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शाहिद अफरीदी ने भारत के खिलाफ उगला जहर, बांग्लादेश के वर्ल्ड कप…

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टी20 वर्ल्ड कप विवाद में पाकिस्तान खुले तौर पर बांग्लादेश का समर्थन करता रहा है. राशिद लतीफ से लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी तक, ये सभी ICC और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की आलोचना कर चुके हैं.

अब इस सूची में पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी का नाम भी जुड़ गया है, जिन्होंने आईसीसी की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

जबरदस्ती भारत का नाम घसीट रहे शाहिद अफरीदी

शाहिद अफरीदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि आईसीसी ने निष्पक्ष फैसला नहीं लिया है. उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के समय का उदाहरण दिया, जब भारतीय टीम ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था. उनका कहना है कि भारत की तुलना में बांग्लादेश के साथ अलग तरह का बर्ताव किया गया.

पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने कहा, “बांग्लादेश और ICC इवेंट्स में भी खेल चुके एक पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर होने के नाते, मुझे ICC की अस्थिरता से निराशा हुई है. 2025 में आईसीसी ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान ना जाने की टीम इंडिया की मांग को स्वीकार कर लिया था. मगर वह बांग्लादेश के मामले में वैसा ही फैसला लेने से परहेज कर रहा है.”

उन्होंने आगे यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की बुनियाद निष्पक्षता और निरंतरता पर टिकी है. अफरीदी ने आईसीसी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि बांग्लादेशी क्रिकेटर और फैंस भी सम्मान के हकदार हैं.

टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो चुका है बांग्लादेश

ICC कठिन फैसला लेकर बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर का रास्ता दिखा चुका है. ग्रुप C में उसकी जगह स्कॉटलैंड ने ले ली है. बांग्लादेश की वेन्यू चेंज करने की मांग को लेकर आईसीसी बोर्ड मीटिंग भी हुई थी, जिसमें 14-2 से फैसला बांग्लादेश की मांग के विरोध में चला गया था. इसके बाद बांग्लादेश ने डिसप्यूट रेजोल्यूशन कमिटी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी, लेकिन प्रोटोकॉल का हवाला देकर DRC ने बांग्लादेश की अपील पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था.

बंद हो जाएंगी फैक्ट्रियां, खतरे में रोजगार; ट्रंप के टैरिफ से टेक्सटाइ…

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अमेरिका के भारत पर लगाए गए 50 परसेंट टैरिफ से भारतीय एक्सपोटर्स को नुकसान पहुंच रहा है. खासकर, टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर इसके बुरे असर को देखते हुए अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AEPC) ने सरकार से यह कहते हुए कि तुरंत दखल देने की मांग की है कि देरी से प्रोडक्शन में कटौती और फैक्ट्रियां बंद हो जाएंगी.

वाइस-प्रेसिडेंट सीपी राधाकृष्णन को लिखे एक पत्र में अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AEPC) के चेयरमैन ए शक्तिवेल ने कहा कि अपैरल गारमेंट इंडस्ट्री को सपोर्ट और सही कार्रवाई की सख्त जरूरत है.

अमेरिका भारतीय कपड़ों का बड़ा बाजार

अमेरिका भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल का बहुत बड़ा बाजार है. कारोबारी साल 2024-25 में अमेरिका के लिए भारत का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट 36.61 अरब डॉलर का रहा. ऐसे में ट्रंप के लगाए गए टैरिफ से टेक्सटाइल एक्सपोटर्स को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. AEPC के चेयरमैन ने कहा है कि देश के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को बचाने के लिए भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ के मुद्दों को तुरंत सुलझाने की जरूरत है. कई बड़े भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स के लिए US मार्केट उनके टोटल एक्सपोर्ट का लगभग 70 परसेंट है.

ट्रेड डील पर जल्द हल निकालने की जरूरत

लेटर में यह भी कहा गया, “हाल ही में अमेरिका की तरफ से आयात पर लगाए गए 25 परसेंट टैरिफ और रूसी तेल से जुड़ी 25 परसेंट की एक्स्ट्रा पेनल्टी लगाने से भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में, खासकर US में, जो भारत का सबसे बड़ा सिंगल एक्सपोर्ट मार्केट है, गंभीर रुकावट आ रही है.”

इसमें कहा गया कि अगर तुरंत इसका हल नहीं निकला, तो इस सेक्टर को ऑर्डर रुकने, नौकरियां जाने और मार्केट शेयर का परमानेंट नुकसान हो सकता है. टेक्सटाइल एक्सपोर्ट बहुत कम मार्जिन पर काम करता है, जिससे लंबे समय तक टैरिफ के झटकों को झेलने की कोई क्षमता नहीं बचती. इसमें आगे कहा गया है कि टैरिफ से मुनाफे में भारी कमी आई है और यूनिट्स का रिजर्व भी कम हुआ है.

नुकसान उठाने की और क्षमता नहीं

काउंसिल ने कहा कि 25 परसेंट डिस्काउंट के बाद भी टैरिफ का बोझ उठाना कमर्शियली नामुमकिन है और लागत को खरीदारों पर डालना भी सही नहीं है. काउंसिल ने भारत-अमेरिका व्यापार संधि को तुरंत खत्म करने की सिफारिश की है. इसमें कहा गया है, “टेक्सटाइल इंडस्ट्री ने एक्सपोर्ट और रोजगार की रक्षा के लिए राष्ट्रीय हित में पहले ही काफी नुकसान उठाया है. अब और नुकसान सहने की क्षमता नहीं है. 3-6 महीने की देरी से भी एक रणनीतिक एक्सपोर्ट सेक्टर को स्थायी नुकसान हो सकता है.

T20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद BCB में भ्रष्टाचार का खुलासा…

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बांग्लादेश अपनी बेवकूफी से टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गया है, जिसकी जगह आईसीसी ने स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया है. इस बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड में भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है.

बोर्ड के डायरेक्टर मोखलेसुर रहमान पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, जिसके बाद उन्होंने ऑडिट कमिटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है. बता दें कि ये मामला बीपीएल (बांग्लादेश प्रीमियर लीग) से जुड़ा हुआ है.

पत्रकार रियासद आजिम ने इन भ्रष्टाचार का खुलासा सोशल मीडिया पर किया, जिसके बाद बीसीबी की इंटीग्रिटी यूनिट ने जांच शुरू कर दी है. रिपोर्ट में बोर्ड के प्रवक्ता द्वारा पुष्टि की गई है कि बीसीबी इन आरोपों को गंभीरता से ले रहा है और जांच कर रहा है. मोखलेसुर रहमान चैपैनवाबागंज जिले से बोर्ड के सदस्य हैं. वह 6 अक्टूबर, 2025 को ही डायरेक्टर बने थे. अब जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वह जांच के घेरे में रहेंगे.

बड़ी बात है कि इस मामले की जांच एलेक्स मार्शल के नेतृत्व में हो रही है, जो आईसीसी इंटीग्रिटी यूनिट के हेड रह चुके हैं. वह बांग्लादेश प्रीमियर लीग के पिछले सीजन में हुए भ्रष्टाचार की रिपोर्ट की समीक्षा कर रहे हैं. अब वह मोखलेसुर के मामले की भी जांच करेंगे.

एक महीने में दूसरा विवाद आया सामने

इस महीने में दूसरी बार बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का कोई डायरेक्टर विवादों में आया है. निदेशक एम. नजमुल इस्लाम द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणियों से नाराज खिलाड़ियों ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग का बहिष्कार कर दिया था. तब नजमुल को वित्त समिति के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था. हालांकि उन्हें फिर भी स्टेडियम में प्रेजिडेंट बॉक्स में देखा गया.

बांग्लादेश क्रिकेट अभी मुश्किल दौर से गुजर रहा है, और इसका जिम्मेदार खुद बांग्लादेश है. बीसीबी अधिकारियों ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से एक महीने पहले शेड्यूल में बदलाव की अनुचित मांग की, जो नामुमकिन थी. आईसीसी द्वारा सुरक्षा का पूरा आश्वासन देने के बावजूद बांग्लादेश भारत में नहीं खेलने की जिद पर अदा रहा, नतीजा ये हुआ कि आईसीसी ने उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को जगह दे दी.

IND vs NZ 3rd T20: आज गुवाहाटी में भारत और न्यूजीलैंड का तीसरा टी20…

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भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला आज गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. सीरीज में 2-0 से आगे चल रही टीम इंडिया आज सीरीज पर कब्जा करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी.

वहीं न्यूजीलैंड की नजरें किसी तरह उलटफेर कर सीरीज हार के खतरे को टालने पर रहेंगी. तीसरे टी20 का टॉस शाम साढ़े 6 बजे होगा, वहीं मैच की शुरुआत 7 बजे से होगी.

नागपुर में खेले गए टी20 सीरीज के पहले मैच में भारतीय टीम ने 238 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. इस मैच में टीम इंडिया 48 रनों से जीती थी. इसके बाद रायपुर में दूसरा टी20 मैच खेला गया. इस मैच में कीवी टीम ने पहले खेलने के बाद 208 रन बनाए. जवाब में 6 रनों पर भारत के 2 विकेट गिर गए. संजू सैमसन एक छक्का लगाने के बाद और अभिषेक शर्मा जीरो पर पवेलियन लौट गए. फिर भी टीम इंडिया ने 15.2 ओवर में 209 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया.

गुवाहाटी की पिच रिपोर्ट

गुवाहाटी के बरसापार स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए मुफीद रहती है. एक बार फिर हाई स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है. इस मैदान पर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम ने पहले खेलने के बाद 222 रन बनाए थे. हालांकि, टीम इंडिया यह मैच हार गई थी, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया ने यह टारगेट चेज कर दिया था.

मैच प्रिडिक्शन

हमारा मैच प्रिडिक्शन मीटर कह रहा है कि इस मैच में भी टीम इंडिया की जीत के चांस ज्यादा हैं. मुकाबला 70-30 का है. कीवी टीम उलटफेर कर सकती है, लेकिन तभी जब वो चेज करो और टारगेट 180 से कम हो.

तीसरे टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन-

अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल/कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह/हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती

तीसरे टी20 में न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग इलेवन-

टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेवोन कॉन्वे, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिचेल, मिचेल सैंटनर (कप्तान), काइल जैमीसन, मैट हेनरी, ईश सोढ़ी और जैकब डफी

उत्तराखंड: पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी के आसार, 6 नेशनल हाईवे समेत…

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उत्तराखंड में मौसम का मिजाज फिलहाल बिगड़ा रहने वाला है. मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है.

खासतौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं कई अहम सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हैं.

मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं. 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है. हालांकि मैदानी और अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. विभाग ने बताया कि 29 जनवरी तक प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है.

यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित

बर्फबारी और खराब मौसम के चलते प्रदेश में यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में छह राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 66 सड़कें बंद हैं. चमोली जिले में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग हनुमान चट्टी से आगे बंद पड़ा है. इसके अलावा गोपेश्वर-मंडल-चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग और जोशीमठ-मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग भी भारी बर्फबारी के कारण यातायात के लिए अवरुद्ध हैं.

राष्ट्रीय राजमार्ग राड़ी टॉप से औरछाबैंड तक बंद

उत्तरकाशी जिले में ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग राड़ी टॉप से औरछाबैंड तक बंद है, जबकि ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग गंगनानी से आगे बर्फबारी की वजह से अवरुद्ध हो गया है. वहीं टिहरी जिले में चंबा-धनोल्टी-सुवाखोली राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद चल रहा है.

प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को खोलने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं. संबंधित विभागों की टीमें मशीनों के साथ मौके पर तैनात हैं. हालांकि मौसम के लगातार खराब रहने से राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं. प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें.

क्रिप्टो बाजार में हाहाकार! बिटकॉइन ETF से  1.72 बिलियन की निकासी…

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वैश्विक स्तर पर चल रही अनिश्चितताओं का असर क्रिप्टो करेंसी मार्केट में भी देखने को मिल रहा है. इस सप्ताह बिटकॉइन समेत दूसरे क्रिप्टो करेंसी के भाव में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों और बयानों ने इन उतार-चढ़ाव को हवा दी है. हाल ही में ट्रंप ने कनाडा पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी है.

आंकड़ों की बात करें तो, आखिरी 5 दिनों में बिटकॉइन ईटीएफ से 1.72 बिलियन डॉलर और इथेरियम ईटीएफ से 611 मिलियन डॉलर की जबरदस्त निकासी देखने को मिली है. जिससे कारण क्रिप्टो करेंसी बाजार लगातार दबाव महसूस कर रहा है. इन गिरावटों से निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. आइए जानते हैं, बिटकॉइन समेत दूसरे क्रिप्टो करेंसी का हाल…..

बिटकॉइन का हाल

कॉइनमार्केट कैप के अनुसार, 25 जनवरी की सुबह करीब 11:15 बजे बिटकॉइन 88,774 डॉलर पर कारोबार कर रहा था. आंकड़ों के अनुसार, पिछले 7 दिनों में इसमें 6.74 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. वहीं, आखिरी 24 घंटे में यह करीब 1 फीसदी तक फिसल गया है.

दावोस में अमेरिकी सरकार और ग्रीनलैंड के बीच उपजे विवाद पर ट्रंप की नरमी के बाद बिटकॉइन की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी. हालांकि, पिछले 5 दिनों से बिटकॉइन ईटीएफ से लगातार निकासी की जा रही है. जिससे इसकी कीमतों में दबाव देखने को मिल रहा है.

टीथर, एथेरियम और बीएनबी का हाल

मौजूदा समय में टीथर की कीमत करीब 0.9985 डॉलर है और पिछले 7 दिनों में इसमें लगभग 0.11 फीसदी की हल्की गिरावट दर्ज की गई है. जिससे यह लगभग स्थिर बना हुआ है. वहीं, एथेरियम इस समय 2,939.61 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है और बीते एक हफ्ते में इसमें करीब 11.34 प्रतिशत की गिरावट आई है.

दूसरी ओर, बीएनबी की कीमत लगभग 879.43 डॉलर है और पिछले 7 दिनों में इसमें करीब 7.19 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है. इन तीनों क्रिप्टो कॉइन पर हाल के दिनों में बाजार के दबाव का असर साफ नजर आ रहा है.

सोलाना और डॉजकॉइन की स्थिति

सोलाना की मौजूदा कीमत करीब 126.48 डॉलर है और पिछले 7 दिनों में इसमें लगभग 11.38 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं, डॉजकॉइन इस समय करीब 0.1231 डॉलर पर कारोबार कर रहा है और बीते एक हफ्ते में इसमें लगभग 10.31 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.

ECINET की शुरुआत! चुनावी तकनीक में भारत का बड़ा डिजिटल कदम, जानिए कैसे…

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भारत के चुनावी सिस्टम को और ज्यादा आधुनिक और एकीकृत बनाने की दिशा में चुनाव आयोग ने एक अहम पहल की है. Election Commission of India ने आधिकारिक तौर पर ECINET लॉन्च किया. यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसमें 40 से ज्यादा चुनाव से जुड़े ऐप्स और पोर्टल्स को एक ही जगह जोड़ा गया है.

इस प्लेटफॉर्म को मौजूदा India International Conference on Democracy and Election Management (IICDEM) के दौरान पेश किया गया.

दुनिया के चुनाव आयोगों को भारत का सहयोग प्रस्ताव

ECINET के लॉन्च के मौके पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दुनियाभर के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) को सहयोग का प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा कि जिस टीम ने ECINET को तैयार किया है, वह अन्य देशों के चुनाव आयोगों के साथ मिलकर उनके कानून और भाषाओं के अनुसार ऐसे ही प्लेटफॉर्म विकसित करने में मदद कर सकती है.

उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस प्लेटफॉर्म का अध्ययन करें और अगर चाहें तो भारत का चुनाव आयोग उनके साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध

ECINET को पिछले करीब आठ वर्षों में विकसित किया गया है और इसे पूरी तरह भारतीय चुनाव कानूनों के अनुरूप बनाया गया है. यह प्लेटफॉर्म 22 भारतीय भाषाओं के साथ-साथ अंग्रेज़ी में भी उपलब्ध है ताकि देश के हर वर्ग तक चुनाव से जुड़ी जानकारी आसानी से पहुंच सके.

40+ ऐप्स को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का मकसद

ECINET को एक वन-स्टॉप डिजिटल सॉल्यूशन के तौर पर डिजाइन किया गया है. इसका उद्देश्य नागरिकों, उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और चुनाव अधिकारियों को एक ही मंच पर जोड़ना है. इसके जरिए वोटर रजिस्ट्रेशन, मतदाता सूची खोज, आवेदन की स्थिति ट्रैक करना, उम्मीदवारों की जानकारी, चुनाव अधिकारियों से संपर्क, BLO से कॉल बुक करना, e-EPIC डाउनलोड, लगभग रियल-टाइम मतदान ट्रेंड और शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं मिलती हैं.

अंबेडकरनगर: नकली सोना बेचकर 2 लाख की ठगी, पुलिस की मिलीभगत उजागर…

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उत्तर प्रदेश अंबेडकरनगर से बड़ी खबर सामने आई है जहां सोना तस्करी के नाम पर ठगी और पुलिस की मिलीभगत का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है. वर्दी पर काला धब्बा लगाने वाले दोनों सिपाहियों और एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

साथ ही दोनों को निलंबित कर दिया गया है.

पूरा मामला गोरखपुर के रहने वाले शिवम मिश्रा से जुड़ा है. शिवम मिश्रा से उनके मोबाइल पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा कॉल कर 50 ग्राम सोना दो लाख रुपये में देने का लालच दिया गया. शिवम मिश्रा को फोन पर यह कहा गया कि उन्हें बहुत कम दाम में असली सोना मिल सकता है. इस लालच में फंसकर शिवम मिश्रा अंबेडकरनगर पहुंच गए. उन्हें नहीं पता था कि वह एक बड़े षड्यंत्र का शिकार होने जा रहे हैं.

देवरिया बाजार में हुई ठगी

13 जनवरी को शिवम मिश्रा राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के देवरिया बाजार पहुंचे जहां उन्हें स्थानीय व्यक्ति प्रमोद सिंह और वीरेंद्र वर्मा मिले. दोनों ने शिवम मिश्रा से दो लाख रुपये लिए और बदले में उसे 50 ग्राम सोना के नाम पर एक बैग थमा दिया. जब शिवम मिश्रा ने बैग खोला तो उसमें सोने की जगह नकली नोटों से भरा था. यह देखकर शिवम मिश्रा को बहुत बड़ा झटका लगा. उन्हें समझ आ गया कि उनके साथ ठगी हुई है.

पुलिस सिपाहियों ने दी धमकी

नकली नोट देखकर जब शिवम ने विरोध किया तो पीआरवी 112 पर तैनात दो सिपाही मौके पर पहुंचे. लेकिन पीड़ित की मदद करने की बजाय सिपाहियों ने उसे धमकाया. सिपाहियों ने कहा कि वे शिवम को सोना तस्करी के मामले में फंसा कर जेल भेज देंगे. उस समय शिवम मिश्रा डर कर गोरखपुर लौट गए. उन्हें लगा कि अगर वे वहां रुके तो उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा सकता है. पुलिस की धमकी के डर से वे चुप रह गए.

एसपी से की शिकायत

इसके बाद पीड़ित शिवम मिश्रा बीते दिनों वापस आए और सीधे पुलिस अधीक्षक से शिकायत की. उन्होंने एसपी को पूरा मामला विस्तार से बताया और बताया कि किस तरह उनके साथ ठगी हुई और पुलिस सिपाहियों ने उन्हें धमकाया. एसपी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए. जांच टीम गठित की गई जिसने इस पूरे मामले की गहन जांच की.

एसपी के निर्देश पर हुई जांच में आरोप सही पाए गए. जांच में यह साबित हुआ कि वाकई शिवम मिश्रा के साथ ठगी हुई थी और पुलिस सिपाहियों ने आरोपियों का साथ दिया था. जांच में यह भी पता चला कि दोनों सिपाही आरोपियों के साथ मिलकर काम कर रहे थे. उन्होंने पीड़ित को डराकर चुप करा दिया था ताकि आरोपी बच सकें.

तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया. आरोपी प्रमोद सिंह, दोनों सिपाही अनिल यादव और आदर्श यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. फरार आरोपी वीरेंद्र वर्मा की तलाश की जा रही है. पुलिस ने बताया कि जल्द ही वीरेंद्र वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं.

दोनों सिपाही निलंबित

एसपी ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है और विभागीय कार्रवाई भी शुरू करा दी है. एसपी की बड़ी कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है. पुलिस विभाग में इस तरह की घटना से काफी शर्मिंदगी हुई है. वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि जो भी अपनी वर्दी को बदनाम करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

यह मामला पुलिस की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. जिन सिपाहियों को जनता की सेवा और सुरक्षा करनी चाहिए थी, वे ही अपराधियों का साथ दे रहे थे. यह वर्दी पर काला धब्बा है. स्थानीय लोगों ने भी इस घटना की निंदा की है. उनका कहना है कि पुलिस में ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. जनता को पुलिस पर भरोसा होना चाहिए, न कि डर. एसपी की इस सख्त कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि पुलिस विभाग में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जो भी अपराधियों का साथ देगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि आगे भी ऐसी किसी भी घटना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. विभाग की साख बनाए रखना सबसे जरूरी है.

आगे की कार्रवाई जारी

फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है. पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या इस गिरोह के और भी सदस्य हैं और क्या इससे पहले भी ऐसी ठगी की घटनाएं हुई हैं. जांच टीम फरार आरोपी वीरेंद्र वर्मा की तलाश में लगी हुई है. उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस मामले में सभी आरोपियों को सजा मिलेगी.

Border 2 Collection Day 3: ‘बॉर्डर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर कहर…

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वॉर एक्शन फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है. ‘धुरंधर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म भी पूरी तरह गायब है. दो दिन में सनी देओल की इस मस्टी स्टारर फिल्म ने शानदार कमाई की है.

अब तीसरे दिन यानि रविवार को भी थियेटर में भीड़ है और फिल्म जमकर कमा रही है.

इतना ही नहीं, आज मॉर्निंग शो में ‘बॉर्डर 2’ की ऑक्यूपेंसी 31.46% है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. आपको बताते हैं कि रविवार को फिल्म कितना कमाई कर रही है.

‘बॉर्डर 2’ ने पहले और दूसरे दिन कितना कमाया

ट्रेड आंकड़ों की वेबसाइड सैकनिक (Sacnilk) के मुताबिक सनी देओल की इस फिल्म को पहले दिन 30 करोड़ की ओपनिंग मिली. दूसरे दिन यानि शनिवार को फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले 21.67% ज्यादा कलेक्शन किया. शनिवार को करीब 36.5 करोड़ कमाए. इंडिया में दो दिनों में ‘बॉर्डर 2’ का कलेक्शन 66 करोड़ है.

बॉर्डर 3 का तीसरे दिन का कलेक्शन (Border 2 Box Office Day 3)

सैकनिक के डेटा के मुताबिक रविवार को सुबह 11 बजे तक ‘बॉर्डर 2’ करीब 5.63 करोड़ का कलेक्शन कर चुकी है. फिल्म का कुल कलेक्शन 12 बजे तक करीब 72 करोड़ पहुंच चुका है. (फाइनल आंकड़ें रात 10 बजे आएंगे)

बॉर्डर 2

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (इंडिया नेट) करोड़ में

पहला दिन 30 करोड़

दूसरा दिन 36.5 करोड़

तीसरा दिन 5.63 करोड़ (12 बजे तक)

टोटल 72.13 करोड़

तीसरे दिन ‘बॉर्डर 2’ की ऑक्यूपेसी (Border 2 Day 3 Occupancy)

सैकनिक (Sacnilk) के मुताबिक ‘बॉर्डर 2’ के तीसरे दिन सुबह के शोज में 31.46% की मॉर्निंग ऑक्यूपेसी दर्ज की गई जो अब तक की सबसे ज्यादा है.

ये ट्रेंड बता रहा है कि फिल्म का आज का कलेक्शन दूसरे और तीसरे दिन से बहुत ज्यादा रहेगा.

वहीं, दूसरे दिन सबसे ज्यादा फुटफॉल नाइट शो में रहा. दोपहर के शो में ऑक्यूपेंसी 39.97% रही तो वहीं शाम को 49.13% और रात के शो में 61.70% रही.

100 करोड़ क्लब में आज होगी एंट्री

फिल्म क्रिटिक और ट्रेड एक्सपर्ट तरन आदर्श ने आज एक्स पर लिखा है, ‘जबरदस्त पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ के दम पर ‘बॉर्डर 2′ ने शनिवार को बॉक्स ऑफिस पर 26.46% की शानदार ग्रोथ दर्ज की. फिल्म आज रविवार को 100 करोड़ क्लब में एंट्री करने के लिए पूरी तरह तैयार है और इसके साथ ही यह 2026 की पहली हिंदी फिल्म बन जाएगी, जो 100 करोड़ का आंकड़ा छुएगी.’

उन्होंने आगे लिखा है, ‘अब असली खेल बाकी है- रविवार और सोमवार (रिपब्लिक डे की छुट्टी) पर देशभर से भारी कलेक्शन की उम्मीद है. मौजूदा ट्रेंड्स को देखें तो बॉर्डर 2 अपने रिपब्लिक डे एक्सटेंडेड वीकेंड को करीब 180 करोड़ के आसपास समेट सकती है.’

बॉर्डर 2 की स्टारकास्ट

ये फिल्म 1997 की ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है. ‘बॉर्डर 2’ को अनुराग सिंह ने डायरेक्ट किया है और इसमें सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी, मोना सिंह, मेधा राणा और सोनम बाजवा जैसे एक्टर्स लीड रोल में है.

‘विकास शब्द पर पाबंदी लगाई जाए’, सामना के जरिए बीजेपी और शिंदे पर भड़के…

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राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के मुखपत्र सामना में लिखे अपने तीखे लेख के जरिए चुनावी प्रक्रिया, ईवीएम, पैसों की राजनीति और ‘विकास’ के नाम पर हो रही उठापटक पर सीधे सवाल खड़े किए हैं.

राऊत का कहना है कि मौजूदा दौर में लोकतंत्र नहीं, बल्कि पैसे का राज चल रहा है.

राऊत का कहना हैं कि मुंबई समेत 29 महानगरपालिकाओं के नतीजे आए काफी वक्त हो चुका है. मुंबई में भले ही शिवसेना-मनसे की सत्ता नहीं बनी, लेकिन भाजपा की सत्ता पर पूरी तरह अंकुश भी नहीं लग पाया. उनके मुताबिक, शिवसेना-मनसे के 71 नगरसेवक चुने गए, जो यह दिखाता है कि मुंबई के मराठी मतदाताओं ने आज भी ‘ठाकरे ब्रांड’ पर भरोसा जताया है.

‘विपक्ष की जीत चुरा ली गई’

सामना में राऊत ने आरोप लगाया कि महानगरपालिका चुनाव निष्पक्ष नहीं थे. उन्होंने कहा कि सत्ताधारियों ने वोटों और जीत की खुली लूट की और कई जगहों पर विपक्ष की जीत छीन ली गई. राऊत ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत बताया.

राऊत ने जलगांव महानगरपालिका का उदाहरण देते हुए बताया कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के जिलाप्रमुख कुलभूषण पाटील चुनाव जीत चुके थे. ईवीएम गिनती में जीत दिखने के बावजूद चुनाव अधिकारी ने नतीजा घोषित नहीं किया और बाद में किसी दूसरे उम्मीदवार को विजयी घोषित कर दिया. पुनर्मतगणना की मांग ठुकरा दी गई और विरोध करने पर पुलिस बुलाकर लाठीचार्ज तक किया गया. राऊत के मुताबिक यह सीधा चुनावी घोटाला है.

पुणे में ईवीएम पर संदेह

पुणे के वसंत उर्फ तात्या मोरे का जिक्र करते हुए राऊत कहा हैं कि मतगणना के दौरान मोरे बढ़त बनाए हुए थे. तभी अचानक ईवीएम बंद होने की बात कही गई. नई मशीनें लाई गईं और उसी प्रक्रिया के बाद मोरे हार गए. राऊत का दावा है कि कुल मतदान और गिने गए वोटों में 1,108 वोटों का अंतर था और उतने ही अंतर से मोरे की हार हुई. सवाल यह है कि ये वोट गए कहां?

राऊत का कहना है कि ऐसे ‘चमत्कार’ मुंबई, ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और पुणे जैसी जगहों पर भी हुए. जो नेता सदन में भाजपा के कामकाज पर सवाल उठाते थे, उन्हें चुनाव में इसी तरह हराया गया. उन्होंने पूछा कि क्या यही लोकतंत्र है?

राऊत ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले ही 70 नगरसेवक निर्विरोध चुन लिए गए और बाद में चुने गए प्रतिनिधियों को पैसों के दम पर तोड़ा गया. कई नेता ‘विकास’ के नाम पर सत्ताधारी गुट में शामिल हो गए. राऊत ने इसे ‘चूहों की भगदड़’ करार दिया और कहा कि आज की राजनीति में सिद्धांतों की कोई जगह नहीं बची.

सामना में राऊत ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि ‘विकास’ शब्द इतना बदनाम हो चुका है कि उस पर ही पाबंदी लगा देनी चाहिए. उन्होंने उदाहरण दिए कि कैसे नेता विकास के नाम पर पार्टी बदलते हैं. उनके मुताबिक, न पार्टी बदलने से विकास रुकता है और न ही पार्टी में रहने से तेज होता है.

शिंदे-भाजपा पर सीधा हमला

राऊत ने आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे और भारतीय जनता पार्टी के पास बेहिसाब पैसा है. उन्होंने दावा किया कि उम्मीदवारों को करोड़ों रुपये दिए गए और बाद की जोड़-तोड़ में भी भारी रकम खर्च हुई. उनके मुताबिक, अब राजनीति समाज के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ पैसों के लिए हो रही है.

मुंबई के महापौर पद को लेकर नाराजगी

राऊत ने लिखा कि खुद को शिवसेना कहने वाले लोग मुंबई के महापौर पद के लिए दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं, जो बालासाहेब ठाकरे का अपमान है. उनका कहना है कि बालासाहेब के जन्मशताब्दी वर्ष में पैसे के दम पर मुंबई पर कब्जा करने की कोशिश हो रही है.

‘मुंबई पर पैसे का राज नहीं चलेगा’

राऊत ने साफ कहा कि मुंबई पर पैसे का राज नहीं होना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही हाल रहा तो आम आदमी चुनाव से बाहर हो जाएगा और लोकतंत्र सिर्फ अमीरों का खेल बनकर रह जाएगा.