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एथलीट सी एनर्जी देता है घर में बना ये आम सा भोजन , चटकारे लेकर खाएं और सेहत बनाए

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 हम सभी आज फिटनेस के दीवाने हो चले हैं । इतना ही नहीं ये हम सभी एथलीट बॉडी और फिटनेस की और रुख कर चुके हैं । कई लोग हैं जो उन जैसा शरीर और उन जैसी फुर्ती पाने के लिए बहुत मेहनत करते हैं । एथलीट्स जैसी एनरजी पाने के लिए लोगों को लगता है की उनको ना जाने क्या क्या खाना पीना पड़ेगा । पर आज हम आपको एक ऐसी चीज़ खाने के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जिसको जानकार आप हैरानी में पड़ जाएँगे की यह कैसे हो सकता है ? आइये जानते हैं क्या है घर में बनने वाला वह आहार जो आपको एथलीट जैसी एनर्जी देगा ?

आलू पूरी :- आलू पूरी कोई ऐसी वैसी चीज़ नहीं है इसको लोग बहुत तेल मसाले का भोजन मान कर खुद को इससे दूर कर लेते हैं इससे परहेज करने लगते हैं । लोगों को लगता है की इसका सेवन उनको मोटापा , कोलेस्ट्रॉल और ना जाने क्या क्या देगा । पर उनको इस बात की जरा भी जानकारी नही है की यह ब्वाहुत ही कमाल का आहार है ।

इंडियन फूड टेस्टी होने के साथ न्यूट्रिशनल वैल्यू में कई तरह से फायदेमंद होता है बशर्ते इसे सही समय और लिमिटेड क्वॉन्टिटि में खाया जाए। कुछ फूड कॉम्बिनेशन लोगों को सिर्फ टेस्टी लगने के चलते पसंद होते हैं जैसे दाल-चावल लेकिन न्यूट्रिशन के मामले में भी ये काफी आगे होते हैं। ऐसा ही एक फूड कॉम्बिनेशन है आलू-पूड़ी । यह बात साबित हुई है एक रिसर्च में ।

एक रिसर्च स्टडी की मानी जाये तो आलू-पूड़ी में उतना दम होता है जितना कि मार्केट में बिकने वाले ऐथलीट्स के प्रदर्शन को बढ़ाने वाले महंगे कार्बोहाइड्रेट जेल में। आलू आता भी कम ;लागत में हैं । यह जरूरी पोषक तत्वों और कार्बोहाइड्रेट का बढ़िया स्त्रोत है। वहीं कार्बोहाइड्रेट जेल में मिठास ज्यादा होती है इसकी तुलना में आलू दौड़ में भाग लेने वाले ऐथलीट्स के लिए जबर्दस्त ईधन का काम करता है।

धनतेरस स्पेशल : धनतेरस के दिन इस मंदिर में मिलता है प्रसाद के रूप में सोने चांदी, एक दिन के लिए खुलता है मंदिर…

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कई लोग इस दिन भगवान की पूजा करते है ताकि उनपर धन की बरसात हो और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद हो लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे है जो केवल आज के दिन ही खुलता है।

इस मंदिर की खासियत ये है की यहां प्रसाद के रूप में भक्तो को सोना चांदी दिए जाते है।

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आपको बता दे की ये लक्ष्मी मंदिर है धनतेरस पर शुभ मुहूर्त पर ही मंदिर खुलता हैं ये मंदिर मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में स्थित है यहां पर पांच दिन दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है यहां पर सभी की मन्नत पूरी होती है और धन से झोली भर जाती है ।

इस मंदिर को फूलो से नहीं बल्कि पेसो से और नोटों से सजाया जाता है यहां की सजावट भी देखने और तारीफे काबिल होती है यहां दूर दूर से लोग आते है और कभी खाली हाथ नहीं जाते है।

छत्तीसगढ़ – अश्लील सीडी कांड : ट्रायल पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, भूपेश बघेल को नोटिस जारी…

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 सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ अश्लील सीडी कांड में चल रही ट्रायल पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने बघेल को नोटिस भी जारी किया है। इस मामले की जांच कर रही सीबीआइ ने छत्तीसगढ़ के बाहर मुकदमे की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। इसके बाद ही बघेल को नोटिस जारी किया गया। सीएम पर गवाहों को धमकाने का आरोप है। सीबीआइ ने सितंबर 2018 में बघेल के खिलाफ मामला दर्ज किया था। कोर्ट ने बघेल और उनके सलाहकार से पूछा कि उन्हें इस बात से अवगत कराया जाए कि उनके और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामले को राज्य के बाहर स्थानांतरित क्यों नहीं किया जाना चाहिए?

सीबीआइ की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले के गवाहों को धमकी दी जा रही थी और उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा, ‘दो गवाहों ने धारा 164 (मजिस्ट्रेट के सामने बयान) के तहत बयान दिया है। चार्जशीट दायर होने के बाद, एक आरोपी राज्य का मुख्यमंत्री और दूसरा उसका राजनीतिक सलाहकार बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों को सीधा खतरा

उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि मामले में प्रत्यक्षदर्शियों को सीधा खतरा है। शीर्ष अदालत ने मामले में नोटिस भी जारी किया। सीबीआई ट्रायल को दिल्ली शिफ्ट करना चाहती है।

सीबीआइ ने दायर की याचिका

गौरतलब है कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद सीबीआइ को बैन कर दिया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने पिछले दिनों मामले की सुनवाई राज्य से बाहर किसी अन्य कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट में सीबीआइ ने सीआरपीसी की धारा 406 के तहत याचिका दायर की थी। छत्तीसगढ़ के पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत ने फर्जी सेक्स सीडी के माध्यम से कथित रूप से उन्हें बदनाम करने के लिए बघेल और वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

छवि को धूमिल करने का प्रयास

मूणत को तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह का करीबी सहयोगी माना जाता था, उन्होंने कहा कि सीडी उनकी छवि को धूमिल करने का एक प्रयास था। बाद में, राज्य पुलिस ने पत्रकार वर्मा के घर पर घेराबंदी की और उन्हें अपने साथ ले गई। वर्मा पहले बीबीसी के साथ काम कर रहे थे।

संसद का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से शुरू होगा, 13 दिसंबर को होगा समाप्त…

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संसद के शीतकालीन सत्र की तारीखों का एलान कर दिया गया है। 18 नवंबर से इसकी शुरुआत होगी और 13 दिसंबर तक चलेगा।

नई दिल्ली, जेएनएन। संसद की शीतकालीन सत्र जल्द ही शुरू होने वाला है। 18 नवंबर, 2019 से शीककालीन सत्र की शुरुआत होगी और 13 दिसंबर तक ये सत्र चलेगा। इसकी जानकारी संसदीय कार्य मंत्रालय ने दोनों सदनों के सचिवालय को दे दी गई है। बता दें कि पिछले साल शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर को शुरू होकर 8 जनवरी कोसमाप्त हुआ था।

कहा जा रहा है कि सरकार आगामी सत्र में सरकार दो महत्वपूर्ण अध्यादेशों को कानून बनाने की तैयारी में है। ये दोनों अध्यादेश सितंबर में पेश किए गए। आयाकर अधिनियम , 1961 और वित्त अधिनियम, 2019 में संशोधन के लिए जारी किए गया था। ई सिगरेट से संबंधित अध्यादेश भी सितंबर में ही जारी किया गया था।

वहीं केंद्र सरकार निजी डेटा संरक्षण विधेयक 2018 को भी इस शीतकालीन सत्र में पेश कर सकती है। इसकी जानकारी इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अधिकारी एस. गोपालकृष्णन ने शुक्रवार 11 अक्टूबर को दी। एस. गोपालकृष्णन ने कहा कि मंत्रालय में इंफोसिस के सह संस्थापक कृष गोपालकृष्णन ने बताया कि मंत्रालय ने एक समिति का गठन किया है जिसकी अध्यक्षता इंफोसिस के सह संस्थापक करेंगे। इस समिति का काम ये होगा की ये वह गैर निजी डेटा के प्रबंधन के लिए सिफारिश देगी। अब संभावनाएं जताई जा रही है कि इस शीतकालीन सत्र में इस विधेयक को भी पेश किया जाए।

इससे पहले 17वीं लोकसभा में 35 विधेयक पारित किए गए थे। इस दौरान सत्र में काफी अहम बिला शामिल थे जैसे तीन तलाक बिल और जम्मू कश्मीर को पुनर्गठन वाला बिल। स्पीकल ओम बिडला द्वारा सरकार के आग्रह के बाद 6 अगस्त को अनिश्चितकालीन तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान करीब 208 घंटे तक कार्यवाही चली। स्पीकल ओम बिडला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी सहित कई नेताओं को संसद की कार्यवाही ठीक ढंग से चलाने के लिए धन्यवाद अदा किया।

यदि घर में अचानक बढ़ जाए चूहों की संख्या तो समझ लें होने वाला है कुछ…

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कभी-कभी कुछ घटनाएं आपको कुछ इशारा कर जाती है और हमें पता भी नहीं चलता। हम उस इशारे को महज एक घटना समझ कर टाल देते हैं और उसे समझ नहीं पाते। ऐसे ही आपको जमीन से जुड़े कुछ रोचक घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जो की आपके लिए बहुत लाभप्रद साबित हो सकती है। जी हां, जमीन या घर बनवाना सभी का सपना होता है। हर व्यक्ति चाहता है की उसका एक घर हो, लेकिन जब व्यक्ति जमीन खरीदने जाता है तो उसके मन में कई तरह के सवाल उठते हैं। जैसे क्या यह घर उसे फलेगा या नहीं…

तो आपको बता दें कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घर बनवाते वक्त या जमीन खोदते वक्त कई ऐसी घटनाएं हैं जो आपको शुभ अशुभ संकेत दे देती है। ज्‍योतिष और वास्‍तु के अनुसार इस बातों का में अलग-अलग मतलह होता है। यदि आप भी अपनी जमीन पर घर बनवाने का सोच रहे हैं तो एक बार इस बातों के बारे में जरुर जान लें…

1. भूलकर भी ना करें ऐसी जमीन का चयन

वास्तुशास्त्र के अनुसार मकान बनवाने के लिए कभी पथरीली भूमि का चयन ना करें। कहा जाता है की पथरीली जमीन पर घर होने से घर के सदस्यों को बहुत कष्ट भोगने पड़ते हैं। कार्यों में उड़चनों का सामना करना पड़ता है। वहीं घर बनवाने वाली भूमि का आकार वर्ग या फिर आयताकार हो तो मकान शुभ माना जाता है। इसके अलावा यदि भूमि का आकार त्रिकोणाकार या समतल ना हो तो भी परिवार के सदस्यों को कष्ट होता है।

2. खुदाई में यदि निकले हड्डी, राख या सांप

यदि घर बनवाते समय जमीन की खुदाई में हड्डी, राख या कोई भी ऐसी वस्तु निकले तो वहां शांति पाठ जरुर करवाना चाहिए। मकान का काम आगे बढ़ाने से पहले ही करवा लेना अच्छा रहेगा। वहीं यदि जमीन खुदाई के दौरान सांप निकले तो यह अशुभ माना जाता है, सांप का निकलना दुर्घटना का संकेत देता है। इसके लिए उस जगह सर्प शांति यज्ञ जरुर करवा लें। वरना नुकसान हो सकता है।

3. चूहों, चींटियों और मधुमक्खीयों से रहें सावधान

वास्तुशास्त्र के अनुसार यदि घर में दीमक या मधुमक्खी का छत्ता हो तो घर के मालिक को असहनीय पीड़ा झेलनी पड़ सकती है। चूहों का एकसाथ घर में इकट्ठा होना कोई बड़ी विपत्ति के आने का संकेत देती है। तो यदि आपके घर अचानक चूहों ने दस्तक दी है तो सतर्क रहें कोई बड़ी विपत्ति आ सकती है। वहीं लाल चींटियां भी अशुभ होती हैं। ये किसी बड़े आर्थिक नुकसान का संकेत देती हैं।

4. घर के बीचोंबीच नहीं होना चाहिए गड्ढ़ा या गंदगी

घर के बीचोंबीच कोई बड़ा गड्ढा या फिर गंदगी नहीं होनी चाहिए। अगर इन बातों का नहीं रखा जाता है ध्यान तो घर का मुखिया रहता है अक्सर बीमार। इसके अलावा एक बात का ओर ध्यान रहे की घर बनावते समय घर का उत्तर-पूर्व हिस्‍सा खुला रहना चाहिए। इससे संपन्नता आती है।

5. घर में ना रखवाएं अधिक ऊंचा दरवाजा

वास्तुशास्त्र में अधिक ऊंचा दरवाजा अशुभ माना जाता है। कहा जाता है की जिस घर का दरवाजा बहुत अधिक ऊंचा होता है उस घर में प्रशासनिक बाधाएं आती हैं। इसलिए घर के दरवाजे सामान्य हाईट वाले होने चाहिए। क्योंकि अधिक ऊंचाई वाले दरवाजे होने से घर के लोगों को दुखद घटनाओं का सामना करना पड़ता है।

मोमोज खाने वाले हो जाएँ सावधान, नहीं तो झेलनी होगी ये समस्यायें…

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मैदे और सब्जियों से बने हुए मोमोज खाने में बहुत अच्छे लगते हैं। कोई बच्चा हो या बड़ा सभी को यह बहुत पसंद होते हैं। मोमोज को मैदे की लोई बनाकर उसमें सब्जियों को बारीक काट कर उसमे भर कर बनाया जाता है और फिर इसको स्टीम देकर या फ्राई करके पकाया जाता है।

आपको बता दें कि मेंदे में फाइबर की मात्रा बिलकुल भी नहीं पायी जाती लेकिन इसको सफ़ेद चमकदार बनाने के लिए बेंजोइल परऑक्साइड से ब्लीच किया जाता है जो शरीर के लिए बहुत नुकसान देह होता है क्योंकि मोमोज को बनाने के लिए मेंदे इस्तेमाल किया जाता है इसलिए इसको खाने से बहुत से नुकसान होते हैं।

इसलिए हम आपको बताने जा रहे मोमोज खाने से होने वाले नुक्सान के बारे में, जो जिसके बारे में पता होना बहुत आवश्यक है।

  • हम आपको बता चुके हैं कि मोमोज में फाइवर नहीं होता जिसकी वजह से इसे खाने से पेट संबधी समस्या जैसे कब्ज , पेट में गैस बाना और सिर दर्द जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • मोमोज खाने से खून का ग्लूकोज जमने लगता है जिससे दिल संबंधी बीमारियां भी हो सकती हैं ।
  • मोमोज जब स्टीम किया जाता है या पकाया जाता है तो और यह एसिडिक बन जाता है। तो उसमे से प्रोटीन निकल जाता है इससे शरीर की हड्डियां कमजोर होती हैं ।
  • जो लोग मैंदे से बनी चीज़ या मोमोज रोज खाते हैं उनकी इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है जिसके चलते उनको आये दिन बीमारी का सामना करना पड़ता है।
  • मैदे में हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है इसलिए मोमोज खाने के बाद आपके शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जिससे डायबिटीज होने का खतरा बना रहता है।

यह है भारत की सबसे खूबसूरत महिला साध्वी जो टॉप 20 इंडियन आइकॉन में शामिल है…जानिए

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साध्वी सरस्वती भागवत कथा वक्त्ता संत हैं। विहिप की प्रमुख प्रचारक भी हैं वे नो वर्ष की अवस्था से आदिवासी स्थानों में जाकर सेवा करती रही। बचपन से भागवत कथा का गायन करती रही। इसी समय उन्होंने विहिप के सार्वजनिक मंच से एक बार 50 मिनेट का तेजस्वी वक्तव्य दिया उससे वे प्रसिद्ध हो गई।इसके बाद उन्होंने निरंतरता बना ली व साध्वी ऋतंभरा के बाद वे प्रमुख प्रचारक के रूप में जानी जाने लगी। साध्वी सरस्वती का जन्म मध्यप्रदेश के रीवा जिले मे बैकुंठपुर नामक क़स्बे में हुआ ! साध्वी के पिता का सपना इन्हें डॉक्टर बनाने का था क्योंकि वह खुद भी पेशे से एक डॉक्टर थे। परन्तु जिस उम्र में बच्चे अपनी पढ़ाई व अपना भविष्य बनाने में लगे रहतें हैं, साध्वी जी ने उसी उम्र में भक्ति सेवा व रामकथा करने में अपना जीवन समर्पित कर दिया। यह 20 वर्षीय बालिका बचपन से ही अपने समस्त सांसारिक सुखों को त्यागकर धर्म के प्रचार प्रसार में लग गई। इन्होंने 5 वर्ष की उम्र में ही संसार से विरक्त होकर भगवान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
आजकल सोशल मीडिया से कोई भी अछूता नहीं है, सोशल मीडिया ने साधु बाबाओं को भी अपनी गिरफ़्त में ले लिया है| आज हम आपको एक ऐसी ही साध्वी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सोशल मीडिया की महारानी कहा जाता है|जिनकी खूबसूरती के चर्चे आपको पूरी सोशल मीडिया पर मिल जायेंगे|
यह साध्वी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है इस साध्वी का नाम है स्वामी अनादि सरस्वती| यह राजस्थान के अजमेर की रहने वाली हैं और इन्होनें समाजशात्र से एमए किया है और उसके बाद अध्यात्म का मार्ग चुना| आज वह देशभर में कथा करती हैं| ये केवल कथावाचक ही नहीं हैं बल्कि कई इंस्टिट्यूट और कंपनियों के कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी देती हैं| उनके प्रवचन में धार्मिक बातों के साथ मॉर्डन ज्ञान व विज्ञान की बातें भी शामिल रहती हैं|
सोशल मीडिया पर उनके हज़ारों की संख्या में फ़ॉलोअर्स हैं जो उन्हें फॉलो करते हैं| आध्यात्म का मार्ग चुनने के बाद उन्होंने पतंजलि योगदर्शन, भगवद गीता और वेदांत का ज्ञान भी हासिल किया है| साल 1995 में अनादि सरस्वती इस साधना से जुड़ गयी थी तथा साल 2005 में एक कथावाचक के रूप में उभरकर दुनिया के सामने आयी| अनादि सरस्वती को बेस्ट फीमेल संत ऑफ़ इंडिया के अवार्ड का सम्मान भी मिल चुका है|

हिमेश ने तो कर दिया था फेमस, लेकिन अब इस हाल में हैं रानू मंडल…जानिए

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रानू मंडल 2019 की एक वायरल भारतीय गायिका है। जिनका जन्म पश्चिम बंगाल के रानाघाट कस्बा में एक गरीब परिवार में हुआ है। रेलवे स्टेशन पर अतिंद्र चक्रबर्ति द्वारा बनाई गई रानू मंडल की वीडियो रिकॉडिंग वायरल होने के बाद हिन्दी सिनेमा के कलाकार व गायक हिमेश रेशमिया ने इनकी मधुर आवाज सुनकर इन्हें अपनी फ़िल्म हैप्पी हार्डी एंड हीर में एक गीत गाने का मौका दिया जिससे यह प्रसिध्द हो गईं।
पश्चिम बंगाल के रानाघाट रेलवे स्टेशन पर गाना गाकर अपना पेट पालने वाली रानू मंडल एक ऐसी इंसान हैं जिन्हे किस्मत ने रेलवे स्टेशन से सीधा बॉलीवुड तक का रास्ता तय करवा दिया था। कुछ समय पहले अपने गायकी की वजह से रानू मंडल पुरे सोशल मीडिया पे छायी हुई थी। लता मंगेशकर का गीत गाते हुए रानू मंडल का वीडियो पुरे देश भर में ट्रेंड हुआ था।
बॉलीवुड सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर हिमेश रेशमिया ने रानू मंडल के गायकी से प्रभावित होकर अपने फिल्म में रानू को बतौर लीड फीमेल सिंगर गाने का मौका दिया। उस गाने ने देश भर में बहुत तारीफ बटोरा था, और रानू की पूरी ज़िन्दगी बदल गयी इसके बाद।
आपको जानकर हैरानी होगी की रानू मंडल बहुत सारा काम कर रही हैं। बीते दिनों उनका निजी फेसबुक पेज बनाया गया है। इस पर नियमित तौर उनके बारे में जानकारी जारी की जा रही है। असल में इन दिनों रानू मंडल की बायोपिक पर काम चल रहा है। रानू इसमें काफी व्यस्त हैं। इसी दरम्यान अपनी आधी से ज्यादा जिंदगी स्ट्रगल और रेलवे स्टेशन पर गाते हुए बिताया, उन्होंने हाल ही में अपना पासपोर्ट प्राप्त किया है।

BMW से भी मंहगी है ये भैंस, कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान…

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मुर्रा भैंस, पालतू भैंस की एक प्रजाति है जो दूध उत्पादन के लिए पाली जाती है। यह मूलतः अविभाजित पंजाब का पशु है किन्तु अब दूसरे प्रान्तों तथा दूसरे देशों (जैसे इटली, बल्गेरिया, मिस्र आदि) में भी पाली जाती है। हरियाणा में इसे ‘काला सोना’ कहा जाता हैै। दूध में वसा उत्पादन के लिए मुर्रा सबसे अच्छी नस्ल है। मुर्रा भैंस के सींग जलेबी आकार के होते हैं। इसके दूध में 7% वसा पाई जाती है। इस भैंस का रंग काला होता है। उत्पत्ति स्थान हिसार से दिल्ली माना जाता है। मुर्रा भैंस की गर्भा अवधि 310 दिन की हौती है अौर अयन विकसित तथा दूध शिराएँ उभरी हौती है।
सबसे पहले वे महंगी से महंगी बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज कार खरीदने की सोचते हैं। लेकिन दोस्तो यदि आप को पता चले कि एक व्यक्ति ऐसा भी है, जिसने बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज न खरीदकर 27 लाख रूपए में एक भैंस खरीदी है तो आप भी एक बार को कहेंगे कि कहीं ये मजाक तो नहीं है। लेकिन दोस्तो ये बात एकदम सही है। दोस्तो बिहार के पटना के एक व्यापारी ने हरियाणा के जींद के एक व्यक्ति से एक भैंस खरीदी है, जिसकी कीमत बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज से भी ज्यादा है।
दोस्तो बता दे कि भैंस को जींद से पटना जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उसको ले जाने वाली गाड़ी में उसके बैठने के लिए बालू रेत भरी गई थी। ताकि सड़कों पर उसको झटका न लगे और उसे बैठने में कोई तकलीफ न हो। बता जींद से पटना का सफर काफी लंबा है, इस बीच रास्ते में इसकी देखभाल के लिए केयर टेकर के रुप में दो लोगों को उसके साथ भेजा गया था। दोस्तो जैसे ही यह खबर बिहार पहुंची, कि जींद के एक फार्म मालिक ने एक भैंस को मर्सडीज से भी महंगी कीमत पर बिहार के एक बड़े कारोबारी को बेचा है, तो लोगों में इसको लेकर उत्सुकता बढ़ गई।
गौरतलब है कि जींद के जिस फार्म मालिक ने पटना के कारोबारी अमरेंद्र को 27 लाख रूपए में एक भैंस बेची है, उसने कुछ ही दिन पहले उसे सिर्फ साढ़े सात लाख रुपए में खरीदा था। दोस्तो बताया जाता है कि हाल में इस भैंस ने एक बच्चे को भी जन्म दिया है, जिसकी कीमत तीन लाख लगाई गई है। फार्म मालिक का कहना है मां बनने के बाद वह 18 से 20 लीटर तक दूध दे सकती है। क्योंकि जो भैंस उसने बेची है, उसकी मां भी 26 लीटर तक दूध देती थी। दोस्तो मुर्रा नस्ल की इस भैंस का नाम सके मालिक ने सपना रखा है। इसका शरीर काफी सुंदर व सुडौल है। साढ़े तीन साल की सपना की हाइट साढ़े पांच फुट से भी ज्यादा है। यह रोजाना करीब आठ किलो चारा खाती है जिसमें चना, बिनौला, दलिया, सोया, मेथी, मक्का, सरसों का मिक्सचर दिया जाता है। दोस्तो आप को याद होगा कुछ समय पहले हरियाणा का प्रिंस नामक भैंसा भी मीडिया में काफी चर्चा में रहा था। उसकी कीमत करीब 5 करोड़ रूपए बताई गई थी। वह भैंसा भी मुर्रा नस्ल का था।

रेलवे में 14033 पदों पर एक और महाभर्ती, जल्दी करे आवेदन…

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आरआरबी जेई भर्ती 2019 में 14033 पदों के लिए आधिकारिक अधिसूचना पीडीएफ और ऑनलाइन लागू करें डायरेक्ट लिंक ज़ोन वाइज: रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की भर्ती के लिए आधिकारिक घोषणा विभिन्न जूनियर रेलवे में जूनियर इंजीनियर, डिपो सामग्री अधीक्षक और केमिकल और मैटलर्जिकल असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयाँ आज से 29 दिसंबर 2018 से शुरू हो रही हैं, जबकि आवेदन प्रक्रिया 02 जनवरी 2019 से शुरू होगी। भारतीय रेलवे के विभिन्न डिवीजनों में कुल 14033 रिक्तियों को अधिसूचित किया गया है।
योग्य उम्मीदवार केवल ऑनलाइन मोड के माध्यम से रेलवे जेई भर्ती 2019 के लिए आवेदन कर सकते हैं।
रेलवे (आरआरबी) जेई भर्ती 2019 के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया 2 जनवरी 2019 से शुरू होगी और 31 जनवरी 2019 तक जारी रहेगी।
ऑनलाइन आवेदन शुल्क 5 फरवरी 2019 तक जमा किया जाएगा।