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Chhattisgarh Budget: इस बार 24 फरवरी को पेश होगा, बजट से प्रदेश को मिलेगी गति…

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छत्तीसगढ़ का बजट इस बार 24 फरवरी को पेश होगा. वित्त मंत्री ओपी चौधरी की तरफ से यह जानकारी दी गई है. सत्र के दूसरे दिन ही बजट पेश किया जाएगा.  

“छत्तीसगढ़ का बजट 24 फरवरी को आएगा”

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि सत्र के दूसरे ही दिन यानि 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ का बजट पेश किया जाएगा. बजट को लेकर वित्त विभाग की तरफ से तैयारियां पूरी कर कर ली गई हैं. ओपी चौधरी ने कहा कि इस बार का बजट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस होगा, जबकि बजट में महिलाओं, किसानों, युवाओं समेत सभी के लिए मौका मिलेगा. सरकार नई थीम के साथ बजट पेश करने जा रही है, जिसमें सभी वर्गों और विभागों का पूरा ध्यान रखा गाय है.

बजट से प्रदेश को मिलेगी गति

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बजट समावेशी होगा, जिसमें सभी वर्गों को ध्यान दिया गया है. खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए खास ऐलान होंगे, जबकि किसानों को भी बजट में ध्यान में रखा गाय है. सरकार के इस नए बजट से छत्तीसगढ़ के विकास के लिए गति मिलेगी और जनहितकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदेश को मिलेगा, सरकार की तरप से आने वाले बजट से राज्य के विकास को और मजबूती मिलेगी. वित्त विभाग की तरफ से बजट को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. बजट में कई तरह के प्रावधान और योजनाएं देखने को मिलेगी.

इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट

वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट पर फोकस किया है. जहां कुछ अहम प्रावधान बजट में आने वाले हैं, जिसका फायदा राज्य के लोगों को मिलेगा. पिछली बार छत्तीसगढ़ का बजट 1 लाख 47 हजार 446 करोड़ रुपए का था, जिसमें 21.3 प्रतिशत की ग्रोथ दिखी थी. इस बार का बजट और ज्यादा हो सकता है. क्योंकि सरकार की तरफ से बजट को बढ़ाया जाएगा.

छत्तीसगढ़ का बजट सत्र

बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार का बजट सत्र 23 फरवरी से राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण के साथ शुरू हो जाएगा. बजट सत्र 20 मार्च तक चलने वाला है, जिसमें कुल 15 बैठकें आयोजित होगी, पिछली बार भी बजट सत्र हंगामेदार रहा था, जबकि इस बार भी बजट सत्र हंगामेंदार हो सकता है. सत्र के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से तैयारियां पूरी हो चुकी हैं.

CG: नई टीम के गठन के बाद बीजेपी संयुक्त मोर्चा की बड़ी बैठक, संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर, CM साय भी हुए शामिल…

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राजधानी रायपुर में बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में संगठन की एक बड़ी और अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के बाद यह पहली बड़ी बैठक थी. जिसमें सभी मोर्चा और प्रकोष्ठ के पदाधिकारी शामिल हुए. इस बैठक में क्या रणनीति बनी और आने वाले चुनाव को लेकर क्या संकेत दिए गए.

नई टीम के गठन के बाद बीजेपी संयुक्त मोर्चा की बड़ी बैठक
राजधानी रायपुर स्थित बीजेपी मुख्यालय में प्रदेश संगठन की बड़ी बैठक आयोजित की गई… नई टीम के गठन के बाद यह पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है. बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.

संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर
जब छत्तीसगढ़ बीजेपी के सभी बड़े नेता और पदाधिकारी एक साथ जुटे, तो संगठन की मजबूती को लेकर कई अहम टिप्स दिए गए. कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया गया कि आने वाले समय में संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय करना है. बैठक में सबसे ज्यादा फोकस जनता से सीधा संवाद बढ़ाने पर रहा. नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सरकार और जनता के बीच एक मजबूत पुल की तरह काम करें. ताकि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं सीधे लोगों तक पहुंच सके. बैठक में नए पदाधिकारियों को ट्रेनिंग भी दी गई. उन्हें बताया गया कि किस तरह अगले तीन वर्षों में जमीनी पकड़ मजबूत करनी है. इधर बीजेपी 2028 चुनाव के लिए भी टीम की सक्रियता बढ़ाने की तैयारी में है.

कांग्रेस ने भी जिलाध्यक्षों को दी जिम्मेदारी
इधर, कांग्रेस ने 2028 के चुनावी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जिलाध्यक्षों को अहम जिम्मेदारियां सौंपनी शुरू कर दी हैं. हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्षों ने एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया.

CG: मुख्यमंत्री ने परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों को दिया आत्मविश्वास और सफलता का संदेश…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा — “ऑल द बेस्ट, प्यारे बच्चों।”

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को परीक्षाओं के अवसर पर शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें आत्मविश्वास और हौसले के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों के नाम अपने आत्मीय संदेश में कहा कि परीक्षाओं का समय जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जिसमें उत्साह के साथ थोड़ा तनाव भी स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि परीक्षाओं का समय आ गया है। मैं जानता हूँ कि इन दिनों आपके मन में उत्साह भी है और थोड़ा सा तनाव भी। लेकिन सबसे पहले यह जान लीजिए — आप अकेले नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं।

उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का समय कभी-कभी मन में घबराहट भी लेकर आता है। यह स्वाभाविक है। यदि आपको डर लग रहा है तो इसका अर्थ है कि आप अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को गंभीरता से लेते हैं।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह समझ लीजिए — डर कमजोरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का संकेत है। लेकिन इस डर को अपने आत्मविश्वास पर हावी न होने दें। आपने पूरे वर्ष मेहनत की है। हर दिन का प्रयास, हर अभ्यास, हर दोहराव — सब आपकी ताकत बनकर आपके साथ खड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी नियमित पढ़ाई करें, कठिन विषयों को दोहराएँ, समय का संतुलन बनाए रखें। पर्याप्त नींद लें, पौष्टिक भोजन करें और कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के सभी विद्यार्थी इस बार भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

CG: महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के लिए 6 जिले के 42 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निर्माण एवं वितरण का कार्य…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कुपोषण दूर करने और महिला सशक्तिकरण के लिए रेडी-टू-ईट फूड निर्माण का काम महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपते हुए 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल के तहत रायगढ़, बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, और सूरजपुर जिलों में आंगनबाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार निर्माण का कार्य महिला समूहों को मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण और वितरण का कार्य महिला स्वसहायता समूहों को सौंपने का फैसला किया। राज्य के 6 जिले के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट के निर्माण और वितरण का कार्य सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों – बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने ‘रेडी-टू-ईट’ उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्यकृदोनों को नई दिशा प्रदान करेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरबा-10 स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इसी प्रकार  रायगढ़-10 स्व-सहायता समूह, सूरजपुर और बलौदाबाजार-भाठापारा जिला में 7-7 स्व- सहायता समूह को, बस्तर जिले में 6 स्व-सहायता समूह और दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह को रेडी-टू-ईट निमाण का कार्य सौंपा जा चुका है। इन स्व-सहायता समूहों के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) का निर्माण और वितरण का कार्य किया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी। यह योजना महिलाओं को स्व-रोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और परिणामोन्मुखी पहल है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।

2026-27 सत्र के लिए आरटीई प्रवेश की समय-सारणी जारी, ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू

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राजनांदगांव। लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर द्वारा ऑनलाइन आरटीई (Right to Education) के माध्यम से नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 2026-27 सत्र के लिए प्रवेश कार्यवाही की समय-सारणी जारी कर दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि इस प्रक्रिया के अंतर्गत दो चरणों में कार्य किए जाएंगे, जिससे अधिक पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित की जाएगी।

पहला चरण:
पहला चरण 1 जनवरी 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2026 तक स्कूल प्रोफाइल अपडेट के कार्य से संबंधित रहेगा। इसके बाद, नोडल प्राचार्य और डीईओ द्वारा सीट प्रकटीकरण का सत्यापन 1 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। छात्र पंजीयन की प्रक्रिया 16 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलेगी, जबकि नोडल वेरीफिकेशन 16 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक होगा।

इसके बाद 13 से 17 अप्रैल 2026 तक लॉटरी और आबंटन की प्रक्रिया की जाएगी, और 1 मई से 30 मई 2026 तक स्कूल दाखिले की कार्यवाही पूरी की जाएगी। वर्ष 2025-26 की शुल्क प्रतिपूर्ति का सत्यापन कार्य 25 मई से 30 मई 2026 तक होगा।

दूसरा चरण:
दूसरे चरण में, 8 जून 2026 से 20 जून 2026 तक नए स्कूलों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। नोडल प्राचार्य और डीईओ द्वारा सीट प्रकटीकरण का सत्यापन 8 जून से 25 जून 2026 तक किया जाएगा। छात्र पंजीयन 1 जुलाई 2026 से 11 जुलाई 2026 तक होगा, जबकि नोडल वेरीफिकेशन 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक किया जाएगा।

लॉटरी और आबंटन 27 से 31 जुलाई 2026 तक होंगे, और स्कूल दाखिले 3 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक किए जाएंगे।

प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता:
जिला शिक्षा अधिकारी श्री बघेल ने बताया कि समय-सारणी के अनुसार सभी कार्यों को निर्धारित तिथियों पर किया जाएगा, जिससे प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और सभी पात्र बच्चों को सही समय पर शिक्षा का अवसर मिल सके।

नागरिकों से अपील:
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर इस प्रक्रिया में भाग लें और पात्र बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करने में सहयोग करें।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का जिले में बढ़ रहा असर, उपभोक्ताओं को मिल रहा लाभ

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जिले में लगातार उल्लेखनीय प्रगति देखी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की इस पहल के तहत उपभोक्ताओं को 1 लाख 8 हजार रूपए तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप की स्थापना अब जनसामान्य के लिए और अधिक किफायती और सुलभ हो गई है।

आवेदनों और इंस्टॉलेशन में बढ़ोत्तरी:
अब तक जिले में 8228 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3518 लाभार्थियों का वेंडर चयन पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा, 1340 घरों में सोलर पैनलों की स्थापना भी पूरी हो चुकी है, और 875 उपभोक्ताओं को सब्सिडी भी वितरित की जा चुकी है। इस सप्ताह 181 नए आवेदन प्राप्त हुए, साथ ही 96 इंस्टॉलेशन पूरी हुईं, जो इस योजना की निरंतर बढ़ती गति और जनभागीदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

बिजली बिलों में कमी, आय का नया स्रोत:
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का असर जिले में साफतौर पर देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में कमी आई है, वहीं कई घरों के बिल तो शून्य या नकारात्मक आ रहे हैं। इस योजना के तहत, उपभोक्ताओं द्वारा अतिरिक्त उत्पादित सौर ऊर्जा को ग्रिड में आपूर्ति करने से उन्हें आय भी प्राप्त हो रही है। इससे न केवल उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है, बल्कि वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।

स्वच्छ ऊर्जा का बढ़ावा और पर्यावरण संरक्षण:
यह पहल पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। सोलर ऊर्जा के इस्तेमाल से न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि प्रदूषण में भी कमी आ रही है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर यह योजना जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो रही है।

जिला प्रशासन की सक्रियता:
जिला प्रशासन प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र परिवारों तक इसका लाभ शीघ्र और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। इसके अलावा, प्रशासन उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और मानक अनुरूप इंस्टॉलेशन, समयबद्ध सब्सिडी वितरण, और सतत मार्गदर्शन प्रदान करने में सक्रिय है।

नागरिकों से अपील:
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर अपने घरों को स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा से सशक्त बनाएं और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं।

ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस और स्पैरो सॉफ्टवेयर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

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राजनांदगांव। आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा की उपस्थिति में ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस और स्पैरो सॉफ्टवेयर विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनरों द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में डिप्टी कलेक्टर श्री अनिकेत साहू और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

ई-ऑफिस प्रणाली की जानकारी:
प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर सुश्री पूजा सेनपाल और सुश्री मुस्कान जादवानी ने ई-ऑफिस प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसमें ऑनलाइन फाइल संचालन, ई-नोटिंग, पत्राचार प्रबंधन, दस्तावेज अपलोडिंग और डिजिटल हस्ताक्षर के उपयोग की प्रक्रिया को समझाया गया।

ई-एचआरएमएस पोर्टल का प्रशिक्षण:
साथ ही, ई-एचआरएमएस पोर्टल पर सेवा पुस्तिका संधारण, अवकाश प्रबंधन और कर्मचारी प्रोफाइल अपडेट करने की प्रक्रिया को भी प्रशिक्षण में बताया गया। इस पोर्टल का उद्देश्य शासकीय कर्मचारियों के कार्यों को डिजिटली एकीकृत करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

स्पैरो सॉफ्टवेयर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण:
स्पैरो सॉफ्टवेयर के अंतर्गत वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (अपार) भरने और अग्रेषित करने की ऑनलाइन प्रक्रिया का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनरों ने सॉफ्टवेयर के विभिन्न मॉड्यूल पर हैंड्स-ऑन अभ्यास कराया और कर्मचारियों के प्रश्नों का समाधान किया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य:
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्धता और दक्षता को बढ़ावा देना है। मास्टर ट्रेनरों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस और स्पैरो सॉफ्टवेयर का नियमित उपयोग करने की सलाह दी, ताकि शासन की डिजिटल पहल को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।

प्रशिक्षण में उपस्थिति:
प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को तकनीकी दक्षता में सुधार और कार्य में पारदर्शिता लाने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से युवाओं को मिल रहा रोजगार, आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे प्रगति

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राजनांदगांव। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत जिला कौशल विकास प्राधिकरण राजनांदगांव द्वारा युवाओं को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करने में प्रभावी साबित हो रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा न केवल निजी संस्थाओं में रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहे हैं।

प्रशिक्षण से रोजगार के अवसर:
राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम टेड़ेसरा निवासी श्री हर्ष साहू ने डोमेस्टिक डाटा एण्ट्री ऑपरेटर का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद उन्हें निजी संस्था टेक्नोटास्क में रोजगार प्राप्त हुआ। श्री साहू ने बताया कि कौशल उन्नयन प्रशिक्षण से उन्हें तकनीकी ज्ञान और व्यवहारिक दक्षता प्राप्त हुई, जिससे उन्हें रोजगार मिला। अब वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं।

अन्य युवाओं की सफलता:
इसी तरह, ग्राम अंजोरा (ख), जिला दुर्ग की निवासी सुश्री आकांक्षा कुशवाहा ने भी डोमेस्टिक डाटा एण्ट्री ऑपरेटर प्रशिक्षण प्राप्त किया और उन्हें टेक्नोटास्क में रोजगार का अवसर मिला।
ग्राम थनौद, जिला दुर्ग के श्री आशीष कुमार पटेल ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वायडी फूड प्रोडक्ट में रोजगार पाया। अब वह भी अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में योगदान दे रहे हैं।

योजना का प्रभाव:
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का उद्देश्य युवाओं को कुशल बनाकर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत युवाओं को विभिन्न कौशल क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे वे न केवल रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति को भी सुधार रहे हैं।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश

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राजनांदगांव। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय निकाय, कृषि विभाग, बैंकर्स और वेन्डर्स के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।

सूर्यसभा का आयोजन:
सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कर सूर्यसभा का आयोजन करने के निर्देश दिए, ताकि जनसामान्य को योजना के लाभ के बारे में जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि सूर्यसभा के माध्यम से लोगों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इस दौरान आवेदनों पर वेन्डर्स का चयन कर शीघ्र सोलर पैनल स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

दस्तावेज की त्रुटिरहितता पर जोर:
उन्होंने सूर्यसभा में इच्छुक हितग्राहियों से त्रुटिरहित और संपूर्ण दस्तावेज के साथ आवेदन प्राप्त करने की बात कही, जिससे बैंक से ऋण की सुविधा शीघ्र मिल सके। इसके साथ ही, हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश भी दिए।

लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने की बात:
सीईओ ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ देना है। उन्होंने वेन्डर्स को उपभोक्ताओं के घर में सोलर पैनल समय सीमा में स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, योजना अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य को मिशन मोड में शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में उपस्थित अधिकारी:
इस अवसर पर उप संचालक पंचायत श्री देवेन्द्र कौशिक, लीड बैंक मैनेजर श्री मुनिश शर्मा, विद्युत विभाग के अधिकारी, बैंकर्स और वेन्डर्स भी उपस्थित थे। बैठक में जनपद पंचायतों के सीईओ और नगरीय निकायों के सीएमओ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

ग्राम मोहंदी में जया हाउसहोल्ड केमिकल्स उद्योग में आगजनी, प्रशासन ने काबू पाया

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राजनांदगांव। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मोहंदी स्थित मेसर्स जया हाउसहोल्ड स्पेशिलिटी केमिकल्स प्राईवेट लिमिटेड में आज दोपहर 12 बजे एन्थ्राक्यूनॉन पावडर स्टोरेज सेक्शन में एक औद्योगिक दुर्घटना और आगजनी की घटना घटी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया।

सक्रियता से काबू पाया गया आग पर:
घटना के बाद प्रभारी कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, सुश्री सुरूचि सिंह के निर्देश पर प्रशासन ने तुरंत फायरब्रिगेड की टीमों को बुलाया। इस दौरान राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई और दुर्ग जिले से 8 फायरब्रिगेड गाडिय़ां घटनास्थल पर भेजी गईं। उनका प्रयास रंग लाया और आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

जनहानि से राहत:
सौभाग्य से इस आगजनी में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन के तत्परता से किए गए प्रयासों से बड़े नुकसान को टाल लिया गया।

जांच जारी:
इस घटना की जांच के लिए क्षेत्रीय अधिकारी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल भिलाई से डॉ. अनीता सावंत और कनिष्ठ वैज्ञानिक श्री शिवप्रसाद मौके पर पहुंचे। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन उनकी ओर से इस घटना की जांच की जा रही है।

प्रशासन की उपस्थिति:
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री वैशाली जैन, एसडीओपी सुश्री मंजूलता बाज, तहसीलदार घुमका श्री मुकेश ठाकुर, नायब तहसीलदार श्री रामलखन चौहान, थाना प्रभारी घुमका श्री विजय मिश्रा, टीआई बसंतपुर श्री हेमंत साहू सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस कर्मी घटनास्थल पर मौजूद रहे।

उद्योग के प्रतिनिधि और मैनेजर श्री केजी शर्मा भी मौके पर उपस्थित थे। घटना के कारणों का पता लगाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।