों में सोने के ताजा रेट (04 अप्रैल 2026) शहर 24 कैरेट (₹) 22 कैरेट (₹) 18 कैरेट

  • दिल्ली -1,51,090- 1,38,510- 1,11,350
  • मुंबई-1,50,940- 1,38,360- 1,11,200
  • कोलकाता- 1,50,940-1,38,360- 1,11,200
  • चेन्नई- 1,51,100 -1,38,510 -1,11,350
  • अहमदाबाद-1,50,990- 1,38,410- 1,11,250
  • जयपुर- 1,51,090- 1,38,510- 1,11,350
  • लखनऊ- 1,51,090- 1,38,510- 1,11,350
  • चंडीगढ़ -1,51,090- 1,38,510- 1,11,350
  • भोपाल -1,50,990- 1,38,410- 1,11,250
  • हैदराबाद- 1,50,940- 1,38,360- 1,11,200
  • बेंगलुरु- 1,50,940- 1,38,360- 1,11,200
  • पुणे -1,50,940- 1,38,360- 1,11,200
  • पटना -1,51,090- 1,38,510- 1,11,350
  • इंदौर- 1,50,990- 1,38,410- 1,11,250
  • नागपुर- 1,50,940- 1,38,360- 1,11,200
  • सूरत -1,50,990- 1,38,410- 1,11,250
  • कानपुर- 1,51,090- 1,38,510- 1,11,350
  • गुरुग्राम -1,51,090- 1,38,510- 1,11,350
  • नोएडा- 1,51,090- 1,38,510- 1,11,350
  • रायपुर- 1,50,990- 1,38,410- 1,11,250

चांदी भी हुई सस्ती (Silver Rate In India)

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखी गई है। 4 अप्रैल को चांदी ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। एक दिन पहले दिल्ली में इसका भाव ₹2,37,000 प्रति किलो था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 69.57 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है।

कैसे तय होते हैं सोना-चांदी के दाम?

भारत में सोने और चांदी की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क, टैक्स और मांग-आपूर्ति का संतुलन इन पर असर डालता है। इसके अलावा, MCX और इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के रेट भी बाजार की दिशा तय करते हैं। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने से कीमतें ऊपर जाती हैं, जबकि वैश्विक अनिश्चितता या डॉलर मजबूत होने पर गिरावट देखने को मिलती है।

फाइलिंग से पहले चेक करें ये 7 जरूरी फीचर्स! नए टैक्स पोर्टल ने बदला काम करने का अंदाज, जानें पूरी डिटेल…

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देश के इनकम टैक्स सिस्टम में इनकम टैक्स नियमों, 2026 के तहत नए फॉर्म्स की शुरुआत के साथ काफी बदलाव आए हैं. इसके अलावा, ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक इंटीग्रेटेड पेमेंट मॉड्यूल के लॉन्च से टैक्स फ़ाइल करने वालों को बहुत फायदा हुआ है.

पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के 1 अप्रैल 2026 से आधिकारिक तौर पर कैंसल होने के बाद, टैक्स देने वालों को अब दोहरे-फ्रेमवर्क वाले बदलाव को समझने पर ध्यान देना होगा, साथ ही यह भी पक्का करना होगा कि वे नियमों का सही से पालन करें.

सबसे बड़े सुधारों में से एक है नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के हिसाब से अपडेट किए गए फॉर्म्स की शुरुआत. इसलिए, टैक्स देने वालों के लिए फॉर्म्स को ध्यान से चुनना बहुत जरूरी हो जाता है, खासकर असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए. ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बदलाव के दौरान, पुराने और नए, दोनों सिस्टम कुछ समय तक साथ-साथ चलेंगे. इन बदलावों के साथ-साथ, नया लॉन्च किया गया इंटीग्रेटेड पेमेंट मॉड्यूल यूजर्स को दोनों टैक्स सिस्टम के तहत एक ही इंटरफेस से टैक्स चुकाने की सुविधा देता है, जिससे पेमेंट आसान हो जाता है और गलतियां कम होती हैं.

आज के बदलते माहौल में, पोर्टल पर मौजूद Quick links सेक्शन एक जरूरी टूलकिट का काम करता है, जो सही तरीके से इस्तेमाल किए जाने पर यूजर्स को सुविधा और आसानी देता है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए, यहाँ सात जरूरी लिंक्स दिए गए हैं जिन्हें हर टैक्स देने वाले को अभी देखना चाहिए:

7 जरूरी Quick Links जिन्हें हर टैक्सपेयर्स के लिए समझना जरूरी है

e-Pay Tax: अब टैक्स नियमों के पालन के लिए बहुत जरूरी हो चुका यह फीचर, पुराने और नए, दोनों टैक्स सिस्टम के तहत आसानी से पेमेंट करने में मदद करता है. यह पक्का करता है कि सही चालान का इस्तेमाल हो और इस बदलाव के दौर में टैक्स चुकाते समय गलतियों और चूकों से बचने में मदद करता है.

e-Verify Return: जब आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल करते हैं, तो याद रखें कि आपका काम अभी आधा ही हुआ है. वेरिफिकेशन ज़रूरी है और यह पूरे प्रोसेस को पूरा करने में मदद करता है. यह लिंक आधार OTP, नेट बैंकिंग या दूसरे तरीकों से तुरंत वेरिफिकेशन करने की सुविधा देता है. इस तरह, प्रोसेसिंग की रफ्तार और समय पर रिफंड मिलना पक्का हो जाता है.

Know Tax Payment Status: यह टूल टैक्स देने वालों को यह पक्का करने की सुविधा देता है कि उनका पेमेंट सफल हुआ है या नहीं. यह शंकाओं और उलझनों को कम करने में मदद करता है और टैक्स जमा करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाता है.

Link Aadhaar/View Status: आधार-PAN को लिंक करना अभी भी जरूरी है. यह सेक्शन यूजर्स को इस जानकारी को देखने और अपडेट करने की सुविधा देता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि बिना लिंक किए, टैक्स जमा नहीं किया जा सकता.

इनकम टैक्स कैलकुलेटर: नियमों में बदलाव और एक्ट में नए संशोधनों के आने के साथ, यह कैलकुलेटर टैक्सपेयर्स को अपनी टैक्स देनदारी का सटीक अनुमान लगाने की सुविधा देता है. इसके जरिए, आप अलग-अलग टैक्स व्यवस्थाओं और योजनाओं के तहत अपनी देनदारियों की तुलना कर सकते हैं, और उसी के अनुसार अपने फाइनेंस और टैक्स फाइलिंग को व्यवस्थित कर सकते हैं.

नोटिस का पालन करें: टैक्स फाइलिंग के पीक सीजन के दौरान, नोटिस मिलना तय है. यह लिंक यूजर्स को जरूरी डॉक्यूमेंट्स तुरंत अपलोड करने, जवाब देने और अपनी सब्मिशन को ट्रैक करने की सुविधा देता है, जिससे मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान हो सके और पेनल्टी व आगे की जांच से बचा जा सके.

इंस्टेंट e-PAN: नए टैक्सपेयर्स इस फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो उन्हें अपडेटेड टैक्स इकोसिस्टम में बिना किसी रुकावट के शामिल होने और तेजी से डिजिटल PAN प्राप्त करने की सुविधा देता है.

ये लिंक्स काम करते हैं आसान

जैसे-जैसे टैक्स का ढांचा विकसित हो रहा है और उसमें संरचनात्मक बदलाव आ रहे हैं, ये क्विक लिंक्स महज शॉर्टकट से कहीं ज़्यादा हैं. ये नई अपडेटेड इनकम टैक्स वेबसाइट का इस्तेमाल करने के अनुभव को और भी आसान बनाते हैं, और टैक्सपेयर्स को नियमों का पालन करने, जानकारी रखने और स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद करते हैं.

Delhi RTO Reopening 2026: दिल्ली में फिर खुलेंगे 13 RTO, DL-13 नंबर प्लेट भी लौटेगी, क्या बदलेगा आपके लिए?

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Delhi RTO Reopening 2026: दिल्ली के निवासियों के लिए परिवहन सेवाओं से जुड़ी एक बड़ी और राहत भरी खबर है। दिल्ली परिवहन विभाग ने अपने प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए शहर के सभी 13 जिलों में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) को फिर से चालू करने की योजना बनाई है।

फेसलेस (डिजिटल) सेवाओं को बढ़ावा देने के नाम पर बंद किए गए कई दफ्तरों को अब जनता की सुविधा के लिए दोबारा खोला जा रहा है।

वर्तमान में दिल्ली में केवल 4 आरटीओ (मॉल रोड, सराय काले खां, मयूर विहार और द्वारका) ही इन-पर्सन यानी ऑफलाइन सेवाओं के लिए चालू हैं। लेकिन अब सरकार ने हर जिले में एक आरटीओ कार्यालय संचालित करने का निर्णय लिया है।

किन-किन इलाकों में खुलेंगे नए RTO?

नई योजना के तहत दिल्ली के अलग-अलग जिलों में RTO ऑफिस खोले जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:

मॉल रोड (ओल्ड दिल्ली), जामनगर हाउस (नई दिल्ली), लाडो सराय (दक्षिण), हरि नगर (पश्चिम), लोनी (उत्तर-पूर्व), सराय काले खां (दक्षिण-पूर्व), मयूर विहार (पूर्व), वजीरपुर (सेंट्रल नॉर्थ), द्वारका (दक्षिण-पश्चिम), राजा गार्डन (सेंट्रल), रोहिणी-1 (आउटर नॉर्थ), बुराड़ी (उत्तर) और रोहिणी-2 (नॉर्थ-वेस्ट)।

DL-13 सीरीज की ‘वापसी’: अब नहीं होगा कोई गैप

प्रशासनिक पुनर्गठन के साथ-साथ विभाग ने वाहन पंजीकरण की ‘DL-13’ सीरीज को भी दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। पिछले कुछ वर्षों से इस सीरीज का उपयोग नहीं किया जा रहा था और सीधे DL-14 सीरीज शुरू कर दी गई थी। अब DL-14 सीरीज को बंद कर पुरानी DL-13 को वापस लाया जाएगा, जिससे रजिस्ट्रेशन सीक्वेंस (क्रम) को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

डिजिटल के साथ ‘फिजिकल’ मौजूदगी की जरूरत क्यों?

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भले ही विभाग ने अपनी 90% सेवाओं (जैसे लर्निंग लाइसेंस, रिन्यूअल, डुप्लीकेट लाइसेंस और ओनरशिप ट्रांसफर) को ‘फेसलेस’ मोड में सफलतापूर्वक स्थानांतरित कर दिया है, लेकिन कुछ कार्यों के लिए अभी भी मानवीय हस्तक्षेप की जरूरत पड़ती है।

वाहनों के निरीक्षण और दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के लिए दफ्तर जाना जरूरी होता है। वर्तमान में केवल 4 दफ्तर होने के कारण लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। 13 दफ्तर खुलने से लोग अपने नजदीकी जिले में ही काम करा सकेंगे। ऑफलाइन सहायता के तहत उन लोगों के लिए सहायता केंद्र के रूप में कार्य करेंगे जिन्हें डिजिटल सेवाओं का उपयोग करने में कठिनाई होती है।

फेसलेस सेवाएं रहेंगी प्राथमिक मोड

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ‘फेसलेस सर्विसेज’ अभी भी सेवा वितरण का प्राथमिक तरीका बनी रहेंगी। आरटीओ दफ्तर केवल उन मामलों के लिए सपोर्ट सेंटर के रूप में काम करेंगे जहाँ मैन्युअल हस्तक्षेप या प्रवर्तन संबंधी कार्य अनिवार्य होगा।

अधिकारियों का कहना है कि इन सभी 13 कार्यालयों को पूरी तरह क्रियाशील बनाने के लिए बुनियादी ढांचे और स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है। इसकी समयसीमा जल्द ही अलग से जारी की जाएगी। दिल्ली में 13 RTO का दोबारा शुरू होना आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

इससे न सिर्फ सेवाएं नजदीक मिलेंगी, बल्कि समय की बचत और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। यह कदम डिजिटल इंडिया और ग्राउंड लेवल सुविधा दोनों को साथ लेकर चलने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Mawan Dhiyan Satkar Yojana: पंजाब में हर महीने मिलेंगे 1500 रुपए! कैसे भरना है फॉर्म, क्या लगेंगे दस्तावेज?

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Mawan Dhiyan Satkar Yojana: पंजाब सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़ी पहल की है। राज्य की मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है।

इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद दी जाएगी। सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1000 रुपए और अनुसूचित जाति से जुड़ी महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देना और उनकी घरेलू जरूरतों में मदद करना है।

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने इस योजना को लागू करने का फैसला किया है। योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1500 मिलेंगे।

सरकार ने साफ किया है कि किसी परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी। यानी अगर एक ही परिवार में कई महिलाएं पात्र हैं तो सभी को योजना का लाभ मिल सकता है।

क्या पेंशन पाने वाली महिलाओं को भी मिलेगा लाभ?

2 अप्रैल को जारी अधिसूचना के मुताबिक, जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, उन्हें भी इस योजना का पूरा लाभ मिलेगा। यानी उनकी मौजूदा पेंशन जारी रहेगी और इसके साथ योजना की राशि भी मिलेगी।

2022 चुनाव में किया गया था वादा

पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 से पहले भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। उसी वादे को पूरा करते हुए अब यह योजना लागू की गई है। सरकार के अनुसार योजना का लाभ सीधे महिलाओं के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा और इसे 2 अप्रैल से लागू माना जाएगा।

कैसे भरा जाएगा फॉर्म?

इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र महिलाओं को आवेदन फॉर्म भरना होगा। फॉर्म के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे ताकि पात्रता की जांच की जा सके।

कौन-कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी?

योजना के लिए आवेदन करते समय महिलाओं को ये दस्तावेज देने होंगे:

आधार कार्ड (जिस पर पंजाब का पता दर्ज हो)

पंजाब का वोटर आईडी कार्ड

बैंक अकाउंट और पासबुक की कॉपी

अगर महिला अनुसूचित जाति या जनजाति से है तो जाति प्रमाणपत्र

योजना की निगरानी कैसे होगी?

सरकार ने योजना को सही तरीके से लागू करने की जिम्मेदारी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को दी है। गांव-गांव तक जानकारी पहुंचाने के लिए विशेष फेसिलिटेटर और मोबिलाइज़र भी तैनात किए जाएंगे। जिन महिलाओं का बैंक अकाउंट नहीं है, उनके खाते खुलवाने में भी मदद की जाएगी। वहीं पारदर्शिता बनाए रखने और किसी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए मोबाइल ऐप और डिजिटल डैशबोर्ड भी तैयार किया गया है। नियमों के मुताबिक लाभार्थी की मृत्यु होने पर योजना के तहत मिलने वाली राशि तुरंत बंद कर दी जाएगी।

Maharashtra Rain: मराठवाड़ा-विदर्भ में किसानों पर कहर बनकर टूटी बिन मौसम बरसात, 1.22 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद…

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Maharashtra Rain: महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे किसानों और आम जनजीवन पर गंभीर असर पड़ा है। Maharashtra के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों, मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में अब तक 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई है।

सबसे अधिक असर नासिक क्षेत्र में देखा गया है, जहां बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत भी हो गई है। इसके अलावा जलगांव, धुले, बुलधाना और छत्रपति संभाजीनगर जैसे जिलों में भी भारी नुकसान की खबर है। इन क्षेत्रों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार रबी फसलें जैसे गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

Maharashtra Rain: प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा

– राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने कहा है कि सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा देगी। उन्होंने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए विभिन्न जिलों में सर्वेक्षण जारी है।

Maharashtra Weather Alert: बिन मौसम बरसात रुला रही किसानों को, 7 जिलों में 5 दिन का बारिश का अलर्ट

– कृषि विभाग के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से 82,000 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। फलों के बागानों को भी भारी नुकसान हुआ है।

– अंगूर, अनार और आम जैसी फसलों में बड़े पैमाने पर फल गिर गए हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

– प्याज, टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियों की फसलें भी खराब हो गई हैं और कई खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है।

Marathwada Vidarbha Rain: जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त

पुणे जिले में भी हालात चिंताजनक हैं। पिंपरी-चिंचवड़ और अंबेगांव तालुका में भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारामती से सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने प्रभावित किसानों के लिए तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है। राज्य सरकार ने भी किसानों को आर्थिक मुआवजा देने की बात कबूल की है।

Maharashtra Rain Update: ओलावृष्टि और तेज बारि का अलर्ट

इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने अगले तीन से चार दिनों में और अधिक बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। अकेले उत्तरी महाराष्ट्र में लगभग 64,000 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें नासिक मंडल में 50,000 हेक्टेयर से अधिक फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। यह बेमौसम बारिश महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। अब सभी की नजर सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे और राहत कार्यों पर टिकी हुई है, ताकि इस नुकसान की भरपाई कुछ हद तक की जा सके।

America Iran War: ईरान ने निकाली Trump की हेकड़ी, 24 घंटे में 2 चॉपर- 2 फाइटर जेट मिट्टी में मिलाए…

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America Iran War: जब अमेरिका ने ईरान के साथ जंग शुरू की थी तब दावा किया था कि 2-3 हफ्ते या उससे भी कम में उसके टारगेट अचीव हो जाएंगे। लेकिन युद्ध के पांचवे हफ्ते में ऐसा लग रहा है कि ये दांव अमेरिका पर ही उल्टा पड़ गया है। पिछले 24 घंटे में अमेरिका ने दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और दो फाइटर जेट्स को ईरान ने हवा में मार गिराया। जिसका एक मैसेज अमेरिका तक साफ गया कि हल्के में मत लेना।

कुवैत में चिनूक हेलीकॉप्टर पर हमला

ईरानी की न्यूज एजेंसी ने तस्वीरें जारी कर दावा किया है कि कुवैत के कैंप बुहरिंग पर हुए हमलों में अमेरिकी सेना का Boeing CH-47 Chinook हेलीकॉप्टर बर्बाद हो गया है। 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी विमानों को इस तरह सीधे निशाना बनाया गया है। इस घटना ने वाशिंगटन के एयर सुपीरियरिटी के दावों को मिट्टी में मिला दिया।

ईरान के अंदर गिरा F-15E, पायलट लापता

जानकारी के मुताबिक, ईरान की सीमा के अंदर घुसकर ऑपरेशन को अंजाम देने गया एक अमेरिकी F-15E Strike Eagle फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में दो क्रू मेंबर थे, जिनमें से एक को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन दूसरा अभी भी लापता है। आशंका जताई जा रही है कि वह ईरान में कहीं छिपा हुआ हो सकता है।

A-10 वॉर्थॉग भी बना निशाना, पायलट ने बचाई जान

इसी बीच, एक और घटना में कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहा अमेरिकी A-10 Thunderbolt II अटैक एयरक्राफ्ट भी निशाने पर आ गया। इसके बाद विमान क्रैश हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि पायलट समय रहते इजेक्ट कर सुरक्षित बच निकला।

रेस्क्यू मिशन ईरानियों ने किया हमला

लापता पायलट की तलाश में भेजे गए दो HH-60W Jolly Green II हेलीकॉप्टर भी ईरानी गोलाबारी की चपेट में आ गए। हालांकि इन हेलीकॉप्टरों का क्रू सुरक्षित है, लेकिन कुछ जवान घायल हुए हैं। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी आ चुका है।

F-16 और KC-135 को करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

इसी दौरान, एक F-16 Fighting Falcon फाइटर जेट और दो KC-135 Stratotanker टैंकर विमानों को तकनीकी खराबी या संभावित खतरे के चलते इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। ये लगातार घटनाएं अमेरिकी सेना के लिए बड़ा झटका मानी जा रही हैं।

IRGC ढूंढ रही अमेरिकी पायलट को इन घटनाओं के बाद Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में लापता अमेरिकी पायलट की तलाश के लिए बड़ा ‘पायलट हंट’ अभियान शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि अगर किसी को लापता अमेरिकी पायलट के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत साझा करें। इतना ही नहीं, एक क्षेत्रीय अधिकारी ने दुश्मन सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले को भारी इनाम देने का भी ऐलान कर दिया है।

घटना पर बयान देकर घिरे ट्रंप

इन घटनाओं पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान देते हुए कहा कि “यह जंग है और ऐसा होता रहता है।” इससे अलग एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये घटनाएं ट्रंप के उन दावों के उलट हैं, जिनमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह कंट्रोल कर लिया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कमजोर एयर डिफेंस सिस्टम भी मोबाइल मिसाइल और ग्राउंड फायरिंग के जरिए बड़े खतरे पैदा कर सकते हैं।

MAGA धड़े से लोगों का Exit जारी

ट्रंप के कट्टर MAGA समर्थक भी अब ईरान के खिलाफ चल रही जंग को खींचने में राजी नहीं दिख रही है। जो केंट से लेकर रेंडी जॉर्ज तक करीब आधा दर्जन से ज्यादा लोग या तो खुद अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं या असहमति जताने के कारण ट्रंप ने उनको निकाल दिया है। ये बताता है कि ट्रंप के क्लोज सर्कल में भी जंग को लेकर उठा-पटक जारी है।

Railways: लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सांतरागाछी तक चलेगी नई समर स्पेशल ट्रेन, देखें छत्तीसगढ़ में स्टॉपेज…

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा को लेकर समर सीजन में लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) – सांतरागाछी (SRC) – लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन (01001/01002) चलाई जा रही है। यात्रियों की भीड़ कम करने के लिए 21 अप्रैल से 16 जुलाई 2026 तक यह ट्रेन चलाई जा रही है।

गाड़ी संख्या 01001 लोकमान्य तिलक टर्मिनस संतरागाछी समर स्पेशल दिनांक 21 अप्रैल से 14 जुलाई 2026 तक 13 फेरों के लिए प्रत्येक मंगलवार को 20:15 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलकर नासिक भुसावल के रास्ते होते हुए 10:15 बजे नागपुर, 1153 बजे गोंदिया, 14:10 बजे दुर्ग, 1450 बजे रायपुर, 1635 बजे बिलासपुर झारसुगुड़ा राउरकेला चक्रधरपुर टाटानगर खड़कपुर होते हुए गुरुवार को सुबह 05:00 बजे सांतरागाछी पहुंचेगी।

गाड़ी संख्या 01002 सांतरागाछी – लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) समर स्पेशल ट्रेन दिनांक 23 अप्रैल से 16 जुलाई 2026 तक 13 फेरों के लिए प्रत्येक गुरुवार दोपहर 15:50 बजे सांतरागाछी से रवाना होकर खड़कपुर टाटानगर चक्रधरपुर राउरकेला झारसुगुड़ा होते हुए 3:50 बजे बिलासपुर, 05:35 बजे रायपुर, 6:30 बजे दुर्ग, 08:33 बजे गोंदिया 10:50 बजे नागपुर होते हुए भुसावल, नासिक, कल्याण के रास्ते शुक्रवार को 23.45 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) पहुंचेगी।

जानें स्टॉपेज :

ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, अकोला, बडनेरा, नागपुर, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर और खड़गपुर।

ये है कोच:

22 एलएचबी कोच के साथ जिसमें एसी 2-टीयर के दो कोच, एसी 3-टीयर इकोनॉमी के 10 कोच, स्लीपर क्लास के 4 कोच, और सामान्य द्वितीय श्रेणी के 4 कोच और दो पॉवर कार रहेगी।

CG” पश्चिम एशिया संकट के बीच अलर्ट पर सरकार, किसानों को समय पर खाद देने की तैयारी..

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच छत्तीसगढ़ में उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क हो गई है। आयातित खाद पर असर पड़ने की आशंका को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर खरीफ सीजन 2026 के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है, ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक मिल सके।

सरकार के मुताबिक खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया गया है। वर्तमान में राज्य के गोदामों और समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जिससे शुरुआती जरूरतों को पूरा करने की तैयारी है।

हाल ही में हुई वर्चुअल बैठक में विभिन्न राज्यों में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ की स्थिति भी साझा की गई, जिसमें बताया गया कि राज्य में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

आंकड़ों के अनुसार राज्य को आवंटित कुल उर्वरकों में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं। वहीं 30 मार्च 2026 की स्थिति में उपलब्ध स्टॉक में भी इन सभी उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, जिससे किसानों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया गया है।

संभावित कमी की स्थिति से निपटने के लिए सरकार किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रेरित कर रही है। इसके तहत जैविक खाद, हरी खाद और नैनो उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य में जल्द ही ई-उर्वरक वितरण प्रणाली लागू करने की तैयारी है। इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए किसानों को उनके पंजीकृत रकबे के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अनियमितता पर रोक लगेगी।

इसके अलावा कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों को सक्रिय किया जा रहा है। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए नई सुविधा, वेतन के आधार पर तुरंत मिलेगा लोन…

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छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत देने के उद्देश्य से एक नई सुविधा शुरू की है। अब शासकीय सेवक अपने वेतन के आधार पर अल्पावधि ऋण ले सकेंगे, जिससे अचानक आने वाली जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था राज्यभर में 16 मार्च 2026 से लागू कर दी गई है। इस योजना के तहत कर्मचारी अपने सैलरी स्ट्रक्चर के अनुसार किसी भी समय अग्रिम राशि प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें पारंपरिक लोन प्रक्रिया की जटिलताओं से राहत मिलेगी।

इस पूरी प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रहे। साथ ही इसे भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे लेन-देन सुरक्षित तरीके से हो सके।

योजना के संचालन के लिए बैंगलोर की रिफाइन टेक प्राइवेट लिमिटेड को सेवा प्रदाता के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। कर्मचारियों की सुविधा के लिए आवेदन से लेकर राशि प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करने वाली मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी की गई है।

छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव के संकेत IMD ने जारी किया बड़ा अलर्ट…

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छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, मध्य क्षेत्र में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. अगले 5 दिनों तक उत्तर और मध्य हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है. 4 अप्रैल को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है. रायपुर में आंशिक बादल और बारिश के साथ तापमान 38°C के आसपास रहने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. पिछले 24 घंटों में मध्य छत्तीसगढ़ के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम और अधिक सक्रिय रहने वाला है. मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. खासतौर पर 4 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. अगले पांच दिनों तक मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बने रहने के संकेत हैं.

तापमान में हल्की गिरावट, आगे भी बदलाव के संकेत
पिछले 24 घंटों में मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ. मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है, लेकिन इसके बाद अगले तीन दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है.

गरजचमक और तेज हवाओं का अलर्ट
अगले 5 दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज के साथ तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने और वज्रपात होने की संभावना जताई गई है. 4 अप्रैल को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है.

प्रदेश में बारिश, राजनांदगांव सबसे गर्म
प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है. तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में सर्वाधिक 40.0°C अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि दुर्ग में न्यूनतम तापमान 18.4°C रिकॉर्ड किया गया. वर्षा के मुख्य आंकड़ों में ओरछा में 3 सेमी बारिश दर्ज हुई.

सिनोप्टिक सिस्टम से मौसम सक्रिय
मौसम में इस बदलाव के पीछे दो प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं. एक द्रोणिका उत्तरी मध्य प्रदेश से उत्तरी विदर्भ तक 0.9 किमी ऊंचाई पर स्थित है, जबकि दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में 1.5 से 3.1 किमी के बीच ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में मौसम सक्रिय बना हुआ है.

रायपुर में बादल और बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में 4 अप्रैल को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 38°C और न्यूनतम 25°C के आसपास रहने का अनुमान है.

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है.