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OMG! इस शख्स को महंगा पड़ा बस एक बियर पीना, करना पड़ा 50 लाख रुपये का भुगतान, जानिए क्यों

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हाल के दिनों में कई ऐसी खबरें सामने आई हैं, जिसमें होटल ने चीजों पर बहुत अधिक चार्ज लगाया हो। जिसको लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा की गई और लोगों ने ढेर सारे मीम्स बनाकर मजाक उड़ाया, लेकिन इस बार जो घटना घटित हुई है उसको लेकर हर कोई हैरान है।

दरअसल, मैनचेस्टर के एक होटल ने ऑस्ट्रेलिया के पत्रकार से एक बीयर के लिए 50 लाख रुपये वसूल लिए। जिसके बाद हंगामा मच गया। पत्रकार पीटर लालोर ऑस्ट्रेलिया के एक अखबार में खेल संपादक हैं। पीटर लालोर एशेज टेस्ट सीरीज कवर करने के लिए ब्रिटेन गए थे। होटल में उन्होंने अपने साथियों के साथ एक बीयर ऑर्डर किया था। इसके पीटर ने जब बिल का भुगतान कर रहे थे तो वो उस वक्त चश्मा नहीं पहने हुए थे। इसी दौरान पेमेंट मशीन में कुछ गड़बड़ी हुई और बिल का भुगतान हो गया।

जब बार में मौजूद स्टाफ ने बिल का स्लिप देखी तो शॉक रह गई। उसने पीटर लालोर को बताया कि आपसे 50 लाख से अधिक के बिल का भुगतान हो गया है। 50 लाख के भुगतान के बाद पीटर फौरन मैनेजर के पास पहुंचे। बिल में करेक्शन करने को कहा। मैनेजर ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके अतिरिक्त पैसे जल्द ही उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। होटल के प्रवक्त ने कहा कि वह मामले की जांच कर रहे हैं और जहां भी गलती हुई है उसे ठीक करेंगे। हम इस मामले में माफी मांगते हैं। जल्द ही उनका पैसा लौटा दिया जाएगा।

बता दें कि अभी कुछ समय पहले ही बॉलीवुड एक्टर राहुल बोस को होटल मैनेजमेंट ने दो केले का 413 रुपये का बिल भेजा था।

छत्तीसगढ़ : IRCTC की नई पहल, QR कोड स्केन कर यात्री जान सकेंगे खाना किस रसोई में हुआ तैयार

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खानपान की व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए आइआरसीटीसी ने नई पहल की है। अब भोजन के हर पैकेट में क्यूआर कोड होगा। इसे स्केन करते ही यात्रियों के मोबाइल पर जानकारी मिल जाएगी कि भोजन किस बेस किचन में तैयार हुआ है, लाइसेंसी कौन है और उसका नंबर क्या है। इसके अलावा पैकेट का वजन भी देख सकेंगे। ट्रेनों में पेंट्रीकार की कमान आइआरसीटीसी के पास है। इसका संचालन कैसे करना है, यात्रियों को खाने में क्या देना और क्या नहीं, यह आइआरसीटीसी ही निर्धारित करता है।

संचालक को हर नियम-शर्तों का पालना करना अनिवार्य है। हालांकि तमाम पुख्ता इंतजाम के बावजूद ट्रेन में न खानपान की क्वालिटी सुधर रही और न ओवरचार्जिंग। इतना ही नहीं चावल, दाल, सब्जी सभी के वजन में कैची चलाई जाती है। इन्हें रोकने के लिए आइआरसीटीसी हर संभव प्रयास कर रहा है। धीरे-धीरे ट्रेन में खाना पकाने के सिस्टम को खत्म किया जा रहा है। इसकी बजाय निर्धारित स्थान पर सेंट्रल किचन स्थापित किए जा रहे हैं।

बिलासपुर में जोनल स्टेशन के जनआहार केंद्र को इस किचन के रूप में तब्दील किया गया है। रसोई से खाना कैसे बनता है और वहां काम करने वाले कर्मचारी साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखते हैं या नहीं, इसके लिए हाल ही में कैमरे लगाए गए हैं। इस कर्मचारियों का कामकाज लाइव नजर आता है। यह व्यवस्था देशभर के जोन में हैं।

पारदर्शिता की इसी कड़ी में क्यूआर कोड की नई व्यवस्था को लागू किया गया है। इसके तहत अब चावल हो दाल या फिर सब्जी जब सेंट्रल किचन से निकलेगा तो उसमें कोड रहेगा। इसके बाद बगैर पैकेज सप्लाई करने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। पैकेट को लेकर यात्री के मन में कोई संशय हो तो वह उसके मोबाइल पर कोड को स्केन कर सकता है। इससे रसोई की पूरी डिटेल मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगी।

इससे यात्री सीधे नामजात शिकायत कर सकता है। साथ ही रसोई संचालक के मन में इस बात का डर रहेगा कि कहीं उसकी शिकायत न हो जाए। इस स्थिति में सीधे आइआरसीटीसी जुर्माने की कार्रवाई करता है। दो से चार बार शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई की जाती है।

क्लिक करते ही रसोई का लाइव वीडियो

स्केन के बाद खुलने वाले पेज पर एक किनारे में आप्सन भी दिया गया है। इसे क्लिक करते ही यात्री रसोई की लाइव मानिटरिंग कर सकते हैं। वह यह जान सकेंगे कि उनको खाना परोसने वाले किचन में सफाई व्यवस्था कितनी बेहतर है। यदि गंदगी या कर्मचारी टोपी-दस्ताने के बगैर खाना पका रहे हैं तब यात्री सीधे शिकायत कर सकते हैं।

जल्द नजर आएगा शिकायत नंबर

वर्तमान प्रारूप में एक कमी यह है कि आरआरसीटीसी या रेलवे का हेल्पलाइन नंबर नहीं है। इस कमी को आइआरसीटीसी के अधिकारियों ने खुद महसूस किया है। यही वजह है कि इसमें तकनीकी सुधार करते हुए नंबर को जोड़ने का निर्णय लिया गया है।

– रेलवे बोर्ड के आदेश पर क्यूआर कोड की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। बुधवार को इसका पहला दिन था। हालांकि अभी जोनल स्टेशन से केवल एक ट्रेन हावड़ा- अहमदाबाद एक्सप्रेस में खाना चढ़ाया जा रहा है। आगामी दिनों में सभी में जनआहार से खाना चढ़ाया जाएगा। उस स्थिति में क्यूआर कोड यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर साबित होगा। – राजेंद्र बोरबन, एरिया मैनेजर, आइआरसीटीसी

KBC 11: कंटेस्टेंट ने सुनाई आपबीती तो भड़क उठे अमिताभ बच्चन, बोले- ‘धिक्कार है ऐसे लोगों पर…’

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‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन 11 में कई कंटेस्टेंट ने लाखों रुपये जीतकर अपने सपने को पूरा किया । बुधवार को टेलिकास्ट हुए एपिसोड में पूजा झा नाम की कंटेस्टेंट हॉट सीट पर बैठीं । उन्होंने महज 2 सेकेंड में ही फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट का पड़ाव पार कर लिया था । अमिताभ बच्चन ने जैसे ही उनका नाम लिया, पूजा रोने लगीं ।

बिग बी ने उन्हें चुप कराने की कोशिश की लेकिन पूजा के आंसू थम नहीं रहे थे । हॉट सीट पर बैठी पूजा ने अपनी जिंदगी के बारे में बिग बी से काफी बातें शेयर कीं । पूजा ने कहा कि उनकी मां पढ़ी-लिखी नहीं हैं, फिर भी उन्होंने कड़ी मेहनत से अपनी बेटियों को पढ़ाया-लिखाया ।

पूजा ने कहा कि वो केबीसी से पैसे जीतकर अपनी मां को रिटर्न गिफ्ट देना चाहती हैं । अपनी मां के बारे में बताते हुए पूजा की आंखें भर आईं । अमिताभ ने उन्हें आंसू पोछने के लिए टिशू पेपर दिए । जब बिग बी ने टिशू पेपर वापस मांगे तो पूजा ने वापस करने से इनकार कर दिया ।

पूजा ने कहा कि वो इसे अमिताभ बच्चन की निशानी मानकर रखेंगी । वो इसे टिशू नहीं रुमाल मानेगीं । इस दौरान पूजा ने बताया कि उनकी न तो सरकारी जॉब लगी और न ही प्राइवेट, क्योंकि उन्हें शुरुआत से ही रंगभेद और इंग्लिश से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा ।

पूजा की इस बात को सुनकर अमिताभ बच्चन ने कहा, “धिक्कार है ऐसे लोगों पर, जो यह सोचते हैं कि किसी का रंग उनके गुण को बयां करेगा । ‘कौन बनेगा करोड़पति’ से पूजा झा 6 लाख 40 हजार रुपये जीतकर ले गईं । उन्होंने शानदार तरीके से गेम खेला ।

छत्तीसगढ़ : वन विभाग की एडवाइजरी, गांव में घुसे जंगली हाथी तो भूलकर भी न करें ये काम

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बलौदा बाजार। जिले के कुछ इलाकों में जंगली हाथियों की धमक को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर स्थानीय वन विभाग ने आम जनता के जान-माल की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है। वन मंडलाधिकारी ने हाथी के आने पर क्या करें और क्या न करें उप शीर्षक से जारी सलाह में लोगों से सतर्क और सावधान रहने की अपील की है। वन मंडलाधिकारी ने बताया कि जंगली हाथियों से प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्के मकानों में शिफ्ट करा देना चाहिए। गांव की सीमा के भीतर चारों दिशाओं में कंडे और लकड़ी में मिर्ची पाउडर मिलाकर आग जलाकर रखें और सतर्क रहें। बच्चों को व स्कूलों में प्राचार्यों को अपने छात्रों को हाथियों से बचाव के उपाय बताने चाहिए।

यथा हाथियों से दूर रहना, हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करना, सेल्फी लेने का प्रयास नहीं करना और रात में घरों से बाहर नहीं निकलना आदि। हाथी प्रभावित इलाकों में निम्नलिखित चीजें नहीं किए जाने चाहिए। किसी भी हालत में हाथियों के पास नहीं जाएं। हाथियों को न तो पत्थर से मारे और ना ही पटाखे फोड़ें। ऐसा किए जाने से वे और ज्यादा उग्र हो सकते हैं। हाथियों को गाली ना दें, चिल्लाएं नहीं अन्यथा हाथी ऐसे लोगों को खोजकर मार देता है। क्योंकि हाथियों की श्रवण क्षमता तीव्र होती है।

गंध सूंघकर आ जाते हैं हाथी

एडवाइजरी में कहा गया है कि हाथियों की मौजूदगी में जंगलों में प्रवेश ना करें क्योंकि हाथी आपकी गंध दूर से ही सूंघ सकते है और आपको उनकी उपस्थिति का पता ही नहीं चलेगा और वे आपके पास पहुंच जाएंगे। हाथियों को खाने-पीने की वस्तु ना दें। घरों में ना तो शराब बनाएं, ना रखें और न ही रखने दें।

शराब व शराबियों से हाथी अक्सर आकर्षित होकर हमला कर देते हैं। सरकार आपको फसल या अन्य हानि का मुआवजा दे सकती है किन्तु आपकी जान वापस नहीं दे सकती। इसलिए हाथियों से दूरी बनाए रखना ही समझदारी है। हाथियों के कहीं पर भी दिखाई देने पर वन विभाग के कर्मचारी को सूचित करें।

सावधानः ये है मौत का सेब, एक टुकड़ा ही आपकी जान ले लेगा….

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आपने अब तक कई तरह के सेब खाए होंगे लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं मौत के सेब के बारे में जिसका एक टुकड़ा भी आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। वैसे दुनिया में कई ऐसे फल हैं जो काफी खतरनाक हैं। लेकिन मौत का सेब कहा जाने वाला फल दुनिया का सबसे खतरनाक फल माना जाता है। इस पेड़ का हर हिस्सा जहरीला है। इतना ही नहीं, पेड़ के नीचे खड़े रहने से भी आपकी जान पर बन सकती है।

दरअसल, फ्लोरिडा इंस्टिट्यूट ऑफ फूड ऐंड ऐग्रिकल्चरल साइंसेज के मुताबिक, मंचीनील का हर हिस्सा काफी खतरनाक होता है। पेड़ के किसी भी हिस्से के संपर्क में आना और उनका सेवन घातक हो सकता है। पेड़ से एक तरह का दूध जैसा रस निकलता है जो काफी गाढ़ा होता है। यह रस पेड़ के हर हिस्से जैसे छाल, पत्तियों और फलों से भी रिसता रहता है और हर हिस्सा जहरीला होता है जो आपकी जान ले सकता है। अगर त्वचा पर उसकी एक बूंद भी गिर जाए तो बहुत तेज जलन महसूस होती है। इस रस के अंदर कई जहरीले तत्व पाए जाते हैं लेकिन सबसे खतरनाक फॉरबोल पाया जाता है। इसकी वजह से बारिश के दिनों में पेड़ के नीचे खड़ा रहना भी खतरनाक हो जाता है।

बता दें, फॉरबोल बहुत तेजी से पानी में घुल जाता है। जब बारिश होती है तो पानी की बूंदों के साथ मिलकर वह नीचे गिरता है और आपकी स्किन पर काफी तेज जलन महसूस होगी। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें मंचीनील की लकड़ी को जलाने पर उसके धुएं की वजह से लोगों की आंखों में सूजन आ गई और कई तो अस्थायी रूप से अंधेपन का शिकार हो गए। धुआं अगर शरीर के अंदर चला जाए तो वह और खतरनाक हो जाता है। वहीं अगर इसे खा लिया तो ये सबसे ज्यादा घातक हो सकता है। इस फल को खाने के बाद इंसान को काफी उल्टियां और पेचिश होने लगती है जिससे इंसान की जान तक चली जाती है।

इस पेड़ का वैसे तो मंचीनील ट्री नाम है लेकिन इसे बीच ऐपल, जहरीला अमरूद, मौत का सेब नाम से भी जाना जाता है। स्पैनिश भाषा में इसको arbol de la muerte बोला जाता है जिसका मतलब होता है मौत का पेड़। गिनेस वर्ल्ड रेकॉर्ड्स के मुताबिक, वाकई में मंचीनील का पेड़ दुनिया में सबसे खतरनाक पेड़ है।

जानकारी के अनुसार, गलती से इसका फल खा लेने पर निकोला स्ट्रिकलैंड नाम की एक वैज्ञानिक मरते-मरते बची थीं। यह बात 1999 की है। स्ट्रिकलैंड अपनी एक दोस्त के साथ कैरिबियाई द्वीप टबैगो घूमने गई थीं। वहां जब बीच पर वह टहल रही थीं तो उनको एक हरा फल दिखा जो सेब जैसा दिख रहा था। इसके बाद उन्होंने इसे खाया तो उनको जलन सी महसूस होने लगी और गला जाम सा होने लगा। समय रहते उनको उपचार मिल गया। उनकी हालत को सही होने में करीब 8 घंटे लगे।

छत्तीसगढ़ : कोषालय का सर्वर दे रहा धोखा, दीपावली के वेतन-भत्तों पर संकट

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दिवाली में प्रदेश के कर्मचारियों की खुशियों पर ग्रहण लग सकता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिवाली के पहले सभी जिला कोषालय अफसरों को वेतन भुगतान के निर्देश दिए थे, ताकि कर्मचारियों को त्योहार में पैसों की कमी से दो-चार न होना पड़े। रायपुर जिला कोषालय की तरफ से कवायद तो शुरू हुई, लेकिन सर्वर बार-बार धोखा दे रहा है। बुधवार को कई बार सर्वर डाउन हुआ। इसकी वजह से वेतन व भत्ता बिल फंस गए। कारण था कि एक ही सर्वर पर सभी 27 जिलों के कोषालय द्वारा काम किया जा रहा है, लोड बढ़ा तो सर्वर डाउन हो गया।

राज्य सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए सातवां वेतनमान की दूसरी किस्त देने के एलान के साथ-साथ 24-25 अक्टूबर को ही कर्मचारियों व शिक्षकों के वेतन जारी करने का एलान किया था। इसके बाद से कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतन व भत्तों का बिल विभागों द्वारा ट्रेजरी पहुंचाया जाना शुरू हो गया।

बुधवार को दिन भर हंगामा मचा रहा, शाम को कोषालय अफसरों की तरफ से कहा गया कि सर्वर ठीक काम कर रहा है, वेतन समय पर खातों में पहुंच जाएगा। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय झा ने बताया कि बिल पास नहीं हो पा रहे हैं। यही लग रहा है कि न तो सांतवें वेतनमान के एरियर्स का भुगतान हो पाएगा और न ही कर्मचारियों व शिक्षकों को वेतन मिल पाएगा।

देर शाम तक 80 फीसद बिल जमा हो गए थे- जानकारी के मुताबिक हर जिला कोषालय के सर्वर डाउन होने बाद भी देर शाम तक 80 फीसद से ज्यादा कर्मचारियों के एरियर्स व वेतन के बिल जमा किए जा चुके थे। जिला कोषालय अधिकारी रवि नेताम का कहना है कि सुबह सर्वर स्लो था, लेकिन अब ठीक चल रहा है। हमारी कोशिश है कि सब को जल्द से जल्द वेतन मिल जाए।

रमेश तौरानी ने फिर से रखी दिवाली पार्टी, सलमान, प्रीति और सोनाक्षी सिन्हा सहित ये सितारे आए नजर

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फिल्म इंडस्ट्री में दिवाली का जश्न शुरू हो चुका है। सभी बड़े सेलेब्रिटी अपने घर पर दिवाली की पार्टी रख रहे हैं । बधुवार को टिप्स इंडस्ट्री के मालिक रमेश तौरानी ने फिर से अपने घर पर दिवाली के जश्न का आयोजन किया । इस पार्टी में बॉलीवुड के सभी बड़े सितारे नजर आएं ।

रमेश तौरानी ने कुछ दिन पहले ही दिवाली की पार्टी रखी थी । अब उन्होंने फिर से पार्टी दी । यहां रकुल प्रीत सिंह, सलमान खान, सोनाक्षी सिन्हा, डिनो मोरिया, सोनू सूद, प्रीति जिंटा, आफताब शिव दासानी, नेहा धूपिया, कुणाल खेमू, अंगद बेदी और सोहा अली खान जैसे सितारे दिखे ।

एक्ट्रेस श्रिया सरन अपने पति Andrei Koscheev के साथ पहुंचीं। प्रीति जिंटा ने डिनो मोरिया के साथ पोज दिए । प्रीति पिंक कलर का शरारा पहन पहुंची थीं ।

बिपाशा भी अपने पति करण सिंह ग्रोवर के साथ दिखीं । उन्होंने ग्रे कलर का शरारा पहना था ।

वहीं नेहा धूपिया ब्लैक कलर की साड़ी में नजर आईं । वहीं उनके पति अंगद बेदी भी ब्लैक पेयरिंग में दिखे । आफताब शिव दासानी अपनी पत्नी के साथ नजर आए । वहीं सोहा अली खान भी पिंक कलर की ड्रेस पति कुणाल के साथ पोज देती दिखीं । सोनाक्षी सिन्हा पिंक कलर की साड़ी में खूबसूरत दिख रही थीं ।

इसके अलावा तुषार कपूर, सलमान खान, सोनू सूद, अर्जुन बाजवा और करण पटेल भी पार्टी में शामिल हुए। सलमान खान, रमेश तौरानी की पिछली दिवाली पार्टी में भी नजर आए थे ।

छत्तीसगढ़ : गढ़ कलेवा संस्कृति विभाग अपने ही आदेश के चलते विवादों में

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संस्कृति विभाग अपने ही आदेश के चलते विवादों में आ गया है। परिसर में संचालित गढ़ कलेवा की टेंडर प्रक्रिया दो माह पूर्व निकाली गई थी। साथ ही वर्तमान में गढ़ कलेवा के संचालक को नोटिस दिया गया था कि अक्टूबर माह के बाद जो भी ट्रेंडर प्रक्रिया में चयनित होगा, उसे ही संचालन का जिम्मा दिया जाएगा। वहीं टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण गढ़ कलेवा पूरी तरह से विवादों में फंस गया है। वहीं संचालक ने बोर्ड लगाकर आमजनों को सूचित किया है कि शासकीय आदेश के अनुसार 30 अक्टूबर को गढ़ कलेवा बंद कर दिया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया में यह खबर फैलते ही राजनीति मायने भी निकाले जाने लगे। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने ट्वीट कर कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया।

गौरतलब बात है कि विभाग ने गढ़ कलेवा के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी की थी। उक्त टेंडर में केवल दो ही महिला स्व सहायता समूह संचालन के लिए समक्ष आए। इन्हीं कारणों से विभाग ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी। वहीं दूसरी ओर वर्तमान संचालक को अक्टूबर माह के बाद नए टेंडर प्रक्रिया के अंतर्गत खाली करने का नोटिस दिया था, उक्त आदेश को निरस्त न करने के कारण वर्तमान संचालक ने गढ़ कलेवा को बंद करने की सूचना बोर्ड पर टांग दी। वहीं देर रात विभाग के अधिकारियों ने संचालिका से बात कर संचालित करने को कहा है। साथ ही आश्वासन दिया है कि जब तक नया टेंडर नहीं होता तब तक आपको ही गढ़कलेवा को संचालित करना है।

– टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, वहीं आदेश के कारण गढ़ कलेवा संचालक ने बोर्ड लगा कर बंद करने की सूचना आमजनों को दी थी। अब पुनः उनसे बातचीत हो गई है। बोर्ड भी हटा दिया गया है। जब तक नई टेंडर प्रक्रिया नहीं होती, उक्त महिला स्व सहायता समूह ही संचालन करेगी। जे आर भगत, उपसंचालक, संस्कृति विभाग

धनतेरस पर इस विधि से करें यमराज को दीपदान, अकाल मृत्यु से बचे रहेंगे आप

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इस साल धनतेरस का त्योहार गुरुवार यानी 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा. धनतेर पर पूजा करने से न सिर्फ धन-धान्य में वृद्धि होती है, बल्कि आपकी उम्र भी लंबी होती है और आप स्वस्थ रहते हैं. स्कंद पुराण के अनुसार, इस दिन प्रदोष काल यानी शाम के समय यमराज के निमित्त दीप और नैवेद्य समर्पित करने से अकाल मृत्यु से बचा जा सकता है.

इसके लिए विशेष पूजा का प्रावधान है. इसके लिए धनतेरस की शाम को मिट्टी का एक बड़ा दीपक लें, उसे साफ पानी से धो लें. इसके बाद साफ रुई लेकर दो लंबी बत्तियां बना लें. उन्हें दीपक में एक-दूसरे पर आड़ी इस प्रकार रखें कि दीपक के बाहर बत्तियों के चार मुहं दिखाई देने लगे. अब उसे तिल के तेल से भर दें और साथ ही उसमें कुछ काले तिल भी डाल दें.

अब इस दीपक की रोली, चावल एवं फूल से पूजा करें. उसके बाद घर के मुख्य दरवाजे के बाहर थोड़ी-सी खील अथवा गेहूं की एक ढेरी बनाएं और नीचे लिखे मंत्र को बोलते हुए दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यह दीपक उस पर रख दें. इसके बाद हाथ में फूल लेकर नीचे लिखा मंत्र बोलते हुए यमदेव को दक्षिण दिशा में नमस्कार करें- ऊं यमदेवाय नम:। नमस्कारं समर्पयामि।।

उसके बाद यह फूल दीपक के समीप छोड़ दें और हाथ में एक बताशा लें तथा नीचे लिखा मंत्र बोलते हुए उसे भी दीपक के पास रख दें- ऊं यमदेवाय नम:। नैवेद्यं निवेदयामि।।

अब हाथ में थोड़ा-सा जल लेकर आचमन के लिए नीचे लिखा मंत्र बोलते हुए दीपक के पास छोड़ दें- ऊं यमदेवाय नम:। आचमनार्थे जलं समर्पयामि।

अब फिर से यमदेव को ऊं यमदेवाय नम: कहते हुए दक्षिण दिशा में नमस्कार करें. इस तरह दीपदान करने से यमराज प्रसन्न होते हैं और अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता.

इसके पीछे एक कहानी है. कहा जाता है कि एक समय यमराज ने अपने दूतों से पूछा कि- क्या कभी तुम्हें प्राणियों के प्राण का हरण करते समय किसी पर दयाभाव भी आया है, तो वे संकोच में पड़कर बोले- नहीं महाराज! यमराज ने उनसे दोबारा पूछा तो उन्होंने संकोच छोड़कर बताया कि- एक बार एक ऐसी घटना घटी थी, जिससे हमारा हृदय कांप उठा था. हेम नामक राजा की पत्नी ने जब एक पुत्र को जन्म दिया तो ज्योतिषियों ने नक्षत्र गणना करके बताया कि यह बालक जब भी विवाह करेगा, उसके चार दिन बाद ही मर जाएगा.
ये बात जानकर उस राजा ने बालक को यमुना तट की एक गुफा में ब्रह्मचारी के रूप में रखकर बड़ा किया. एक दिन जब महाराजा हंस की युवा बेटी यमुना तट पर घूम रही थी तो उस ब्रह्मचारी युवक ने मोहित होकर उससे गंधर्व विवाह कर लिया. चौथा दिन पूरा होते ही वह राजकुमार मर गया. अपने पति की मृत्यु देखकर उसकी पत्नी बिलख-बिलखकर रोने लगी. उस नवविवाहिता का करुण विलाप सुनकर हमारा हृदय भी कांप उठा. उस राजकुमार के प्राण हरण करते समय हमारे आंसू नहीं रुक रहे थे.
तभी एक यमदूत ने पूछा -क्या अकाल मृत्यु से बचने का कोई उपाय नहीं है? यमराज बोले- हां एक उपाय है. अकाल मृत्यु से छुटकारा पाने के लिए व्यक्ति को धनतेरस पर पूजन और दीपदान विधिपूर्वक करना चाहिए. जहां यह पूजन होता है, वहां अकाल मृत्यु का भय नहीं सताता

छत्तीसगढ़ : धर्मांतरण कर प्रेम विवाहः युवती को सखी सेंटर में किया जा रहा प्रताड़ित

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धर्मांतरण कर प्रेम विवाह करने के मामले में बुधवार को युवक के अधिवक्ता ने हाई कोर्ट को बताया कि सखी सेंटर में रखी गई युवती को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने युवती का शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ मामले को सुनवाई के लिए आठ नवंबर को रखने का आदेश दिया है। धमतरी निवासी मोहम्मद इब्राहिम सिद्दिकी ने हिन्दू धर्म अपना कर व अपना नाम आर्यन आर्य रखकर धमतरी की हिन्दू युवती से प्रेम विवाह किया है। इस विवाह को शून्य घोषित करने युवती के पिता ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें युवती के मानसिक रोगी होने तथा उसका उपचार चलने की बात कही गई।

दूसरी ओर युवती द्वारा पति के साथ जाने की बात कहने पर कोर्ट ने युवती को शासन द्वारा संचालित सखी सेंटर में रखने का आदेश दिया है। मामले को सुनवाई के लिए बुधवार को चीफ जस्टिस की डीबी में रखा गया। इस दौरान उत्तरवादी युवक के अधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे प्रकरण में देर हो रही है।

दूसरी ओर युवती के पिता के कहने पर उसे सखी सेंटर में प्रताड़ित किया जा रहा है। यदि कोर्ट चाहे तो वार्डन द्वारा प्रताड़ित किए जाने की रिकार्डिंग पेश की जा सकती है। युवती को उसके पति के साथ जाने की अनुमति देने की मांग की गई।

पिता के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सखी सेंटर का संचालन शासन कर रहा है। वैसे भी मामला अंतिम सुनवाई के लिए लगा है। सुप्रीम कोर्ट में सात नवंबर को सुनवाई होनी है।

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने कहा युवती को सुरक्षा प्रदान करना हमारा उद्देश्य व जिम्मेदारी है। यदि युवती को प्रताड़ित किया जा रहा है तो इस संबंध में वह कोर्ट में शपथ पत्र प्रस्तुत कर सकती है। इसके साथ कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए आठ नवंबर को रखने का आदेश दिया है।