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FASTag यूजर्स अलर्ट! 1 फरवरी से बदल रहा Toll Tax से जुड़ा बड़ा नियम;

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भारत में FASTag सिस्टम को और सरल बनाने की दिशा में National Highways Authority of India (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ऐलान किया है कि 1 फरवरी 2026 से कार, जीप और वैन के लिए जारी किए जाने वाले नए FASTag पर Know Your Vehicle (KYV) वेरिफिकेशन प्रोसेस लागू नहीं होगी।

इस बदलाव का मकसद FASTag जारी होने और उसके इस्तेमाल के दौरान होने वाली देरी, बार-बार दस्तावेज मांगने की परेशानी और यूजर्स की शिकायतों को कम करना है। अब तक FASTag जारी होने के बाद वाहन की पुष्टि के लिए KYV जरूरी होता था। इस प्रक्रिया में कई बार वैध दस्तावेज होने के बावजूद वाहन चालकों को बार-बार RC अपलोड करनी पड़ती थी, फोटो भेजने पड़ते थे और टैग को दोबारा वेरिफाई कराने की जरूरत पड़ती थी। इससे FASTag एक्टिवेशन में देरी होती थी और यूजर्स को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

नए नियमों के तहत NHAI ने यह जिम्मेदारी पूरी तरह बैंकों को सौंप दी है। अब बैंक FASTag जारी करने से पहले ही वाहन से जुड़ी सभी जानकारियों की जांच करेंगे। वाहन का सत्यापन VAHAN डेटाबेस के जरिए किया जाएगा और अगर वहां जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तो Registration Certificate (RC) के आधार पर जांच पूरी की जाएगी। इसका मतलब यह है कि टैग एक्टिव होने के बाद अलग से किसी KYV प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ेगी।

KYV क्या था और इसे क्यों हटाया गया?

Know Your Vehicle (KYV) FASTag सिस्टम का एक अतिरिक्त वेरिफिकेशन चरण था, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता था कि टैग सही वाहन से जुड़ा है और किसी गलत या डुप्लीकेट टैग का इस्तेमाल नहीं हो रहा। हालांकि, व्यवहार में यह प्रक्रिया अक्सर देरी और तकनीकी दिक्कतों की वजह बन रही थी, जिस कारण NHAI ने इसे हटाने का फैसला लिया।

नए नियमों में क्या बदला है?

1 फरवरी 2026 के बाद नए कार FASTag पर KYV अनिवार्य नहीं होगा। सभी जरूरी जांच टैग जारी करने से पहले ही पूरी कर ली जाएगी। पहले से जारी FASTag धारकों को भी अब नियमित तौर पर KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। केवल उन्हीं मामलों में दोबारा जांच होगी, जहां कोई विशेष शिकायत सामने आए, जैसे टैग का गलत वाहन से जुड़ना, दुरुपयोग, ढीला टैग या गलत तरीके से जारी किया गया FASTag।

आम वाहन चालकों को क्या फायदा होगा?

नए नियमों से FASTag खरीदने और इस्तेमाल करने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी। अब टैग लेते ही उसे सीधे इस्तेमाल किया जा सकेगा। बार-बार दस्तावेज अपलोड करने या बैंक और कस्टमर केयर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ शिकायत आधारित मामलों में ही अतिरिक्त जांच की जाएगी, जिससे अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।

देश में अब सिर्फ इसे ही कहा जाएगा असली हीरा, डायमंड खरीदने जा रहे हैं…

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आज के वक्त में हीरा सिर्फ गहना नहीं, स्टेटस, इमोशन और इन्वेस्टमेंट तीनों बन चुका है. लेकिन बाजार में बढ़ते ऑप्शंस ने सबसे बड़ी उलझन पैदा कर दी है. जो चमक रहा है. क्या वह सच में असली है?

शोरूम हो या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, नेचुरल और लैब में बने हीरे इतने मिलते जुलते नामों से बेचे जा रहे थे कि आम खरीदार के लिए फर्क करना मुश्किल हो गया था. इसी कन्फ्यूजन को खत्म करने के लिए अब भारत में हीरे को लेकर नया और सख्त नियम लागू कर दिया गया है. जिससे साफ हो जाएगा कि असली हीरा कौन सा है और लैब में बना कौन सा. जान लें अब कौनसा हीरा कहा जाएगा असली हीरा.

डायमंद खरीदने वाले यह बात जान लें

भारतीय मानक ब्यूरो यानी BIS ने यह बदलाव ग्राहकों को भ्रम से बचाने के लिए किया है. अब तक ज्वेलरी मार्केट में ऐसे शब्द इस्तेमाल हो रहे थे. जो सीधे तौर पर यह नहीं बताते थे कि हीरा नेचुरल है या लैब में बना हुआ. नए नियम के तहत ज्वेलरी शॉप, ब्रांड और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सभी को एक जैसी और साफ भाषा इस्तेमाल करनी होगी. ग्राहक को खरीदारी के वक्त पूरी और सच्ची जानकारी मिलेगी. BIS का मानना है कि पारदर्शिता बढ़ेगी तो गलत मार्केटिंग पर अपने आप रोक लगेगी.

अब किसे कहा जाएगा असली डायमंड?

नए नियम के मुताबिक अगर किसी ज्वेलरी या प्रोडक्ट पर सिर्फ Diamond लिखा है. तो उसका मतलब होगा नेचुरल हीरा यानी वह हीरा जो जमीन से निकलता है. दुकानदार इसके साथ असली, जेन्युइन या नेचुरल जैसे शब्द जोड़ सकते हैं. लेकिन Diamond शब्द अकेले सिर्फ नेचुरल हीरे के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा. इसका सीधा फायदा यह होगा कि ग्राहक नाम देखकर ही समझ जाएगा कि सामने जो हीरा है. वह नेचर में बना है, लैब में नहीं.

लैब के हीरे और असली हीरे में फर्क?

लैब में बने हीरों को लेकर नियम और भी सख्त किए गए हैं. अब इन्हें सिर्फ Laboratory Grown Diamond या Laboratory Created Diamond ही कहा जा सकेगा. LGD लैब डायमंड या ब्रांड नेम जैसे अधूरे शब्दों से इन्हें बेचना गलत माना जाएगा. इतना ही नहीं, नेचुरल, शुद्ध, अर्थ फ्रेंडली या कल्चर्ड जैसे शब्द भी अब इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे. क्योंकि यह ग्राहक को कंफ्यूजन में डालते हैं. BIS चाहता है कि ग्राहक नाम देखकर ही साफ समझ जाए कि हीरा नेचुरल है या लैब में तैयार किया गया है.

महाराष्ट्र के विद्यार्थियों ने गणतंत्र दिवस पर बनाया नया विश्व रिकॉर्ड…

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गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का अनूठा प्रदर्शन

महाराष्ट्र के एक लाख स्कूलों के दो करोड़ से अधिक छात्रों ने ‘राष्ट्र प्रथम’ पहल के अंतर्गत गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक साथ देशभक्ति गीत गाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।

राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने इस उपलब्धि की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस पहल को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई है, जिससे यह एक विश्व रिकॉर्ड बन गया है।

भुसे ने कहा कि इस पहल के तहत एक लाख स्कूलों के दो करोड़ से अधिक विद्यार्थियों ने अनुशासित और समन्वित तरीके से देशभक्ति गीतों का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में लगभग सात लाख शिक्षकों ने भी भाग लिया।

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज की गई उपलब्धि

राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ ने इस पहल की भव्यता और समन्वय को देखते हुए इसे वैश्विक रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी है।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

विद्यार्थियों की भागीदारी: राज्य के विभिन्न स्कूलों से 2 करोड़ से अधिक छात्र इस सामूहिक गान का हिस्सा बने।

शिक्षकों का सहयोग: इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में लगभग 7 लाख शिक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई और छात्रों के साथ सुर मिलाया।

अनुशासन और समन्वय: शिक्षा मंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की प्रस्तुति पूरी तरह से अनुशासित और समन्वित थी।

क्यों खास है यह रिकॉर्ड?

यह आयोजन केवल संख्या के लिहाज से बड़ा नहीं था, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को जागृत करना था। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर, महाराष्ट्र के हर कोने से गूंजते देशभक्ति के सुरों ने एकता का एक शक्तिशाली संदेश दिया है।

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में आदिवासियों का विरोध: प्रशासन के खिलाफ…

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आदिवासियों और प्रशासन के बीच बढ़ता तनाव

मुंबई के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) में आदिवासी समुदाय और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में, प्रशासन ने आदिवासियों की बस्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे स्थित निवास के बाहर रातभर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन का कारण

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस क्षेत्र में कई पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की तोड़फोड़ की कार्रवाई की कड़ी निंदा की और शिंदे के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य आदिवासी विकास समिति के अध्यक्ष विवेक पंडित ने कहा कि जब तक 2018 की पुनर्वास योजना लागू नहीं होती और प्रभावित परिवारों को पुनः बसाया नहीं जाता, तब तक कोई भी तोड़फोड़ नहीं होनी चाहिए।

विवाद का सार

सोमवार को संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाली आदिवासी बस्तियों पर प्रशासन ने तोड़फोड़ की। आदिवासियों का कहना है कि वे इन जंगलों में कई पीढ़ियों से रह रहे हैं और उनके पास यहाँ रहने का अधिकार है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उनके घरों को उजाड़ना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

मुख्य मांगें और पुनर्वास योजना

विवेक पंडित ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक 2018 की पुनर्वास योजना पूरी तरह से लागू नहीं होती, तब तक किसी भी घर को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। आदिवासियों की मांग है कि उन्हें जंगल से हटाने से पहले उचित स्थान पर पुनः बसाया जाए और उन्हें बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएं।

भारत और EU के बीच मुक्त व्यापार समझौता: ट्रंप के टैरिफ का जवाब…

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भारत और यूरोपीय संघ के बीच FTA की घोषणा

डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक व्यापार में तनाव पैदा करने के लिए विभिन्न देशों को टैरिफ की धमकियां दे रहे हैं, जबकि भारत ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा की है।

इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है, जो ट्रंप के टैरिफ हमलों का प्रभावी उत्तर माना जा रहा है।

महत्वपूर्ण घोषणा (27 जनवरी 2026)

दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारत और EU के बीच लंबे समय से चल रही वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया है। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने वाला है।

समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर इस वर्ष के अंत में होने की संभावना है, और यह अगले वर्ष (2027) से लागू हो सकता है। EU के 27 सदस्य देशों के साथ यह डील भारत को 45 करोड़ उपभोक्ताओं वाले विशाल बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगी।

ट्रंप के टैरिफ का संदर्भ

ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में कई देशों, विशेषकर रूस से तेल खरीदने वाले भारत पर 25% तक टैरिफ लगाए हैं, और अन्य क्षेत्रों में 50% तक की धमकियां दी हैं। इससे भारतीय निर्यात, जैसे टेक्सटाइल, ज्वेलरी और फार्मास्यूटिकल्स प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन EU के साथ यह FTA अमेरिकी टैरिफ के नुकसान की भरपाई करेगा, क्योंकि भारत अब EU बाजार में टैरिफ-मुक्त या कम टैरिफ पर सामान बेच सकेगा। यह डील भारत को अमेरिका पर निर्भरता कम करने और सप्लाई चेन में विविधता लाने में मदद करेगी। अमेरिकी अधिकारियों ने इस पर नाराजगी जताई है, यह कहते हुए कि यूरोप अप्रत्यक्ष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध को फंड कर रहा है।

समझौते के प्रमुख लाभ

90% से अधिक सामानों पर टैरिफ में कमी या समाप्ति: कपड़े, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, आईटी सेवाएं, पेट्रोलियम उत्पाद, स्टील और मशीनरी में निर्यात बढ़ेगा।

व्यापार में वृद्धि: FY2025 में भारत-EU व्यापार 136.53 अरब डॉलर था (भारत से निर्यात 75.9 अरब, आयात 60.7 अरब)। यह डील व्यापार को और तेजी से बढ़ाएगी।

निवेश में वृद्धि: FDI में वृद्धि होगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे, और चीन पर निर्भरता कम होगी।

लागत में कमी: इनपुट सस्ते होंगे, जिससे भारतीय उत्पादक और उपभोक्ता दोनों को लाभ होगा।

कारों पर टैरिफ में कमी: BMW, Mercedes जैसी यूरोपीय कारों पर टैरिफ 110% से घटकर 40% तक हो सकता है।

संभावित नुकसान

छोटे भारतीय उद्योगों पर दबाव: यूरोपीय कंपनियां तकनीक और वित्त में मजबूत हैं, जिससे स्थानीय उत्पादकों को चुनौती मिल सकती है।

संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा: भारत ने डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को FTA से बाहर रखा है, इसलिए किसानों पर बड़ा असर नहीं होगा।

चांदी के भाव में रिकॉर्ड वृद्धि: जानें ताजा रेट और भविष्यवाणियाँ…

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चांदी के भाव में तेजी

आज, 27 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। सराफा बाजार में चांदी ने नए उच्चतम स्तर को छू लिया है, जहां निवेशकों की बढ़ती मांग और वैश्विक अस्थिरता के कारण कीमतें आसमान छू रही हैं।

घरेलू बाजार में चांदी के ताजा भाव

  • दिल्ली में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 3,60,100 रुपये तक पहुंच गई है।
  • चेन्नई में यह मूल्य 3,75,100 रुपये

प्रति किलोग्राम के आसपास है, जो दक्षिण भारत में सबसे ऊंचा स्तर है।

अन्य प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें 3.60 लाख से 3.75 लाख रुपये प्रति किलो के बीच चल रही हैं। (नोट: ये कीमतें स्थानीय कर, निर्माण शुल्क और सराफा संघ के अनुसार भिन्न हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय जौहरी से पुष्टि करें।)

अंतरराष्ट्रीय बाजार का अपडेट

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमत; 113.46 डॉलर प्रति औंस के आसपास है, जो हाल के दिनों में 110 डॉलर से ऊपर जाकर नया रिकॉर्ड बना चुकी है। वैश्विक स्तर पर जियोपॉलिटिकल तनाव, ट्रंप की टैरिफ नीतियां और औद्योगिक मांग (जैसे सोलर और इलेक्ट्रिक वाहनों) के कारण चांदी में भारी उछाल आया है।

एनालिस्ट्स की राय और भविष्य का अनुमान

विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।

गोल्डमैन सैक्स; जैसे प्रमुख संस्थानों ने सोने के लिए 5,400 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य रखा है।

चांदी के औद्योगिक उपयोग में वृद्धि के कारण यह सोने से भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, कुछ विशेषज्ञ $100+ प्रति औंस की संभावना व्यक्त कर रहे हैं।

हालांकि, मुनाफावसूली के कारण थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन दीर्घकालिक में बुलिश ट्रेंड बना रहेगा।

भारत-पाकिस्तान के बीच UNSC में कूटनीतिक टकराव: आतंकवाद पर भारत की कड़ी…

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी कूटनीतिक बहस देखने को मिली। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून और शासन पर आयोजित एक बहस के दौरान पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे झूठ और उसके द्वारा प्रायोजित आतंकवाद पर ज़ोरदार पलटवार किया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान के दूत असीम इफ्तिखार अहमद के बयानों का करारा जवाब दिया। पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने अपनी बात रखते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’, जम्मू-कश्मीर का मुद्दा और सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) का जिक्र किया था। राजदूत हरीश ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए पाकिस्तान को आईना दिखाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी घरेलू विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मनगढ़ंत और झूठे नैरेटिव का सहारा ले रहा है。

भारत ने पाकिस्तान के ‘झूठे और स्वार्थी’ बयान को खारिज किया

हरीश ने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में “एक झूठा और स्वार्थी बयान दिया है”। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह ऑपरेशन अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का सीधा जवाब था जिसमें 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। उन्होंने परिषद को याद दिलाया कि UNSC ने खुद हमले के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया था, और कहा कि भारत ने ठीक उसी भावना से काम किया।

आतंकवाद को सामान्य नहीं बनाया जा सकता

उन्होंने दोहराया कि “आतंकवाद को कभी भी सामान्य नहीं बनाया जा सकता जैसा कि पाकिस्तान चाहता है” और यह कि “पाकिस्तान द्वारा राज्य नीति के एक साधन के रूप में आतंकवाद के लगातार इस्तेमाल को बर्दाश्त करना सामान्य नहीं है।” हरीश ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य; ‘ऑपरेशन सिंदूर मापा हुआ और ज़िम्मेदार था’

भारतीय दूत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर एक सुनियोजित और गैर-उत्तेजक मिशन था जिसका मकसद सिर्फ पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ढांचे को खत्म करना था। उन्होंने बताया कि 10 मई से पहले पाकिस्तान का आक्रामक रुख तब बदल गया जब उसकी सेना ने सीधे भारतीय सेना से संपर्क करके दुश्मनी खत्म करने की बात कही। हरीश ने कहा कि क्षतिग्रस्त पाकिस्तानी एयरबेस, नष्ट रनवे और जले हुए हैंगर की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।

कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणियाँ, ‘पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर पर लेक्चर नहीं दे सकता’

कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणियों का जवाब देते हुए, हरीश ने दृढ़ता से कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश “भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और हमेशा रहेगा।”

सिंधु जल संधि का निलंबन; सिंधु जल संधि को निलंबित किया गया

सिंधु जल संधि पर, हरीश ने कहा कि भारत ने 65 साल पहले सद्भावना के साथ यह समझौता किया था, लेकिन पाकिस्तान ने युद्ध छेड़कर और हजारों आतंकी हमलों को प्रायोजित करके बार-बार इसकी भावना का उल्लंघन किया। पहलगाम हमले के बाद, भारत ने घोषणा की कि यह संधि तब तक सस्पेंड रहेगी जब तक पाकिस्तान भरोसेमंद और पक्के तौर पर सीमा पार आतंकवाद को खत्म नहीं कर देता।

पाकिस्तान में कानून के राज की स्थिति; भारत ने पाकिस्तान में कानून के राज के कमजोर होने पर चिंता जताई।

भारत ने पाकिस्तान से अपने अंदरूनी शासन पर सोचने के लिए भी कहा, और 27वें संशोधन के तहत सेना द्वारा किए गए संवैधानिक तख्तापलट की ओर इशारा किया, जो पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख को ज़िंदगी भर की छूट देता है।

दिल्ली में बारिश से बढ़ी सर्दी, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट…

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दिल्ली में बारिश का असर

दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में मंगलवार सुबह हुई भारी बारिश ने सर्दी को और बढ़ा दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में अचानक बदलाव आया है, जिससे तापमान में काफी गिरावट आई है और लोग ठंड से परेशान हैं।

IMD का येलो अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने खराब मौसम के चलते दिल्ली-एनसीआर के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, जिससे अधिकतम तापमान में और कमी आ सकती है।

तापमान की स्थिति

IMD के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम है। अन्य स्थानों पर, पालम में 9.2 डिग्री, लोधी रोड पर 8.4 डिग्री, रिज पर 8.7 डिग्री और आयानगर में 8.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

आगामी मौसम का पूर्वानुमान

27 जनवरी को दिल्ली में तेज हवाओं के साथ बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जिसमें न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।

28 जनवरी को मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, खासकर सुबह के समय, जिससे विज़िबिलिटी कम हो सकती है। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

29 जनवरी को दिन के शुरुआती घंटों में मध्यम कोहरा रहेगा, न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

30 जनवरी को फिर से मध्यम कोहरा छाए रहने की उम्मीद है, सुबह का तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस और दिन में लगभग 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

31 जनवरी को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में सुबह के समय मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिसके बाद दिन में सुधार होगा। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

1 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी में सुबह के समय मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है।

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता: मोदी का ऐलान…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है।

भारतीय ऊर्जा सप्ताह के दौरान वर्चुअल संबोधन में, मोदी ने सभी को ईयू-भारत व्यापार सौदे पर बधाई दी और कहा, “मैं आपको एक बड़े विकास के बारे में सूचित कर रहा हूं – भारत और यूरोप के बीच कल (सोमवार) एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ।”

प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि ईयू के साथ मुक्त व्यापार समझौता ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ समझौतों को पूरा करेगा।

यह वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा। मोदी ने वस्त्र, रत्न और आभूषण, चमड़ा और जूतों जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवाओं और सभी सहयोगियों को बधाई दी।

उन्होंने कहा, “यह समझौता आपके लिए बहुत सहायक साबित होगा,” और जोड़ा कि यह न केवल भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देगा बल्कि सेवाओं के क्षेत्र को भी और विस्तारित करेगा।

“यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया के हर व्यवसाय और निवेशक के लिए भारत में विश्वास को मजबूत करेगा। भारत सभी क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारियों पर व्यापक रूप से काम कर रहा है,” उन्होंने कहा।

लोग इसे “सभी सौदों की मां” के रूप में चर्चा कर रहे हैं, और इस समझौते ने 140 करोड़ भारतीयों और करोड़ों यूरोपियों के लिए कई अवसर लाए हैं।

“यह दुनिया की दो अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह समझौता वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई दर्शाता है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश के अवसर हैं और वैश्विक निवेशकों से देश में निवेश करने का आग्रह किया।

“भारत ऊर्जा क्षेत्र के लिए अवसरों की भूमि है क्योंकि मांग लगातार बढ़ रही है; भारत जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा तेल रिफाइनिंग हब बन जाएगा,” उन्होंने जोड़ा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 2030 तक तेल और गैस क्षेत्र में 100 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य बना रहा है, और तेल रिफाइनिंग क्षमता को 260 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 300 MTPA किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत सुधारों की गति पर है और सभी क्षेत्रों में सुधार कर रहा है।

यूजीसी के नए विनियम: उच्च शिक्षा में समानता को बढ़ावा देने की दिशा…

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यूजीसी के नए विनियमों का उद्देश्य

हाल ही में, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए नए विनियम, 2026 जारी किए हैं। इन विनियमों का मुख्य लक्ष्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में वंचित समूहों की शिकायतों का समाधान और सहायता के लिए एक संगठित ढांचा तैयार करना है।

हालांकि, यूजीसी के इन नए नियमों ने छात्रों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक समूहों में नाराजगी उत्पन्न कर दी है। इसका मुख्य कारण “जाति-आधारित भेदभाव” की परिभाषा को लेकर उठ रहे सवाल हैं।