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बंगाल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सीबीआई या एनआईए से जांच का दिया आदेश…

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पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है. यह अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR के काम में लगे हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने इसे सीधे-सीधे अपने अधिकार को चुनौती बताया है. कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य के आला अधिकारियों को अवमानना का नोटिस जारी किया है.

इसके साथ ही कोर्ट ने घटना की जांच केंद्रीय एजेंसी से करवाने और न्यायिक अधिकारियों को केंद्रीय बलों की सुरक्षा उपलब्ध करवाने को भी कहा है. हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस की तरफ से घटना का ब्यौरा देते हुए भेजी गई चिट्ठी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिए हैं :-

चुनाव आयोग केंद्रीय बलों की मांग करे और पश्चिम बंगाल में उन्हें नियुक्त करे

जहां भी न्यायिक अधिकारी रुके हैं, वहां भी सुरक्षा दी जाए

अगर जरूरी हो तो उनके परिवार के सदस्यों को भी सुरक्षा दी जाए

चुनाव आयोग जरूरत के मुताबिक कदम उठाए. राज्य सरकार आयोग के निर्देशों के मुताबिक काम करे

जहां SIR से जुड़े दावों का निपटारा हो रहा है, वहां एक बार में 5 से ज्यादा लोगों को जमा न होने दिया जाए

मुख्य सचिव, डीजीपी, डीएम और एसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है. यह अधिकारी बताएं कि उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों न हो

यह अधिकारी 6 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में ऑनलाइन मौजूद रहें

चुनाव आयोग घटना की जांच निष्पक्ष एजेंसी से करवाए. यह एजेंसी CBI या NIA हो सकती है

जांच करने वाली एजेंसी अपनी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को दे

क्या है मामला?

बुधवार को मालदा में SIR प्रक्रिया के दौरान ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया. उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायत की. इस दौरान 3 महिला अधिकारियों समेत कुल 7 न्यायिक अधिकारियों को कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया. प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे और प्रमुख ग्रामीण रास्तों को भी जाम कर दिया. इससे 5 विधानसभा क्षेत्रों में जनजीवन ठप हो गया.

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने क्या लिखा है?

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की रिपोर्ट को पढ़ते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि मालदा के डीएम और एसएसपी घटनास्थल पर न्यायिक अधिकारियों की सहायता के लिए नहीं पहुंचे. इसके चलते हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने राज्य के गृह सचिव और डीजीपी से संपर्क किया. तब कहीं जाकर रात 12 बजे के बाद न्यायिक अधिकारी बाहर निकल पाए. इसके बाद भी उन पर पथराव हुआ. चीफ जस्टिस ने बताया है कि राज्य के चीफ सेक्रेट्री का नम्बर व्हाट्सऐप पर उपलब्ध नहीं था. जिस तरह की घटना हुई है, उसका न्यायिक अधिकारियों के मनोबल पर असर पड़ सकता है.

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने कहा, ‘क्या आप सोचते हैं कि हमें नहीं पता कि उपद्रवी कौन थे? मैं रात 2 बजे तक स्थिति की जानकारी ले रहा था. ऐसा लगता है कि राज्य के अधिकारियों ने अपने कर्तव्य का त्याग कर दिया है. यह कोई सामान्य घटना नहीं है. यह न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराने और कानूनी प्रक्रिया को रोकने की एक सोची-समझी चाल है. हम इसकी अनुमति नहीं देंगे.’

Good Friday 2026: 3 अप्रैल को क्यों मनाया जाएगा गुड फ्राइडे? जानें यीशु के बलिदान से जुड़ी पूरी कहानी?

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Good Friday 2026: गुड फ्राइडे ईसाई धर्म ग्रंथों में सबसे पवित्र और आध्यात्मिक दिनों में से एक है, इस धर्म में आस्था रखने वालों के लिए विराम लेने, चिंतन करने और उस पल को याद करने के लिए आमंत्रित करता है, जिसने आस्था और इतिहास की दिशा तय की.

पवित्र सप्ताह के दौरान मनाया जाने वाला यह दिन खासतौर पर यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ने और मृत्यु पर केंद्रित है, एक ऐसी घटना जिसका दुनियाभर में लाखों लोगों के लिए गहरी भावनात्मक और धार्मिक महत्व है.

इस दिन चर्च शांत हो जाते हैं, प्रार्थनाएं और अधिक गहन हो जाती हैं, और समुदाय एक साथ मिलकर स्मरण करते हैं, एक ऐसा दिन जो उत्सव नहीं, बल्कि चिंतन और श्रद्धा से परिभाषित होता है.

वर्ष 2026 में गुड फ्राइडे कब है?

2026 में गुड फ्राइडे 3 अप्रैल को मनाया जाएगा, जो ईस्टर संडे (5 अप्रैल) से ठीक दो दिन पहले है. यह हर वर्ष ईस्टर से पहले वाले शुक्रवार को मनाया जाता है और यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने के दिन की स्मृति है.

कई ईसाइयों के लिए यह मौन, प्रार्थना और चिंतन का समय होता है, क्योंकि वे ईस्टर की खुशी के लिए आध्यात्मिक रूप से तैयारी करते हैं, जो मसीह के पुनरुत्थान का उत्सव है.

गुड फ्राइडे से जुड़ा इतिहास

गुड फ्राइडे की उत्पत्ति की जड़े न्यू टेस्टामेंट के वृत्तांतों में गहराई से समाई है, जिनमें यीशु मसीह के जीवन के आखिरी पलों का विस्तृत वर्णन है. इन ग्रंथों के मुताबिक, यीशु पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया और उन्हें न्याय के लिए रोमन अधिकारियों के समक्ष पेश किया गया.

आखिर मुकदमें के परिणामस्वरूप उन्हें सूली पर चढ़ाकर मृत्यु दंड दिया गया. इस फैसले के बाद यीशु को खुद अपना क्रूस उठाकर उस स्थान तक ले जाना पड़ा था, जहां उन्हें फांसी दी जानी थी.

क्रूस पर चढ़ाए जाने के दौरान उन्हें असहनीय पीड़ा का सामना करना पड़ा, ईसाई धर्म में बलिदान का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है. कहा जाता है कि, इस कार्य के द्वारा यीशु ने मानवता के पापों को अपने ऊपर ले लिया और विश्वासियों को मुक्ति और क्षमा प्रदान की.

दुनिया भर में गुड फ्राइडे कैसे मनाते हैं?

दुनियाभर में गुड फ्राइडे को कई तरह की प्रथाओं के साथ मनाया जाता है, जो सांस्कृतिक और क्षेत्रीय परंपराओं को दर्शाती है, इसके साथ ही स्मरण पर साझा ध्यान केंद्रित करती हैं. कई लोग चर्च में प्रार्थना करने के साथ यीशु मसीह को याद करते हैं.

उपवास और संयम बरतना भी आम बात है, जिसमें कई लोग अनुशासन और सम्मान के प्रतीक के रूप में सादा खाना चुनते हैं और मांस या शराब का सेवन पूरी तरह से छोड़ देते हैं.

कई क्षेत्रों में सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाले जाते हैं, जिनमें कुछ समुदायों को क्रूस पर चढ़ाने जाने से पहले की घटनाओं का नाट्य रूपांतरण करते हैं और प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति के जरिए से इतिहास को जीवंत रखते हैं.

घर में परिवार अक्सर प्रार्थना में समय बिताते हैं और साथ मिलकर धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करते हैं, जिससे इस दिन की पवित्रता का अनुभव होता है. पालन-पोषण में विभिन्नताओं के बावजूद गुड फ्राइडे का सार वही रहता है, बलिदान का सम्मान करना, आस्था को गहरा रखना और ईस्टर रविवार को आने वाली आशा के लिए तैयारी करना.

“Israel vs IND: इजरायल के खिलाफ ODI सीरीज में खेली भारत की ये टीम, BCCI अधिकारी का बेटा था कप्तान”

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Israel XI vs India A: इजरायल इन दिनों चर्चा में है ईरान के साथ चल रहे विध्वंसक युद्ध को लेकर. महीना बीत चुका है पर लड़ाई अभी भी जारी है,. ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका की जारी लड़ाई का अंजाम क्या होगा?

ये कब तक थमेगा? फिलहाल पता नहीं. लेकिन, इस जारी भीषण युद्ध के बीच क्या आप जानते हैं कि भारत और इजरायल के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जा चुकी है. जी हां, इसके लिए भारत की ‘ए’ टीम ने 2008 में इजरायल का दौरा किया था, जिसमें चेतेश्वर पुजारा., ऋद्धिमान साहा, मुरली विजय जैसे नाम शामिल थे. इजरायल का दौरा करने वाली उस इंडिया ए की टीम के कप्तान BCCI अधिकारी रहे निरंजन शाह के बेटे जयदेव शाह थे.

इजरायल से वनडे सीरीज की खास बात

वनडे सीरीज में और भी हैरानी की बात ये थी कि उसमें इजरायल की टीम से खेलने वाले खिलाड़ियों में साउथ अफ्रीका के जोंटी रोड्स, एडम बाचर जैसे नाम शामिल थे. एक वनडे मुकाबला तो सिर्फ 12.3 ओवर में ही खत्म हो गया था. वहीं सीरीज के आखिरी मैच में भारतीय खिलाड़ियों को फ्लाइट पकड़ने की जल्दी दिखी, जिसके चलते वो मैच सिर्फ 40 ओवर का खेला गया. वो वनडे सीरीज इजरायल की 60वीं वर्षगांठ पर खेला गया था.

पहले वनडे में इजरायल 52 रन पर ढेर

भारतीय टीम ने सीरीज के पहले वनडे में इजरायल इलेवन को सिर्फ 52 रन पर ढेर कर दिया. इसमें जोंटी रोड्स ने सिर्फ 11 रन बनाए. भारत की ओर से मीडियम पेसर रजत भाटिया ने 5 रन देकर 4 विकेट लिए. जवाब में भारत ए ने 53 रन के लक्ष्य का पीछा 1 विकेट खोकर कर लिया. भारत की ओर से पहले वनडे में मुरली विजय ने 31 रन की पारी खेली.

दूसरा वनडे रहा था रनों से भरा

इजरायल और इंडिया ए के बीच सीरीज का दूसरा वनडे हाई-स्कोरिंग रहा. इंडिया ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 313 रन बनाए, जिसमें पुजारा ने 74 रन, मुरली विजय ने 76 रन जबकि रजत भाटिया ने 55 रन बनाए. इजरायल इलेवन को 314 रन का बड़ा लक्ष्य मिला, जिसका पीछा करते हुए इस बार उसने फाइट किया. इजरायल की ओर से एडम बाचर ने 57 गेंदों में 74 रन मारे, जिसमें 8 छक्के शामिल रहे. उनके अलावा जेसन मोलिन्स ने 55 रन की पारी खेली. हालांकि फिर भी इजरायल लक्ष्य को भेद नहीं पाई और 233 रन पर ऑल आउट हो गई.

40 ओवर का हुआ आखिरी वनडे

वनडे सीरीज का आखिरी मैच जो कि सिर्फ 40 ओवर का खेला गया क्योंकि भारतीय टीम को फ्लाइट पकड़नी थी, उसमें भारत ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 225 रन बनाए. जवाब में इजरायल इलेवन 129 रन बनाकर ऑल आउट हो गए. ऋद्धिमान साहा ने फाइनल वनडे में 85 रन बनाए, जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था. कप्तान जयदेव शाह और अशोक डिंडा ने सीरीज के आखिरी वनडे में 4-4 विकेट लिए थे.

जयदेव शाह की कप्तानी में 3-0 से जीती सीरीज

जयदेव शाह की कप्तानी में इंडिया ए ने इजरायल के साथ खेली 3 वनडे की सीरीज में क्लीन स्वीप किया और 3-0 से सीरीज जीती.

CG: सभी समाजों के सहयोग से ही विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार…

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रायगढ़ में उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भगवान जगन्नाथ स्वामी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं ‘वंदे उत्कल जननी’ के मधुर गायन के साथ हुआ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को आत्मीयतापूर्वक संबोधित करते हुए  कहा कि वे यहां अतिथि के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि रायगढ़ की जनता ने उन्हें 20 वर्षों तक सांसद के रूप में अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है और वही स्नेह एवं अपनापन उन्हें आज भी प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच ‘रोटी-बेटी’ का अटूट रिश्ता है। उन्होंने कहा कि जशपुर के कुनकुरी से लेकर छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में लोग उड़िया भाषा बोलते हैं। देवभोग-गरियाबंद क्षेत्र में आज भी महाप्रसाद के रूप में भात मिलता है और छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में रथ यात्रा का आयोजन होता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की  पत्रिका ‘सुविधा’ का विमोचन किया, जिसमें समाज के रीति-रिवाज, उपलब्धियां एवं संपर्क विवरण संकलित किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन हेतु 5 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 8 लाख आवास रिकॉर्ड समय में पूर्ण किए जा चुके हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे प्रदेश खुशहाली की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर भगवान रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इस योजना के माध्यम से आम नागरिकों को सुगम एवं व्यवस्थित रूप से तीर्थ दर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धर्मांतरण कराने वालों के विरुद्ध कठोर कानून पारित किया गया है, जिसमें कड़ी सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इससे अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह एवं जवानों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अब ‘नियद नेल्लानार’ के तहत बस्तर में सड़कों, बिजली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में विभिन्न विभागों में 20 से 25 हजार भर्तियां की गई हैं। चयन मंडल का गठन कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएससी गड़बड़ी की उच्च स्तरीय जांच कराई गई है तथा ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता लाते हुए भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए सभी समाजों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध है और वन उत्पादों के वैल्यू एडिशन के माध्यम से स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत बकाया बिजली बिलों के भुगतान हेतु आसान किस्तों का विकल्प उपलब्ध कराया गया है तथा सरचार्ज में राहत या छूट दी जा रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्कल समाज की 8 प्रतिभाओं को उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर झारसुगुड़ा विधायक श्री टंकाधर त्रिपाठी, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

CG: एलपीजी बुकिंग संख्या में आई कमी, आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे हो रही सामान्य…

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पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के चलते प्रदेश में 6 मार्च से 16 मार्च के दौरान दैनिक एलपीजी बुकिंग में आई असामान्य वृद्धि अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सामान्यतः प्रदेश में एक दिन में औसत 74 हजार एलपीजी की बुकिंग दर्ज होती थी, जो कि 6 मार्च के बाद अचानक बढ़कर 1.30 लाख तक पहुंच गई थी। किन्तु राज्य शासन तथा ऑयल कंपनियों की सतत् मॉनिटरिंग और एलपीजी आपूर्ति में वृद्धि के कारण दैनिक एलपीजी बुकिंग में पिछले दो सप्ताह में लगातार कमी परिलक्षित हुई है।

खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि राज्य शासन द्वारा खाद्य विभाग एवं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसके द्वारा दैनिक बुकिंग, जिलों को प्रदाय एलपीजी रिफिल सिलेंडर, वितरित सिलेंडर, पेंडिंग बुकिंग संख्या और जिलों में उपलब्ध एलपीजी रिफिल सिलेंडर के स्टॉक की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। इसके तहत पेंडिंग बुकिंग को क्लीयर करने हेतु जिलों को मांग के अनुरूप एलपीजी सिलेंडर प्रदाय किया जा रहा है।साथ ही घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने हेतु संदिग्ध स्थानों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अब तक कुल 97 छापों में 3,847 सिलेंडर जप्त किए गए हैं तथा 9 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।

राज्य शासन के इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 16 मार्च की लंबित बुकिंग संख्या की तुलना में 31 मार्च तक लंबित बुकिंग संख्या में 1.08 लाख की कमी आई है, जिससे घरेलू एलपीजी आपूर्ति की व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आम उपभोक्ताओं को एलपीजी प्राप्ति में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध राज्य शासन द्वारा किए गए हैं।

राज्य शासन द्वारा कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, ताकि सभी आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट, सामुदायिक कैंटीन और कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। साथ ही आवश्यक एवं महत्वपूर्ण उद्योगों को भी 20 प्रतिशत कमर्शियल गैस प्रदाय किया जा रहा है।

प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सभी जिलों के कुल 2465 पेट्रोल/डीजल पंपों में समुचित स्टॉक उपलब्ध है। ऑयल डिपो से नियमित रूप से पेट्रोल एवं डीजल का प्रदाय किया जा रहा है।

CG: नगरीय प्रशासन विभाग की तत्परता से छत्तीसगढ़ को 48 घंटों में मिली 15वें वित्त आयोग की 404 करोड़ की राशि…

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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर अधिकारियों ने लगातार मिशन मोड में किया काम’

30 मार्च को प्राप्त 202.33 करोड़ तत्काल कोषालय से निकालकर नगरीय निकायों को अंतरित की गई, भारत सरकार को तुरंत जीटीसी भेजकर हासिल की दूसरी किस्त की पात्रता, मात्र 24 घंटे में विभाग ने पूरी की कई प्रक्रियाएं’

विभाग की तत्परता और केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय से बेहतरीन समन्वय से 202.33 करोड़ की दूसरी किस्त भी तत्काल स्वीकृत’

बड़ी राशि मिलने से निकायों में विकास कार्यों, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं को मिलेगी नई रफ्तार’

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आखिरी 48 घंटों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने ‘मिशन मोड’ में काम करते हुए राज्य के नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग की 404 करोड़ 66 लाख रुपये की बड़ी राशि प्राप्त की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के विशेष प्रयास, तत्परता, कुशल मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय से विभाग ने यह राशि हासिल करने में कामयाबी पाई है।

नगरीय प्रशासन विभाग की लगातार कोशिशों से वित्तीय वर्ष खत्म होने के ठीक पहले 30 मार्च को राज्य को भारत सरकार से 15वें वित्त आयोग की 202 करोड़ 33 लाख रुपये प्राप्त हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर विभाग द्वारा सभी निकायों को तुरंत यह राशि अंतरित की गई और अगली किश्त की पात्रता के लिए तत्काल ग्रांट ट्रान्सफर सर्टिफिकेट (GTC) तैयार कर त्वरित माँग प्रस्तुत किया गया। नियमानुसार ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट समय-सीमा में प्रस्तुत होने से केंद्र सरकार से अगली किस्त की राशि मिलने की पात्रता छत्तीसगढ़ को मिल गई। कुछ ही घंटों में राज्य को दूसरी किस्त के भी 202 करोड़ 33 लाख रुपये की मंजूरी प्राप्त हो गई।

मात्र 24 घंटों में पूरी की गई कई प्रक्रियाएं

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों ने दिन-रात काम करते हुए मात्र एक दिन में ही कोषालय (ट्रेजरी) से राशि निकाल कर निकायों को ट्रांसफर की और ‘ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट’ (GTC) तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया।

तुरंत मिली दूसरी किश्त

नगरीय प्रशासन विभाग की इस त्वरित कार्यवाही तथा केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय व केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के साथ बेहतरीन समन्वय का नतीजा यह रहा कि बिना समय गवांए छत्तीसगढ़ के लिए 202 करोड़ 33 लाख रुपये की दूसरी किश्त भी तुरंत मंजूर हो गई।

भारत सरकार से १५वें वित्त आयोग की राशि प्राप्त करने में सभी प्रक्रियाओं और कार्यवाहियों में उप मुख्यमंत्री श्री साव की  कड़ी निगरानी, लगातार मानिटरिंग एवं केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय से मात्र 48 घंटों में ही कुल 404 करोड़ 66 लाख रुपये की राशि छत्तीसगढ़ के शहरों के लिए प्राप्त की गई। श्री साव ने विभाग को लगातार दो दिनों तक अथक काम करवाया, तब जाकर वित्तीय वर्ष समाप्त होने के पहले राज्य को बड़ी राशि मिल सकी। इस राशि से अब प्रदेश के नगरीय निकायों में विकास कार्यों, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं को नई रफ्तार मिलेगी।

CG: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश के लिए गर्व की बात, बस्तर समेत समूचे प्रदेश से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मिलेगा मौक़ा…

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मुख्यमंत्री से केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री रक्षा खडसे की सौजन्य मुलाकात, खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने पर जोर’

बस्तर और सरगुजा ओलंपिक तथा बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों को मिल रही है देश भर में सराहना’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री सुश्री रक्षा निखिल खडसे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, भारतीय खेल प्राधिकरण के उप महानिदेशक श्री मयंक श्रीवास्तव एवं खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने सुश्री खडसे का शॉल, बस्तर आर्ट से निर्मित आकर्षक प्रतिकृति तथा बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, संसाधन और सशक्त मंच उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार खेल एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। इन आयोजनों के जरिए अनेक छिपी हुई प्रतिभाएं सामने आई हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। सरकार द्वारा उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके कौशल को और निखारने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी करना प्रदेश के लिए गर्व की बात है और हमारे आदिवासी अंचल के युवाओं में यह नई ऊर्जा का संचार करेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर आज जब मुख्यधारा से जुड़ रहा है और वहां शांति स्थापित हुई है तो निश्चित ही आने वाले समय में खेलों में युवाओं की भागीदारी और बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर पंडुम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में पारंपरिक खेल, गायन, वादन, वेशभूषा एवं व्यंजन सहित 12 विधाओं में लगभग 54 हजार प्रतिभागियों की भागीदारी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और खेल विरासत का सशक्त उदाहरण है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री खडसे ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। जगदलपुर में आयोजित इस आयोजन को उन्होंने आदिवासी सशक्तिकरण, जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज और खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

CG: बी.एड. एवं डी.एल.एड. (दूरवर्ती) पाठ्यक्रमों में सत्र 2026–27 हेतु प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित…

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विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2026–27 हेतु द्विवर्षीय बी.एड. एवं डी.एल.एड. (दूरवर्ती) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्री. बी.एड. एवं प्री. डी.एल.एड. प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस हेतु इच्छुक अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 मार्च 2026 से प्रारंभ हो चुकी है और 12 जून 2026 (रात्रि 12 बजे तक) जारी रहेगी।

प्री बी.एड. एवं प्री. डी.एल.एड. प्रवेश के अभ्यर्थी 13 जून से 15 जून 2026 के बीच 100 रुपए शुल्क के साथ आवेदन में आवश्यक संशोधन कर सकेंगे। प्रवेश पत्र 23 जून 2026 से डाउनलोड किए जा सकेंगे तथा प्रवेश परीक्षा 28 जून 2026 (संभावित) को आयोजित की जाएगी।

परीक्षा के पश्चात 29 जून 2026 को मॉडल उत्तर जारी किए जाएंगे, जिन पर अभ्यर्थी 29 जून से 03 जुलाई 2026 तक आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। परीक्षा परिणाम (अनंतिम सूची) 10 जुलाई 2026 (संभावित) को घोषित किया जाएगा, जिस पर 10 से 12 जुलाई 2026 तक आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। सभी प्राप्त आपत्तियों के निराकरण के बाद अंतिम प्रावीण्यता सूची 21 जुलाई 2026 (संभावित) को प्रकाशित की जाएगी।

अभ्यर्थियों को निर्देशित किया जाता है कि वे आवेदन करने से पूर्व संबंधित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें तथा ऑनलाइन आवेदन पत्र में सभी जानकारी सही एवं स्पष्ट रूप से भरें। यह आवेदन पत्र काउंसलिंग पंजीयन हेतु भी मान्य होगा, अतः अलग से काउंसलिंग फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया (ऑनलाइन/ऑफलाइन) की जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

दावा-आपत्ति केवल निर्धारित तिथि एवं समय के भीतर ईमेल edu.pssou@gmail.com के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम जानकारी एवं संभावित तिथियों में किसी भी परिवर्तन के लिए नियमित रूप से विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.pssou.ac.in एवं www.pssou.net/portal का अवलोकन करते रहें।

CG: वार्ड क्रमांक 39 हीरा मोती वार्ड में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सिलाई प्रशिक्षण जारी…

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राजनांदगांव। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 39 हीरा मोती वार्ड के सामुदायिक भवन में 60 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं एवं युवतियों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है।

आज प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वार्ड के पार्षद श्री रवि सिन्हा उपस्थित हुए। उन्होंने प्रशिक्षण ले रही महिलाओं से संवाद करते हुए उन्हें मन लगाकर प्रशिक्षण प्राप्त करने एवं अपने हुनर को रोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर पार्षद श्री सिन्हा द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को अध्ययन सामग्री के रूप में कॉपी एवं पेन का वितरण भी किया गया, जिससे उन्हें प्रशिक्षण के दौरान नोट्स बनाने एवं सीखने में सुविधा मिल सके।

पार्षद श्री रवि सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलता है और वे अपने परिवार की आय में सहयोग कर सकती हैं।

कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने भी अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से उन्हें नया कौशल सीखने का अवसर मिल रहा है, जिससे भविष्य में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी दिनों में भी नियमित रूप से संचालित होता रहेगा।

CG: नवा तरिया आय के जरिया अभियान अंतर्गत कार्ययोजना निर्माण पर सीएलएफ के साथ बैठक आयोजित…

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– महिला आय वृद्धि का बनेगा नया मॉडल’

राजनांदगांव: जिले के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य शासन के मोर गांव मोर पानी अभियान अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज एवं महिला समूहों की स्थायी आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मनरेगा एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समन्वय से प्रस्तावित पहल नवा तरिया आय के जरिया अभियान के तहत ग्रामीण एवं महिला सीएलएफ से चर्चा कर में कार्ययोजना तैयार की जा रही है। यह पहल जल संसाधनों के समुचित प्रबंधन को बढ़ावा देने के साथ-साथ संकुल स्तरीय महिला समूहों को आजीविका संवर्धन गतिविधियों से सीधे जोडऩे की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। जिले में इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक सीएलएफ के लिए नवीन तालाब निर्माण एवं उससे जुड़ी आजीविका गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है।

इसी क्रम में जनपद पंचायत राजनांदगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत सुरगी के संकुल सुरगी सीएलएफ के साथ एवं जनपद पंचायत छुरिया अंतर्गत कुमारदा संकुल के ग्राम पंचायत घोषाल में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गई। जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत राजनांदगांव श्री मनीष साहू, एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत छुरिया श्री होरीलाल साहू उपस्थिति में कार्ययोजना निर्माण एवं स्थल चयन प्रक्रिया को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सीएलएफ की महिला सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। श्री साहू द्वारा बताया गया कि नवा तरिया आय के जरिया अभियान अंतर्गत तालाब निर्माण कार्य मनरेगा के माध्यम से ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत द्वारा कराया जाएगा, जबकि तालाब का उपयोग अधिकार सीएलएफ को हस्तांतरित किया जाएगा, जिससे महिलाएं तालाब आधारित आजीविका गतिविधियों का सफल संचालन कर सकेंगी। उन्होंने स्थल चयन हेतु क्लैर्ट ऐप एवं रिडज टू वैली कौनसेप्ट के उपयोग तथा ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कर स्वसहायता समूह की महिलाओं को कार्य स्वीकृति प्रदान करने की प्रक्रिया पर भी मार्गदर्शन दिया।

बैठक में यह भी चर्चा की गई कि तालाब निर्माण के पश्चात महिलाओं द्वारा मत्स्य पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, पोखरा, कमल फूल उत्पादन, पानी आधारित उत्पादक गतिविधियां एवं ढेंश उत्पादन जैसी गतिविधियों को जोड़कर आयवर्धन के अवसर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही तालाब परिसंपत्ति पर क्यूआर कोड युक्त सूचना पटल लगाने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे संबंधित सीएलएफ एवं आजीविका गतिविधियों की संपूर्ण जानकारी डिजिटल माध्यम से स्कैन कर प्राप्त की जा सकेगी। श्री साहू ने कहा कि यह अभियान मोर गांव, मोर पानी अभियान एवं विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप महिलाओं की आय वृद्धि एवं आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बैठक के दौरान महिलाओं को आजीविका संवर्धन की संभावनाओं एवं क्रियान्वयन रणनीति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु सर्वसम्मति भी प्राप्त की गई।

उल्लेखनीय है कि अभियान की जानकारी प्राप्त कर महिलाओं ने स्वयं आगे बढ़कर स्थल चयन प्रक्रिया में रूचि दिखाई है तथा अधिक से अधिक आजीविका गतिविधियों को तालाब से जोड़कर अभियान को सफल बनाने हेतु नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे आने का संकल्प लिया है। इसी प्रकार आज जनपद पंचायत छुरिया के क्लस्टर कुमर्दा अंतर्गत ग्राम पंचायत घुपसाल में भी नवा तरिया आय के जरिया अभियान को लेकर एक कार्यक्रम व बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत छुरिया श्री होरीलाल साहू द्वारा सीएलएफ की महिलाओं को अभियान की रूपरेखा, स्थल चयन प्रक्रिया एवं तालाब आधारित आजीविका गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। बैठक में महिला समूहों द्वारा सक्रिय सहभागिता करते हुए अभियान को सफल बनाने हेतु सहयोग एवं सहभागिता का भरोसा दिलाया गया। दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से जिले में नवा तरिया आय के जरिया अभियान अंतर्गत जल संरक्षण एवं महिला आजीविका संवर्धन को एकीकृत मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल प्रारंभ हो चुकी है।