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लावारिस कुत्तों से प्यार है तो घर क्यों नहीं ले जाते; सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि लावारिस कुत्तों के हमले से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए नगर निगम और कुत्तों को खाना खिलाने वालों पर जिम्मेदारी डालेंगे। अदालत ने कहा, अगर आपको इन जानवरों से इतना प्यार है तो आप उन्हें अपने घर क्यों नहीं ले जाते?

जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की विशेष पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह लावारिस कुत्तों से होने वाली घटनाओं के लिए राज्य सरकारों, नगर निकायों से पीड़ितों को भारी मुआवजा देने को कहेंगे, क्योंकि ये संस्थाएं पांच सालों से लावारिस कुत्तों, जानवरों से जुड़े नियम- कानूनों को लागू करने में पूरी तरह से विफल रही हैं।

शीर्ष अदालत ने सवाल पूछते हुए कहा कि जब कुत्ते नौ साल के बच्चे पर हमला करते हैं तो किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, उस संगठन को ‌जो उन्हें खाना खिला रहा है। अदालत ने लावारिस कुत्तों की हिमायत करने और खाना खिलाने वालों से कहा कि आप चाहते हैं कि हम इस समस्या पर अपनी आंखें मूंद लें। जस्टिस मेहता ने कहा कि जब लावारिस कुत्ता किसी पर हमला करता है तो कौन जिम्मेदार होगा, यह किसी के कब्जे में नहीं हो सकता। आपको पालतू जानवर चाहिए, तो इसके लिए लाइसेंस लें।

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में देशभर के नगर निकायों को बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, हॉस्पिटल, अस्पताल आदि सार्वजनिक परिसरों से लावारिस कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था। पीठ ने आदेश दिया था कि कुत्तों को उठाने के बाद टीकाकरण या बंध्याकरण कर उसी जगह पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए जहां से उन्हें उठाया गया था।

अब तक सिर्फ कुत्तों के लिए हैं भावनाएं : जस्टिस मेहता

वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने इस मुद्दे को भावनात्मक बताया तो जस्टिस मेहता ने कहा कि अब तक भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए हैं। जब अधिवक्ता ने समर्थन में संसदीय बहस पेश कीं, तो जस्टिस मेहता ने कहा कि संसद सदस्य एलीट थे।

अदालत के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा

सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले वर्ष सात नवंबर को पारित आदेश के अनुपालन की निगरानी कर रही पीठ ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि सक्षम प्राधिकार कानून और इस अदालत के आदेश का प्रभावी पालन नहीं कर रहे हैं।

पीड़ित का पक्ष भी सुना

कामना पांडेय ने पीठ को उस कुत्ते को गोद लेने का अपना अनुभव बताया, जिसने उन्हें काटा था। उन्होंने बताया कि उसके बाद उस कुत्ते ने कभी किसी को नहीं काटा। उन्होंने बताया कि उन्हें पता चला कि जिस कुत्ते ने उन पर हमला किया था, उसके साथ लंबे समय तक क्रूरता की गई थी।

“सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से मांगी क्लेरिटी; कहा- CM पद पर जारी कन्फ्”

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कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रहा द्वंद्व अब दिल्ली के दरबार तक पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से संपर्क कर राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया है।

सिद्धारमैया का कहना है कि नेतृत्व को लेकर जारी निरंतर भ्रम के कारण शासन और कैबिनेट विस्तार के कार्यों में बाधा आ रही है।

आपको बता दें कि मंगलवार को मैसूर एयरपोर्ट पर राहुल गांधी और सिद्धारमैया के बीच हुई संक्षिप्त मुलाकात के बाद यह मुद्दा और गरमा गया है। राहुल गांधी तमिलनाडु से लौटते समय मैसूर में रुके थे, जहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दोनों ने उनकी अगवानी की। हालांकि, सार्वजनिक रूप से सिद्धारमैया ने किसी भी राजनीतिक चर्चा से इनकार किया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने राहुल गांधी से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस अनिश्चितता को खत्म किया जाए।

पावर शेयरिंग फॉर्मूले के कारण विवाद

कर्नाटक में मचे इस घमासान के केंद्र में वह कथित समझौता है, जो मई 2023 में सरकार गठन के वक्त हुआ था। डीके शिवकुमार के समर्थकों का दावा है कि हाईकमान ने 2.5 साल बाद मुख्यमंत्री पद शिवकुमार को सौंपने का वादा किया था। सरकार के ढाई साल नवंबर 2025 में पूरे हो चुके हैं, जिसके बाद से शिवकुमार खेमा सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री स्पष्ट कर चुके हैं कि वे अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे और ऐसा कोई फॉर्मूला तय नहीं हुआ था।

सिद्धारमैया ने आलाकमान को संकेत दिया है कि वे अपनी कैबिनेट का विस्तार करना चाहते हैं और खाली पड़े पदों पर नियुक्तियां करना चाहते हैं। लेकिन नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच इन फैसलों पर ब्रेक लगा हुआ है। सिद्धारमैया का मानना है कि यदि हाईकमान उन्हें पूरे कार्यकाल के लिए हरी झंडी दे देता है, तो वे अधिक मजबूती से प्रशासन चला पाएंगे।

हाईकमान की चुप्पी और खरगे का बयान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पिछले महीने इस विवाद को स्थानीय स्तर पर पैदा किया गया भ्रम बताया था। उन्होंने नेताओं को चेतावनी दी थी कि वे कर्नाटक की जीत का श्रेय व्यक्तिगत रूप से न लें। खरगे ने कहा है कि जब भी जरूरत होगी, सिद्धारमैया और शिवकुमार को चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया जाएगा।

इस आंतरिक कलह पर भाजपा ने तीखा तंज कसा है। विपक्षी नेता आर. अशोक ने कहा कि जब जर्मन चांसलर बेंगलुरु के दौरे पर थे, तब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री उनकी अगवानी करने के बजाय मैसूर में राहुल गांधी की खुशामद में लगे थे। भाजपा का आरोप है कि राज्य में प्रशासन ठप है और दोनों नेता सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने की रेस में दौड़ रहे हैं।

इस्लामिक नाटो को लेकर पाक, सऊदी और तुर्की के बीच पक रही खिचड़ी

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बीते साल सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुई डिफेंस डील वैश्विक स्तर पर चर्चा का केंद्र बनी। दोनों देशों ने एक ऐसा सुरक्षा समझौता कर लिया है जिसके तहत एक देश पर हमले को दूसरे के विरुद्ध भी हमला माना जाएगा।

यह समझौता काफी हद तक नाटो के उस अनुच्छेद की तरह है, जिसमें पश्चिमी देशों के इस समूह में किसी भी सदस्य पर हमले को पूरे समूह के खिलाफ हमला माना जाता है। अब पाक और सऊदी की इस डील से एक और मुस्लिम देश जुड़ना चाहता है और यह तीनों देश मिलकर इस्लामिक नाटो नाम की एक खिचड़ी पका रहे हैं।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक तुर्की ने सऊदी-पाकिस्तान डिफेंस डील का हिस्सा बनने में बेहद दिलचस्पी दिखाई है और इसके लिए बैठकों का दौर भी जारी है। मामले से परिचित लोगों के मुताबिक यह गठबंधन स्वाभाविक रूप से आकार ले रहा है क्योंकि दक्षिण एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के रणनीतिक हित आपस में मिलते हैं। वहीं तीनों देशों के बीच पहले से ही साठ गांठ बनी हुई है। इस समूह का संभावित विस्तार इसीलिए भी अहम है क्योंकि तुर्की सिर्फ एक और क्षेत्रीय खिलाड़ी नहीं है। यह अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो गठबंधन का भी हिस्सा है और अमेरिका के बाद नाटो में दूसरी सबसे बड़ी सेना तुर्की की ही है।

रक्षा संबंध पहले से ही मजबूत

पाकिस्तान के साथ तुर्की के रक्षा संबंधों की बात की जाए तो वह बेहद अच्छे रहे हैं। तुर्की पाकिस्तानी नौसेना के लिए कार्वेट युद्धपोत बना रहा है, पाकिस्तान के दर्जनों F-16 लड़ाकू विमानों का आधुनिकीकरण किया है और सऊदी और पाक दोनों के साथ ड्रोन तकनीक साझा कर रहा है। वहीं सऊदी अरब और तुर्की शिया-बहुल ईरान को लेकर एकमत हैं और दोनों सैन्य टकराव के बजाय ईरानी शासन का समर्थन करते हैं। इसके अलावा दोनों देश एक स्थिर, सुन्नी-नेतृत्व वाले सीरिया का समर्थन करने और फिलिस्तीन को लेकर भी एकजुट हैं।

क्या कह रहे विशेषज्ञ?

अंकारा स्थित थिंक टैंक TEPAV के रणनीतिकार निहत अली ओजकान के मुताबिक इस समूह में तीनों देशों की भूमिका भी तय हो गई है। इस्लामिक नाटो को खड़ा करने में जहां सऊदी अरब वित्तीय सहायता देगा, वहीं पाकिस्तान अपने परमाणु हथियार, बैलिस्टिक मिसाइल और मैनपावर देगा। तुर्की अपनी सैन्य विशेषज्ञता और घरेलू रक्षा उद्योग का योगदान दे सकता है। ओजकान के मुताबिक, “जैसे-जैसे अमेरिका इस क्षेत्र में अपने और इजरायल के हितों को प्राथमिकता दे रहा है, बदलते समय में ये देश अपने दोस्तों और दुश्मनों की पहचान करने के लिए नए तरीके विकसित कर रहे हैं।”

मिस्र ने भी दिखाई थी दिलचस्पी

बीते साल कतर पर इजरायल के हमले के बाद दोहा में बुलाई गई आपात बैठक में भी मुस्लिम देशों ने अरब-नाटो पर भी चर्चा की थी। इस बैठक में पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और यूएई सहित 60 मुस्लिम देशों ने हिस्सा लिया था। बैठक के दौरान अरब देशों में सबसे बड़ी सेना रखने वाले मिस्र ने अरब-नाटो के प्रस्ताव को पुनर्जीवित करने पर अन्य देशों का समर्थन मांगा था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मिस्र ने इस समूह के लिए शुरुआत में 20,000 सैनिकों का योगदान देने की पेशकश भी की थी। वहीं मिस्र की राजधानी काहिरा को अरब-नाटो का मुख्यालय बनाने और एक मिस्र के एक हाई रैंक जनरल को कमांडर बनाने की भी पेशकश की गई थी।

भारत के लिए चिंता?

पाकिस्तान और तुर्की जैसे भारत के दुश्मनों का इस तरह के सैन्य संगठन से जुड़ना भारत के लिए एक खतरे की घंटी हो सकती है। खासकर ऐसे समय में जब बीते मई महीने में भारत और पाक के बीच बनी युद्ध जैसी स्थिति के दौरान तुर्की ने पाक को अपने कई अहम हथियार और ड्रोन दिए थे। हालांकि भारत के एयर डिफेंस सिस्टम्स ने भारत की हिफाजत की औक पाक के कायराना हमलों का माकूल जवाब दिया था। वहीं विश्लेषकों का मानना ​​है कि इस तरह के समझौते को सक्रिय करने का संकल्प महज बातचीत है और खाड़ी देशों के लिए इसे जमीनी हकीकत बनाना बेहद मुश्किल है।

पश्चिमी विक्षोभ के चलते वातावरण में नमी बढ़ी, करीब तीन दिनों तक तापमान में खास उतार-चढ़ाव नहीं होने की संभावना

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छत्तीसगढ़ में बीते दिनों से मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। पश्चिमी विक्षोभ के चलते वातावरण में नमी बढ़ी है, जिसके कारण अगले करीब तीन दिनों तक तापमान में खास उतार-चढ़ाव नहीं होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में बीते दिनों से मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। पश्चिमी विक्षोभ के चलते वातावरण में नमी बढ़ी है, जिसके कारण अगले करीब तीन दिनों तक तापमान में खास उतार-चढ़ाव नहीं होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस अवधि में ठंड और गर्मी दोनों ही लगभग स्थिर रहेंगी, लेकिन इसके बाद हवाओं की दिशा में बदलाव होते ही तापमान में फिर गिरावट दर्ज की जाएगी।

उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में ठंड का असर सबसे ज्यादा नजर आ रहा है। बलरामपुर-रामानुजगंज और सरगुजा अंचल में सर्दी ने लोगों को खासा परेशान किया है। बीते 24 घंटों में इन इलाकों में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बस्तर क्षेत्रों में भी रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत, मध्य छत्तीसगढ़ में फिलहाल ठंडी हवाओं से कुछ राहत बनी हुई है।

तापमान की बात करें तो राज्य में बीते 24 घंटे के दौरान दुर्ग सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अंबिकापुर में सबसे कम 4.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ। बुधवार को रायपुर में सुबह के समय हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है। दिन के दौरान तापमान 14 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले तीन दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद 15 जनवरी से प्रदेशभर में एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट सकती है। रात का तापमान सामान्य से नीचे जाने के साथ कई इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनने के आसार हैं।

कौन हैं PCS अधिकारी सौम्या चौरसिया? भूपेश बघेल सरकार में थीं ‘सुपर सीएम’, शराब से लेकर कोयला स्कैम तक में नाम

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छत्तीसगढ़ की चर्चित पीसीएस अधिकारी सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत नहीं दी. भूपेश बघेल सरकार में सुपर सीएम कही जाने वाली सौम्या का नाम शराब से लेकर कोल लेवी स्कैम तक में है.

सौम्या चौरसिया बघेल सरकार में सीएमओ में उप सचिव थीं.

छत्तीसगढ़ की पीसीएस अधिकारी सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया. बहुचर्चित शराब घोटाले में सौम्या चौरसिया अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंची थीं. सौम्या चौरसिया को भूपेश बघेल की सरकार में सुपर सीएम कहा जाता था. दरअसल, बघेल सरकार में वह मुख्यमंत्री कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी थीं.

सौम्या चौरसिया ने साल 2008 में राज्य प्रशासनिक सेवा परीक्षा पास करके अधिकारी बनी थीं. यह भी कम दिलचस्प बात नहीं है कि वह सीनियर अधिकारी होने के बाद भी कलेक्टर नहीं बन सकी थीं. मतलब उनका आईएएस में प्रमोशन नहीं हुआ था. लेकिन भूपेश बघेल ने 17 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और तीसरे ही दिन सौम्या को सचिवालय में उप सचिव नियुक्त कर दिया गया.

शराब घोटाले में हुई गिरफ्तारी

प्रवर्तन निदेशालय ने 16 दिसंबर 2025 को सौम्या चौरसिया को शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था. यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट 2002 के तहत दर्ज है. मतलब कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है. ED के मुताबिक, इस घोटाले में राज्य को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और लगभग 2500 करोड़ रुपये के अपराध से प्राप्त धन (Proceeds of Crime) का पता चला है. ED ने पाया कि सौम्या चौरसिया को लगभग ₹115 करोड़ के अवैध धन की प्राप्ति हुई, और वह सिंडिकेट की केंद्रीय समन्वयक (key coordinator) के रूप में काम कर रही थीं.

महापौर ने लखोली क्षेत्र के वार्डों का किया निरीक्षण, जलकुंभी सफाई और शौचालय मरम्मत के दिए निर्देश

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राजनांदगांव। महापौर मधुसूदन यादव ने लखोली क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 35 और 36 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय वार्डवासियों से मुलाकात कर पानी, सफाई और अन्य संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और अधिकारियों को व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए दिशा-निर्देश दिए।

महापौर ने निरीक्षण के दौरान कहा कि ग्रामीण वार्डों में सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए, ताकि मौसमी बीमारियों की रोकथाम हो सके। उन्होंने सघन बस्ती में साफ-सफाई और पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था करने के साथ ही नालियों की सफाई करने के निर्देश दिए। साथ ही वार्डवासियों से भी अपील की कि वे अपने घरों के आस-पास सफाई रखें और कचरा केवल स्वच्छता दीदी को ही सौंपें, न कि नालियों या अन्य स्थानों पर डालें।

वार्ड 35 के शीतला तालाब में जलकुंभी की सफाई की समस्या पर महापौर ने अधिकारियों को जलकुंभी हटाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने शीतला मंदिर के आसपास भी सफाई बनाए रखने की बात की और तालाब में कचरा डालने से रोकने के लिए स्वास्थ्य अमले को सक्रिय करने की सलाह दी।

वार्ड 36 के निरीक्षण के दौरान महापौर ने साहू अपार्टमेंट के पास पानी की निकासी के लिए नाली बनाने और सड़क निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उप अभियंता श्रीमती रीतू श्रीवास्तव को स्टीमेंट बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, सेठी नगर के शौचालय की मरम्मत कराने के लिए भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया।

आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि शौचालय की मरम्मत के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य के साथ-साथ सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण करें और किसी भी समस्या का समाधान शीघ्र किया जाए।

पेयजल आपूर्ति में असुविधा
महापौर के निर्देश पर ग्रीष्मऋतु में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टांकाघर नया टंकी (क्षमता 40 लाख लीटर) की सफाई कराई जा रही है। सफाई के कारण 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को शाम के समय पेयजल आपूर्ति में बाधा आएगी।

नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि सफाई कार्य के चलते टंकी नहीं भर पाएगी, जिससे रायपुर नाका, रामाधीन मार्ग, कामठी लाइन, गुड़ाखू लाइन, जूनी हटरी, जय स्तंभ रोड, गोलबाजार, पुराना अस्पताल रोड, कैलाश नगर, और मठपारा जैसे क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी।

आयुक्त ने नागरिकों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए सहयोग की अपील की और बताया कि 15 जनवरी को सुबह पेयजल आपूर्ति सामान्य रूप से बहाल कर दी जाएगी।

स्वामी विवेकानंद ने देश की समृद्ध विरासत से दुनिया को अवगत कराया : महापौर

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राजनांदगांव। युवा दिवस के अवसर पर स्थानीय ऊर्जा पार्क में आयोजित एक दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर में महापौर मधुसूदन यादव ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। महापौर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने “उठो, जागो और अपने ध्येय की प्राप्ति होने तक मत रूको” का संदेश दिया था। उनका यह संदेश आज भी हमारे जीवन में प्रासंगिक है।

महापौर ने शिविर के बौद्धिक सत्र के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद के 1893 में शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने उस मंच से दुनिया को भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और मानवतावादी विरासत से अवगत कराया और देश को एक नई पहचान दिलाई। महापौर ने कहा कि स्वामी जी के इस भाषण ने भारत को वैश्विक सहिष्णुता, शांति और सहअस्तित्व का पाठ पढ़ाया।

राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत आयोजित इस शिविर में छात्र युवा मंच की टीम भी सहयोगी के रूप में शामिल रही। यह आयोजन प्रातः 8 बजे से शुरू होकर देर शाम तक चला, जिसमें महापौर का अभिभाषण युवाओं का ध्यान आकर्षित करने वाला था। महापौर ने कहा कि आज का युवा अपनी मेहनत और समर्पण से ही भविष्य का निर्माण करेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती मोनिका दास, जिला संगठक, एनएसएस ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में पार्षदगण सावन वर्मा, मनोहर यादव, कमलेश बंधे, कुलेश्वर ध्रुव, और अन्य कई सम्मानित सदस्य उपस्थित थे।

इस आयोजन में युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया और कैरियर मार्गदर्शन से जुड़े प्रयासों के लिए स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही, राष्ट्रीय और राज्य स्तर के शिविरों में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को भी सम्मानित किया गया। दिग्विजय महाविद्यालय, कमला कॉलेज, साइंस कॉलेज, गंडई, अम्बागढ़ चौकी, डोंगरगांव, डोंगरगढ़, घुमका महाविद्यालय और अन्य स्कूलों के 270 से अधिक स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

महापौर ने युवाओं से आग्रह किया कि वे स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलकर अपने भविष्य को उज्जवल बनाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए हमेशा तत्पर रहें।

कलेक्टर ने जनदर्शन में संवेदनशीलतापूर्वक सुनी नागरिकों की समस्याएं, शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं को संवेदनशीलतापूर्वक सुना।

कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि नागरिक उम्मीद लेकर जनदर्शन में आते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना, आधार कार्ड बनवाने, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने, पट्टा, भू-अर्जन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने संबंधी आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों का नियमानुसार अवलोकन कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने अधिकारियों को पुनः निर्देश दिया कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जाए, ताकि नागरिकों का विश्वास शासन और प्रशासन पर बना रहे।

धान खरीदी अभियान से किसानों में खुशी और उल्लास, अब तक 4810448.80 क्विंटल धान की खरीदी

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राजनांदगांव। जिले में धान खरीदी अभियान के तहत किसानों में खुशी और उल्लास का माहौल है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी महाभियान में अब तक जिले में 91,735 पंजीकृत किसानों से 1,142 करोड़ 2 लाख 46 हजार रुपये मूल्य का 48,10,448.80 क्विंटल धान खरीदी जा चुकी है। इसके साथ ही, अब तक 15,06,050.40 क्विंटल धान का उठाव भी हो चुका है।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में धान खरीदी के लिए शानदार व्यवस्थाएं की गई हैं। धान खरीदी प्रक्रिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाईस मशीन, श्रमिक और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की उचित व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, किसानों के धान की गुणवत्ता का परीक्षण आर्द्रता मापी यंत्र से किया जा रहा है।

कलेक्टर ने धान खरीदी केन्द्रों की सतत निगरानी रखने और कोचियों एवं बिचौलियों से अवैध धान की खरीदी पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिले के सभी 96 धान खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी की दर एवं सूची व फ्लैक्स लगाए गए हैं, ताकि किसानों को कोई भ्रम न हो।

किसान अब “टोकन तुंहर हाथ” मोबाईल एप के माध्यम से आसानी से अपना टोकन प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उन्हें समय की बचत हो रही है और पूरे प्रक्रिया में आसानी मिल रही है।

कलेक्टर श्री यादव ने इस मौके पर कहा कि धान खरीदी अभियान की सफलता और किसानों की संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और आगे भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

कलेक्टर ने शासकीय एवं निजी संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति गठन के निर्देश दिए

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने सभी शासकीय एवं निजी संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति के गठन और सी-बॉक्स पोर्टल में जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत यह अनिवार्य है कि सभी शासकीय एवं निजी संस्थाओं में जहां कर्मचारियों की संख्या 10 या उससे अधिक हो, वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया जाए। इसके अलावा, इस समिति से संबंधित सभी जानकारी सी-बॉक्स पोर्टल में अपलोड करना भी अनिवार्य होगा।

कार्यशाला में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने बताया कि यदि कोई संस्थान इस कानून का पालन नहीं करता है, तो उसे 50 हजार रुपये का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने ऑनलाइन शी-बॉक्स पोर्टल की सुविधा प्रदान की है, जिसमें हर संस्थान को अपनी आंतरिक शिकायत समिति का विवरण अपलोड करना होगा।

इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, और नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री यादव ने सभी शासकीय एवं निजी संस्थाओं को इस दिशा में त्वरित कार्यवाही करने की अपील की ताकि कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिल सके।