आदिवासियों और प्रशासन के बीच बढ़ता तनाव
मुंबई के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) में आदिवासी समुदाय और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में, प्रशासन ने आदिवासियों की बस्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे स्थित निवास के बाहर रातभर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का कारण
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस क्षेत्र में कई पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की तोड़फोड़ की कार्रवाई की कड़ी निंदा की और शिंदे के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य आदिवासी विकास समिति के अध्यक्ष विवेक पंडित ने कहा कि जब तक 2018 की पुनर्वास योजना लागू नहीं होती और प्रभावित परिवारों को पुनः बसाया नहीं जाता, तब तक कोई भी तोड़फोड़ नहीं होनी चाहिए।
विवाद का सार
सोमवार को संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाली आदिवासी बस्तियों पर प्रशासन ने तोड़फोड़ की। आदिवासियों का कहना है कि वे इन जंगलों में कई पीढ़ियों से रह रहे हैं और उनके पास यहाँ रहने का अधिकार है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उनके घरों को उजाड़ना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
मुख्य मांगें और पुनर्वास योजना
विवेक पंडित ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक 2018 की पुनर्वास योजना पूरी तरह से लागू नहीं होती, तब तक किसी भी घर को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। आदिवासियों की मांग है कि उन्हें जंगल से हटाने से पहले उचित स्थान पर पुनः बसाया जाए और उन्हें बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएं।



