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हर धर्म से जुड़े है ये सितारें,मुस्लिम होने के बावजूद धूमधाम से सेलिब्रेट करते है दीवाली

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देशभर में दीवाली त्यौहार का आगमन शुरु हो चुका है।हर ओर तैयारियां शुरु हो चुकी है ऐसे में लोग अपने आस-पास खुशियां बांटने लगे है।दीवाली का त्यौहार ना सिर्फ हिंदू धर्म में मनाया जाता है बल्कि मुस्लिम स्टार्स भी इसका जमकर लुफ्त उठाते है।जी हां वो कहते है ना मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिन्दू हैं हम वतन है हिन्दोसतां हमारा।भले ही ये पंक्तियां कहने में आसान हो लेकिन यदि इसका पालन किया जाए तो असल जिंदगी जीने का मकसद पता चलता है।आज हम बात कर रहे है बॉलीवुड के उन मुस्लिम सितारों की जो कि दीवाली का त्यौहार धूमधाम से सेलिब्रेट करते है।

सलमान खान- बॉलीवुड के सुल्तान के फैंस उन्हें हर त्यौहार सेलिब्रेट करते देखना चाहते है यही कारण है कि सलमान खान हर किसी मजहब को अपना मानते है और हर त्यौहार की पार्टी अपने घर रखते है और इन्हें धूमधाम से सेलिब्रेट करते है।सलमान भले ही मुस्लिम हो लेकिन उनके घर में किसी जातिवाद को जगह नहीं दी जाती है।

शाहरुख खान– बॉलीवुड के किंग खान को हर त्यौहार सेलिब्रेट करते देखा जाता है बता दें शाहरुख दीवाली के अवसर पर अपने घर पर पार्टी रखते है जिसमें तमाम बॉलीवुड सितारें शामिल होते है।शाहरुख हर त्यौहार को अपना समझ मनाते है जिससे जाहिर है कि वो किसी एक महज में बंधकर नहीं रहना चाहते है।गौरतलब है शाहरुख की पत्नी हिंदू है जिस वजह से भी वो ये त्यौहार मनाते है।

आमिर खान-बॉलीवुड के सुपरस्टार आमिर का नाम इस लिस्ट में ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता है बता दें आमिर खान हर एक मजहब को अपना मानते है और यही कारण है कि हिंदू लड़की से शादी करने के बाद भी आमिर दुनिया में मनाये जाने वाले हर एक त्यौहार पर अपनी पूरी भागीदारी देते है।

सैफ अली खान- बॉलीवुड के एक्टर सैफ अली खान की दोनो शादियां हिंदू लड़की से हुई है इसके अलावा एक पटौदी होने के नाते सैफ हर एक त्यौहार का जमकर लुफ्त उठाते है और हर एक त्यौहार मनाते है वही सैफ दीवाली भी अपने परिवार संग धूमधाम से मनाते है।

सोहा अली खान- बॉलीवुड के एक्टर सैफ अली खान की बहन सोहा ने कुणाल खेमू संग शादी की है जो कि एक हिंदू है इसी कारण सोहा हिंदू मुस्लिम के हर एक त्यौहार को धूमधाम से सेलिब्रेट करती है।

इरफान खान- बॉलीवुड के एक्टर इरफान खान भी इस लिस्ट में पीछे नहीं है हिंदू लड़की से शादी करने के बाद वही अपने फैंस की इच्छानुसार इरफान भी दीवाली का त्यौहार सेलिब्रेट करते है।

सुजैन खान– संजय खान की बेटी और रितिक रोशन की एक्स वाइफ का संबंध हिंदुओ से रहा है यही वजह है कि मुस्लिम घर की लड़की होने के बावजूद भी सुजैन दीवाली के त्यौहार को धूमधाम से सेलिब्रेट करती है।

तब्बू– बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा तब्बू भी दीवाली का त्यौहार अपने परिवार संग मिलकर मनाती है।तब्बू हर दीवाली फिल्म की शूटिंग से फ्री होकर अपने घर चली जाती है और धूमधाम से दीवाली इंजोय कर वापस लौटती है।

हूमा कुरैशी– इस लिस्ट में शामिल होने वाली हूमा बॉलीवुड फिल्मों में आने के बाद हर धर्म से जुड़ चुकी है और यही कारण है कि हुमा हर त्यौहार के साथ दीवाली भी काफी धूमधाम से सेलिब्रेट करती है।इन दिनों हूमा सितारों की दीवाली पार्टी इंजोय कर रही है।

नवाजुद्दीन सिद्दकी- बॉलीवुड के दमदार कलाकार नवाज का नाम भी इस लिस्ट में शामिल होता है जो कि एक मुस्लिम होने के बाद किसी एक धर्म के ना रहकर हर धर्म को अपना मानते है और इसी के अनुसार हर एक त्यौहार सेलिब्रेट करते है।

फरहान अख्तर– बॉलीवुड के एक्टर फऱहान एक मुस्लिम परिवार से बिलॉन्ग करते है लेकिन उन्हें देखकर ये बिल्कुल नहीं कहा जा सकता है क्योंकि फऱहान अपने आपको हर एक तरह से ढालने में माहिर है।फरहान भी दीवाली का त्यौहार काफी धूमधाम से सेलिब्रेट करते है।

दीया मिर्जा- इस लिस्ट में शामिल होने वाली दिया मिर्जा भी हर एक त्यौहार को लेकर काफी उत्साहित रहती है यही कारण है कि दीया दीवाली की तैयारियां काफी समय पहले से ही करने लग जाती है।

मात्र 10 रुपये में सरकार देती है ये 19 सुविधाएं, जान गए तो आपको होगा बड़ा फायदा

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श्रमिकों (Labours) को लेकर कई कानून व सुविधाएं होती तो हैं, लेकिन बहुत कम ही लोगों को इसके बारे में पता होता. आज एक ऐसे स्कीम ( Labour Welfare Schemes) के बारे में बता रहे हैं जो कि जो श्रमिकों के बड़े काम की है. इस स्कीम के तहत मात्र 10 रुपये मासिक कंट्रीब्युशन पर 19 ऐसी सुविधाएं मिलती हैं, जिनके लिए आम तौर पर मोटी रकम खर्च करनी होती है. इस स्कीम के तहत अगर किसी व्यक्ति को 3 बेटियां और दो बेटे 9वीं और 10वीं क्लास में पढ़ाई करते हैं तो उस श्रमिक को इसके लिए सालाना 31 हजार रुपये सरकार की तरफ से दिए जाएंगे. अगर किसी श्रमिक की शादी होती है तो उसे सरकार की तरफ से 51,000 रुपये दिए जाएंगे. यह तीन बेटियों के लिए ही मान्य होगा, जबकि श्रमिकों की पत्नी की डि​लीवरी के समय 10,000 रुपये मिलेंगे.

साथ ही, इस स्कीम के तहत उस संस्थान को प्रतिमाह 20,000 रुपये जमा करने होंगे जिसमें वह काम करता है. बता दें कि श्रमिकों की यह खास स्कीम हरियाणा की है, जहां विधानसभा चुनाव 2019 की वोटों की गिनती चल रही है. इस योजना के तहत श्रमिको की सर्विस एक साल होनी चाहिए और उनकी सैलरी प्रतिमाह 25,000 रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए. आइए जानते हैं कि अगर आप हरियाणा में रहते हैं तो इस स्कीम का कैसे फायदा उठा सकते हैं.

(1.) अगर किसी श्रमिक के लड़के—लड़कियां पहली से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई जारी रखते हैं तो इसके लिए उन्हें स्कूल ड्रेस, किताब-कापियां आदि खरीदने के ​लिए हर साल 3 से 4 हजार रुपये की मदद मिलेगी.

(2.) श्रमिकों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना: 9वीं से 10वीं तक लड़कों के लिए 5000, लड़कियों के लिए 7000 रुपये प्रति वर्ष. 11वीं से 12वीं के लड़कों के लिए 5500, लड़कियों के लिए 7750 रुपये. यह सुविधा मेडिकल पढ़ाई तक भी पैसा बढ़ाकर दी जाएगी.

(3.) श्रमिकों के बच्चों को खेलकूद (Sports) के लिए: प्रतियोगिता के आधार पर 2000 से 31000 रुपये तक दिया जाएगा. (4.) श्रमिकों के बच्चों को कल्चरल प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त करने पर 2000 से 31000 रुपये तक दिया जाएगा.

(5.) श्रमिक की किसी भी कारण से मृत्यु होने पर उसकी विधवा या आश्रित को 2,00,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.

(6.) श्रमिक की कार्य स्थल या बाहर किसी भी कारण से मृत्यु होने पर दाह संस्कार के लिए 15000 रुपये.

(7.) कार्यस्थल पर काम करते वक्त मौत होने पर आश्रित को 5 लाख रुपये की मदद दी जायेगी.

(8.) श्रमिकों को साईकिल खरीदने पर 3000 रुपये. (वेतन सीमा-18,000 रुपये)

(9.) श्रमिकों को चश्मे के लिए 1500 रुपये तक की मदद.

(10.) तीन लड़कियों की शादी के लिए 51-51 हजार रुपये की मदद.

(11.) महिला श्रमिकों तथा श्रमिकों की पत्नियों को डिलीवरी पर 10-10 हजार रुपये. दो बार के लिए दिये जाएंगे.

(12.) श्रमिकों की सेवा के दौरान दुर्घटना या अन्य कारण से दिव्यांग होने पर: 1.5 लाख रुपये तक की मदद.

(13.) श्रमिकों और उनके आश्रितों को डेंटल केयर व जबड़ा लगवाने के लिए 4 से 10 हजार रुपये तक की मदद.

(14.) श्रमिकों की किसी भी दुर्घटना में अपंग हुए श्रमिकों व उनके आश्रितों को कृत्रिम अंगों (Artificial Limbs) के लिए सहायता मिलती है.

(15.) बधिर श्रमिकों व उनके बधिर आश्रितों को श्रवण मशीन के लिए 5000 (पांच साल में एक बार)

(16.) श्रमिकों को नई सिलाई मशीन खरीदने के लिए 3500 रुपये (पांच साल में एक बार लेकिन सर्विस 2 साल होनी चाहिए)

(17.) दिव्यांग श्रमिकों तथा उनके आश्रितों को तिपहिया साईकिल के लिए 7000 रुपये.

(18.) पांच साल की सर्विस पर श्रमिकों को 1500 रुपये LTC (Leave Travel Concession) की सुविधा.

(19.) श्रमिकों के दिव्यांग बच्चों को 20,000 से 30,000 रुपये. इसके तहत सर्विस और वेतन की सीमा तय नहीं है.

रेप के बाद छात्रा ने दर्ज कराया मुकदमा तो जिंदा जला डाला, कोर्ट ने 16 लोगों को दी सजा-ए-मौत

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बांग्लादेश की एक अदालत ने अप्रैल में 19 वर्षीय एक छात्रा को जिंदा जलाकर उसकी हत्या करने के मामले में गुरुवार को 16 लोगों को मौत की सजा सुनाई. इस घटना के विरोध में देशभर में व्यापक प्रदर्शन हुए थे. नुसरत जहां रफी ने एक मदरसे के मौलाना के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत वापस लेने से इनकार कर दिया था जिसके कारण केरोसिन छिड़ककर उसे जिंदा जला दिया गया था.

अभियोजक हाफिज अहमद ने लोगों की भारी भीड़ के बीच अदालत में फैसला सुनाए जाने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘यह फैसला साबित करता है कि बांग्लादेश में कोई हत्यारा कानून से नहीं बचेगा. हमारे यहां कानून का शासन है. छात्रा को उस मदरसे की छत पर फुसलाकर ले जाया गया था, जहां वह पढ़ती थी. हमलावरों ने उससे शिकायत वापस लेने को कहा था. जब उसने इनकार किया, तब हमलावरों ने उसे बांध दिया और उस पर केरोसिन डालकर उसे आग लगा दी.

इसमें नुसरत 80 प्रतिशत जल गयी थी. उसने पांच दिन बाद 10 अप्रैल को अस्पताल में दम तोड़ दिया. नुसरत की हत्या को लेकर बांग्लादेश में तीखी प्रतिक्रिया और व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे. इस घटना ने बांग्लादेश में यौन उत्पीड़न के मामलों की बढ़ती चिंताजनक संख्या को भी रेखांकित किया था. प्रदर्शनकारियों ने किशोरी के हत्यारों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी सभी अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने का वादा किया था. नुसरत ने मार्च के आखिर में यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी. लीक हुए एक वीडियो में दिखाया गया है कि स्थानीय पुलिस थाना प्रमुख ने उसकी शिकायत दर्ज की लेकिन इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह बड़ी बात नहीं है. इस घटना के बाद बांग्लादेश ने करीब 27,000 स्कूलों को यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए समितियां बनाने का आदेश दिया था.

Bigg Boss 13: सिद्धार्थ डे ने पार की सारी हदें, शहनाज गि‍ल के करेक्टर को लेकर किए भद्दे कमेंट

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मुंबई. बिग बॉस (Bigg Boss 13) के घर में वैसे तो हमेशा ही हंगामे होते रहते हैं, लेकिन एक ही टास्‍क में पंजाब से आईं शहनाज गिल दो-दो घरवालों के निशाने पर आ गई हैं. घर में चल रहे टास्‍क में खुद को सेफ करने की कोशिश में घरवाले कुछ ऐसे लगे हैं कि सारी हदें पार कर रहे हैं. एक दिन पहले ही जहां देवोलीना और शहनाज गिल के बीच की झड़प सामने आई. वहीं, आज सिद्धार्थ डे ने शहनाज के साथ बद्दतमीजी कर दी है. कुछ देर पहले ही इस शो का एक प्रोमो सामने आया है, जिसमें सिद्धार्थ डे और शहनाज की झड़प सामने आई है. इस प्रोमो में सिद्धार्थ कहते हुए नजर आ रहे हैं, ‘लड़के गंदी लड़कियों के मुंह नहीं लगते. मर्दों के पास जाती है बार-बार, पारस के पास भी गई थी, पारस ने थूक दिया.’ शहनाज पर सिद्धार्थ कीचड़ भी फेंकते हुए नजर आ रहे हैं. वहीं, शेफाली बग्‍गा भी शहनाज से उलझती दिख रही हैं. इस तरह की टीका-टिप्‍पणी से शहनाज काफी नाराज और टूटती नजर आ रही हैं. शहनाज रो भी पड़ती हैं.

बता दें कि घर में इस समय एक टास्‍क चल रहा है, जिसका नाम है सांप-सीढ़ी. इस टास्‍क में घर के नोमिनेटेड सदस्‍य सीढ़ी बनाती है और दो सुरक्षित सदस्‍य आरती और असीन सांप बनकर इस सीढ़ी को समय-समय पर तोड़ते रहेंगे.

छत्तीसगढ़ : अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने किया अलर्ट

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मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में अगले 24घंटे के दौरान प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा एवं एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश होने की संभावना जतायी है।

मौसम विभाग के स्थानीय कार्यालय सेमिली जानकारी के अनुसारअगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव, नारायणपुर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर, रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर एवं जशपुर जिलों में कुछ सथानों पर मध्यम से भारी एवं एक-दो स्थानों पर अति भारी वर्षा होने की संभावना है।

पिछले 48 घंटे के दौरान प्रदेश में केशकाल, पखांजूर सहित अन्य कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है, वहीं प्रदेश में सबसे न्यूनतम तापमान 17.6 डिग्री पेंड्रा रोड में तथा अधिकतम 30.7 डिग्री माना में दर्ज किया गया है।

रिसर्च : मिलेंगे 5 हैरान करने वाले फायदे हाथ से खाएंगे खाना तो

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इन दिनों अधिकांश लोग स्पून व चम्मच से ही खाना खाते हैं खासतौर से जब वो बाहर किसी रेस्टॉरेंट आदि में गए हो। अगर आपको भी ऐसे में व किसी भी वक्त हाथ से खाने में शर्म आती है तो आपको बता दे कि हाथ से खाने में शर्माने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसा करने से आपको ढेरों सेहत फायदे मिलेंगे। आइए, जानते हैं उन्हीं के बारे में…..

1. चम्मच से खाना खाने के बजाए अगर हम हाथ से खाना खाते हैं तो मुंह नहीं जलता क्योंकि चम्मच का तापमान खाने के अनुसार बदलता है और इसका पता हमें नहीं चलता, जबकि हाथ से खाना खाते वक्त हमें तापमान का आभास होता है।

2. जब हम हाथ से खाना खाते हैं तब उंगुलियां और हाथ के उंगूठे आपस में मिलने से जो मुद्रा बनती है, उसके कारण शरीर में विशेष रूप से ऊर्जा पैदा होती है जो शरीर को स्वस्थ्य रखने में सहायक है।

3. हाथ से खाना खाते समय हम हाथ धोने पर विशेष ध्यान देते हैं, जबकि चम्मच से खाना खाते वक्त हम रखा हुआ चम्म्च प्रयोग करते हैं, जिसमें जीवाणुओं की उपस्थिति की संभावना अधिक होती है।

4. जब हम हाथ से खाना खाते हैं, तो हमारे शरीर में पंचतत्वों का संतुलन सही होता है, जबकि चम्मच से खाना खाने पर यह लाभ हमें नहीं मिल पाता।

5. हाथ से खाना खाना स्पर्श चिकित्सा समान है। इसमें हमारे हाथ, मुंह, पेट और दिमाग में भी एक तरह का संबंध बनता है शरीर के आंतरिक संकेतों के जरिए ही खाना पचता है। इससे शरीर सुपोषित होता है।

मुंह की बजाय इस अंग में बढ़ रहा था दांत, डॉक्टर भी हो गए हैरान? जानिए मामला

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वैसे तो सामान्य तौर पर बच्चों के दांत मुंह में ही निकलते हैं पर क्या आपने कभी भी ये सुना है कि किसी बच्चे के दांत उसके टेस्टिकल्स यानी की अंडकोष में बढ़ रहे हों। दरअसल, एक ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक मॉस्को में एक किशोर का एक दांत उसके मुंह के बजाए टेस्टिकल्स में विकसित हो रहा था। दरअसल, इस लड़के के मुंह के ऊपरी भाग का एक दांत लापता था, जो उसके टेस्टिकल्स में मिला। जब की परिजन बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास गए तो इस बात की आशंका जताई गई की बच्चे को टेस्टिकुलर कैंसर है।

इसके बाद टेस्टिकुलर से इस गांठ को निकालने के लिए डॉक्टरों ने सर्जरी किया पर सर्जरी के बाद पता चला कि बच्चे के टेस्टिरल्स में बढ़ रहा कोई कैंसर का गांठ नहीं है, बल्कि एक दांत था। खबरों के मुताबिक बच्चे का ऑपरेशन मॉस्को के मोरोजोव चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में किया गया।

इसमें मौजूद डॉक्टरों की मानें तो यह टेराटोमा ट्यूमर का एक दुर्लभ मामला था जो स्टेम सेल्स की खराबी की वजह से जन्म से पहले ही बच्चे को हो गया था। इस बीमारी के कारण बच्चे का एक दांत मुंह में विकसित होने के बजाय टेस्टिकल्स में बढ़ने लगा था। इस तरह का ट्यूमर महिलाओं के गर्भाशय और पुरुषों के टेस्टिकल्स में पाया जाता है।

50 साल से बंद थी ये ‘रहस्यमयी’ तिजोरी, जब इस शख्स ने खोला तो अंदर का नजारा देख हैरान रह गए सब

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महज 30 सेकेंड और 50 साल से बंद ‘रहस्यमयी’ तिजोरी खुल गई, जिसको अब तक कई लोगों ने खोलने की कोशिश किया था, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली थी। ये कारनामा कनाडा के रहने वाले स्टीफन मिल्स नामक शख्स ने किया है। हैरानी की बात तो ये है कि मिल्स ने पहले ही प्रयास में इस ‘रहस्यमयी’ तिजोरी को खोलने में सफलता हासिल किया है।

दरअसल, स्टीफन मिल्स अपने परिवार के साथ ही अल्बर्ता प्रांत में स्थित वर्मिलियन हेरिटेज म्यूजियम घूमने गए हुए थे। वहां पर प्रदर्शनी में कई सारी वस्तुएं रखी हुई थीं। वहीं पर वो ‘रहस्यमयी’ तिजोरी भी रखी थी, जो की 1970 के दशक से ही बंद थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह तिजोरी पहले ब्रंसविक के एक होटल में पड़ी हुई थी, जिसको आखिरी बार साल 1906 में खोला गया था। हालांकि फिर इसे 1970 के दशक में बंद कर दिया गया और 1990 के दशक में उस होटल के मालिक ने तिजोरी को म्यूजियम को दान दे दिया।

म्यूजियम ने उस तिजोरी को खोलने की कई बार कोशिश किया था। उसको खुलवाने के लिए विशेषज्ञों को भी बुलाया गया, लेकिन सब नाकाम रहे। आखिरकार इतने लंबे अरसे के बाद मिल्स ने वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।

मिल्स ने 20-40 और 60 नंबर आजमाते हुए तिजोरी को एक ही बार में खोल दिया है। बीबीसी के मुताबिक, पेशे से वेल्डर मिल्स ने बताया कि तिजोरी का ताला अजीब नंबरों का एक जोड़ था। उन्होंने घड़ी के हैंडल की दिशा में 20 नंबर को तीन बार घुमाया, फिर 40 नंबर को विपरीत दिशा में दो बार और आखिर में फिर सीधी दिशा में 60 नंबर को एक बार घुमाया और तिजोरी खुल गई।

हालांकि रहस्यमयी मानी जा रही उस तिजोरी में कोई खजाना नहीं बल्कि 1970 के दशक की रेस्टोरेंट के ऑर्डर की एक बुक थी, जिसमें मशरूम बर्गर और सिगरेट के पैकेट की रसीदें थीं, जिनका अब कोई मूल्य नहीं है।

जल्द लॉंच होगी Honda Jazz, मिलेंगे ये खास फीचर्स

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 जापान कार निर्माता कंपनी होंडा की नई जेनरेशन कार Jazz को जल्द ही जापान में लॉंच किया जाएगा। होंडा की इस मोस्टॉ अवेटेड कार को जापान में चल रहे टोक्योि मोटर शो में पेश किया गया है। हालांकि कंपनी ने इस कार में कई बड़े बदलाव किए हैं। आइये जानते हैं कितनी बदल गई है होंडा की नई जेनरेशन कार Jazz…..

Honda Jazz में होंगे ये खास फीचर्स

  • कई देशों में होंडा फिट नाम से बिकने वाली Jazz की नई कार 5 वेरियंट- बेसिक, होम, नेस, क्रॉसस्टार और लक्स में उपलब्ध् होगी।
  • इन सभी वेरियंट में आपको अलग से एक्सटीरियर और इंटीरियर एलिमेंट्स मिल जाएंगे।
  • इस कार में नया डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, क्रूज कंट्रोल और सिल्वर हाइलाइट मिलेगा।
  • पुश बटन स्टार्ट और बॉडी स्टेबलाइजिंग जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
  • इस कार में बड़ा टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है।
  • इस इन्फोटेनमेंट सिस्टम में रिमोट कंट्रोल फंक्शन, इमरजेंसी सपोर्ट सर्विस और सिक्यॉरिटी रश-ओवर सर्विस जैसे इंटरनेट कनेक्टेड फीचर्स उपलब्ध हैं।
  • होंडा की इस कार के लुक की बात करें तो स्लिम है जबकि कार में बड़े हेडलैंप के अलावा नए बंपर और ग्लास हाउस अट्रैक्टि करते हैं।
  • इस कार में फ्रंट वाइड-व्यू कैमरा के साथ ‘होंडा सेंसिंग’ टेक्नॉलजी दी गई है।
  • नई होंडा Jazz पेट्रोल और हाइब्रिड इंजन ऑप्शन में उपलब्ध होगी। हालांकि भारतीय बाजार में यह कार अगले साल की दूसरी छमाही में लॉन्च हो सकती है।
  • इससे पहले कंपनी भारत में नई होंडा सिटी लॉन्च करेगी।

बिजनेस करने के लिहाज से भारत और बेहतर हुआ, विश्व बैंक की रैंकिंग में लगाई लंबी छलांग

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भारत ने व्यापार करना और भी बेहतर हुआ है। वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में 14वें स्थान की छलांग लगाकर भारत ने 63वां स्थान हासिल किया है। देश लगातार तीसरी बार शीर्ष 10 परफॉर्मर की सूची में शामिल हुआ है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा, “भारत ने वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी किए गए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में 77वें से 63वां स्थान हासिल किया है।” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को देश की समृद्धि और रोजगार सृजन के लिए भारत के कारोबारी माहौल में सुधार के लिए बधाई।”

विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग में दस मापदंडों पर 190 देशों को रैंकिंग दी जाती है। इसमें कारोबार शुरू करना, निर्माण परमिट, बिजली कनेक्शन हासिल करना, कर्ज हासिल करना, कर भुगतान, सीमापार कारोबार, अनुबंध लागू करना और दिवाला मामले का निपटान शामिल है। यह तीसरी बार है जब ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है।भारत ने लगातार दो साल विश्वबैंक की ‘कारोबार सुगमता’ रिपोर्ट में अपनी स्थिति सुधार किया है। 2019 में भारत की रैंकिंग 23 स्थान के सुधार के साथ 77 वीं रही। इससे पहले 2018 की रिपोर्ट में वह 100 वें पायदान पर था।