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” भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 मुकाबला ” पांच मैचों की श्रृंखला का अंतिम मुकाबला…”

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भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 मुकाबला**

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की श्रृंखला का अंतिम मुकाबला आयोजित होने जा रहा है। पहले मैच में बारिश के कारण खेल नहीं हो सका, लेकिन इंग्लैंड ने बाकी के मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है।

अब उनकी नजरें श्रृंखला को 4-0 से समाप्त करने पर हैं। दूसरी ओर, श्रेयस अय्यर की अगुवाई में भारतीय टीम एक और हार से बचने की कोशिश करेगी। हालांकि, भारतीय टीम श्रृंखला हार चुकी है, लेकिन वे अंतिम मैच जीतकर अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखना चाहेंगे। आइए, इस मैच से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों पर नजर डालते हैं।

IND vs ENG 5वां टी20 मैच कहां होगा? IND vs ENG 5वां टी20 मैच कब शुरू होगा?

भारत और इंग्लैंड के बीच यह पांचवां टी20 मैच साउथैम्पटन में खेला जाएगा। यह मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा।

IND vs ENG 5वां टी20 मैच टीवी पर कैसे देखें? IND vs ENG 5वां टी20 मैच मोबाइल पर कैसे देखें?

भारत बनाम इंग्लैंड टी20 श्रृंखला का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा।

इस मैच का मोबाइल पर आनंद लेने के लिए सोनी लिव या जियोस्टार ऐप का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा, सोनी लिव और जियोहॉटस्टार की वेबसाइट पर भी लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी।

संभावित प्लेइंग-XI

भारत: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे/सूर्यांश शेडगे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा.

इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर, हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, रेहान अहमद, आदिल रशीद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग.

स्वस्थ शरीर बनाए रखना चमत्कार प्रभावी हेल्दी ड्रिंक बनाने की विधि… खासकर युवाओं में, जो गलत खान-पान के कारण अधिक प्रभावित…

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आजकल स्वस्थ शरीर बनाए रखना किसी चमत्कार से कम नहीं है। जब लिवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त वसा जमा होने लगती है, तो इसे फैटी लिवर कहा जाता है। यह समस्या आजकल काफी आम हो गई है, खासकर युवाओं में, जो गलत खान-पान के कारण अधिक प्रभावित हो रहे हैं.

फैटी लिवर के लक्षण

फैटी लिवर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके लक्षण प्रारंभ में स्पष्ट नहीं होते हैं। जैसे-जैसे लिवर में वसा बढ़ता है, इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इससे लिवर शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर नहीं निकाल पाता, जिसका असर हमारे पाचन, ऊर्जा स्तर और प्रतिरक्षा प्रणाली पर पड़ता है.

डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव

यदि आपकी रिपोर्ट में ग्रेड 1 फैटी लिवर की पहचान हुई है, तो आपको अपनी डाइट और जीवनशैली में सुधार करना चाहिए। इससे आप इसे ग्रेड 2 में बढ़ने से रोक सकते हैं। लंबे समय तक स्वस्थ खान-पान अपनाने से फैटी लिवर के लक्षणों में सुधार संभव है.

फैटी लिवर के लिए हेल्दी ड्रिंक के लाभ

– यह ड्रिंक लिवर को डिटॉक्स करता है, क्योंकि इसमें डेंडेलियन रूट टी होती है, जो बाइल उत्पादन को बढ़ावा देती है.

– धनिए के पत्ते सूजन को कम करते हैं और लिवर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करने में मदद करते हैं.

– हल्दी में कर्क्युमिन की उच्च मात्रा होती है, जो लिवर में जमा वसा को कम करती है.

– काली मिर्च कर्क्युमिन के अवशोषण को बढ़ाती है और लिवर एंजाइम्स के कार्य को बेहतर बनाती है.

– स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह ड्रिंक फैटी लिवर के लक्षणों को काफी हद तक कम कर सकती है. इसके साथ ही, शुगर, रिफाइंड कार्ब्स, तले हुए और प्रोसेस्ड फूड्स से दूर रहना चाहिए.

फैटी लिवर के लिए हेल्दी ड्रिंक बनाने की विधि

सामग्री

– पानी- 2 कप

– डेंडेलियन रूट (सिंहपर्णी) चाय – 1 टीस्पून

– धनिये के पत्ते (ताजा) – 1 टेबलस्पून

– हल्दी पाउडर- 1 चुटकी

– काली मिर्च- 2 चुटकी

विधि

– सबसे पहले एक बर्तन में पानी डालकर हल्का उबालें.

– इसमें डेंडेलियन रूट टी डालें और 3-4 मिनट के लिए छोड़ दें.

– फिर इसमें धनिया पत्ते, हल्दी और काली मिर्च डालें.

– इसे 2-3 मिनट और उबालें और फिर एक कप में छान लें.

– इसे सुबह खाली पेट गुनगुना पिएं, तभी यह अधिक लाभकारी होगा.

हिमाचल प्रदेश में मानसून के कहर से 17 लोगों की मौत… सोलन में बारिश का रिकॉर्ड…

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सोलन में सबसे ज़्यादा बारिश दर्ज

इस मानसून में हिमाचल प्रदेश में अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है। भारी बारिश के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं, जिससे सैकड़ों सड़कें बंद हो गई हैं।

सोलन में सबसे अधिक बारिश हुई, जबकि सिरमौर और शिमला में भी एक ही दिन में भारी वर्षा देखी गई।

कुल्लू-शिमला सहित कई जिलों में बारिश का पूर्वानुमान

” शनिवार तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 17 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है..”

अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन और मलबे के कारण राज्य भर में 120 से अधिक सड़कें बंद हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शिमला, सिरमौर, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और चंबा जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है और येलो अलर्ट जारी किया है।

12 और 13 जुलाई के लिए सिरमौर, सोलन, शिमला, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा, जहां भारी बारिश की संभावना है।

सोने की कीमतें (11 जुलाई)2026: भारत के बड़े शहरों में 24-कैरेट सोने की कीमतें!

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सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव” सोने की कीमतें 11 जुलाई 2026**

वर्तमान में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे खरीदारों को मानसून के इस मौसम में स्थिर रेट पर खरीदने का अवसर मिल रहा है।

शनिवार, 11 जुलाई को ट्रेडिंग बंद रहेगी, लेकिन शुक्रवार, 10 जुलाई के लेटेस्ट रेट्स उस दिन के लिए बेंचमार्क के रूप में कार्य करेंगे।

चूंकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) वीकेंड पर नए रेट जारी नहीं करते हैं, इसलिए निवेशक और खरीदार शुक्रवार की क्लोजिंग कीमतों पर निर्भर रहेंगे।

आज का सोने का भाव: MCX और IBJA अपडेट

10 जुलाई को, MCX पर 5 अगस्त, 2026 का गोल्ड फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट ₹143,478 प्रति 10 ग्राम पर सेटल हुआ, जो पिछले क्लोजिंग से ₹2 अधिक था। कॉन्ट्रैक्ट ₹144,890 पर खुला, ₹145,061 के इंट्राडे हाई को छुआ, और बंद होने से पहले ₹143,324 के लो तक गिर गया।

IBJA के अनुसार, शुक्रवार शाम तक 24 कैरेट सोने की कीमत ₹143,363 प्रति 10 ग्राम थी, जो दिन में पहले दर्ज ₹143,815 से कम थी। इसी बीच, 22 कैरेट सोने की कीमत ₹131,325 प्रति 10 ग्राम थी, जबकि सुबह के सेशन में यह ₹131,735 थी, जो घरेलू बुलियन कीमतों में थोड़ी गिरावट को दर्शाती है।

भारत के बड़े शहरों में 24-कैरेट सोने की कीमतें (11 जुलाई)

शहर सोने की कीमत (24K प्रति 10g)

  • दिल्ली ₹143,500
  • मुंबई ₹143,750
  • कोलकाता ₹143,560
  • चेन्नई ₹144,160
  • बेंगलुरु ₹143,860
  • हैदराबाद ₹143,970
  • पुणे ₹143,750
  • अहमदाबाद ₹143,940
  • लखनऊ ₹143,780
  • गुवाहाटी ₹144,050

स्थानीय टैक्स, परिवहन लागत और डीलर प्रीमियम में भिन्नता के कारण विभिन्न शहरों में सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं। सोना खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे खरीदने से पहले लेटेस्ट लोकल रेट्स की जांच कर लें, क्योंकि विभिन्न ज्वैलर्स के बीच कीमतें भिन्न हो सकती हैं।

हाल के उतार-चढ़ाव के बावजूद, सोना निवेश और ज्वेलरी के लिए एक पसंदीदा विकल्प बना हुआ है, और बाजार के प्रतिभागी अगले मूल्य परिवर्तन के लिए घरेलू और वैश्विक ट्रेंड्स पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

“वक्री शनि का अर्थ: वैदिक ज्योतिष में वक्री शनि को आत्ममंथन, अधूरे कार्यों की समीक्षा…”

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वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 27 जुलाई 2026 से शनि देव मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं। यह स्थिति 18 सितंबर 2026 तक बनी रहेगी। शनि को कर्मफल दाता और न्याय का ग्रह माना जाता है, इसलिए उनकी चाल में बदलाव सभी 12 राशियों के जातकों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी व्यक्ति पर इसका वास्तविक प्रभाव उसकी जन्म कुंडली और ग्रह दशा के अनुसार भिन्न हो सकता है।

“वक्री शनि का अर्थ वैदिक ज्योतिष में वक्री शनि को आत्ममंथन, अधूरे कार्यों की समीक्षा”

ज्योतिष में वक्री ग्रह का अर्थ है कि पृथ्वी से देखने पर ग्रह की गति उल्टी प्रतीत होती है। इसे खगोलीय दृष्टि से एक दृश्य प्रभाव माना जाता है। वैदिक ज्योतिष में वक्री शनि को आत्ममंथन, अधूरे कार्यों की समीक्षा, अनुशासन और कर्मों के मूल्यांकन का समय माना जाता है।

कौन सी राशियों को सतर्क रहना चाहिए?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कर्क, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बड़े निवेश, विवाद, कानूनी मामलों और भावनात्मक निर्णयों में सोच-समझकर कदम उठाने की बात कही गई है। हालांकि, ये सामान्य ज्योतिषीय संकेत हैं और व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर फल अलग हो सकते हैं।

शनिवार के लिए पारंपरिक उपाय

शनिवार शाम स्नान के बाद पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीपक में काला तिल डालकर ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें और सात परिक्रमा करें। शनिवार को शनि मंदिर जाकर शनि देव पर सरसों के तेल से अभिषेक करें। इसके बाद नीले या काले रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।

एक कटोरी सरसों के तेल में अपना मुख देखकर उसे किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें या शनि मंदिर में अर्पित करें। यह उपाय भी पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है।

शनिवार को हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी की भक्ति करने वालों पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है। शनिवार को काले कुत्ते को सरसों के तेल लगी रोटी खिलाएं। साथ ही कौओं को सात प्रकार के अनाज डालने की भी मान्यता है। इस दिन काले तिल, कंबल, छाता और जूते का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों की सहायता को भी शनि पूजा से जोड़ा जाता है।

शनिवार को ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र की एक माला यानी 108 बार जाप करने की परंपरा है। श्रद्धालु इसे शनि कृपा प्राप्त करने का एक प्रमुख उपाय मानते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताएं धार्मिक विश्वासों पर आधारित होती हैं। किसी भी ग्रह के गोचर या वक्री होने का प्रभाव हर व्यक्ति पर समान नहीं होता। व्यक्तिगत फल जन्म कुंडली, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति के अनुसार बदल सकते हैं।

भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने एक अत्याधुनिक सैटेलाइट फोन पेश…

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BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन

भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने एक अत्याधुनिक सैटेलाइट फोन पेश किया है, जिसकी कीमत टैक्स सहित ₹1,34,166 निर्धारित की गई है। इसे ‘Communication Beyond Boundaries’ के तहत लॉन्च किया गया है, जिसका उद्देश्य उन दूरदराज के क्षेत्रों में निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है जहां मोबाइल टावर नहीं होते।

यह फोन ग्लोबल सैटेलाइट नेटवर्क प्रोवाइडर इनमारसैट (Inmarsat) के सहयोग से विकसित किया गया है, जो सीधे सैटेलाइट से जुड़कर कार्य करता है।

फोन की विशेषताएँ

डायरेक्ट सैटेलाइट कनेक्टिविटी: यह हैंडसेट ग्राउंड-बेस्ड मोबाइल टावरों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि सीधे सैटेलाइट से जुड़ा होता है। इससे बर्फीले पहाड़ों, गहरे समुद्र और घने जंगलों जैसी ऑफ-ग्रिड जगहों पर भी वॉयस कॉल और एसएमएस संभव हैं।

इमरजेंसी SOS बटन: यह एक विशेष बटन है, जिसे दबाने पर आपातकालीन स्थिति में यूजर की जीपीएस लोकेशन और संकट का सिग्नल रेस्क्यू टीम तक पहुंचता है।

रग्ड और मजबूत डिजाइन: इसे सुदूर क्षेत्रों के कठिन मौसम को सहन करने के लिए बनाया गया है। यह 55 डिग्री सेल्सियस की गर्मी से लेकर माइनस 20 डिग्री सेल्सियस की ठंड में भी कार्य कर सकता है।

धूल और पानी से सुरक्षा: इसे IP65 रेटिंग मिली है, जो इसे धूल और पानी से बचाती है, और IK04 रेटिंग इसे शॉकप्रूफ बनाती है।

लंबी बैटरी लाइफ: इसमें एक शक्तिशाली और रिमूवेबल बैटरी है, जो बिना बिजली वाले क्षेत्रों में लगभग 160 घंटे का बैकअप देती है।

किसके लिए है यह फोन?

यह फोन आम जनता के लिए नहीं है और इसे खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी आवश्यक है। इसे मुख्य रूप से आपातकालीन सेवाओं, जैसे कि भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल, और अन्य व्यावसायिक उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है।

सैटेलाइट सर्विस प्लान

इस फोन को सक्रिय रखने के लिए BSNL के सैटेलाइट सर्विस पैक की आवश्यकता होगी। सरकारी उपयोगकर्ताओं के लिए मंथली प्लान ₹3,500 से शुरू होता है, जबकि कमर्शियल उपयोगकर्ताओं के लिए यह ₹5,835 से शुरू होता है।

नीति आयोग ने ‘शांति अधिनियम 2025’ के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक का आयोजन…

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नीति आयोग ने ‘शांति अधिनियम 2025’ के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में सरकार, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग के विशेषज्ञों ने कानून के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए, जो इसके कार्यान्वयन ढांचे को मजबूत बनाने में सहायक होंगे।

नीति आयोग के अनुसार, इस बैठक में नीति-निर्माताओं, शोध संस्थानों और उद्योग से जुड़े प्रमुख विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य शांति अधिनियम 2025 के संचालन को प्रभावी और व्यावहारिक बनाना था।

बैठक में चर्चा को कानून के सफल कार्यान्वयन के लिए आवश्यक तीन प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित किया गया।

पहला स्तंभ था विधायी और नियामकीय ढांचा। इस सत्र में शांति अधिनियम 2025 के तहत तैयार किए गए ड्राफ्ट नियमों, विनियमों और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

विशेषज्ञों ने कानून के तहत वैधानिक अनुपालन की प्रक्रिया पर विचार किया। इसके साथ ही यह भी चर्चा की गई कि कैसे विदेशी निवेश को आकर्षित किया जाए, जबकि देश के रणनीतिक और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

दूसरा स्तंभ था वित्त, बीमा और जनविश्वास। इस सत्र में कानून के सफल कार्यान्वयन के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था और जोखिम प्रबंधन पर चर्चा की गई।

इसमें दीर्घकालिक परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए उपयुक्त बीमा व्यवस्था तैयार करने और आम जनता के बीच जागरूकता, विश्वास और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की स्वीकार्यता बढ़ाने की रणनीतियों पर विचार किया गया।

तीसरा स्तंभ था विनिर्माण, संचालन और क्षमता निर्माण, जिसमें कानून के लागू होने के बाद की संचालन प्रक्रिया पर चर्चा की गई। इस सत्र में घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, परियोजनाओं की संचालन संबंधी तैयारियों को मजबूत करने और कुशल मानव संसाधन विकसित करने पर जोर दिया गया।

हितधारकों ने सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और लचीला बनाने तथा उद्योग के विस्तार के लिए विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम तैयार करने पर भी सुझाव दिए।

यह बैठक नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर अभय करंदीकर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

शांति अधिनियम 2025 का उद्देश्य भारत को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और विकसित भारत 2047 के तहत निर्धारित स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करना है।

इस कानून के माध्यम से निजी क्षेत्र और संयुक्त उपक्रमों की जिम्मेदार भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे संसाधनों की कमी दूर करने, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर के विकास को नई गति: मंत्रिपरिषद् ने OTS योजना-2026 को दी मंजूरी…

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ब्याज एवं अधिभार में राहत, लंबित प्रकरणों के समाधान और रुकी परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों के आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने के साथ-साथ लंबित प्रकरणों के समाधान, रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रत्येक निर्णय विकास को गति देने और जनहित में व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने की सोच से प्रेरित है। OTS योजना-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, लंबित प्रकरणों का निराकरण होगा और नवा रायपुर के समग्र एवं नियोजित विकास को नई गति मिलेगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, भरोसेमंद और विकासोन्मुख वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है।

OTS योजना-2026 ऐसे आबंटितियों के लिए एक सकारात्मक अवसर है, जो अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी, अनावश्यक न्यायालयीन विवाद कम होंगे, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

यह निर्णय नवा रायपुर को देश के अग्रणी नियोजित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

योजना के अंतर्गत जो आबंटी परियोजना का विकास करने के इच्छुक नहीं हैं, उन्हें आबंटित भूमि समर्पित कर अनुबंध से बाहर होने का विकल्प भी मिलेगा। इससे अनावश्यक न्यायालयीन विवादों में कमी आएगी तथा भूमि का प्रभावी एवं शीघ्र उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।

योजना लागू होने की तिथि से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में प्राप्त आवेदनों पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा। वर्तमान में विभिन्न भू-उपयोगों के अंतर्गत बड़ी संख्या में लंबित प्रकरण इस योजना से लाभान्वित हो सकेंगे।

एनआरडीए के अनुसार, योजना के अंतर्गत भूमि प्रीमियम में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी तथा किसी भी भूमि का सेटलमेंट वर्तमान रिजर्व प्रीमियम मूल्य से कम पर नहीं किया जाएगा। इससे प्राधिकरण को कोई वित्तीय हानि नहीं होगी, जबकि पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में लगभग 61.96 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।

OTS योजना-2026 के क्रियान्वयन से नवा रायपुर में रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेशकों का विश्वास और सुदृढ़ होगा, मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। यह निर्णय नवा रायपुर के नियोजित, संतुलित और तीव्र शहरी विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।

छत्तीसगढ़ में एआई (AI) तकनीक से होगा पीएमजीएसवाई सड़कों का निरीक्षण- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा फैसला…

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हर माह वीडियो आधारित निरीक्षण से गड्ढों, दरारों और पॉटहोल की होगी पहचान, त्वरित मरम्मत की बनेगी कार्ययोजना”

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए राज्य सरकार अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सड़कों की मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन में पीएमजीएसवाई के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

हर महीने वीडियो से होगी सड़कों की जांच

समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि इस नई तकनीक के तहत अब राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार कर लिया गया है। एआई तकनीक सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल्स), दरारों और अन्य क्षतियों की अपने आप पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी। इससे सड़कों की श्रियल टाइमश् (वास्तविक स्थिति) की सटीक जानकारी मिलेगी और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचा जा सकेगा।

सर्वाधिक क्षतिग्रस्त सड़कों को मिलेगी प्राथमिकता

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एआई तकनीक से प्राप्त आंकड़ों (डेटा) के आधार पर राज्य की सबसे ज्यादा खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान प्राथमिकता से की जाएगी। इसके बाद उनके संधारण (रखरखाव) की बजट कार्ययोजना तैयार कर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का सही और बेहतर उपयोग हो सकेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम व सुरक्षित बनेगा।

कल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल से ही प्रायोगिक तौर पर (पायलट प्रोजेक्ट के रूप में) प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू किया जाए। इन शुरुआती निरीक्षणों से मिलने वाले परिणामों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के इस उपयोग से सड़कों की आयु बढ़ेगी और समय पर मरम्मत होने से जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा संचालक एनआरएलएम श्री अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को समय पर मिल रहे बीज और खाद, खरीफ की तैयारियों को मिली नई गति…

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उर्वरकों और प्रमाणित बीजों का पर्याप्त भंडारण,  कृषि एवं सहकारिता विभाग की समन्वित व्यवस्था से किसानों को हो रही निर्बाध आपूर्ति’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। खरीफ वर्ष 2026 के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कृषि विभाग एवं सहकारिता तंत्र के माध्यम से प्रदेशभर में बीज और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी किसानों को समय पर प्रमाणित बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए समुचित भंडारण, सतत निगरानी तथा सुव्यवस्थित वितरण व्यवस्था की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है।

कृषि विभाग द्वारा जिले में उर्वरकों की उपलब्धता पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुरूप भंडारण एवं वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। जिले में अब तक 5,201.42 टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। इनमें से 2,800.87 टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 2,400.56 टन उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जिले को कुल 4,214.115 टन उर्वरक प्राप्त हुआ था, जबकि इस वर्ष आवश्यकता के अनुरूप अधिक भंडारण सुनिश्चित कर किसानों की मांग को प्राथमिकता दी गई है।

इसी प्रकार खरीफ वर्ष 2026 के लिए गुणवत्तायुक्त एवं प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे बुवाई का कार्य बिना किसी व्यवधान के संचालित हो रहा है। जिले में वर्तमान में 4,656.50 क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध हैं। इनमें से 3,649.42 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 1,007.08 क्विंटल बीज का सुरक्षित भंडार अभी भी उपलब्ध है। कृषि विभाग द्वारा बीजों की उपलब्धता एवं वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि जिले के किसी भी किसान को बीज की कमी का सामना न करना पड़े।

राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि किसानों को खेती के प्रत्येक चरण में आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हों। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा बीजों की गुणवत्ता, उपलब्धता और वितरण की नियमित निगरानी की जा रही है, वहीं सहकारिता विभाग एवं सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। दोनों विभागों के समन्वित प्रयासों से किसानों को खरीफ मौसम में आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे खेती की तैयारियां गति पकड़ रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने तथा  कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुणवत्तायुक्त बीज, पर्याप्त उर्वरक, समयबद्ध वितरण व्यवस्था तथा कृषि सेवाओं की सुलभ उपलब्धता राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है। इन प्रयासों से किसानों का विश्वास बढ़ा है और प्रदेश में कृषि उत्पादन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों एवं अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही प्रमाणित बीज एवं उर्वरक प्राप्त करें। साथ ही वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए समय पर खरीफ फसलों की बुवाई पूर्ण करें, ताकि बेहतर उत्पादन एवं अधिक आय प्राप्त की जा सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता के अनुसार बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी स्तर पर कमी नहीं आने दी जाएगी।