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आज की ताजा खबर LIVE: LPG सप्लाई में दिक्कत नहीं, हालात पर सरकार की नजर- पेट्रोलियम मंत्रालय…

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केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार को डाक विभाग की नई ’24 स्पीड पोस्ट’ सेवा की शुरुआत करेंगे. पहले चरण में यह सेवा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में उपलब्ध होगी.

LPG से भरा जहाज नंदा देवी और जग लाडकी (कच्चा तेल) के आज भारत पहुंचने की उम्मीद है. नंदा देवी गुजरात के कांडला और जग लाडकी मुंद्रा पोर्ट पहुंचेंगे. आज लोकसभा के 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द हो सकता है. नेपाल में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले तमिलनाडु के सात तीर्थयात्रियों के शव 17 मार्च को दिल्ली लाए जाएंगे.

सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. ईरान और अमेरिका-इजराइल जंग का आज 18वां दिन है.

CG Assembly: 20 साल पुराना धर्मांतरण कानून फिर चर्चा में, सरकार लाएगी और सख्त बिल, क्या होंगे बदलाव?

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CG Assembly: 20 साल पुराना धर्मांतरण कानून फिर चर्चा में, सरकार लाएगी और सख्त बिल, क्या होंगे बदलाव?

Edited by: ANAND PRAKASH:

CG Assembly Budget Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज अपना 12वां दिन पूरा कर रहा है और इसके साथ ही सदन में धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक पेश हुआ. जिसे राज्यपाल ने पुनर्विचार के लिए लौटाया है. सरकार अब और सख्त कानून लाने की तैयारी में है, जिसमें डिजिटल माध्यमों से धर्मांतरण और कड़ी सजा के प्रावधान शामिल होंगे. इस मुद्दे पर सियासी बहस तेज हो गई है.

CG Assembly Budget Session: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण से जुड़े कानून को लेकर दो दशक पुरानी कहानी एक बार फिर चर्चा में है. साल 2006 में तत्कालीन सरकार द्वारा लाया गया धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक अब 2026 में फिर से राजनीतिक और कानूनी बहस के केंद्र में आ गया है. यह सिर्फ एक बिल की वापसी नहीं है, बल्कि यह उस पूरे सिस्टम की समीक्षा है, जो राज्य में जबरन या प्रलोभन के जरिए होने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए बनाया गया था. 20 साल पहले तैयार किया गया यह कानून उस समय की जरूरतों के हिसाब से कड़ा माना गया था, लेकिन बदलते समय और नए तरीकों ने इसे फिर से अपडेट करने की जरूरत पैदा कर दी है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र

दरअसल, 2006 का यह कानून राज्य में लागू तो हुआ, लेकिन समय के साथ इसके कई प्रावधान सीमित माने जाने लगे. अब 2026 में राज्यपाल द्वारा इसे पुनर्विचार के लिए विधानसभा को लौटाना इस बात का संकेत है कि सरकार पुराने ढांचे को नए सिरे से मजबूत करना चाहती है. मौजूदा सरकार ने पहले ही एक नया ड्राफ्ट तैयार कर लिया है, जिसमें सजा को और सख्त करने और डिजिटल माध्यमों से होने वाले कथित धर्मांतरण को भी कानून के दायरे में लाने की तैयारी है. इस कदम को जहां सरकार सुरक्षा से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष इसे स्वतंत्रता के अधिकार से जोड़कर सवाल खड़े कर रहा है.

पुराने बिल में क्या था?
धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक, 2006 एक कानून का प्रस्ताव था जिसे रमन सरकार ने छत्तीसगढ़ में लाया था. इसका मकसद राज्य में जबरन, धोखे से या लालच देकर कराए जाने वाले धर्म परिवर्तन (मतांतरण) को रोक लगाना था. इस विधेयक में ऐसे मामलों के लिए सख्त सजा और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया था, ताकि लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता सुरक्षित रहे और किसी पर दबाव डालकर धर्म न बदला जा सके.

क्यों फिर चर्चा में आया पुराना बिल
2026 में राज्यपाल द्वारा इस बिल को पुनर्विचार के लिए लौटाने के बाद यह फिर सुर्खियों में आ गया है. यह कदम पुराने कानून की सीमाओं और नई परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

नए विधेयक में क्या-क्या होंगे बदलाव
राज्य सरकार ने नए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक का ड्राफ्ट तैयार किया है. इसमें अवैध धर्मांतरण पर 7 से 10 साल तक की सजा का प्रस्ताव है. सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में आजीवन कारावास तक का प्रावधान रखा गया है. डिजिटल माध्यमों से होने वाले प्रलोभन को भी इसमें शामिल किया गया है.

राजनीतिक टकराव तेज
इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हैं. सरकार इसे आदिवासी समाज की सुरक्षा और जबरन धर्मांतरण रोकने का कदम बता रही है. वहीं विपक्ष इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर असर डालने वाला कानून बता रहा है.

आदिवासी क्षेत्रों में असर का सवाल
छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल इलाकों में यह कानून हमेशा संवेदनशील मुद्दा रहा है. सरकार के मुताबिक, नए प्रावधान इन क्षेत्रों में सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगे.

आखिर 20 साल में क्यों बदली जरूरत
2006 में जब यह कानून बना था, तब डिजिटल प्लेटफॉर्म का असर काफी सीमित था. अब सोशल मीडिया और ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए असर डालने के नए तरीके सामने आए हैं. यही वजह है कि कानून को अपडेट करने की जरूरत महसूस की गई.

अब आगे क्या हो सकता है?
अब विधानसभा में इस नए विधेयक पर चर्चा होगी. पुराने बिल की रिव्यू के बाद नए कानून को फाइनल टच दिया जाएगा. इससे यह तय होगा कि आने वाले समय में राज्य में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को किस तरह से कंट्रोल किया जाएगा.

Congress News: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बड़ा झटका, अब इस जिले के दो और मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा, लगाए ये गंभीर आरोप…

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 CG Congress News. HIGHLIGHTS

  • नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद कांग्रेस में असंतोष बढ़ा
  • अब तक 13 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है
  • आरोप है कि जिलाध्यक्ष ने पार्टी विरोधियों को जिम्मेदारी दी

CG Congress News जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद पार्टी में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले जहां 11 पदाधिकारियों ने इस्तीफा देकर नाराजगी जताई थी, वहीं अब दो और मंडल अध्यक्षों ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।

CG Congress News कन्दरी मंडल अध्यक्ष लालसाय मिंज ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को भेजे पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान जिलाध्यक्ष ने अपनी कार्यकारिणी में उन लोगों को अहम जिम्मेदारी दी है, जिन्होंने लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय चुनावों में पार्टी का विरोध करते हुए भाजपा का साथ दिया था।

CG Congress News इसी तरह इदरी कला मंडल की अध्यक्ष असमीता टोप्पो ने भी प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा भेजते हुए संगठन में की गई नियुक्तियों पर सवाल उठाए हैं और समान आरोप लगाए हैं। लगातार हो रहे इस्तीफों से साफ है कि जिला कांग्रेस में अंदरूनी कलह गहराती जा रही है। अब देखना होगा कि प्रदेश नेतृत्व इस बढ़ते असंतोष को कैसे संभालता है और संगठन को एकजुट करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैँ।

Police Constable Death News: ट्रेन से कटकर जिला पुलिस के आरक्षक की दर्दनाक मौत, SP दफ्तर में तैनात था कॉन्स्टेबल, जानें कैसे हुआ हादसा..

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Chhattisgarh Raigarh
Constable Death News|
HIGHLIGHTS

  • ट्रेन हादसे में आरक्षक की दर्दनाक मौत
  • एसपी कार्यालय में पदस्थ था जवान
  • जीआरपी कर रही मामले की जांच

रायगढ़: जिले के पुलिस बल में पदस्थ एक आरक्षक की हादसे में मौत की खबर से महकमें में हड़कंप मच गया है। मृत आरक्षक का नाम सुजीत मिंज बताया जा रहा है।

एसपी दफ्तर में मृतक

आरक्षक सुजीत रायगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ था। बताया जा रहा है कि, रेलवे पटरी पार करने के दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

जीआरपी ने शुरू की मामले की जांच

फिलहाल सूचना पाकर मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। हादसा किन वजहों से हुआ इसकी जाँच की जा रही है। दूसरी तरफ कॉन्स्टेबल के मौत से उनके साथियों में शोक की लहार दौड़ गई है।

Illegal Afeem Farming: अफीम के पूरे साम्राज्य का भंडाफोड़! मास्टरमाइंड गिरफ्तार, सिंडिकेट के खुल रहे खौफनाक राज़…

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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में अवैध अफीम खेती के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो बड़े आरोपियों को झारखंड और बिहार से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ में नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।

 Illegal Afeem Farming
HIGHLIGHTS,

  • अवैध अफीम खेती मामले में दो बड़े आरोपी गिरफ्तार।
  • आरोपी झारखंड और बिहार से पकड़े गए।
  • पुलिस पहले ही नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

Illegal Afeem Farming छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में अवैध अफीम की खेती के बड़े नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी चोट की है। कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी और करौंधा थाना क्षेत्र के तुरीपानी में सामने आए अफीम खेती के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के दो बड़े आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को झारखंड और बिहार से दबोचा गया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल बलरामपुर जिले में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी। Afeem Farming इसी कड़ी में पुलिस की टीम ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो अहम आरोपियों को झारखंड और बिहार से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का नाम पैरु सिंह और भूपेंद्र उरांव है। गिरफ्तार दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और अवैध अफीम की खेती के पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।

पहले ही हो चुकी है नौ लोगों की गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस पहले ही नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन गिरोह के सरगना फरार थे। अब दो बड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे सिंडिकेट का खुलासा होने की संभावना बढ़ गई है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह बाहरी राज्यों से आकर स्थानीय लोगों को लालच देकर जंगल और दूरदराज के इलाकों में अवैध अफीम की खेती करवा रहा था और धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में भी अपने पैर पसार रहा था।

MKVY: छत्तीसगढ़ में 6 हजार से ज्यादा दूल्हा-दुल्हन ने थामा एक-दूसरे का हाथ, बन गया गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड…

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Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana:

”छत्तीसगढ़ में 6 हजार से ज्यादा दूल्हा-दुल्हन ने थामा एक-दूसरे का हाथ, बन गया गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड”

  • छत्तीसगढ़ का सामूहिक विवाह समारोह गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ’
  • एक ही दिन में 6,412 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ’
  • सभी धर्मों और समुदायों के जोड़ों ने इसमें भाग लेकर सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत किया’

Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान मिला है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक एकता और अंत्योदय की भावना का ऐसा प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसकी देशभर में सराहना हो रही है।

CG Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana 10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में पूरे प्रदेश से कुल 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन से जुड़े। सभी विवाह धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीतिरिवाजों के अनुरूप संपन्न कराए गए, जिससे यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम रहकर सामाजिक समरसता और सामूहिक खुशियों का विराट उत्सव बन गया।

इस ऐतिहासिक आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस समारोह की विशेषता यह भी रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़ों ने अपनेअपने धार्मिक रीतिरिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न किए। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, आपसी सद्भाव और सर्वधर्म समभाव की भावना का जीवंत प्रतीक बन गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान, विश्वास और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन गई है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, लेकिन इस योजना ने उस चिंता को दूर कर हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशियां और विश्वास का संचार किया है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और सामाजिक समरसता को और मजबूत बनाया जाए।

यह ऐतिहासिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं संवेदनशीलता, जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग के साथ लागू होती हैं, तब वे केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बन जाती हैं। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करती है।

CG: स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य श्री संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक श्री रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

CG: स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का त्याग और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को 23 मार्च को बेमेतरा जिले में आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए संस्था के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान देश के इतिहास में अमूल्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। यह केवल कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने का भी सशक्त माध्यम है।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, संस्था के अध्यक्ष डॉ. शिरीष शर्मा, डॉ. शिवेन्द्र त्रिपाठी, श्री ललित मिश्रा, श्री विनायक दीवान सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

ईरान-इजराइल ने खराब किया बर्गर- पिजा का मूड, देखते ही देखते हो गया इतना नुकसान…

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ईरान-इजराइल/अमेरिका वॉर की वजह से शुरू हुए गैस संकट ने फूड सेक्टर को मुश्किल में डाल दिया है. पिछले हफ्ते Sapphire Foods India, Jubilant Foodworks, Westlife Foodworld, Devyani International और Restaurant Brands Asia के शेयरों में 15 फीसदी तक की गिरावट आई. हालांकि इन स्टॉक्स की मुश्किलें नई नहीं हैं, लेकिन मौजूदा गैस संकट ने नुकसान को और गहरा कर दिया है.

KFC और Pizza Hut आउटलेट्स चलाने वाली Sapphire Foods India के शेयर की कीमत पिछले हफ्ते 12 फीसदी गिर गई. Devyani International, जो भारत में एक सिंगल Yum फ्रेंचाइजी बनाने के लिए Sapphire के साथ मर्ज होने वाली है, शुक्रवार को 4 फीसदी नीचे गिर गई. Dominos और Dunkin की ऑपरेटर Jubilant FoodWorks को इसी दौरान लगभग 4 फीसदी का नुकसान हुआ, जबकि Westlife Foodworld (McDonalds फ्रेंचाइजी) के शेयरों में 4 फीसदी की गिरावट आई. इस बीच, Restaurant Brands Asia (RBA) में हफ्ते-दर-हफ्ते लगभग 3 फीसदी की गिरावट आई है.

ब्रोकरेज कंपनी की चेतावनी

पूरे देश में रेस्टोरेंट पर इसका असर पहले से ही दिख रहा है, क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई रेस्टोरेंट तेजी से बंद हो रहे हैं. हालांकि इन QSR कंपनियों ने अभी तक अपने कामकाज में किसी संभावित रुकावट का संकेत नहीं दिया है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने चेतावनी दी है कि LPG की उपलब्धता में लंबे समय तक संकट रहने से उन QSRs के लिए कामकाज में चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं, जहां खाना पकाने के प्रोसेस गैस-बेस्ड किचन पर बहुत ज्यादा निर्भर करती है. जेएम फाइनेंशियल ने बताया कि यह खतरा तब सामने आया है जब पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण फ्यूल की सप्लाई में रुकावट आने लगी है, जिससे रेस्टोरेंट को अपने कामकाज, खाना पकाने के तरीकों और मेन्यू की रणनीतियों पर फिर से विचार करना पड़ रहा है.

कम होगा QSR चेन पर असर

ब्रोकरेज नोट में आगे कहा गया, “Westlife FoodWorld, Devyani International, Sapphire Foods India और RBA (Restaurant Brands Asia) जैसे QSR ऑपरेटर्स के लिए, तत्काल चिंता किचन के बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च और कुछ खास इलाकों में स्टोर बंद होने की संभावना से जुड़ी है, जिसका असर कुछ समय के लिए आउटलेट के कामकाज और रेस्टोरेंट-लेवल के मार्जिन पर पड़ सकता है. हालांकि, ElaraCapital का मानना ​​है कि LPG की कमी का QSR चेन पर असर, नॉन-QSR बेस्ड रेस्टोरेंट की तुलना में कम होगा. इसका कारण यह है कि QSR कंपनियों की LPG पर निर्भरता बहुत कम होती है और वे इलेक्ट्रिक ओवन और फ्रायर पर ज्यादा निर्भर रहती हैं. असल में, उनका मानना ​​है कि LPG पर निर्भर खान-पान से हटकर QSR फॉर्मेट की ओर ग्राहकों के रुझान बदलने (consumer substitution effect) से इन कंपनियों को फायदा हो सकता है.

निवेशकों की कम दिलचस्पी

Burger King का संचालन करने वाली Restaurant Brands Asia ही एकमात्र अपवाद बनी हुई है. इसके शेयरों ने एक साल की अवधि में 2 फीसदी का पॉजिटिव रिटर्न दिया है, जो इसी अवधि में निफ्टी के 3 फीसदी रिटर्न के लगभग बराबर है. पिछले 12 महीनों में Sapphire Foods के शेयर 47 फीसदी नीचे गिरे हैं, Westlife Food 36 फीसदी नीचे रहा, जबकि Jubilant और Devyani के शेयर 27 फीसदी तक गिर गए हैं.

QSR शेयरों में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी को भी झटका लगा है, क्योंकि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. दिसंबर तिमाही में Sapphire Foods में FII की हिस्सेदारी पिछली तिमाही के मुकाबले 210 बेसिस प्वाइंट्स कम हो गई, जबकि इसी तिमाही में Westlife Food में 90 बेसिस प्वाइंट्स की गिरावट दर्ज की गई. Jubilant और Devyani में विदेशी हिस्सेदारी क्रमशः 150 बेसिस प्वाइंट्स और 80 बेसिस प्वाइंट्स कम हो गई. सबसे बुरा हाल Restaurant Brands Asia का रहा, जहां हिस्सेदारी 380 बेसिस प्वाइंट्स कम हो गई.

कमाई का ब्योरा

कमाई की तस्वीर मिली-जुली रही. Devyani का दिसंबर तिमाही का कंसोलिडेटेड घाटा बढ़कर 10 करोड़ रुपए हो गया, हालांकि रेवेन्यू में साल-दर-साल (YoY) 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 1,453 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. Westlife Food का Q3 का नेट प्रॉफिट 86 फीसदी कम हो गया, हालांकि कुल रेवेन्यू में साल-दर-साल 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

Jubilant ने मजबूत आंकड़े पेश किए; उसका टैक्स के बाद का प्रॉफिट (PAT) 65 फीसदी बढ़कर 71 करोड़ रुपए हो गया, जबकि कुल रेवेन्यू में 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. RBA की बात करें तो, रेवेन्यू में 18 फीसदी की बढ़ोतरी के चलते वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में उसका साल-दर-साल घाटा कम होकर 7 करोड़ रुपए रह गया, जो पहले 19 करोड़ रुपए था.

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

SBI Securities के वाइस प्रेसिडेंट और टेक्निकल व डेरिवेटिव रिसर्च डेस्क के प्रमुख सुदीप शाह ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि पिछले एक साल से QSR शेयरों पर काफी दबाव रहा है, और हाल की कमजोरी की वजह सिर्फ LPG की कमी की चिंताएं नहीं हैं. उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से, इनमें से ज्यादातर शेयर पहले से ही गिरावट के दौर में थे. मौजूदा संकट ने इस पहले से मौजूद कमजोरी को और बढ़ा दिया है, न कि यह संकट ही इस कमजोरी की वजह है. जानकारों के अनुसार निवेशक अभी ‘bottom-fishing’ (गिरते बाज़ार में सबसे निचले स्तर पर शेयर खरीदने की कोशिश) से बचें, और QSR सेक्टर में निवेश करने पर विचार करने से पहले, कंपनी के बुनियादी और तकनीकी हालात में सुधार के स्पष्ट संकेतों का इंतजार करें.

Bihar Rajya Sabha Election 2026 Results: बिहार की राज्यसभा की 11 सीटों के लिए वोटिंग खत्म, 5 सीटें भी शामिल…

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राज्यसभा की 11 सीटों के लिए वोटिंग खत्म हो गई है, जिसमें बिहार की 5 सीटें भी शामिल हैं, 26 सीटों पर पहले ही उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं।

इनमें 13 एनडीए को और 13 विपक्ष की सीटें हैं।

एनडीए के सभी 202 विधायकों ने वोट डाला है तो वहीं महागठबंधन की ओर से 4 विधायकों ने मतदान नहीं किया है, इन 4 में से तीन विधायक कांग्रेस के हैं जबकि एक राजद पार्टी से हैं।

जिन विधायकों ने वोट नहीं किया है, उनके नाम हैं मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास, ये तीनों ही कांग्रेस पार्टी के हैं तो वहीं राजद एमएलए का नाम फैसल रहमान है। आपको बता दें कि राजद को एआईएमआईएम के पांच विधायकों का साथ मिला है।

Rajya Sabha Election 2026 Results: बिहार में 5 सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में

मालूम हो कि 5 सीटों के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। जदयू ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है तो वहीं भाजपा की ओर से नितिन नवीन और शिवेश राम मैदान में हैं। वहीं राजद ने अमरेंद्रधारी सिंह को उम्मीदवार बनाया है। चार सीटों पर 2 जेडीयू से और दो बीजेपी की जीत को पक्की दिख रही है लेकिन असली पेंच फंसा है 5वीं सीट का।

Rajya Sabha Election 2026: अमरेंद्रधारी सिंह बनाम शिवेश कुमार राम

5वीं सीट पर भाजपा के शिवेश कुमार राम और राजद के मौजूदा सांसद अमरेंद्रधारी सिंह (एडी सिंह) इस सीट पर आमने-सामने हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एनडीए ने शिवेश राम को अपना पांचवां उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को चौथी सुरक्षित सीट दी है, उनकी जीत तय है।

Rajya Sabha Polls 2026:मैजिक नंबर है 41, कौन मारे बाजी?

जीत के लिए एक उम्मीदवार को 41 वोटों की आवश्यकता है। शिवेश राम की जीत सुनिश्चित करने हेतु एनडीए ने विस्तृत रणनीति बनाई है। भाजपा और जदयू ने अपने मुख्य उम्मीदवारों को वोट देने के बाद, शेष 7 विधायकों को शिवेश राम के समर्थन में मतदान करने को कहा है। जदयू के तीन अधिशेष विधायकों को भी शिवेश राम के पक्ष में वोट देने का निर्देश दिया गया है। चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) और जीतन राम मांझी की ‘हम’ पार्टी के विधायकों का भी उन्हें समर्थन मिल रहा है। इन प्रत्यक्ष मतों से शिवेश राम के पास राजग कोटे से 38 वोट होंगे, और उन्हें जीत के लिए मात्र 3 और वोटों की दरकार है।

कांग्रेस के विघायक कर सकते हैं क्रॉस वोटिंग?

एडी सिंह की राह तब कठिन हुई जब कांग्रेस के दो विधायक रविवार रात महागठबंधन के होटल में नहीं पहुंचे। इनकी स्थिति अस्पष्ट है, आशंका है कि वे शिवेश राम के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। फिर भी, तेजस्वी यादव को भरोसा है कि लापता कांग्रेसी विधायक गठबंधन के साथ रहेंगे।