गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का अनूठा प्रदर्शन
महाराष्ट्र के एक लाख स्कूलों के दो करोड़ से अधिक छात्रों ने ‘राष्ट्र प्रथम’ पहल के अंतर्गत गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक साथ देशभक्ति गीत गाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने इस उपलब्धि की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस पहल को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई है, जिससे यह एक विश्व रिकॉर्ड बन गया है।
भुसे ने कहा कि इस पहल के तहत एक लाख स्कूलों के दो करोड़ से अधिक विद्यार्थियों ने अनुशासित और समन्वित तरीके से देशभक्ति गीतों का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में लगभग सात लाख शिक्षकों ने भी भाग लिया।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज की गई उपलब्धि
राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ ने इस पहल की भव्यता और समन्वय को देखते हुए इसे वैश्विक रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
विद्यार्थियों की भागीदारी: राज्य के विभिन्न स्कूलों से 2 करोड़ से अधिक छात्र इस सामूहिक गान का हिस्सा बने।
शिक्षकों का सहयोग: इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में लगभग 7 लाख शिक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई और छात्रों के साथ सुर मिलाया।
अनुशासन और समन्वय: शिक्षा मंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की प्रस्तुति पूरी तरह से अनुशासित और समन्वित थी।
क्यों खास है यह रिकॉर्ड?
यह आयोजन केवल संख्या के लिहाज से बड़ा नहीं था, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को जागृत करना था। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर, महाराष्ट्र के हर कोने से गूंजते देशभक्ति के सुरों ने एकता का एक शक्तिशाली संदेश दिया है।



